ईरानी महिलाओं के समर्थन में उतरीं प्रियंका चोपड़ा, कहा- मैं आपके साथ हूं

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बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने महसा अमीनी और उनकी मौत के बाद ईरान में शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों को अपना समर्थन दिया है.
प्रियंका चोपड़ा ने इंस्टाग्राम पर विरोध प्रदर्शनों में अपनी आवाज बुलंद करने वाली महिलाओं के नाम एक संदेश लिखा है.
उन्होंने लिखा, "ईरान और दुनियाभर में महिलाएं खड़ी हो रही हैं और अपनी आवाज उठा रही हैं. महिलाएं सार्वजनिक तौर पर अपने बाल काटने से लेकर कई अलग-अलग तरीकों से विरोध प्रदर्शन कर रही हैं. ये सब महसा अमीनी के लिए हो रहा है. उनकी जान ईरान की मौरेलिटी पुलिस ने हिजाब ठीक से ना पहनने के कारण ले ली. जिन आवाजों को ज़बरदस्ती से दशकों तक चुप रखा जाता है, जब वे बोलती हैं तो ज्वालामुखी की तरह फूटती हैं और उन्हें रोका नहीं जा सकता."
"मैं आपके साहस और जो आप पाना चाहती हैं उसे देखकर हैरान हूं. पितृसत्तात्मक व्यवस्था को चुनौती देना और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना, अपनी जान जोखिम में डालना आसान नहीं है, लेकिन आप साहसी महिलाएं हैं जो हर दिन ऐसा कर रही हैं चाहे इसके लिए कितनी भी कीमत क्यों ना चुकानी पड़े."
उन्होंने लिखा, "यह तय करने के लिए कि इस आंदोलन का दूर तक क्या प्रभाव होगा, हमें उनकी आवाजों को सुनना चाहिए, मुद्दों को समझना चाहिए और फिर अपनी सामूहिक आवाजों के साथ जुड़ना चाहिए. हमें उन सभी को भी शामिल करना चाहिए जो दूसरो को इसमें शामिल करने के लिए प्रभावित कर सकें."
"इस जरूरी लड़ाई में अपनी आवाज को शामिल करें. जानकारी लेते रहने के साथ मुखर रहें, ताकि इन आवाजों को अब चुप रहने के लिए मजबूर न किया जा सके. "
"मैं आपके साथ हूं. जिन, जियान, आजादी....औरतें, जिंदगी, आजादी"
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कौन थीं महसा अमीनी?
ईरान में 22 साल की महसा अमीनी को कथित तौर पर हिजाब पहनने के नियम के उल्लंघन के लिए 13 सितंबर को हिरासत में लिया गया था.
तीन दिन बाद कुर्दिस्तान प्रांत के शहर साक़िज़ की रहने वाले कुर्दी महिला महसा अमीनी ने तेहरान में एक अस्पताल में दम तोड़ दिया. वे तीन दिनों तक कोमा में रही थीं.
ईरानी अधिकारियों का दावा है कि महसा अमीनी के साथ किसी तरह का अमानवीय व्यवहार नहीं किया गया और कस्टडी में लिए जाने के बाद 'अचानक हार्ट फ़ेलियर' के कारण उनकी मौत हो गई.

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लेकिन महसा के पिता अमजद का कहना है कि महसा का 17 साल का भाई आराश वहीं पर था और उसे बताया गया कि पुलिस ने महसा को पीटा था.
वो कहते हैं, "मेरा बेटा उसके साथ था. कुछ चश्मदीदों ने मेरे बेटे को बताया महसा को वैन में और पुलिस स्टेशन में पीटा गया.














