मणिपुर लैंडस्लाइड: रेस्क्यू ऑपरेशन का चौथा दिन, 25 लोगों की मौत जबकि 38 अभी भी लापता

मणिपुर के नोने जिले में हुए भूस्खलन में मरने वालों की कुल संख्या 25 हो गई है जबकि 38 अन्य अभी भी लापता हैं. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक मरने वाले 25 लोगों में से 7 लोग असम के रहने वाले थे.

लाइव कवरेज

चंदन शर्मा and अभिनव गोयल

  1. मणिपुर लैंडस्लाइड: रेस्क्यू ऑपरेशन का चौथा दिन, 25 लोगों की मौत जबकि 38 अभी भी लापता

    बालाराम शर्मा का पार्थिव शरीर

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    इमेज कैप्शन, भूस्खलन में मारे गए बालाराम शर्मा का पार्थिव शरीर

    मणिपुर के नोने जिले में हुए भूस्खलन में मरने वालों की कुल संख्या 25 हो गई है जबकि 38 अन्य अभी भी लापता हैं. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक मरने वाले 25 लोगों में से 7 लोग असम के रहने वाले थे.

    बुधवार को आए भूस्खलन के बाद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है.

    असम में मोरीगांव जिले के उपायुक्त पीआर घरफालिया ने कहा कि जिले के चार लोगों के शव शुक्रवार को बरामद किए गए हैं साथ ही उनकी पहचान भी कर ली गई है जबकि एक की पहचान एक दिन पहले की गई थी.

    उन्होंने कहा, "अब तक मोरीगांव के पांच लोगों के भूस्खलन में मारे जाने की पुष्टि हुई है. इस जिले से उसी जगह पर काम कर रहे कई अन्य लोग अभी भी लापता हैं."

    असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को मोरीगांव जिले के 22 नामों की एक सूची साझा की थी जो रेलवे निर्माण स्थल पर लगे थे. इनमें से पांच को घायल अवस्था में बचा लिया गया, वहीं पांच की मौत की पुष्टि की गई और 12 अन्य लापता हैं.

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    भूस्खलन में मारे गए बजली जिले के रहने वाले सेना के जवान के पार्थिव शरीर को मणिपुर से विशेष विमान से उनके गांव ले जाया गया, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया.

    एक अन्य सुरक्षाकर्मी बलराम शर्मा के पार्थिव शरीर को भी शनिवार को दीमा हसाओ जिले में उनके गृह नगर उमरांगसो लाया गया और अंतिम संस्कार से पहले गार्ड ऑफ दिया गया.

    असम के कैबिनेट मंत्री पीयूष हजारिका को मुख्यमंत्री ने बचाव कार्यों की देखरेख के लिए तुपुल भेजा है. जहां उन्होंने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया.

    उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार बचाव कार्यों में राज्य को हर संभव मदद कर रही है.

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  2. क्या नूपुर शर्मा का समर्थन करने पर अमरावती के उमेश कोल्हे की हुई थी हत्या?

    उमेश कोल्हे
    इमेज कैप्शन, उमेश कोल्हे

    केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अब अमरावती में मेडिकल प्रोफ़ेशनल की हत्या की जांच करेगी.

    उमेश कोल्हे की 11 दिन पहले महाराष्ट्र के अमरावती में हत्या कर दी गई थी.

    भाजपा के कुछ नेताओं ने आरोप लगाया था कि हत्या के सूत्र नूपुर शर्मा मामले से जुड़े हुए हैं.

    पुलिस के मुताबिक कुछ दिन पहले उदयपुर में एक दर्जी की हत्या भी इसी मामले से जुड़ी थी.

    इसलिए एनआईए अब जांच करेगी कि क्या अमरावती और जोधपुर मामलों के बीच कोई सीधा संबंध है. पुलिस ने उमेश कोल्हे हत्याकांड में अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया है.

  3. महाराष्ट्र: बागी विधायकों को लेकर गोवा से मुंबई पहुंचे शिंदे

    एकनाथ शिंदे

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    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे शनिवार को अपने गुट के विधायकों के साथ गोवा से मुंबई पहुंच गए हैं. असम से लौटने के बाद शिवसेना के बागी विधायक गोवा में जमे हुए थे.

    इससे पहले शिवसेना के नेता उद्धव ठाकरे ने 'पार्टी विरोधी गतिविधियों' के आरोप में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को पार्टी से बर्खास्त कर दिया था.

    उद्धव ठाकरे ने लोगों को एक वर्चुअल मीटिंग के जरिये संबोधित करते हुए कहा कि अगर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ढाई साल तक शिवसेना का मुख्यमंत्री बनाए रखने की हमारी पेशकश मंजूर कर लेते तो महाविकास अघाड़ी बनाने की नौबत ही नहीं आई होती. आज बीजेपी का नेता ही मुख्यमंत्री होता.

    इस बीच, बीजेपी कोलाबा के विधायक राहुल नार्वेकर को महाराष्ट्र विधानसभा का स्पीकर बनाने की तैयारी में लगी हैं. विधानसभा स्पीकर का चुनाव रविवार को होगा. शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना के बागी गुट को मान्यता दे दी गई है. शिंदे 4 जुलाई को बहुमत साबित करेंगे.

  4. बाढ़ से ऐसी तबाही आपने नहीं देखी होगी...

    वीडियो कैप्शन, भारत के उत्तरपूर्वी राज्य असम में आई ख़तरनाक बाढ़ ने लाखों लोगों का जीवन प्रभावित कर दिया.

    भारत के उत्तरपूर्वी राज्य असम में आई ख़तरनाक बाढ़ ने लाखों लोगों का जीवन प्रभावित कर दिया. इस बाढ़ और भूस्खलन के चलते 150 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई है.

    राहत और बचावकार्य में लगी टीमों को भी कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. बाढ़ के बीच फंसे लोगों की दर्दनाक कहानियां हैं. देखिए बाढ़ग्रस्त असम से बीबीसी संवाददाता अंशुल वर्मा की यह ख़ास रिपोर्ट.

  5. कन्हैयालाल हत्याकांड: वकीलों ने अभियुक्तों से की मारपीट, एक के कपड़े फाड़े

    कन्हैयालाल हत्याकांड के अभियुक्तों के साथ मारपीट

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    इमेज कैप्शन, कन्हैयालाल हत्याकांड के अभियुक्तों के साथ मारपीट

    कन्हैयालाल हत्याकांड के चारों अभियुक्तों के साथ जयपुर में वकीलों ने मारपीट की.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक अभियुक्तों को जब अदालत में पेश करने के बाद कैदी वाहन में ले जाया जा रहा था तब उनके साथ मारपीट की गई. वकीलों के एक ग्रुप ने उन्हें लात-घूंसों से मारा और गालिया भी दीं.

    एक अभियुक्त के कपड़े भी फाड़ दिए गए और गुस्साए वकीलों ने पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी की. उन्होंने अभियुक्तों को फांसी की सजा देने की मांग की.

    मुख्य अभियुक्त रियाज अख्तरी, गौस मोहम्मद और दो अन्य मोहसिन और आसिफ को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जयपुर की एक विशेष अदालत में पेश किया गया था. कोर्ट ने चारों को 12 जुलाई तक के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया है.

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    मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट परिसर में भारी सुरक्षा तैनात की थी लेकिन जैसे ही अभियुक्तों को अदालत से बाहर ले जाया जा रहा था, वकीलों ने उनपर हमला कर दिया. काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने अभियुक्तों को कैदी वाहन में बिठाया.

    उदयपुर के दर्जी कन्हैयालाल की मंगलवार को अख्तरी और गौस ने हत्या कर दी थी, जिन्होंने ऑनलाइन पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा था कि उन्होंने इस्लाम के अपमान का बदला लिया है.

    अख्तरी और गौस को राज्य पुलिस ने घटना वाले दिन गिरफ्तार किया था, जबकि मोहसिन और आसिफ को दो दिन बाद गिरफ्तार किया गया था. मोहिसन और आसिफ पर साजिश में शामिल होने और कन्हैयालाल की दुकान की रेकी करने का आरोप लगाया गया है.

  6. भगत सिंह की जगह खुद बम फेंकना चाहते थे चंद्रशेखर आज़ाद

    वीडियो कैप्शन, भगत सिंह की जगह खुद बम फेंकना चाहते थे चंद्रशेखर आज़ाद

    चन्द्रशेखर आज़ाद के कभी न हार मानने के जज्बे, बहादुरी, साफ़ सुथरे चरित्र और उनकी असीम देशभक्ति ने उन्हें अपने ज़माने का सबसे लोकप्रिय क्रांतिकारी बना दिया था.

    हाल ही में बाबू कृष्णमूर्ति ने आज़ाद की जीवनी लिखी है 'आज़ाद द इनविंसिबल'. विवेचना में रेहान फ़ज़ल नज़र डाल रहे हैं चंद्रशेखर आजाद के रोमांचक जीवन पर.

  7. नरेंद्र मोदी लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं- तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव

    तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव

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    इमेज कैप्शन, तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (फाइल फोटो)

    तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लोकतंत्र और संघीय व्यवस्था की हत्या करने का आरोप लगाया.

    टीआरएस पार्टी ने एक बैठक आयोजित की थी, जिसे संबोधित करते हुए के चंद्रशेखर राव ने कहा, "आप (नरेंद्र मोदी) हर दिन लोकतंत्र और संघीय व्यवस्था की हत्या कर रहे हैं. आप उस सरकार को नीचे ला रहे हैं जो आपकी नहीं सुनती. जो आपकी नहीं सुनते हैं उनका दमन किया जा रहा है."

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक उन्होंने कहा, "पीएम मोदी की तानाशाही दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है जो देश के लिए खतरा है. राजनीतिक बदलाव होंगे क्योंकि कोई भी हमेशा के लिए नहीं है. पीएम मोदी शायद सपना देख रहे होंगे कि वे हमेशा के लिए रहेंगे जो सच नहीं है."

    के चंद्रशेखर राव ने पीएम मोदी पर संवैधानिक संस्थाओं के गलत इस्तेमाल का भी आरोप लगाया. कहा कि उनकी सरकार के खिलाफ बोलने वाले लोगों के खिलाफ सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है.

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  8. 02 जुलाई 2022 का ‘दिनभर: पूरा दिन, पूरी ख़बर’, सुनिए मानसी दाश के साथ

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  9. चंद्रशेखर आज़ाद जब भगत सिंह की जगह ख़ुद फेंकना चाहते थे बम

    चंद्रशेखर आज़ाद

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    चंद्रशेखर आज़ाद 1922 में एचआरए (हिंदुस्तान रिपब्लिकन आर्मी) के सदस्य बन गए थे. इससे पहले वर्ष 1921 में वो असहयोग आंदोलन के दौरान पकड़ लिए गए थे.

    मजिस्ट्रेट ने 15 साल के बच्चे से पूछा था - तुम्हारा नाम?

    उनका जवाब था- 'आज़ाद.' तुम्हारे पिता का नाम?- 'आज़ादी.' तुम्हारा पता?- 'जेल.'

    इन जवाबों से खीजकर उस अंग्रेज़ मजिस्ट्रेट ने चंद्रशेखर आज़ाद को 15 बेंत लगाने की सज़ा दी थी.

    जब आज़ाद को एक खंभे से बाँध कर बेंत लगाए जाने लगे तो वो हर बेंत पर चिल्लाकर कहते थे 'भारत माता की जय.'

    बेंत की सज़ा खाने के बाद आज़ाद को जेल से रिहा कर दिया गया. जाते समय उन्हें तीन आने पैसे दिए गए जिसे उन्होंने बड़े तैश में जेलर के मुँह पर दे मारा.

    साल 1925 का अंत होते-होते काकोरी कांड के करीब-करीब सभी अभियुक्त पकड़ लिए गए थे सिवाए कुंदन लाल और चंद्रशेखर आज़ाद के.

    उन दिनों उनके साथी उनका नाम लेने के बजाए उन्हें नंबर 1 और नंबर 2 कहकर पुकारते थे. उस ज़माने में आज़ाद बहुत फ़ख़्र से कहते थे, "मेरे जीतेजी कोई मुझे पकड़ नहीं पाएगा."

  10. काबुल: तालिबान नेता हिब्तुल्लाह अख़ुंदज़ादा की मौजूदगी में हमला, इस्लामिक स्टेट ने ली जिम्मेदारी

    हिब्तुल्लाह अख़ुंदज़ादा

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    इमेज कैप्शन, हिब्तुल्लाह अख़ुंदज़ादा

    इस्लामिक स्टेट समूह (आईएस) ने 30 जून और 1 जुलाई को अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में धार्मिक विद्वानों की एक बड़ी सभा में तालिबान आतंकवादियों पर दो हमलों की जिम्मेदारी ली है.

    जिहादी समूह ने 1 जुलाई को मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम के जरिए अपनी खुरासान प्रांत (ISKP) ब्रांच की ओर से दावा जारी किया था.

    तीन दिवसीय सम्मेलन में तीन हजार मौलवियों को बुलाया गया था जिसमें तालिबानी नेता हिब्तुल्लाह अख़ुंदज़ादा ने ना सिर्फ हिस्सा लिया बल्कि सम्मेलन को संबोधित किया. यह पहली बार है जब किसी तालिबान नेता ने किसी सभा को संबोधित करने के लिए कंधार से काबुल की यात्रा की है

    बयान में कहा गया है कि आईएस के तीन आतंकवादियों ने 30 जून को सम्मेलन के पास एक छत से तालिबान गार्डों पर हमला किया और अन्य पर बम विस्फोट किया, जिसमें कथित तौर पर कई लोग मारे गए.

    इसके साथ ही 1 जुलाई को आईएस ने सम्मेलन हॉल में रॉकेट भी दागे. उस समय अखुंदजादा सभा में पहुंच रहे थे.

    तालिबान अधिकारियों ने कहा कि 30 जून को हुए हमले में दो बंदूकधारी मारे गए हैं.

    वहीं मीडिया रिपोर्ट्स में इस हमला का दावा नेशनल फ्रंट फॉर फ्रीडम ने किया था जो तालिबान शासन का विरोध करता है.

    सुरक्षा

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    कौन हैं हिब्तुल्लाह अख़ुंदज़ादा

    तालिबान के आलोचक लगातार ये आरोप लगाते रहे हैं कि मुल्ला हैबतुल्लाह वास्तव में कई साल पहले मर गया था, हालांकि कई स्रोतों ने बीबीसी को बताया कि ऐसा नहीं है.

    हिब्तुल्लाह अख़ुंदज़ादा अफ़ग़ान तालिबान के नेता हैं जो इस्लाम धर्म के विद्वान है और कंधार से आते हैं. माना जाता है कि उन्होंने ही तालिबान की दिशा बदली और उसे मौजूदा हालत में पहुंचाया.

    तालिबान के गढ़ रहे कंधार से उनके संबंध ने उन्हें तालिबान के बीच अपनी पकड़ बनाने में मदद की.

    1980 के दशक में उन्होंने सोवियत संघ के ख़िलाफ़ अफ़ग़ानिस्तान के विद्रोह में कमांडर की भूमिका निभाई थी, लेकिन उनकी पहचान सैन्य कमांडर के मुकाबले एक धार्मिक विद्वान की अधिक है.

    वो अफ़ग़ान तालिबान का प्रमुख बनने से पहले भी तालिबान के शीर्ष नेताओं में शुमार थे और धर्म से जुड़े तालिबान के आदेश वही देते थे.

    उन्होंने दोषी पाए गए क़ातिलों और अवैध सेक्स संबंध रखने वालों की हत्या और चोरी करने वालों के हाथ काटने के आदेश दिए थे.

    हिब्तुल्लाह तालिबान के पूर्व प्रमुख अख़्तर मोहम्मद मंसूर के डिप्टी भी थे. मंसूर की मई 2016 में अमेरिकी ड्रोन हमले में मौत हो गई थी. मंसूर ने अपनी वसीयत में हिब्तुल्लाह को अपना वारिस घोषित किया था.

    माना जाता है कि पाकिस्तान के क्वेटा में हिब्तुल्लाह की मुलाक़ात जिन तालिबानी शीर्ष नेताओं से हुई उन्होंने ही उन्हें तालिबान का प्रमुख बनवाया.

  11. कर्नाटक के बाद तेलंगाना पर नज़र, क्या बीजेपी दक्षिण भारत में उत्तर जैसा कमाल कर पाएगी

    मोदी और शाह

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    बीजेपी ने दक्षिण भारत में अपनी जगह बनाने की रणनीति के तहत 18 साल बाद तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक करने का फ़ैसला किया है.

    हैदराबाद में ही आयोजित राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में वाजपेयी के दौर वाली बीजेपी ने आम चुनाव में जाने का एलान किया था.

    हालांकि, इंडिया शाइनिंग अभियान असफल रहा और इसके बाद बीजेपी दस साल बाद नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कांग्रेस-नीत यूपीए को सत्ता से बाहर कर पाई.

    इसके बाद से बीजेपी ने उत्तर भारत से बाहर निकलकर देश के अलग-अलग कोनों में अपनी जगह बनाई है.

    लेकिन बीजेपी अब तक दक्षिण भारत में बहुत सफल नहीं हुई है. सिर्फ कर्नाटक एक अपवाद है जहां बीएस येदियुरप्पा के नेतृत्व में बीजेपी ने 2008 के विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की थी.

  12. पुलित्जर पुरस्कार विजेता सना इरशाद मट्टू का दावा, वीज़ा के बावजूद पेरिस जाने से रोका गया

    कश्मीरी फोटो जर्नलिस्ट सना इरशाद मट्टू

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    इमेज कैप्शन, कश्मीरी फोटो जर्नलिस्ट सना इरशाद मट्टू

    कश्मीरी फोटो जर्नलिस्ट सना इरशाद मट्टू को कथित तौर पर फ्रांसीसी वीजा होने के बावजूद अधिकारियों ने उन्हें दिल्ली से पेरिस नहीं जाने दिया.

    सना इरशाद को अपनी तस्वीरों के लिए 2022 के पुलित्जर पुरस्कार मिला है.

    उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, "मैं दिल्ली से पेरिस एक बुक लॉन्च और फोटो एग्जीबिशन के लिए जा रही थी. सेरेन्डिपिटी आर्ल्स ग्रांट 2020 के 10 पुरस्कार विजेताओं में से एक होने की वजह से मुझे जाना था. फ्रांसीसी वीजा मिलने के बावजूद मुझे दिल्ली हवाई अड्डे पर इमिग्रेशन डेस्क पर रोक दिया गया. मुझे इसके लिए कोई कारण नहीं बताया गया, बस इतना कहा कि आप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यात्रा नहीं कर सकती हैं."

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    भारत में कोरोना संक्रमण के दौरान फ़ोटोग्राफी के लिए सना इरशाद मट्टू को फ़ीचर फ़ोटोग्राफ़ी श्रेणी में पुलित्ज़र पुरस्कार दिया गया था.

    सना इरशाद मट्टू श्रीनगर की रहने वाली हैं. उन्होंने दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में जाकर फ़ोटोग्राफी की थी.

  13. अमरावती में हुई हत्या और नूपुर शर्मा के बयान का हो सकता है कनेक्शन, नूपुर शर्मा के विवादित बयान का समर्थन करने वाले एक और शख़्स की हत्या का मामला सामने आया है. पढ़ें आज के अख़बारों की प्रमुख सुर्खियां.

    नूपुर शर्मा

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    राजस्थान के उदयपुर में दर्ज़ी कन्हैयालाल की हत्या के ठीक एक सप्ताह पहले, 21 जून को अमरावती में भी एक हत्या हुई थी.

    उमेश प्रह्लादराव कोहले पेशे से केमिस्ट थे. 51 साल के उमेश की 21 जून को हत्या कर दी गई थी.

    द इंडियन एक्सप्रेसकी ख़बर के अनुसार, शुरुआती जांच में पाया गया है कि कोहले को कथित तौर पर बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नुपूर शर्मा के विवादित बयान का समर्थन करने के लिए मार दिया गया. अख़बार के मुताबिक़, कोहले ने नुपूर शर्मा के विवादित बयान का समर्थन करते हुए एक सोशल मीडिया पोस्ट डाली थी, जिसके बाद उनकी हत्या हो गई.

    उमेश कोहले के बेटे संकेत कोहले की शिकायत के बाद अमरावती में सिटी कोतवाली पुलिस स्टेशन ने जांच शुरू की थी. इस दौरान पुलिस ने दो लोगों को 22 साल के मुदस्सिद अहमद और 25 साल के शाहरुख पठान को गिरफ़्तार किया था. उनसे जब सख़्ती से पूछताछ की गई तो पता चला कि इस घटना को अंजाम देने में चार और लोग भी शामिल थे.

    उमेश पर यह हमला रात को दस बजे से लेकर साढ़े दस बजे के दौरान हुआ. वह 21 जून की तारीख़ थी और उमेश अपनी दुकान बंद करके घर लौट रहे थे. उमेश के बेटे संकेत और उनकी पत्नी दूसरी स्कूटर पर सवार थे.

  14. तीस्ता सीतलवाड़ और आरबी श्रीकुमार को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

    तीस्ता सीतलवाड़

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    अहमदाबाद के मेट्रोपॉलिटन कोर्ट ने तीस्ता सीतलवाड़ और आरबी श्रीकुमार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक लोक अभियोजक अमित पटेल ने कहा कि गुजरात पुलिस ने दोनों का रिमांड बढ़ाने की मांग नहीं की. पुलिस ने अदालत से उन्हें न्यायिक हिरासत में रखने की अपील की थी.

    सीतलवाड़ ने कहा कि जेल में दंगा के आरोपी हैं और उनकी जान को खतरा है. कोर्ट कुछ समय मे जेल में उनकी सुरक्षा पर टिप्पणी करेगा.

    वहीं आरबी श्रीकुमार ने कोर्ट से कहा कि उनका बयान सीआरपीसी 164 के तहत बयान दर्ज किए जाएं.

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    मुंबई में घर से किया था गिरफ्तार

    गुजरात एटीएस की टीम ने सीतलवाड़ को पिछले शनिवार को हिरासत में लिया था. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार उनके ख़िलाफ़ अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के एक इंस्पेक्टर ने एक एफ़आईआर दर्ज करवाई थी जिसके बाद एटीएस की टीम मुंबई में उनके घर पहुँची थी.

    हिरासत में लिए जाने के बाद पहले तीस्ता को मुंबई के सांताक्रूज पुलिस स्टेशन ले जाया गया. इसके बाद गुजरात पुलिस की एक टीम उन्हें सड़क के रास्ते अहमदाबाद ले गई थी.

    सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़

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    पिछले शनिवार को जिस एफ़आईआर के बाद तीस्ता सीतलवाड़ को हिरासत में लिया गया उसमें दो पूर्व आईपीएस पुलिस अधिकारियों, आरबी श्रीकुमार और संजीव भट्ट के नाम भी शामिल हैं.

    पिछले शनिवार को ही श्रीकुमार को भी गिरफ़्तार कर लिया गया था.

    पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट को हिरासत में मौत के एक मामले में दोषी पाए जाने के बाद उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई थी और वो जेल में बंद हैं.

    क्या है आरोप

    तीस्ता सीतलवाड़, आरबी श्रीकुमार और संजीव भट्ट पर जाली दस्तावेज और आपराधिक साज़िश समेत भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.

    दर्ज शिकायत के मुताबिक, "तीनों अभियुक्तों ने क़ानूनी प्रक्रिया का फ़ायदा उठाने के लिए निर्दोष लोगों के ख़िलाफ़ झूठे सबूत गढ़ने की साज़िश रची. तीनों अभियुक्तों ने निर्दोष व्यक्तियों को नुकसान पहुंचाने के इरादे से आधारहीन कानूनी कार्रवाई करने की कोशिश की."

  15. पंत के कमाल करने से पहले जब कोहली ने उन्हें मारे ताने

    पंत

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    बर्मिंघम टेस्ट शुरू होने से दो दिन पहले जब टीम इंडिया एजबेस्टन के मैदान में अभ्यास के लिए आई तो ऋषभ पंत को हर दिन पूर्व कप्तान विराट कोहली से ताने मिल रहे थे.

    मज़ाक में ही सही, अभ्यास के दौरान जब जब पंत थोड़ी सी चूक दिखाते तो कोहली कहते कि 'अरे कहां है भाई, क्या हो गया है.' पंत जवाब में कुछ कहते नहीं बस मुस्करा देते और कहते, 'अरे भइया..'

    पंत के शब्दों और उनके रवैये में अपने सीनियर के लिए सम्मान और भरपूर सम्मान की भावना है. कोहली ना सिर्फ़ दिग्गज बल्लेबाज़ हैं बल्कि पूर्व कप्तान और पंत के ही शहर दिल्ली से आते हैं और उनके हीरो रहे हैं. लेकिन, ये सम्मान पंत सिर्फ़ अपने टीम के खिलाड़ियों के दिग्गज के लिए रखते हैं.

    अगर दिग्गज चाहे कोई भी हो, अगर वो विरोधी टीम में हो तो पंत उनको टारगेट करते हैं. यही काम उन्होंने एजबेस्टन टेस्ट के पहले दिन जेम्स एंडरसन के साथ किया.

  16. नूपुर शर्मा के ख़िलाफ़ कोलकाता पुलिस ने जारी किया लुकआउट नोटिस

    नूपुर शर्मा

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    कोलकाता पुलिस ने निलंबित भाजपा नेता नूपुर शर्मा के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया है.

    समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले उन्हें एमहर्स्ट और नारकेलडांगा पुलिस थाने में पेश होने के लिए कहा गया था. हालांकि, वह उनके सामने पेश नहीं हुई तथा उन्होंने और समय मांगा है.

  17. उदयपुर में कन्हैया लाल हत्याकांड: राजस्थान में कर्फ़्यू का मतलब क्या है?

    उदयपुर

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    2 अप्रैल को करौली, 2 मई को जोधपुर और 28 जून को उदयपुर में हुई साम्प्रदायिक हिंसा की गूंज पूरे भारत में सुनाई दी.

    ज़ाहिर है, अपने मध्यकालीन इतिहास और संस्कृति के अलावा शांति के लिए जाना गया राजस्थान अब लगातार बड़ी घटनाओं के लिए एकाएक चर्चा और सोशल मीडिया ट्रेंड में आ जाता है.

    लेकिन लगातार तीन महीनों में इन तीन बड़ी घटनाओं के बावजूद राजस्थान प्रशासन का रवैया अब भी उतना सख़्त नज़र नहीं आ रहा जितना इन हालातों में होना चाहिए.

    सवाल उठ रहे हैं कि सख़्ती सिर्फ़ कागज़ों और सरकारी निर्देशों में ही क्यों की जा रही है?

    क्या राज्य की सुरक्षा से ज़्यादा ज़रूरी भी कोई कार्यक्रम या आयोजन हो सकते हैं जहां हज़ारों की संख्या में भीड़ एकजुट होने दी जाए?

  18. रवींद्र जडेजा इंग्लैंड के खिलाफ 104 रन बनाकर आउट हुए

    रवींद्र जडेजा

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    भारतीय बल्लेबाज़ रवींद्र जडेजा इंग्लैंड के खिलाफ 104 रन बनाकर आउट हुए.

    ये टेस्ट क्रिकेट में उनका तीसरा शतक है. जडेजा कल जब बल्लेबाज़ी के लिए आए थे तब भारतीय टीम मुश्किल में थी. भारतीय टीम 92 रन पर पांच विकेट गंवा चुकी थी. इसके बाद जडेजा ने ऋषभ पंत के साथ मिलकर 222 रन जोड़े. पंत ने 111 गेंदों में 146 रन बनाए.

    जडेजा ने शतक तक पहुंचने में 183 गेंदों का सामना किया और 13 चौके लगाए.

  19. 'सिंगल यूज़ प्लास्टिक' पर पाबंदी क्या 'प्लास्टिक पॉलिटिक्स' की जीत है?

    पॉलिथीन

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    सिंगल यूज़ प्लास्टिक के 19 प्रोडक्ट्स पर शुक्रवार से प्रतिबंध लागू हो गया है.

    पर्यावरणविद इसे 'लो हैंगिग फ्रूट्स' (यानी ऐसा लक्ष्य जिसे आसानी से हासिल किया जा सके) को निशाना बनाने और पूरे मामले में एक बार फिर से 'प्लास्टिक पॉलिटिक्स' यानी बिग कॉरपोरेट्स की जीत बता रहे हैं.

    वहीं इस क्षेत्र के बहुत सारे उद्यमियों तक को पूरी तरह से ये मालूम नहीं कि इस श्रेणी की प्लास्टिक्स से बनी कौन-कौन सी वस्तुएं प्रतिबंधित लिस्ट में शामिल हैं.

    दिल्ली सदर बाज़ार के गली बरना में प्लास्टिक के थोक व्यापारी उमेश अग्रवाल को 'जो भी पता चला है वो व्हॉट्सऐप से मिली जानकारी के आधार पर है, क्या बैन होगा और क्या नहीं इसे लेकर संशय की स्थिति है, कोई कह रहा है कि 100 माइक्रोन, कोई 80 माइक्रोन के माल पर प्रतिबंध की बात कर रहा है.'

    कच्चा माल के थोक बाज़ार में 'दाना' की क़ीमत में कुछ ही दिनों में 20 रुपये प्रति किलोग्राम के गिरावट की बात कही जा रही है.

  20. महाराष्ट्र के अमरावती में हुई इस हत्या की अब NIA करेगी जांच, गृह मंत्रालय का आदेश

    मृतक उमेश कोल्हे
    इमेज कैप्शन, मृतक उमेश कोल्हे

    महाराष्ट्र के अमरावती में 21 जून को उमेश प्रह्लादराव कोल्हे की हत्या हुई थी. अब इस मामले को जांच के लिए गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दिया है.

    गृह मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि हत्या के पीछे साजिश, संगठनों की संलिप्तता और अंतरराष्ट्रीय संबंधों की गहन जांच की जाएगी.

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    द इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के अनुसार, शुरुआती जांच में पाया गया है कि कोल्हे को कथित तौर पर बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के विवादित बयान का समर्थन करने के लिए मार दिया गया. अख़बार के मुताबिक़, कोहले ने नूपुर शर्मा के विवादित बयान का समर्थन करते हुए एक सोशल मीडिया पोस्ट डाली थी, जिसके बाद उनकी हत्या हो गई

    54 साल के उमेश प्रह्लादराव कोल्हे पेशे से केमिस्ट थे.

    हत्या में कई लोग शामिल

    उमेश कोल्हे के बेटे संकेत कोल्हे की शिकायत के बाद अमरावती में सिटी कोतवाली पुलिस स्टेशन ने जांच शुरू की थी. इस दौरान पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया था जिसमें 22 साल के मुदस्सिद अहमद और 25 साल के शाहरुख पठान शामिल हैं. उनसे जब सख़्ती से पूछताछ की गई तो पता चला कि इस घटना को अंजाम देने में चार और लोग भी शामिल थे.

    कैसी हुई हत्या

    उमेश पर यह हमला रात को दस बजे से लेकर साढ़े दस बजे के दौरान हुआ. वह 21 जून की तारीख़ थी और उमेश अपनी दुकान बंद करके घर लौट रहे थे. उमेश के बेटे संकेत और उनकी पत्नी दूसरी स्कूटर पर सवार थे.

    उमेश के बेटे संकेत ने अपनी शिकायत में लिखवाया था, "हम प्रभात चौक से आगे बढ़ रहे थे और हमारी स्कूटर महिला कॉलेज के सामने से गुज़र रही थी. मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक एकाएक मेरे पिता की स्कूटर के सामने आ गए. उन्होंने मेरे पिता की स्कूटर को रुकवाया और उनमें से एक ने धारदार चाकू से मेरे पिता के गर्दन की बाईं ओर हमला कर दिया. मेरे पिता गिर पड़े और उनकी गर्दन से खून बह रहा था. मैंने तुरंत अपनी स्कूटर रोकी और मदद के लिए चिल्लाने लगा. इसके बाद वे सभी मौक़े से फ़रार हो गए."

    कोल्हे को अस्पताल तो ले जाया गया लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.