प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी ने आज उत्तर प्रदेश में बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे का उद्घाटन किया. यह
एक्सप्रेस वे 28 महीनों में बनकर तैयार हुआ है.
शनिवार को पीएम
मोदी ने जालौन ज़िले के ओराई तहसील के कैठारी गाँव में इसका उद्घाटन किया. पीएम
मोदी ने 29 फ़रवरी, 2020 को इस एक्सप्रेस वे
की नींव रखी थी.
पीएम मोदी ने
अपने संबोधन के दौरान एक्सप्रेस वे से होने वाले फ़ायदों का ज़िक्र करते हुए पिछली
सपा सरकार और मुफ़्त सुविधाएं देने की राजनीति पर निशाना भी साधा.
पीएम मोदी ने कहा, ''बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से चित्रकूट से दिल्ली
की दूरी तो 3-4 घंटे कम हुई ही है, लेकिन इसका लाभ
इससे भी कहीं ज्यादा है. ये एक्सप्रेसवे यहां सिर्फ़ वाहनों को गति नहीं देगा, बल्कि ये पूरे बुंदेलखंड की औद्योगिक प्रगति को
गति देगा.''
पीएम मोदी ने कहा, ''हमारे देश में मुफ़्त की रेवड़ी बांटकर वोट बटोरने का कल्चर लाने की कोशिश हो रही है. ये रेवड़ी कल्चर देश के विकास के लिए बहुत घातक है. इस रेवड़ी कल्चर से देश के लोगों को बहुत सावधान रहना है.''
''रेवड़ी कल्चर वाले कभी आपके लिए नए एक्सप्रेसवे नहीं बनाएंगे, नए एयरपोर्ट या डिफेंस कॉरिडोर नहीं बनाएंगे. रेवड़ी कल्चर वालों को लगता है कि जनता जनार्दन को मुफ़्त की रेवड़ी बांटकर, उन्हें खरीद लेंगे.''
उन्होंने पिछली सपा सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा, ''जिस यूपी में सरयू नहर परियोजना को पूरा होने में 40 साल लगे, जिस यूपी में गोरखपुर फर्टिलाइजर प्लांट 30 साल से बंद पड़ा था, जिस यूपी में रायबरेली रेल कोच फैक्ट्री, सिर्फ़ डिब्बों का रंग-रौगन करके काम चला रही थी, उस यूपी में अब इंफ्रास्ट्रक्चर पर इतनी गंभीरता से काम हो रहा है, कि उसने अच्छे-अच्छे राज्यों को भी पछाड़ दिया है. पूरे देश में अब यूपी की पहचान बदल रही है.''
पीएम ने बताया, ''बुंदेलखंड की एक और चुनौती को कम करने के लिए हमारी सरकार निरंतर काम कर रही है. हर घर तक पाइप से पानी पहुंचाने के लिए हम जल जीवन मिशन पर काम कर रहे हैं.''
बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे की खासियत
296 किमी. लंबा चार लेन का बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे सात जिलों से होकर गुजरेगा. इसमें चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, औरैया और इटावा शामिल हैं.
ये एक्सप्रेस वे चित्रकूट ज़िले में गोंडा गाँव में एनएच-35 से इटावा ज़िले में कुदरैल गाँव तक जाता है. इसके आगे ये एक्सप्रेस वे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे से जुड़ जाता है.
एक्सप्रेस वे के शुरू होने के बाद चित्रकूट से राजधानी दिल्ली का सफ़र क़रीब आठ घंटे में पूरा किया जा सकता है, जिसके लिए अभी 12 से 13 घंटे लग जाते हैं. इस एक्सप्रेस वे के बाद लोगों की यात्रा में चार से पाँच घंटे समय की बचत होगी.
सरकार का कहना है कि इससे ना सिर्फ़ कनेक्टिविटी बढ़ेगी बल्कि ये आर्थिक विकास और नौकरियों को बढ़ावा देगा.
एक्सप्रेस वे के दोनों तरफ इंडस्ट्रियल एरिया विकसित किया जाएगा. इसके लिए जालौन और बांदा को इंडस्ट्रियल हब की तर्ज़ पर बनाया जाएगा.