LIVE: दिल्ली के जंतर-मंतर पर किसानों की महापंचायत
LIVE: दिल्ली के जंतर-मंतर पर किसानों की महापंचायत. ज़्यादा जानकारी के साथ बीबीसी संवाददाता विनीत खरे
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पटना के मशहूर डाक बंगला चौराहा पर CTET-BTET के हज़ारों अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे थे, जब उनपर लाठीचार्ज किया गया.
प्रियंका झा and अभिनव गोयल
LIVE: दिल्ली के जंतर-मंतर पर किसानों की महापंचायत. ज़्यादा जानकारी के साथ बीबीसी संवाददाता विनीत खरे
सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फ़ैसले में ऑल इंडिया फ़ुटबॉल फ़ेडरेशन का संचालन करने वाली प्रशासकीय समिति (सीओए) को भंग कर दिया है और चुनाव भी एक सप्ताह के लिए टाल दिए हैं.
शीर्ष न्यायालय ने कहा है कि सीओए को भंग करने का आदेश इसलिए दिया जा रहा है ताकि अंतरराष्ट्रीय फ़ुटबॉल संघ फ़ीफ़ा की ओर से एआईएफ़एफ़ पर लगा प्रतिबंध वापस ले लिया जाए.
फ़ीफ़ा के प्रतिबंध की वजह से भारत से अंडर-17 महिला वर्ल्ड कप की मेज़बानी छिनने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय इवेंट में भारत के प्रतिनिधित्व पर भी रोक लग गई थी.
बीते सप्ताह बाहरी दख़ल का हवाला देते हुए भारतीय फ़ुटबॉल संघ पर प्रतिबंध लगा दिया था.
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने एआईएफ़एफ़ संचालित करने के लिए तीन सदस्यीय प्रशासकीय समिति नियुक्त की थी. लेकिन इसे फ़ीफ़ा की गाइडलाइंस के अनुसार हस्तक्षेप माना गया. इसकी वजह से फ़ीफ़ा ने भारतीय फ़ुटबॉल संघ पर प्रतिबंध लगाया.
भारतीय फ़ुटबॉल महासंघ के लिए चुनाव 28 अगस्त को होने थे. हालाँकि, अब इसे एक सप्ताह के लिए टाल दिया गया है.
इससे पहले सोमवार को पूर्व भारतीय फ़ुटबॉल ख़िलाड़ी बाइचुंग भूटिया ने ऑल इंडिया फ़ुटबॉल फ़ेडरेशन में सुधारों के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था.
भारतीय फ़ुटबॉल टीम के कप्तान रहे बाइचुंग भूटिया की मांग थी कि सीओए (सुप्रीम कोर्ट की बनाई प्रशासकों की समिति) की ओर से दिए गए संविधान के मसौदे को भारतीय फ़ुटबॉल महासंघ के नए संविधान के रूप में अपनाया जाए.
बाइचुंग भूटिया ने कहा कि यह प्राथमिकता है और खिलाड़ियों के कल्याण को बढ़ावा देता है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि अंतरराष्ट्रीय फ़ुटबॉल संघ फ़ीफ़ा की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों या अन्य किसी वजह से ये ज़रूरी सुधार टाले नहीं जा सकते.
उन्होंने याचिका में कहा है कि मौजूदा व्यवस्था को वापस लागू करने का मतलब है कि कुछ लोगों का एआईएफ़एफ़ पर अगले चार सालों के लिए कब्ज़ा हो जाएगा, जो ख़ेल के लिए नुक़सानदेह है.
बाइचुंग भूटिया ने अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ के आगामी चुनावों में अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया है.
आम आदमी पार्टी ने आबकारी नीति में कथित भ्रष्टाचार को लेकर चल रही सीबीआई जाँच को लेकर एक बार फिर से भारतीय जनता पार्टी पर हमलावर रुख अपनाया है और कहा है कि जो नेता बीजेपी में शामिल हो जाता है वो भ्रष्टाचारी नहीं रहता.
आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी का ज़िक्र करते हुए पार्टी पर हमला किया है. अधिकारी टीएमसी से बीजेपी में शामिल हुए और बीते साल नंदीग्राम सीट से विधानसभा चुनाव जीते थे.
उन्होंने कहा, "महंगाई बढ़ती रहे, लेकिन विपक्ष का कोई सवाल न उठाए. बेरोज़गार युवा सड़कों पर घूमते रहें लेकिन विपक्ष से कोई केजरीवाल उठकर प्रधानमंत्री जी से सवाल न करें. रुपया इतना बुरा कभी इतिहास में नहीं गिरा, लेकिन दिल्ली के वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया सवाल न करें. मोदी जी के कॉर्पोरेट मित्रों का 10 लाख करोड़ का एनपीए माफ़ हो जाए, कॉर्पोरेट टैक्स कम हो जाए लेकिन सवाल न उठे."
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी का पूरा अभियान शारदा चिटफ़ंट घोटाले और शुभेंदु अधिकारी के ख़िलाफ़ रहा. केंद्र में बीजेपी की सरकार आने के बाद शुभेंदु के ख़िलाफ़ छापेमारी की. 2017 में उनके ख़िलाफ़ पीएमएलए क़ानून के तहत भी मामला दर्ज हुआ और ईडी ने छापेमारी की. पूछताछ हुई और फिर उन्होंने बीजेपी ज्वाइन कर ली.
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जो शुभेंदु अधिकारी बीजेपी के लिए सबसे बड़े भ्रष्टाचारी थे, आज वो बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं.
आम आदमी पार्टी ने असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा पर कांग्रेस पार्टी में रहने के दौरान लगे आरोपों का भी ज़िक्र किया. उन्होंने कहा कि एक समय पर भारतीय जनता पार्टी ने अभियान चलाया कि सरमा ने वॉटर स्कैम में करोड़ों रुपये हड़प लिए. आज वही हिमंत बिस्व सरमा असम में भारतीय जनता पार्टी के मुख्यमंत्री हैं.
वहीं, बीजेपी की ओर से केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी आम आदमी पार्टी पर कई आरोप लगाए हैं.
अनुराग ठाकुर ने सोमवार को मीडिया से बातचीत के दौरान कहा है कि मोहल्ला क्लिनिक से मोहल्ला ठेका ही अरविंद केजरीवाल मॉडल है. मोहल्ला क्लिनिक में दवा नहीं मिली, लेकिन मोहल्ला ठेका से घर-घर शराब पहुँचाने का काम हुआ.
पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान को गिरफ़्तार किए जाने की अटकलों के बीच भारी तनाव की स्थिति बन गई है और बड़ी संख्या में उनके समर्थकों ने इमरान ख़ान के घर के बाहर डेरा डाल दिया है.
इमरान ख़ान के घर के बाहर पुलिसकर्मी भी तैनात हैं, हालाँकि उनका कहना है कि वो उन्हें गिरफ़्तार करने नहीं, बल्कि क़ानून-व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए वहाँ मौजूद हैं.
दरअसल, पाकिस्तान में पुलिस ने इमरान ख़ान के ख़िलाफ़ आतंकवाद निरोधी क़ानून के तहत मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है.
इमरान ख़ान पर शनिवार को एक रैली के दौरान पुलिस और न्यायपालिका को धमकाने का आरोप लगाया गया है.
तीस्ता सीतलवाड़ की ज़मानत याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार को नोटिस जारी किया है. तीस्ता सीतलवाड़ को 2002 के गुजरात दंगों से जुड़े मामलों में आपराधिक साज़िश रचने और धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है.
जस्टिस यूयू लति की अगुआई वाली दो सदस्यीय बेंच ने तीस्ता सीतलवाड़ की याचिका पर गुजरात सरकार को नोटिस जारी किया है. सुप्रीम कोर्ट में अब इस मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त को होगी.
सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी करते हुए कहा- याचिकाकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ को हिरासत में लिया गया था और वे अब भी हिरासत में हैं क्योंकि उनकी ज़मानत याचिका ख़ारिज हो गई थी. तीस्ता ने ज़मानत ख़ारिज करने के निचले अदालत के आदेश के ख़िलाफ़ गुजरात हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था, जहाँ इसकी सुनवाई 19 सितंबर को होनी है. इसलिए सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई है.
जस्टिस ललित ने इस मामले से अपने को अलग रखने की पेशकश की थी, क्योंकि वे सोहराबुद्दीन शेख़ एनकाउंटर केस में अभियुक्त के लिए पेश हुए थे और इस कारण वे इस मामले से अलग होना चाहते थे.
लेकिन तीस्ता सीतलवाड़ की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि उनकी मुवक्किल को इस पर कोई आपत्ति नहीं है कि जस्टिस ललित की बेंच इस पर सुनवाई कर रही है.
तीस्ता ने सुप्रीम कोर्ट में दाख़िल अपनी याचिका में कहा है कि विशेष जाँच टीम (एसआईटी) ने उन्हें इस मामले में अभियुक्त नहीं कहा है. उनका आरोप है कि गुजरात की सरकार उन्हें इसलिए निशाना बना रही है क्योंकि उन्होंने 2002 के दंगों के मामलों में पीड़ितों का सहयोग किया था.
एशिया कप टी-20 टूर्नामेंट से पहले पाकिस्तान को तगड़ा झटका लगा था, जब तेज़ गेंदबाज़ शाहीन शाह अफ़रीदी घायल होने के कारण प्रतियोगिता से बाहर हो गए थे.
शाहीन शाह अफ़रीदी पाकिस्तान के लिए कई मौक़ों पर काफ़ी अहम साबित हुए हैं. एशिया कप के अंतर्गत भारत और पाकिस्तान का मैच 28 अगस्त हो होना है.
अब पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफ़दीरी ने ट्विटर पर शाहीन के घायल होने पर टिप्पणी की है, जो ख़ूब वायरल हो रही है. रविवार रात ट्विटर पर लोगों के सवालों के जवाब दे रहे शाहिद अफ़रीदी से शाहीन शाह अफ़रीदी के घायल होने पर सवाल पूछा गया था.
उसके जवाब में शाहिद अफ़रीदी ने कहा- मैंने उसको पहले भी मना किया था कि डाइव मत मारें, इंजरी हो सकती है. आप फ़ास्ट बॉलर हो. लेकिन बाद में मैंने ये समझा कि वो भी अफ़रीदी है.
दो दिन पहले पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और कोच रहे वक़ार यूनुस ने भी ट्वीट कर लिखा- शाहीन का घायल होना भारतीय टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज़ों के लिए बड़ी राहत की बात है. अफ़सोस कि हम शाहीन को एशिया कप 2022 में नहीं देख पाएँगे.
मुंबई की विशेष पीएमएलए कोर्ट ने शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत की न्यायिक हिरासत की अवधि 5 सितंबर तक के लिए बढ़ा दी है. संजय राउत को प्रवर्तन निदेशालय ने पात्रा चॉल ज़मीन घोटाले के आरोप में जुलाई में गिरफ़्तार किया था.
पिछले दिनों ईडी ने संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत को भी पूछताछ के लिए समन जारी किया था. कुछ महीने पहले ईडी ने वर्ष राउत और संजय राउत के दो अन्य सहयोगियों की 11 करोड़ की संपत्ति जब्त की थी.
ईडी का आरोप है कि मुंबई के गोरेगाँव में पात्रा चॉल के पुनर्निर्माण के मामले में 1000 करोड़ के घोटाले में संजय राउत और उनके सहयोगी शामिल हैं. संजय राउत ने कई मौक़ों पर इन आरोपों से इनकार किया है और इसे केंद्र सरकार की बदले की कार्रवाई कहा है.
महाराष्ट्र में पिछला विधानसभा चुनाव बीजेपी और शिवसेना ने मिलकर लड़ा था. लेकिन नतीजे आने के बाद शिवसेना ने बीजेपी से नाता तोड़कर कांग्रेस और एनसीपी के साथ सरकार बनाई. उसी समय से बीजेपी और शिवसेना के रिश्ते बिगड़ गए थे. हालाँकि बाद में शिवसेना से एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में एक धड़ा अलग हो गया और उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री का पद छोड़ना पड़ा. फ़िलहाल एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र के सीएम हैं और बीजेपी भी सरकार में शामिल है.
दिल्ली के जंतर-मंतर पर किसानों ने आज महापंचायत बुलाई है और इसके लिए भीड़ जुटनी भी शुरू हो गई है. प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कड़ी कर दी है.
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार दिल्ली पुलिस ने गाज़ीपुर, सिंघु और टीकरी बॉर्डर पर भारी सुरक्षा तैनात कर दी है और जगह-जगह बैरिकेड लगा दिए गए हैं.
मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस ने किसानों को धरने की अनुमति नहीं दी है.
संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले कई किसान संगठन सरकार की वादाख़िलाफ़ी के दावे को लेकर सोमवार सुबह 11 बजे से शाम चार बजे तक जंतर-मंतर पर धरना देने के लिए जुटे हैं.
रविवार को किसान नेता राकेश टिकैत को दिल्ली पुलिस ने एहतियातन हिरासत में लिया था. वो किसान महापंचायत में शामिल होने के लिए जंतर-मंतर पहुँच रहे थे.
इसके बाद टिकैत ने एक ट्वीट कर आरोप लगाया था कि दिल्ली पुलिस सरकार के इशारे पर काम कर रही है. उन्होंने कहा कि आखिरी सांस तक उनका संघर्ष जारी रहेगा.
किसानों ने लखीमपुर खीरी में मारे गए किसानों के परिवार को न्याय दिलाने, जेल में बंद किसानों की रिहाई, भारत के सभी किसानों के कर्ज़ की माफ़ी, 2022 बिजली बिल रद्द करने, केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी की गिरफ़्तारी सहित कई अन्य मुद्दों पर महापंचायत बुलाई है.
आबकारी नीति से जुड़े मामले में सीबीआई जाँच का सामना कर रहे दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दावा किया है कि उन्हें आम आदमी पार्टी को तोड़कर बीजेपी में शामिल होने का प्रस्ताव मिला है.
मनीष सिसोदिया ने सोमवार को ट्वीट किया, "मेरे पास भाजपा को संदेश आया है- 'आप' तोड़कर भाजपा में आ जाओ, सारे सीबीआई, ईडी के केस बंद करवा देंगे. मेरा भाजपा को जवाब- मैं महाराणा प्रताप का वंशज हूँ, राजपूत हूँ. सर कटा लूँगा लेकिन भ्रष्टाचारियों-षड्यंत्रकारियों के सामने झुकूंगा नहीं. मेरे ख़िलाफ़ सारे केस झूठे हैं. जो करना है कर लो."
इससे पहले रविवार को आम आदमी पार्टी और मनीष सिसोदिया ने दावा किया था कि सीबीआई ने उनके ख़िलाफ़ लुकआउट नोटिस जारी किया है. हालाँकि, बाद में सीबीआई ने स्पष्ट किया था कि सिसोदिया के ख़िलाफ़ लुकआउट नोटिस जारी नहीं हुआ है क्योंकि सरकारी सेवक होने के नाते उनके बिना सूचना दिए विदेश जाने की संभावना नहीं है.
आम आदमी पार्टी लगातार ये दावा कर रही है कि झूठे आरोप में केजरीवाल के शिक्षा मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को जेल में डालने का षड्यंत्र रचा जा रहा है.
बता दें कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया आज से दो दिनों के लिए गुजरात जाएंगे. यहाँ, इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं.
उन्होंने लिखा है, "रुपया पिट रहा है, जनता महंगाई से परेशान है, बेरोज़गारी आसमान छू रही है और ये लोग CBI-ED खेल रहे हैं, देश भर में जनता की चुनी हुई सरकारें गिराने में व्यस्त हैं, सारा दिन गाली गलौज करते हैं.लोग अपनी तकलीफ़ें किसको बतायें, किसके पास जायें? ऐसे देश कैसे तरक़्क़ी करेगा?"
केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने ये स्पष्ट किया है कि यूपीआई से किया जाने वाला लेन-देन पहले की तरह ही मुफ़्त बना रहेगा और सरकार इसपर शुल्क नहीं वसूलने जा रही है.
दरअसल, कुछ दिन पहले भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने लोगों से यूपीआई पेमेंट और शुल्कों को लेकर फ़ीडबैक मांगा था. इसके लिए एक कंसल्टेशन पेपर भी जारी किया गया. इसकी वजह से ये आशंका पैदा हुई कि यूपीआई से किए गए लेन-देन पर शुल्क लगाया जा सकता है.
रविवार को वित्त मंत्रालय ने सिलसिलेवार किए ट्वीट में कहा कि 'यूनिफ़ाइड पेमेंट इंटरफ़ेस' यानी यूपीआई लोगों के लिए एक उपयोगी डिजिटल सेवा है और इस पर शुल्क लगाने का सरकार का कोई इरादा नहीं है.
वित्त मंत्रालय ने एक ट्वीट में कहा, "यूपीआई लोगों के लिए एक उपयोगी सेवा है, जिससे लोगों को काफी सुविधा होती है और अर्थव्यवस्था की उत्पादकता बढ़ती है. यूपीआई सेवाओं के लिए सरकार कोई शुल्क लगाने पर विचार नहीं कर रही है. लागत की वसूली के लिए सेवा प्रदाताओं चिंताएं दूसरे तरीकों से दूर करनी होंगी."
अभी, यूपीआई के जरिये लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं है.
वित्त मंत्रालय ने अगले ट्वीट में कहा, "सरकार ने डिजिटल पेमेंट के इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए बीते साल वित्तीय सहायता दी थी और इस साल भी इसका एलान किया है. ताकि अधिक से अधिक लोग डिजिटल पेमेंट अपनाएं."
अमित शाह ने कल तेलुगू सुपरस्टार जूनियर एनटीआर से मुलाक़ात की. इस मुलाक़ात के बाद से ही भारत में यह टॉप-ट्विटर ट्रेंड बना हुआ है.
ख़ुद अमित शाह ने सात घंटे पहले इस मुलाक़ात की कुछ तस्वीरें शेयर की हैं. जूनियर एनटीआर के साथ तस्वीरें शेयर करते हुए अमित शाह के ट्विटर हैंडल से लिखा गया है, "तेलुगू सिनेमा के रत्न और बेहद प्रतिभासाली अभिनेता जूनियर के साथ हैदराबाद में एक बहुत अच्छी मुलाक़ात रही."
आरआरआर के भीमा यानी जूनियर एनटीआर ने भी अमित शाह के साथ मुलाक़ात की तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा है, "आपसे (अमित शाह) मिलना बहुत सुखद रहा और एक अच्छी बातचीत हुई. आपके विनम्र शब्दों के लिए शुक्रिया."
आबकारी नीति में 'भ्रष्टाचार' के आरोपों के बीच सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के ख़िलाफ़ कोई लुकआउट नोटिस जारी नहीं किया गया है.
इससे पहले रविवार को आम आदमी पार्टी ने लुकआउट नोटिस जारी किए जाने का दावा करते हुए केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ हमलावर रुख अपनाया था.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने सीबीआई के अधिकारियों के हवाले से बताया है कि लुकआउट नोटिस एफ़आईआर में शामिल किए गए आठ लोगों के ख़िलाफ़ जारी किया गया है, जिसमें मनीष सिसोदिया शामिल नहीं हैं.
रविवार को ख़ुद मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर पीएम मोदी पर हमला बोला था. उन्होंने लिखा था, "आपकी सारी रेड फेल हो गयी, कुछ नहीं मिला, एक पैसे की हेरा फेरी नहीं मिली, अब आपने लुक आउट नोटिस जारी किया है कि मनीष सिसोदिया मिल नहीं रहा. ये क्या नौटंकी है मोदी जी? मैं खुलेआम दिल्ली में घूम रहा हूँ, बताइए कहाँ आना है? आपको मैं मिल नहीं रहा?"
दिल्ली की आबकारी नीति में कथित गड़बड़ियों को लेकर सीबीआई की ओर से दर्ज़ की गई एफ़आईआर में मनीष सिसोदिया सहित 15 लोगों का नाम है.
हालाँकि, सीबीआई के अधिकारियों के अनुसार एफ़आईआर में सिसोदिया सहित जिन चार सरकारी कर्मचारियों का नाम है, उनके ख़िलाफ़ लुकआउट नोटिस जारी नहीं किया गया है. सिसोदिया के अलावा बाकी तीन पूर्व आबकारी अधिकारी हैं.
सीबीआई का कहना है कि अभी तक एजेंसी को सरकारी कर्मियों के ख़िलाफ़ लुकआउट सर्कुलर जारी करने की ज़रूरत महसूस नहीं हुई, क्योंकि इन सभी के बिना सूचना दिए देश से बाहर जाने की संभावना नहीं के बराबर है.
उत्तर प्रदेश में बीजेपी अध्यक्ष के नामों पर चल रही अटकलबाज़ी के बीच राज्य के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने एक ट्वीट किया है.
इस ट्वीट में उन्होंने लिखा, "संगठन सरकार से बड़ा है." केशव प्रसाद मौर्य के इस ट्वीट के कई मायने निकाले जा रहे हैं.
दरअसल, बीजेपी उत्तर प्रदेश में पार्टी के नए अध्यक्ष की नियुक्ति करने वाली है. बीते दिनों उत्तर प्रदेश कैबिनेट में मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.
पार्टी के एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, "वो (केशव प्रसाद मौर्य) हमेशा कहते आए हैं कि पार्टी कार्यकर्ता ख़ुद को डिप्टी सीएम से कम न समझें और अधिकारियों को ये समझना चाहिए. आज भी उन्होंने गाज़ियाबाद में यही बात बोली और ट्वीट भी किया."
ओबीसी नेता मौर्य साल 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष रह चुके हैं. हालांकि, इसी साल हुए विधानसभा चुनाव में मौर्य अपनी सीट सिराथू से हार गए थे.
उत्तर प्रदेश में नए बीजेपी अध्यक्ष का चुनाव 2024 लोकसभा चुनावों के मद्देनज़र भी अहम माना जा रहा है. पार्टी एक ऐसे चेहरे की तलाश में है जो लोकसभा चुनाव में बीजेपी के मिशन को मज़बूती दे.
मिज़ोरम के मुख्यमंत्री ज़ोरामथंगा ने अपनी बेटी का एक वीडियो वायरल होने के बाद सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगी है और कहा है कि वो अपनी बेटी के व्यवहार को किसी भी तरह सही नहीं ठहरा सकते.
मुख्यमंत्री की बेटी मिलारी छांगते का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसमें वो एक डॉक्टर को थप्पड़ मारते दिखती हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार इस घटना की वजह से स्थानीय डॉक्टरों में रोष था और शनिवार को करीब 800 डॉक्टरों ने इस कथित हमले के विरोध में प्रदर्शन किया.
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के सदस्यों ने विरोध स्वरूप दिनभर काम के दौरान काले पट्टे पहने रखे.
प्रदर्शनकारियों में से एक ने पीटीआई को बताया कि सीएम की बेटी बीते बुधवार को आइज़ॉल स्थित एक डर्मटोलॉजिस्ट (त्वचा विशेषज्ञ) के पास गईं. यहाँ डॉक्टर ने उन्हें पहले अपॉइंटमेंट लेने को कहा. इसपर सीएम की बेटी मिलारी छांगते ने डॉक्टर को थप्पड़ मार दिया.
मुख्यमंत्री ज़ोरामथंगा ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि उनकी बेटी ने डॉक्टर से मिलकर माफ़ी मांगी है. उन्होंने अपनी बेटी पर कठोर कार्रवाई न करने को लेकर आईएमए का शुक्रिया भी कहा.
उन्होंने लिखा, "हमारे पास डॉक्टर के साथ हमारी बेटी के व्यवहार को सही ठहराने का कोई कारण नहीं है. हम डॉक्टर और जनता से माफ़ी मांगते हैं."
इससे पहले मिलारी छांगते के बड़े भाई रामथानसियामा ने भी सोशल मीडिया पर माफ़ीनामा जारी कर कहा था कि मानसिक तनाव की वजह से उनकी बहन 'अनियंत्रित' हो गई थीं.
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