मध्य प्रदेश के आगर मालवा क्षेत्र में बजरंग दल के एक कार्यकर्ता पर हुए हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि अभियुक्तों के ख़िलाफ़ एनएसए लगाने की तैयारी हो रही है और उनके ख़िलाफ़ अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई भी की जाएगी.
गृहमंत्री ने गुरुवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "इस पूरे मामले में आठ लोग अभी तक गिरफ़्तार हो चुके हैं और जो पाँच लोग अभी फ़रार हैं वह भी शाम तक या कल तक गिरफ़्तार हो जाएंगे. उनके ऊपर 307 जैसी गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है."
"इसके अलावा उनके ख़िलाफ़ अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई भी आज करने की तैयारी की जा रही है, उन सभी के ख़िलाफ़ एनएसए और ज़िला बदर जैसी कार्रवाई भी करने की तैयारी है. मध्य प्रदेश शांति का टापू है और किसी भी तरह से यहां की शांति को भंग नहीं करने दिया जाएगा."
बुधवार को एक 25 वर्षीय युवक आयुष जाधम पर कुछ लोगों ने जानलेवा हमला किया था और उनपर हमले की वजह उनका भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा का पक्ष लेना बताया जा रहा है.
गृहमंत्री भले ही कठोर कार्रवाई की बात कह रहे हैं लेकिन शुरू में पुलिस का कहना कुछ और था. पुलिस को अभी तक कोई ऐसे तथ्य नहीं मिले जिससे पता चले कि हमला नूपुर शर्मा का पक्ष लेने की वजह से किया गया है.
वहीं, स्थानीय लोगों ने भी नाम न छापने की शर्त पर यही कहा है कि लड़ाई किसी दूसरे मामले को लेकर है लेकिन कार्रवाई का दबाव बनाने के लिये ऐसा बोला जा रहा है. हमले के बाद आयुष ख़ुद ही बाइक चला कर थाने गए और रिपोर्ट दर्ज कराई थी.
आगर मालवा के पुलिस अधीक्षक राकेश सागर ने बीबीसी से कहा, "इस मामलें में आयुष जाधम ने मामला दर्ज करवाया है कि उसने नूपुर शर्मा का समर्थन किया था, इस वजह से उस पर हमला किया गया. यह उन्होंने एफ़आईआर में लिखवाया है."
जब पुलिस अधीक्षक से ये पूछा गया कि क्या मामला नूपुर शर्मा से जुड़ा है तो उन्होंने बस इतना कहा कि यह जांच के बाद ही पता चलेगा, अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है.
उन्होंने आगे बताया, "आयुष जाधम अपनी मोटर साइकिल से नगर निकाय चुनाव के परिणाम आने के बाद जा रहे थे तो मारपीट की गई. यह तथ्य भी सामने आया कि दो दिन पहले भी इनका विवाद हुआ था तब दोनों पक्षों को बैठा कर बातचीत की गई थी. लेकिन फिर इन लोगों के बीच विवाद हो गया. आयुष जाधम अब स्वस्थ्य हैं."
जब उनसे पूछा गया कि आयुष को उज्जैन क्यों रेफ़र किया गया है तो पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह डॉक्टर ही बता सकते हैं. अभी तक पुलिस ने इस मामले में आठ लोगों को गिरफ़्तार किया है और बाक़ी की तलाश जारी है. लेकिन बजरंग दल के ज़िला संयोजक राहुल मालवा इसे सीधे तौर पर नूपुर शर्मा मामले से जोड़ कर देखते हैं.
वो कहते हैं, "उदयपुर में जो घटना घटी तो उसके विरोध में हमने 20 दिन पूर्व एक ज्ञापन दिया था. उस समय आयुष जाधम ने मीडिया को बाइट दी थी. उसके बाद से ही उसको मारने के लिये असामाजिक तत्वों द्वारा रेकी शुरू कर दी गई थी."
राहुल ने बताया कि चुनाव के परिणाम के बाद जब वो अकेले आ रहे थे तो उन्हें 15 से 20 लोगों ने पीछे से सिर पर मारा, उसके बाद वो घायल हो गए. उसके बाद उन्हें चाक़ू भी मारा गया.
राहुल के अनुसार आयुष को कहा गया कि "अगर वो नूपुर शर्मा का समर्थन करता रहा तो वो दिन दूर नही जब तेरा गला काट दिया जाएगा."
अस्पताल में पहुँचने के बाद आयुष जाधम ने भी मीडियो को बताया था कि उनपर हमले की वजह नूपुर शर्मा को समर्थन करना रहा है. लेकिन स्थानीय लोग जो दोनों पक्षों को जानते हैं उनका कहना है कि इस विवाद की वजह अलग है.
अपना नाम नहीं बताने की शर्त पर लोग कह रहे हैं कि इसे ज़बरदस्ती नूपुर शर्मा मामले से जोड़ा जा रहा है. स्थानी लोगों का कहना है कि इस मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौक़े पर पहुँची. उसके बाद हिंदूवादी संगठनों के लोग इकठ्ठा हो गए. उसके बाद से ही पूरा मामला बदल गया.
इसके बाद हिंदूवादी संगठनों ने थाने और पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव कर दिया और अभियुक्तों की गिरफ़्तारी की माँग करने लगे. इस मामलें में कुल 13 लोगों को अभियुक्त बनाया गया है.
इसमें अमन, अरबाज़, आसिफ़, सरफ़राज़, चिकी, अब्बू, सोहैल, मुन्ना, सलमान, फ़िरदोस, समीर और साजिद शामिल हैं. पुलिस ने अभियुक्तों के ख़िलाफ़ भारतीय दंड संहिता की धारा 307, 147, 148, 149, 294 एवं 506 के तहत प्रकरण दर्ज किया है.