ब्राजील: जंगल में 26 साल से अकेले रह रहे शख़्स की मौत

ये व्यक्ति मूल ब्राजील समुदाय की एक जनजाति के आखिरी सदस्य थे, जो जंगल में अकेले रह रहे थे. इनका नाम भी किसी को नहीं पता है.

लाइव कवरेज

प्रियंका झा and अभिनव गोयल

  1. शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पर रोक के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक सरकार से मांगा जवाब

      • Author, सुचित्र मोहंती, बीबीसी हिंदी के लिए
    हिजाब

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    शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पर प्रतिबंध को जारी रखने के कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश के ख़िलाफ़ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने अब कर्नाटक सरकार और कई अन्य से जवाब मांगा है.

    न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता की अगुवाई वाली दो जजों की पीठ ने हिजाब पर रोक बरकरार रखने वाले फ़ैसले के 167 दिनों बाद इसके ख़िलाफ़ दायर कई अर्ज़ियों पर सोमवार को सुनवाई की.

    सुनवाई के दौरान कुछ याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट से मामले को टालने की अपील की. इसपर नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा, "पहले आप तुरंत सुनवाई चाहते थे और अब आप इसे टालना चाहते हैं. हम ऐसा नहीं होने देंगे."

    सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई पाँच सितंबर तक टाल दी है.

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    इसी साल 15 मार्च को कर्नाटक हाई कोर्ट ने मुस्लिम लड़कियों की ओर से दायर याचिका को ख़ारिज करते हुए हिजाब को इस्लाम का ग़ैर-ज़रूरी हिस्सा बताया था. इन छात्राओं को हिजाब पहनकर कॉलेज में प्रवेश से रोका गया था, जिसके बाद मुस्लिम छात्राओं ने अदालत का रुख़ किया था.

    कर्नाटक हाई कोर्ट ने स्कूल यूनिफॉर्म को ज़रूरी बताया और कहा कि छात्र इसपर आपत्ति नहीं कर सकते.

    इस साल की शुरुआत में कर्नाटक के उडुपी में प्री यूनिवर्सिटी गवर्नमेंट कॉलेज से हिजाब विवाद शुरू हुआ था. इसके बाद राज्य के कई कॉलेजों में इसका असर हुआ और कई जगह हिंसक झड़पें भी देखने को मिलीं.

    सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कर्नाटक हाई कोर्ट के आदेश के ख़िलाफ़ छात्राओं को शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पहने देने जाने की मांग की गई थी.

  2. ग़ुलाम नबी आज़ाद की ये टिप्पणी प्रणब मुखर्जी की बेटी को क्यों नहीं आई पसंद?

    गुलाम नबी आज़ाद

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    हाल ही में कांग्रेस से इस्तीफ़ा देने के बाद वरिष्ठ नेता ग़ुलाम नबी आज़ाद की एक टिप्पणी को लेकर पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी और कांग्रेस नेता रहीं शर्मिष्ठा मुखर्जी ने जवाब दिया है. शर्मिष्ठा ने बीते दिनों सक्रिय राजनीति से संन्यास ले लिया था.

    दरअसल, टीवी चैनल सीएनएन-न्यूज़ 18 को दिए इंटरव्यू में पूर्व राज्यसभा सांसद ग़ुलाम नबी आज़ाद ने दावा किया है कि जब उन्हें पुरस्कार दिया गया, या दिवंगत प्रणब मुखर्जी को ही भारत रत्न से नवाज़ा गया, तो उस समय कांग्रेस से कोई भी नहीं आया. वहीं, पूर्व पीएम पीवी नरसिम्हा राव के शव को भी कांग्रेस मुख्यालय के बाहर रखा गया.

    पत्रकार पल्लवी घोष ने इंटरव्यू के दौरान ग़ुलाम नबी आज़ाद की कही इस बात को ट्वीट किया.

    इस पर पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने जवाब दिया, "बीच में बोलने के लिए माफ़ी चाहती हूँ. लेकिन बाबा को जब भारत रत्न दिया गया तो ग़ुलाम नबी आज़ाद ख़ुद नहीं आए और न ही बाद में मिलने ही आए. हालाँकि अहमद पटेल, भूपिंदर हुड्डा, शशि थरूर, आनंद शर्मा और जनार्दन द्विवेदी जैसे कुछ वरिष्ठ नेता ज़रूर समारोह में आए थे."

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    बता दें कि बीते सप्ताह शुक्रवार को ग़ुलाम नबी आज़ाद ने पाँच पन्नों की चिट्ठी में अपनी नाख़ुशी और मायूसी ज़ाहिर करते हुए कांग्रेस के सभी पदों से इस्तीफ़ा दे दिया था.

    शर्मिष्ठा मुखर्जी

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    उन्होंने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखी चिट्ठी में राहुल गांधी को अपरिक्व बताते हुए उनपर जमकर निशाना साधा था.

    आज़ाद ने सोनिया गांधी को अपने पत्र में नाम मात्र की अध्यक्ष बताया था और कहा था कि "सारे अहम फ़ैसले राहुल गांधी कर रहे हैं, बल्कि उससे भी बदतर तो ये है कि उनके सिक्योरिटी गार्ड और निजी सचिव फ़ैसले कर रहे हैं."

    ग़ुलाब नबी आज़ाद
  3. भारत के ख़िलाफ़ मैच में क्या रह गई कमी, बताया पाकिस्तान के कप्तान बाबर आज़म ने

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  4. भारत की पाकिस्तान पर जीत के बाद रवींद्र जडेजा और संजय मांजरेकर की बातचीत क्यों है चर्चा में

    रवींद्र जडेजा

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    भारत और पाकिस्तान के बीच दुबई में हुए एशिया कप मैच में भारत ने पाँच विकेट से जीत हासिल कर ली. इस टी-20 मैच में हार्दिक पंड्या और रवींद्र जडेजा के बीच हुई साझेदारी भारत के लिए काफ़ी अहम साबित हुई.

    दोनों खिलाड़ियों के बीच 52 रनों की साझेदारी हुई और आख़िरकार भारत ये मैच जीत गया.

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    आख़िरी ओवर में छक्का लगाने की कोशिश में जडेजा आउट हो गए. लेकिन उन्होंने सर्वाधिक 35 रनों की पारी खेली. विराट कोहली ने भी 35 रन बनाए और हार्दिक पंड्या ने 33 रनों की पारी खेली.

    मैच के बाद पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर संजय मांजरेकर से रवींद्र जडेजा की बातचीत ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा.

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    बातचीत शुरू करने से पहले संजय मांजरेकर ने रवींद्र जडेजा से पूछा- क्या आप मुझसे बात करने में सहज हैं? हँसते हुए रवींद्र जडेजा ने कहा- हाँ, हाँ, मुझे कोई परेशानी नहीं है. दरअसल दोनों के बीच इस सवाल जवाब के पीछे की कहानी पिछले साल संजय मांजरेकर की एक टिप्पणी से जुड़ी है.

    संजय मांजरेकर

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    संजय मांजरेकर ने 2019 के विश्व कप के दौरान जडेजा को ऐसा खिलाड़ी बताया था, जो थोड़ा-थोड़ा हर चीज़ कर लेता है. उन्होंने जडेजा को बिट्स एंड पीसेज़ प्लेयर कहा था. इस पर रवींद्र जडेजा ने संजय मांजरेकर पर काफ़ी कड़ी टिप्पणी की थी.

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    जडेजा ने ट्वीट कर लिखा था- फिर भी मैंने आपकी तुलना में दोगुने मैच खेले हैं और मैं अब भी खेल रहा हूँ. उन लोगों का सम्मान करना सीखिए, जिन्होंने उपलब्धि हासिल की है. मैंने आपकी इस तरह की टिप्पणियों के बारे में काफ़ी सुन रखा है.

    शायद इसी कारण भारत-पाकिस्तान मैच के बाद जब संजय मांजरेकर ने इंटरव्यू शुरू किया तो उन्होंने रवींद्र जडेजा से यही कहा- मेरे साथ इस समय रवींद्र जडेजा हैं. पहला सवाल, क्या आप मुझसे बात करने में सहज हैं जड्डू. इस पर जडेजा ने हँसते हुए कहा- हाँ, हाँ, मुझे कोई परेशानी नहीं.

  5. सीजेआई पद से रिटायर हुए जस्टिस एनवी रमन्ना को लेकर उमर अब्दुल्लाह ने दी ये टिप्पणी

    उमर अब्दुल्ला

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    भारत के चीफ़ जस्टिस पद से न्यायमूर्ति एनवी रमन्ना के सेवानिवृत्त होने के बाद जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्लाह ने उन पर टिप्पणी की है.

    उमर अब्दुल्लाह ने आरोप लगाया है कि जस्टिस एनवी रमन्ना ने अनुच्छेद 370 को रद्द करने के ख़िलाफ़ दायर याचिकाओं को अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया.

    केंद्र सरकार ने पाँच अगस्त, 2019 को जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को ख़त्म कर दिया था.

    उमर अब्दुल्लाह ने कुछ महीने पुरानी एक ख़बर ट्वीट की. ये ख़बर जस्टिस एनवी रमन्ना की उस टिप्पणी के बारे में थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट गर्मी की छुट्टियों के बाद याचिकाओं पर सुनवाई करेगा.

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    एनवी रमन्ना का कार्यकाल 26 अगस्त, 2022 को पूरा हो गया.

    उमर अब्दुल्लाह ने लिखा, "और फिर वह पीठ गठित किए बिना ही सेवानिवृत्त हो गए. उन्होंने बहुत आसानी से इन मामलों को अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया."

    उन्होंने लिखा, "कुछ लोगों को हैरानी होती है कि इन संस्थाओं पर भरोसा कम क्यों हो गया? शायद गंभीर मामलों से निपटने के लिए तरीक़े से इसका कुछ वास्ता है."

  6. नसीम शाह - भारत-पाकिस्तान मैच के बाद इस खिलाड़ी की हो रही है चर्चा

    नसीम शाह

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    इमेज कैप्शन, नसीम शाह

    कहा जाता है कि 'इतिहास हमेशा विजेता के दृष्टिकोण से लिखा जाता है.' लेकिन 28 अगस्त को दुबई में खेले गए भारत-पाकिस्तान मैच का ज़िक्र हारी हुई टीम के एक खिलाड़ी के ज़िक्र के बिना शायद ही पूरा हो सके.

    वो खिलाड़ी हैं पाकिस्तान के 19 साल के तेज़ गेंदबाज़ नसीम शाह. नसीम ने अपने पहले ही ओवर में जहां भारतीय प्रशंसकों के ख़ेमे में चिंता की लकीरें पैदा कर दीं, वहीं अपने आख़िरी ओवर में दुनिया के हर खेल-प्रेमी को दाद देने पर मजबूर कर दिया.

  7. अरविंद केजरीवाल आज विधानसभा में करेंगे शक्ति प्रदर्शन

    अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया

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    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपनी सरकार के शक्ति प्रदर्शन के लिए सोमवार को विधानसभा में विशेष सत्र के दौरान विश्वास मत का प्रस्ताव पेश करेंगे.

    सीएम केजरीवाल ने ख़ुद विधानसभा में कहा कि उनकी सरकार सदन में विश्वास मत प्रस्ताव लाना चाहती है ताकि दिल्ली के मतदाताओं के सामने ये साफ़ हो जाए कि बीजेपी का 'ऑपरेशन लोटस' दिल्ली में असफल हो गया है. अरविंद केजरीवाल ने इससे पहले बीजेपी पर दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार को गिराने के लिए षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया था.

    सीएम केजरीवाल ने दावा किया था कि बीजेपी ने दिल्ली की सरकार को गिराने के लिए 800 करोड़ रुपये अलग से रखे हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी 40 विधायकों को तोड़ना चाहती है और प्रति एमएलए 20 करोड़ रुपये रखे गए हैं.

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    बीते सप्ताह अरविंद केजरीवाल ने अपने घर पर सभी विधायकों की बैठक बुलाई थी. इस बैठक में कथित तौर पर आम आदमी के 62 में से 53 विधायक ही पहुँचे थे. दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने भी आरोप लगाया ता कि उन्हें भाजपा में शामिल होने का ऑफ़र मिला है और बदले में उनके ख़िलाफ़ सारे केस बंद कर दिए जाएंगे.

    हाल ही में सीबीआई ने दिल्ली की शराब नीति में कथित गड़बड़ी को लेकर मनीष सिसोदिया के घर पर छापेमारी की थी. मनीष सिसोदिया उन 15 लोगों में भी शामिल हैं, जिनके ख़िलाफ़ सीबीआई ने एफ़आईआर दर्ज की है. प्रवर्तन निदेशालय ने भी उनके ख़िलाफ़ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है.

    दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में से 62 आम आदमी पार्टी के पास हैं और आठ सीटें बीजेपी के पास हैं.

  8. नोएडाः ट्विन टावर गिराए जाने के एक दिन बाद ऐसा दिख रहा है मलबा, सामने आईं तस्वीरें

    ट्विन टावर

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    उत्तर प्रदेश के नोएडा में अवैध रूप से बनाए गए सुपरटेक के ट्विन टावरों को रविवार दोपहर गिरा दिया गया.

    सेक्टर 93ए में बनी इस इमारत को ढहाए जाने के बाद अब यहाँ पड़ा हज़ारों टन मलबे को हटाया जाएगा. माना जा रहा है कि दो टावरों को ध्वस्त करने के बाद करीब 80 हज़ार टन मलबा जमा हो गया है.

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    इस बीच देर रात तक आसपास की सोसायटी में रहने वाले करीब 100 परिवार अपने घरों में लौट आए. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार एमेराल्ड कोर्ट और एटीएस विलेज सोसायटी से 5000 लोगों को इमारत ढहाने से पहले सुरक्षित जगहों तक पहुंचाया गया था.

    ट्विन टावर

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    इमारत बनाने में नियमों के गंभीर उल्लंघन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने इन टावरों को तोड़ने का आदेश दिया था. रविवार को 3700 किलोग्राम विस्फ़ोटक के ज़रिए ये इमारत महज़ 12 सेकेंड में ढहा दी गईं.

    ट्विन टावर

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    इमारतों के 500 मीटर के दायरे में किसी को भी जाने की इजाज़त नहीं थी. इमारत ढहाए जाने के वक्त केवल सात लोग ही इसके 100 मीटर के दायरे में थे.

  9. आरजेडी नेताओं पर छापों के बाद सीबीआई के ख़िलाफ़ ये क़दम उठा सकती है बिहार सरकार

    नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव

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    बिहार में सत्तारूढ़ ‘महागठबंधन’ के नेताओं ने जांच एजेंसी सीबीआई से सामान्य सहमति वापस लेने की मांग की है. महागठबंधन ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की केंद्र सरकार राजनीति उद्देश्यों के लिए जांच एजेंसी का इस्तेमाल कर रही है.

    दिल्ली स्पेशल पुलिस एस्टैबलिशमेंट (डीएसपीई) एक्ट. 1946 की धारा 6 के तहत किसी भी राज्य में जांच के लिए सीबीआई को संबंधित राज्य सरकार से सहमति लेनी पड़ती है.

    बिहार सरकार में ये चर्चा ऐसे समय छिड़ी है जब बीते सप्ताह ही सांसद, एमएलसी सहित आरजेडी के चार बड़े नेताओं पर एक पुराने कथित घोटाले के संबंध में सीबीआई ने छापेमारी की थी.

    पहचान ज़ाहिर नहीं करने की शर्त पर आरजेडी के एक वरिष्ठ नेता ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि बिहार सरकार ने सीबीआई को दी गई सहमति को वापस लेने की दिशा में काम करना शुरू कर दिया है.

    राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने पीटीआई से कहा कि भाजपा के राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए जिस तरह केंद्रीय एजेंसियों का 'दुरुपयोग' किया जा रहा है, ऐसे में बिहार में महागठबंधन सरकार को सीबीआई को दी गई सहमति वापस ले लेनी चाहिए.

    वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) ने कहा है कि सीबीआई से सामान्य सहमति वापस लेने का यह सही समय है.

    बिहार सरकार में मंत्री और जद(यू) नेता मदन सहनी ने कहा, "जिस तरह से सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आयकर विभाग जैसी केंद्रीय एजेंसियों का विपक्षी नेताओं की छवि खराब करने के लिए दुरुपयोग किया जा रहा है, उसे बिहार के लोग देख रहे हैं और वे उचित समय पर करारा जवाब देंगे."

    इससे पहले पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, राजस्थान, पंजाब और मेघालय सहित नौ राज्य सीबीआई को दी गई सामान्य सहमति वापस ले चुके हैं.

  10. असदुद्दीन ओवैसी ने क्यों पूछा- "क्या अब घर में भी नमाज़ नहीं पढ़ सकते मुसलमान?"

    असदुद्दीन ओवैसी

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    एआईएमआईएम (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल-मुस्लिमीन) के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया है कि क्या अब भारत के मुसलमानों को घर में नमाज़ पढ़ने के लिए भी प्रशासन की मंज़ूरी लेनी पड़ेगी.

    दरअसल, उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में 24 अगस्त को दो घरों में बड़ी संख्या में लोग नमाज़ पढ़ने के लिए इकट्ठा हुए थे.

    मस्जिद की बजाय मकान में इतनी बड़ी संख्या में लोगों के नमाज़ पढ़ने पर पुलिस में शिकायत दी गई.

    इसके बाद छजलैट थाना क्षेत्र में इसको लेकर मुक़दमा दर्ज किया गया और पुलिस ने कहा है कि गिरफ़्तारी की कोशिशें जारी हैं.

    इसी मामले में समाचार एजेंसी एएनआई पर मुरादाबाद एसपी के बयान को कोट करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने सवाल किया, "कब तक मुल्क में मुसलमानों के साथ दूसरे दर्जे के शहरी का सुलूक किया जाएगा?"

    उन्होंने ट्वीट किया, "भारत में मुसलमान अब घरों में भी नमाज़ नहीं पढ़ सकते? क्या अब नमाज़ पढ़ने के लिए भी हुकूमत/पुलिस से इजाज़त लेनी होगी? को इसका जवाब देना चाहिए, कब तक मुल्क में मुसलमानों के साथ दूसरे दर्जे के शहरी का सुलूक किया जाएगा?"

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    उन्होंने अगले ट्वीट में लिखा, "समाज में कट्टरपंथ इस हद तक फैल गया है कि अब दूसरों के घरों में नमाज़ पढ़ने से भी लोगों के “जज़्बात” को ठेस पहुँच जाती है."

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