मणिपुर लैंडस्लाइड: रेस्क्यू ऑपरेशन का चौथा दिन, 25 लोगों की मौत जबकि 38 अभी भी लापता
मणिपुर के नोने जिले में हुए भूस्खलन में मरने वालों की कुल संख्या 25 हो गई है जबकि 38 अन्य अभी भी लापता हैं. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक मरने वाले 25 लोगों में से 7 लोग असम के रहने वाले थे.
बुधवार को आए भूस्खलन के बाद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है.
असम में मोरीगांव जिले के उपायुक्त पीआर घरफालिया ने कहा कि जिले के चार लोगों के शव शुक्रवार को बरामद किए गए हैं साथ ही उनकी पहचान भी कर ली गई है जबकि एक की पहचान एक दिन पहले की गई थी.
उन्होंने कहा, "अब तक मोरीगांव के पांच लोगों के भूस्खलन में मारे जाने की पुष्टि हुई है. इस जिले से उसी जगह पर काम कर रहे कई अन्य लोग अभी भी लापता हैं."
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को मोरीगांव जिले के 22 नामों की एक सूची साझा की थी जो रेलवे निर्माण स्थल पर लगे थे. इनमें से पांच को घायल अवस्था में बचा लिया गया, वहीं पांच की मौत की पुष्टि की गई और 12 अन्य लापता हैं.
भूस्खलन में मारे गए बजली जिले के रहने वाले सेना के जवान के पार्थिव शरीर को मणिपुर से विशेष विमान से उनके गांव ले जाया गया, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया.
एक अन्य सुरक्षाकर्मी बलराम शर्मा के पार्थिव शरीर को भी शनिवार को दीमा हसाओ जिले में उनके गृह नगर उमरांगसो लाया गया और अंतिम संस्कार से पहले गार्ड ऑफ दिया गया.
असम के कैबिनेट मंत्री पीयूष हजारिका को मुख्यमंत्री ने बचाव कार्यों की देखरेख के लिए तुपुल भेजा है. जहां उन्होंने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया.
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार बचाव कार्यों में राज्य को हर संभव मदद कर रही है.