रूस-यूक्रेन के बीच अनाज की सप्लाई को लेकर हुआ अहम समझौता, निगरानी के लिए तुर्की में बनेगा सेंटर

रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से दुनिया के बड़े हिस्से में गहराए खाद्यान्न संकट के कुछ हद तक कम होने के आसार बन गए हैं.

लाइव कवरेज

अभिनव गोयल and अनंत प्रकाश

  1. म्यांमार के एक गांव में कम से कम 18 लोगों की हत्या, 400 घर जलाए गए

    म्यांमार

    इमेज स्रोत, PATRICK ADVENTURIER

    बीबीसी की बर्मीज़ सेवा की रिपोर्ट के अनुसार, म्यांमार के सागाइंग क्षेत्र में कानबालु शहर के पास एक गांव में 18 लोगों के शव बरामद हुए हैं और 400 घर जला दिए गए हैं.

    स्थानीय मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, उत्तर पश्चिमी सागाइंग क्षेत्र में पिछले साल हुए सैनिक तख़्तापलट का विरोध कर रहे लोगों से सेना की लड़ाई तेज़ हो गई है.

    समाचार एजेंसी एएफ़पी की रिपोर्ट के अनुसार, म्यांमार की सेना को तख़्तापलट विरोधी लोगों के स्थानीय संगठन पीपुल्स डिफेंस फोर्स (पीडीएफ़) के कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है.

    कि सू गांव के एक व्यक्ति ने एएफ़पी को बताया कि 18 जुलाई को दो हेलिकॉप्टरों से सैनिक उतारे गए. मिलिट्री ने गांव में बचे हुए सौ लोगों को क़ैदी बना लिया. उस व्यक्ति ने पहचान न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि गिरफ़्तार किए गए लोगों में जो बुजुर्ग थे, उन्हें अगले दिन छोड़ दिया गया जबकि कई नौजवानों को अभी भी क़ैद में रखा गया है.

    गांव के एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि मिलिट्री 20 जुलाई को वहां से चली गई जिसके बाद गांववालों को वहां कई शव मिले. उन्होंने कहा, "मैं जंगल में अपने जानवरों की तलाश में गया था तो मैंने देखा कि वहां जले हुए नौ शव पड़े हुए थे, उनके हाथ बंधे हुए थे."

    एक दूसरे गांववाले ने बताया कि अभी तक दस शव बरामद हुए हैं जिनमें नौ की उनके परिवारवालों ने पहचान कर ली है. गांव से कम से कम 30 लोग अभी भी लापता हैं.

    समाचार एजेंसी एएफ़पी का कहना है कि वो इन दावों की स्वतंत्र सूत्रों से पुष्टि नहीं कर पाई है. म्यांमार की मिलिट्री सरकार से इन घटनाओं पर प्रतक्रिया नहीं मिल पाई है. जिस जगह पर ये घटना हुई है, वहां हज़ार के करीब हैं जिनमें आधे मुस्लिम परिवारों के हैं.

  2. पाकिस्तान पहुंचने की रीना वर्मा की कहानी से टूट पाएगी नफ़रत की दीवार?

    रीना वर्मा

    इमेज स्रोत, Reuters

    महाराष्ट्र के पुणे की रहने वाली 90 वर्षीय रीना वर्मा आख़िरकार मंगलवार 18 जुलाई को पाकिस्तान के शहर रावलपिंडी की हवा में सांस ले पाईं. वो बीते 75 साल से पाकिस्तान के इस शहर में लौटने के लिए तड़प रही थीं.

    उनकी ये तीर्थयात्रा उस घर में जाकर पूरी हुई जो रीना वर्मा के मुताबिक उनके पिता ने अपनी सारी ज़िंदगी की जमा पूँजी ख़र्च कर बनवाया था. रीना वर्मा हमेशा इस घर को फिर से देखने का सपना देखती रहीं थीं.

    रावलपिंडी लौटने पर उनका शानदार स्वागत हुआ. जब उन्होंने गली में क़दम रखा तो उन पर गुलाब के फूलों की बारिश की गई.

    स्थानीय लोगों ने 90 वर्षीय रीना वर्मा के साथ ढोल नगाड़ों पर डांस किया. वो इस स्वागत से अभिभूत थीं.

  3. अमेरिका: कैपिटल हिल में हुई हिंसा में डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका पर फिर उठे सवाल

    ट्रंप

    इमेज स्रोत, Nicholas Kamm/Getty Images

    अमेरिका में कैपिटल हिल में हुई हिंसा के समय सहयोगियों और यहां तक कि परिवारवालों और रिपब्लिकन पार्टी के एक कांग्रेसमैन की अपील के बावजूद तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न केवल इसे रोकने से इनकार कर दिया था बल्कि उन्होंने ट्विटर पर आक्रामक तरीके से ट्वीट करके 'आग में घी डालने' की भी कोशिश की थी.

    इस घटना की जांच कर रही संसदीय समिति की ओर से ये बातें गुरुवार को सामने रखी गईं, इसका टीवी पर प्रसारण भी किया गया.

    व्हाइट हाउस के उस समय के कर्मचारियों जांच समिति को बताया कि डोनाल्ड ट्रंप दंगाइयों को वहां से जाने के लिए कहने से हिचक रहे थे और न ही उन्होंने हिंसा की आलोचना ही की.

    वीडियो कैप्शन, डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों ने कैपिटल हिल पर बोला धावा, हिंसा, मौत

    हाउस कमेटी ने ये बात ज़ोर देकर कही है कि ट्रंप को राष्ट्रपति पद के अपने दायित्वों का निर्वहन न करने के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए.

    हाउस कमेटी के चेयरमैन बेनी थॉम्पसन ने कहा कि ट्रंप ने 'अराजकता और भ्रष्टाचार के माहौल को लापरवाही' के साथ हवा दी. उन्होंने साल 2020 के अमेरिकी चुनाव के नतीज़ों को पलटने की भी कोशिश की.

    मिसीसिपी के कांग्रेसमैन बेनी थॉम्पसन ने कहा कि कैपिटल हिल में जो कुछ भी हुआ था, वो लोकतंत्र पर हमला था और इसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए.

  4. श्रीलंकाः सेना ने की प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई, बीबीसी पत्रकार पर हमला

    श्रीलंका

    इमेज स्रोत, Reuters

    श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में सुरक्षाबलों ने प्रदर्शकारियों के मुख्य धरना स्थल पर शुक्रवार तड़के धावा बोला. उन्होंने मुख्य प्रदर्शन-स्थल पर मौजूद तंबुओं को एक-एक कर गिरा दिया.

    राष्ट्रपति भवन के भीतर मौजूद प्रदर्शनकारियों को बाहर निकालने के लिए भी दर्जनों की संख्या में पुलिस और कमांडो अंदर घुस गए और लोगों को राष्ट्रपति भवन से बाहर खदेड़ दिया.

    इस दौरान बीबीसी के एक वीडियो जर्नलिस्ट को भी पीटा गया. एक सैनिक ने उनसे उनका मोबाइल छीन लिया और उसमें मौजूद वीडियो डिलीट कर दिए.

    सेना की यह कार्रवाई रानिल विक्रमसिंघे के राष्ट्रपति बनने के बाद हुई है. जनता के बीच काफी अलोकप्रिय रानिल ने प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की बात की थी.

  5. श्रीलंका: क्रिकेटर सनत जयसूर्या की सरकार को चेतावनी, कहा- आग में घी डालने का काम न करे

    श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर सनथ जयसूर्या

    इमेज स्रोत, Twitter.com/Sanath07

    इमेज कैप्शन, श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर सनथ जयसूर्या

    श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में प्रदर्शनकारियों पर हुई सेना की कार्रवाई का देश के पूर्व क्रिकेटर सनत जयसूर्या ने विरोध किया है.

    उन्होंने एक ट्वीट में लिखा है, "निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर हमला होते देखना भयानक था जबकि वे पहले ही वहां से जाने के लिए सहमत हो गए थे. याद रखें कि पहला काम लोगों की पीड़ा कम करना है, उसे बढ़ाना नहीं है. कृपया आग में घी डालने का काम न करें."

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

    आधी रात को क्या हुआ था

    श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों के मुख्य धरना स्थल पर शुक्रवार तड़के धावा बोला. उन्होंने मुख्य प्रदर्शन-स्थल पर मौजूद तंबुओं को एक-एक कर गिरा दिया.

    प्रदर्शन-स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने जब उनकी मौजूदगी को लेकर आपत्ति जताई तो वे और आगे बढ़ने लगे और एकाएक आक्रामक हो गए.

    राष्ट्रपति भवन के भीतर मौजूद प्रदर्शनकारियों को बाहर निकालने के लिए भी दर्जनों की संख्या में पुलिस और कमांडो अंदर घुस गए और लोगों को राष्ट्रपति भवन से बाहर खदेड़ दिया.

  6. 'ये अपनी ही बोलता है, इसे उठा लो...' - वुसत का ब्लॉग

    वुसत का ब्लॉग

    इमेज स्रोत, Getty Images

    आज हमारा सियासत वियासत पर बतियाने का बिलकुल भी मन नहीं है.

    लिहाज़ा हम आपको ज़बरदस्ती तीन नज़्मे सुनाएंगे.

    पहली नज़्म अहमद फ़रहाद की है.

    दूसरी अक़ील अब्बास जाफ़री की है.

    और तीसरी नज़्म हबीब जालिब मरहूम की है.

  7. ओम प्रकाश राजभर की अचानक बढ़ाई गई सुरक्षा, राष्ट्रपति चुनाव में दिया था एनडीए का साथ

    सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर

    इमेज स्रोत, https://twitter.com/oprajbhar

    इमेज कैप्शन, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर

    उत्तर प्रदेश सरकार ने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर को 'वाई' श्रेणी की सुरक्षा दी है.

    'वाई' श्रेणी के सुरक्षा कवर के तहत दो निजी सुरक्षा अधिकारियों के साथ 11 सुरक्षा कर्मी दिए जाते हैं.

    अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सुरक्षा) को लिखे पत्र में, गृह विभाग के संयुक्त सचिव विनय कुमार सिंह ने लिखा कि जहूराबाद से विधायक ओम प्रकाश राजभर की अस्थायी रूप से वाई श्रेणी सुरक्षा बढ़ाने का फैसला लिया गया है.

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

    ओम प्रकाश राजभर ने साल 2022 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर लड़ा था. वहीं राष्ट्रपति चुनाव में उन्होंने एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में वोट किया था.

    सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राजभर के बेटे अर्जुन ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष को 'वाई' श्रेणी की सुरक्षा दी जा रही है.

  8. BBC Hindi: बीते हफ़्ते की वो ख़बरें, जो शायद आप मिस कर गए

    लिज़ ट्रस

    इमेज स्रोत, Getty Images

    हेलो. उम्मीद है कि आप अच्छे होंगे, खुश होंगे और सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहे होंगे.

    हम जानते हैं कि व्यस्तता की बीच आपके लिए सारी ख़बरों पर नज़र रखना मुश्किल रहता होगा.

    ऐसे में हम लाए हैं बीते सप्ताह की कुछ दिलचस्प और अहम ख़बरें, जिन पर शायद आपकी नज़र ना गई हो.

    ये छह ख़बरें आपने पढ़ लीं तो ये समझिए कि आप पूरी तरह से अपडेटेड हो गए.

  9. डॉलर के मुक़ाबले कमज़ोर होते भारतीय रुपये पर आरबीआई गवर्नर ने क्या कहा

    छोड़िए YouTube पोस्ट
    Google YouTube सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

    पोस्ट YouTube समाप्त

    भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को कहा कि कई विकसित अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में भारतीय रुपया अच्छी पकड़ बना रहा है.

    बैंक ऑफ बड़ौदा इकोनॉमिक्स कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारत में महंगाई स्थिर हो रही है और विदेशी मुद्रा भंडार पर्याप्त है.

    शक्तिकांत दास ने बताया कि बाजार में जरूरी लिक्विडिटी बनी रहे इसके लिए आरबीआई बाजार को डॉलर की आपूर्ति कर रहा है. केंद्रीय बैंक रुपये के लेवल को टारगेट नहीं कर रहा है.

    उन्होंने कहा कि रुपये की स्थिति मार्केट में ठीक है और हम विदेशी मुद्रा बाजारों के साथ काम करना जारी रखेंगे साथ ही यह भी सुनिश्चित करेंगे कि रुपया अपने बेहतर स्तर पर आए.

  10. पीएमओ को लॉकडाउन के निर्णय के बारे में जानकारी देने का निर्देश

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल 2020 को राष्ट्र के नाम संदेश देते हुए लॉकडाउन को तीन मई तक के लिए बढ़ा दिया था

    इमेज स्रोत, SOPA IMAGES

    इमेज कैप्शन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल 2020 को राष्ट्र के नाम संदेश देते हुए लॉकडाउन को तीन मई तक के लिए बढ़ा दिया था

    कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच लॉक डाउन लगाने की प्रधानमंत्री की घोषणा से पहले किन-किन विभागों से विचार-विमर्श किया गया था और पीएम मोदी इस निर्णय तक कैसे पहुँचे थे.

    बीबीसी की ओर से, सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से जानकारी माँगी गई थी लेकिन जानकारी देने से इनकार कर दिया गया था.

    अपील की सुनवाई करने के बाद, केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने पीएमओ को निर्देश दिया है कि वह अपने निर्णय की 'दोबारा समीक्षा' करके, मांगी गई जानकारी 'बिंदुवार' तरीक़े से दे.

    सूचना आयोग ने आरटीआई के जवाब में प्रधानमंत्री कार्यालय की पहली प्रतिक्रिया को 'मानने योग्य नहीं' और 'सूचना के अधिकार के प्रावधानों के 'प्रतिकूल' बताया है.

    बीबीसी संवाददाता की अपील सुनने के बाद मुख्य सूचना आयुक्त वाईके सिन्हा ने ये आदेश 11 जुलाई को जारी किया है.

  11. ब्रेकिंग न्यूज़, केजरीवाल की नई शराब नीति के खिलाफ उपराज्यपाल ने की सीबीआई जांच की सिफारिश

    दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना

    इमेज स्रोत, Twitter.com/LtGovDelhi

    इमेज कैप्शन, दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना

    दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने अरविंद केजरीवाल सरकार की एक्साइज पॉलिसी 2021-22 के खिलाफ सीबीआई जांच की सिफारिश की है. ये सिफारिश पॉलिसी में कथित उल्लंघन और प्रक्रियात्मक खामियों के बाद की गई है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक अधिकारियों का कहना है कि इस महीने की शुरुआत में दिल्ली के मुख्य सचिव ने अपनी रिपोर्ट दायर की थी. इस रिपोर्ट पर ही जांच की सिफारिश की गई है.

    उन्होंने बताया कि रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया जीएनसीटीडी अधिनियम 1991, व्यापार नियमों के लेनदेन (टीओबीआर)-1993, दिल्ली उत्पाद शुल्क अधिनियम-2009 और दिल्ली उत्पाद शुल्क नियम-2010 का उल्लंघन पाया गया है.

    इसके अलावा अधिकारियों का कहना है कि टेंडर के बाद शराब लाइसेंसधारियों को अनुचित लाभ देने के लिए जानबूझकर नियमों के साथ छेड़छाड़ की गई है.

    दिल्ली में नई आबकारी पॉलिसी के विरोध में बीजेपी का प्रदर्शन (1 अप्रैल 2021)

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, दिल्ली में नई आबकारी पॉलिसी के विरोध में बीजेपी का प्रदर्शन (1 अप्रैल 2021)

    नई एक्साइज पॉलिसी 2021-22 को पिछले साल 17 नवंबर से लागू किया गया था. इसके तहत 32 जोन में बंटी दिल्ली में 849 दुकानों के लिए प्राइवेट लोगों को बोली लगाने के बाद रिटेल लाइसेंस दिए गए थे.

    बीजेपी और कांग्रेस ने अरविंद केजरीवाल सरकार की इस पॉलिसी का विरोध किया था और इसकी जांच के लिए उपराज्यपाल के साथ साथ केंद्रीय जांच एजेंसियों के पास शिकायत दर्ज कराई थी.

    वहीं जांच की सिफारिश के बाद आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने बीजेपी पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सीएम केजरीवाल की देश भर में बढ़ती प्रतिष्ठा, यहां तक की पंचायत चुनाव में भी केंद्र के लिए खतरा बना हुआ है. खासकर पंजाब की जीत के बाद बीजेपी की केंद्र सरकार हमसे डरी हुई है. आने वाले दिनों में हमसे कई पूछताछ शुरू की जाएंगी.

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

  12. श्रीलंका में सेना ने आधी रात को क्या किया?

    वीडियो कैप्शन, श्रीलंका में सेना ने आधी रात को क्या किया?

    श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में सुरक्षाबलों ने प्रदर्शकारियों के मुख्य धरना स्थल पर शुक्रवार तड़के धावा बोला है. उन्होंने मुख्य प्रदर्शन-स्थल पर मौजूद तंबुओं को एक-एक कर गिराना शुरू कर दिया है.

    इस बीच राष्ट्रपति भवन के भीतर मौजूद प्रदर्शनकारियों को बाहर निकालने के लिए भी दर्जनों की संख्या में पुलिस और कमांडो अंदर घुस चुके है. वे लोगों को राष्ट्रपति भवन से बाहर खदेड़ रहे हैं.

    इस दौरान बीबीसी के एक वीडियो जर्नलिस्ट को भी पीटा गया है. एक सैनिक ने उनसे उनका मोबाइल छीन लिया और उसमें मौजूद वीडियो डिलीट कर दिए.

  13. युद्ध के बीच यूक्रेन के सबसे बड़े प्लांट से हजारों करोड़ का स्टील किसने चोरी किया

    अज़ोवस्टल स्टील प्लांट

    इमेज स्रोत, REUTERS

    इमेज कैप्शन, अज़ोवस्टल स्टील प्लांट

    यूक्रेन की सबसे बड़ी स्टील फर्म मेटिनवेस्ट के मालिक ने रूस पर कई हजार करोड़ के स्टील चुराने का आरोप लगाया है.

    उन्होंने कहा कि रूस यूक्रेन में स्टील प्लांट और बंदरगाहों से 60 करोड़ डॉलर कीमत के स्टील की चोरी कर रहा है.

    मेटिनवेस्ट स्टील फर्म अज़ोवस्टल स्टील प्लांट की मालिक है. ये प्लांट मारियुपोल शहर की तबाही के दौरान यूक्रेनी सैनिकों और नागरिकों का अंतिम ठिकाना बना था.

    मुख्य कार्यकारी यूरी रायज़ेनकोव ने कहा कि स्टील को रूस में ट्रांसफर कर बेचा जा रहा था, जिसमें से कुछ स्टील यूके के ग्राहकों के लिए बना था. स्टील की इस लूट पर रूस ने कोई टिप्पणी नहीं की है.

    मेटिनवेस्ट स्टील कंपनी का मुख्यालय मारियुपोल में है, जो ट्रेड और मैन्युफैक्चरिंग का केंद्र है. तीन महीने की लंबी लड़ाई के बाद मई में रूस ने इस पर कब्जा किया है.

    मुख्य कार्यकारी यूरी रायज़ेनकोव ने कहा कि अज़ोवस्टल स्टील प्लांट पर हमले में 300 कर्मचारी और 200 कर्मचारियों के रिश्तेदार मारे गए हैं.

  14. द्रौपदी मुर्मू के समर्थन में जमकर हुई क्रॉस वोटिंग, विपक्ष से किसने दिए वोट?, द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति चुनाव में भारी अंतर से यशवंत सिन्हा को हराया. विपक्ष के कई सांसदों और विधायकों ने भी उन्हें वोट डाला. पढ़ें आज के अख़बारों की प्रमुख सुर्खियां.

    द्रौपदी मुर्मू

    इमेज स्रोत, ANI

    गुरुवार को हुए राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू ने विपक्षी दलों के संयुक्त उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को भारी अंतर से हरा दिया. मुर्मू को 64.03 फ़ीसद और यशवंत सिन्हा को 35.97 फ़ीसद वोट मिले.

    मुर्मू की उम्मीदवारी का 44 छोटी-बड़ी पार्टियों ने समर्थन किया था. मगर चुनाव में क्रॉस वोटिंग भी हुई. यानी विपक्ष के कई सांसदों और विधायकों ने भी मुर्मू के पक्ष में मतदान किया.

    बीजेपी के पदाधिकारियों के हवाले सेहिंदुस्तान टाइम्स अख़बारने लिखा है कि, एनडीए के सहयोगियों और समर्थक दलों के अलावा मुर्मू को 17 सांसदों और 126 विधायकों का समर्थन मिला.

    सबसे अधिक क्रॉस वोटिंग असम में हुई है. असम में 22 क्रॉस वोट पड़े और इसके मध्य प्रदेश में 19 क्रॉस वोट डाले गए.

  15. दिनेश गुणावर्धने बने श्रीलंका के नए प्रधानमंत्री

    दिनेश गुणावर्धने

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, दिनेश गुणावर्धने

    दिनेश गुणावर्धने ने आज श्रीलंका के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली.

    गुणावर्धने की नियुक्ति छह बार के प्रधानमंत्री रनिल विक्रमसिंघे के राष्ट्रपति बनने के बाद हुई है.

    73 साल के गुणावर्धने इससे पहले विदेश मंत्री और शिक्षा मंत्री रह चुके हैं.

    अप्रैल में तत्कालीन राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने उन्हें गृह मंत्री नियुक्त किया था.

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

  16. श्रीलंका में प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई को विपक्ष ने कहा 'कायराना', दुनिया भर से आई प्रतिक्रिया

    श्रीलंका

    इमेज स्रोत, Getty Images

    श्रीलंका में विपक्ष के नेता सजिथ प्रेमदासा ने मध्य-रात्रि में प्रदर्शनकारियों के शिविरों को तोड़ने और उन्हें खदेड़ने की कार्रवाई की निंदा की है.

    प्रेमदासा ने एक वीडियो री-ट्वीट करते हुए लिखा है, "शांतिपूर्ण तरीक़े से प्रदर्शन कर रहे लोगों के ख़िलाफ़ एक कायरतापूर्ण हमला. ये लोग पहले से ही घोषणा कर चुके थे कि वे साइट खाली कर देंगे, उसके बादजूद इस कार्रवाई से निर्दोष ज़िंदगियों को ख़तरे में डाला गया. यह श्रीलंका की अंतर्राष्ट्रीय छवि को भी नुकसान पहुंचाने वाला है, यह सिर्फ़ अहंकार और ताक़त का एक औचित्यहीन प्रदर्शन है."

    छोड़िए X पोस्ट, 1
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 1

    श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में मध्य रात्रि के दौरान सैकड़ों की संख्या में सैन्यबल प्रदर्शन-स्थल पर पहुंच गए और वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों के तंबुओं को नष्ट करने लगे. उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर भी हमले किए.

    इस दौरान बीबीसी के एक पत्रकार पर भी हमला हुआ है.

    श्रीलंका में हुई इस कार्रवाई पर दुनिया भर के देशों के राजनयिकों ने प्रतिक्रिया की है.

    श्रीलंका में अमेरिका की राजदूत जूली चुंग ने ट्वीट किया है, "मध्यरात्रि में गॉल फ़ेस में प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ की गई कार्रवाई से चिंतित हैं. हम अधिकारियों से संयम बरतने और घायलों को तत्काल मेडिकल सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह करते हैं."

    छोड़िए X पोस्ट, 2
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 2

    श्रीलंका में ब्रिटिश हाई-कमीशन सारा हल्टन ने भी ट्वीट करके अपनी चिंता ज़ाहिर की है.

    उन्होंने ट्वीट किया है, "गाले फ़ेस विरोध-स्थल से आ रही रिपोर्ट्स के बारे में बहुत चिंतित हैं. हमने हमेशा से शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार को महत्वपूर्ण माना है."

    छोड़िए X पोस्ट, 3
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 3

    श्रीलंका में यूरोपीय संघ के राजनयिकों ने भी इस कार्रवाई के संबंध में चिंता ज़ाहिर की गई है. ट्वीट करके चिंता ज़ाहिर करते हुए कहा गया है, "श्रीलंका जिस दौर में हैं, उस मौजूदा समय में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता आवश्यक है."

    छोड़िए X पोस्ट, 4
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 4

    श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में सुरक्षाबलों ने प्रदर्शकारियों के मुख्य धरना स्थल पर शुक्रवार तड़के धावा बोला. उन्होंने मुख्य प्रदर्शन-स्थल पर मौजूद तंबुओं को एक-एक कर गिरा दिया.

    राष्ट्रपति भवन के भीतर मौजूद प्रदर्शनकारियों को बाहर निकालने के लिए भी दर्जनों की संख्या में पुलिस और कमांडो अंदर घुस गए और लोगों को बाहर खदेड़ दिया.

  17. सीबीएसई ने जारी किए 12वीं के नतीजे, ऐसे देख सकते हैं रिज़ल्ट

    बच्चे

    इमेज स्रोत, Getty Images

    सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने 12वीं के नतीजों की घोषणा कर दी है.

    छात्र सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट https://cbseresults.nic.in/ पर जाकर परिणाम देख सकते हैं. इसके लिए तीन लिंक जारी किए गए हैं.

    लिंक पर क्लिक करके आपको अपना रोल नंबर, स्कूल का नाम और एडमिट कार्ड नंबर डालना होगा.

    अक्सर सीबीएसई पहले 10वीं का रिजल्ट जारी करता है. उसके एक दो दिन बाद ही 12वीं के नतीजे घोषित होते हैं लेकिन इस बार 12वीं के परिणाम पहले जारी किए गए हैं.

  18. नीरज चोपड़ा विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के फ़ाइनल में पहुँचे

    नीरज चोपड़ा

    इमेज स्रोत, Twitter.com/Neeraj_chopra1

    इमेज कैप्शन, ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा

    ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा और रोहित यादव ने विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप 2022 के फाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया है.

    ये पहला मौका है जब एक साथ दो भारतीय खिलाड़ियों ने फाइनल में जगह बनाई है.

    नीरज चोपड़ा ने अपने पहले ही प्रयास में 88.39 मीटर दूर जेवलिन फेंककर फाइनल में जगह बनाई वहीं रोहित यादव के जेवलिन ने 80.42 मीटर का सफर तय किया.

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

    सभी खिलाड़ियों को दो ग्रुप में रखा गया था. 24 साल के नीरज पहले ग्रुप में थे और रोहित को ग्रुप बी में रखा गया था.

    इसके अलावा भारत की जेवलिन थ्रोअर अन्नू रानी पहले ही महिला वर्ग के फाइनल में जगह बना चुकी हैं.

    नीरज पहली बार विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचे हैं. ये वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप अमेरिका के ओरेगॉन में हो रही है. गोल्ड मेडल के लिए फाइनल मुकाबला रविवार को होगा.

    जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने टोक्यो 2020 में हुए ओलंपिक में भारत के लिए एथलेटिक्स में पहला गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा था.

    साल 2019 में चोट लगने के कारण नीरज चोपड़ा विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं ले पाए थे.

    भारत ने 2019 वर्ल्ड में कुल 23 एथलीटों को भेजा था वहीं 2022 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए भारत ने 23 सदस्यीय टीम का चयन किया है.

  19. ऑस्ट्रेलियाई महिला पत्रकार ने तालिबान पर लगाए गंभीर आरोप

    पत्रकार लिन ओ डॉनेल

    इमेज स्रोत, MASSOUD HOSSAINI

    इमेज कैप्शन, पत्रकार लिन ओ डॉनेल

    अफगानिस्तान में काम करने वाली एक ऑस्ट्रेलियाई महिला पत्रकार ने तालिबान पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

    फॉरेन पॉलिसी पत्रिका की पत्रकार लिन ओडॉनेल ने कहा कि तालिबान ने उन्हें हिरासत में लिया. उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया और जेल में डालने की धमकियां दी गई.

    उन्होंने आरोप लगाया कि तालिबान ने उन्हें ऐसे ट्वीट करने के लिए मजबूर किया कि उन्होंने तालिबान को लेकर जो आर्टिकल लिखे हैं, वे झूठे हैं.

    पत्रकार लिन ओ डॉनेल ने ट्विटर पर लिखा कि तालिबान इंटेलिजेंस ने कहा कि माफी मांगते हुए ट्वीट करो नहीं तो जेल जाना होगा.

    साथ ही उन्होंने कई बार ट्वीट को एडिट, डिलीट करने के लिए मजबूर किया. मेरा वीडियो ये कहते हुए बनाया कि मेरे साथ ज़बरदस्ती नहीं की गई है.

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

    लिन ओडॉनेल ने लंबे समय तक अफगानिस्तान को कवर किया है. इसके बाद से उन्होंने अफगानिस्तान छोड़ दिया है.

    तालिबान ने उन्हें हिरासत में लिए जाने की पुष्टि की है और कहा कि उन्होंने झूठी रिपोर्ट्स की हैं.

    बीबीसी से बात करते हुए लिन ओ डॉनेल ने कहा कि उन्होंने काबुल की यात्रा ये देखने के लिए की थी कि करीब एक साल पहले उनके देश छोड़ने के बाद से देश कैसे बदल गया है.

    उन्होंने कहा कि मेरे ऊपर अफगानिस्तान के कानूनों को तोड़ने और उनकी संस्कृति को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया गया था. मैंने अफगानिस्तान में एलजीबीटीक्यू+ और तालिबान चरमपंथियों के जबरन शादी करने को लेकर आर्टिकल लिखे थे. तालिबान का कहना था कि वे आर्टिकल झूठ और गलत हैं.

    उन्होंने कहा कि तालिबान ने उन्हें अपने सोर्स का खुलासा करने के लिए कहा लेकिन उन्होंने मना कर दिया.

    लिन ओडॉनेल, अफगानिस्तान में समाचार एजेंसी एएफपी और एपी की ब्यूरो प्रमुख रही चुकी हैं.

  20. रूस-यूक्रेन के बीच तुर्की करवाने जा रहा है ऐसा समझौता जिसका सारी दुनिया पर होगा असर

    अनाज

    इमेज स्रोत, EPA

    यूक्रेन और रूस के बीच काला सागर के रास्ते अनाज निर्यात को लेकर अहम सहमति हुई है जिसके बाद यूक्रेन इस मार्ग से अनाज का आयात कर सकेगा.

    तुर्की का कहना है कि यूक्रेन को काला सागर के रास्ते अनाज के निर्यात को फिर से शुरू करने को लेकर रूस के साथ एक समझौते को लेकर सहमति हो गई है.

    इस समझौते पर इस्तांबुल में शुक्रवार को यूक्रेन, रूस, तुर्की और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस हस्ताक्षर करेंगे.

    फरवरी में रूस ने यूक्रेन पर हमला किया था. इस हमले के बाद से दुनिया भर में यूक्रेन से आने वाले अनाज की कमी हो गई है जिसने वैश्विक स्तर पर खाद्य संकट को बढ़ाने का काम किया है.

    रूस के हमले के बाद खाने पीने के सामान की कीमतें बढ़ी हैं. ओडेसा में करीब 2 करोड़ टन अनाज साइलोज में फंसा हुआ है. इस समझौते के बाद यूक्रेन आसानी से निर्यात कर पाएगा.

    अनाज

    इमेज स्रोत, Getty Images

    यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की कि अनाज निर्यात को रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में एक और दौर की बातचीत आज तुर्की में होगी और इस समझौते पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं.

    वहीं ओडेसा के सांसद ओलेक्सी होन्चारेंको ने बीबीसी को बताया कि अभी समझौता नहीं हुआ है. हमें रूसियों पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है, जब तक हस्ताक्षर नहीं हो जाते तब तक इंतजार करना चाहिए.

    अगर समझौता योजना के अनुसार आगे बढ़ता है तो रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद दोनों देशों के बीच ये एक महत्वपूर्ण सौदा होगा. युद्ध के बीच कुछ कैदियों का दोनों देशों के बीच एक्सचेंज हुआ है लेकिन युद्धविराम अभी भी बहुत दूर है.

    संयुक्त राष्ट्र में यूक्रेन के राजदूत सर्गेई किस्लिट्स्या ने बीबीसी को बताया कि समझौते पर हस्ताक्षर का मतलब है कि बड़ी संख्या में जहाज़ यूक्रेन के बंदरगाहों पर आवाजाही कर पाएंगे और हम करीब 2 करोड़ टन अनाज को निर्यात कर पाएंगे, जो निर्यात के लिए तैयार है.