म्यांमार के एक गांव में कम से कम 18 लोगों की हत्या, 400 घर जलाए गए
बीबीसी की बर्मीज़ सेवा की रिपोर्ट के अनुसार, म्यांमार के सागाइंग क्षेत्र में कानबालु शहर के पास एक गांव में 18 लोगों के शव बरामद हुए हैं और 400 घर जला दिए गए हैं.
स्थानीय मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, उत्तर पश्चिमी सागाइंग क्षेत्र में पिछले साल हुए सैनिक तख़्तापलट का विरोध कर रहे लोगों से सेना की लड़ाई तेज़ हो गई है.
समाचार एजेंसी एएफ़पी की रिपोर्ट के अनुसार, म्यांमार की सेना को तख़्तापलट विरोधी लोगों के स्थानीय संगठन पीपुल्स डिफेंस फोर्स (पीडीएफ़) के कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है.
कि सू गांव के एक व्यक्ति ने एएफ़पी को बताया कि 18 जुलाई को दो हेलिकॉप्टरों से सैनिक उतारे गए. मिलिट्री ने गांव में बचे हुए सौ लोगों को क़ैदी बना लिया. उस व्यक्ति ने पहचान न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि गिरफ़्तार किए गए लोगों में जो बुजुर्ग थे, उन्हें अगले दिन छोड़ दिया गया जबकि कई नौजवानों को अभी भी क़ैद में रखा गया है.
गांव के एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि मिलिट्री 20 जुलाई को वहां से चली गई जिसके बाद गांववालों को वहां कई शव मिले. उन्होंने कहा, "मैं जंगल में अपने जानवरों की तलाश में गया था तो मैंने देखा कि वहां जले हुए नौ शव पड़े हुए थे, उनके हाथ बंधे हुए थे."
एक दूसरे गांववाले ने बताया कि अभी तक दस शव बरामद हुए हैं जिनमें नौ की उनके परिवारवालों ने पहचान कर ली है. गांव से कम से कम 30 लोग अभी भी लापता हैं.
समाचार एजेंसी एएफ़पी का कहना है कि वो इन दावों की स्वतंत्र सूत्रों से पुष्टि नहीं कर पाई है. म्यांमार की मिलिट्री सरकार से इन घटनाओं पर प्रतक्रिया नहीं मिल पाई है. जिस जगह पर ये घटना हुई है, वहां हज़ार के करीब हैं जिनमें आधे मुस्लिम परिवारों के हैं.