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श्रीलंका संकट: सीमित मात्रा में एक बार फिर शुरू हुई ईंधन और गैस की सप्लाई

कोलंबो में सोमवार को सैकड़ों की संख्या में लोग टोकन लेकर कुकिंग गैस भरवाने के लिए अपनी बारी आने का इंतज़ार करते दिखे

लाइव कवरेज

कमलेश मठेनी and भूमिका राय

  1. विराट कोहली का बचाव करते हुए रोहित शर्मा ने कपिल देव को भी सुनाई खरी-खरी

    ख़राब फ़ॉर्म में चल रहे पूर्व कप्तान विराट कोहली को लेकर मौजूदा कप्तान रोहित शर्मा और कपिल देव आमने-सामने आ गए हैं.

    भारत की टीम रविवार को हुए तीसरे ट्वेंटी मैच में हार गई, लेकिन सिरीज़ 2-1 से जीत ली. इस सिरीज़ के दो मैचों में विराट कोहली को जगह मिली, लेकिन वो बल्ले से कुछ ख़ास नहीं कर पाए.

    टेस्ट मैच में भी विराट कोहली नाकाम रहे. काफ़ी लंबे समय से विराट कोहली ख़राब फ़ॉर्म से जूझ रहे हैं. इस साल के आईपीएल में उनका बल्ला ख़ामोश ही रहा. इसके बाद एक बार फिर विराट कोहली को टीम में रखने को लेकर बहस छिड़ी हुई है.

    मैच के बाद प्रेस कॉन्फ़्रेंस में विराट कोहली को लेकर दुविधा के बारे में रोहित शर्मा से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उनके लिए कोई मुश्किल नहीं है, क्योंकि वे बाहर की बातों पर ध्यान नहीं देते. रोहित शर्मा ने कहा- ये एक्सपर्ट लोग पता नहीं कौन है. मुझे तो ये भी नहीं पता कि उन्हें एक्सपर्ट कहा क्यों जाता है.

    जब उनसे कपिल देव की टिप्पणी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा- वो बाहर से गेम देख रहे हैं, उन्हें पता नहीं है कि अंदर क्या चल रहा है. हमारे सोचने की एक प्रक्रिया है. टीम बनाते हैं हमलोग. उसके पीछे काफ़ी चर्चा होती है. उसके पीछे काफ़ी सोच होती है. लड़कों को बैक किया जाता है. लड़कों को मौक़ा दिया जाता है. ये सब चीज़ बाहर के लोगों को पता नहीं चलती. तो इसीलिए बाहर क्या हो रहा है, वो मेरे लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण नहीं होता.

    रोहित शर्मा ने कहा- हमारे लिए जो अंदर हो रहा है, वो अहम है. विराट का नाम लिए बिना उन्होंने कहा- अगर आप फ़ॉर्म की बात करते हैं, तो फ़ॉर्म ऊपर-नीचे सबका होता है. प्लेयर की क्वालिटी कभी ख़राब नहीं होती. ये हमेशा हमें ध्यान में रखना चाहिए, जब आप ऐसे कमेंट्स करते हैं. उस क्वालिटी को बैक किया जाता है. उस वो क्वालिटी देखकर प्लेयर को बैक करते हैं. ये मेरे साथ भी हुआ है, XYZ के साथ भी हुआ है. सबके साथ हुआ है.

    रोहित शर्मा ने कहा- जब कोई प्लेयर लगातार इतने सालों से अच्छा करता आ रहा है, तो एक-दो सिरीज़ या एक-आध साल में वो अनदेखा नहीं होना चाहिए. जो लोग टीम चला रहे हैं, उन्हें पता है कि उसकी अहमियत कितनी होती है.

    विराट कोहली के लगातार ख़राब प्रदर्शन पर कपिल देव ने कहा था कि जब टेस्ट टीम से आर अश्विन जैसे गेंदबाज़ को बाहर किया जा सकता है, तो विराट कोहली को क्यों नहीं. कपिल देव ने कहा कि अगर विराट ख़राब खेल रहे हैं, तो दीपक हुडा जैसे लड़कों को टीम से ज़्यादा समय तक बाहर नहीं रखना चाहिए.

  2. पंजाब के मातेवाड़ा में पेड़ काटने के मामले में क्या हुआ

    LIVE: पंजाब के मातेवाड़ा में पेड़ काटने के मामले में अब क्या हुआ? जानकारी दे रहे हैं बीबीसी संवाददाता सरबजीत धालीवाल.

  3. महाराष्ट्र मामले में अहम सुनवाई पर आया सुप्रीम कोर्ट का निर्देश, जानिए क्या कहा है कोर्ट ने

      • Author, सुचित्र मोहंती, बीबीसी हिंदी के लिए

    महाराष्ट्र में शिवसेना के बाग़ी 16 विधायकों को अयोग्य ठहराने के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने फ़िलहाल सुनवाई टाल दी है. सुप्रीम कोर्ट ने इस बीच महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर राहुल नार्वेकर से कहा है कि वो इस मामले पर अभी कोई फ़ैसला न करें.

    सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस एनवी रमन्ना ने कहा कि चूँकि इस मामले में कई याचिकाएँ दाखिल की गई हैं, इसलिए इस मामले की सुनवाई के लिए संवैधानिक पीठ की आवश्यकता है, इसलिए इस मामले को लिस्ट करने में अभी समय लगेगा. पिछले कुछ दिनों से चल रही उठापटक के बीच विधायकों की अयोग्यता का मुद्दा कोर्ट पहुँच गया था.

    इस बीच महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे ने इस्तीफ़ा दे दिया था और फिर शिवसेना के बाग़ी नेता एकनाथ शिंदे ने बीजेपी की मदद से सरकार बना ली.

    पहला अयोग्यता का मामला शिवसेना के बाग़ी गुट के कुछ विधायकों का है, जिन्हें डिप्टी स्पीकर ने नोटिस भेजा था. क्योंकि उस समय स्पीकर की जगह ख़ाली थी. इस नोटिस को शिंदे गुट ने कोर्ट में चुनौती दी थी. इस पर 11 जुलाई को सुनवाई तय थी.

    इस बीच एकनाथ शिंदे की सरकार बनने के बाद बीजेपी के राहुल नार्वेकर स्पीकर बन गए. स्थितियाँ बदली और व्हीप के बावजूद उद्धव गुट के विधायकों ने जब शिंदे को वोट नहीं दिया, तो उद्धव गुट के विधायकों को अयोग्यता का नोटिस जारी हुआ.

    इसके बाद उद्धव गुट ने भी इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी. इसकी भी सुनवाई की तारीख़ 11 जुलाई ही रखी गई.

    इस बीच एकनाथ शिंदे की सरकार ने विधानसभा में बहुमत हासिल कर लिया. इस सरकार में पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस डिप्टी सीएम हैं.

    महाराष्ट्र की राजनीति में नाटकीय घटनाक्रम उस समय शुरू हुआ था, जब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना के कई विधायकों ने उद्धव ठाकरे के ख़िलाफ़ बग़ावत कर दी.

    एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में बाग़ी विधायक पहले गुजरात के सूरत गए और फिर असम के गुवाहाटी पहुँचे. कई दिनों तक चले उठापटक के बाद जब राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने उद्धव ठाकरे को विधानसभा में बहुमत साबित करने को कहा, तो वे सुप्रीम कोर्ट पहुँच गए. लेकिन उन्हें सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली.

    इसके बाद उन्होंने इस्तीफ़ा दे दिया. फिर एकनाथ शिंदे की सरकार बनी और बीजेपी ने उन्हें समर्थन दिया.

  4. विजय माल्या पर सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना मामले में लगाया दो हज़ार का जुर्माना, चार महीने की जेल

    भारतीय कारोबारी विजय माल्या को सुप्रीम कोर्ट की अवमानना मामले में चार महीने की सज़ा दी गई है और उन पर दो हज़ार रुपए का जुर्माना लगाया गया है.

    फ़ैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ''उचित सजा ज़रूर दी जानी चाहिए.''

    इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने विजय माल्या को ब्याज के साथ चार करोड़ डॉलर भुगतान करने का भी आदेश दिया है. उन्हें ये भुगतान चार हफ़्तों के अंदर करना होगा.

    अगर विजय माल्या ऐसा नहीं करते हैं, तो उनकी संपत्ति ज़ब्त कर ली जाएगी.

    विजय माल्या को सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करते हुए अपने बच्चों को चार करोड़ डॉलर भेजने को लेकर कोर्ट की अवमानना का दोषी पाया गया था. कोर्ट ने ये फ़ैसला 2017 में सुनाया था.

    इसके बाद कोर्ट ने कई बार उन्हें ख़ुद पेश होने के लिए बुलाया था. लेकिन, माल्या के कोर्ट में पेश ना होने और उनका प्रत्यर्पण न होने के बाद पिछले साल कोर्ट ने सज़ा की सुनवाई आगे बढ़ाने का फ़ैसला किया था.

    इस साल फरवरी में इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें कोर्ट में ख़ुद या अपने वकील के ज़रिए पेश होने के लिए दो हफ़्तों का आख़िरी मौक़ा दिया था.

    विजय माल्या ने 2017 के फ़ैसले की समीक्षा के लिए याचिका भी दायर की थी, जिसे कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया था.

  5. अर्जुन बबूटा ने शूटिंग विश्व कप में जीता स्वर्ण पदक

    भारत के निशानेबाज़ अर्जुन बबूटा ने दक्षिण कोरिया के चांगवान में चल रहे शूटिंग विश्व कप में 10 मीटर एयर राइफ़ल की स्पर्धा में स्वर्ण पद जीता है.

    23 साल के अर्जुन चंडीगढ के रहने वाले हैं. उन्होंने फ़ाइनल राउंड में अमेरिका के लुकास कज़ेन्सकी को बड़े अंतर से हराया.

    जहां अर्जुन बबूटा ने 17 स्कोर बनाया वहीं, लुकास सिर्फ़ नौ ही स्कोर कर पाए.

    रविवार को अर्जुन बबूटा और पार्थ मखीजा ने इस स्पर्धा के लिए क्वालिफाई किया था.

    लेकिन, सोमवार को रैंकिंग दौर की प्रतियोगिता में अर्जुन बबूटा पहले और पार्थ मखीजा चौथे स्थान पर रहे.

  6. अमरनाथ यात्रा एक रूट से फिर शुरू, 40 लापता लोगों की तलाश जारी

    जम्मू-कश्मीर में पिछले सप्ताह भारी बारिश के बाद हुए हादसे की वजह से रोकी गई अमरनाथ यात्रा आज फिर से शुरू हो गई है. हालांकि, यात्रा को अभी एक ही रूट से शुरू किया गया है.

    समाचार एजेंसी एएनआई ने श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड के हवाले से बताया है, ''बादल फटने के कारण आंशिक रूप से रोकी गई अमरनाथ यात्रा नुनवान पहलगाम की तरफ़ से सोमवार से शुरू हो जाएगी.''

    वो तीर्थयात्री जो बालटाल बेस कैंप में यात्रा शुरू होने का इंतज़ार कर रहे हैं वो अब आगे बढ़ सकते हैं. बालटाल और नुनवान दोनों तरफ़ से चॉपर्स उपलब्ध कराए गए हैं.

    डीडी न्यूज़ ने भी ट्वीट किया है, ''अमरनाथ यात्रा फिर से शुरू हो गई है. तीर्थयात्री जम्मू बेस कैंप से मंदिर के लिए निकले हैं.''

    श्रद्धालुओं का कहना है, "हम लोग अपने घर से प्रण लेकर आए हैं कि भोलेनाथ के दर्शन किए बिना हम घर नहीं जाएंगे. बाबा के दर्शन करने के लिए हम यहां आए थे लेकिन ये हादसा हो गया. सरकार ने आज से यात्रा शुरू कर दी, हम बहुत प्रसन्न हैं.''

    अमरनाथ गुफा के नीचे शुक्रवार शाम करीब साढ़े पांच बजे बहुत ज़्यादा बारिश होने के बाद जमा पानी के अचानक नीचे आ जाने की वजह से 16 लोगों को मौत हो गई थी. अभी भी लगभग 40 लोग लापता बताए जा रहे हैं.

    एएनआई के मुताबिक फिलहाल 34 घायलों को वहां से बाहर निकाल लिया गया है. मौके पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और बचाव कार्य से जुड़ीं तमाम एजेंसियां राहत और बचाव कार्य में अब भी लगी हुई हैं.

  7. जापान में शिंज़ो आबे की पार्टी की अपर हाउस चुनाव में भारी जीत

    जापान में पिछले सप्ताह एक हमलावर के हाथों मारे गए पूर्व प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे की पार्टी ने रविवार को हुए अपर हाउस के चुनावों में ज़बरदस्त जीत हासिल की है.

    सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी और उसके सहयोगियों को चुनाव में दो तिहाई से ज़्यादा बहुमत मिला है जिससे पार्टी संवैधानिक सुधारों को आगे बढ़ा सकती है.

    शिंज़ो आबे की शुक्रवार (8 जुलाई) को चुनाव प्रचार के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हालांकि, सरकार ने चुनाव प्रक्रिया नहीं रोकने का फ़ैसला किया और रविवार को मतदान किया गया.

    शिंज़ो आबे विश्व युद्ध के बाद के संविधान में बदलाव करना चाहते थे. वो उस हिस्से को हटाना चाहते थे जो कहता है कि जापान एक शांतिवादी राष्ट्र है. लेकिन, वो इस बदलाव में सफ़ल नहीं हो पाए.

    अब शिंज़ो आबे की मौत के बाद उनकी पार्टी इतनी मज़बूत स्थिति में है कि वो संविधान में बदलाव ला सकती है.

    वहीं, शिंज़ो आबे की हत्या को लेकर जापान की पुलिस ने माना है कि उनकी सुरक्षा में चूक हुई थी. इसके बाद चुनाव प्रचार के दौरान अन्य नेताओं की सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी.

    शिंज़ो आबे को एक शख़्स ने चुनाव प्रचार के दौरान गोली मार दी थी. संदिग्ध का कहना है कि वो शिंज़ो आबे से असंतुष्ट था.

  8. महाराष्ट्र: सुप्रीम कोर्ट आज तय करेगा शिंदे सरकार का भविष्य, 16 शिवसेना विधायकों को अयोग्य ठहराने का मामला

    महाराष्ट्र में शिवसेना के बाग़ी गुट के 16 विधायकों की योग्यता को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट को फ़ैसला सुनाना है. पहली सुनवाई में कोर्ट ने विभिन्न पक्षों को अपना जवाब दाखिल करने के लिए कहा था.

    राज्य में एमएलसी चुनाव के बाद शिवसेना के विधायकों का एक गुट एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में बाग़ी हो गया था. करीब 40 विधायक एकनाथ शिंदे के साथ पहले सूरत और फिर गोवा के एक होटल में रहे और महाविकास अघाड़ी सरकार के अल्पमत होने का दावा किया.

    इसके बाद महाराष्ट्र विधानसभा के डिप्टी स्पीकर ने शिवसेना बाग़ी गुट के 16 विधायकों को अयोग्यता का नोटिस दिया जिसके ख़िलाफ़ मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

    उनका कहना था कि डिप्टी स्पीकर ने विधायकों को जवाब देने के लिए बहुत कम समय दिया है. वहीं, जब डिप्टी स्पीकर खुद अविश्वस प्रस्ताव का सामना कर रहे हैं तो वो विधायकों की अयोग्यता पर फ़ैसला नहीं दे सकते.

    सुप्रीम कोर्ट ने डिप्टी स्पीकर के नोटिस पर 11 जुलाई तक रोक लगा दी थी और उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए कहा था.

    इसके बाद बीजेपी ने अघाड़ी सरकार के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव लाने की पेशकश की और फिर उद्धव ठाकरे ने सीएम पद से इस्तीफ़ा दे दिया. इससे अघाड़ी सरकार गिर गई और राज्य में बीजेपी के समर्थन से शिंदे गुट ने सरकार बनाई.

    एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री बने और बीजेपी के देवेंद्र फडणवीस को उप मुख्यमंत्री पद दिया गया.

    उद्धव ठाकरे गुट ने इसके बाद एक और याचिका दायर की थी जिसमें बहुमत परीक्षण में उन 16 विधायकों के मतदान करने पर आपत्ति जताई थी जिनकी योग्यता का मामला कोर्ट में लंबित है. सुप्रीम कोर्ट की अवकाशकालीन पीठ ने इस याचिक पर सुनवाई 11 जुलाई को करने का आदेश दिया था.

    फिलहाल दोनों ही पक्षों को सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का इंतज़ार है. नई सरकार में मंत्रिमंडल और विभागों का बंटवारा भी इसके बाद होने की बात कही जा रही है.

  9. श्रीलंका में क्या भेजी जाएगी भारतीय सेना, उच्चायोग ने जारी किया बयान

    श्रीलंका में चल रहे संकट के बीच भारत ने इस बात से साफ़ इनकार किया है कि वो श्रीलंका में सेना भेज रहा है. श्रीलंका में भारतीय उच्चायोग ने ऐसी रिपोर्ट्स का पूरी तरह खंडन किया है.

    भारतीय उच्चायोग ने ट्वीट किया, ''भारत के श्रीलंका में अपनी सेना भेजने को लेकर मीडिया और सोशल मीडिया में आईं काल्पनिक रिपोर्टों का उच्चायोग स्पष्ट रूप से खंडन करना चाहेगा. ये रिपोर्ट और ऐसे विचार भारत सरकार की स्थिति के अनुरूप नहीं हैं.''

    उच्चायोग ने कहा, ''भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने आज स्पष्ट रूप से कहा कि भारत श्रीलंका के लोगों के साथ खड़ा है क्योंकि वे लोकतांत्रिक तरीकों और मूल्यों, स्थापित संस्थानों और संवैधानिक ढांचे के ज़रिए समृद्धि और प्रगति के लिए अपनी आकांक्षाओं को साकार करना चाहते हैं.''

    इससे पहले भी भारत श्रीलंका से जुड़ी कुछ अफ़वाहों का खंडन कर चुका है. उच्चायोग ने 10 मई को ट्वीट करके इस बात से इनका कर किया था कि श्रीलंका के राजनेताओं और उनके परिवारों ने भारत में शरण ली है.

    वहीं, सात मई को उच्चायोग ने उन रिपोर्ट्स का खंडन किया था जिनमें कहा जा रहा था कि प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछारों के लिए गाड़ियां श्रीलंका ने भारत से ली हैं.

    भारत ने कहा कि क्रेडिट लाइन के तहत कोई वॉटर केनन व्हीकल श्रीलंका को नहीं दिया गया है.

    श्रीलंका इस समय आर्थिक संकट से गुज़र रहा है और इस बदहाली से नाराज़ लोग पिछले कुछ महीनों से देश में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. शनिवार को ये विरोध प्रदर्शन और उग्र हो गया और राजधानी कोलंबो में हज़ारों की संख्या में लोग इकट्ठा हो गए.

    इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति आवास पर धावा बोल दिया जिसके कारण राष्ट्रपति राजपक्षे को वहां से निकलना पड़ा. गुस्साई भीड़ ने प्रधानमंत्री के निजी आवास को भी आग के हवाले कर दिया.

    इसके बाद राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे और प्रधानमंत्री रनिल विक्रमसिंघे ने इस्तीफ़ा देने की घोषणा कर दी.

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