कानपुर में ट्रैक्टर ट्रॉली पलटने से 26 लोगों की मौत, कई घायल

प्रधानमंत्री मोदी ने दुर्घटना पर दुख जताया है और मृतकों के परिजनों के लिए दो लाख और घायलों के लिए 50 हज़ार की आर्थिक मदद की घोषणा की है.

लाइव कवरेज

ब्रजेश मिश्र and चंदन शर्मा

  1. बृजलाल खाबरी को कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश राज्य इकाई का अध्यक्ष बनाया

    बृजलाल खाबरी

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    इमेज कैप्शन, बृजलाल खाबरी

    कांग्रेस पार्टी ने शनिवार को बृजलाल खाबरी को उत्तर प्रदेश इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किया है. पार्टी की ओर से जारी एक बयान में आज ये जानकारी दी गई है.

    अध्यक्ष बनाए जाने के बाद बृजलाल खाबरी ने कहा, "मैं इस ज़िम्मेदारी के लिए माननीय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी जी, माननीय राहुल गांधी जी एवं अपनी नेता दीदी प्रियंका गांधी जी का धन्यवाद करता हूँ. शुक्रिया प्रियंका दीदी मुझ जैसे एक दलित परिवार के बेटे पे विश्वास करने के लिए. जय भीम-जय संविधान-जय कांग्रेस."

    अजय सिंह लल्लू ने कई महीने पहले उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. नया अध्यक्ष चुनने में इतना समय क्यों लगा, इस सवाल पर बृजलाल खाबरी ने कहा, "किसी अच्छे काम को करने में थोड़ा देर लगती है. तराशने और तलाशने दोनों में बहुत टाइम लगता है."

    खाबरी ने बताया, "सबसे बड़ी प्राथमिकता है, अन्याय और अत्याचार के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाना और कांग्रेस के संगठन को मजबूत करना."

    कांग्रेस की उत्तर प्रदेश में ख़राब स्थिति को लेकर उन्होंने कहा, "दो चीजें होती हैं. एक ख़राब और एक अच्छा. अगर ख़राब है तो अच्छा हो जाएगा. खराब है तो अच्छा होना ही है."

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    कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बृजलाल खाबरी के अलावा उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के लिए छह क्षेत्रीय प्रमुखों की भी नियुक्ति की है.

    ये क्षेत्रीय प्रमुख हैं- नसीमुद्दीन सिद्दिक़ी, अजय राय, वीरेंद्र चौधरी, नकुल दुबे, अनिल यादव और योगेश दीक्षित. विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की हार के बाद तत्कालीन अध्यक्ष अजय लल्लू ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

    अजय लल्लू के इस्तीफ़े के बाद से यूपी प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष का पद खाली था.

  2. गांधी जयंती: जो बार-बार तोड़ने पर भी न टूटे वही तो गांधी हैं

    महात्मा गांधी

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    गांधी सारी दुनिया में हैं, कम-से-कम मूर्तियों के रूप में तो ज़रूर. दुनिया में तक़रीबन 70 देश ऐसे हैं जिनमें गांधीजी की प्रतिमा लगी है.

    भारतीय सामाजिक-राजनीतिक जीवन में गांधी 1917 में प्रवेश करते हैं और फिर अनवरत कोई 31 सालों तक, अथक संघर्ष की वह जीवन-गाथा लिखते हैं.

    लेकिन एक हिसाब और भी है जो हमें लगाना चाहिए, कितने देशों में गांधी-प्रतिमा को खंडित करने की वारदात हुई है? संख्या बड़ी है. गांधी के चंपारण में, मोतिहारी के चरखा पार्क में खड़ी गांधी की मूर्ति पिछले दिनों ही खंडित की गई है. ऐसे चंपारण दुनिया भर में हैं.

    अमेरिका में 'ब्लैकलाइफ़ मैटर्स' के दौरान गांधी प्रतिमा को नुक़सान पहुँचाया गया था. ऐसी घटनाओं से नाराज़ या व्यथित होने की ज़रूरत नहीं है. फ़िक्र करनी है तो हम सबको अपनी फ़िक्र करनी चाहिए.

  3. कांग्रेस के अध्यक्ष पद का चुनाव: थरूर और खड़गे को लेकर क्या बोले सलमान ख़ुर्शीद

    सलमान ख़ुर्शीद

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    कांग्रेस के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार शशि थरूर के अपने प्रतिद्वंद्वी मल्लिकार्जुन खड़गे को 'निरंतरता' और 'यथास्थिति' का समर्थक बताने के बाद अब इस मसले पर सलमान ख़ुर्शीद का बयान आया है.

    समाचार एजेंसी के अनुसार, सलमान ख़ुर्शीद ने शनिवार को कहा, "शशि ने कहा कि खड़गे में निरंतरता के तत्व हैं, जबकि उनमें बदलाव के तत्व हैं. लेकिन निरंतरता और बदलाव, ये दोनों व्यक्तिनिष्ठ और सापेक्षिक शब्द हैं."

    उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि यह चुनाव परिवर्तन के साथ निरंतरता पर ज़ोर देता है, क्योंकि हम पहली बार चुनाव नहीं कर रहे हैं. अतीत में हुए चुनावों की कई ख़ासियतें रही हैं. इस चुनाव की भी अपनी विशेषताएं हैं. इसलिए हम सभी को इन चीज़ों का स्वागत करना है."

    थरूर

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    मल्लिकार्जुन खड़गे का समर्थन कर रहे सलमान ख़ुर्शीद ने 17 अक्तूबर को होने वाले चुनाव को लेकर कहा है कि यदि सहमति बन जाती है तो ठीक वरना चुनाव होते भी हैं, तो इससे कोई परेशानी नहीं है.

    क्या कहा था थरूर ने?

    इससे पहले शशि थरूर के शुक्रवार को दिए बयान के बाद लोगों ने अर्थ निकाला कि वे कहना चाहते हैं कि मल्लिकार्जुन खड़गे गांधी परिवार की पसंद हैं.

    उन्होंने कहा कि मुझे कोई अचरज नहीं है कि संस्था यथास्थिति का समर्थन कर रहा है. उनके अनुसार, "यदि आप यथास्थिति चाहते हैं, तो मुझे लगता है कि आपको खड़गे को वोट करना चाहिए. यदि आप 21वीं सदी के अनुरूप बदलाव और तरक्की चाहते हैं तो मुझे लगता है मैं बदलाव के लिए खड़ा रहूंगा."

  4. किंग कोबरा सामने आ जाए तो क्या करें?

    वीडियो कैप्शन, किंग कोबरा सामने आ जाए तो क्या करें?

    बहुत से लोगों को किंग कोबरा को देखकर सिहरन हो जाती है. लेकिन आंध्र प्रदेश में अनाकापल्ली के ईस्टर्न घाट्स वाइल्डलाइफ़ सोसायटी के लोग, लोगों से कहते हैं कि अगर उन्हें किंग कोबरा दिखे तो वे उन्हें कॉल करें.

    पूर्वी घाट वाइल्ड लाइफ़ सोसायटी का काम फ़ोन आने के बाद सिर्फ़ किंग कोबरा के रेस्क्यू तक ही सीमित नहीं है. वे किंग कोबरा के अंडों को प्रीज़र्व करने की भी ज़िम्मेदारी निभाते हैं.

  5. क्रेडिट और डेबिट कार्ड से लेनदेन सुरक्षित बनाने के लिए नया टोकन सिस्टम आज से शुरू

    केडिट और डेबिट कार्ड

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    ऑनलाइन लेनदेन सुरक्षित बनाने के इरादे से क्रेडिट और डेबिट कार्डों की जानकारियां सुरक्षित रखने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने टोकन (यूनिक नंबर) वाला नया सिस्टम शुरू किया है.

    समाचार एजेंसी राॅयटर्स के अनुसार, शनिवार यानी 1 अक्तूबर से शुरू हो रहे इस नए सिस्टम से बड़े कारोबारी तो निपट सकते हैं, लेकिन छोटे कारोबारियों के लिए इसकी जटिलताओं से जूझने में कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.

    ऐसे में छोटे कारोबारियों को आरबीआई से उम्मीद थी कि वह इस नई व्यवस्था के लिए तैयार करने के लिए कुछ और वक़्त दे सकता है.

    हालांकि राॅयटर्स ने जानकारों से बातचीत के आधार पर बताया है कि आरबीआई की ओर से और मोहलत देने के अभी तक कोई संकेत नहीं है.

    वीडियो कैप्शन, धंधा-पानी

    क्या है नई व्यवस्था?

    नई व्यवस्था के अनुसार, क्रेडिट और डेबिट कार्डों की जानकारियां गोपनीय रखने के लिए एल्गोरिद्म के जरिए जारी टोकन (यूनिक नंबर) का सहारा लिया जाएगा. ऐसा होने पर कार्ड की सूचनाएं किसी अन्य पक्ष के पास नहीं जा पाएगी.

    आरबीआई ने वैसे 2019 में पहली बार इस प्रणाली को शुरू किया था, लेकिन कई तरह की परेशानियों को देखते हुए कई बार डेडलाइन बढ़ानी पड़ी.

    उसके बाद, आरबीआई ने देश की सभी कंपनियों को क्रेडिट और डेबिट कार्डों की जानकारियों को सहेजने का आदेश दिया था.

  6. उत्तर प्रदेश उच्च न्यायिक सेवा परीक्षा में टॉप करने वाली मंजुला से मिलिए

    वीडियो कैप्शन, उत्तर प्रदेश उच्च न्यायिक सेवा परीक्षा में टॉप करने वाली मंजुला से मिलिए

    दो बच्चों की मां मंजुला भलोठिया ने उत्तर प्रदेश उच्च न्यायिक सेवा परीक्षा में टॉप किया है.

    लोगों ने उन्हें कहा कि शादी हो जाने, बच्चे हो जाने के बाद पढ़ाई नहीं हो सकती, लेकिन उन्होंने किसी की बात पर ध्यान नहीं दिया और पढ़ाई जारी रखी.

    मंजुला का कहना है कि वो इस अवधारणा को बदलना चाहती थीं.

  7. पेटीएम-ज़ोमैटो के अनुभव के बाद सेबी ने आईपीओ के लिए बदले नियम

    सेबी

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    शेयर बाज़ारों का नियंत्रण करने वाली संस्था सेबी (सिक्योरिटीज़ एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) ने कई प्रस्तावों का एलान किया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, सेबी के बोर्ड ने शुक्रवार को मुंबई में आयोजित बैठक के बाद आईपीओ जारी करने के नियम सख़्त बना दिए हैं.

    कंपनियों को अब पेशकश दस्तावेज़ों की गोपनीय प्री-फाइलिंग की अनुमति भी मिल गई है.

    वहीं सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (पीएसयू) के विनिवेश के लिए ओपेन ऑफर मूल्य निर्धारण नियम अब नरम कर दिए गए हैं.

    वीडियो कैप्शन, पेटीएम के आईपीओ के गिरने और शेयर बाज़ार की कहानी

    सेबी के बोर्ड ने स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति और उन्हें हटाने के नए नियमों को अपनी मंजूरी दे दी है.

    साथ ही इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों के तहत म्युचुअल फंड की ख़रीद और बिक्री करने को भी मंजूरी दी है.

    क्या है ताज़ा फ़ैसले के मायने

    सेबी के ताज़ा फ़ैसलों के बाद आईपीओ जारी करने वाली कंपनियों को अब क़ीमतों के बारे में ज़्यादा विस्तार से सूचनाएं देनी होंगी.

    कुछ महीने पहले जब पेटीएम और ज़ोमैटो जैसी कंपनियों के आईपीओ जारी हुए, तो उसके निवेशकों को काफ़ी नुक़सान उठाना पड़ा था.

    माना जा रहा है कि सेबी के नए नियम उस तरह के अनुभव को रोकने के लिए लाए गए हैं.

  8. 5जी लॉन्च: भारत के आठ शहरों में सेवा शुरू, क्या बदल जाएगा

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश में 5जी मोबाइल सर्विस का औपचारिक उद्घाटन किया. प्रधानमंत्री मोदी के 5जी लॉन्च करने के बाद शनिवार से ही देश के आठ शहरों में 5जी सेवा शुरू हो गई है.

    अगले साल तक इस सेवा का विस्तार पूरे देश में करने की योजना है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में आयोजित 'इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2022' नाम के एक आयोजन में इस सेवा की शुरुआत की. इसके साथ ही 5 जी सर्विस से देश में अल्ट्रा-हाई-स्पीड इंटरनेट का रास्ता खुल जाएगा.

    औपचारिक उद्घाटन के बाद एयरटेल के चेयरमैन सुनील मित्तल ने अपनी कंपनी की 5जी सर्विस की लॉन्चिंग का एलान किया. मित्तल ने आठ शहरों में शनिवार (एक अक्टूबर) से 5जी सर्विस शुरू करने की जानकारी दी.

    जिन आठ शहरों में 5जी सर्विस शुरू की जाएगी, उनमें दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, वाराणसी का नाम शामिल है. कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि एयरटेल मार्च 2024 तक देश के हर कोने में 5जी सर्विस पहुंचा देगी.

  9. नीतीश कुमार की प्रधानमंत्री बनने की कोई इच्छा नहीं है: तेजस्वी यादव

    तेजस्वी यादव

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    बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रधानमंत्री बनने की इच्छा से जुड़ी ख़बरों का खारिज किया है.

    उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार का फोकस आने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र विपक्ष को एकजुट करने पर है.

    तेजस्वी यादव ने कहा, "वे मुख्यमंत्री हैं और हम उनके नेतृत्व में काम कर रहे हैं. उनके पास फिलहाल विपक्ष को एकजुट करने का एकमात्र एजेंडा है. प्रधानमंत्री बनने की उनकी कोई इच्छा नहीं है."

    उन्होंने कहा, "नीतिश कुमार के नेतृत्व में हमारी सरकार बखूबी चल रही है. समर्थक इस तरह का बयान देते रहते हैं. उन्होंने (नीतीश कुमार) भी स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री बनने की उनकी कोई लालसा नहीं है. इन सभी चीजों पर चर्चा करने का यह कोई समय नहीं है

    तेजस्वी यादव

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    साल 2023 में तेजस्वी यादव के मुख्यमंत्री बनने के सवाल पर तेजस्वी यादव ने कहा, "ऐसी कोई बात नहीं है. हमारी कोई लालसा नहीं है कुछ बनने की. हमारा एकमात्र लक्ष्य था कि भाजपा और आरएसएस को गद्दी से कैसे हटाने का काम करें. बिहार से हमने उन्हें हटाया और अब केंद्र से हटाना है."

    उत्तर प्रदेश की फूलपुर सीट से नीतीश कुमार के चुनाव लड़ने की चर्चाओं के बीच तेजस्वी यादव का ये बयान आया है. हालांकि इससे पहले नीतीश कुमार खुद ही इन अफवाहों को खारिज कर चुके हैं और ये साफ़ कर चुके हैं कि उनकी एकमात्र इच्छा देश में विपक्षी दलों को एकजुट करने की है.

  10. भारतीय तट रक्षा: कमर्शियल पायलट कैसे बनें?

    वीडियो कैप्शन, भारतीय तट रक्षा: भारतीय तटरक्षक में कमर्शियल पायलट कैसे बनें?

    अगर आप भारतीय तटरक्षक सेवा में कमर्शियल पायलट बनना चाहती हैं तो ये वीडियो ख़ासतौर पर आपके लिए है.

    इस वीडियो में आपको पता चलेगा कि कमर्शियल पायलट लाइसेंस के लिए अप्लाई कैसे करना है?

    अप्लाई करने के लिए क्या शैक्षणिक योग्यताएं होनी चाहिए और आपको किन-किन परीक्षाओं को पास करना होता है?

  11. सऊदी अरब: क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के प्रधानमंत्री बनने के बाद अमेरिका में उठा लीगल इम्यूनिटी का मुद्दा

    सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान

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    सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अब सऊदी अरब के प्रधानमंत्री हैं. इसके साथ देश से ज़्यादा विदेशों में उनकी अहमियत और बढ़ेगी. देश के भीतर वो पहले ही काफ़ी ताक़तवर हैं.

    समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार, क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की नियुक्ति ऐसे वक़्त पर हुई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को यह तय करना है कि क्या अमेरिकी अदालतों में दायर मामलों में प्रिंस मोहम्मद पर केस चलाया जा सकता है या नहीं?

    क्राउन प्रिंस मोहम्मद के ख़िलाफ़ बीते कुछ वर्षों में विदेशों में कई मामले दर्ज हुए हैं. साल 2018 में सऊदी पत्रकार जमाल खाशोज्जी की हत्या के मामले में भी उन पर आरोप लगे जिसकी वजह से पश्चिमी देशों में उनकी छवि नकारात्मक बन गई.

    सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान

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    लीगल इम्यूनिटी

    उनके वकील ने अपनी याचिका में कहा कि वो (प्रिंस मोहम्मद) ‘सऊदी अरब की सरकार के शीर्ष पद पर हैं’ इसलिए उन्हें लीगल इम्यूनिटी मिलनी चाहिए.

    मानवाधिकार कार्यकर्ता और सरकार के आलोचकों का मानना है कि प्रिंस मोहम्मद को प्रधानमंत्री बनाना उन्हें कानून और मुकदमे से बचाने का खुला प्रयास है.

    जमाल खाशोज्जी के एनजीओ डेमोक्रेसी फॉर अरब वर्ल्ड (DAWN) की कार्यकारी निदेशक सारा लीह वाइटसन ने एएफपी से कहा कि ‘नया पद देकर उन्हें बचाने का यह आखिरी प्रयास है.’

    हालांकि इस मामले में सऊदी अरब के अधिकारियों ने कोई बयान नहीं दिया.

    वीडियो कैप्शन, रूस ने कैसे दिया सऊदी को झटका?

    अक्टूबर 2020 में जमाल खाशोज्जी की हत्या के दो साल बाद DAWN ने खाशोज्जी की मंगेतर के साथ मिलकर संयुक्त राष्ट्र में एक शिकायत देकर प्रिंस मोहम्मद पर खाशोज्जी की हत्या की ‘साजिश रचने’ का आरोप लगाया.

    आरोप में यह भी कहा गया कि इसी साजिश के तहत खाशोज्जी को अगवा करके उन्हें ड्रग्स देने और टॉर्चर करने के बाद उनकी हत्या की गई.

    बीते साल जो बाइडन ने एक खुफिया रिपोर्ट को खारिज कर दिया था जिसमें दावा किया गया था कि प्रिंस मोहम्मद ने खाशोज्जी के ख़िलाफ ऑपरेशन की अनुमति दी थी. इस आरोप से सऊदी अरब हमेशा इनकार करता रहा है.

    हालांकि सिर्फ खाशोज्जी का मामला ही नहीं है जो प्रिंस मोहम्मद के लिए अमेरिका में मुश्किलें खड़ी कर रहा है. यहां कई अन्य मामलों में भी उनका नाम शामिल है.

  12. फ्रांस को माली से वापस क्यों बुलाने पड़े सैनिक?

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    फ्रांस और अफ़्रीकी देश माली के रिश्ते उतार चढ़ाव भरे रहे हैं. माली कभी फ्रांस की कॉलोनी था.

    साल 2013 में फ्रांस ने चरमपंथियों से लड़ाई में मदद के लिए अपने सैनिकों को माली भेजा लेकिन इस साल फ्रांस ने सैनिकों को वापस बुला लिया.

    आखिर ऐसा क्या हुआ कि फ्रांस को माली से बाहर निकलना पड़ा.

    दुनिया जहान में इसी की पड़ताल.

  13. ब्रेकिंग न्यूज़, मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में विपक्ष के नेता पद से दिया इस्तीफ़ा

    मल्लिकार्जुन खड़गे

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    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने पार्टी अध्यक्ष पद के लिए नोमिनेशन फ़ाइल करने के एक दिन बाद राज्यसभा में विपक्ष के नेता पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, 80 वर्षीय मल्लिकार्जुन खड़गे ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपना त्यागपत्र शुक्रवार रात को भेजा है.

    खड़गे के इस्तीफ़े को इसी साल मई में उदयपुर में आयोजित कांग्रेस के 'चिंतन शिविर' में घोषित 'एक व्यक्ति, एक पद' की नीति के मुताबिक़ देखा जा रहा है.

    माना जा रहा है कि खड़गे के इस्तीफे के बाद राज्यसभा में विपक्ष के नेता पद की दौड़ में वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम और दिग्यविजय सिंह का नाम सबसे ऊपर लिया जा रहा है.

  14. सड़कों पर लोगों को हंसाते जोकरों की दर्दभरी कहानी

    वीडियो कैप्शन, सड़कों पर लोगों को हंसाते जोकरों की दर्दभरी कहानी

    पवन प्रताता एक बहरूपिये का काम करते हैं. दिन ढलते ही वो सड़क पर, अपना चेहरा पोत कर, पहाड़गंज इलाके के बार और नाइट क्लब्स में लोगों को बुलाना शुरू कर देते हैं.

    इस काम के लिए उन्हें 500- 600 रुपये प्रतिदिन तक मिलते हैं. राज कपूर को अपना गुरु मानने वाले पवन पेशे से कॉमेडियन बनना चाहते हैं.

  15. डिजिटल इंडिया पर बोले पीएम मोदी- हमने फोर पिलर्स पर एक साथ फोकस किया...

    पीएम मोदी

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश में 5जी सेवाओं की शुरुआत की. इस मौके पर उन्होंने कहा कि 5जी के साथ भारत ने नया इतिहास रच दिया है. 5जी के साथ भारत पहली बार टेलीकॉम टेक्नोलॉजी में ग्लोबल स्टैंडर्ड तय कर रहा है.

    उन्होंने कहा, "आज देश की ओर से, देश की टेलीकॉम इंडस्ट्री की ओर से, 130 करोड़ भारतवासियों को 5जी के तौर पर एक शानदार उपहार मिल रहा है. 5जी, देश के द्वार पर नए दौर की दस्तक है. 5जी, अवसरों के अनंत आकाश की शुरुआत है. मैं प्रत्येक भारतवासी को इसके लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं."

    "नया भारत, टेक्नॉलजी का सिर्फ़ कंज्यूमर बनकर नहीं रहेगा बल्कि भारत उस टेक्नॉलजी के विकास में, उसके अमल में सक्रिय भूमिका निभाएगा. भविष्य की वायरलेस टेक्नोलॉजी को डिजाइन करने में, उस से जुड़ी मैनुफैक्चरिंग में भारत की बड़ी भूमिका होगी. 2जी, 3जी, 4जी के समय भारत टेक्नोलॉजी के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहा."

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    "लेकिन 5जी के साथ भारत ने नया इतिहास रच दिया है. 5जी के साथ भारत पहली बार टेलीकॉम टेक्नोलॉजी में ग्लोबल स्टैंडर्ड तय कर रहा है. डिजिटल इंडिया की बात करते हैं तो कुछ लोग समझते हैं ये सिर्फ एक सरकारी योजना है. लेकिन डिजिटल इंडिया सिर्फ एक नाम नहीं है, ये देश के विकास का बहुत बड़ा विज़न है."

    "इस विज़न का लक्ष्य है उस टेक्नोलॉजी को आम लोगों तक पहुंचाना जो लोगों के लिए काम करे, लोगों के साथ जुड़कर काम करे. हमने फोर पिलर्स पर, चार दिशाओं में एक साथ फोकस किया. पहला, डिवाइस की कीमत. दूसरा, डिजिटल कनेक्टिविटी. तीसरा, डेटा की कीमत. चौथा, और सबसे जरूरी, 'डिजिटल फर्स्ट' की सोच."

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    "साल 2014 में जीरो मोबाइल फोन निर्यात करने से लेकर आज हम हजारों करोड़ के मोबाइल फोन निर्यात करने वाले देश बन चुके हैं. स्वाभाविक है इन सारे प्रयासों का प्रभाव डिवाइस की कीमत पर पड़ा है। अब कम कीमत पर हमें ज्यादा फीचर्स भी मिलने लगे हैं."

    "जैसे सरकार ने घर-घर बिजली पहुंचाने की मुहिम शुरू की, जैसे हर घर जल अभियान के जरिए हर किसी तक साफ पानी पहुंचाने के मिशन पर काम किया, जैसे उज्जवला योजना के जरिए गरीब से गरीब आदमी के घर में भी गैस सिलेंडर पहुंचाया. वैसे ही हमारी सरकार इंटरनेट फॉर ऑल के लक्ष्य पर काम कर रही है."

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    "एक वक्त था जब इलीट क्लास के कुछ मुट्ठी भर लोग गरीब लोगों की क्षमता पर संदेह करते थे. उन्हें शक था कि गरीब लोग डिजिटल का मतलब भी नहीं समझ पाएंगे. लेकिन मुझे देश के सामान्य लोगों की समझ पर, उसके विवेक पर, उसके जिज्ञासु मन पर हमेशा भरोसा रहा है. सरकार ने खुद आगे बढ़कर डिजिटल पेमेंट्स का रास्ता आसान बनाया."

    "सरकार ने खुद ऐप के जरिए सिटिज़न सेंट्रिक डिलेवरी सर्विस को बढ़ावा दिया. बात चाहे किसानों की हो, या छोटे दुकानदारों की, हमने उन्हें ऐप के जरिए रोज की जरूरतें पूरी करने का रास्ता दिया. आज हमारे छोटे व्यापारी हों, छोटे उद्यमी हों, लोकल कलाकार और कारीगर हों, डिजिटल इंडिया ने सबको मंच दिया है, बाजार दिया है."

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    "आज आप किसी लोकल मार्केट में या सब्जी मंडी में जाकर देखिए, रेहड़ी-पटरी वाला छोटा दुकानदार भी आपसे कहेगा, कैश नहीं यूपीआई कर दीजिए. हमारी सरकार के प्रयासों से भारत में डेटा की कीमत बहुत कम बनी हुई है. ये बात अलग है कि हमने इसका हल्ला नहीं मचाया, बड़े-बड़े विज्ञापन नहीं दिए. हमने फोकस किया कि कैसे देश के लोगों की सहूलियत बढ़े, ईज़ ऑफ़ लिविंग बढ़े."

  16. बाहुबली और सिंघम जैसी फ़िल्में इन कलाकारों के बिना बेदम रह जातीं

    वीडियो कैप्शन, बाहुबली और सिंघम जैसी फ़िल्में इन कलाकारों के बिना बेदम रह जातीं

    फॉली आर्टिस्ट वो कलाकार होते हैं जो फ़िल्मों में इस्तेमाल होने वाली दैनिक चीज़ों की आवाज़ को आवाज़ देते हैं. ये कलाकार पर्दे के पीछे रहकर हर उस चीज़ की आवाज़ बनते हैं जो हमें पर्दे पर दिखाई देती हैं.

    मसलन, बाहुबली में घोड़े का दौड़ने की आवाज़, तलवारों के टकराने की आवाज़, पायल की आवाज़, पंछियों के उड़ने की आवाज़. ये काम सुनने में जितना रोचक लग रहा है, उसे पर्दे के लायक एक साकार रूप दे पाना उतना ही मुश्किल है.

  17. हैदराबाद गैंग रेप केस: जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड का बड़ा फ़ैसला, चार नाबालिग अभियुक्त वयस्क करार

    अपराध

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    इमेज कैप्शन, प्रतीकात्मक तस्वीर

    हैदराबाद में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने यौन उत्पीड़न के मामले में पांच में से चार नाबालिग अभियुक्तों को बालिग घोषित कर दिया है. एक नाबालिग को फिलहाल सीसीएल (चाइल्ड कॉन्फ्लिक्ट विद लॉ) की प्रक्रिया में रखा गया है.

    ये नाबालिग असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के एक विधायक का बेटा है.

    यह फ़ैसला कई सुनवाईयों, विशेषज्ञों की सलाह और डॉक्टरों के द्वारा किए गए टेस्ट के बाद लिया गया है.

    यह घटना मई 2022 की है. सभी अभियुक्तों ने पीड़िता को एक पब में पार्टी के बाद घर छोड़ने के लिए मनाया था.

    मामले में नामजद छह अभियुक्तों में से पांच ने चलती कार में पीड़िता का यौन शोषण किया.

    पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट दायर कर दी है. अपराध में शामिल छह अभियुक्तों में से एक को पहले की वयस्क घोषित कर दिया गया था.

  18. सकीना ख़ुद सुन नहीं सकतीं, लेकिन वो सैकड़ों की हैं आवाज़

    वीडियो कैप्शन, सकीना ख़ुद सुन नहीं सकतीं, लेकिन वो सैकड़ों की आवाज़ हैं

    विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, दुनियाभर में पांच फ़ीसद आबादी किसी ना किसी रूप में सुनने की समस्या से पीड़ित है.

    दुनिया भर में क़रीब 1.5 अरब लोग सुनने में अक्षम हैं और ऐसी आशंका है कि साल 2030 तक यह संख्या बढ़कर 2.5 अरब तक पहुंच जाएगी.

    पाकिस्तान में कितने लोगों को सुनने की समस्या है, इसके सटीक आंकड़े तो उपलब्ध नहीं हैं लेकिन एक मोटा-मोटी अनुमान के अनुसार, पाकिस्तान में क़रीब दस से पंद्रह लाख लोग बधिर हैं.

    साइन लैंग्वेज की सर्विस की कमी के कारण इनमें से ज़्यादातर लोग उपेक्षित जीवन जी रहे हैं. लेकिन अब इसी कम्युनिटी के कुछ लोगों ने इसका समाधान खोज निकाला है.

  19. गांधी जयंती से पहले संयुक्त राष्ट्र में 'महात्मा गांधी ने दिया ये संदेश'

    गांधी जयंती

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    विश्व अहिंसा दिवस और गांधी जयंती के मौके पर संयुक्त राष्ट्र में 'महात्मा गांधी की विशेष झलक' दिखी. इस दौरान 'उन्होंने शिक्षा को लेकर संदेश' दिया.

    संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित एक पैनल डिस्कशन के दौरान महात्मा गांधी का होलोग्राम प्रोजेक्टर के जरिए दिखाया गया.

    इसका आयोजन शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र में भारत के कार्यालय और महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ़ एजुकेशन फॉर पीस एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट (MGIEP) ने किया.

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    दो अक्टूबर को गांधी जयंती के मौके पर अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस मनाया जाता है.

    इसके लिए जून 2007 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रस्ताव पास किया गया था. जिसमें ‘शिक्षा और सार्वजनिक जागरूकता के जरिए अहिंसा का संदेश फैलाने’ का प्रण लिया गया.

    इस प्रस्ताव में दुनियाभर में शांति, सहिष्णुता, समझ और अहिंसा की भावना बनाए रखने और अहिंसा के सिद्धांत पर चलने का लक्ष्य रखा गया.

  20. इसराइल यूएई के साथ किस तरह से बढ़ा रहा है कारोबार

    इसराइल में यूएई के राजदूत मोहम्मद अल खाजा तेल अवीव स्टॉक एक्सचेंज की घंटी बजाते हुए

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    इमेज कैप्शन, इसराइल में यूएई के राजदूत मोहम्मद अल खाजा तेल अवीव स्टॉक एक्सचेंज की घंटी बजाते हुए

    मोहम्मद अल खाजा तेल अवीव स्टॉक एक्सचेंज की घंटी बजाकर कारोबार की शुरुआत करते हैं. उनके घंटी बजाते ही शीशे की चमकदार इमारत में सुनहरी परत उतरती चली जाती है.

    इसके बाद जैसे ही इसराइल में संयुक्त अरब अमीरात के दूत मोहम्मद अल खाजा एक्सचेंज के बॉस इताई बेन ज़ीव और संयुक्त अरब अमीरात के वित्तीय केंद्र अबु धाबी ग्लोबल मार्केट के सीईओ अहमद अल ज़ाबी के साथ हाथ मिलाते हैं, तालियों की गड़गड़ाहट गूंजने लगती है.

    ये इसराइल के मुख्य स्टॉक एक्सचेंज की कोई सामान्य शुरुआत नहीं थी. बल्कि ये लगातार मज़बूत हो रहे इसराइल और संयुक्त अरब अमीरात के कारोबारी रिश्तों में एक और मील का पत्थर था.

    दो साल पहले अमेरिका की मध्यस्थता में संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन ने इसराइल के साथ ऐतिहासिक समझौता किया था जिसे 'अब्राहम समझौता' कहा जाता है.