ओडेसा बंदरगाह पर रूसी हमले के बाद यूक्रेन ने कहा- डील नाकाम हुई तो ज़िम्मेदारी...
यूक्रेनी सेना ने कहा है कि ओडेसा पर चार मिसाइलें दागी गई थीं जिसमें से दो को नष्ट कर दिया गया और दो कैलिबर क्रूज़ मिसाइलें बंदरगाह पर गिरीं. वहीं, यूक्रेन ने कहा है कि हमले से बंदरगाह को नुकसान पहुंचा है लेकिन इसके बावजूद निर्यात की तैयारियां जारी हैं.
लाइव कवरेज
अभिनव गोयल and दीपक मंडल
मीडिया के 'कंगारू कोर्ट' ख़तरनाक़, लोकतंत्र के लिए नुकसानदेह: चीफ़ जस्टिस रमन्ना
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देश के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमन्ना ने 'कंगारू कोर्ट' चलाने वाले मीडिया को आड़े हाथ लिया है.
मुख्य न्यायाधीश ने रांची में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि न्यायिक मामलों समेत सामाजिक मुद्दों पर टीवी डिबेट और सोशल मीडिया पर चलाए जाने वाले अधकचरे और एंजेडा वाले 'कंगारू कोर्ट' लोकतंत्र के सेहत के लिए नुकसानदेह हैं.
उन्होंने कहा, "हम देख रहे हैं कि मीडिया मनमानी अदालतें चला रहा है. लिहाजा कई बार तो अनुभवी जजों के लिए सही और गलत का फैसला करना मुश्किल हो जाता है."
रांची में जस्टिस एसबी सिन्हा मेमोरियल लेक्चर के दौरान उन्होंने बढ़ते मीडिया ट्रायल पर कहा, "अदालती मामलों में इससे प्रभावित होकर फैसला नहीं दिया जा सकता. नए मीडिया टूल्स के पास चीजों को फैलाने की अपार क्षमता है लेकिन वह सही-गलत और अच्छे-बुरे में अंतर करने में सक्षम नहीं दिखता."
जस्टिस रमन्ना ने कहा, "हो सकता है कि जज जल्दी प्रतिक्रिया न करें लेकिन इसे उनकी कमजोरी और लाचारी नहीं समझना चाहिए."
उन्होंने कहा, "मीडिया की ओर से फैलाए जा रहे पूर्वाग्रह भरे विचारों से लोग प्रभावित हो जाते हैं. ये हमारे लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं और व्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहे हैं. इससे न्याय देने की प्रक्रिया गलत तरीके से प्रभावित हो रही है."
धोनी की साक्षी से जुग-जुग जियो तक पर बोलीं कियारा आडवाणी- वीडियो इंटरव्यू
वीडियो कैप्शन, इंटरव्यू: फिल्मी सफर और स्टारडम पर खुलकर बोलीं कियारा आडवाणी
कबीर सिंह, शेरशाह, भूलभुलैया-2 और अब जुग-जुग जियो जैसी एक के बाद एक हिट फ़िल्म देने वाली कियारा आडवाणी को लगता है कि अब इंडस्ट्री के बहुत सारे लोगों का नज़रिया उनके लिए बदला है.
कियारा कहती हैं कि पहले जो लोग उनसे मिलने में कतराते थे, अब वही लोग फ़िल्म ऑफर करते हैं.
बीबीसी हिन्दी से ख़ास बातचीत में कियारा ने अपने अब तक के फ़िल्मी सफ़र पर लेकर खुलकर बातचीत की है.
गोवा में 'अवैध बार' पर कांग्रेस ने स्मृति इरानी को घेरा, बेटी ने दिया जवाब
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गोवा में कथित रूप से 'अवैध बार' से जुड़े होने के आरोपों के बीच केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी की बेटी ज़ोइश ने शनिवार को इन आरोपों बेबुनियाद बताया है.
उन्होंने कहा है कि न तो वो ये रेस्तरां चला रही हैं और न ही वो इसकी मालकिन हैं.
ज़ोइश इरानी के वकील किराट नागरा ने एक बयान जारी कर उनके मुवक्किल के ख़िलाफ़ लगाए गए आरोपों को खारिज किया है.
बयान में कहा गया है, "स्मृति इरानी के राजनीतिक विरोधियों ने उनके ख़िलाफ़ मनगढंत आरोप लगाए हैं. ये आरोप सिर्फ़ इसलिए उन्हें बदनाम करने के इरादे से लगाए गए हैं क्योंकि वो एक पॉलिटिकल लीडर की बेटी हैं."
इससे पहले कांग्रेस ने गोवा के एक बार को लेकर स्मृति इरानी और मोदी सरकार पर निशाना साधा था.
कांग्रेस पार्टी ने एक बयान जारी कर कहा, "केंद्रीय मंत्री स्मृति ज़ूबिन इरानी के परिवार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं. गोवा में उनकी बेटी द्वारा चलाए जा रहे रेस्तरां पर शराब परोसने के लिए फ़र्ज़ी लाइसेंस जारी करवाने का आरोप लगा है और ये कोई 'सूत्रों के हवाले से' अथवा एजेंसियों द्वारा राजनीतिक प्रतिशोध लेने के लिए लगाया गया आरोप नहीं है बल्कि आरटीआई से खुलासा हुआ है. जिसके मुताबिक केंद्रीय मंत्री स्मृति ज़ूबिन इरानी की बेटी जोइश इरानी ने अपने 'सिली सोल्स कैफे एंड बार' के लिए फ़र्ज़ी दस्तावेज़ देकर 'बार लाइसेंस' जारी करवाए. हम प्रधानमंत्री से माँग करते हैं कि तुरंत प्रभाव से स्मृति ज़ूबिन इरानी को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए."
कांग्रेस ने एक शोकॉज नोटिस की कॉपी भी शेयर की है जो कथित तौर पर बार को जारी किया गया था और पार्टी का ये भी दावा था कि नोटिस जारी करने वाले अधिकारी का दबाव में आकर तबादला किया जा रहा है.
हालांकि ज़ोइश इरानी के वकील ने कहा है कि उनकी क्लाइंट को ऐसा कोई सरकारी नोटिस नहीं मिला है.
नरेंद्र मोदी ने वाजपेयी-आडवाणी की बीजेपी को कैसे बदला - विवेचना
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एक विधायक ने मशहूर चुनाव विश्लेषक प्रणय रॉय को बताया था, "भारत में चुनाव एक परीक्षा की तरह हो गए हैं. इसमें कई विषय होते हैं जिन्हें आपको पास करना होता है. ज़रूरी नहीं कि हर विषय में आपके नंबर अच्छे ही आएँ. लेकिन चुने जाने के लिए आपके औसत नंबर 75 फ़ीसदी के आसपास होने चाहिए. वोटरों को सिर्फ़ पासिंग नंबर स्वीकार नहीं हैं. पासिंग नंबर लाने का मतलब है आपका सत्ता से बाहर होना."
बहुत से राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले दस सालों में इस तरह के कई इम्तिहानों में बीजेपी ने दूसरी पार्टियों के मुक़ाबले बेहतर स्कोर किया है.
1980 में जब भारतीय जनता पार्टी ने जन्म लिया था तो टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपे एक लेख की बहुत दिलचस्प हेडलाइन थी, 'वेजिटेरियन बट टेस्टी पार्टी'.
तब की बीजेपी और आज की बीजेपी में काफ़ी फ़र्क आया है. एक ज़माने में 'ब्राह्मण-बनियों की पार्टी' कही जाने वाली बीजेपी ने अपने संगठनात्मक ढाँचे में जिस तरह का बदलाव किया है उसको नज़रअंदाज़ करना मुश्किल है.
'भाबी जी घर पर हैं' फेम एक्टर दीपेश भान की मौत, क्रिकेट खेलते वक्त हुई थी तबीयत खराब
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टीवी सीरियल 'भाबी जी घर पर हैं' से चर्चित हुए अभिनेता दीपेश भान का शनिवार की सुबह निधन हो गया. दीपेश इस सीरियल में मलखान का किरदार अदा किया करते थे. वह 41 वर्ष के थे. उनकी मौत की वजह का पता नहीं चल सका है.
समाचार एजेंसी एएनआई ने मीडिया रिपोर्टों के हवाला देते हुए कहा है कि दीपेश शनिवार को सुबह दहीसार में अपनी बिल्डिंग में क्रिकेट खेल रहे थे. इस दौरान उनकी तबीयत खराब हो गई. इसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया. वहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.
पहले वह जिम गए थे और फिर लौट कर क्रिकेट खेल रहे थे. दीपेश की मौत पर कई सेलिब्रिटीज और फैन ने श्रद्धांजलि दी है. उनके साथ काम करने वाली अभिनेत्री चारुल मलिक ने उन्हें इंस्टाग्राम पर श्रद्दांजलि देते हुए हुए लिखा, "आरआईपी यारा, तुम चले गए इसे मानने को दिल तैयार नहीं है. हमारी नजरों से दूर गए हो हमारे दिलों से नहीं सोचा नहीं था कि कभी तुम्हारे लिए ऐसा पोस्ट करना पड़ेगा. तुम बहुत याद आओगे."
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टीवी एक्टर कविता कौशिक ने ट्वीट किया, "इस खबर से सदमे में हूं. दीपेश भान की 41 साल की उम्र में मौत हो गई. एफ.आई.आर के कास्ट के वह अहम सदस्य थे. बिल्कुल फिट बंदे थे. न शराब पीते थे न सिगरेट. उनके परिवार में पत्नी, माता-पिता और एक साल का बच्चा है."
दीपेश भान ने 'कॉमेडी का किंग कौन', 'कॉमेडी क्लब', 'भूतवाला', 'एफआईआर', 'चैंप' और 'सुन यार चिल मार' समेत कई टीवी धारावाहिकों में हास्य भूमिकाएं निभाई थीं.
पाकिस्तान की समीना बेग दुनिया भर में छाईं, रचा इतिहास
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पाकिस्तान की पर्वतारोही समीना बेग ने दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची चोटी के2 को फ़तह कर इतिहास रच दिया है.
समीना बेग के2 के शिखर पर पहुँचने वाली पाकिस्तान की पहली महिला बन गई हैं. दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट है.
समीना बेग की टीम में छह महिलाएं थीं, जिनमें दो पाकिस्तानी, एक ईरान, सऊदी अरब, ओमान और ताइवान से शामिल हैं.
समीना शुक्रवार सुबह गिलगित-बाल्तिस्तान में स्थित कराकोरम रेंज के 8611 मीटर ऊंचे इस पर्वत के शिखर पर पहुंचीं.
राहुल गांधी ने एनडीए सरकार पर साधा निशाना, कहा- इसका मतलब है 'नो डेटा अवेलबल'
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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने एनडीए सरकार को 'नो डेटा अवेलबल' करार दिया है.
राहुल ने एनडीए सरकार की ओर से कथित तौर पर डेटा उपलब्ध न कराने पर तंज करते हुए ट्वीट किया है, "ऑक्सीजन की कमी से कोई नहीं मरा है. कृषि कानून का विरोध करने वाला कोई किसान नहीं मरा है. कोविड के दौरान पैदल चलता हुई कोई प्रवासी मजदूर नहीं मरा है. मॉब लिचिंग में कोई नहीं मरा है.किसी पत्रकार को गिरफ्तार नहीं किया गया है."
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राहुल गांधी ने कहा, "कोई डेटा नहीं, कोई जवाब नहीं. कोई जवाबदेही नहीं. उन्होंने ‘सब चंगा सी’ का तंज करते हुए एक ग्राफिक एनिमेशन भी ट्वीट किया है. इसमें कहा गया है, ‘’ सब गायब सी’’.
अर्पिता मुखर्जी कौन हैं, ईडी ने जिनके घर से बरामद किए 21 करोड़ रुपये
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पश्चिम बंगाल में स्कूल सर्विस कमीशन (एसएससी) की भर्तियों में कथित घोटाले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार सुबह ममता बनर्जी सरकार में नंबर दो रहे उद्योग मंत्री पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार कर लिया है.
इससे पहले उनसे करीब 27 घंटे तक पूछताछ की गई. लेकिन उनकी गिरफ्तारी से ज्यादा सुर्खियां हाल तक अनाम रहीं अर्पिता मुखर्जी ने बटोरीं जिन्हें मंत्री पार्थ चटर्जी का 'करीबी' बताया जा रहा है. पार्थ चटर्जी तृणमूल कांग्रेस के महासचिव भी हैं.
अधिकारियों के मुताबिक़, अर्पिता मुखर्जी के फ्लैट से 21 करोड़ रुपये से ज़्यादा की रकम बरामद की गई है. ये रकम बोरियों में भर कर आलमारी में रखी थी. ईडी के अधिकारियों के मुताबिक़, इस रकम का संबंध भर्ती घोटाले से हो सकता है.
अर्पिता को भी गिरफ्तार कर लिया गया है. जानकारों का कहना है कि इस पूरे मामले ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार को बैकफुट पर धकेल दिया है.
केजरीवाल के ख़िलाफ़ बीजेपी का प्रदर्शन, मनीष सिसोदिया का मांगा इस्तीफ़ा
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इमेज कैप्शन, दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष
दिल्ली की नई आबकारी नीति 2021-22 को लेकर बीजेपी नेता और कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के घर के बाहर प्रदर्शन किया.
हाथों में बीजेपी के झंडे लेकर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेडिंग के ऊपर चढ़ गए और अरविंद केजरीवाल के खिलाफ नारेबाजी की .
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया है.
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प्रदर्शन में दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी और दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता भी शामिल थे.
रामवीर सिंह बिधूड़ी ने अरविंद केजरीवाल सरकार पर नई शराब नीति के नाम पर हजारों करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया. उन्होंने दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के इस्तीफे की भी मांग की.
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उपराज्यपाल ने की सीबीआई जांच की सिफारिश
नई आबकारी नीति को दिल्ली में पिछले साल 17 नवंबर से लागू किया गया था. इसके तहत 32 जोन में बंटी दिल्ली में 849 दुकानों के लिए प्राइवेट लोगों को बोली लगाने के बाद रिटेल लाइसेंस दिए गए थे.
जब से ये नीति अरविंद केजरीवाल सरकार ने पास की है तब से बीजेपी इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही है.
अब दिल्ली के दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने इस नीति के खिलाफ सीबीआई जांच की सिफारिश की है. ये सिफारिश पॉलिसी में कथित उल्लंघन और प्रक्रियात्मक खामियों के बाद की गई है.
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अरविंद केजरीवाल ने क्या कहा
वहीं इस मामले पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी पर हमला बोला. उन्होंने कहा, "कुछ दिनों के अंदर सीबीआई मनीष जी को गिरफ्तार करने वाली है. मैंने आपको तीन चार महीने पहले बता दिया था. इनके लोगों ने बताया था कि ये मनीष जी को गिरफ्तार करने वाले हैं."
"मैंने कहा कि मनीष ने क्या कर दिया और क्या केस है. उन्होंने बताया कि कोई केस नहीं है. ढूंढ रहे हैं, कुछ बना रहे हैं. अब हमारे देश में एक नया सिस्टम लागू किया गया है. पहले ये तय किया जाता है कि किस आदमी को जेल भेजना है फिर उस आदमी के खिलाफ मनगढ़ंत केस बनाया जाता है और उसे जेल भेजा जाता है.
रूस-यूक्रेन के बीच तुर्की में हुआ अहम समझौता, अर्दोआन हुए ख़ुश
यूएई के राष्ट्रपति शेख़ मोहम्मद का यह वीडियो हो रहा वायरल
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संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर ख़ूब वायरल हो रहा है.
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ बैठक में राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद उन्हें अपनी पहली फ्रांस की आधिकारिक यात्रा की तस्वीर दिखा रहे हैं.
इस वीडियो में शेख मोहम्मद दिखा रहे हैं कि कैसे वो साल 1975 में पहली बार अपने दिवंगत पिता शेख जायद के साथ पेरिस आए थे.
तस्वीर में शेख़ मोहम्मद अपने पिता के पीछे खड़े हैं. उस वक़्त उनकी उम्र महज़ 14 साल थी. फोटो में शेख़ मोहम्मद ने एक टाई भी लगा रखी है जिसकी तारीफ़ करते हुए आवाज़ सुनी जा सकती है.
वीडियो में मैक्रों की पत्नी ब्रिगिट ने शेख़ मोहम्मद से कहती हैं कि आप बिल्कुल नहीं बदले हैं, इसके जवाब में वे धन्यवाद कहते हुए सुनाई दे रहे हैं.
इस वीडियो को यूएई के राष्ट्रपति के कल्चरल एडवाइजर जकी नुसेबेह ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर जारी किया.
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LIVE: बिहार में मगध यूनिवर्सिटी के छात्रों का प्रदर्शन
विलंब सेशन को समय पर करने की मांग को लेकर धरना कर रहे हैं छात्र.
गया से ज़्यादा जानकारी दे रहे हैं विष्णु नारायण
यूक्रेन के राष्ट्रपति जे़लेंस्की ने बताया कैसे होगा रूस के साथ युद्ध विराम
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यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर ज़ेलेंस्की का कहना है कि बिना क्षेत्रों की वापसी के बिना युद्ध विराम का कोई मतलब नहीं है.
द वॉल स्ट्रीट जर्नल के साथ एक इंटरव्यू में ज़ेलेंस्की ने कहा कि युद्ध विराम का फ़ायदा उठाकर रूस कुछ समय के लिए आराम करेगा और फिर एक ब्रेक के बाद संघर्ष को जारी रखेगा.
उन्होंने कहा कि रूस इस समय का इस्तेमाल अपनी भू-राजनीति को बदलने या पूर्व सोवियत गणराज्यों पर अपने कब्जे को छोड़ने के लिए नहीं करेगा.
ज़ेलेंस्की के अनुसार इस तरह के ठहराव के बाद आने वाले दो तीन सालों में रूस दो और क्षेत्रों पर कब्जा कर लेगा और फिर युद्ध विराम की बात करेगा. और इस रणनीति के तहत वो एक सौ प्रतिशत लगातार आगे बढ़ता जाएगा.
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रूस और यूक्रेन के बीच 28 फरवरी से बातचीत हो रही है. बेलारूस में कई बैठकें हुई हैं. इसके बाद दोनों देशों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत जारी रखी है.
29 मार्च को दोनों देश इस्तांबुल में मिले थे, हालांकि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पत्रकारों से कहा था कि यूक्रेन पिछले समझौतों को नहीं मान रहा है और प्रक्रिया को ऐसे मोड पर ले आया है जहां कुछ हल निकालना मुश्किल है.
इसके बाद 20 अप्रैल को पुतिन के प्रेस सचिव दिमित्री पेसकोव ने कहा था कि रूस ने यूक्रेन को समझौतों को लेकर साफ शब्दों में मसौदा भेजा है और उसके जवाब का इंतजार कर रहा है.
चुनाव आयोग ने भेजा एकनाथ शिंदे और उद्धव गुट को नोटिस
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केंद्रीय चुनाव आयोग ने पूर्व मुख्यमंत्री और शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ-साथ मौजूदा मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को नोटिस जारी किया है.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ चुनाव आयोग ने दोनों नेताओं को बहुमत साबित करने के लिए सबूत जमा करने के लिए कहा है.
साथ ही आयोग ने दोनों को आठ अगस्त 2022 तक पत्र का जवाब दाखिल करने के लिए कहा है.
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शिव सेना सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद सावंत ने कहा, ''केंद्रीय चुनाव आयोग ने नोटिस भेजा है. इस संबंध में पूरी जानकारी चुनाव आयोग को दी जाएगी.''
उन्होंने ये भी कहा कि हमने शिव सेना की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की पूरी रिपोर्ट चुनाव आयोग को सौंप दी है.
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इमेज कैप्शन, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे
किसके पक्ष में कितने विधायक और सांसद
विधानसभा में शिव सेना के कुल 55 विधायक हैं. एक विधायक के निधन से विधानसभा में शिव सेना के अब 54 हो गए हैं.
शिव सेना के कुल 39 विधायक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पक्ष में हैं. इन सभी 39 विधायकों ने 4 जुलाई को विधानसभा में हुए विश्वास मत के दौरान एकनाथ शिंदे को अपना समर्थन दिया था जबकि बाकी के 15 विधायक उद्धव ठाकरे के पक्ष में बने हुए हैं.
सांसदों की बात करें तो महाराष्ट्र में शिवसेना के 18 सांसद हैं. इनमें से 12 सांसदों ने एकनाथ शिंदे का समर्थन किया है.
पिछले कुछ दिनों में विधायकों और सांसदों के अलावा कई नगरसेवक भी एकनाथ शिंदे के पक्ष में जा चुके हैं.
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि चुनाव आयोग पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की सही संख्या पर कैसे विचार करता है.
इस मामले में आगे क्या हो सकता है?
संवैधानिक विशेषज्ञ श्रीहरि अने के मुताबिक "अगर एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे समूह आधिकारिक तौर पर पार्टी में विभाजन को स्वीकार करते हैं, तो एक चुनाव चिन्ह को लेकर विवाद हो सकता है. ऐसे में चुनाव आयोग ही अंतिम निर्णय लेगा. ऐसे मामलों में चुनाव आयोग अक्सर दोनों पक्षों को अलग-अलग चुनाव चिन्ह देता है.
पश्चिम बंगाल: ममता बनर्जी के मंत्री पार्थ चटर्जी को ईडी ने किया गिरफ़्तार
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इमेज कैप्शन, पश्चिम बंगाल सरकार में उद्योग और वाणिज्य मंत्री पार्थ चटर्जी
पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ममता सरकार के मंत्री पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार कर लिया है. क़रीब 26 घंटे की पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक पार्थ चटर्जी के अलावा अर्पिता मुखर्जी को हिरासत में लिया गया है.
ईडी के एक अधिकारी ने बताया कि पार्थ और अर्पिता बेहद क़रीबी हैं और इलाक़े में होने वाली एक दुर्गा पूजा आयोजन समिति की प्रमुख सदस्य हैं.
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पार्थ चटर्जी इस वक़्त पश्चिम बंगाल सरकार में उद्योग और वाणिज्य मंत्री हैं. शनिवार सुबह पार्थ की तबीयत बिगड़ने के कारण डॉक्टरों की एक टीम घर पर बुलाई गई थी.
वहीं तृणमूल कांग्रेस ने कहा है कि इस रकम से पार्टी का कोई लेना देना नहीं है. लेकिन विपक्षी बीजेपी और सीपीएम ने इसे भ्रष्टाचार का नमूना करार दिया है.
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राजस्थान: अवैध खनन के विरोध में आत्मदाह करने वाले संत विजयदास का निधन
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Author, मोहर सिंह मीणा
पदनाम, जयपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए
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इमेज कैप्शन, संत विजयदास
राजस्थान के भरतपुर में अवैध खनन के विरोध में ख़ुद को आग लगाने वाले संत विजयदास का बीती देर रात निधन हो गया है.
विजयदास ने 20 जुलाई को भरतपुर के डीग तहसील के पसोपा गांव में ख़ुद को आग लगाई थी. उनका दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज चल रहा था.
बीते डेढ़ साल से साधु संत, पसोपा गांव में कनकांचन और आदिबद्री पहाड़ पर अवैध खनन का विरोध कर रहे थे. धार्मिक आस्था से जुड़े लोग इस पहाड़ पर चौरासी कोस की परिक्रमा करने के लिए आते हैं.
साधु संतों मांग कर रहे थे कि इन पहाड़ों पर खनन बंद किया जाए और वन क्षेत्र घोषित किया जाए.
खुद को आग लगाने के बाद संत विजयदास का शरीर 85 फीसदी तक झुलस गया था. ऐसी स्थिति में पहले उन्हें जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती किया गया था जिसके बाद 21 जुलाई को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जयपुर से दिल्ली रेफर किया गया था.
इमेज स्रोत, BBC/MOHAR_SINGH_MEENA
इमेज कैप्शन, संत विजयदास को जयपुर के एसएमएस अस्पताल से दिल्ली रेफर करते हुए
तीन बजे होगा अंतिम संस्कार
उनके शव का अंतिम संस्कार आज तीन बजे बरसाना में होगा. बड़ी संख्या में साधु संत शामिल होंगे. संत के निधन के को देखते हुए प्रशासन को डर है कि साधु संतु प्रदर्शन कर सकते हैं.
भरतपुर कलेक्टर आलोक रंजन ने बीबीसी से फ़ोन पर बताया है कि, "अंतिम संस्कार बरसाना में होगा, पसोपा गांव से भी लोग और साधु संत अंतिम दर्शन के लिए जाएंगे, प्रशासन पूरी तरह सतर्क है."
दिल्ली में इलाज के दौरान भी राज्य से अधिकारियों को सफदरजंग अस्पताल में तैनात किया गया था.
आत्मदाह के बाद सरकार से साथ बनी सहमति
संत विजयदास के आत्मदाह करने के बाद राज्य सरकार के प्रतिनिधि कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह के साथ साधु संतों की सहमति बन गई है जिसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया है.
साधु संतों की मांग पर राज्य सरकार की ओर से अगले पंद्रह दिन में कनकांचन और आदिबद्री पहाड़ को वन क्षेत्र घोषित करने पर सहमति बनी है.
इसके अलावा सरकार ने दो महीने में कनकांचन की 34 और आदिबद्री पहाड़ से 12 खदानों को शिफ्ट करनी की बात भी कही है.
वसुंधरा राजे ने क्या कहा
संत विजयदास के निधन पर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने संत ने कहा कि अवैध खनन को रोकने के लिए संतों को आंदोलन करना पड़ा रहा है, यहां तक की एक संत को आत्मदाह करना पड़ा है.
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श्रीलंका में राष्ट्रपति बदलने से क्या बदलेगा
वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सातवें स्थान पर रहीं अन्नू रानी
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इमेज कैप्शन, भारत की जेवलिन थ्रोअर अन्नू रानी
भारत की जेवलिन थ्रोअर अन्नू रानी ने विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के फ़ाइनल में सातवें स्थान पर रही हैं. उनके जेवलिन ने सबसे अधिक 61.12 मीटर का सफर तय किया.
वहीं ऑस्ट्रेलिया की चैंपियन केल्सी-ली बार्बर ने 66.91 मीटर जेवलिन फेंककर गोल्ड मेडल जीता है.
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अन्नू रानी ने महिला जैवलिन थ्रो के फाइनल में 56.18 मीटर के थ्रो से शुरुआत की थी. पांच प्रयासों में सिर्फ एक ही बार अन्नू जेवलिन को 60 मीटर के पार थ्रो कर पाईं.
उन्होंने छह प्रयासों में 56.18 मीटर, 61.12 मीटर, 59.27 मीटर, 58.14 मीटर, 59.98 मीटर और 58.70 मीटर दूर जेवलिन फेंका. .
अमेरिका के ओरेगन में चल रहे वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2022 में बुधवार को अन्नू रानी ने 59.60 मीटर जेवलिन फेंककर फाइनल में जगह बनाई थी. भारत की इस जैवलिन थ्रोअर ने लगातार दूसरी बार फाइनल में जगह बनाई है
पश्चिम बंगाल: मंत्री पार्थ की तबीयत बिगड़ी, क़रीबी के घर से ज़ब्त हुए हैं 21 करोड़ कैश
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Author, प्रभाकर मणि तिवारी
पदनाम, कोलकाता से, बीबीसी हिंदी के लिए
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इमेज कैप्शन, पश्चिम बंगाल सरकार में उद्योग और वाणिज्य मंत्री पार्थ चटर्जी
पश्चिम बंगाल में प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति में कथित घोटाले की जांच कर रही ईडी बीते 24 घंटों से मंत्री पार्थ चटर्जी के घर उनसे पूछताछ कर रही है.
पार्थ चटर्जी इस वक़्त पश्चिम बंगाल सरकार में उद्योग और वाणिज्य मंत्री हैं.
इस दौरान शनिवार सुबह पार्थ की तबीयत बिगड़ने के कारण डॉक्टरों की एक टीम घर पर बुलाई गई है. पार्थ के वकील अनिन्द्य किशोर राउत ने पत्रकारों को इसकी जानकारी दी.
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इमेज कैप्शन, मंत्री पार्थ चटर्जी का घर
इस बीच, पार्थ की नजदीकी कही जाने वाली अर्पिता मुखर्जी के घर से अब तक 21 करोड़ की नकदी बरामद की जा चुकी है.
ईडी ने शुक्रवार शाम को 20 करोड़ की बरामदगी का दावा किया था. लेकिन नोटों की गिनती के बाद यह आंकड़ा 21 करोड़ तक पहुंच गया है.
इसके अलावा ईडी ने घर से 20 से ज़्यादा मोबाइल फ़ोन भी बरामद किए गए हैं. ये फ़ोन किस काम के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे उसके बारे में एजेंसी पता लगा रही है
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इमेज कैप्शन, ईडी ने अर्पिता के घर से 21 करोड़ कैश जब्त किए
तृणमूल कांग्रेस ने कहा है कि इस रकम से पार्टी का कोई लेना देना नहीं है. लेकिन विपक्षी बीजेपी और सीपीएम ने इसे भ्रष्टाचार का नमूना करार दिया है.
बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने अपने ट्वीट में कहा है कि यह तो ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है. उन्होंने ममता बनर्जी पर भी हमला किया है.
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ईडी के एक अधिकारी ने बताया कि पार्थ और अर्पिता बेहद करीबी हैं और इलाके में होने वाली एक दुर्गा पूजा आयोजन समिति की प्रमुख सदस्य हैं.
अर्पिता के घर से बरामद नकदी की गिनती रात से अब तक जारी है. लेकिन अर्पिता जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं.
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इमेज कैप्शन, अर्पित मुखर्जी
विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने अपने ट्वीट में कहा है, "एसएससी घोटाले में पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ टर्जी की करीबी अर्पिता के घर से ईडी ने 20 करोड़ की नकदी बरामद की है."
सीपीएम के प्रदेश सचिव मोहम्मद सलीम ने कहा है कि जो रकम बरामद हुई है वह तो बहुत मामूली है. इस घोटाले को इतना लंबा समय बीतने और देश-विदेश में रकम भेजने के बावजूद इतनी रकम बरामद हो रही है. तृणमूल भ्रष्टाचार में गहरे शामिल है.
लेकिन तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा है, "इस रकम से पार्टी का कोई संबंध नहीं है. जिसके घर से रकम बरामद हुई है वही इसके बारे में बता सकती है.
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इमेज कैप्शन, अर्पिता मुखर्जी का घर जहां से ईडी ने 21 करोड़ जब्त किए
टर्किश मुस्लिम अल्पसंख्यकों के स्कूल ग्रीस में बंद किए गए, तुर्की नाराज़
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ग्रीस के पश्चिमी थ्रेस इलाक़े में टर्किश मुस्लिम अल्पसंख्यकों से जुड़े चार और प्राथमिक स्कूलों को साल 2022-23 के लिए बंद किए जाने पर तुर्की के विदेश मंत्रालय ने निंदा की है.
अपने बयान में तुर्की के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता तंजू बिल्गीक ने कहा कि इस फ़ैसले के साथ ही आधे से ज़्यादा मुस्लिम अल्पसंख्यक प्राथमिक स्कूलों को बंद कर दिया गया है.
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि टर्किश मुस्लिम अल्पसंख्यकों के प्राथमिक स्कूलों को अस्थायी तौर पर बंद करने की ग्रीस की नीति बताती है कि ये बहुत सोच समझ कर किया जा रहा है.
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बयान में कहा गया है कि ग्रीस बार-बार लॉज़ेन शांति संधि का उल्लंघन कर रहा है. इस संधि के अनुसार टर्किश मुस्लिम अल्पसंख्यकों को स्कूल बनाने, चलाने और उसके निरीक्षण का अधिकार है. ग्रीस के पश्चिमी थ्रेस इलाक़े में शिक्षा के क्षेत्र में जो कर रहा है वो उसकी दमनकारियों नीतियों को दिखाता है.
प्रवक्ता तंजू बिल्गीक ने कहा कि ग्रीस एक तरफ़ छात्रों की कम संख्या का हवाला देकर स्कूलों को बंद कर देता है, वहीं बच्चों की सही संख्या के बावजूद भी अल्पसंख्यक स्कूलों को खोलने की मांगों को दरकिनार करता है. ये नीति अल्पसंख्यक बच्चों के शिक्षा अधिकारों का उल्लंघन है.
इसके साथ ही तुर्की ने ग्रीस से उसकी भेदभावपूर्ण नीतियों को ख़त्म करने की अपील की है.