वेदांता-फॉक्सकॉन प्लांट को लेकर राज ठाकरे और कांग्रेस ने उठाए सवाल

सेमीकंडर बनाने वाली दुनिया की जानी मानी कंपनी फॉक्सकॉन और खनन के लिए जानी जाने वाली भारत की कंपनी वेदांता के बीच आज गुजरात में फैक्ट्री लगाने को लेकर अहम समझौते पर दस्तख़त हुए.

लाइव कवरेज

ब्रजेश मिश्र and प्रेरणा .

  1. जम्मू कश्मीर समेत 33 जगहों पर सीबीआई की छापेमारी, क्या है वजह?

    सीबीआई

    सीबीआई ने मंगलवार को जम्मू कश्मीर में 33 जगहों पर छापेमारी कर रही है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सीबीआई जम्मू-कश्मीर स्टाफ़ सेलेक्शन बोर्ड के पूर्व चेयरमैन ख़ालिद जहांगीर और परीक्षा नियंत्रक अशोक कुमार के ठिकानों पर भी जांच कर रही है.

    सीबीआई की ये जांच जम्मू, श्रीनगर के अलावा हरियाणा के करनाल, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी और गुजरात के गांधीनगर, दिल्ली, गाज़ियाबाद और बंगलुरु में चल रही है.

    समाचार एजेंसी के मुताबिक, ये छापेमारी जम्मू-कश्मीर में भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए हो रही है.

    आरोप है कि जम्मू कश्मीर में सब इंस्पेक्टर पद की भर्ती की लिखित परीक्षा में धांधली हुई थी.

    परीक्षा में धांधली की जांच के लिए गठित की गई टीम के उपराज्यपाल को रिपोर्ट सौंपने के बाद तीन दिन बाद भर्ती रद्द करने का आदेश जारी किया गया था. साथ ही सीबीआई को इस मामले की जांच सौंपी गई थी.

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

    दूसरे बार हो रही है छापेमारी

    इससे पहले 5 अगस्त को भी सीबीआई ने कई जगहों पर छापेमारी की थी और इस दौरान कई दस्तावेज़, ओएमआर शीट, एप्लिकेशन फॉर्म जब्त किए थे.

    इस साल मार्च में जम्मू-कश्मीर स्टाफ़ सलेक्शन बोर्ड ने सब-इंस्पेक्टर का एग्ज़ाम कराया. 4 जून को इस एग्ज़ाम के नतीजे आए और 1200 लोगों की भर्ती हुई. लेकिन इसे साथ ही परीक्षा में धांधली की बात सामने आने लगी.

    आरोप लगे कि इस परीक्षा में एक ही परिवार के कई लोगों की भर्तियां हो गईं. वहीं जम्मू से लोगों की भर्ती ज़्यादा हुई और मेरिट लिस्ट में कश्मीर के लोग बहुत कम रहे.

    अनियमितताओं की बात सामने आने पर जम्मू-कश्मीर उपराज्यपाल प्रशासन ने जांच के आदेश दिए और इस जांच में धांधली की पुष्टि हुई. और परीक्षा रद्द कर दी गई.

    ये परीक्षा बंगलुरु की एक कंपनी जेकेएसएसबी के साथ मिल कर थर्ड-पार्टी के तौर पर कंडक्ट करा रही थी.

  2. गु़लाम नबी के आर्टिकल 370 पर बयान से महबूबा मुफ़्ती असहमत, क्या कहा?

    जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती

    इमेज स्रोत, Getty Images

    जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने कहा है कि उनकी पार्टी अनुच्छेद 370 को फिर से लागू करने और अन्याय को ख़त्म करने के लिए लड़ेगी.

    महबूबा मुफ़्ती का ये बयान तब आया है जब पूर्व कांग्रेस नेता ग़ुलाम नबी आज़ाद ने अनुच्छेद 370 को वापस लाने के वादे करने वाले नेताओं को आड़े हाथों लिया था.

    दरअसल ग़ुलाम नबी आज़ाद ने कहा था, ‘‘मैं झूठे वादों के दम पर वोट नहीं मांगूंगा. मैं वही बात करूंगा जो हासिल की जा सकती है, भले ही इससे मुझे चुनाव में नुक़सान हो. मैं लोगों से अनुच्छेद 370 फिर से लागू करने का झूठा वादा नहीं कर सकता क्योंकि इसके लिए संसद में दो तिहाई बहुमत की ज़रूरत पड़ेगी और फिलहाल ये करने के लिए कोई राजनीतिक दल इस स्थिति में नहीं.’’

    इस पर महबूबा मुफ़्ती ने प्रतिक्रिया में कहा, ‘‘आज़ाद साहब के विचार अलग हो सकते हैं. बीजेपी के विचार अलग हो सकते हैं. इस पर मैं क्या करूं. हमारा नज़रिया स्पष्ट है. हम अन्याय को ख़त्म करेंगे.’’

  3. स्मृति इरानी राहुल पर दावा कर घिरीं, बीजेपी ने साधी चुप्पी

  4. उमेश कोल्हे मर्डर केस: अभियुक्त अहमद की सूचना देने वाले को दो लाख रुपये देगी NIA

    उमेश कोल्हे मर्डर केस

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने महाराष्ट्र के अमरावती में उमेश कोल्हे मर्डर केस के अभियुक्त शाहीम अहमद फिरोज़ अहमद के बारे में कोई भी जानकारी देने वालों को दो लाख रुपये के इनाम की घोषणा की है.

    22 साल के अभियुक्त अहमद का घर महाराष्ट्र के अमरावती में है और हत्या के मामले में दो महीने पहले केस दर्ज होने के बाद से वो फरार है.

    एजेंसी के अधिकारियों ने पीटीआई को बताया, ‘‘एनआईए ने अहमद की गिरफ्तारी में मदद करने वाली सूचना देने वाले को दो लाख रुपये के नकद इनाम की घोषणा की है.’’

    जांच एजेंसी इस मामले में अब तक 10 लोगों को गिरफ़्तार कर चुकी है.

    क्या है पूरा मामला

    अमरावती में 21 जून को कोल्हे की हत्या कर दी गई थी. उन्होंने पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी करने वाली निलंबित बीजेपी नेता नूपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था.

    उमेश कोल्हे की अमरावती तहसील कार्यालय के पास एक मेडिकल शॉप है.

    21 जून की रात वो अपनी दुकान बंद कर के घर चले गए थे. 51 वर्षीय उमेश कोल्हे एक गाड़ी में थे जबकि दूसरी गाड़ी में उनका बेटा संकेत और पत्नी वैष्णवी थी.

    उमेश कोल्हे मर्डर

    रात करीब साढ़े दस बजे चार-पांच हमलावरों ने उन्हें पकड़ लिया, चाकू से उमेश का गला काट दिया और फरार हो गए.

    उमेश के बेटे संकेत ने उन्हें पास के एक निजी अस्पताल में पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

    हमले के वक्त उमेश कोल्हे की जेब में 35 हजार रुपये नकद थे. लेकिन हमलावरों ने उसे छुआ तक नहीं. इसलिए हत्या पैसे लूटने के लिए नहीं की गई थी, शुरुआती जांच में यह स्पष्ट था.

    वॉट्सऐप की वायरल पोस्ट

    दवा की दुकान चलाने वाले उमेश कोल्हे 'ब्लैक फ्रीडम' नाम के एक व्हॉट्सऐप ग्रुप के सक्रिय सदस्य थे.

    इस ग्रुप में हिन्दू समर्थक पोस्ट शेयर किए जाते थे. कुछ दिन पहले उमेश कोल्हे ने भी नूपुर शर्मा के विवादित बयान के समर्थन में यहां एक पोस्ट किया था.

    अमरावती पुलिस को संदेह है कि वही पोस्ट समूह के बाहर वायरल हो गया होगा. उमेश कोल्हे पर इसलिए हमला किया गया था क्योंकि उन्होंने 'गलती से' इसे एक मुस्लिम समूह को भेज दिया था.

    एनआईए ने दो जुलाई को गृह मंत्रालय के निर्देशों पर आईपीसी की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश), 302 (हत्या), 153-ए (अलग-अलग समुदायों के बीच विद्वेष फैलाना) और यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया था.

  5. स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का नहीं हुआ दाह संस्कार, भू-समाधि क्यों?

  6. गहलोत सरकार के मंत्री का सचिन पायलट पर तंज - 'मुझ पर जूता फिंकवाकर CM बनें तो जल्दी बन जाएं'

      • Author, मोहर सिंह मीणा
      • पदनाम, जयपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए
    अशोक चाँदना

    इमेज स्रोत, @AshokChandnaINC

    राजस्थान में अजमेर ज़िले के पुष्कर मेला स्टेडियम में सोमवार को अशोक गहलोत सरकार के मंत्रियों को मोस्ट बैकवर्ड क्लास (एमबीसी) वर्ग के लोगों का ख़ासा विरोध झेलना पड़ा है. खेल मंत्री अशोक चांदना के मंच से भाषण देने के दौरान लोगों ने उनका विरोध किया.

    लोगों ने मंच की ओर जूते-चप्पल उछाले और सचिन पायलट के समर्थन में नारेबाजी की. मंत्री चांदना ने लोगों का विरोध देखते हुए मंच से कहा, "मैंने बहुत देखे हैं तुम्हारे जैसे", जिसके बाद लोगों ने विरोध और तेज़ किया.

    इस घटना के बाद सोमवार रात खेल मंत्री अशोक चांदना ने सचिन पायलट को लेकर एक ट्वीट किया है, जिसके बाद से विवाद और बढ़ गया है.

    मंत्री चांदना ने ट्वीट किया, 'मुझ पर जूता फिंकवाकर सचिन पायलट यदि मुख्यमंत्री बनें तो जल्दी से बन जाएं क्योंकि आज मेरा लड़ने का मन नहीं है.'

    'जिस दिन मैं लड़ने पर आ गया तो फिर एक ही बचेगा और यह मैं चाहता नहीं हूँ.'

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

    पुष्कर के मेला स्टेडियम में गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला की अस्थियों के विसर्जन कार्यकम से पहले एक सभा हो रही थी. इस सभा में एमबीसी वर्ग में शामिल गुर्जर, रेबारी, बंजारा, गाड़िया लुहार, देवासी, राइका, गड़रिया, गाडरी, गायरी समाज के लोग मौजूद थे.

    सभा में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष, उप नेता प्रतिपक्ष, राज्य सरकार में मंत्री अशोक चांदना, शकुंतला रावत, सीएम अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत समेत कई नेताओं की मौजूदगी में कांग्रेस सरकार के मंत्री अशोक चांदना को लोगों का विरोध झेलना पड़ा.

    पुलिस-प्रशासन ने खेल मंत्री अशोक चांदना, देवस्थान मंत्री शकुंतला रावत और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत को कड़ी सुरक्षा के बीच कार्यक्रम स्थल से निकाला.

  7. ज्ञानवापी मामले में अदालत के फ़ैसले को मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने बताया 'निराशाजनक और दुखदाई'

    ज्ञानवापी मस्जिद मामला

    इमेज स्रोत, Getty Images

    ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने सोमवार को ज्ञानवापी मस्जिद मामले में वाराणसी ज़िला अदालत के फ़ैसले को ‘निराशाजनक और दुखदाई’ बताया है.

    इसके साथ ही सरकार के अपील की है वो उपासना स्थल क़ानून 1991 को पूरी तरह लागू करे.

    ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना ख़ालिद सैफ़ुल्लाह रहमानी के हवाले से जारी एक बयान में कह गया है कि ‘‘1991 में बाबरी मस्जिद विवाद के बीच संसद ने मंजूरी दी थी कि बाबरी मस्जिद को छोड़कर सभी धार्मिक स्थल 1947 में जिस स्थिति में थे उन्हें यथास्थिति रखा जाएगा और इसके ख़िलाफ़ कोई विवाद मान्य नहीं होगा. बाबरी मस्जिद मामले के फ़ैसले में सुप्रीम कोर्ट ने भी इस कानून का ज़िक्र किया और इसे अनिवार्य घोषित कर दिया.’’

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

    बोर्ड का कहना है कि सरकार 1991 के इस कानून को पूरी ताक़त से लागू करे और सभी पक्षों को इसका पालन करना चाहिए.

    दरअसल, वाराणसी की ज़िला अदालत ने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में देवी देवताओं की पूजा की मांग को लेकर की गई पांच महिलाओं की याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है.

    इस मामले में अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी. इसी दिन मुस्लिम पक्ष को जवाब दाख़िल करने को भी कहा गया है.

  8. तेलंगाना: शोरूम में लगी आग में छह की मौत, मोदी ने किया दो लाख मुआवज़े का एलान

    सिकंदराबाद

    इमेज स्रोत, ANI

    तेलंगाना के सिकंदराबाद के एक इलेक्ट्रिक स्कूटर शोरूम में लगी आग में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई है. पीएम मोदी ने हादसे पर दुख जताते हुए मुआवज़े का एलान किया है.

    समाचार एजेंसियों के अनुसार आग होटल की ग्राउंड फ़्लोर पर मौजूद इलेक्ट्रिक स्कूटर शोरूम में लगी थी.

    हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर सीवी आनंद से एएनआई को बताया है कि आग के बाद निकलने वाले धुएं से होटल की पहली और दूसरी मंज़िल पर रहने वालों के लिए मुसीबत बनी है.

    सीवी आनंद ने कहा, "कुछ लोगों ने बिल्डिंग से छलांग लगा दी. उन्हें स्थानीय लोगों ने बचाया. इन लोगों को अस्पताल पहुँचाया गया."

    उन्होंने कहा, ‘‘आग लगने के कारणों का पता नहीं चला है. हमेंलगता है कि शॉर्ट सर्किट या फिर इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी ज़्यादा चार्ज होने की वजह भी आग लगने की आशंका है. घटना के वक़्त होटल में 23 लोग थे. इनमें से अधिकतर कारोबारी हैं. मरने वाले छह लोगों में से एक महिला है. जान बचाने के लिए कुछ लोगों ने होटल से छलांग लगा दी.’’

    उन्होंने बताया कि हालात फिलहाल नियंत्रण में हैं.

    छोड़िए X पोस्ट, 1
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 1

    इस हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है. एक ट्वीट कर पीएम मोदी ने कहा, "सिकंदराबाद में आग के कारण हुई मौतों से दुखी हूँ. में परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूँ. घायलों के जल्द रिकवर करने की कामना करता हूँ. मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राहतकोष से दो लाख रुपए दिए जाएंगे. घायलों को भी 50 हज़ार दिए जाएंगे."

    छोड़िए X पोस्ट, 2
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 2

  9. यूपी की अदालत ने पत्रकार सिद्दीक़ कप्पन की रिहाई के दिए आदेश, सुप्रीम कोर्ट से मिली थी ज़मानत

    सिद्दीक़ कप्पन

    इमेज स्रोत, @SANAMWAZIR

    उत्तर प्रदेश की एक अदालत ने पत्रकार सिद्दीक़ कप्पन की रिहाई के आदेश जारी कर दिए हैं.

    उन्हें अक्तूबर 2020 को उस वक़्त गिरफ़्तार कर लिया गया था जब वे हाथरस में एक दलित लड़की के बलात्कार के मामले को कवर करने जा रहे थे.

    बाद में उस लड़की की मौत हो गई थी. केरल के रहने वाले कप्पन को हाल ही में सुप्रीम कोर्ट से ज़मानत मिली थी.

    पत्रकार कप्पन और तीन अन्य लोगों को मथुरा पुलिस ने 'प्रिवेंटिव पावर' के तहत हिरासत में लिया था. सीआरपीसी की धारा 151 के तहत पुलिस किसी अपराध की आशंका के कारण किसी को हिरासत में ले सकती है.

    इन चारों को छह अक्तूबर 2020 के दिन एक्ज़ेक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया और कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया.

    सात अक्तूबर को पुलिस ने इस मामले में पहली एफ़आईआर दर्ज की. इस एफ़आईआर में यूएपीए के सेक्शन 17 और 18, भारतीय दंड संहिता के सेक्शन 124A(राजद्रोह), 153A(दो समूहों के बीच वैमनस्य बढ़ाने), 295A(धार्मिक भावनाएं आहत करने) और आईटी एक्ट के सेक्शन 62, 72, 76 लगाए गए थे.

  10. रूस-यूक्रेन युद्ध: ज़ेलेंस्की का दावा- यूक्रेनी सेना ने रूसी सैनिकों को पीछे धकेला

    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की

    इमेज स्रोत, Getty Images

    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने दावा किया है कि यूक्रेनी सेना ने रूसी सेना के कब्ज़े से और अधिक क्षेत्र को वापस छीना है.

    वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेनी सेनाओं ने सितंबर से पूर्व और दक्षिण में रूस के कब्ज़े से 6000 वर्ग किलोमीटर से ज़्यादा ज़मीन दोबारा अपने नियंत्रण में ली है.

    बीबीसी इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता.

    रूस ने उत्तर-पूर्वी खारकीएव क्षेत्र में महत्वपूर्ण शहरों से कब्ज़ा खोने की बात स्वीकार की है. कई सैन्य विशेषज्ञ इसे युद्ध में महत्वपूर्ण मोड़ मान रहे हैं.

    रूस का कहना है कि वो यूक्रेन के पूर्व में लुहांस्क और दोनेत्स्क पर ध्यान केंद्रित करते हुए अपनी सेनाओं को ‘फिर एकजुट’ करेगा.

    हालांकि युद्ध में रूस के पिछड़ने की ख़बरों को लेकर अपने ही देश में पुतिन की आलोचना हो रही है.

    बीबीसी संवाददाता जेम्स वाटरहाउस ने कहा कि मार्च में राजधानी कीएव के पास से सेना के पीछे हटने के बाद ये रूस को एक और बड़ा झटका है.

    सोमवार को जारी एक वीडियो संदेश में राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा, ‘सितंबर की शुरुआत से अब तक, हमारे योद्धाओं ने पूर्व और दक्षिण में रूस के कब्ज़े से 6000 वर्ग किलोमीटर से अधिक ज़मीन फिर से हासिल कर ली है.’

    नमस्कार! बीबीसी हिंदी के इस लाइव पेज से जुड़ने के लिए आपका शुक्रिया. हम यहाँ आपको दिन भर की सभी बड़ी ख़बरें और लाइव अपडेट्स देते रहेंगे. यह लाइव पेज 24 घंटे उपलब्ध है. 12 सितंबर के अपडेट्स के लिए आप यहांक्लिककर सकते हैं.