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गे-सेक्स पर प्रतिबंध हटाएगा सिंगापुर

सिंगापुर अपने यहां एक क़ानून को निरस्त करने वाला है. दरअसल, ये कानून गे-सेक्स पर प्रतिबंध लगाता है.

लाइव कवरेज

चंदन शर्मा

  1. गे सेक्स पर प्रतिबंध खत्म करेगा सिंगापुर

    सिंगापुर अपने यहां एक क़ानून को निरस्त करने वाला है. दरअसल, ये कानून गे-सेक्स पर प्रतिबंध लगाता है. इस क़ानून के रद्द हो जाने के बाद गे सेक्स को क़ानूनी मान्यता मिल जाएगी.

    गे-सेक्स को लेकर सालों से चल रही बहस के बाद इस दिशा में यह एक महत्वपूर्ण फ़ैसला आया है. देश के प्रधानमंत्री ली सीन लूंग ने नेशनल टीवी पर इस बात की घोषणा की.

    सिंगापुर में एलजीबीटी कम्युनिटी के कार्यकर्ताओं ने इस क़दम को मानवता की जीत के तौर पर परिभाषित किया है.

    सिंगापुर आमतौर पर अपने रुढ़िवादी मूल्यों के लिए जाना जाता है लेकिन हाल के सालों में जिस तरह से लोगों ने गे-सेक्स को क़ानूनी मान्यता देने का आह्वान किया और उसके लिए प्रदर्शन किए, उसी का परिणाम है कि अब प्रधानमंत्री की ओर से आने वाले समय में 377-ए क़ानून को रद्द करने की घोषणा की गई है.

    एलजीबीटी अधिकारों को लेकर एशिया के कई देशों जैसे भारत, ताइवान और थाईलैंड ने कुछ सार्थक क़दम उठाए हैं और इनके बाद सिंगापुर इस दिशा में क़दम बढ़ाने वाला एक और देश बन गया है.

    रविवार को नेशनल टीवी पर अपने संबोधन के दौरान पीएम ली ने कहा कि वो इस क़ानून को रद्द कर देंगे क्योंकि उन्हें लगता है कि यही करना सही होगा. साथ ही ये एक ऐसा फ़ैसला होगा जिसे सिंगापुर में रहने वाले अधिक से अधिक लोग स्वीकार करेंगे.

    उन्होंने कहा, “इस क़दम के बाद से गे लोगों को बेहतर स्वीकार्यता मिल सकेगी.”

    एक गे-एक्टिविस्ट जॉनसन ओंग ने बीबीसी से कहा, “अंतत: हमें यह मिल ही गया. आज हम बहुत ख़ुश हैं. ”

  2. कंगना रनौत फ़िल्मफ़ेयर पर करेंगी केस लेकिन वजह है अलग

    कंगना रनौत ने फ़िल्‍मफेयर के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज कराने का फ़ैसला किया है.

    इस बात का ज़िक्र उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर किया है. कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक नोट शेयर करते हुए लिखा है, “मैंने साल 2014 से ही फ़िल्मफ़ेयर को बैन कर दिया था.”

    उन्होंने फ़िल्मफ़ेयर को अनैतिक, भ्रष्ट और पूरी तरह से अनुचित प्रैक्टिस बताया है.

    वो आगे लिखती हैं कि मैंने साल 2014 में ही ऐसी प्रैक्टिसेज़ पर रोक लगा दी थी. लेकिन अब उन्हें फ़िल्मफ़ेयर की ओर से कई कॉल्स आ रहे हैं.

    उन्होंने लिखा है, “इस साल फ़िल्‍मफ़ेयर पुरस्कार समारोह में शामिल होने के लिए मुझे कई फ़ोन आ रहे हैं, क्योंकि वो मुझे ‘थलाइवी’ के लिए अवॉर्ड देना चाहते हैं.”

    कंगना ने आगे लिखा है, “मैं यह जानकर हैरान हूं कि वे अभी भी मुझे नॉमिनेट कर रहे हैं. किसी भी रूप से इस तरह की भ्रष्ट प्रैक्टिसेज़ को बढ़ावा देना मेरी गरिमा, नैतिकता और मूल्य के ख़िलाफ़ है. इसलिए मैंने फ़िल्मफ़ेयर पर मुकदमा करने का फैसला किया है. धन्यवाद.”

    उन्होंने आगे लिखा है कि साल 2013 में फ़िल्मफ़ेयर ने मुझे साफ़-साफ़ कह दिया था कि अगर मैं उनका अवॉर्ड शो अटेंड नहीं करूंगी और वहां डांस नहीं करूंगी तो मुझे अवॉर्ड नहीं मिलेगा.

    उन्होंने आगे लिखा है, “मैंने साल 2013 में ही उन्हें यह स्पष्ट कर दिया था कि मैं कभी भी किसी ऐसी चीज़ में हिस्सा नहीं लूंगी जो अनैतिक हो. तो ऐसे में जबकि वो जानते हैं कि मैं अवॉर्ड शो में हिस्सा नहीं लूंगी और उनकी ख़ुद की भी पॉलिसी यही है कि वो उसे अवॉर्ड नहीं देते हैं जो डांस नहीं करते हैं या प्रोग्राम अटेंड नहीं करते हैं तो फिर , नॉमिनेशन क्यों? इस नॉमिनेशन का मक़सद क्या है?”

  3. टीपू ने चार बार अंग्रेज़ों से जंग लड़ी, सावरकर ने चार बार मांगी माफ़ी - असदुद्दीन ओवैसी

    बीते सप्ताह कर्नाटक के शिमोगा शहर में वीर सावरकर और टीपू सुल्तान के फ्लेक्स बोर्ड लगाने को लेकर हिंसा भड़क उठी थी. हिंसा के चलते पुलिस को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ लाठीचार्ज करना पड़ा था.

    अब इस मुद्दे पर एआईएमआईएम प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी का टीपू-सावरकर की तुलना करने वाला बयान आया है. ओवैसी ने अपने बयान में टीपू सुल्तान और वीर सावरकर की तुलना की है.

    उन्होंने कहा, “’टीपू सुल्तान की अंगूठी एक लाख 45 हज़ार पाउंड में नीलाम हुई और उस अंगूठी पर क्या लिखा हुआ था... उस अंगूठी पर राम का नाम लिखा हुआ था. तो नीलामी करने वाली कंपनी ने लिखा कि ये ताज्जुब की बात है कि एक मुस्लिम बादशाह के पास इस तरह की अंगूठी है. तो इससे क्या मालूम हआ...ये मालूम हुआ कि टीपू हिंदुओं के ख़िलाफ़ नहीं था. वह अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ था. टीपू हर उस मज़हब के ख़िलाफ़ था, जो अंग्रेज़ों की ग़ुलामी स्वीकार करना चाहते थे.”

    उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “मगर टीपू अंग्रेज़ों की गुलामी को कुबूल नहीं करना चाहता था. टीपू इस मुल्क को अंग्रेज़ों की गुलामी से आज़ाद कराना चाहता था. टीपू अज़ीम मुजाहिदीन ए आज़ादी है इस भारत का. इसीलिए संविधान बनाने वालों ने टीपू की फ़ोटो भारत के संविधान की पहली किताब में झांसी की रानी के साथ लगाई है. तो जो लोग आज टीपू और सावरकर की बहस कर रहे हैं, तो कहां ज़मीन और कहां आसमान. कोई मुकाबला नहीं हो सकता टीपू से. उसने अपना सबकुछ कुर्बान कर दिया था इस मुल्क़ को आज़ाद कराने के लिए.”

    ओवैसी ने आगे कहा, “इस वतन ए अज़ीज़ में कुछ ऐसे लोग हैं, जो टीपू सुल्तान से नफ़रत करते हैं और टीपू सुल्तान की कुर्बानी को मिटाना चाहते हैं. टीपू ने चार बार अंग्रेज़ों से जंग की और सावरकर ने चार मर्तबा अंग्रेज़ों से माफ़ी का ख़त लिखा. ये फ़र्क है टीपू और सावरकर के बीच.”

  4. 21 अगस्त 2022 का दिनभर - पूरा दिन पूरी ख़बर सुनिए मानसी दाश के साथ

  5. जापान के प्रधानमंत्री हुए कोरोना संक्रमित, भारत के पीएम मोदी ने किया ट्वीट

    जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा कोरोना संक्रमित हो गए हैं. कोरोना संक्रमित होने के कारण उन्होंने अपने आगामी दौरों और कार्यक्रमों को फिलहाल के लिए टाल दिया है.

    वहीं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है.

    उन्होंने ट्वीट किया है, “मैं मेरे दोस्त फुमियो किशिदा के कोरोना संक्रमण से जल्द से जल्द ठीक होने की कामना करता हूं.”

    न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स की ख़बर के अनुसार, जापान के प्रधानमंत्री किशिदा हाल ही में क़रीब एक सप्ताह की छुट्टियों से लौटे हैं. फिलहाल वह ऑनलाइन ही दफ़्तर के कामों को देखेंगे. लेकिन कोरोना संक्रमित होने कारण वह टोक्यो इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन अफ्रीकन डेवलेपमेंट कार्यक्रम में भी हिस्सा नहीं ले सकेंगे.

    रॉयटर्स की ख़बर के अनुसार, शनिवार को किशिदा को खांसी और बुखार होने के बाद उनका कोरोना टेस्ट किया गया था. रविवार दोपहर को उनकी पीसीआर टेस्ट रिपोर्ट आई, जिसमें उनके कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई है.

  6. पंजाब में लॉ अफसरों की नियुक्ति में अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षण का एलान

    पंजाब सरकार ने लॉ अफसरों की नियुक्ति में अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षण देने का एलान किया है. रविवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि एडवोकेट जनरल ऑफिस में 58 लॉ अफसरों के पद सृजित किए जा रहे हैं. ये पद अनसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित होंगे.

    मान ने कहा कि आने वाले दिनों में इन पदों पर भर्ती पूरी हो जाएगी.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक मान ने कहा, ‘’ जब मैंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली तो अपने अफसरों से पूछा कि क्या एडवोकेट जनरल ऑफिस में लॉ अफसरों की नियुक्ति में आरक्षण का कोई प्रावधान है. लेकिन कोई नकारात्मक जवाब दिया. मैंने जब उनसे पूछा कि क्या हम ऐसा प्रावधान कर सकते हैं तो उन्होंने कहा कि सरकार ये फैसला ले सकती है. ‘’

    मान ने कहा कि पंजाब देश में पहला राज्य है जहां अनुसूचित जाति से आने वाले वकीलों के लिए आरक्षण का प्रावधान है.

  7. कांग्रेस को झटका, आनंद शर्मा ने हिमाचल स्टीयरिंग कमेटी से दिया इस्तीफा

    हिमाचल में चुनाव से पहले ही कांग्रेस में विवाद बढ़ गया है. पार्टी नेता आनंद शर्मा ने पार्टी की हिमाचल प्रदेश इकाई की "संचालन समिति" के प्रमुख के रूप में इस्तीफा दे दिया है. इससे पहले जम्मू-कश्मीर इकाई के अनुभवी नेता गुलाम नबी आजाद ने कश्मीर यूनिट से इस्तीफा दिया था.

    आनंद शर्मा ने ट्वीट किया है, ‘’ मैं भरे दिल से हिमाचल प्रदेश में चुनावों की संचालन समिति की अध्यक्षता से इस्तीफा दे रहा हैं. मैं आजीवन कांग्रेस का आदमी रहा हूं और अपनी प्रतिबद्धता पर डटा हूं. ‘’

    उन्होंने लिखा, ‘’ कांग्रेस की विचारधारा मेरे खून में है. इस बारे में किसी को कोई संदेह नहीं होना चाहिए लेकिन जिस तरह लोगों को बाहर रखा जा रहा और उनका अपमान हो रहा है वैसे में मेरे जैसे स्वाभिमानी व्यक्ति के लिए पद छोड़ने के अलावा कोई चारा नहीं है. ‘’

    गुलाम नबी आजाद और आनंद शर्मा कांग्रेस में उस जी-23 समूह के नेता हैं, जो पार्टी की कमान गांधी परिवार से बाहर किसी दूसरे शख्स के हाथों में देने के समर्थक हैं.

  8. दिग्विजय ने ज्ञानदेव आहूजा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, कहा- गहलोत जी, ये कांग्रेस की साख का सवाल

    राजस्थान बीजेपी के सदस्य और पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा का एक वीडियो शेयर करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत से अपील की है.

    दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया है, “अशोक गहलोत जी, अब इन विधायक जी के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई करने के लिए और क्या प्रमाण चाहिए?”

    वह आगे लिखते हैं, “यह कांग्रेस की क्रेडिबिलिटी का सवाल है.”

    दरअसल, इस ट्वीट के साथ दिग्विजय सिंह ने जो वीडियो शेयर किया है वो बीजेपी नेता ज्ञानदेव आहूजा का है.

    वीडियो में ज्ञानदेव आहूजा कह रहे हैं, “इन्होंने एक मारा, हमने पांच मारे. कार्यकर्ताओं को कत्ल करने की छूट दे रखी है. जमानत भी हम करवा लेते हैं.”

    ये बयान उन्होंने गोविंदगढ़ में कथित तौर पर मॉब-लिंचिंग में मारे गए चिरंजीलाल के घर के बाहर लोगों के समूह के बीच दिया था.

    वो कहते सुनाई दे रह हैं, “ये पहली बार हुआ है कि उन लोगों ने एक मारा है. अब तक तो पांच हमने मारे हैं. मैंने हमारे लोगों को और कार्यकर्ताओं को छूट दे रखी है. मारो, बरी भी करवा देंगे, जमानत भी करवा देंगे.”

    हालांकि बयान के वायरल होने के बाद उन्होंने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बात करते हुए सफ़ाई भी दी. उन्होंने कहा, “सरकार उनकी पूरी खुशामद करती है ताकि उनका पूरा वोट उन्हें मिल जाए. मुसलमानों को गहलोत सरकार का पूरा सपोर्ट है इसलिए गोकशी बढ़ी है वरना मुस्लिमान भाइयों की इतनी हिम्मत नहीं होती थी. ''

    टट जब गोकशी बढ़ी तब मैंने कार्यकर्ताओं को कहा कि क्या करें. तो मैंने कहा कि उन्हें पकड़कर पुलिस के हवाले करें. भागे तो पकड़कर पीटो और पुलिस के हवाले करो. मेवात में गाय माता के प्रति जनता बहुत संवेदनशील है.इसीलिए कई बार ज़्यादा पिटाई हो जाती है. कई बार गोकशी कर भाग जाते हैं. .”

    ज्ञानदेव आहूजा ने बताया कि उन्हें सूचना मिली है कि गोविंदगढ़ में उनके ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई है लेकिन उन्हें इसका कोई भय नहीं.

    उन्होंने इस पूरे मामले को झूठा बताया है.

  9. करवाचौथ करने वाली महिलाओं पर राजस्थान के कैबिनेट मंत्री का दिया बयान चर्चा में

    राजस्थान सरकार में आपदा राहत मंत्री गोविंद राम मेघवाल ने करवाचौथ के त्योहार को लेकर एक विवादित बयान दिया है.

    एक कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा है कि आज भी हमारे देश में महिलाएं करवाचौथ मना रही हैं और विदेश में महिलाएं चांद पर पहुंच रही हैं.

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मेघवाल ने कहा, “चीन के अंदर अस्सी फ़ीसद महिलाएं, हमारे अमेरिका में पचास फ़ीसद महिलाएं काम करती हैं, इसलिए वे देश विज्ञान की दुनिया में जी रहे हैं लेकिन दुर्भाग्य की बात ये है कि आज भी हमारे यहां महिलाएं छलनी से चांद देखकर, पति की लंबी उम्र की बात करती हैं. लेकिन पति कभी भी पत्नी के लिए छलनी से नहीं देखता है. लोग अंधविश्वास में जी रहे हैं. लोग धर्म और जाति के नाम पर लड़ा रहे हैं.”

    शनिवार 20 अगस्त को जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मेघवाल ने यह टिप्पणी की थी.

    गोविंद राम मेघवाल के बयान पर बीजेपी की ओर से प्रतिक्रिया आई है.

    राजस्थान में बीजेपी के प्रवक्ता और विधायक रामलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान कैबिनेट के मंत्री का करवाचौथ को लेकर दिया गया बयान और विदेशी महिलाओं से अपने देश की महिलाओं की इस तरह तुलना करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.

    उन्होंने कहा, “गोविंद राम मेघवाल का यह बयान कि विदेशों की महिलाएं प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रही हैं और हिंदुस्तान की महिलाएं चलनी से चांद देखने का काम कर रही हैं, मेरे ख़याल से मेघवाल जी ये भूल गए कि हिंदुस्तानी महिलाएं भी, जैसे कल्पना चावला अंतरिक्ष की यात्रा कर चुकी हैं. हिंदुस्तान की कई महिलाएं पायलट बनकर आकाश में उड़ान भर रही हैं. वो हिंदुस्तान की परंपरा, सामाजिक मर्यादा और ताने-बाने को बुनते हुए आगे बढ़ रही हैं. आप का इस तरह का बयान देना राजस्थान की ही नहीं समस्त देश की करोड़ों महिलाओं का अपमान है.”

    रामलाल शर्मा ने मेघवाल से इस बयान को तुरंत वापस लेने की बात कही है. साथ ही देश की महिलाओं से क्षमा मांगने की भी बात कही है.

  10. पूर्व क्रिकेटर सनथ जयसूर्या ने क्यों की बीसीसीआई के सचिव जय शाह से मुलाक़ात

    श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर सनथ जयसूर्या ने बीसीसीआई सचिव जय शाह से मुलाक़ात की है.

    सनथ ने ख़ुद ट्वीट करके इसकी जानकारी दी है. इसके साथ उन्होंने एक इस मुलाक़ात की एक तस्वीर भी पोस्ट की है.

    उन्होंने लिखा है, “बीसीसीआई सचिव जय शाह से मिलकर बहुत खुशी हुई और यह गौरव का क्षण रहा. इतने शॉर्ट-नोटिस में मिलने का समय देने के लिए आपका धन्यवाद. हमने श्रीलंका क्रिकेट से जुड़े कुछ बेहद महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की.”

    सनथ जयसूर्या, श्रीलंका में आर्थिक संकट और राजनीतिक उथल-पुथल के दौरान एक मुखर आवाज़ के तौर पर सामने आए थे.

    उन्होंने राष्ट्रपति भवन के सामने हुए प्रदर्शन में भी हिस्सा लिया था.

    भारत को बताया था बड़ा भाई

    बीते कुछ महीनों में श्रीलंका में गुस्साए लोग सड़कों पर उतर आए थे. वो तत्कालीन राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के ख़िलाफ़ सड़क पर उतर आए थे.

    उस दौरान उन्होंने कहा था, ''हमारे देश के पड़ोसी और बड़े भाई होने के नाते, भारत ने हमेशा हमारी मदद की है. हम भारत सरकार और पीएम मोदी के आभारी हैं. हमारे लिए मौजूदा स्थिति में जीना आसान नहीं है. हम भारत और दूसरे देशों की मदद से इससे बाहर निकलने की उम्मीद करते हैं.''

  11. ऋतिक रोशन के ‘महाकाल’ वाले विज्ञापन पर ज़ोमैटो ने मांगी माफ़ी

      • Author, शुरैह नियाज़ी
      • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, भोपाल से

    मध्य प्रदेश के उज्जैन में ‘महाकाल से थाली मंगाने’ वाले ऋतिक रोशन के ज़ोमैटो के विज्ञापन पर विवाद हुआ है. इस विज्ञापन ने उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर के पुजारियों को नाराज़ कर दिया है.

    उधर ज़ोमैटो ने इस मामले में माफ़ी मांगते हुए आगे से ‘महाकाल’ वाले विज्ञापन को न चलाने का एलान किया है. कंपनी ने यह भी कहा है कि उनके विज्ञापन में जिस ‘महाकाल’ का ज़िक्र है, वो मंदिर के लिए नहीं बल्कि रेस्टोरेंट के लिए था.

    असल में ज़ोमैटो के एक विज्ञापन में ऋतिक रोशन कहते हैं, ‘‘थाली का मन किया. उज्जैन में हैं, तो महाकाल से मंगा लिया.’’

    इस मामले में पंडित महेश पुजारी ने कहा, “महाकाल से कोई थाली नहीं बेची जाती. यहां आने वाले लोगों को थाली निशुल्क ही प्रसाद के तौर पर दी जाती है.”

    उन्होंने आगे कहा, “इस तरह से मंदिर को विज्ञापन के लिये इस्तेमाल करना ग़लत है.”

    महाकाल मंदिर के पुजारियों का कहना है कि "ऋतिक रोशन को इस विज्ञापन के लिये फौरन मांफ़ी मांगनी चाहिए और ज़ोमैटो को इसका प्रसारण रोकना चाहिए. यह पूरी तरह से ‘धर्म के साथ खिलवाड़’ है, जो लगातार हो रहा है."

    ज़ोमैटो ने मांगी माफ़ी और विज्ञापन न चलाने का किया एलान

    खाने की सप्लाई करने वाली कंपनी और रेस्टोरेंट एग्रीगेटर ज़ोमैटो ने ज़ोमैटो केयर नाम के ट्विटर हैंडल से एक बयान ट्वीट करके अपना पक्ष रखा है.

    ज़ोमैटो ने कहा है, ‘‘हम उज्जैन के लोगों की भावनाओं का दिल से सम्मान करते हैं और जिस विज्ञापन पर सवाल उठे हैं, अब उसे नहीं चलाया जाएगा. हम इसके लिए गंभीरता से माफ़ी मांगते हैं. हमारी मंशा किसी की मान्यताओं और भावनाओं को ठेस पहुंचाने की नहीं थी.’’

    अपने बयान में कंपनी ने कहा है कि ऋतिक रोशन के अभिनय वाले उनके विज्ञापन में जिस ‘महाकाल’ का ज़िक्र आया है, वो ‘महाकाल रेस्टारेंट’ है, न कि ‘श्री महाकालेश्वर मंदिर.’

    कंपनी के अनुसार, ‘‘महाकाल रेस्टोरेंट उज्जैन के हमारे सबसे ज़्यादा मांग वाले रेस्टोरेंट में से एक है.’’

    कंपनी ने आगे कहा, ‘‘यह वीडियो पूरे देश में चलाए जा रहे अभियान का एक हिस्सा है, जिसमें हर शहर के टाॅप रेस्टोरेंट और लोकप्रियता के आधार पर उनके लोकप्रिय व्यंजनों की पहचान की जाती है. उज्जैन में इस अभियान के लिए चुने गए रेस्टोरेंट में महाकाल एक था.’’

  12. सत्येंद्र जैन को दिमाग़ी रूप से अस्वस्थ क़रार देने और मंत्री पद से हटाने की मांग दिल्ली हाईकोर्ट में ख़ारिज

    दिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल सरकार के जेल में बंद मंत्री सत्येंद्र जैन को दिमाग़ी तौर पर अस्वस्थ घोषित करने की मांग करने वाली याचिका ख़ारिज कर दी है.

    अदालत ने इसके साथ ही उन्हें विधायक और मंत्री पद के लिए अयोग्य घोषित करने की मांग भी ठुकरा दी है.

    हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सतीशचंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की दो सदस्यीय खंडपीठ ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 226 के ज़रिए मिले अधिकारों का इस्तेमाल करके वो सत्येंद्र जैन को न तो दिमाग़ी तौर पर अस्वस्थ क़रार दे सकते हैं और न ही विधायक और मंत्री पद के लिए अयोग्य क़रार दे सकते हैं.

    समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा, ‘‘दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन को दिमाग़ी तौर पर अस्वस्थ नहीं घोषित किया जा सकता है और न ही उन्हें विधानसभा के सदस्य या दिल्ली सरकार के मंत्री होने के अयोग्य घोषित किया जा सकता है.’’

    अदालत ने यह भी कहा कि किसी को मंत्री बनाए रखने या हटाने का अधिकार राज्य के मुख्यमंत्री का होता है.

    याचिकाकर्ता आशीष कुमार श्रीवास्तव का तर्क था कि सत्येंद्र जैन ने पूछताछ के दौरान ईडी को बताया था कि कोरोना के चलते वे अपनी यादद्दाश्त खो बैठे हैं, इसलिए श्रीवास्तव की यह भी मांग थी कि उनके स्वास्थ्य की जांच के लिए एक मेडिकल बोर्ड का गठन किया जाए.

    सत्येंद्र जैन पर मनी लाॅन्ड्रिंग का मामला चल रहा है. उन पर आईपीसी, भ्रष्टाचार निरोधक क़ानून और मनी लाॅन्ड्रिंग निरोधक क़ानून के तहत मुक़दमा दर्ज किया गया है.

  13. कश्मीर विवाद का हल युद्ध से नहीं निकल सकताः शहबाज़ शरीफ़

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने कहा है कि उनका देश बातचीत के ज़रिए भारत के साथ ‘स्थाई शांति’ चाहता है, क्योंकि कश्मीर का मसला सुलझाने के लिए दोनों देशों के लिए युद्ध कोई विकल्प नहीं हो सकता.

    मीडिया रिपोर्ट के अनुसार शहबाज़ शरीफ़ ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाक़ात के दौरान यह बयान दिया.

    उन्होंने यह भी कहा कि इस क्षेत्र में स्थाई शांति के लिए ज़रूरी है कि कश्मीर समस्या का हल संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रस्ताव के अनुसार हो.

    भारत और पाकिस्तान के बीच के रिश्ते पिछले 75 सालों के दौरान अधिकतर समय तक तनावपूर्ण बने रहे हैं. इसकी मुख्य वजह कश्मीर का विवाद रही है. भारत का आरोप रहा है कि पाकिस्तान कश्मीर में चरमपंथ फैलाता रहा है.

    भारत का कहना रहा है कि जम्मू और कश्मीर उसके देश का अभिन्न हिस्सा है और आगे भी रहेगा. वहीं पाकिस्तान का तर्क रहा है कि भारत के बंटवारे के बाद पूरा कश्मीर उसके देश का हिस्सा होना चाहिए.

  14. मीरवायज़ उमर फ़ारूक़ नज़रबंद नहीं हैं- मनोज सिन्हा

  15. सिसोदिया के बाद अब केजरीवाल केंद्र पर बोले- रोज़ सुबह उठकर सीबीआई-ईडी का खेल शुरू कर देते हैं

    दिल्ली के कथित शराब घोटाले में उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के आवास सहित कई जगहों पर पड़े छापे के बाद राजधानी दिल्ली का राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है.

    मनीष सिसोदिया सहित 13 लोगों के ख़िलाफ़ लुकआउट सर्कुलर जारी होने के बाद अब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर महंगाई और बेरोज़गारी से लड़ने के बजाए देश में सीबीआई-ईडी का खेल खेलने का आरोप लगाया है.

    सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर उन्होंने लिखा, ‘‘ऐसे समय जब आम इंसान महंगाई से जूझ रहा है, करोड़ों की संख्या में युवा बेरोज़गार हैं, तो केंद्र सरकार को सभी राज्य सरकारों के साथ मिलकर बेरोज़गारी और महंगाई से लड़ना चाहिए. उसकी बजाय ये पूरे देश से लड़ रहे हैं.’’

    उन्होंने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए आगे लिखा, ‘‘रोज़ सुबह उठकर सीबीआई-ईडी का खेल शुरू कर देते हैं. ऐसे देश कैसे तरक़्क़ी करेगा?’’

    इससे पहले उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को ट्वीट करके कहा, ‘‘आपकी सारी रेड फेल हो गई, कुछ नहीं मिला. एक पैसे की हेरा-फेरी नहीं मिली, अब आपने लुकआउट नोटिस जारी किया है कि मनीष सिसोदिया मिल नहीं रहा. ये क्या नौटंकी है मोदी जी? मैं खुलेआम दिल्ली में घूम रहा हूँए बताइए कहाँ आना है, आपको मैं मिल नहीं रहा?’’

  16. वक़ार यूनुस ने शाहीन अफ़रीदी के चोटिल होने पर कहा- एशिया कप में भारत लेगा चैन की सांस

    पाकिस्तान के बाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ शाहीन शाह अफ़रीदी घुटने में चोट लगने के चलते शनिवार से यूएई में शुरू होने जा रहे एशिया कप से बाहर हो गए हैं.

    पाकिस्तान क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी पीसीबी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी नजीबुल्ला सूमरो ने एक बयान में कहा, ‘‘मैंने शाहीन से बात की है और वे इस घटना से काफ़ी दुखी हैं. उम्मीद है कि वे अक्तूबर में प्रतिस्पर्द्धी क्रिकेट में वापसी करेंगे.’’

    इस ख़बर के सामने आने के बाद पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और कोच वक़ार यूनुस ने शाहीन अफ़रीदी के बहाने भारत पर तंज़ कसा.

    सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर यूनुस ने लिखा, ‘‘शाहीन की चोट भारत के टाॅप ऑर्डर के बल्लेबाज़ों के लिए बड़ी राहत है. दुख की बात है कि हम उन्हें एशिया कप में नहीं देख पाएंगे.’’

    वक़ार यूनुस ने शाहीन अफ़रीदी को जल्द ठीक होने की शुभकामनाएं भी दी हैं.

    यूनुस ने ऐसा क्यों कहा?

    महज़ 22 साल के शाहीन अफ़रीदी अभी तक इंटरनेशनल क्रिकेट में 200 विकेट ले चुके हैं. 32 वनडे, 25 टेस्ट और 40 टी20 मैचों में उन्होंने क्रमशः 62, 99 और 47 विकेट लिए हैं.

    पिछले साल अक्तूबर में यूएई में ही टी20 विश्व कप खेला गया था. भारत के साथ हुए मैच में तब शाहीन अफ़रीदी ने 31 रन देकर भारत के टाॅप 3 बल्लेबाज़ों केएल राहुल, रोहित शर्मा और विराट कोहली को आउट कर दिया था.

    इसका नतीज़ा यह हुआ कि भारत वह मैच 10 विकेट से हार गया था. उस जीत के साथ ही पाकिस्तान ने पहली बार किसी वनडे या टी20 विश्वकप में भारत को हराया था.

  17. लुकआउट नोटिस जारी होने पर सिसोदिया बोले- मोदीजी खुलेआम घूम रहा हूं, बताइये कहां आना है

    दिल्ली आबकारी नीति यानी कथित शराब घोटाले के सभी अभियुक्तों के ख़िलाफ़ केंद्रीय जांच ब्यूरो ने लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया है. इनमें दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और 12 अन्य लोग शामिल हैं.

    इस सर्कुलर के जारी होते ही सिसोदिया और अन्य सभी लोग बिना अदालत की अनुमति के अब भारत के बाहर नहीं जा सकते.

    सिसोदिया और अन्य लोगों के खि़लाफ़ जारी यह सर्कुलर कथित शराब घोटाले के सिलसिले में सीबीआई की छापेमारी के बाद सामने आया है.

    यह सर्कुलर फ़रार अपराधियों का पता लगाने और क़ानूनी एजेंसियों को संबंधित व्यक्तियों के देश में घुसने या निकलने पर रोक लगाने और उनकी निगरानी करने के लिए जारी किया जाता है.

    इस नोटिस के जारी होने के बाद मनीष सिसोदिया ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि वो खुलेआम घूम रहे हैं और पीएम मोदी बताएं कि उन्हें कहां आना है.

    सीबीआई ने इस मामले में 17 अगस्त को 15 लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर भी दर्ज की थी. इसमें सबसे पहला अभियुक्त मनीष सिसोदिया को बनाया गया है. इसमें कहा गया कि बिचौलियों ने ग़लत तरीक़ों से फ़ायदा पहुंचाने में मदद की.

    सीबीआई ने मनीष सिसोदिया और अन्य अभियुक्तों के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश), 477-ए (अनुचित लाभ लेने के लिए अकाउंट्स के साथ फ़र्ज़ीवाड़ा) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के कुछ प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया.

  18. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के ‘दिमाग़’ अलेक्जेंडर दुगिन की बेटी की मॉस्को में हत्या: रिपोर्ट

    रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का ‘दिमाग़’ कहे जाने वाले अलेक्ज़ेंडर दुगिन की बेटी दार्या दुगिन की राजधानी माॅस्को के पास कथित तौर पर हत्या कर दी गई है.

    दार्या दुगिन रूस की जानी मानी पत्रकार और कमेंटेटर थीं. उन्होंने यूक्रेन पर रूस के हमले का समर्थन किया था.

    स्थानीय मीडिया के अनुसार, दार्या दुगिन जब अपनी कार से घर जा रही थीं, तो उनकी कार में धमाका हो गया. अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि क्या इस धमाके का असली लक्ष्य रूसी चिंतक अलेक्ज़ेंडर दुगिन थे या नहीं.

    दुगिन रूस के प्रमुख धुर राष्ट्रवादी विचारक माने जाते हैं. उन्हें राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का काफ़ी क़रीबी माना जाता है. कई लोग उन्हें ‘पुतिन का रासपुतिन’ कहते हैं.

    माना जाता है कि यूक्रेन पर हमले से वे क़रीब से जुड़े हैं. वैसे सरकार में वे किसी पद पर नहीं हैं.

    रूस के मीडिया संस्थान 112 के अनुसार, शनिवार की शाम को जिस कार में विस्फोट हुआ, पिता और पुत्री दोनों को उसकी कार से वापस लौटना था. हालांकि अंतिम समय में दुगिन ने अपनी बेटी से अलग जाने का फै़सला लिया.

    सोशल मीडिया ऐप टेलीग्राम पर डाले गए एक अप्रामाणिक फुटेज में अलेक्जेंडर दुगिन सदमे में दिख रहे हैं, जबकि हादसे की जगह पर इमरजेंसी सेवा को पहुंचते हुए देखा गया.

    हालांकि अभी तक बीबीसी इस फुटेज की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर पाया है. वहीं रूस के प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.

    इस घटना के बारे में रूस की एक न्यूज़ एजेंसी ने बताया कि माॅस्को के ओडिंटसोवो ज़िले के एक हाइवे पर एक कार में आग लग गई.

  19. पाकिस्तान की दिग्गज गायिका नय्यरा नूर का 71 साल की उम्र में निधन

    पाकिस्तान की दिग्गज गायिका और ‘बुलबुल-ए-पाकिस्तान’ के नाम से मशहूर नय्यरा नूर का शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात में निधन हो गया है. वे 71 साल की थीं.

    उनके परिवार के एक सदस्य रज़ा ज़ैदी ने उनके निधन की पुष्टि करते हुए ट्विटर पर लिखा है, ‘‘मैं भारी मन से अपनी प्यारी ताई नय्यरा नूर के निधन का एलान करता हूं. उनकी आत्मा को शांति मिले. सुरीली आवाज़ के चलते उन्हें ‘बुलबुल-ए-पाकिस्तान’ के सम्मान से नवाज़ा गया था.’’

    उन्हें साहित्य, कला, विज्ञान, खेल क्षेत्र के सर्वोच्च सम्मान ‘तमग़ा-ए-हसन कारकुर्दगी’ यानी 'प्राइड ऑफ़ ऑनर’ से भी नवाज़ा गया. इसके अलावा और भी कई सम्मान नय्यरा नूर को मिल चुका है.

    तेरा साया जहां भी हो सजना, पलक बिछा दूं, मुझे दिल से ना भुलाना, चाहे रोके ज़माना, टूट गया सपना, इतना भी ना चाहो मुझे, तू ही बता, पगली पवन, वतन की मिट्टी गवाह रहना, ऐ जज़्बा-ए-दिल, जैसे गीत दशकों से भारत और पाकिस्तान के लाखों प्रशंसकों की ज़बान पर रहे हैं.

    उन्होंने पाकिस्तान की कई फ़िल्मों के साथ-साथ कई ग़ज़लें भी गाईं.

  20. सोमालिया सेना का दावा- 30 घंटे बाद होटल को चरमपंथियों से मुक्त कराया गया

    सोमालिया के सुरक्षाबलों ने दावा किया है कि राजधानी मोगादिशु के उस होटल को चरमपंथियों के कब्ज़े से मुक्त करा लिया गया है जिस पर अल-शबाब संगठन के लड़ाकों ने शुक्रवार को हमला किया था.

    सुरक्षाबलों के अनुसार, 30 घंटों तक चली इस झड़प में कम से कम 12 लोग मारे गए हैं. मरने वालों में से अधिकांश नागरिक हैं. हालांकि स्थानीय मीडिया का दावा है कि मरने वालों की संख्या कहीं अधिक हो सकती है.

    वहीं मोगादिशु के मुख्य ट्राॅमा केंद्र के निदेशक ने बताया है कि अस्पताल में कम से कम 40 घायलों को भर्ती किया गया है.

    समाचार एजेंसी राॅयटर्स के अनुसार, हमलावरों ने शुक्रवार की शाम को होटल में घुसने के लिए दो कार बम धमाके किए थे. होटल में घुसने के बाद चरमपंथियों ने वहां मौजूद अतिथियों को बंधक बना लिया.

    बीबीसी ने हालांकि अभी तक स्वतंत्र तरीक़े से अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं की है कि क्या वाक़ई होटल को कब्ज़े से छुड़ा लिया गया है.

    इस्लामी अतिवादी समूह अल-शबाब ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है.

    समाचार एजेंसी एएफ़पी से हुई बातचीत में एक अधिकारी ने बताया कि सुरक्षाबलों ने होटल को कब्ज़े से मुक्त करा लिया है और हथियारबंद लड़ाके मारे जा चुके हैं. उनके अनुसार, अब होटल की इमारत से कोई फ़ायरिंग नहीं हो रही है.

    शुक्रवार रात और शनिवार को सुरक्षाबलों की ओर से चलाए गए इस अभियान में काफ़ी बमबारी हुई जिससे होटल को बड़े पैमाने पर नुक़सान पहुंचा है.

    सामने आए वीडियो में विस्फोट होते और होटल की इमारत से धुआं निकलते देखा जा सकता है.

    द हयात होटल मोगादिशु की लो​कप्रिय जगह है, जहां संघीय सरकार के कर्मचारी अक्सर बैठक करते हैं.