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सुएला ब्रेवरमैन वापस बनीं ब्रिटेन की गृह मंत्री, भारतीयों की कर चुकी हैं आलोचना
ऋषि सुनक ने अपनी नई कैबिनेट में सुएला ब्रेवरमैन को गृह मंत्री नियुक्त किया है.
लाइव कवरेज
भारत-पाकिस्तान मैच- अंपायर पर बरसे अफ़रीदी ने कहा, 'आपकी कोई ईगल आइ नहीं है...'
मेलबर्न में टी20 वर्ल्ड कप में भारत-पाकिस्तान मैच को लेकर लगातार खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया आ रही हैं. इस रोमांचक मुक़ाबले में भारत ने परंपरागत प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को चार विकेट से हरा दिया था.
मैच का फ़ैसला आखिरी ओवर में हुआ था. इस ओवर में कई नाटकीय घटनाक्रम हुए. अंपायर के कुछ फ़ैसलों पर विवाद भी हुआ और सोशल मीडिया में लगातार बहस भी चल रही है.
स्टेडियम में इस मुक़ाबले के गवाह रहे 90 हज़ार से अधिक दर्शकों के अलावा करोड़ों दर्शकों ने इसे टेलीविज़न पर लाइव देखा. आख़िरी ओवर में जब भारत को जीत के लिए तीन गेंदों पर 13 रनों की दरकार थी, तभी फेंकी गई एक गेंद को लेकर विवाद है.
कई लोगों का मानना है कि लेफ्ट आर्म स्पिनर मोहम्मद नवाज़ की जिस फुल टॉस गेंद को अंपायर ने नो बॉल करार दिया वह कमर के ऊपर नहीं थी. इसी गेंद को विराट कोहली ने स्क्वायर लेग फील्डर के ऊपर से छह रन के लिए सीमा रेखा के पार भेज दिया था.
ड्रामा यहीं खत्म नहीं हुआ, छक्का जड़ने के बाद कोहली स्क्वायर लेग अंपायर की तरफ़ मुड़े और गेंद की ऊंचाई कमर से ऊपर बताते हुए इसे नो बॉल करार देने की मांग की. कुछ सेकंड तक सोचने-विचारने के बाद अंपायर इरासमस ने अपने साथी अंपायर रॉड टकर की तरफ़ इशारा किया कि ये गेंद कोहली के कमर के ऊपर थी. इस गेंद को नो-बॉल करार देने के बाद समीकरण इस तरह बने कि भारत को जीत के लिए अब तीन गेंदों पर छह रन चाहिए थे.
कप्तान बाबर आज़म, तेज़ गेंदबाज़ शाहीन अफ़रीदी और कुछ अन्य पाकिस्तानी खिलाड़ियों को इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अंपायर की तरफ़ आते देखा गया, लेकिन फ़ैसला हो चुका था.
ये गेंद नो-बॉल थी या नहीं. क्या इस पर तीसरे अंपायर की मदद ली जानी चाहिए थी? क्या बाबर आज़म को इस फ़ैसले को तीसरे अंपायर को रेफ़र करना चाहिए था? ऐसे कई सवाल सोशल मीडिया पर पूछे जा रहे हैं और कई पूर्व खिलाड़ी और क्रिकेट के जानकार इस पर अपनी प्रतिक्रिया भी दे रहे हैं.
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफ़रीदी ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और कहा है मैदानी अंपायर को इसे तीसरे अंपायर को रेफर कर देना चाहिए था.
एक पाकिस्तानी टीवी चैनल के साथ बातचीत में अफ़रीदी ने कहा, "जब से ये थर्ड अंपायर आया है... बहुत सारे रन आउट हैं जहाँ पर मैदानी अंपायर बस सिगनल कर देते हैं थर्ड अंपायर के लिए. वो एक बेहद अहम मौका था, वहाँ पर अगर थर्ड अंपायर को रेफ़र कर देते तो वो आपको बता देते, लेकिन आपने फ़ौरन कर दिया नो-बॉल का इशारा. इतनी कोई ईगल आइ नहीं है आपकी, थर्ड अंपायर को रेफ़र कर सकते थे." अफ़रीदी के अलावा पूर्व कप्तान वसीम अकरम, वक़ार यूनुस और शोएब अख़्तर भी अंपायर के इस फ़ैसले पर नाखुशी दर्ज करा चुके हैं.
दिवाली की रात गुजरात के वडोदरा में सांप्रदायिक झड़प, पथराव के साथ हुई आगजनी
दिवाली की रात गुजरात में वडोदरा के पानीगेट इलाके में दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प हुई.
दोनों समुदायों के बीच आगजनी और पथराव भी हुआ. इसे रोकने पहुंची पुलिस पर भी पेट्रोल बम से हमला किया गया.
बीबीसी संवाददाता राजीव परमार के मुताबिक पानीगेट के हरनखाना रोड इलाके में पथराव हुआ. पथराव शुरू होने से पहले स्ट्रीट लाइट बंद कर दी गई थी.
स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामूली विवाद को लेकर दोनों पक्षों में मारपीट हुई और मामला बढ़ गया.
घटना के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुए हैं, जिसमें सड़क पर आग के दृश्य दिखाई दे रहे हैं. फिलहाल पूरे इलाके में पुलिसबल तैनात कर दिया गया है.
दुनिया के अभी ये सात देश जिनकी कमान है भारतवंशियों के पास
हिंदुस्तानी पति और पाकिस्तानी पत्नी, भारत-पाक क्रिकेट मैच में क्या होता है?
रविशंकर प्रसाद ने दिया महबूबा मुफ्ती के सीएए और एनआरसी वाले बयान पर जवाब
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और राजनीतिक पार्टी पीडीपी की प्रमुख महबूबा मुफ़्ती ने ब्रिटेन के भावी पीएम ऋषि सुनक को बधाई देते हुए एक ट्वीट किया था.
ट्वीट में उन्होंने एनआरसी और सीएए को लेकर अप्रत्यक्ष तौर पर केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा था.
उनके इस ट्वीट पर बीजेपी के लोकसभा सांसद रवि शंकर प्रसाद ने ट्वीट करके ही जवाब दिया है. उन्होंने ट्वीट किया है, "महबूबा मुफ़्ती का ट्वीट देखा. ब्रिटेन में ऋषि सुनक के पीएम चुने जाने के बाद उन्होंने ट्वीट में भारत में अल्पसंख्यकों के अधिकारों की बात कही है. महबूबा जी, क्या आप जम्मू-कश्मीर में किसी अल्पसंख्यक को बतौर सीएम स्वीकार करेंगी? कृपया इस मामले पर पूरी स्पष्टता से जवाब दें."
उन्होंने आगे लिखा है, "ब्रिटेन के पीएम के रूप में ऋषि सुनक के चुनाव के बाद कुछ नेता बहुसंख्यकवाद के ख़िलाफ़ हाइपर एक्टिव हो गए हैं. उन्हें एपीजे अब्दुल कलाम की असाधारण अध्यक्षता और 10 वर्षों के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल की याद दिलाना चाहूंगा. एक प्रतिष्ठित आदिवासी नेता द्रौपदी मुर्मू अभी हमारी राष्ट्रपति हैं."
रवि शंकर प्रसाद ने आगे लिखा है कि भारतीय मूल के एक क़ाबिल नेता ऋषि सुनक ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बन रहे हैं. उनकी इस असाधारण सफलता के लिए हम सभी को उनकी सराहना करने की ज़रूरत है. यह दुखद है कि कुछ भारतीय नेता दुर्भाग्य से इस अवसर पर भी राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं.
महबूबा मुफ़्ती ने क्या कहा?
सुनक के पीएम चुने जाने पर तमाम नेताओं ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी है.
इसी क्रम में जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और राजनीतिक पार्टी पीडीपी की प्रमुख महबूबा मुफ़्ती ने भी टिप्पणी की है.
उन्होंने ऋषि सुनक के पीएम चुने जाने पर ट्वीट किया है, "यह गौरवान्वित करने वाला क्षण है कि ब्रिटेन में पहली बार एक भारतीय मूल का शख़्स पीएम होगा. जैसा कि अभी पूरा देश जश्न मना रहा है, हमें यह भी याद रखने की भी ज़रूरत है कि ब्रिटेन ने एक धार्मिक अल्पसंख्यक को अपने देश के प्रधानमंत्री के तौर पर मान्यता दी है.वहीं दूसरी ओर हम अभी भी एनआरसी और सीएए जैसे विभाजन और भेदभाव को बढ़ावा देने वाले क़ानूनों की जकड़न में हैं."
व्हाट्सऐप डाउन, लोगों को मैसेज भेजने में हो रही है दिक़्क़त
बीते आधे घंटे से इंस्टेंट मैसेजिंग सर्विस व्हाट्सऐप डाउन है.
लोगों को मैसेज करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
व्हाट्सऐप की मदर-कंपनी मेटा के प्रवक्ता ने कहा है, "हमें इस बात की जानकारी है कि कुछ लोगों को व्हाट्सऐप से मैसेज करने में दिक़्क़त हो रही है और हम इस समस्या को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं. हम कोशिश कर रहे है कि जितनी जल्दी हो सके इसे ठीक किया जा सके."
इंस्टेंट कम्युनिकेशन ऐप पर ये दिक़्क़त पर्सनल चैट्स और ग्रुप चैट्स दोनों पर ही है.
लोग ना तो किसी ग्रुप में मैसेज भेज पा रहे हैं और ना ही पर्सनली किसी को.
डाउन डिटेक्टर वेबसाइट ने कंफ़र्म किया है कि हज़ारों यूज़र्स के लिए वॉट्सऐप काम नहीं कर रहा है. भारत के कई बड़े शहरों में लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं. मुंबई, दिल्ली, कोलकाता और लखनऊ में लोग वॉट्सऐप के डाउन होने से परेशानी का सामना कर रहे हैं.
वेबवॉट्स भी इससे प्रभावित है. लोग अपने वॉट्सऐप को वेब-वॉट्सऐप से कनेक्ट नहीं कर पा रहे हैं.
दिवाली के बाद दिल्ली में ज़हरीली हवा, जगह-जगह पानी का छिड़काव
दिवाली की अगली सुबह दिल्ली के कई इलाक़ों में वाटर-टैंकर की मदद से पानी का छिड़काव किया गया.
आनंद विहार फ़ुटओवर ब्रिज और उसके आस-पास के इलाक़े में पानी का छिड़काव किया गया.
दिवाली के कारण वायु गुणवत्ता के ख़राब होने की आशंका के तहत सरकार की ओर से पानी की बौछार कराई गई.
इंडिया गेट के पास वायु गुणवत्ता काफी ख़राब रही. एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी एक्यूआई 323 नोट किया गया. एसएएफ़एआर ने आज दिल्ली की वायु-गुणवत्ता को बेहद ख़राब बताया.
वहीं दिल्ली में प्रतिबंध के बावजूद कई जगहों पर पटाखे फोड़े गए.
दिल्ली के अक्षरधाम और आस-पास के इलाक़ों में पटाखों के अवशेष बिखरे मिले. वहीं उत्तर प्रदेश में भी लोगों ने वायु गुणवत्ता को लेकर शिकायत की.
कुछ लोगों का कहना था कि प्रदूषण के स्तर में कुछ बढ़ोत्तरी तो ज़रूर हुई है. वहीं एक अन्य स्थानीय ने कहा कि पिछले साल की तुलना में इस साल प्रदूषण कम रहा.
दो सौ साल में सबसे कम उम्र के ब्रिटिश पीएम बनेंगे ऋषि सुनक
भारतीय मूल के ऋषि सुनक ब्रिटेन के पीएम चुन लिए गए हैं. ये घोषणा कई मायनों में ऐतिहासिक है.
पहला कारण तो यह है कि यह पहला मौक़ा है जब कोई एशियाई मूल का शख़्स ब्रिटेन का पीएम बनेगा और दूसरा ऐतिहासिक तथ्य यह है कि ब्रिटेन के इतिहास में दो सौ सालों बाद कोई इतनी कम उम्र में पीएम पद संभालने जा रहा है.
ऋषि सुनक सिर्फ़ 42 साल के हैं. रॉबर्ट बैंक्स जेनकिंसन ने भी इसी उम्र में पीएम पद संभाला था.
उस समय से लेकर, साल 2010 में डेविड कैमरन 43 साल की उम्र में पीएम बने थे.
टोनी ब्लेयर, जिन्होंने 1997 से लेकर 2007 तक पद संभाला, वो भी 43 साल के ही थे. लेकिन वह डेविड कैमरन से कुछ महीने बड़े थे.
लेकिन सुनक को ब्रिटेन का सबसे युवा पीएम नहीं कह सकते हैं. दरअसल, ब्रिटेन के सबसे युवा पीएम होने का रिकॉर्ड अभी भी विलियम पिट के नाम है. वह साल 1783 में ब्रिटेन के पीएम बन गए थे. उस समय उनकी उम्र सिर्फ़ 24 साल थी.
भारत-पाकिस्तान मैच: पूर्व अंपायर साइमन टॉफेल ने 'डेड बॉल' विवाद पर रखी ये राय
ऑस्ट्रेलिया में हो रहे टी20 वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान का मुक़ाबले में जीत और हार के अलावा एक जो चर्चा आम है वो कि क्या आख़िरी ओवर में अंपायर ने जो फ़ैसला दिया वो सही था.
यानी सोशल मीडिया के अलावा क्रिकेट के दीवाने जहाँ भी मिल रहे हैं, चर्चा कर रहे हैं कि क्या कोई बल्लेबाज़ बोल्ड होने के बावजूद फ्री हिट से रन ले सकता है. तब जबकि गेंद ने बल्ले को छुआ तक नहीं हो.
दरअसल, पाकिस्तान के ख़िलाफ़ मैच में विराट कोहली पाकिस्तानी स्पिनर मोहम्मद नवाज़ की उस गेंद पर बोल्ड हो गए थे, जो नो बॉल की ऐवज़ में डाली गई थी यानी इस पर बल्लेबाज़ को फ्री हिट की इजाजत थी. इस गेंद पर कोहली बोल्ड हो गए, लेकिन इस बीच विकेट से टकराकर गई गेंद को जब तक फील्ड किया जाता तब तक भारतीय बल्लेबाज़ों ने भागकर तीन रन पूरे कर लिए थे.
जिसके बाद सोशल मीडिया पर फैंस लगातार अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. खासकर, पाकिस्तानी क्रिकेट प्रशंसकों का मानना है कि पाकिस्तान टीम के साथ नाइंसाफी हुई है. उस गेंद को डेड बॉल करार दिया जाना चाहिए, लेकिन अब इस पूरे मुद्दे पर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व अंपायर साइमन टॉफेल ने अपनी बात रखी है.
उन्होंने कहा कि इसमें 'आईसीसी के नियमों के मुताबिक कुछ भी गलत नहीं' हुआ है. पूर्व अंपायर साइमन टॉफेल ने पूरे मामले को समझाने की कोशिश की. साथ ही उन्होंने बताया कि इस स्थिति में आईसीसी के नियम क्या कहते हैं. साइमन टॉफेल के मुताबिक, अंपायर ने बाय के तौर पर 3 रन दिए, यह अंपायर का बिल्कुल सही फ़ैसला था. फ्री हिट गेंद पर विराट कोहली बोल्ड आउट हो गए, लेकिन गेंद थर्डमैन की तरफ चली गई, जिसके बाद दोनों बल्लेबाजों ने भागकर 3 रन पूरे किए. साइमन टॉफेल के अनुसार इसमें कुछ गलत नहीं था.
उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि फ्री हिट पर स्ट्राइकर को आउट नहीं किया जा सकता है, इस वजह से अगर गेंद विकेट से टकरा गई तो उसे डेड बॉल नहीं दिया जा सकता है. नियमो के तहत इन रनों का बाइ करार देना गलत नहीं है.
महबूबा मुफ़्ती ने ऋषि सुनक के ब्रिटेन का पीएम चुने जाने पर एनआरसी और सीएए का ज़िक्र क्यों किया?
भारतीय मूल के ऋषि सुनक ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री होंगे.
ब्रिटेन की कंज़रवेटिव पार्टी ने उन्हें अपना नेता चुन लिया है. सुनक एशियाई मूल के पहले ब्रिटिश पीएम होंगे.
सुनक के पीएम चुने जाने पर तमाम नेताओं ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी है.
इसी क्रम में जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और राजनीतिक पार्टी पीडीपी की प्रमुख महबूबा मुफ़्ती ने भी टिप्पणी की है.
उन्होंने ऋषि सुनक के पीएम चुने जाने पर ट्वीट किया है, "यह गौरवान्वित करने वाला क्षण है कि ब्रिटेन में पहली बार एक भारतीय मूल का शख़्स पीएम होगा. जैसा कि अभी पूरा देश जश्न मना रहा है, हमें यह भी याद रखने की भी ज़रूरत है कि ब्रिटेन ने एक धार्मिक अल्पसंख्यक को अपने देश के प्रधानमंत्री के तौर पर मान्यता दी है.वहीं दूसरी ओर हम अभी भी एनआरसी और सीएए जैसे विभाजन और भेदभाव को बढ़ावा देने वाले क़ानूनों की जकड़न में हैं."
हिंदू धर्म से आते हैं ब्रिटेन के नए पीएम
वैदिक सोसाइटी टेम्पल साउथैंप्टन में हिन्दू समुदाय का एक विशाल मंदिर है जिसके संस्थापकों में ऋषि सुनक के परिवार के लोग भी शामिल हैं.
उनका बचपन इसी मंदिर के इर्द-गिर्द गुज़रा जहाँ उन्होंने हिन्दू धर्म की शिक्षा (बाल विकास से) प्राप्त की है.
ऋषि ने अभी हाल में भी यहां का दौरा किया था.
उनके पिता यशवीर सुनक डॉक्टर हैं और माता उषा सुनक हाल तक एक केमिस्ट की दुकान चलाती थीं. वो अब भी इसी शहर में रहते हैं. ऋषि साधारण, धार्मिक हिन्दू धर्म का पालन करने वाले लोगों में से हैं.
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टी-20 विश्व कप से वेस्ट इंडीज़ के बाहर होने के बाद हेड कोच सिमन्स भी छोड़ेंगे पद
वेस्टइंडीज़ क्रिकेट टीम के हेड कोच फ़िल सिमन्स ने पद से हटने की घोषणा की है.
क्रिकेट वेस्टइंडीज़ की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया में चल रहे टी-20 वर्ल्ड कप में टीम के सिरीज़ से बाहर होने के बाद अब टीम के हेड कोच फ़िल सिमन्स ने भी अपना पद छोड़ने की घोषणा की है.
ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ 30 नवंबर से 12 दिसंबर के बीच खेली जाने वाली दो मैचों की टेस्ट-सिरीज़ बतौर हेड कोच उनकी आख़िरी असाइनमेंट होगी.
सिमन्स ने कहा, "मैं मानता हूं कि इससे (वर्ल्ड कप से बाहर होने से) सिर्फ़ टीम को ही धक्का नहीं लगा है बल्कि इस सम्मानित देश को भी गहरा धक्का लगा है, जिसका हम नेतृत्व करते हैं. यह बेहद निराशाजनक है और दिल तोड़ने वाला भी. हम खेल में अच्छे नहीं थे और अब हमें दूर रहकर सिर्फ़ इस टूर्नामेंट को बाहर बैठकर देखेंगे. इसके लिए मैं अपने पूरे देश के लोगों से और फ़ैन्स से माफ़ी मांगता हूं."
सिमन्स ने साल 2016 में वेस्टइंडीज़ के हेड कोच का पद संभाला था.
सिमन्स ने आगे कहा, "निजी तौर पर, यह एक ऐसा क़दम है जिसके बारे में मैं कुछ समय से सोच रहा था लेकिन अब वो समय है कि मुझे इसे सार्वजनिक कर देना चाहिए कि मैं वेस्टइंडीज़ क्रिकेट टीम के हेड कोच के पद से हट रहा हूँ. ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ टेस्ट मैच की सिरीज़ पद पर रहते हुए मेरी आख़िरी सेवा होगी."
वेस्ट इंडीज़ क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष रिकी स्केरिट ने विश्व कप में टीम की हार के कारणों की समीक्षा की बात कही है.
ऋषि सुनक के ब्रिटेन का पीएम चुने जाने पर क्या बोले पाकिस्तान के पीएम?
भारतीय मूल के ऋषि सुनक को ब्रिटेन का प्रधानमंत्री चुन लिया गया है. 42 साल के सुनक ब्रिटेन के पहले एशियाई मूल के प्रधानमंत्री होंगे. इसके साथ ही ऋषि सुनक हिन्दू भी हैं.
इस ख़बर पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने अपनी प्रतिक्रिया दी है.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने ट्वीट करके सुनक को बधाई दी है.
उन्होंने लिखा है, "ऋषि सुनक को ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री और कंज़र्वेटिव पार्टी के नेता चुने जाने पर बधाई. मैं उनके साथ मिलकर साझा हितों और पाकिस्तान - ब्रिटेन रिश्तों को मज़बूती देने की दिशा में काम करना चाहूंगा."
ऋषि सुनक के पीएम चुने जाने पर उनके ससुर नारायण मूर्ति ने क्या कहा?
भारतीय मूल के ऋषि सुनक ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री होंगे. उन्हें कंज़र्वेटिव पार्टी का नेता चुन लिया गया है. इसके साथ ही वो ब्रिटेन के पहले एशियाई मूल के प्रधानमंत्री होंगे.
सोमवार को सर ग्राहम ब्रैडी ने इसकी औपचारिक घोषणा की.
इस घोषणा के बाद न्यूज़ एजेंसी एएनआई ने उनके ससुर और इंफ़ोसिस के संस्थापक एनआर नारायण मूर्ति से बात की.
एएनआई से बातचीत में नारायण मूर्ति ने कहा, "ऋषि को बधाई. हमें उन पर गर्व है और हम उन्हें इस कामयाबी पर बधाई देते हैं. हमें पूरा यक़ीन है कि वह ब्रिटेन के लोगों के लिए सबसे बेहतर करेंगे."
ब्रिटेन की सबसे अमीर महिलाओं में शामिल हैं ऋषि की पत्नी अक्षता
ऋषि ने इंफ़ोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति की बेटी अक्षता मूर्ति से 2009 में बेंगलुरु में शादी की थी.
दोनों के दो बच्चे हैं.
उनकी पत्नी अक्षता मूर्ति ब्रिटेन की सबसे अमीर महिलाओं की सूची में शामिल हैं. कहा जाता है कि उनकी घोषित 730 मिलियन पाउंड की संपत्ति की अधिकतर की मालिक उनकी पत्नी हैं.
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री अचानक क्यों पहुँचे सऊदी अरब
सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के न्योते पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज़ शरीफ़ सोमवार को सऊदी अरब पहुँचे.
रियाद के गवर्नर फ़ैसल बिन बांदार बिन अब्दुलअज़ीज़ अल-सऊद ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया.
शाहबाज़ शरीफ़ यहां 'सऊदी फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव समिट' में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे हैं. इस समिट को 'दावोस इन द डेज़र्ट' के तौर पर भी जाना जाता है.
अपनी इस दो दिवसीय यात्रा पर रवाना होने से पहले शाहबाज़ शरीफ़ ने ट्वीट करके जानकारी दी थी.
उन्होंने लिखा था, "सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के न्योते पर मैं आज सऊदी अरब के लिए रवाना हो रहा हूँ. वहाँ मैं फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव समिट में हिस्सा लूंगा. मौजूदा समय में वैश्विक अर्थव्यवस्था को नई सोच की ज़रूरत है और बोल्ड-विज़न की ताकि अड़चनों को दूर किया जा सके."
पीएम शाहबाज शरीफ़ ने अन्य ट्वीट में अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति पर चिंता ज़ाहिर करते हुए ट्वीट किया था, "अर्थव्यवस्थाओं पर वैश्विक मंदी के ख़तरा गंभीर चिंता का विषय है. महामारी और जलवायु-परिवर्तन के कारण होने वाले नुकसान और आपदाओं ने ही विकासशील देशों को प्रभावित किया है. समय आ गया है कि पूरी दुनिया, बातचीत के माध्यम से इन गंभीर चुनौतियों का समाधान खोजे."
पीएम शाहबाज़ शरीफ़ के इस दौरे पर पाकिस्तानी न्यूज़ सेवा डॉन ने एक लेख प्रकाशित किया है.
जिसके मुताबिक़, पाकिस्तान के पीएम शाहबाज़ शरीफ़ के साथ वित्त मंत्री ईशाक डार, रक्षा मंत्री ख़्वाजा आसिफ़ और सूचना मंत्री मरियम औरंगज़ेब भी हैं.
पीएम के सऊदी रवाना होने से पहले विदेश मंत्रालय की ओर से एक बयान जारी किया गया था. जिसके मुताबिक, अपने दो दिवसीय दौरे पर शाहबाज़ शरीफ़, क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ पाकिस्तान और सऊदी के सालों से चले आ रहे दोस्ताना रिश्ते पर भी चर्चा करेंगे.
इसके अलावा आर्थिक क्षेत्र में बहुआयामी सहयोग को और मज़बूत करन के लिए भी चर्चा करेंगे.
इस समिट का आयोजन फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव इंस्टीट्यूट कर रहा है जोकि सीधे तौर पर सऊदी सरकार से जुड़ा हुआ नहीं है. यह संस्था प्रिंस सलमान के संरक्षण में काम करती है.
पीएम के साथ गए कुछ अधिकारियों ने डॉन को बताया कि पीएम शरीफ़ भी इस समिट के एक प्रमुख वक्ता हैं और वो इस मंच का इस्तेमाल पाकिस्तान में निवेश के विकल्पों को उजागर करने के लिए करेंगे.
पाकिस्तानी बीवी और पति हिन्दुस्तानी, वर्ल्ड कप में कैसे जूझ रहा यह परिवार
व्हाइट हाउस में भी मनी दिवाली, बाइडन ने दिया ये संदेश
अमेरिका के सत्ता केंद्र व्हाइट हाउस में भी दिवाली मनाई गई.
अमेरिका की प्रथम महिला जिल बाइडन ने राष्ट्रपति भवन में दिवाली का आयोजन किया. इस मौक़े पर देश की उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस भी मौजूद रहीं.
इस मौक़े पर राष्ट्रपति जो बाइडन ने ट्विटर पर लोगों को बधाई देते हुए संदेश भी दिया.
उन्होंने ट्वीट किया है, "इस दिवाली, हम यह याद रखें कि रोशनी में अंधकार को समाहित कर लेने की ताक़त है. अमेरिका किसी एक के ऊपर नहीं, बल्कि हम सब पर निर्भर है.रोशनी के इस त्योहार का जश्न मनाने वालों को: शुभ दिवाली."
उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने अपने ट्विटर हैंडल से दिवाली का जश्न मनाते हुए एक वीडियो भी शेयर किया है. इसमें वो आतिशबाज़ी का मज़ा लेती नजर आ रही हैं.
इस वीडियो में वो कहते हुए सुनी जा सकती हैं कि- 'यह परंपरा के बारे में है. यह संस्कृति के बारे में है. यह सालों पुरानी संस्कृति के बारे में है. अंधकार और रोशनी के बीच संतुलन के बारे में है. रोशनी के इस पर्व को मनाना, हम सभी को अंधकार से दूर जाने के लिए प्रेरित करता है.'
इस मौके पर नृत्य-संगीत के कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया.
कीनिया की पुलिस ने कहा- ग़लती से पाकिस्तानी पत्रकार को गोली मारी
पाकिस्तान के एक वरिष्ठ पत्रकार अरशद शरीफ़ की नैरोबी में पुलिस की गोली लगने से मौत हो गई है.
नैरोबी पुलिस ने इस वारदात को एक 'भूल' बताया है.
नैरोबी पुलिस ने सोमवार को कहा कि कीनिया में छिपकर रह रहे एक वरिष्ठ पाकिस्तानी पत्रकार की पुलिस की गोली लगने से मौत हो गई है.
पुलिस ने बताया कि नैरोबी के पास, रोडब्लॉक पर रुकने के बजाय उन्होंने गाड़ी रोकी नहीं, जिस कारण यह हादसा हुआ.
कीनिया पुलिस ने इस घटना पर दुख जताया है.
उन्होंने इसे एक 'मिस्टेकन-आइडेंटिटी' का मामला बताया है.
पुलिस ने बताया कि पुलिस-प्रशासन एक बच्चे के अपहरण के मामले में वैसी ही कार की तलाश कर रही थी. इसी क्रम में यह हादसा हुआ.
पुलिस का कहना है कि अपहरण के मामले में तलाशी के दौरान जब कार रोडब्लॉक पर भी नहीं रुकी तो कार की 'ग़लत पहचान' के कारण फ़ायरिंग की गई, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ.
50 साल के अरशद शरीफ़ ने पाकिस्तान की सेना की आलोचना के बाद गिरफ़्तारी से बचने के लिए जुलाई में पाकिस्तान छोड़ दिया था.
वह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज़ शरीफ़ की सरकार के भी आलोचक रहे थे.
अरशद की मौत पर पाकिस्तान के पीएम शाहबाज़ शरीफ़ ने दुख जताया है.सोमवार को उन्होंने कीनिया के राष्ट्रपति विलियम रुटो से भी बात की और उनसे यह सुनिश्चित करने की अनुरोध किया कि इस मामले की सही जांच हो.
नैरोबी पुलिस ने बताया कि अरशद शरीफ़ के सिर में गोली लगी थी. जिस समय यह हादसा हुआ उस कार में अरशद के साथ उनके भाई भी थे.
नैरोबी-मागाडी हाईवे पर पुलिस ने रोड-ब्लॉक लगाया था लेकिन उन्होंने अपनी कार नहीं रोकी. दोनों ने पुलिस के आदेश की अवहेलना करते हुए कार की गति और बढ़ा दी. जिसके बाद पुलिस ने गोली चलाई. अरशद की पत्नी ज़वेरिया ने कीनिया में अपने पति की हत्या की पुष्टि की है.
वहीं कार में अरशद के साथ सफर कर रहे उनके भाई की स्थिति के बारे में अभी तक कोई पुष्ट जानकारी नहीं है.
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