अमेरिका में हो रहे
मध्यावधि चुनाव में हाउस ऑफ़ रिप्रज़ेंटेटिव (प्रतिनिधि सभा) में रिपब्लिकन पार्टी काफ़ी बेहतर
स्थिति में नज़र रही है.
154 सीटों पर बढ़त के साथ रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत लगभग तय माना जा रहा है. 435
सीटों के सदन में बहुमत के लिए किसी एक पार्टी को 218 सीटों की ज़रूरत होती है.
हालांकि सीनेट में डेमोक्रेट और रिपब्लिकन पार्टी के बीच काफ़ी कड़ी टक्कर
नज़र रही है.
लेकिन यहां भी रिपब्लिकन डेमोक्रेट्स पर भारी पड़ते दिख रहे हैं. सीनेट
में इस वक्त डैमोक्रेट्स के हिस्से में 41 सीटें हैं और रिपब्लिकन 43 सीटों पर
बढ़त बनाए हुए हैं. बहुतमत के लिए यहां 50 सीटों की ज़रूरत है.
सीनेट में स्थिति दोनों ही पार्टियों के बीच काफ़ी टक्कर की नज़र आ रही है.
इस चुनाव
में हाउस ऑफ़ रिप्रजेंटेटिव की सभी 435 सीटों और सीनेट की 34 सीटों पर चुनाव लड़ा जा रहा.
इसके अलावा, साथ ही राज्य भी अपने गवर्नर का चुनाव करेंगे.
हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन इन चुनाव का हिस्सा नहीं है ना ही उनके मौजूदा कार्यकाल पर इस नतीजे का असर पड़ेगा लेकिन मध्यावधि चुनाव भविष्य की राजनीति का रूख़ और जनता के मूड की ओर संकेत करते हैा.
फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डेसेंटिस जिन्हें 2024 चुनाव के लिए रिपब्लिकन दावेदार माना जा रहा है वो एक बार फिर जीत की ओऱ बढ़ रहे हैं.
विसकॉन्सिन, पेंसिल्वेनिया, नेवादा, जॉर्जिया और एरिज़ोना में टक्कर कांटे की मानी जा रही है.
मध्यावधि चुनाव क्यों होते हैं
नवंबर 2020 में जो बाइडन अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति चुने गए. दो साल बाद, मध्यावधि चुनाव के लिए मंच तैयार है.
जैसा कि नाम से ज़ाहिर है, मध्यावधि चुनाव राष्ट्रपति के कार्यकाल के ठीक बीच में रखे जाते हैं. यानी राष्ट्रपति चुनाव के दो साल बाद और अगले चुनाव से दो साल पहले. माना जाता है कि इस चुनाव के नतीजे बताते हैं कि जनता को मौजूदा सरकार का कामकाज कैसा लग रहा है और देश का मूड किस ओर है.