कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी ने ट्वीट करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है.
राहुल गांधी ने ट्वीट किया है, "प्रधानमंत्री के कुछ सच: 1. चीन से डरते हैं, 2. जनता से सच छिपाते हैं, 3. सिर्फ़ अपनी छवि बचाते हैं, 4. सेना का मनोबल गिराते हैं, 5. देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करते हैं."
ट्वीट के अंत में राहुल गांधी ने लिखा है, "चीन की बढ़ती घुसपैठ और प्रधानमंत्री की चुप्पी, देश के लिए बहुत हानिकारक है."
राहुल गांधी के इस ट्वीट से पहले कांग्रेस पार्टी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेस भी की थी.
गौरव गोगोई ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया.
उन्होंने कहा, "बीते दो साल से चीन, भारत की धरती पर अंदर घुसा हुआ है. उस समय भी पीएम मोदी ने कहा था कि कोई नहीं घुसा है. आप सभी को पता है कि सात जुलाई 2020 को भारत के विदेश मंत्री और चीन के उनके समकक्ष के बीच बैठक हुई. इसके बावजूद पूर्वी लद्दाख को लेकर हमारी जो चिंताएँ हैं वो आज भी बनी हुई हैं. ठोस समाधान के विपरीत भारत सरकार की जो भाषा है वो कमज़ोर हो चुकी है. कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि पांच मई 2020 से पहले सीमा पर जो स्थिति थी, वही स्थिति सीमा पर दोबारा से लागू की जाए."
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने भी ट्वीट करके पीएम मोदी पर निशाना साधा है.
उन्होंने लिखा है, "चीन के साथ PM की DDLJ नीति! Deny - चीन ने हमारी भूमि पर कब्जा किया. PM ने इंकार किया. Distract - चीनी घुसपैठ पर रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट हटवाई. Lie - "न कोई हमारी सीमा में घुसा है...", सबसे बड़ा झूठ, Justify - प्रतिकार की जगह व्यापार को बढ़ावा दिया."
बीजेपी ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस करके दिया जवाब
बीजेपी नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता शुधांशु त्रिवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कांग्रेस पार्टी पर हमला बोला. उन्होंने कहा, "पीएम मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार विकास का मार्ग प्रशस्त कर रही है. लेकिन इस देश में कुछ ऐसे लोग भी हैं जिन्हें जब तक कार्यों में विघ्न डालने का मौका नहीं मिलता, उन्हें असुविधा होने लगती है. कांग्रेस इसी मनोवृत्ति की पार्टी है."
उन्होंने आगे कहा, "कांग्रेस पार्टी यदा कदा प्रवचनों की मुद्रा में रहती है और किसी न किसी प्रकार से निराधार आरोप लगाने की चेष्टा करती है."
एलएसी
पर गुज़रा था चीनी लड़ाकू विमान
एक दिन पहले ही मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि पिछले
महीने जून में भारतीय वायुसेना तब अलर्ट पर आ गई थी जब चीनी लड़ाकू विमान पूर्वी
लद्दाख में एलएसी पर विवादित इलाक़े के बेहद नज़दीक से गुज़रा. सेना ने डिफेंस
सिस्टम शुरू कर दिया और लड़ाकू विमान तैनात कर दिए गए.
ये
घटना 28 जून की है जब पहले से ही चल रहे गतिरोध के बीच दोनों देशों में
टकराव बढ़ने के हालात बन गए थे.
28 जून की सुबह एक चीनी लड़ाकू विमान ने टकराव वाले बिंदुओं पर भारतीय
सेना के काफ़ी नज़दीक से उड़ान भरी.
इसके
बाद भारतीय वायुसेना ने तुरंत चीनी समकक्ष के सामने इस मामले को उठाया.
इस
घटना को ''बहुत
गंभीर और ख़तरनाक'' नहीं माना गया लेकिन चीन के सामने इसे उठाया गया है क्योंकि इससे
मौजूदा टकराव और बढ़ सकता है.
सूत्रों के मुताबिक, ''चीन के विमान नज़दीक
आते ही वायुसेना अलर्ट हो गई थी और भारत के लड़ाकू विमान भी तैयार कर लिए गए लेकिन
तभी चीन के विमान अपनी सीमा में वापस लौट गए.''