अंकिता भंडारी मर्डर केस- वो सवाल जिनके जवाब मिलने बाकी हैं

इमेज स्रोत, SHAHBAZ/BBC
उत्तराखंड के अंकिता भंडारी हत्याकांड में लगातार नई बातें सामने आ रही हैं और साथ ही पुलिस की जाँच को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं.
हालाँकि 24 सितंबर को जब अंकिता का शव मिला था, तब राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा था कि सभी अभियुक्तों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की गई है. उन्होंने ये भी कहा था कि रिज़ॉर्ट सरकारी वन भूमि पर है उसके ध्वस्तीकरण (ढहाने) की कार्रवाई भी चल रही है.
लेकिन रिज़ॉर्ट पर बुलडोज़र चलाए जाने को लेकर अंकिता के परिवार ने ही सवाल उठाए थे. परिवार वालों का कहना था कि अंकिता जिस कमरे में रहती थी, वहाँ से कई सबूत मिल सकते थे, लेकिन उसे ढहा दिया गया.
बुलडोज़र किसने चलवाया?
हालाँकि, मुख्यमंत्री धामी ने अपनी प्रेस कॉन्फ़्रेंस में रिज़ॉर्ट को ढहाने की कार्रवाई की बात की थी, लेकिन अभी तक ज़िला प्रशासन को ठीक-ठीक पता ही नहीं है कि ये कार्रवाई की किसने?
कांग्रेस नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आरोप लगाया, "अंकिता हत्याकांड मामले में पुलिस प्रशासन की शुरू से लापरवाही दिख रही है. अंकिता का शव खोजने में देरी की गई, कहीं ये साक्ष्य मिटाने की कोशिश तो नहीं. रिज़ॉर्ट पर भी बुलडोज़र तुरंत चलवा दिया गया जबकि वहां से कई सबूत जुटाए जा सकते थे."















