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संबित पात्रा ने कहा, "गठबंधन बनने के पश्चात जेडीयू और आरजेडी के बीच जिस प्रकार की गतिविधियां बिहार में हुई हैं, उससे आपको अवगत कराता हूं. 10 अगस्त को बिहार में एक पत्रकार की गोली मार कर हत्या कर दी गई. 11 अगस्त को एक और पत्रकार की हत्या कर दी गई और बेतिया के एक पुजारी की गला रेत कर निर्मम हत्या कर दी गई."
उन्होंने बिहार में जदयू-आरजेडी के साथ आने के बाद हुई कुछ कथित आपराधिक घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा, "11 अगस्त को ही पटना के एक कार शोरूम में बहुत बड़ी लूट हुई और इसी दिन छपरा में ज़हरीली शराब के सेवन के कारण 6 लोग मृत्यु को प्राप्त हुए. छपरा में इससे पहले 13 लोगों की ज़हरीली शराब के कारण मुत्यु हुई थी और नीतीश कुमार के गृह क्षेत्र नालंदा में 10 लोगों की मौत हुई थी."
इसके अलावा संबित ने तेजस्वी के दस लाख नौकरियों के वादे पर भी टिप्पणी की है.
लाल सिंह चड्ढा फ़िल्म की कमाई, अच्छाई और बुराई
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इमेज कैप्शन, आमिर ख़ान
आमिर ख़ान की फ़िल्म लाल सिंह चड्ढा रिलीज़ हो चुकी है.
फ़िल्म समीक्षक तरण आदर्श के मुताबिक़, फ़िल्म लाल सिंह चड्ढा ने पहले दिन क़रीब 12 करोड़ रुपये की कमाई की. वहीं, इस फिल्म के साथ रिलीज़ हुई अक्षय कुमार की फ़िल्म रक्षा बंधन ने पहले दिन क़रीब आठ करोड़ रुपये की कमाई की है.
तरण आदर्श ने 2022 में पहले दिन सबसे ज्यादा कमाई करने वाली पांच हिंदी फ़िल्मों के नाम भी बताए. ये टॉप पांच फ़िल्में क्रमश: भूल भुलैया (14.11 करोड़ रुपये), बच्चन पांडे (13.25 करोड़), लाल सिंह चड्ढा (12 करोड़), सम्राट पृथ्वीराज(10.70 करोड़) और गंगूबाई काठियावाड़ी (10.50 करोड़) हैं.
फ़िल्म लाल सिंह चड्ढा टॉम हैंक्स की 1994 में रिलीज़ हुई फ़िल्म फॉरेस्ट गंप की भारतीय रीमेक है. लाल सिंह चड्ढा का स्क्रीनप्ले अतुल कुलकर्णी ने लिखा है जबकि फॉरेस्ट गंप का मूल स्क्रीनप्ले एरिक रॉथ ने लिखा था.
बिहार: दस लाख नौकरियां देने के तेजस्वी यादव के वादे पर नीतीश कुमार ने क्या कहा?
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बिहार में नई सरकार के गठन के साथ ही लोगों ने यह पूछना शुरू कर दिया है कि आख़िर दस लाख सरकारी नौकरियां कब तक मिलेंगी?
दरअसल, बिहार की नई सरकार में डिप्टी सीएम और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में अपने घोषणा पत्र बिहार के नौजवानों को दस लाख स्थाई नौकरियां देने का वादा किया था.
अब जबकि वो बिहार के डिप्टी सीएम बन गए हैं तो लोग उनसे सवाल कर रहै हैं.
इस सवाल का जवाब देते हुए तेजस्वी यादव ने गुरुवार को एक साक्षात्कार में कहा था कि इस संबंध में उनकी राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ बात हुई है और सीएम इस मामले पर गंभीर भी हैं.
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क्या बोले नीतीश कुमार?
लेकिन अब सीएम नीतीश कुमार की ओर से भी इस संबंध में जवाब आ गया है.
नीतीश कुमार ने दस लाख नौकरियों पर तेजस्वी के जवाब पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा, "ठीक ही है, हम लोग हमेशा से कोशिश कर ही रहे हैं. हमारी पूरी कोशिश रहेगी."
उन्होंने कहा, "हम कोशिश कर रहे हैं, हमारा पूरा प्रयास रहेगा. 2015-2016 में भी हमने जो कहा था वो किया. उसका दूसरा चरण भी लाया गया. उसके अलावा भी बहुत काम किया है. हमने भी कहा है कि अधिक से अधिक रोजगार मिलना चाहिए."
नीतीश कुमार ने कहा कि इसके लिए पूरा का पूरा प्रयास किया जाएगा.
तेजस्वी यादव क्या बिहार में 10 लाख सरकारी नौकरी दे पाएंगे?
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गोविंदा कुमार बिहार के औरंगाबाद ज़िले के एक गाँव में 2014 में शिक्षक के तौर पर नियुक्त हुए. यह इंटर स्कूल था. 2014 में नियुक्ति के दौरान इनकी सैलरी 11 हज़ार प्रति महीने थी.
लेकिन यह भी हर महीने नहीं मिलती. सैलरी मिलने में तीन से चार महीने लग जाते थे. बिहार में नीतीश कुमार के शासन में सभी नियोजित शिक्षक इस परेशानी से आज भी जूझ रहे हैं. उन्हें सैलरी के लिए तीन महीने का इंतज़ार करना पड़ता है.
गोविंदा ने बिहार की नौकरी छोड़ दी और झारखंड के पलामू ज़िले में शिक्षक बन गए. अब उनकी सैलरी 80 हज़ार रुपए है लेकिन समय पर सैलरी वहाँ भी नहीं मिलती है.
गोविंदा कहते हैं कि बिहार सरकार वर्तमान कर्मियों को ही समय पर वेतन देने नहीं दे पा रही है, ऐसे में 10 लाख नई नौकरियों को लेकर भरोसा नहीं होता.
सैमसंग के वारिस को दक्षिण कोरियाई सरकार ने भ्रष्टाचार के मामले में क्यों दी माफ़ी
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सैमसंग के उत्तराधिकारी और साल 2017 में रिश्वतखोरी और गबन के आरोप में दोषी करार दिए गए ली जे योंग को दक्षिण कोरियाई सरकार ने माफ़ी दे दी है. ली जे-योंग को विशेष राष्ट्रपति क्षमादान के तहत ये माफ़ी दी गई है.
दक्षिण कोरिया के सबसे शक्तिशाली सफ़ेदपोश अपराधियों में से एक जे-योंग
को पूर्व राष्ट्रपति पार्क ग्यून-हे को रिश्वत देने के आरोप में दो बार जेल हुई थी.
सैमसंग के प्रमुख ने दो कंपनियों के विलय को लेकर राष्ट्रपति से समर्थन मांगा था और उन्हें इसके लिए आठ मिलियन डॉलर रिश्वत की पेशकश की थी. जब ये ख़बर बाहर आई तो दक्षिण कोरिया की राजधानी सोल में पूर्व राष्ट्रपति के विरुद्ध जमकर विरोध प्रदर्शन हुए.
नतीजा ये हुआ कि राष्ट्रपति को अपनी कुर्सी छोड़नी पड़ी और योंग को भी जेल जाना पड़ा. अब दक्षिण कोरियाई सरकार ने उन्हें माफ़ कर दिया है.
सरकार ने ली जे-योंग को मिली माफ़ी को सही ठहराते हुए कहा कि महामारी के बाद देश के आर्थिक सुधार के लिए फ़िलहाल उनकी ज़रूरत है. देश की सबसे बड़ी कंपनी के वास्तविक नेता का वापस आना ज़रूरी है.
भारतीय छात्रा का पाकिस्तानी दोस्त के लिए लिखा ये पोस्ट हुआ वायरल
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इमेज कैप्शन, दो पड़ोसी देशों (भारत-पाकिस्तान) की महिलाएं अपने-अपने देश के झंडे के साथ
सोशल मीडिया पर एक भारतीय महिला की पोस्ट वायरल हो रही है जिसमें उन्होंने अपनी पाकिस्तानी क्लासमेट के बारे में लिखा है.
ये दोनों सहेलियां अमेरिका के हार्वर्ड बिज़नेस स्कूल में पढ़ती हैं. पोस्ट में दोनों अपने देशों का झंडा थामे दिखती हैं.
पोस्ट में भारतीय छात्रा स्नेहा बिस्वास लिखती हैं कि एक पाकिस्तानी छात्रा के साथ उनकी दोस्ती ने पड़ोसी देश के बारे में उनके ज़हन की रुढ़ियों को तोड़ा है, जिस पर वो आज तक भरोसा करती रही थीं.
भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों में हमेशा से ही तनाव रहा है.
पाकिस्तानी नौसेना ने भारतीय जहाज पर सवार 9 लोगों की बचाई जान: रिपोर्ट
इमेज स्रोत, Adrian Pope/Getty Images
इमेज कैप्शन, सांकेतिक तस्वीर
पाकिस्तान के 'डॉन' अखबार की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, पाकिस्तानी नौसेना ने अरब सागर में डूबे एक भारतीय जहाज पर सवार नौ लोगों की जान बचाई है.
ये सभी एक भारतीय जहाज के चालक दल के सदस्य थे.
पाकिस्तानी नौसेना ने अपने एक बयान में कहा, "नौसेना ने इमरजेंसी कॉल का तुरंत जवाब दिया और पाकिस्तान समुद्री सूचना केंद्र ने पास के एक व्यापारी जहाज 'माउंट क्रुइबेके' से डूबते जहाज के फंसे हुए चालक दल को आवश्यक सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया."
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय जहाज "जमना सागर" 9 अगस्त को बलूचिस्तान प्रांत के ग्वादर शहर के पास अपने 10 चालक दल के सदस्यों के साथ डूब गया था.
फ़ुकुशिमा न्यूक्लियर प्लांट से कैसे बढ़ी लोगों की फ़िक्र
वीडियो कैप्शन, जापान के फ़ुकुशिमा पावर प्लांट में हुए हादसे को लोग अब भी नहीं भूले हैं.
जापान के फ़ुकुशिमा पावर प्लांट में हुए हादसे को लोग अब भी नहीं भूले हैं.
इस वजह से वहां न्यूक्लियर रिएक्टर्स को लेकर लोगों के मन में डर बैठ गया था.
लेकिन हाल ही में वहां की सरकार के एक फ़ैसले से कई लोग सहमे हुए हैं.
बिहार: प्रधानमंत्री पद के लिए उम्मीदवारी के सवाल पर क्या बोले नीतीश कुमार
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन रिपोर्टों को खारिज किया जिनमें ये कहा जा रहा था कि वे प्रधानमंत्री पद के दावेदार हैं.
पटना में पत्रकारों ने शुक्रवार को उनसे पूछा कि आपको प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में देखा जा रहा है?
इस पर नीतीश कुमार ने जवाब में कहा, "देखिए भाई, हम एक बात हाथ जोड़कर कह रहे हैं. ऊ सब मेरे मन में कोई बात नहीं है."
गिरिराज सिंह ने जदयू के साथ छोड़ने पर कहा था कि नीतीश कुमार को को कहा था कि 'नीतीश कुमार को पीएम मैटेरियल का कीड़ा काटता है.'
वीडियो कैप्शन, गिरिराज सिंह: 'नीतीश कुमार को पीएम मैटेरियल का कीड़ा काटता है'
पत्रकारों ने नीतीश कुमार से बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के बयान का हवाला देते हुए ये सवाल दोहराया.
जिस पर मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से कहा, "हमारे नज़दीक भी कोई ये बात कह देता है तो हम प्रणाम कह देते हैं... छोड़ो न भाई. हमारा काम है सब का काम करना और हम कोशिश करेंगे कि सभी दल एक साथ मिलकर चलें... विपक्ष वाले तो बहुत अच्छा होगा.... एक साथ मिलकर के रहेंगे... तो लोगों की समस्याओं पर बात करेंगे. समाज में अच्छा वातावरण रहे, इसके लिए सब कोशिश करेंगे..."
प्लास्टिक कचरा बना जान का ख़तरा
वीडियो कैप्शन, प्लास्टिक कचरा बना जान का ख़तरा
क्या आप जानते हैं कि हम-आप जो कचरा, जाने-अनजाने यहां-वहां फैलाते हैं, वो परिंदों की जान के लिए ख़तरा बन जाता है.
कोरोना महामारी के दौर में ये समस्या और ज़्यादा बढ़ गई, जहां फेस मास्क अभी भी यहां-वहां पड़े नज़र आ जाते हैं. बीबीसी संवाददाता विक्टोरिया गिल की रिपोर्ट.
तमिलनाडु के पूर्व मंत्री और अन्नाद्रमुक नेता से जुड़े 26 ठिकानों पर राज्य के सतर्कता निदेशालय का छापा
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तमिलनाडु के पूर्व मंत्री और अन्नाद्रमुक नेता केपीपी भास्कर के 26 ठिकानों पर राज्य के सतर्कता और भ्रष्टाचार रोधी निदेशालय ने छापेमारी की है.
समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, आय से अधिक संपत्ति मामले में पूर्व मंत्री, उनके बेटे और तीन अन्य के ख़िलाफ शिकायत दर्ज हुई थी.
एफआईआर के मुताबिक़ ''2011-2021 के बीच कामराज, उनके बेटे और सहयोगियों ने अनमाने तरीके से 54 करोड़ 44 लाख से अधिक की संपत्ति अर्जित की थी.''
राज्य का सतर्कता निदेशालय पूर्व विधायक और उनके परिवार की संपत्ति की जांच कर रहा है.
भास्कर को तमिलनाडु के नेता प्रतिपक्ष और एआईएडीएमके के महासचिव इके पलानीस्वामी का क़रीबी माना जाता है.
निदेशालय का दावा है कि कामराज की संपत्ति उनकी आय से 4.72 करोड़ रुपये अधिक थी.
इससे पहले जुलाई में भी एजेंसी ने पूर्व मंत्री के 49 ठिकानों पर छापेमारी की थी. इस दौरान कामराज की आय के ज्ञात स्रोत से 58.44 करोड़ रुपये की अधिक संपत्ति का पता चला था.
रूसी एयरबेस को पहुंचा जबरदस्त नुकसान
वीडियो कैप्शन, कब्ज़े वाले क्राइमिया में रूसी एयरबेस को जबरदस्त नुकसान पहुंचा
सैटेलाइट्स से मिली नई तस्वीरों से पता चला है कि रूसी क़ब्ज़े वाले क्राइमिया में रूसी एयरबेस को जबरदस्त नुकसान पहुंचा है जहां बीते मंगलवार सिलसिलेवार धमाके हुए थे.
हालांकि रूस का दावा है कि धमाके की वजह कोई हमला नहीं है, बल्कि गोला-बारूद के भंडार में दुर्घटना की वजह से ऐसा हुआ.
यूक्रेन के ज़ेपोरीज़िया परमाणु संयंत्र के पास हुई बमबारी पर भारत ने क्या कहा
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भारत ने यूक्रेन के ज़ेपोरीज़िया परमाणु संयंत्र के पास हुई बमबारी की रिपोर्टों को लेकर चिंता जताई है.
भारत ने दोनों ही पक्षों से संयम बरतने की अपील करते हुए इसके संभावित गंभीर नतीज़ों को लेकर आगाह भी किया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र की परमाणु नियामक एजेंसी आईएईए के प्रमुख ने गुरुवार को सुरक्षा परिषद की एक बैठक में बताया कि ज़ेपोरीज़िया परमाणु संयंत्र के पास हुई जंग के कारण वहां कुछ नुक़सान हुआ है.
उन्होंने परमाणु संयंत्र की स्थिति का जायजा लेने के लिए फौरन वहां एक टीम भेजने की मांग की है.
संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थाई प्रतिनिधि ऐम्बैसडर रुचिरा कम्बोज ने कहा, "हम यूक्रेन के परमाणु ऊर्जा रिएक्टर्स और प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर वहां के हालात पर करीबी नज़र रखे हुए हैं."
उन्होंने कहा, "भारत इन केंद्रों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने की बेहद महत्वपूर्ण मानता है क्योंकि परमाणु प्रतिष्ठानों पर किसी दुर्घटना की सूरत में आम लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण पर गंभीर दुष्परिणाम हो सकते हैं."
रुचिरा कम्बोज ने कहा कि भारत ने ज़ेपोरीज़िया परमाणु संयंत्र के ईंधन स्टोरेज के पास हुई बमबारी की रिपोर्टों को लेकर चिंता जाहिर की है.
लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर ये परिवार
वीडियो कैप्शन, गैस सिलेंडर की जगह लकड़ी के चूल्हे पर खाने बनाने की मजबूरी
रोज़मर्रा की चीज़ों की बढ़ती क़ीमतें आम लोगों के जीवन पर ख़ासा असर डाल रही हैं.
महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों में कुछ ऐसे परिवार हैं, जिन्हें उज्जवला योजना के तहत मिला गैस सिलेंडर छोड़ फिर से लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाना पड़ रहा है.
देखिए बीबीसी के सहयोगी नीतीश राउत की रिपोर्ट.
अमेरिका: डोनाल्ड ट्रंप के घर एफ़बीआई की रेड से जुड़े सर्च वारंट पर विवाद गहराया
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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के घर मार-ए-लागो रिजॉर्ट पर हाल ही अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई की छापेमारी का मुद्दा शांत होने को नाम नहीं ले रहा.
गुरुवार को अमेरिकी न्याय विभाग ने फ्लोरिडा की अदालत से उस सर्च वारंट को सार्वजनिक करने की अपील की, जिसके आधार पर एफबीआई ने ट्रंप के घर पर छापेमारी की.
डोनाल्ड ट्रंप ने भी अपने एक बयान में कहा कि वो सर्च वारंट को तत्काल सार्वजनिक करने के पक्ष में हैं. हालांकि वो ये बातें भी दोहराते नज़र आए कि उनकी घर हुई छापेमारी गैरज़रूरी और राजनीति से प्रेरित थी.
बीते सोमवार को ट्रंप के घर में छापेमारी के दौरान एफबीआई ने दस्तावेज़ों से भरे एक दर्जन बॉक्स बरामद किए थे, लेकिन इन दस्तावेज़ों से जुड़ी कोई भी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई.
माना जा रहा है कि एफबीआई की छापेमारी के तार उस जांच से जुड़ी है जिसमें ये पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पूर्व राष्ट्रपति ने व्हाइट हाउस के कुछ गोपनीय रिकॉर्ड और संवेदनशील दस्तावेज़ हटाए तो नहीं हैं.
अमेरिकी अख़बार वाशिंगटन पोस्ट ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि एफबीआई परमाणु हथियारों से जुड़े दस्तावेज़ों की तलाश में ट्रंप के घर पहुंची थी.
तेजस्वी यादव पर ट्वीट कर घिरे गिरिराज सिंह, पीएम मोदी को भी उलाहना
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राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव पाँच साल बाद फिर बिहार की सत्ता के केंद्र में हैं. उनके उपमुख्यमंत्री बनने के बाद बेरोज़गारी को लेकर किए गए उनके उस वादे की ख़ूब चर्चा हो रही है जिसे लेकर उन्होंने विधानसभा चुनाव में जनता से वोट माँगा था.
2020 में रोज़गार और बेरोज़गारी के मुद्दे पर चुनावी मैदान में उतरे तेजस्वी ने बिहार के लिए '10 लाख सरकारी नौकरी' का वादा किया था.
बुधवार को डिप्टी सीएम बनने के बाद से ही तेजस्वी से रोज़गार को लेकर बड़ी घोषणा की उम्मीद की जा रही थी मगर उन्होंने तत्काल कोई स्पष्ट एलान नहीं किया है.
लेकिन इस बीच तेजस्वी का एक बयान सामने आया है जिसकी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा है.
ज़ेलेंस्की की अपील: दुनिया रूस से कहे कि वो न्यूक्लियर प्लांट से तुरंत निकले
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यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वो ज़ेपोरीज़िया परमाणु संयंत्र में मौजूद रूसी सैनिकों को तुरंत वहां से निकलने को कहे.
रूस पर न्यूक्लियर ब्लैकमेल का आरोप लगाते हुए ज़ेलेंस्की ने कहा है कि रूसी फौज का वहां से निकलना यूक्रेन ही नहीं पूरी दुनिया के हित में है.
उनका ये बयान संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद की बैठक के बाद आया है. अमेरिका और चीन ने भी इस न्यूक्लियर प्लांट में संयुक्त राष्ट्र के एक्सपर्ट को जाने देने की अपील की है.
यूएन में यूक्रेन के राजदूत ने कहा, "अगर वहां से रेडिएशन का रिसाव हुआ तो हम में से कोई भी हवाओं का रुख़ नहीं रोक पाएगा. लेकिन दुनिया आतंकी देश को तो रोक सकती है."
लेकिन रूस ने साफ़ किया है कि वो न्यूक्लियर प्लांट की हिफ़ाज़त कर रहा है.
उत्तराखंड बीजेपी अध्यक्ष बोले- 'जिस घर तिरंगा नहीं, भेजें उसकी तस्वीर'
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उत्तराखंड बीजेपी के प्रदेश प्रमुख महेंद्र भट्ट के तिरंगे को लेकर दिए गए एक बयान की काफ़ी चर्चा हो रही है और प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने उन्हें आड़े हाथों लिया है.
मीडिया में आई रिपोर्ट्स के मुताबिक़ बुधवार को हलद्वानी में एक सभा को संबोधित करते हुए महेंद्र भट्ट ने कहा कि वो लोग जो हर घर तिरंगा अभियान के दौरान अपने घरों में राष्ट्रीय ध्वज नहीं लगाते, उनकी देशभक्ति पर सवाल खड़ा हो सकता है.
भट्ट ने कहा, '' जिसके घर में तिरंगा नहीं लगेगा, हम उसे विश्वास की नज़र से कभी देख नहीं पाएंगे. मुझे उस घर का फ़ोटो चाहिए जिस घर में तिरंगा न लगा हो. समाज देखना चाहता है उस घर को, उस परिवार को कि भारत के सम्मान का भाव किस-किस परिवार में नहीं है.''
''घर में देश का झंडा लगाने से किसे दिक्कत हो सकती है? देश ऐसे लोगों पर भरोसा नहीं कर सकता जो तिरंगा नहीं फहराते हों.''
हालाँकि, बाद में अख़बार टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए भट्ट ने कहा कि कांग्रेस ने उनके बयान का ग़लत अर्थ निकाला है.
उन्होंने कहा,"वो (कांग्रेस) अब कह रहे हैं कि लोगों के पास राष्ट्रीय ध्वज ख़रीदने के पैसे नहीं हैं. जबकि अलग-अलग माध्यमों से सरकार लोगों को तिरंगा उपलब्ध करा रही है और पार्टी भी इसमें मदद कर रही है."
भट्ट के इस विवादित बयान पर कई विपक्षी पार्टियों की प्रतिक्रिया आ रही है.
उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व प्रमुख गणेश गोडियाल ने कहा, '' राष्ट्रीय पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते, कुछ भी बोलने से पहले उन्हें दो बार सोचना चाहिए. फ़िलहाल मैं पहाड़ों की यात्रा पर हूं और देख पा रहा हूं कि कई घरों में झंडे नहीं लगे हैं. शायद बीजेपी सरकार में माली हालत ख़राब होने के कारण वो तिरंगा नहीं लगा पा रहे हों.''
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जम्मू-कश्मीर में बिहार के एक और मज़दूर की चरमपंथियों ने की हत्या
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जम्मू-कश्मीर में पुलिस के अनुसार चरमपंथियों ने गुरुवार रात बिहार के एक मज़दूर की गोली मारकर हत्या कर दी.
कश्मीर ज़ोन की पुलिस ने एक ट्वीट कर बताया है कि चरमपंथियों ने गुरुवार की मध्य रात्रि बांदिपोरा के सदुनारा संबल में एक प्रवासी मज़दूर पर गोलियाँ चलाईं जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया जहाँ उसकी मौत हो गई.
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हमले के व़क्त मौके पर मौजूद अमरेज़ के भाई ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, '' गुरुवार को साढ़े 12 बजे रात के करीब मेरे भाई ने मुझे जगाया और कहा कि फायरिंग शुरू हो गई है. वो हमारे आसपास नहीं था, हमें लगा शौचालय गया है. हम देखने गए, तो वो खून से लथपथ गिरा हुआ था. हमने सुरक्षा कर्मियों से संपर्क किया. उन्हें हाजिन लाया गया और बाद में रेफर कर दिया गया लेकिन उनकी मृत्यु हो गई.''
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पुलिस के मुताबिक़ मज़दूर का नाम मोहम्मद अमरेज़ था जो बिहार के मधेपुरा ज़िले के बेसाढ़ का रहने वाला था.
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जम्मू कश्मीर में पिछले सप्ताह भी चरमपंथियों ने बिहार के एक मज़दूर की हत्या कर दी थी.
4 अगस्त को कश्मीर के पुलवामा ज़िले के गदूरा गाँव में चरमपंथियों ने एक शिविर में रह रहे बिहारी मज़दूरों पर ग्रेनेड हमला किया था जिससे एक मज़दूर की मौत हो गई थी और दो अन्य घायल हो गए थे.
उस हमले में बिहार के सकवा परसा के निवासी मोहम्मद मुमताज़ की मौत हो गई थी.
जम्मू-कश्मीर में इस वर्ष बाहर से आए लोगों पर चरमपंथी हमलों की घटनाओं में तेज़ी आई है. दो महीने पहले ये हमले रुक गए थे. मगर इस महीने एक बार फिर ऐसे हमले होने लगे हैं.
वैसे जम्मू-कश्मीर में अगस्त 2019 में विशेष राज्य का दर्जा ख़त्म किए जाने के बाद से ऐसी हत्याओं में इज़ाफ़ा देखा गया है.
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