किम कार्दशियन पर क्यों लगा 1.26 मिलियन डॉलर का जुर्माना
अपने इंस्टाग्राम पेज पर इथिरियम मैक्स को अवैध रूप से प्रमोट करने के आरोप में किम कार्दशियन 1.26 मिलियन डॉलर का जुर्माना देने को तैयार हो गई हैं.
लाइव कवरेज
प्रेरणा ., रजनीश कुमार and ब्रजेश मिश्र
यूक्रेन से जब भारतीय छात्र लौट रहे थे तो पीएम मोदी कैसे रखते थे नज़र?
वीडियो कैप्शन, यूक्रेन से जब भारतीय छात्र लौट रहे थे तो पीएम मोदी कैसे रखते थे नज़र?
गुजरात के वडोदरा में एक कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि जिस समय भारतीय छात्रों को ऑपरेशन गंगा के तहत वापस अपने मुल्क लाया जा रहा था, पीएम मोदी सुबह, दोपहर और शाम कॉल करके पूरी जानकारी लिया करते थे. वो हर शाम रिपोर्ट मांगते थे.
महसा अमीनी की मौत: ईरान के सुप्रीम लीडर ने अमेरिका और इसराइल पर लगाया प्रदर्शन भड़काने का आरोप
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ईरान के सुप्रीम लीडर आयातुल्लाह अली ख़ामेनेई ने महसा अमीनी की मौत के बाद देश में जारी अनिश्चितता के लिए अमेरिका और इसराइल को ज़िम्मेदार ठहराया है.
समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार अमीनी की मौत के बाद देश में जारी अशांति पर पहली बार सार्वजनिक रूप से बोलते हुए ख़ामेनेई ने कहा, "मैं स्पष्ट रूप से कहता हूं कि इन दंगों और असुरक्षा के पीछे अमेरिका और इसराइल का हाथ है. उन्होंने इसके लिए विदेशों में रह रहे कुछ देशद्रोही ईरानियों और अपने पेड एजेंट की सहायता ली."
ख़ामेनेई ने आगे कहा, "नौजवान युवती की मौत ने हमारा दिल तोड़ दिया है, लेकिन जो सामान्य नहीं है, वह यह है कि कुछ लोगों ने बिना सबूत या जांच के, सड़कों को ख़तरनाक बना दिया है, क़ुरान को जला दिया, महिलाओं से हिजाब हटा दिया और मस्जिदों और कारों में आग लगा दी."
वीडियो कैप्शन, ईरान: हिजाब प्रदर्शनकारियों के सपोर्ट में कटवाए बाल
ईरान के कुर्दिस्तान प्रांत की 22 वर्षीया महसा अमीनी को ईरान की मौरेलिटी पुलिस ने हिजाब से जुड़े नियमों के कथित रूप से उल्लंघन के आरोप में गिरफ़्तार किया था. बीते 16 सितंबर को पुलिस हिरासत में उनकी मौत हो गई.
महसा की मौत के बाद से ईरान में लगातार तीसरे हफ़्ते प्रदर्शन हो रहे हैं. वहीं ईरान ने बार-बार बाहरी ताकतों पर देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों को भड़काने का आरोप लगाया है. ख़ासकर अमेरिका और उसके सहयोगियों पर.
शुक्रवार को देश के ख़ुफिया मंत्रालय ने बताया कि इस मामले में फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड और पोलैंड सहित नौ विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है.
वीडियो कैप्शन, ईरान में सुरक्षाबलों के साथ झड़पों में कम से कम 76 लोगों की मौत हो चुकी है.
जब चर्चिल ने पूछा- ‘गांधी मरे क्यों नहीं अब तक?’
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साल 1931 में जब महात्मा गांधी गोलमेज़ सम्मेलन में भाग लेने लंदन गए तो वहां के सम्राट जॉर्ज पंचम ने उन्हें बकिंघम पैलेस में चाय पर बुलाया. पूरी अंग्रेज़ क़ौम ये देख कर दंग रह गई कि इस औपचारिक मौक़े पर भी गांधी एक धोती और चप्पल पहने राजमहल पहुंचे.
बाद में जब उनसे पूछा गया कि क्या इस पोशाक में सम्राट के सामने जाना उचित था तो गांधी ने मुस्कुरा कर जवाब दिया था, "सम्राट ने जितने कपड़े पहने हुए थे वो हम दोनों के लिए काफ़ी थे."
इससे छह महीने पहले भी जब गांधी वायसराय लॉर्ड इरविन से मिलने गवर्नमेंट हाउस गए थे तब भी उन्होंने यही पोशाक पहन रखी थी.
तब कंज़र्वेटिव पार्टी के नेता विंस्टन चर्चिल ने उसकी भर्त्सना करते हुए कहा था, "ये कितना ख़तरनाक और घिनौना है कि विलायत से बैरिस्ट्री पास कर आया शख्स अब राजद्रोही फ़कीर बन अधनंगा वायसराय के महल की सीढ़ियों पर दनदनाता हुआ चला जा रहा है और ब्रिटिश सरकार के ख़िलाफ़ नागरिक अवज्ञा का आंदोलन चलाने के बावजूद वहां जाकर सम्राट के प्रतिनिधि के साथ बराबरी से बैठकर समझौते की बातचीत कर रहा है."
चीन जाने वाले ईरानी विमान भारतीय वायु क्षेत्र में लगभग 40 मिनट रहा: अधिकारी
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इमेज कैप्शन, महान एयरलाइंस के एक विमान की फ़ाइल फ़ोटो
तेहरान से चीन के ग्वांझो जा रहा ईरानी विमान भारतीय वायु क्षेत्र में लगभग 40 मिनट रहा. एक अधिकारी ने बताया कि ईरान की ओर से मंज़ूरी मिलने के बाद उस विमान को भारत छोड़ने की इजाजत दे दी गई.
समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने सुबह 9:20 बजे ये जानकारी दी कि एयरबस 340 पर बम होने का अंदेशा है जिसके बाद हलवारा (पंजाब) और जोधपुर हवाई अड्डे से भारतीय वायु सेना के फाइटर जेट उस विमान को रोकने के लिए रवाना कर दिए गए.
उस वक़्त ईरानी जहाज दिल्ली के एयरस्पेस की ओर बढ़ रहा था.
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तेहरान से चीन जा रही फ्लाइट में बम होने पर डिप्टी चीफ़ फ़ायर ऑफ़िसर संजय तोमर ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई को बताया, "हमें सुबह 9:25 पर फायर कंट्रोल रूम पर ईरानी विमान की फ्लाइट में बम होने की सूचना मिली थी. स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीज़र के तहत सहायक मंडल अधिकारी को वहां भेजा था. सुबह 10:05 पर एयरपोर्ट से ऑल क्लियर की सूचना मिली थी जिसके बाद हम वापस आ गए."
उन्होंने कहा, "आपातकालीन लैंडिंग की स्थिति में हम हवाई अड्डा प्राधिकरण की गाड़ियों के साथ अपनी गाड़ियां रन वे के पास तैनात कर देते हैं. सहायक मंडल अधिकारी के साथ हमारी 2 गाड़ियां थीं और बाद में जैसी जरूरत होती हम और गाड़ियां भेज देते."
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समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय वायु सेना ने बताया कि ईरानी विमान को जयपुर या चंडीगढ़ में रुकने का प्रस्ताव दिया गया लेकिन उसके पायलट ने रूट डायवर्ट करने से इनकार कर दिया.
हालांकि बाद में तेहरान से ख़तरे की आशंका को खारिज करने के बाद विमान को अपनी यात्रा जारी रखने की इजाजत दे गई.
यूक्रेन युद्धः भारतीय डॉक्टर को छोड़ने ही पड़े अपने पालतू जैगुआर
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इमेज कैप्शन, अपने पालतू जैगुआर के साथ डॉक्टर पाटिल
युद्धग्रस्त यूक्रेन में अपने घर के बेसमेंट में रहने को मजबूर एक भारतीय मूल के डॉक्टर को अपने पालूत जैगुआर से अलग होना पड़ा है.
इस साल फ़रवरी में जब रूस ने यूक्रेन पर आक्रमण किया और भीषण युद्ध हुआ तब भारतीय मूल के डॉक्टर गिरिकुमार पाटिल ने कहा था कि वो अपने पालतू जानवरों को अकेला छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे.
अविवाहित गिरिकुमार हड्डी के डॉक्टर हैं और पूर्वी यूक्रेन के लुहांस्क क्षेत्र के एक छोटे से क़स्बे स्वावतोफ़ के एक अस्पताल में काम करते थे.
42 वर्षीय गिडिकुमार पाटिल ने साल 2016 में यूक्रेन की नागरिकता ले ली थी. उन्होंने राजधानी कीएफ़ के एक चिड़ियाघर से दो साल पहले इन जानवरों को ख़रीदा था.
एशिया कप 2022: भारतीय महिला टीम ने मलेशियाई टीम को 30 रनों से हराया
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भारत और मलेशिया के बीच खेले जा रहे वुमंस एशिया कप के छठे मैच में भारतीय महिला टीम ने डकवर्थ लुइस प्रणाली के तहत 30 रनों से जीत दर्ज कर ली है.
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए मलेशिया के सामने 182 रन का लक्ष्य रखा. बारिश के कारण जब मेच रोका गया, उस समय मलेशिया ने 5.2 ओवर में दो विकेट के नुकसान पर, 16 रन बनाए थे.
लेकिन बारिश रुकी नहीं और फिर मैच को यहीं ख़त्म करना पड़ा. डकवर्थ लुइस के नियम के हिसाब से इतने ओवर में मलेशिया को जीत के लिए 46 रन चाहिए थे, जबकी मलेशिया का स्कोर 16 रन ही था.
ऐसे में भारतीय महिला टीम को विजेता घोषित कर दिया गया.
2022 महिला एशिया कप बांग्लादेश में खेला जा रहा है.
सुधाकर सिंह ने ख़ुद दिया इस्तीफ़ा या नीतीश कुमार ने किया मजबूर?
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बिहार के भीतर हाल-फिलहाल बनी महागठबंधन के सरकार के भीतर जारी शक्ति संघर्ष खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. पहले क़ानून मंत्री 'कार्तिकेय सिंह' को इस्तीफा देना पड़ा और अब कृषि मंत्री 'सुधाकर सिंह' का इस्तीफ़ा हो गया है.
एनडीए गठबंधन का साथ छोड़कर महागठबंधन का हिस्सा बनने के बाद यह नीतीश कैबिनेट के दूसरे मंत्री का इस्तीफ़ा है. दोनों मंत्री राष्ट्रीय जनता दल से सम्बद्ध हैं. आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह अपने बेटे और कृषि मंत्री रहे सुधाकर सिंह के इस्तीफ़े पर बलिदान और त्याग जैसी बातें कर रहे हैं.
सुधाकर सिंह ने अपना इस्तीफ़ा डिप्टी सीएम के माध्यम से सीएम नीतीश कुमार को भेजा. जबकि आमतौर पर ऐसा नहीं होता.
इसके बाद राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह मीडिया से रूबरू हुए. कृषि मंत्री के इस्तीफ़े पर उन्होंने कहा, "बिहार का कृषि मंत्री बड़े जोर-शोर से मंडी क़ानून के सवाल को उठा रहा है. जिसे लेकर पूरा देश और प्रदेश व्यथित रहा. आंदोलन चला और क़ानून वापस हुए. संयोग से इन प्रश्नों को बिहार के कृषि मंत्री ने उठाया, लेकिन सिर्फ सवाल उठाने से नहीं होता है. त्याग देना पड़ता है. बिहार के कृषि मंत्री ने अपना इस्तीफ़ा सरकार के पास भेज दिया है कि सरकार अच्छे ढंग से चलती रहे. हम नहीं चाहते कि कोई लड़ाई आगे बढ़े."
ब्रेकिंग न्यूज़, स्वीडन के वैज्ञानिक स्वांते पाबो को मिला साल 2022 का मेडिसिन का नोबेल पुरस्कार
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इमेज कैप्शन, स्वांते पाबो
स्वीडन के वैज्ञानिक स्वांते पाबो ने साल 2022 का मेडिसिन का नोबेल पुरस्कार हासिल किया है.
नोबेल पुरस्कार देने वाली संस्था ने सोमवार को एक ट्वीट कर बताया कि वैज्ञानिक स्वांते पाबो को ये पुरस्कार "विलुप्त होमिनिन के जीनोम और मानव विकास" से जुड़ी उनकी ख़ोज के लिए दिया गया है.
इस नोबेल पुरस्कार की घोषणा के साथ ही एक सप्ताह तक घोषित होने वाले पुरस्कारों की शुरुआत हो गई.
वैज्ञानिक दुनिया की यह यकीनन सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में से एक है.
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समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार इसे स्वीडन की करोलिंस्का संस्थान की नोबेल असेंबली द्वारा दिया जाता है. पुरस्कार के तहत मिलने वाली रकम क़रीब 10 मिलियन स्वीडिश क्राउन जितनी है ($900,437).
क्यों दिया जाता है नोबेल पुरस्कार?
डायनामाइट के आविष्कारक और स्वीडेन के एक धनी व्यवसायी अल्फ्रेड नोबेल ने इस पुरस्कार की स्थापना की थी. 1896 में अपनी मृत्यु से एक वर्ष पहले उन्होंने अपनी वसीयत में इसकी व्यवस्था की. जिसके बाद साल 1901 से हर साल विज्ञान, साहित्य और शांति जैसे क्षेत्रों में उपलब्धियों के लिए यह पुरस्कार दिया जाता है. बाद में अर्थशास्त्र को भी इसमें शामिल किया गया.
भारत बनाम दक्षिण अफ़्रीका: ये पांच कारण डेविड मिलर के शतक पर पड़े भारी
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इमेज कैप्शन, डेविड मिलर की पारी दक्षिण अफ़्रीका को जीत नहीं दिला सकी
गुवाहाटी में खेले गए दूसरे टी20 मैच में भारत ने साउथ अफ्रीका को 16 रनों से हरा दिया. बैटिंग के लिए मददगार पिच पर दोनों ही टीमों ने ख़ूब रन बनाए.
भारत ने केएल राहुल और सूर्यकुमार यादव की पारियों की मदद से 237 रन बनाए. जवाब में ख़राब शुरुआत के बावजूद साउथ अफ्रीका ने 221 रन बनाए. डेविड मिलर ने खुलकर शॉट्स खेले और नाबाद 106 रन बनाए लेकिन उनका शतक दक्षिण अफ़्रीका को मैच नहीं जीता सका.
उनके शतक पर भारी पड़े ये पांच कारण जिनकी वजह से भारत ने लगातार दूसरा मैच जीतकर सीरीज़ पर कब्ज़ा किया.
इसराइल और लेबनान के बीच अमेरिकी मध्यस्थता से क्या ये विवाद सुलझ सकता है?
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लेबनान और इसराइल के बीच समुद्री सीमा विवाद के हल से जुड़े एक अमेरिकी प्रस्ताव पर चर्चा करने के लिए दोनों ही देशों के नेता सोमवार को एक बैठक कर रहे हैं.
बैठक सफल रही तो ये दोनों ही देशों को समुद्र के संसाधनों का पता लगाने की अनुमति दे सकता है.
लेबनान का कहना है कि उसे शनिवार को अमेरिकी दूत अमोस होचस्टीन से एक लिखित "ऑफर" मिला, जो दोनों दुश्मन देशों के बीच बातचीत में मध्यस्थता कर रहे हैं.
ऑफर के तहत इसराइल और लेबनान के बीच विवादित समुद्री सीमा विवाद को हल करने से जुड़ा प्रस्ताव था.
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समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक़ प्रस्ताव को सार्वजनिक नहीं किया गया था, लेकिन इसने सालों बाद दोनों देशों के बीच जारी सीमा विवाद के हल की एक उम्मीद जगाई है.
दोनों देशों के बीच बातचीत के बाद जल्द ही समुद्री संसाधनों को लेकर एक सौदा हो सकता है क्योंकि आर्थिक संकट से जूझ रहे लेबनान की नज़र समुद्री सीमा क्षेत्र में मौजूद संभावित गैस संसाधनों पर है.
1948-49 के अरब-इसराइल संघर्ष के बाद से दोनों ही पड़ोसी देशों के बीच तकनीकी रूप से युद्ध जारी है. लंबे समय से चले आ रहे सीमा-विवाद को सुलझाने की प्रक्रिया में संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका की ओर से सहयोग किया जा रहा है.
खड़गे के समर्थन में कांग्रेस के प्रवक्ताओं ने क्यों दिया इस्तीफ़ा?, पढ़ें आज के अख़बारों की सुर्खियां.
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लंबी खींचतान के बाद आखिरकार कांग्रेस अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों के नाम पर आखिरी मुहर लग चुकी है. पार्टी के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और सांसद शशि थरूर इस चुनाव में एक दूसरे के आमने सामने हैं. लेकिन खड़गे को पूरी पार्टी की ओर से समर्थन मिलता नज़र आ रहा है.
पश्चिम बंगाल से निकलने वाले अंग्रेज़ी अख़बार द टेलीग्राफ़ में छपीरिपोर्टके अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में मल्लिकार्जुन खड़गे की उम्मीदवारी के लिए पार्टी में समर्थन बढ़ता जा रहा है.
रविवार को पार्टी के तीन प्रवक्ताओं ने खड़गे के लिए प्रचार करने के इरादे से अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया. वहीं शशि थरूर को उनके पहले प्रचार अभियान दौरे पर उदासीन प्रतिक्रिया मिली.
जिन प्रवक्ताओं ने इस्तीफ़ा दिया है उनके नाम हैं- दीपेंदर सिंह हुड्डा, नसीर हुसैन और गौरव वल्लभ. जब रविवार को अपनी उम्मीदवारी पेश करने के बाद पहली बार मल्लिकार्जुन खड़गे मीडिया से बात कर रहे थे तो ये तीनों उनके साथ मौजूद रहे और खड़गे ने इन तीनों का शुक्रिया अदा किया.
मुलायम सिंह यादव की हालत स्थिर, आईसीयू से सीसीयू में शिफ्ट किया गया
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गुड़गांव के मेदांता अस्पताल ने बताया है कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव वर्तमान में क्रिटिकल केयर यूनिट में भर्ती हैं और उनका इलाज विशेषज्ञों की एक व्यापक टीम द्वारा किया जा रहा है.
इस बीच समाजवादी पार्टी के ट्विटर हैंडल से भी इस जानकारी की पुष्टि की गई है.
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समाजवादी पार्टी ने मुलायम सिंह यादव की सेहत के बारे में कहा है, "नेताजी से मिलना एवं अस्पताल के अंदर जाना संभव नहीं है इसलिए आप सभी से विनम्र निवेदन है कि कृपया अस्पताल ना आएं. नेताजी के स्वास्थ्य की जानकारी समय समय पर दी जाती रहेगी."
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82 वर्षीया सपा नेता पिछले कुछ दिनों से मेदांता अस्पताल में भर्ती थे लेकिन रविवार को स्थिति बिगड़ने के बाद उन्हें आईसीयू में दाखिल कराया गया था.
मुलायम सिंह यादव इस समय लोकसभा में मैनपुरी के सांसद हैं. इसी साल जुलाई में मुलायम सिंह यादव की पत्नी साधना गुप्ता का निधन हो गया था.
हिंदू महासभा की दुर्गा पूजा में महिषासुर को दिखाया महात्मा गांधी जैसा, विवाद बढ़ा तो बदला चेहरा
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रविवार को पूरा भारत जब राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती मना रहा था, पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में हिंदू महासभा की ओर से आयोजित दुर्गा पूजा ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया.
दरअसल, कोलकाता के कस्बा इलाक़े में रूबी क्रॉसिंग के पास आयोजित इस पूजा में असुर की जो प्रतिमा थी, वह हुबहू महात्मा गांधी से मिलती थी. इस मुद्दे पर राजनीतिक विवाद तेज़ होने पर पुलिस के हस्तक्षेप के बाद आयोजकों ने रातों-रात मूर्ति बदल दी है.
अब उनकी दलील है कि यह महज एक संयोग था. हिंदू महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष चंद्रचूड़ गोस्वामी का कहना है, "गांधी जी ने कोई भी ऐसा काम नहीं किया है, जिससे उनको सम्मान दिया जाना चाहिए. लेकिन हमारा मक़सद किसी की भावना को ठेस पहुँचाने का नहीं था. गंजे सिर और चश्मा पहनने वाला व्यक्ति गांधी ही हो, यह ज़रूरी नहीं. असुर ने ढाल भी पकड़ी हुई है. महात्मा गांधी ने ढाल कभी नहीं पकड़ी."
ब्रेकिंग न्यूज़, भारतीय वायु सेना को मिला लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर 'प्रचंड'
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इमेज कैप्शन, हल्का लड़ाकू विमान प्रचंड
भारतीय वायु सेना को सोमवार को लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर (LCH) मिल गया है. ये लड़ाकू विमान भारत में ही बनाया गया है.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस लड़ाकू हेलिकॉप्टर को प्रचंड नाम दिया है.
जोधपुर एयरबेस पर रक्षा मंत्री की
मौजूदगी में ये हेलिकॉप्टर वायु सेना में शामिल हुए. एलसीएच हेलिकॉप्टर्स को वायुसेना को सौंपने
से पहले सर्वधर्म प्रार्थना हुई.
इस कार्यक्रम के बाद रक्षा मंत्री
राजनाथ सिंह ने प्रचंड में उड़ान भरी. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रचंड का
एक वीडियो भी शेयर किया.
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'आत्मनिर्भर भारत की दिशा नें बड़ा कदम'
राजनाथ सिंह ने कहा, "प्रचंड शक्ति, प्रचंड वेग और प्रचंड प्रहार की क्षमता वाले इस एलसीएच का शामिल होना न सिर्फ वायुसेना की शक्ति हढ़ाएगा बल्कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भी यह बड़ा कदम है."
रक्षा मंत्री ने कहा, "मुझे बताया गया, कि हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर (LCH) का डिजाइन और डेवलपमेंट, आधुनिक युद्धक्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप किया गया है. अपने विकास के चरणों में अनेक प्रकार के परीक्षण में, इसने तमाम चुनौतियों से निपटने में अपनी योग्यता दिखाई है."
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कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने कहा कि एलसीएच को वायुसेना को सौंपने के लिए नवरात्रि से अच्छा समय और राजस्थान की धरती से अच्छी जगह नहीं हो सकती है.
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) इन हल्के लड़ाकू हेलिकॉप्टर्स को बनाया है. करीब 1885 करोड़ रुपये की लागत से 15 एलसीएच हेलिकॉप्टर सेना में शामिल होंगे. इनमें से 10 हेलिकॉप्टर सोमवार को वायुसेना के बेड़े में शामिल हो गए.
यूएई में नई वीज़ा पॉलिसी लागू, भारतीयों को नफ़ा या नुकसान?
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संयुक्त अरब अमीरात ने अपनी वीज़ा पॉलिसी में पिछले महीने जिन बदलावों का एलान किया था, वे तीन अक्टूबर को लागू हो गए हैं.
देश की इमिग्रेशन पॉलिसी में बदलाव के तहत लागू नए वीज़ा नियमों के तहत पर्यटकों के लिए लंबी अवधि के वीज़ा, पेशेवरों के लिए लंबे वक्त तक रहने की सुविधा दी गई है.
एंटरप्रेन्योर, निवेशक और पेशेवरों के लिए दस साल की नई गोल्डन वीज़ा स्कीम लागू की गई है.
भारत के लिए यूएई के इन बदले नियमों की काफी अहमियत हैं क्योंकि बड़ी तादाद में भारतीय पेशेवर और श्रमिक वहां काम करते हैं.
भारतीय हवाई क्षेत्र में एक ईरानी विमान में बम होने का मामला जानिए
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भारतीय वायुसेना ने सोमवार को बयान जारी कर कहा कि एक ईरानी एयरलाइंस का विमान भारत के हवाई क्षेत्र से गुजर रहा था तभी उसमें बम होने की सूचना मिली थी.
सूचना मिलने पर इंडियन एयरफ़ोर्स के एक फाइटर जेट को भेजा गया. यह जेट ईरानी विमान से सुरक्षित दूरी पर था. ईरानी विमान को जयपुर और फिर चंडीगढ़ में सुरक्षित लैंडिंग का विकल्प ऑफर किया गया.
हालांकि पायलट ने इन एयरपोर्ट पर लैंडिंग को लेकर अनिच्छा ज़ाहिर की. बाद में ईरान ने बम होने की बात को नकार दिया. इसके बाद ईरानी विमान अपने अंतिम गंतव्य की ओर बढ़ता गया. भारतीय वायुसेना ने नियम आधारित सारे क़दम उठाए. भारतीय वायुसेना ने कहा है कि ईरानी विमान भारतीय हवाई क्षेत्र में रेडार सर्विलांस पर था.
ख़ुशदिल शाह के आउट होने पर दर्शक क्यों चिल्लाने लगे- पर्ची... पर्ची
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पाकिस्तानी क्रिकेटर इमाम-उल-हक़ ने
रविवार को क्रिकेट फ़ैन्स से अपील की है कि वो बेवजह खिलाड़ियों का मज़ाक न बनाएं.
दरअसल, रविवार को इंग्लैंड के ख़िलाफ़
गद्दाफ़ी स्टेडियम में खेले जा रहे मैच में जब ख़ुशदिल शाह आउट होकर पविलियन लौट
रहे थे तो कई दर्शक उनके ख़िलाफ़ नारे लगा रहे थे.
बाएं हाथ के बल्लेबाज़ ख़ुशदिल ने इस सिरीज में सात
में से चार मैच खेले और कुल 63 रन ही बनाए. ख़ुशदिल शाह काफ़ी समय से
ज़्यादा अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं लेकिन उन्हें लगातार मौक़ा दिया जा रहा
है.
ट्विटर पर शेयर हो रहे वीडियो में दर्शक
पविलियन लौट रहे ख़ुशदिल को देखकर ‘पर्ची, पर्ची’ चिल्लाने लगे.
दरअसल, उर्दू में पर्ची का मतलब है, काग़ज़ के टुकड़ा या काग़ज़ के टुकड़े पर कुछ लिखा हुआ.
दर्शक इन नारों से ख़ुशदिल शाह के चयन पर
सवाल उठा रहे थे. इनका मानना है कि ख़ुशदिल किसी के दबाव में टीम में रखे गए हैं.
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इमेज कैप्शन, इंग्लैंड के खिलाफ फ़ाइनल में खुशदिल शाह आउट होकर पवेलियन लौट रहे हैं
इमाम ने क्या कहा?
इमाम उल-हक़ ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘मैं सभी फ़ैन्स से अपील करना चाहता हूं कि किसी भी खिलाड़ी के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल न करें क्योंकि इससे खिलाड़ी के स्वास्थ्य पर असर पड़ेगा. उनका सपोर्ट करने की कोशिश करें जैसे आप हमेशा करते हैं, भले की रिजल्ट कुछ भी हो. हम आप के लिए खेलते हैं, हम पाकिस्तान के लिए खेलते हैं.’’
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लाहौर के गद्दाफ़ी स्टेडियम में खेले गए टी20 सिरीज़ के फ़ाइनल मैच में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को 67 रनों से हरा दिया.
पाकिस्तान की हार पर न सिर्फ दर्शक बल्कि पूर्व क्रिकेटर भी नाराज़ और नाखुश हैं.
ईडी ने 5551.27 करोड़ रुपये जब्त किए, शाओमी ने दिया जवाब
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चीनी मोबाइल कंपनी शाओमी इंडिया ने प्रवर्तन
निदेशालय (ईडी) की ओर से 5551.27 करोड़ रुपये जब्त किए जाने पर सवाल उठाए हैं.
कंपनी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके कहा कि उसने कार्रवाई के ख़िलाफ़ जो तथ्य
और क़ानूनी तर्क रखे, उन्हें बिल्कुल नहीं सुना गया, जिससे वो निराश है.
दरअसल, ईडी ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन
अधिनियम (फेमा) के तहत शाओमी इंडिया के 5551.27 करोड़ रुपये के डिपॉजिट जब्त करने
के आदेश जारी किए थे. यह भारत में इस तरह की सबसे बड़ी जब्ती की कार्रवाई है.
शाओमी इंडिया पर अनाधिकृत तरीके से
भारत से बाहर विदेशी करेंसी भेजने का आरोप है और रॉयलिटी के नाम पर विदेशों में
पैसा भेजना गैरक़ानूनी और फेमा कानून का उल्लंघन है.
कंपनी ने कहा कि उसने स्मार्टफ़ोन
बनाने में आईपी लाइसेंस के लिए अमेरिका के क्वॉलकॉम ग्रुप से एक कानूनी समझौता किया था और दोनों
कंपनियों को लगता है कि क्वालकॉम को रॉयलिटी कै पैसा देने के लिए शाओमी इंडिया की
ओर से किया गया ये करार वैध है.
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कंपनी ने किया ये दावा
कंपनी ने दावा किया कि जो 5551.27 करोड़ रुपये शाओमी इंडिया ने विदेशी कंपनियों को दिए उनमें से 84 फ़ीसदी पैसा क्वालकॉम को दी जानी वाली रॉयलिटी का है.
क्वालकॉम अमेरिका में लिस्टेड एक थर्ड पार्टी कंपनी है जो भारत में स्मार्टफोन्स के लिए इस्तेमाल होने वाली आईपी और स्टैंडर्ड इसेंशियल पेटेंट्स (एसईपी) जैसी लाइसेंस वाली तकनीकें शामिल हैं.
शाओमी इंडिया ने यह भी कहा कि उसने जो भी लेन-देन किया है वो सब आरबीआई की ओर से निर्धारित मानकों और माध्यमों से ही हुआ है और पूरी तरह वैध है.
ईडी की कार्रवाई पर विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) की भी स्वीकृति मिल गई थी. इस पर शाओमी इंडिया ने कहा, ‘‘हम स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि शाओमी टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेडकी भारत से बाहर कोई भी संपत्ति नहीं है. इसलिए जैसा कि हमारी समझ में आता है, इस स्थिति में फेमा का सेक्शन 4 अप्लाई नहीं होता.’’
शाओमी इंडिया ने कहा कि वो इस पूरे मुद्दे को सुलझाने और कंपनी के मूल्यों को बचाने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है.
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रूस बोला- नॉर्ड स्ट्रीम पाइपलाइन को तबाह करना चाहता है अमेरिका
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इमेज कैप्शन, रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़ाखारोवा
रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अमेरिका और
नेटो नॉर्ड स्ट्रीम एक और दो पाइपलाइन को नष्ट करने की मंशा रखते हैं.
रूस के
विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़ाखारोवा ने कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री
एंटनी ब्लिंकन ने कनाडाई विदेश मंत्री मेलानी जॉली के साथ प्रेस कॉन्फ़्रेंस में
जो कुछ भी कहा उससे उनकी मंशा स्पष्ट हो गई है.
टेलिग्राम पर मारिया ने कहा कि
ब्लिंकन बिना हिचक के कह रहे हैं कि अमेरिका और नेटो नॉर्ड स्ट्रीम एक और
दो गैस पाइपलाइन को तबाह करने की मंशा रखते हैं.
मारिया ने टेलिग्राम पर लिखा है, ''ब्लिंकन
ने कहा कि पाइपलाइन से यूरोप में गैस नहीं जा रही है. नॉर्ड स्ट्रीम दो को यूरोप
में गैस भेजने के लिए अनुमति नहीं है. नॉर्ड स्ट्रीम एक को रूस ने एक हफ़्ते पहले
ही रोक दिया था. ब्लिंकन ने कहा कि रूस ऊर्जा ज़रूरतों को हथियार के तौर पर
इस्तेमाल कर रहा है.''
रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा,
''रूस
ने कभी ऊर्जा को हथियार के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया. अभी रूस और पहले सोवियत संघ
यूरोप को गैस देते रहे हैं. इसमें कभी कोई रुकावट नहीं आई. पिछले 50 सालों से इस
मुद्दे पर अमेरिका झूठ बोलता रहा है.''
नॉर्ड स्ट्रीम एजी कंपनी ने कहा है कि 26
सितंबर को पाइपलाइन को ज़्यादा नुक़सान पहुँचाया गया था. मीडिया रिपोर्ट्स के
अनुसार, नॉर्ड स्ट्रीम पाइपलाइन के पास दो धमाके हुए थे. डेनिश न्यूज़ एजेंसी
ने कहा था कि बड़ी मात्रा में गैस समंदर में लीक हुई है. इसके आसपास के इलाक़ों
में शिप की आवाजाही रोक दी गई है.
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नॉर्ड स्ट्रीम दो क़रीब 1,200 किलोमीटर लंबी यह
गैस पाइपलाइन परियोजना बाल्टिक सागर से होकर पश्चिमी रूस से उत्तर-पूर्वी जर्मनी
तक जाती है.
इस परियोजना के ज़रिए रूस से जर्मनी जाने वाली
प्राकृतिक गैस की सप्लाई को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया. वर्तमान में रूस से
जर्मनी जाने वाली गैस 'नॉर्ड स्ट्रीम पाइपलाइन' होकर जाती है,
जिसे
2012 में बनाया गया था.
यदि यह परियोजना सफल हो जाएगी, तो
इस पाइपलाइन से जर्मनी को हर साल 55 अरब घन मीटर गैस की सप्लाई हो सकेगी. इस
परियोजना की मालिक रूस की सरकारी गैस कंपनी 'गज़प्रोम'
है. लेकिन अब सब अधर में लटक गया है और जर्मनी दूसरे विकल्प की तलाश में है.
इंग्लैंड से हार के बाद पाकिस्तानियों ने पूछे ये तीखे सवाल
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इंग्लैंड ने रविवार को लाहौर में डेविड
मलान के उम्दा अर्धशतक और क्रिस वोक्स के तीन विकेट के सहारे पाकिस्तान को सातवें
टी-20 मैच में 67 रन से हरा दिया है.
टी-20 विश्व कप से
पहले इंग्लैंड ने इस जीत के साथ ही पाकिस्तान से सिरीज़ भी 4-3 से जीत लिया है.
इंग्लैंड ने पाकिस्तान को 210 रन का लक्ष्य दिया था लेकिन कप्तान बाबर आज़म चार रन और मोहम्मद
रिज़वान एक रन बनाकर आउट हो गए.
33 रन पर ही पाकिस्तान के तीन विकेट गिर
गए थे. पाकिस्तान के शान मसूद ने टीम को जीत दिलाने की कोशिश की और उन्होंने 43 गेंद पर 56 रन की अहम पारी खेली. लेकिन उन्हें भी
क्रिस वोक्स ने आउट कर दिया.
पाकिस्तान की इस हार के बाद वहाँ की
टीम आम लोगों के निशाने पर है. सोशल मीडिया पर लोग आलोचना कर रहे हैं कि मोहम्मद
रिजवान और बाबर आज़म के बाद पाकिस्तान की टीम में दम नहीं बचता है.
पाकिस्तानी अभिनेता फ़ख़्र-ए-आलम ने ट्वीट कर
कहा है, ''तो बाबर और रिज़वान के आउट होने के बाद
पूरी बैटिंग लाइन सरेंडर कर देगी? क्या यही टीम का अप्रोच है? इंग्लैंड के भी जल्द ही दो विकेट गिर गए थे लेकिन इन्होंने हार नहीं
मानी. क्या हमारी यही बल्लेबाज़ी है?''
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मिडिल ऑर्डर पर सवाल
पाकिस्तान के सीनेटर फ़ैसल जावेद ख़ान ने लिखा है कि इग्लैंड के साथ टी-20 सिरीज़ में पाकिस्तान की टीम की कमज़ोरी खुलकर सामने आई है. फ़ैसल का कहना है कि टीम चयन और स्ट्राइक रेट पर ध्यान देना चाहिए.
पाकिस्तान तेज़ गेंदबाज़ शोएब अख़्तर ने भी इंग्लैंड से हार के बाद कहा है कि उनकी टीम का मध्य क्रम ठीक नहीं है.
शोएब अख़्तर ने कहा, ''पाकिस्तान का टॉप ऑर्डर परफॉर्म नहीं करेगा तो मिडिल ऑर्डर बिखर जाता है.इस तरह आप न वर्ल्ड कप में जा सकते हैं और वर्ल्ड कप जीत सकते हैं. ये बेहद दुखी करने वाला है.’’
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शोएब ने कहा कि उन्हें इस बात का डर है कि पाकिस्तान वर्ल्ड कप में पहले राउंड में ही बाहर न हो जाए.
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने उन्हें पहले भी चेताया है कि अपना मिडिल ऑर्डर सुधारो, मिडिल ऑर्डर ठीक करो. लेकिन वो सुन नहीं रहे हैं. लेकिन उम्मीद है कि पाकिस्तान विश्वकप में अच्छी वापसी करेगा. अच्छा नहीं लगता जब पाकिस्तान हारता है.’’
शोएब अख़्तर ने उम्मीद जताई कि शायद पाकिस्तानी क्रिकेट टीम अपनी ग़लतियों से सीख लेगी.
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन रमीज़ राजा ने क्रिकेट प्रशंसकों से टीम पर भरोसा रखने की अपील की है.
इंग्लैंड के ख़िलाफ़ मैच से पहले उन्होंने जियो टीवा से बातचीत में कहा, ‘‘हम दुनिया की सबसे अच्छी टीम नहीं हैं लेकिन क्रिकेट खुशियां फैला रहा है. पाकिस्तानी टीम में कई खिलाड़ी मैच जिताने की क्षमता रखते हैं, सिर्फ एक या दो नहीं.’’
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