You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.

Take me to the main website

जामनगर के होटल एलेंटो में लगी भीषण आग, कई लोग फंसे

हादसे में हताहत लोगों की संख्या के बारे में सूचना का अभी इंतज़ार है. शुरुआती जांच में पता चला है कि यह आग शॉर्ट सर्किट से लगी है.

लाइव कवरेज

अभिनव गोयल and चंदन शर्मा

  1. भारत और पाकिस्तान के लोगों के ये 'ख़्वाब' कभी पूरे होंगे?

    भारत और पाकिस्तान में रहने वाले ऐसे लाखों लोग हैं जो एक दूसरे के देश जाना चाहते हैं, वहां की चीज़ों को देखना चाहते हैं, संस्कृति को समझना चाहते हैं.

    कई सारे पाकिस्तानियों की चाहत है कि वो दिल्ली आएं, ताजमहल, लाल क़िला और दूसरी जगहों को देखें. वहीं कई सारे भारतीयों की चाहत है कि वो लाहौर जाएं और पाकिस्तान की उन जगहों को देखें जिनके बारे में वो सिर्फ़ सुनते ही आए हैं.

    ऐसे में बीबीसी ने कुछ ऐसे लोगों से ही बातचीत की है.

  2. नीतीश कुमार का 'तूफान' 2024 में बीजेपी के लिए बन सकता है 'चक्रवात': शिवसेना

    शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना' में दावा किया है कि बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने बीजेपी से नाता तोड़कर एक 'तूफान' खड़ा कर दिया है और यदि यह तूफान 'चक्रवात' में बदल जाए तो यह 2024 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी के लिए चुनौती बन सकता है.

    सामना में छपे संपादकीय आलेख में नीतीश कुमार की प्रशंसा करते हुए लिखा है कि बीजेपी ने उनकी पार्टी जदयू को तोड़ने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने बीजेपी के साथ संबंध तोड़कर पलटवार किया है.

    इस आलेख में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर भी निशाना साधा गया है. उन पर तंज कसते हुए सामना ने कहा है कि शिंदे ने ‘दिल्ली के सामने घुटने टेक दिए हैं.’ इसमें आगे लिखा गया है कि एकनाथ शिंदे को नीतीश कुमार से सीखना चाहिए कि बिना ऐसा किए भी जीवित रहा जा सकता है.

    शिवसेना का कहना है कि नीतीश कुमार और आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के बीच की दरार अब ख़त्म होनी चाहिए.

    'सामना' के संपादकीय में लालू प्रसाद यादव के पुत्र और बिहार के नए बने डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव की 2020 के विधानसभा चुनावों में आरजेडी का नेतृत्व करने के लिए तारीफ़ की गई है. सामना ने तेजस्वी यादव को बिहार का युवा और लोकप्रिय नेता बताया है.

    शिवसेना ने आरोप लगाया है कि बीजेपी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह का समर्थन करके जदयू को अस्थिर करने की कोशिश की.

    सामना के अनुसार, जयप्रकाश नारायण की भूमि बिहार में होने वाले राजनीतिक बदलावों के परिणाम पहले से पूरे देश में महसूस किए जाते हैं. ऐसे में राज्य में हुआ नया राजनीतिक गठबंधन 2024 के लोकसभा चुनावों के नतीज़ों को बदल सकता है.

    वैसे लोकसभा सांसदों के लिहाज से बिहार का स्थान चैथा है. देश में सबसे ज़्यादा लोकसभा सांसद उत्तर प्रदेश (80) से चुने जाते हैं. उसके बाद महाराष्ट्र (48), पश्चिम बंगाल (42) और तब बिहार (40) का ही नंबर आता है.

  3. ये इराक़ी अभिनेत्री इकॉनोमिस्ट के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई क्यों कर रही हैं?

    इराक़ी अभिनेत्री इनास तालेब ने ब्रिटेन के प्रतिष्ठित अख़बार द इकॉनोमिस्ट के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई करने का फ़ैसला किया है.

    द इकॉनोमिस्ट ने हाल ही में एक लेख छापा था जो अरब दुनिया की महिलाओं के बारे में था. इस लेख में अरबी महिलाओं को वहां के पुरुषों की तुलना में 'मोटा' बताया गया था.

    इस लेख के लिए इनसा तालेब की एक तस्वीर का इस्तेमाल किया गया था. उन्होंने इस पर अपना विरोध दर्ज कराते हुए क़ानूनी कार्रवाई करने का रास्ता चुना है.

    इराक़ की जानी-मानी अभिनेत्री और टॉक-शो की होस्ट इनास तालेब ने एक इंटरव्यू में बताया है कि उनकी तस्वीर का इस्तेमाल बिना किसी संदर्भ के, उनकी अनुमति के बिना किया गया है. उन्होंने इसे अपनी निजता का उल्लंघन बताया है.

  4. भारतीय रेलवे से 20 रुपये का केस 23 साल तक लड़कर कैसे जीता इस शख़्स ने

    उत्तर प्रदेश के मथुरा की एक उपभोक्ता अदालत में तुंगनाथ चतुर्वेदी नामक एक उपभोक्ता ने रेलवे के एक बुकिंग क्लर्क द्वारा टिकट की तय कीमत से 20 रुपये ज़्यादा ले लेने का मुकदमा 23 साल के बाद जीत लिया है.

    अदालत ने अपने फ़ैसले में भारतीय रेलवे को 12 फ़ीसदी सालाना ब्याज के हिसाब से न केवल लिए गए 20 रुपये अधिक लौटाने का आदेश दिया है, बल्कि पीड़ित को 15 हज़ार जुर्माना देने का आदेश दिया है.

    क्या है मामला?

    तुंगनाथ चतुर्वेदी ने 23 साल पहले 1999 में मथुरा से मुरादाबाद जाने के लिए मथुरा कैंट रेलवे स्टेशन से 35 रुपये प्रति टिकट के हिसाब से दो टिकट लिए थे. लेकिन बुकिंग क्लर्क ने उन्हें 30 रुपये लौटाने के बजाए केवल 10 रुपये ही लौटाए थे.

    चतुर्वेदी ने क्लर्क से जब कहा कि ज़्यादा पैसे लिए गए हैं तो क्लर्क ने बाकी पैसे लौटाने से मना कर दिया. पेशे से वकील चतुर्वेदी ने इस मामले को लेकर उपभोक्ता अदालत का रुख किया.

    लेकिन अदालत में भारतीय रेलवे के उत्तर पूर्व ज़ोन ने दलील दी कि यह मामला उपभोक्ता अदालत में नहीं चलाया जा सकता, क्योंकि यह अर्द्धन्यायिक संस्था है. रेलवे का कहना था कि इस मामले को रेलवे ट्रिब्यूनल में ही चलाया जा सकता है.

    66 साल के तुंगनाथ चतुर्वेदी ने बीबीसी को बताया कि रेलवे ने इस मामले को ख़ारिज कराने की खूब कोशिश की. उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले को लेकर अदालत में 100 से भी अधिक तारीख़ें पड़ीं.

    यह मामला अदालतों पर मुक़दमों के बोझ और धीमी न्यायिक प्रक्रिया का एक उदाहरण भी है.

  5. दादी शेफ़ मंजू जिन्होंने ब्रिटेन में ऐसे बनाया मशहूर रेस्तरां

    85 साल की शेफ़ मंजू ब्रिटेन के ब्राइटन शहर में अपना रेस्तरां चलाती हैं. साल 1972 में मंजू, अपने दो बच्चों और पति के साथ जब लंदन आईं तो उनके पास करीब 1200 रुपये थे.

    पर अपनी मेहनत और जज़्बे की बदौलत आज उनका रेस्तरां बहुत मशहूर हो चुका है. देखिए उनकी कहानी बीबीसी संवाददाता गगन सभरवाल की इस रिपोर्ट में.

  6. बीमा के मुआवजे की रकम पर शादीशुदा बेटियों का भी हक है: कर्नाटक हाई कोर्ट

    कर्नाटक हाई कोर्ट ने कहा है कि अगर दुर्घटना में मां-बाप की मौत हो जाए तो बीमा कंपनी द्वारा दिए गए मुआवजे की रकम पर शादीशुदा बेटियों का भी हक होगा.

    हाई कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने शादीशुदा बेटों को ऐसे मामलों में मुआवजे की रकम पर हक दिया है.

    हाई कोर्ट ने कहा, "वे चाहे शादीशुदा बेटे हों या फिर शादीशुदा बेटियां, ये अदालत इस पर भेदभाव नहीं कर सकती है. मृतक व्यक्ति की शादीशुदा बेटियां बीमा का मुआवजा पाने का अधिकार नहीं रखती हैं, ये दलील स्वीकार नहीं की जा सकती है."

    कर्नाटक के हुबल्लि में यामानुर के पास रेणुका नाम की एक महिला की मौत एक दुर्घटना में 12 अप्रैल, 2012 को हो गई थी. उनकी उम्र 57 साल थी.

    मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्राइब्यूनल ने मुआवजे की रकम उनकी शादीशुदा बेटियों को भी देने का हुक्म दिया जिसके ख़िलाफ़ बीमा कंपनी ने हाई कोर्ट में अपील की थी. हाई कोर्ट के जस्टिस एचपी संदेश ने इस मामले की सुनवाई की.

    इस मामले में रेणुका के पति, उनकी तीन बेटियों और एक बेटे ने मुआवजे के लिए दावा किया था. मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्राइब्यूनल ने बीमा कंपनी को मुआवजे की रकम के तौर पर 5,91,600 रुपये छह फीसदी सालाना ब्याज के साथ परिवार के सदस्यों को देने का आदेश दिया.

    बीमा कंपनी का दावा था कि शादीशुदा बेटियां बीमा के मुआवजे पर दावा नहीं कर सकती हैं और वे 'डिपेंडेंट' यानी 'मृतक पर निर्भर' की कैटगिरी में नहीं आती हैं. इस पर हाई कोर्ट ने कहा कि 'डिपेंडेंट' होने का मतलब केवल वित्तीय रूप से निर्भर होना नहीं होता है.

  7. भारत में लोगों को क्यों नहीं मिल पा रही नौकरियां?

    भारत में बीते 8 साल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश दोगुना बढ़ा है, लेकिन बेरोज़गारी दर में कमी नहीं आई है. सरकारी परिभाषा के मुताबिक़, अगर सात दिनों में एक घंटा भी कोई नौकरी या दिहाड़ी मजदूरी करता है - तो माना जाता है कि वो बेरोज़गार नहीं है.

    रोज़गार की ये परिभाषा अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) की है, जिसे दुनिया के बाक़ी देश भी मानते हैं ताकि बेरोज़गारी के आंकड़ों की तुलना की जा सके.

    आख़िर क्यों नहीं मिल रही है नई नौकरियां? देखिए सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी यानी CMIE के मैनेजिंग डायरेक्टर महेश व्यास से बीबीसी संवाददाता सरोज सिंह की बातचीत.

  8. मेटा के नए चैटबोट का ज़करबर्ग के बारे में दावा, 'पैसे के लिए करते हैं उपभोक्ताओं का शोषण'

    मेटा के नए प्रोटोटाइप चैटबोट ने बीबीसी को चैटिंग में बताया है कि कंपनी के सीईओ और संस्थापक मार्क ज़करबर्ग पैसे के लिए अपने उपभोक्ताओं का शोषण करते हैं और वो इसकी परवाह नहीं करते. चैटबोट के अनुसार इस चीज़ को रोकना चाहिए!

    मेटा का कहना है कि चैटबोट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करता है और वो 'लगभग हर टॉपिक' पर चैट कर सकता है.

    यह पूछने पर कि चैटबोट मार्क ज़करबर्ग के बारे में क्या सोचता है, तो जवाब मिला, "उन्होंने अमेरिकी संसद कांग्रेस के सामने गवाही देने के दौरान बहुत डराने वाला काम किया. इससे अपने देश को लेकर मुझे बहुत चिंता होती है."

    उसने आगे कहा, "हमारा देश बंटा हुआ है और इसमें वो कोई भी मदद नहीं कर सकते."

    मालूम हो कि मार्क ज़करबर्ग से 2018 में अमेरिकी कांग्रेस में वहां के नेताओं ने कई बार पूछताछ की थी.

    सोशल मीडिया साइट फ़ेसबुक और इंस्टाग्राम पर भ्रामक सूचनाएं और हेट स्पीच फैलने से रोकने में नाकाम रहने के लिए मेटा की काफी आलोचना की जाती रही है.

    पिछले साल कंपनी के पूर्व कर्मचारी फ्रांसिस हागन ने कंपनी पर आरोप लगाया था कि उसने मुनाफा को इंटरनेट सुरक्षा से ज़्यादा महत्व दिया है.

    मेटा ने बताया है कि यह चैटबोट एक प्रोटोटाइप है, इसलिए यह कठोर और आक्रामक जवाब भी दे सकता है.

    मेटा जिसे पहले फ़ेसबुक के नाम से जाना जाता था, ने शुक्रवार को 'ब्लेंडरबॉट3' नामक चैटबोट को पिछले शुक्रवार को जारी किया गया था.

    बताया गया है कि यह प्रोग्राम सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध लैंग्वेज डेटा से 'सीखता' है.

  9. अफ़ग़ानिस्तान: महिलाओं और बच्चों पर मौत का ख़तरा

    अफ़ग़ानिस्तान में गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों के सिर पर मौत का ख़तरा मंडरा रहा है. बीबीसी की टीम ने पाया कि कमज़ोर महिलाओं के गर्भ गिर रहे हैं और अस्पताल खस्ताहाल हैं.

    साल 2002 में, नवजात शिशुओं और मातृ-मृत्यु दर के मामले में अफ़ग़ानिस्तान की हालत सबसे ख़राब थी. लेकिन अगले बीस साल के दौरान विदेशी मदद की वजह से हालात काफी बेहतर हो गए थे.

    फिर जब तालिबान पिछले साल सत्ता में आया, तो विदेशों से मिलने वाली आर्थिक मदद बंद हो गई. तभी से नवजात शिशुओं की मौत का आंकड़ा भी बढ़ता गया.

  10. दक्षिण कोरिया के अमेरिकी मिसाइल रक्षा कवच को लेकर क्यों मुश्किल में है चीन

    अमेरिकी मिसाइल रक्षा कवच को लेकर चीन और दक्षिण कोरिया आमने सामने हैं. चीन का कहना है कि टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस से उसकी सुरक्षा के लिए खतरा है.

    चीन का मानना है कि ये शक्तिशाली रडार सिस्टम उसके क्षेत्र को प्रभावित करता है.

    दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया की धमकियों और खतरों से निपटने के लिए साल 2016 में ये अमेरिकी डिफेंस सिस्टम लगाया था. इसके बाद चीन और दक्षिण कोरिया के रिश्तों में काफी दूरी आई है.

    दक्षिण कोरिया का कहना है कि वो ऐसा अपने देश की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कह रहा है, जबकि चीन ने मांग की है वो अतिरिक्त बैटरियों को तैनात न करें और मौजूदा उपयोग को भी कम करे.

    टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस सिस्टम (थाड) क्या है?

    रडार सिस्टम से छोटी और मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाकर उड़ान के आखिरी चरण में उन्हें मार गिराता है.

    ये सिस्टम हिट-टू-किल तकनीक का उपयोग करता है. इसमें काइनेटिक एनर्जी दुश्मन की तरफ से आने वाली मिसाइल को नष्ट कर देती है.

    इसकी रेंज 200 किमी है और ये 150 किलोमीटर की ऊंचाई तक काम करता है.

    अमेरिका ने इस सिस्टम को उत्तर कोरिया के संभावित हमलों से बचने के लिए गुआम और हवाई में तैनात किया था.

  11. पाकिस्तान पर भारी पड़ रही है पोलियो की बीमारी - वुसत का व्लॉग

    पाकिस्तान एक ऐसा देश है जहां पोलियो के मामले अभी भी देखने को मिल जाते हैं. इतना ही नहीं पाकिस्तान में पोलियो के मामलों में भी इजाफा देखने को मिला है.

    वहां पोलियो की ख़ुराक पिलाने वाली टीम पर हमले की ख़बरें भी अक्सर देखने सुनने को मिलती रहती हैं. इसी मामले पर अपनी ख़ास टिप्पणी कर रहे हैं पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार वुसअतुल्लाह ख़ान.

  12. यूएई: कोर्ट ने अमेरिकी नागरिक और मानवाधिकार कार्यकर्ता पर लगाया भारी जुर्माना

    संयुक्त अरब अमीरात की एक अदालत ने नागरिक अधिकारों की वकालत करने वाले अमेरिकी नागरिक आसिम गफूर की जेल की सजा खत्म कर दी है लेकिन मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में दोषी पाया है. ये जानकारी गफूर के वकील ने दी है.

    पत्रकार जमाल ख़ाशोगी का केस लड़ने वाले वकील आसिम गफूर को पिछले महीने दुबई से ट्रांजिट करते वक्त हिरासत में लिया गया था. अदालत ने गफूर पर 50 लाख दिरहम का जुर्माना लगाया है, इसके साथ ही उनके खाते में रखे एक करोड़ 80 लाख दिरहम को जब्त कर लिए हैं.

    जुर्माने के चलते उनके ऊपर से जेल की सजा हटा ली गई है. उन्हें यूएई की अदालत ने पहले मनी लॉन्ड्रिंग और टैक्स चोरी के आरोप में तीन साल की सजा सुनाई थी. कोर्ट ने गफूर को देश से निर्वासित करने का आदेश भी दिया है.

    आसिम गफूर, पत्रकार जमाल ख़ाशोज्जी के अच्छे दोस्त थे. जमाल ख़ाशोज्जी की हत्या दो अक्टूबर को सऊदी अरब के तुर्की के इस्तांबुल में स्थित वाणिज्य दूतावास में की गई थी.

  13. सानिया ख़ान ने टिक टॉक पर सुनाई अपनी कहानी और पूर्व पति ने मार डाला

    सानिया ख़ान कहती थीं कि जब वह अपनी असफल शादी से बाहर निकलीं तो उनके दक्षिण एशियाई मुस्लिम समुदाय ने उन्हें ऐसा महसूस कराया जैसे उनकी 'ज़िंदगी नाकाम' हो चुकी है.

    लेकिन फिर उन्हें टिक टॉक ने सहारा दिया, जहाँ उन्हें अनजान लोगों से समर्थन और सहारा मिला.

    अमेरिका में रहने वाली पाकिस्तानी मूल की सानिया इस सब के बीच अपनी ज़िंदगी संभाल ही रही थीं कि तभी उनका पूर्व पति लौटा, और उन्हें मार डाला.

    इस रिपोर्ट में ऐसे विवरण हैं जो कुछ दर्शकों को विचलित कर सकते हैं.

  14. श्रीकांत त्यागी की जमानत याचिका खारिज, महिला के साथ दुर्व्यवहार का आरोप

    दिल्ली से सटे नोएडा की ग्रैंड ओमैक्स सोसाइटी में एक महिला के साथ दुर्व्यवहार करने के मामले में नोएडा के लोअर कोर्ट ने श्रीकांत त्यागी की जमानत याचिका खारिज कर दी है.

    न्यूज चैनल आजतक से बात करते हुए श्रीकांत त्यागी के वकील सुशील भाटी ने बताया कि उनके खिलाफ तीन मुकदमे दर्ज करवाए गए हैं. 354 वाले मामले में श्रीकांत त्यागी की बेल खारिज हो गई है. धारा 420, 419 का मामला जो उनके ऊपर लगाया गया था, उसमें संबंधित थाने से गाड़ियों की रिपोर्ट लेकर इनवेस्टिगेटिव ऑफिसर को आना था, वो लेकर नहीं आए जिसके चलते धारा 420 वाले मामले में अगली सुनवाई 16 अगस्त को होगी.

    बुधवार को सूरजपुर कोर्ट ने श्रीकांत त्यागी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था. श्रीकांत त्यागी को पुलिस ने मंगलवार को मेरठ से गिरफ्तार किया था.

    मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए श्रीकांत त्यागी ने कहा था कि जिस महिला के साथ उन्होंने दुर्व्यवहार किया वह उनकी बहन की तरह है.

    अदालत से ले जाते समय त्यागी ने कहा कि घटना के लिए माफी भी मांगी थी.

  15. डोनाल्ड ट्रंप के घर एफ़बीआई का छापा

    अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बयान जारी कर कहा कि FBI ने फ्लोरिडा में उनके घर पर छापा मारा है. उन्होंने इसे राजनीति से प्रेरित बताया है.

    ख़बरों के मुताबिक़ जांचकर्ता ट्रंप के घर से कुछ आधिकारिक दस्तावेज़ बरामद कर चले गए.

  16. पीएम बनने की बौखलाहट के चलते नीतीश कुमार ने विश्वासघात किया- बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम

    बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता तारकिशोर प्रसाद ने नीतीश कुमार पर निशाना साधा है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की प्रधानमंत्री बनने की बौखलाहट उन्हें समय समय पर जनादेश के प्रति विश्वासघात करने का मौका देती है.

    तारकिशोर प्रसाद ने जेडीयू पर बीजेपी के खिलाफ चुनाव में उम्मीदवार उतारने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि भविष्य में बिहार की जनता भी उनका साथ नहीं देगी.

    मंगलवार को नीतीश कुमार ने बीजेपी का साथ छोड़कर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद जेडीयू ने आरजेडी के साथ मिलकर सरकार बनाने का एलान किया था.

    बुधवार दोपहर नीतीश कुमार ने आठवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. उनके साथ तेजस्वी यादव ने डिप्टी सीएम की कुर्सी संभाली.

    सरकार बनाने में जेडीयू को सात पार्टियों ने अपना समर्थन दिया, जिसमें सबसे बड़ी पार्टी आरजेडी है.

  17. गुजरात के ये कुत्ते 'करोड़पति' हैं

    गुजरात के बनासकांठा ज़िले की पालनपुर तालुका के कुशकल गांव के कुत्ते कोई आम कुत्ते नहीं हैं बल्कि ये करोड़पति हैं.

    इस गांव में प्रवेश करने से पहले ही 20 बीघे की यह ज़मीन दिखाई देने लगती है.

    इस ज़मीन की अनुमानित कीमत पांच करोड़ रुपये है. इस ज़मीन के मालिक और कोई नहीं गांव के कुत्ते हैं.

  18. ब्रेकिंग न्यूज़, जगदीप धनखड़ बने देश के 14वें उपराष्ट्रपति, ली शपथ

    जगदीप धनखड़ आज देश के 14वें उपराष्ट्रपति बन गए. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें उपराष्ट्रपति पद की शपथ दिलवाई.

    शपथ समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी मौजूद थे.

    2019 से पश्चिम बंगाल के गवर्नर रहने जगदीप धनखड़ ने इस महीने उपराष्ट्रपति चुनाव में एनडीए के उम्मीदवार के दौर विपक्ष की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा को हराया था.

    राजस्थान ज़िले के झुंझुनू ज़िले के किठाना गाँव में 18 मई, 1951 को पैदा होने वाले जगदीप धनखड़ की शुरुआती पढ़ाई (कक्षा एक से पाँच तक) गाँव के ही सरकारी स्कूल में हुई. उसके बाद, उन्होंने स्कॉलरशिप हासिल करके चित्तौड़गढ़ के सैनिक स्कूल में दाख़िला लिया.

    धनखड़ ने जयपुर के प्रतिष्ठित महाराजा कॉलेज से बीएससी (ऑनर्स) की डिग्री हासिल की है. उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय से ही क़ानून (एलएलबी) की पढ़ाई भी की है.

    धनखड़ का राजनीतिक करियर वर्ष 1989 से शुरू हुआ. उस साल वे बीजेपी के समर्थन से जनता दल की टिकट पर झुंझुनू से लोकसभा चुनाव लड़े और जीत कर पहली बार संसद पहुंचे. वे केंद्र में मंत्री भी रहे हैं.

    केंद्र सरकार ने 20 जुलाई 2019 को धनखड़ को पश्चिम बंगाल का गवर्नर नियुक्त किया था. राज्यपाल के तौर पर बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के साथ उनके टकराव ने खूब सुर्खियां बटोरी थी.

  19. गिरिराज सिंह: 'नीतीश कुमार को पीएम मैटेरियल का कीड़ा काटता है'

    नीतीश कुमार ने भाजपा का दामन छोड़कर राष्ट्रीय जनता दल से दोस्ती कर ली है.

    भाजपा ने नीतीश कुमार के ख़िलाफ पटना में विरोध-प्रदर्शन किया.

    इस मौके पर भाजपा नेता गिरिराज सिंह ने कहा कि जब-जब नीतीश कुमार को पीएम मैटेरियल का कीड़ा काटता है, तब-तब उन्हें भाजपा साम्प्रदायिक लगने लगती है.

  20. सीबीआई ने पशु तस्करी के आरोप में तृणमूल कांग्रेस के नेता को किया गिरफ़्तार

    पश्चिम बंगाल में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस के नेता अनुब्रत मंडल को उनके आवास से गिरफ़्तार कर लिया.

    समाचार एजेंसी पीटीआई ने सीबीआई के एक अधिकारी के हवाले से बताया है कि अनुब्रत मंडल पशु तस्करी के केस में सीबीआई के साथ कथित तौर पर सहयोग नहीं कर रहे थे.

    गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस की बीरभूम ज़िला इकाई के अध्यक्ष अनुब्रत मंडल के घर सीबीआई की टीम पहुंची और एक घंटे की पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया.

    अनुब्रत मंडल को गिरफ़्तारी के बाद मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया.

    तृणमूल नेता इससे पहले दो बार खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर सीबीआई की पूछताछ के लिए सामने नहीं आए थे.