बिहार की राजधानी पटना में शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज पर उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव का बयान सामने आया है.
मीडिया से बात करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, "हम यही सारे छात्रों से अपील करेंगे कि आप थोड़ा धैर्य रखिए. हम उसी दिशा में काम कर रहे हैं. हमारी तो लड़ाई ही रोज़गार और नौकरी को लेकर रही है. नई महागठबंधन की जो सरकार बनी है, जिसका नेतृत्व नीतीश कुमार जी कर रहे हैं."
उन्होंने कहा, "सरकार ने 15 अगस्त को ये घोषणा कर दी कि 10 लाख नौकरी और उसके अलावा भी रोज़गार की व्यवस्था करके उसे 20 लाख तक पहुँचाएँगे. ये साफ है कि. लोगों को नौकरियाँ और रोज़गार दोनों मिलेंगे. अभ्यर्थियों से प्रार्थना है कि ये आपकी सरकार है, जनता की सरकार है, ग़रीब की सरकार है. इस दिशा में हम लोग काम करेंगे."
इसके अलावा तेजस्वी यादव के ऑफिस ने भी लाठीचार्ज पर जाँच की बात कही है.
ऑफिस ने ट्वीट कर लिखा, "उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने पटना ज़िलाधिकारी से फ़ोन पर बात की है. ज़िलाधिकारी ने सेंट्रल एसपी और डीडीसी के नेतृत्व में एक जाँच कमेटी का गठन किया है कि एडीएम ने अभ्यर्थियों पर ख़ुद लाठीचार्ज क्यों किया. ऐसी क्या नौबत थी? दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई होगी."
सोमवार को पटना के मशहूर डाक बंगला चौराहा पर CTET-BTET के हज़ारों अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे थे. अभ्यर्थियों की मांग है कि सरकार तत्काल प्रभाव से सातवें चरण के लिए नोटिफिकेशन (विज्ञप्ति) जारी करे.
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर पुलिस वालों ने लाठियाँ चलाई.
एक वीडियो में एक अधिकारी हाथ में तिरंगा झंडे लिए अभ्यार्थी को बेरहमी से लाठी मार रहा है. इसके अलावा पुलिस बल प्रयोग में कई अभ्यर्थियों को चोटें भी आईं हैं. प्रदर्शन के दौरान एडीएम लॉ एंड आर्डर पर प्रदर्शनकारियों को लाठियों से पीटने का आरोप है.
लाठीचार्ज को बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने अलोकतांत्रिक क़दम बताया है. उन्होंने ट्वीट कर लिखा-प्रदर्शनकारी छात्रों पर बर्बर लाठीचार्ज घोर निंदनीय है. हाथ में तिरंगा लिए रोजगार की मांग कर रहे छात्रों पर गई गई कार्रवाई अंग्रेजी हुकूमत की याद दिलाती है.
छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर बिहार बीजेपी ने भी नीतीश कुमार की सरकार पर निशाना साधा है. बिहार बीजेपी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से भी छात्रों के ऊपर लाठी चलाते पुलिसवालों का वीडियो ट्वीट किया गया है.
ट्वीट में लिखा है, "ये सरकार अंधी है क्या, जो तिरंगे पर लाठी हांकती है, ये सरकार बहरी है क्या, कारतूस दागने वाले को कलम का रहनुमा बना दिया, इन्हें कुर्सी पर बैठे रहने की बीमारी है, पकड़कर बिठा दो, बैसाखियों के बल चलती है, लंगड़ी है. एक के लिए शौक है, एक के लिए मौज है और जनता के लिए मजबूरी है."