You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.

Take me to the main website

रुबैया सईद ने अपने अपहरण के 33 साल बाद पहली बार सीबीआई कोर्ट में बयान दर्ज कराया

जम्मू और कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती की बहन रुबैया सईद ने शुक्रवार को सीबीआई कोर्ट के समक्ष साल 1989 के अपहरण कांड में अपना बयान दर्ज़ कराया है.

लाइव कवरेज

भूमिका राय and अनंत प्रकाश

  1. रूस से भारत की नज़दीकी के बावजूद अमेरिका उसे दे सकता है इस क़ानून से छूट

    अमेरिका के हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव ने एक संशोधन पास किया है जो 'काउंटरिंग अमेरिकाज़ ऐडवर्सरीज़ थ्री सैंक्शंस ऐक्ट' या 'काट्सा कानून' के कड़े प्रावधानों से भारत को छूट देता है.

    भारतीय मूल के कांग्रेसमैन रो खन्ना ने इस संशोधन को लिखा और पेश किया था. इसके पक्ष में 330 और विरोध में 99 मत पड़े.

    काट्सा क़ानून के तहत अमेरिका उन देशों पर प्रतिबंध लगा सकता है जिन्होंने रूस से हथियार खरीदे हैं.

    भारत ने रूस से आधुनिक डिफेंस सिस्टम 'एस-400' खरीदा था, जिसके बाद कयास लगने लगे थे कि अमेरिका भारत पर भी इस कानून के अंतर्गत प्रतिबंध लगा सकता है.

  2. देवेंद्र फडणवीस ने एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे से की मुलाक़ात, अटकलों का बाज़ार गर्म

    महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के प्रमुख राज ठाकरे से मुलाक़ात की है.

    इस मुलाक़ात को लेकर अटकलों का बाज़ार गर्म है. महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे की सरकार का गठन हुए कुछ दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी तक मंत्रिपरिषद का विस्तार नहीं हुआ है.

    अभी एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस ने ही शपथ ली है. साथ ही बीएमसी चुनाव भी होने वाले हैं.

    देवेंद्र फडणवीस ने ट्वीट कर इस मुलाक़ात की तस्वीरें जारी की हैं और लिखा है कि उन्होंने राज ठाकरे से मुलाक़ात की और उनका हाल-चाल जाना.

    पिछले महीने ही राज ठाकरे की हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी हुई है.

    पिछले दिनों राज ठाकरे ने एक बयान जारी करके देवेंद्र फडणवीस की सराहना की थी. फडणवीस पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे. शुरुआत में उन्होंने एकनाथ शिंदे की सरकार में शामिल न होने की घोषणा की थी.

    लेकिन पार्टी के दबाव में वे सरकार में शामिल हुए और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार में उप मुख्यमंत्री बने. राज ठाकरे ने अपने बयान में देवेंद्र फडणवीस की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी के प्रति निष्ठा और प्रतिबद्धता को लेकर उदाहरण पेश किया है.

  3. सऊदी अरब ने इसराइल के विमानों के लिए खोला एयरस्पेस, पीएम लापिड हुए गदगद

    सऊदी अरब ने इसराइली विमानों के लिए अपना एयरस्पेस खोलने की घोषणा कर दी है. ये अहम घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन मध्य पूर्व के दौरे पर हैं. इसराइल के प्रधानमंत्री याएर लापिड ने ट्वीट पर इस पर ख़ुशी जताई है.

    उन्होंने कहा है कि सऊदी अरब और अमेरिका के बीच लंबे समय तक चले विचार-विमर्थ और कूटनीति के बाद ये ख़ुशख़बरी आई है. लापिड ने ट्वीट कर लिखा है- मैं सऊदी नेतृत्व को एयरस्पेस खोलने के लिए बधाई देता हूँ. ये पहला क़दम है. हम ज़रूरी सावधानी बरतते हुए इसराइली अर्थव्यवस्था, इसराइली सुरक्षा और इसराइली नागरिकों के लिए काम करना जारी रखेंगे.

    इसराइल के दौरे पर आए अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने भी इस फ़ैसले का स्वागत किया है. यरुशलम पोस्ट के मुताबिक़ जो बाइडन ने शुक्रवार को बयान जारी करके कहा कि ये फ़ैसला ज़्यादा एकीकृत और स्थिर मध्य पूर्व क्षेत्र तैयार करने की दिशा में एक अहम क़दम है.

    इसराइल के पूर्व पीएम बिन्यामिन नेतन्याहू ने भी इस फ़ैसले के लिए सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को बधाई दी है. उन्होंने लिखा कि सऊदी अरब के साथ रिश्ते सामान्य करने की आधारशिला दो साल पहले रखी गई थी, जब दुबई और अबूधाबी की सीधी उड़ान को सऊदी अरब के एयरस्पेस से उड़ने की इजाज़त दी गई थी.

  4. रनिल विक्रमसिंघे ने श्रीलंका के अंतरिम राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद की दो अहम घोषणा

    श्रीलंका के प्रधानमंत्री रनिल विक्रेमसिंघे ने अंतरिम राष्ट्रपति पद की शपथ ले ली है. देश के मुख्य न्यायाधीश ने उन्हें शपथ दिलाई.

    अंतरिम राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद रनिल विक्रमसिंघे ने दो महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं.

    उन्होंने बयान जारी कर कहा, “अंतरिम राष्ट्रपति बनने के साथ ही मैंने दो अहम फ़ैसले लिए हैं. पहला अहम फ़ैसला यह कि मैं राष्ट्रपति के लिए ‘महामहिम’ शब्द को प्रतिबंधित कर रहा हूँ और दूसरा यह कि वे राष्ट्रपति के ध्वज को निरस्त कर रहे हैं.”

    गोटाबाया के इस्तीफ़े के बाद ली शपथ

    इससे पूर्व गुरुवार देर शाम सिंगापुर पहुँचे गोटाबाया राजपक्षे ने श्रीलंका की संसद के स्पीकर को अपना इस्तीफ़ा ईमेल किया था. जिसे आज स्पीकर ने स्वीकार कर लिया.

    इस्तीफ़ा स्वीकार करने के कुछ देर बाद ही रनिल विक्रमसिंघे ने अंतरिम राष्ट्रपति पद की शपथ ली.

  5. ब्रेकिंग न्यूज़, दिल्ली में गोदाम की दीवार गिरने से पाँच की मौत, कई घायल

    दिल्ली के अलीपुर इलाके में स्थित एक गोदाम की दीवार गिरने से पाँच लोगों की मौत हो गई है और कई लोग घायल हुए हैं.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, दिल्ली पुलिस ने बताया है कि अब तक 10 लोगों को मलबे से निकाला जा सका है जिनमें से पाँच लोगों की मौत हो गई है.

    मौके पर दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग की कई टीमें मौजूद हैं और बचाव अभियान जारी है.

  6. ब्रेकिंग न्यूज़, मोहम्मद ज़ुबैर को 2018 के ट्वीट मामले में दिल्ली की अदालत ने दी ज़मानत

    ऑल्ट न्यूज़ के सह संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर को दिल्ली की एक अदालत ने 2018 के ट्वीट मामले में ज़मानत दे दी है.

    दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने कहा है कि मोहम्मद ज़ुबैर पहले से ली गई अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ सकते.

    अदालत ने उन्हें 50 हज़ार रुपए के निजी मुचलके पर उन्हें ज़मानत दी है.

    धार्मिक भावनाओं को आहत करने और नफ़रत फैलाने के आरोप में ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ़्तार किया था.

    उन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 153ए ओर 295ए के (जानबूझकर दुर्भावनापूर्ण इरादे से समुदायों के बीच सद्भाव भंग करने और धार्मिक भावनाओं को आहत करने और विद्वेषपूर्ण इरादे से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने या करने की कोशिश) के तहत गिरफ़्तार किया गया था.

    दिल्ली पुलिस ने बताया था कि ट्विटर हैंडल पर मिली एक शिकायत के बाद मोहम्मद ज़ुबैर के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया था. शिकायत के अनुसार, मोहम्मद ज़ुबैर ने कथित तौर पर जानबूझकर एक धर्म के अपमान के इरादे से तस्वीर पोस्ट की थी.

    इस तरह के ट्वीट को सोशल मीडिया पर अन्य लोग आगे शेयर करने लगे जिससे सद्भाव बिगड़ने और सार्वजनिक शांति भंग होने की आशंका थी.

    जुबैर के ख़िलाफ शिकायत 2018 के ट्वीट से संबंधित है, जिसमें उन्होंने एक तस्वीर शेयर की थी.

    हाल ही में मोहम्मद ज़ुबैर ने उत्तर प्रदेश के कई ज़िलों में दर्ज एफ़आईआर को रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है.

    साथ ही इन मामलों में अंतरिम ज़मानत के लिए भी अपील की है. सीतापुर और हाथरस की अदालत ने उन्हें अलग-अलग शिकायतों पर 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा था.

  7. आरएसएस पर टिप्पणी करने वाले पटना पुलिस के एसएसपी ने अब दिया है स्पष्टीकरण

    बिहार में पटना पुलिस के एसएसपी मानवजीत सिंह ढिल्लों ने आरएसएस पर टिप्पणी के मामले में स्पष्टीकरण दिया है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ पटना के एसएसपी ने कहा कि उन्होंने वही कहा, जो दस्तावेज़ में लिखा गया था और जो अभियुक्तों ने पूछताछ के दौरान कहा था.

    उन्होंने बताया- जब अभियुक्तों से उनके काम करने की शैली के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि वे अन्य संगठनों की तरह शारीरिक स्वास्थ्य के नाम पर ट्रेनिंग देते हैं. एक दिन पहले गुरुवार को पटना में संदिग्ध चरमपंथियों की गिरफ़्तारी के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एसएसपी मानवजीत सिंह ढिल्लों के बयान पर विवाद छिड़ गया.

    प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान उन्होंने कहा था- कटुता की तरफ़ जिसे हम अंग्रेज़ी में रेडिक्लाइजेशन बोलते हैं, उसके लिए ये लगातार कार्यशील थे, इसका जो मॉडस था कि ये लोग, जैसे शाखा होती है, आरएसएस शाखा आर्गेनाइज़ करती है और लाठी की ट्रेनिंग देती है, उसी तरह ये लोग शारीरिक प्रशिक्षण, फिज़िकल एजुकेशन के नाम से अपने यूथ को बुलाकर प्रशिक्षण दे रहे थे और जो अपना एजेंडा है और प्रोपेगैंडा है, उनके माध्यम से यूथ को ब्रेनवॉश करने का काम कर रहे थे.

    केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पटना एसएसपी के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है और कहा है कि आरएसएस का मतलब राष्ट्र प्रेम और राष्ट्र कल्याण है.

    उन्होंने ट्विटर पर लिखा- RSS मतलब राष्ट्र प्रेम. RSS मतलब राष्ट्र कल्याण. RSS मतलब देश सेवा. RSS मतलब जनकल्याण. RSS मतलब मानवता और सौहार्द्र. RSS मतलब संविधान के हिमायती. देश और दुनिया का हर समझदार व्यक्ति इस बात को जानता है ,सिवाय कुछ "एजेंडावादियों और तुष्टिकरण" के पैरोकारों के.

    दरअसल बिहार पुलिस ने दावा किया है कि उन्होंने पटना के फुलवारीशरीफ़ इलाक़े से दो संदिग्ध चरमपंथियों को गिरफ़्तार किया है. पटना पुलिस के मुताबिक उसे इंटेलिजेंस ब्यूरो से दो संदिग्ध लोगों के बारे में जानकारी मिली थी.

    गिरफ़़्तार किए गए लोगों का नाम मोहम्मद जलालुद्दीन और अतहर परवेजट है. गिरफ़्तार किए गए दोनों लोगों पर यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया गया है.

    गिरफ़्तार किए गए अतहर परवेज़ के सगे भाई मंज़र पटना के गांधी मैदान ब्लास्ट मामले में अभियुक्त हैं. ये लोग इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया (पीएफ़आई) और राजनीतिक पार्टी एसडीपीआई (सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ़ इंडिया) से जुड़े बताए गए हैं.

    हालांकि पीएफ़आई ने पुलिस के सभी आरोपों को खारिज किया है. पीएफ़आई ने कहा है कि सभी आरोप निराधार हैं और पीएफ़आई को बदनाम करने के लिए लगाए गए हैं.

  8. गोटाबाया राजपक्षे के इस्तीफ़े पर श्रीलंका के एक सांसद ने दी ये प्रतिक्रिया

    गोटाबाया राजपक्षे ने आधिकारिक रूप से अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. संसद के स्पीकर यापा अभयवर्धना ने शुक्रवार सुबह गोटाबाया राजपक्षे के इस्तीफ़े की आधिकारिक घोषणा की.

    इस बीच श्रीलंका के पीएम रनिल विक्रमसिंघे ने अब से कुछ देर पहले अंतरिम राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली. श्रीलंका के चीफ़ जस्टिस ने विक्रमसिंघे को शपथ दिलाई.

    हालांकि राजपक्षे ने अपना इस्तीफ़ा गुरुवार देर शाम सिंगापुर पहुंचने के साथ ही स्पीकर को ईमेल कर दिया था. जिसे आज स्वीकार कर लिया गया.

    गुरुवार को गोटाबाया के इस्तीफ़े की ख़बर आने के साथ ही श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में जश्न मनाया जाने लगा था. कोलंबो में इस समय कर्फ्यू लागू है लेकिन जश्न मनाने के लिए लोग सड़कों पर उतर आए.

    गोटाबाया के इस्तीफ़े के बाद से प्रदर्शनकारी सरकारी इमारतों से हट गए हैं और वापस लौट रहे हैं.

    बीबीसी के संवाददाता ने क्या बताया

    कोलंबो में मौजूद बीबीसी संवाददाता इथिराजन अनबरासन ने बताया कि गोटाबाया के इस्तीफ़े के बाद से ही वहाँ जश्न का माहौल है. लोग जश्न मना रहे हैं. गाने गा रहे हैं. अलग-अलग तरह के पोस्टर लेकर खड़े हैं और अपनी जीत का जश्न मना रहे हैं. गोटाबाया का इस्तीफ़ा उनके लिए जीत है, क्योंकि प्रदर्शन की शुरुआत से ही वे इसकी मांग कर रहे थे.

    वो कहते हैं, “बीते तीन महीनों से प्रदर्शनकारी इसी की मांग कर रहे थे. लोगों में नाराज़गी थी क्योंकि उन्हें मूलभूत ज़रूरतों के लिए भी मशक्कत करनी पड़ रही है और शनिवार को जो हुआ, सके पीछे लोगों का गुस्सा ही था.”

    श्रीलंका के सांसद तारका सुरया ने राजपक्षे के इस्तीफ़े पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बहुत अलग क़िस्म की फ़ीलिंग है, जिसे शायद मैं शब्दों में नहीं बता सकता.

    वो कहते हैं, “जो हुआ है उसे सीधे तौर पर जनता की ताक़त को दिखाता है.”

    श्रीलंका के सांसद हालाँकि ये भी मानते हैं कि राजपक्षे के कई मौक़ों पर बेहतरीन काम किया है. वह कहते हैं कि जैसा कि उन पर आरोप लगाए जा रह हैं, जहाँ तक मुझे समझ आता है कि वो अपने पर लगे आरोपों का सामना ज़रूर करेंगे.

    तो क्या इस घटनाक्रम के बाद से श्रीलंका से राजपक्षे परिवार का प्रभाव समाप्त हो जाएगा? इस सवाल के जवाब में श्रीलंका के सांसद ने कहा कि उन्हें ऐसा नहीं लगता है. लेकिन यह भी है कि इस बात का फ़ैसला सिर्फ़ और सिर्फ़ जनता ही करेगी.

    वह कहते हैं कि ऐसा नहीं है कि भविष्य में ऐसा कुछ हो ही नहीं सकता कि राजपक्षे परिवार से कोई सत्ता में कभी आए ही नहीं. दक्षिणी एशिया के कई मुल्कों में ऐसी स्थिति पेश आ चुकी है और लोगों ने उसके बाद सत्ता में वापसी की है.

  9. नूपुर शर्मा पर विवादित भाषण देने के आरोप में गौहर चिश्ती गिरफ़्तार

    राजस्थान के अजमेर में एक विवादित भाषण के मामले में गौहर चिश्ती को गिरफ़्तार कर लिया गया है. गौहर चिश्ती पर 17 जून को एक जुलूस के दौरान नूपुर शर्मा पर विवादित भाषण देने का आरोप है. पुलिस को गौहर की कई दिनों से तलाश थी. लेकिन अब गौहर को हैदराबाद से गिरफ़्तार कर लिया गया है.

    अजमेर के एसपी चुना राम ने ये जानकारी दी है. बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा ने पैगंबर मोहम्मद के ख़िलाफ़ विवादित टिप्पणी की थी. आरोप है कि इसी के बाद अजमेर के निजाम गेट पर गौहर चिश्ती ने एक जुलूस के दौरान आपत्तिजनक भाषण दिया था.

    एसपी चुना राम ने पत्रकारों को बताया- इनके बैंक खातों की जानकारी और किस-किस के साथ और किन घटनाओं में संबंध हैं उसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है, कॉल डिटेल्स की भी जानकारी की जा रही है.

    राजस्थान के उदयपुर में जून में ही कन्हैया लाल की गर्दन काट कर हत्या कर दी गई थी. दो लोगों ने हत्या का वीडियो भी बनाया था और इसे बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा की पैग़ंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी का बदला बताया था.

    दोनों की पहचान मोहम्मद रियाज़ और गौस मोहम्मद के रूप में हुई. बाद में दोनों को गिरफ़्तार भी कर लिया गया है.

    दोनों एक वीडियो में कन्हैयालाल के सिर कलम कर देने की बात स्वीकार रहे हैं. इन्होंने इस वीडियो में पीएम मोदी की हत्या की भी धमकी दी थी. अब एनआईए इस मामले की जाँच कर रही है.

  10. पाकिस्तान में पेट्रोल और डीज़ल के दाम कम करने के पीछे क्या है वजह?

    पाकिस्तान में पेट्रोल और डीज़ल के दाम घटाए गए हैं. डीज़ल के दाम 40 रुपए 54 पैसे कम किए गए हैं और पेट्रोल के दाम 18 रुपए 50 पैसे कम किए गए हैं.

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने गुरुवार को पेट्रोल और डीज़ल के दामों में कटौती की घोषणा की.

    अपनी घोषणा में उन्होंने कहा, “आज वैश्विक बाज़ार में तेल की क़ीमतें तेज़ी से नीचे आई हैं और ऐसे में हमारे पास भी मौक़ा है कि हम पेट्रोलियम उत्पादों की क़ीमतें कम कर पाएँ.”

    बीते कुछ महीनों में पाकिस्तान की सरकार ने पेट्रोल के दाम 60 फ़ीसदी तक बढ़ा दिए थे और अब सरकार ने पेट्रोल के दाम 18 रुपए कम करने का फ़ैसला किया है.

    सरकार के वित्त विभाग का कहना है कि पेट्रोल-डीज़ल के दामों को कम करके लोगों को राहत देने की कोशिश की गई है.

    कितने घटे हैं दाम

    वित्त विभाग ने एक प्रेस रिलीज़ जारी करके पेट्रोलियम उत्पादों की नई क़ीमतें जारी की हैं. पेट्रोल की क़ीमत 18 रुपए 50 पैसे घटाई गई है और अब नई क़ीमत 230 रुपए 24 पैसे प्रति लीटर है.

    इसके साथ ही डीज़ल की क़ीमत 40 रुपए 54 पैसे कम की गई है. इसी के साथ डीज़ल की नई क़ीमत 236 रुपए प्रति लीटर हो गई है.

    केरोसीन ऑयल की क़ीमत भी घटकर 196 रुपए 45 पैसे हो गई है. केरोसीन ऑयल की पुरानी क़ीमत 230 रुपए 26 पैसे प्रति लीटर थी.

    संबोधन में पीएम ने क्या कहा

    पेट्रोलियम उत्पादों की नई क़ीमतों की घोषणा करते हुए पीएम शहबाज़ शरीफ़ ने कहा, “अच्छा समय बिल्कुल आएगा...”

    उन्होंने कहा कि पिछली सरकार की ग़लत नीतियों के कारण उनकी मौजूदा सरकार को अर्थव्यवस्था को लेकर बेहद मुश्किल क़दम उठाने पड़ रहे हैं.

    चुनावों को देखते हुए कम किए गए हैं दाम

    एक ओर जहां पेट्रोलियम उत्पादों की क़ीमत में कटौती का स्वागत किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इस राजनीतिक दृष्टिकोण से भी देखा जा रहा है.

    बहुत से लोगों ने चिंता जताई है कि आख़िर ये कटौती कितने समय तक बनी रह सकेगी. कई लोगों ने इसे राजनीतिक-फ़ैसला बताया है. इस तरह की प्रतिक्रिया देने वालों का दावा है कि ये राहत सिर्फ़ पंजाब उप-चुनाव तक ही बनी रहेगी.

    सोशल मीडिया पर इस तरह की टिप्पणी करने वाले कई यूज़र हैं. शबाना भट्टी ने कहा है कि पंजाब उप-चुनाव से पहले, यह सिर्फ़ एक राजनीतिक खेल है ताकि वोटर्स को रिझाया जा सके.

  11. हामिद अंसारी पर फिर आक्रामक हुई बीजेपी, तस्वीर दिखाकर पूछे कई सवाल

    भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी को लेकर एक बार फिर कई सवाल पूछे हैं. दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में बीजेपी के प्रवक्ता गौरव भाटिया ने एक तस्वीर दिखाते हुए कहा- आतंकवाद के विषय पर आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस की तस्वीर में दिख रहा है कि बीच में हामिद अंसारी जी बैठे हैं, उसी मंच पर पाकिस्तान के बहरूपिया पत्रकार, पाकिस्तान का एजेंट नुसरत मिर्जा भी बैठा है.

    पिछले दिनों बीजेपी ने हामिद अंसारी और कांग्रेस पार्टी पर गंभीर सवाल उठाए थे. दरअसल पाकिस्तानी पत्रकार नुसरत मिर्ज़ा ने आरोप लगाया था कि भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने उन्हें साल 2005-2011 के बीच पाँच बार दिल्ली बुलाया और इस दौरान हुई बातचीत में ख़ुफ़िया और संवेदनशील जानकारियां साझा कीं. नुसरत मिर्ज़ा ने दावा किया कि उन्होंने ये जानकारियां पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई के साथ साझा की थी जिसका इस्तेमाल भारत के ख़िलाफ़ किया गया. इसके बाद ही बीजेपी ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस करके हामिद अंसारी को घेरा था.

    बाद में हामिद अंसारी ने पाकिस्तानी पत्रकार के दावों और बीजेपी के आरोपों पर जवाब दिया था. हामिद अंसारी ने एक बयान जारी कर कहा था कि उनके ख़िलाफ़ झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं. लेकिन अब बीजेपी ने एक बार फिर कांग्रेस और हामिद अंसारी पर कई सवाल उठाए हैं.

    बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा- भाजपा द्वारा पूछे गए कांग्रेस पार्टी और हामिद अंसारी से सवालों के जवाब में हामिद अंसारी जी ने सारा ठीकरा कांग्रेस सरकार पर ये कह कर फोड़ा कि जो उपराष्ट्रपति के कार्यक्रम में बुलाए जाते हैं, वो सरकार की सलाह से बुलाए जाते हैं. उन्होंने पूछा कि क्या ये सत्य नहीं है कि इस तरह का कोई भी कार्यक्रम आयोजित होता है, तो उसकी क्लेरेंस इंटेलिजेंस एजेंसी के इनपुट के क्या बाद में दी जाती है?

    गौरव भाटिया ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि आतंकवाद से कैसे लड़ना है ये कांग्रेस पार्टी पाकिस्तान के आईएसआई एजेंट से सीख रही थी. उन्होंने कहा- हामिद अंसारी जी कहते हैं कि मैंने आतंकवाद के विषय पर 11 दिसंबर 2010 एक कांफ्रेंस का उद्घाटन किया था. संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्ति की जिम्मेदारी भी बड़ी होती है. किसी भी व्यक्ति से ऊपर हमारा देश भारत है और भारत के नागरिकों का हित है.

    दो दिन पहले अपने जवाब में हामिद अंसारी ने कहा था- मेरे ख़िलाफ़ व्यक्तिगत रूप से एक के बाद एक कई झूठ बोले गए. पहले मीडिया के एक वर्ग ने और बाद में बीजेपी के अधिकारिक प्रवक्ता ने. उन्होंने कहा था, "ये कहा गया कि मैंने भारत का उपराष्ट्रपति रहते हुए पाकिस्तानी पत्रकार नुसरत मिर्ज़ा को न्यौता दिया. ये कहा गया कि मैंने दिल्ली में आतंकवाद पर एक सम्मेलन में उनसे मुलाक़ात की और ईरान में भारत का राजदूत रहते हुए मैंने राष्ट्रीय हितों को धोखा दिया. इस मामले में आरोप भारत सरकार की एजेंसी के एक पूर्व अधिकारी ने लगाए हैं.

    हामिद अंसारी ने अपने बयान में कहा था- ये एक ज्ञात तथ्य है कि उपराष्ट्रपति विदेशी हस्तियों को सरकार और आमतौर पर विदेश मंत्रालय की सलाह पर न्यौता देते हैं. मैंने 11 दिसंबर 2010 को आंतकवाद पर हुए सम्मेलन का उद्घाटन किया था. एक सामान्य प्रक्रिया के तहत इस सम्मेलन में आमंत्रित लोगों की सूची आयोजकों ने बनाई होगी, ना ही मैंने उसे न्यौता दिया था और ना ही उससे मुलाक़ात की थी.

    हामिद अंसारी ने कहा, "ईरान में भारत का राजदूत रहते हुए मैंने जो भी काम किया वो उस समय की सरकार की जानकारी में था. ऐसे मामलों में मैं राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता से जुड़ा हूं और उन पर टिप्पणी करने से बचता हूं. भारत सरकार के पास इस बारे में सभी जानकारी है और वो ही सच बताने वाली एकमात्र अथॉरिटी है. ये एक स्थापित तथ्य है कि तेहरान में अपने कामकाज के बाद मुझे न्यू यॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में भारत का स्थायी प्रतिनिधि नियुक्त किया गया था. मैंने वहां जो काम किया है उसे देश और विदेश में सराहा गया है."

    पाकिस्तानी पत्रकार नुसरत मिर्ज़ा ने ये भी दावा किया था कि उन्होंने ये जानकारियाँ पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई के साथ साझा की थी जिसका इस्तेमाल भारत के ख़िलाफ़ किया गया. नुसरत मिर्ज़ा के इन दावों के बाद ही भारतीय जनता पार्टी हामिद अंसारी और कांग्रेस पर आक्रामक है.

  12. अखिलेश के साथी ओपी राजभर ने राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को समर्थन देने का किया ऐलान

    सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) के प्रमुख ओपी राजभर ने एनडीए की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को अपना समर्थन देने की घोषणा की है.

    पत्रकारों से बातचीत में राजभर ने कहा, “हमारी पार्टी ने द्रौपदी मुर्मू को अपना समर्थन देने का फ़ैसला किया है.”

    ओपी राजभर ने इस साल हुए यूपी विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था.

    एनडीए की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को बीजेपी और उसकी सहयोगी पार्टियों के अलावा बीजेडी, शिव सेना, झामुमो, बसपा, वाईएसआर कांग्रेस, अकाली दल, एआईएडीएमके, लोक जन शक्ति पार्टी ने समर्थन दिया है.

    कौन हैं द्रौपदी मुर्मू

    द्रौपदी मुर्मू एनडीए की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार हैं. वो संथाल आदिवासी हैं और उनके पिता बिरंची नारायण टुडू अपनी पंचायत के मुखिया रहे हैं.

    द्रौपदी मुर्मू झारखंड की पहली महिला और आदिवासी राज्यपाल थीं.

    वो झारखंड में सबसे लंबे वक़्त (छह साल से कुछ अधिक वक़्त) तक राज्यपाल रहीं.

    यहां से सेवानिवृति के बाद वो अपने गृह राज्य ओड़िशा के मयूरभंज जिले के रायरंगपुर में रहती हैं. यह उनके पैतृक गांव बैदापोसी का प्रखंड मुख्यालय है.

    यशवंत सिन्हा से है द्रौपदी मुर्मू का मुक़ाबला

    यशवंत सिन्हा विपक्ष के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार हैं. भारतीय प्रशासनिक सेवा (आइएएस) के पूर्व अधिकारी यशवंत सिन्हा झारखंड की हजारीबाग सीट से बीजेपी के लोकसभा सांसद रह चुके हैं और वो केंद्र सरकार के मंत्री भी रह चुके हैं.

    सिन्हा ने साल 1988 में हजारीबाग से लोकसभा चुनाव जीता और केंद्र सरकार में वित्त मंत्री रहे. बाद में वो विदेश मंत्री बने.

    लंबे वक्त तक बीजेपी में रहुने के बाद हाल के सालों में वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ लगातार मुखर होते चले गए. आखिरकार बीजेपी से अलग होना पड़ा. साल 2021 में वो टीएमसी में शामिल हो गए थे.

    कब हैं चुनाव

    भारत में नए राष्ट्रपति के चुनाव के लिए 18 जुलाई को मतदान और 21 जुलाई को नतीजा आएगा.

  13. भारत-पाकिस्तान: सुनिधि चौहान और ज़ेब बंगश की सुरों की 'बंदिश'

  14. विराट कोहली पर बोले बाबर आज़म - ये वक़्त भी बीत जाएगा...

    पाकिस्तान के क्रिकेटर बाबर आज़म ने अपने ट्विटर हैंडल से विराट कोहली के साथ एक तस्वीर शेयर की है.

    विराट कोहली के साथ फ़ोटो शेयर करते हुए उन्होंने लिखा है, “यह (वक़्त) भी गुज़र जाएगा. मज़बूत बने रहें.”

    बाबर आज़म ने विराट कोहली को लीजेंड बताया था

    आज के दौर में अक्सर बाबर आज़म की तुलना विराट कोहली से की जाती है जिनके रिकॉर्ड्स अब आज़म तोड़ते जा रहे हैं.

    साल 2019 में जब एक शानदार पारी के बाद किसी पत्रकार ने बाबर की तुलना विराट कोहली से की थी तो बाबर आज़म ने कहा था कि "ये तुलना ठीक नहीं है, मैं एक छोटा खिलाड़ी हूँ जबकि कोहली एक लेजेंड हैं."

    ख़राब फ़ॉर्म से जूझ रहे हैं विराट कोहली

    33 साल के कोहली ने इस दौरान 100 से ज़्यादा पारियां खेली हैं, जिनमें 17 टेस्ट, 21 वनडे, 25 टी-20 के अलावा 37 आईपीएल के मुक़ाबले शामिल हैं, जिनमें वे शतक नहीं बना सके हैं.

    टेस्ट और वनडे क्रिकेट में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 70 शतक कोई मामूली उपलब्धि भी नहीं है.

    लेकिन करियर का 71वां इंटरनेशनल शतक मानो उनके पास आने से कतरा रहा है. इंग्लैंड के ख़िलाफ़ एजबेस्टन टेस्ट से लेकर पहले वनडे तक कोहली बड़ा स्कोर नहीं बना पाए हैं, इसके बाद उनकी टीम में मौजूदगी तक पर सवाल उठ रहे हैं.

    एजबेस्टन टेस्ट से पहले, भारत ने लेस्टरशर काउंटी के ख़िलाफ़ एक अभ्यास मैचा खेला था, उसमें कोहली अपने रंग में दिख रहे थे, पहली पारी में 33 रन बनाने के बाद कोहली ने दूसरी पारी में 67 रन बनाए थे. लेकिन एजबेस्टन टेस्ट में कोहली में महज 11 और 20 रन बना सके.

    इंटरनेशनल क्रिकेट में ही नहीं कोहली आईपीएल में भी बहुत बड़ी पारी नहीं खेल सके. इस सीजन की 16 पारियों में उन्होंने महज 341 रन बनाए और इस दौरान उनकी बल्लेबाज़ी की स्ट्राइक रेट भी 116 से कम की रही, जो उनके बेहतरीन से काफ़ी कम माना जाएगा.

  15. गोटाबाया राजपक्षे का इस्तीफ़ा मंज़ूर, स्पीकर ने कल बुलाई संसद की बैठक

    श्रीलंका की संसद के स्पीकर ने कहा है कि उन्हें गोटाबाया राजपक्षे का इस्तीफ़ा मिल गया है और राष्ट्रपति ने अब आधिकारिक तौर पर इस्तीफ़ा दे दिया है.

    स्पीकर यापा अभयवर्धना ने साथ ही पुष्टि की कि प्रधानमंत्री रनिल विक्रमसिंघे देश के अंतरिम राष्ट्रपति होंगे. उन्हें आज शपथ दिलाई जा सकती है.

    स्पीकर ने बताया कि नए राष्ट्रपति के चुनाव के लिए कल 16 जुलाई को संसद की बैठक बुलाई गई है.

    स्पीकर ने प्रदर्शन कर रहे लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है. इसके साथ ही उन्होंने सभी सांसदों से संसदीय प्रकिया में हिस्सा लेने को कहा है.

    गुरुवार देर रात ईमेल से भेजा था इस्तीफ़ा

    राजपक्षे गुरुवार देर शाम सिंगापुर पहुंचे. सिंगापुर पहुंचने के कुछ देर बाद ही उन्होंने ईमेल के ज़रिए श्रीलंका की संसद के स्पीकर को अपना इस्तीफ़ा भेज दिया था.

    श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के इस्तीफ़े की ख़बर आने के बाद श्रीलंका में प्रदर्शनकारियों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया है.

    सोशल मीडिया पर तमाम ऐसे वीडियो और तस्वीरें वायरल हो रही हैं जिनमें प्रदर्शनकारी एकजुट होते दिख रहे हैं.

    कुछ वीडियोज़ में प्रदर्शनकारी गॉले पार्क में जश्न मनाते हुए दिख रहे हैं.

  16. ऋषि सुनक ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद की दावेदारी के दूसरे राउंड के चुनाव में भी सबसे आगे

    ब्रिटेन में प्रधानमंत्री पद की दावेदारी की रेस में भारतीय मूल के पूर्व वित्त मंत्री ऋषि सुनक दूसरे राउंड में भी सबसे आगे रहे हैं.

    दूसरे चरण के मतदान में सुनक ने 101 सांसदों का समर्थन हासिल किया. उन्होंने अपनी क़रीबी प्रतिद्वंद्वी पेनी मोरडुएंट से 18 वोट ज़्यादा हासिल किए.

    बोरिस जॉनसन के कंज़र्वेटिव पार्टी के नेता के पद से इस्तीफ़ा देने के बाद पार्टी अपने नए नेता का चुनाव कर रही है जो देश का प्रधानमंत्री होगा. इसके लिए अब पाँच उम्मीदवार रेस में रह गए हैं जिनमें ऋषि सुनक सबसे आगे हैं.

    दूसरे चरण के मतदान में पेनी मोरडुएंट को 83 वोट, लिज़ ट्रॉस को 64 वोट, केमी बाडेनोक को 49 वोट और टॉम टुगेनडैट को 32 वोट मिले.

    दूसरे राउंड की वोटिंग में एटॉर्नी जनरल सुएला ब्रेवरमैन को सबसे कम 27 वोट मिले. जिसके बाद वह इस दौड़ से बाहर हो गई हैं.

    अब अगले सप्ताह सोमवार को अगले राउंड की वोटिंग होगी.

    इससे पहले ये पाँचों उम्मीदवार शुक्रवार को चैनल-4 पर डिबेट में हिस्सा लेंगे.

    सांसदों की वोटिंग में अंतिम दो दावेदारों को चुना जाएगा. इसके बाद पार्टी के सदस्य इनमें से एक दावेदार का चुनाव करेंगे जिसके नाम का एलान 5 सितंबर को होगा.

    इस्तीफ़ा देने वाले पहले मंत्री थे सुनक

    बोरिस जॉनसन की कैबिनेट में वित्त मंत्री रहे ऋषि सुनक ने सबसे पहले इस्तीफ़ा देने की घोषणा की थी. जिसके बाद कई अन्य नेताओं और सांसदों ने भी इस्तीफ़ा दे दिया और अंतत: बोरिस जॉनसन को भी पार्टी के नेता पद से हटना पड़ा. नए नेता के चुनाव तक वह ब्रिटेन के पीएम बने रहेंगे.

    सुनक ने बोरिस जॉनसन के नेतृत्व पर सवाल उठाए थे. जिसके बाद बोरिस जॉनसन सरकार से इस्तीफों की लहर शुरू हो हुई थी.

  17. सिंगापुर सरकार ने कहा, गोटाबाया राजपक्षे ने शरण नहीं माँगी, बतौर मेहमान पहुँचे

    सिंगापुर सरकार ने बताया है कि श्रीलंका से भागकर उनके यहाँ पहुँचे श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने शरण की मांग नहीं की है.

    सिंगापुर के विदेश मंत्रालय के मुताबिक़, "राजपक्षे ने वहां शरण की मांग नहीं की है. मंत्रालय की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि उन्हें बतौर मेहमान ही देश में प्रवेश की अनुमति दी गई है."

    मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए सिंगापुर विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि राजपक्षे को 'निजी यात्रा' के तहत सिंगापुर में प्रवेश की अनुमति दी गई है.

    राजपक्षे गुरुवार देर शाम सिंगापुर पहुंचे. सिंगापुर पहुंचने के कुछ देर बाद ही उन्होंने ईमेल के ज़रिए श्रीलंका की संसद के स्पीकर को अपना इस्तीफ़ा भेज दिया.

    श्रीलंका अब तक के सबसे बुरे आर्थिक संकट की चपेट में है और इस साल की शुरुआत से ही वहां प्रदर्शन हो रहे हैं लेकिन बीते शनिवार यानी 9 जून को बुलाया गया प्रदर्शन काफी उग्र हो गया.

    लोगों ने राष्ट्रपति भवन और पीएम-हाउस को निशाना बनाया और उसमें दाख़िल हो गए. जिस कारण तत्कालिक राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे को अपना राजभवन छोड़कर भागना पड़ा.

    कोलंबो में फिलहाल कर्फ़्यू लागू है लेकिन जैसे ही गोटाबाया राजपक्षे के इस्तीफ़े की ख़बर आई, लोग जश्न मनाने के लिए सड़कों पर उतर आए.

    दरअसल, महीनों से प्रदर्शन कर लोगों की प्रमुख मांग यही थी कि गोटाबाया अपने पद से इस्तीफ़ा दें.

    इस बीच प्रधानमंत्री रनिल विक्रमसिंघे को अंतरिम राष्ट्रपति घोषित किया गया है. हालांकि प्रदर्शनकारी उनके इस्तीफ़े की भी मांग कर रहे हैं.

  18. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहली पत्नी इवाना ट्रंप का निधन

    अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहली पत्नी और उनके तीन बच्चों की मां इवाना ट्रंप का 73 साल की उम्र में निधन हो गया है.

    ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर उन्हें याद करते हुए संदेश लिखा है.

    उन्होंने लिखा है, “वो शानदार महिला थीं, ख़ूबसूरत और अद्भुत..जिन्होंने एक महान और प्रेरक जीवन जिया.”

    इवाना ट्रंप का जन्म चेक-रिपब्लिक में हुआ था और साल 1977 में उनकी शादी डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई थी. हालांकि 15 साल साथ रहने के बाद साल 1992 में उनका तलाक़ हो गया.

    इवाना ट्रंप और डोनाल्ड ट्रंप के तीन बच्चे हैं. डोनाल्ड जूनियर, इवांका और इरिक ट्रंप.

    न्यूज़ एजेंसी एपी की ख़बर के मुताबिक़, पुलिस का मानना है कि उनकी मौत किसी आकस्मिक कारण से हुई हो सकती है.

    सूत्रों के हवाले से न्यूज़ एजेंसी ने लिखा है कि इवाना न्यूयॉर्क में अपने घर की एक सीढ़ी के पास मिलीं. ऐसी आशंका जताई जा रही है कि वो संभवत: गिर गई होंगी.

    डोनाल्ड और इवाना 1980 से 1990 के दौर में न्यूयॉर्क में चर्चित हस्ती थे और उनके तलाक़ की ख़बरों ने काफ़ी सुर्खियां बटोरी थीं.

  19. एयर-इंडिया कनिष्क बम धमाके के अभियुक्त रहे रिपुदमन सिंह की गोली मारकर हत्या

    1985 के एयर-इंडिया कनिष्क बम विस्फोट मामले में अभियुक्त रहे सिख नेता रिपुदमन सिंह मलिक की कनाडा में गोली मारकर हत्या कर दी गई है.

    रिपुदमन सिंह का नाम साल 1985 के बम विस्फोट मामले में सामने आया था. इस धमाके में 329 लोगों की जान चली गई थी.

    कनाडा की पुलिस ने उनकी हत्या की पुष्टि की है. पुलिस के मुताबिक़, कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के सुरे शहर में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई.

    1985 में हुए इस हादसे में रिपुदमन के अलावा एक अन्य अभियुक्त अजायब सिंह बागड़ी का नाम भी सामने आया था.

    कनिष्क हादसा

    23 जून 1985 को दिल्ली से वैंकूवर जा रहे एयर इंडिया के कनिष्क विमान में विस्फोट हुआ था और इसमें सवार सभी 329 लोग मारे गए थे.

    कनिष्क विमान में लगाया बम उस समय फटा जब विमान आयरलैंड के पश्चिमी तट के ऊपर उड़ रहा था.

    कनिष्क विमान हादसे को यात्री विमान में विस्फोट की सबसे बड़ी घटना माना जाता है.

    विमान में हुए बम विस्फोट में मारे गए अधिकतर कनाडा में बसे वे लोग थे जो अपने रिश्तेदारों से मिलने भारत जा रहे थे. मारे गए 329 लोगों में 60 से ज़्यादा बच्चे भी थे.

    इस विस्फोट के लिए कनाडा में बस चुके दो लोगों अजायब सिंह बागड़ी और रिपुदमन सिंह मलिक को प्रमुख अभियुक्त बनाया गया था.

    अभियोजन पक्ष का कहना है दोनों अभियुक्त सिखों के अलगाववादी आंदोलन से जुड़े थे.

    ये लोग 1984 में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में भारतीय सेना के प्रवेश की घटना का बदला लेना चाहते थे.

  20. नमस्कार!

    बीबीसी हिंदी के इस लाइव पेज से जुड़ने के लिए आपका शुक्रिया.

    हम यहाँ आपको दिन भर की सभी बड़ी ख़बरें और लाइव अपडेट्स देते रहेंगे. यह लाइव पेज 24 घंटे उपलब्ध है.

    14 जुलाई के अपडेट्स के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं.