मृतक छात्र इंद्र कुमार मेघवाल के परिवार को राजस्थान कांग्रेस कमेटी की ओर से बीस लाख रुपये देने की घोषणा की गई है. इससे पहले राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पांच लाख रुपये परिवार को देने की घोषणा की थी.
पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा समेत सरकार के कई मंत्रियों और नेताओं ने मंगलवार को जालोर के सुराणा गांव में पीड़ित परिवार से मुलाकात की.
पीसीसी प्रवक्ता आरसी चौधरी ने बीबीसी से कहा, "पीसीसी की ओर से परिवार को बीस लाख रुपये देने की घोषणा की है. परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी की बात सरकार के पास रखेंगे, नियमों की जांच करवाएंगे और नियमों के अनुसार यदि दे सकते हैं तो नौकरी देंगे."
मृतक छात्र के परिजन और सामाजिक संगठन पचास लाख रुपये मुआवजा और दो सदस्यों को सरकारी नौकरी की मांग कर रहे हैं.
कई जिलों में विरोध प्रदर्शन
दलित छात्र की मौत के मामले में राजस्थान के कई जिलों में कैंडल मार्च और सरकार को ज्ञापन सौंपे गए हैं.
जयपुर में विधानसभा के पास मंगलवार को भीम सेना से जुड़े चार युवा पानी की टंकी पर चढ़ गए.
घटना के विरोध में बारां ज़िले के अटरु से कांग्रेस के दलित विधायक पानाचंद मेघवाल अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं.
इसके अलावा करीब दस पार्षद और पंचायत समिति पदाधिकारियों ने भी इस्तीफा दे दिया है.
जालौर विधानसभा की सायला तहसील के सुराणा गाँव में सरस्वती विद्यालय है. इस निजी विद्यालय की तीसरी कक्षा में ही नौ साल का दलित छात्र इंद्र कुमार मेघवाल पढ़ता था. आरोप है कि विद्यालय के संचालक और शिक्षक छैल सिंह ने 20 जुलाई को तीसरी कक्षा के छात्र इंद्र कुमार मेघवाल की पिटाई कर दी.
लगभग 40 साल के छैला सिंह की पिटाई से 9 साल के इंद्र कुमार मेघवाल के कान और आंख में चोट आई. परिवार वालों ने इस मामले में पुलिस को जो लिखित शिकायत दी है.
शिकायत के मुताबिक़, "हमेशा की तरह ही 20 जुलाई को इंद्र कुमार मेघवाल स्कूल गया था. लगभग 11 बजे उसे प्यास लगी तो मटकी से पानी पी लिया. वह नादान था, उसे नहीं पता था कि मटकी सवर्ण जाति के अध्यापक छैल सिह के लिए अलग से रखी हुई थी. छैल सिंह ने छात्र इंद्र कुमार मेघवाल से कहा, नीची जाति का होकर हमारी मटकी से पानी कैसे पिया और पीटा.जिससे उसके दाहिने कान और आंख पर अंदरूनी चोटें आईं."
इस पिटाई के बाद परिवार ने 23 दिन तक अलग-अलग जगह इंद्र कुमार को इलाज के लिए भर्ती करवाया. लेकिन आराम नहीं मिला. आख़िर में छात्र को गंभीर स्थिति में उदयपुर के अस्पताल से अहमदाबाद ले जाया गया.
अहमदाबाद में दो दिन भर्ती रहने के बाद इलाज के दौरान इंद्र कुमार ने 13 अगस्त को दम तोड़ दिया. मृतक इंद्र कुमार तीन भाइयों में सबसे छोटा था.