उदयपुर के कन्हैया लाल दर्जी हत्याकांड में कांग्रेस ने
आरोप लगाया है कि इस केस के मुख्य अभियुक्त हत्यारे रियाज़ अटारी बीजेपी के सक्रिय
सदस्य रहे हैं.
हालांकि बीजेपी ने इन आरोपों का पुरज़ोर खंडन करते हुए
कहा है कि किसी नेता के साथ तस्वीरें खिंचवाने से ही कोई पार्टी का सदस्य नहीं हो जाता बल्कि उसे सदस्यता भी लेनी होती है.
कांग्रेस नेता और पार्टी के मीडिया और प्रचार विभाग के
अध्यक्ष पवन खेड़ा ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेन्स में यह आरोप लगाया है.
कांग्रेस के ट्विटर हैंडल पर डाले गए ट्वीट में पवन खेड़ा
ने कहा, ''हम समझ सकते हैं कि फ़ेसबुक पर तस्वीरें सामाजिक कार्यक्रमों की भी हो सकती
हैं. लेकिन फ़ेसबुक पोस्ट स्पष्ट कर रही है कि कन्हैयालाल का हत्यारा आतंकी रियाज़
अटारी भाजपा का सक्रिय सदस्य है.''
इससे पहले सोशल मीडिया पर रियाज़ अटारी की कुछ तस्वीरें शेयर हो रही थीं, जिसमें वो राजस्थान के बीजेपी नेताओं के साथ थे.
पवन खेड़ा ने दावा किया, ''रियाज़ अटारी राजस्थान में भाजपा के कद्दावर नेता और राज्य के पूर्व गृह मंत्री गुलाब चंद्र कटारिया जी के अनेक कार्यक्रमों में शामिल होते थे. रिसर्च करने पर पता चला कि फ़ेसबुक पर भाजपा के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के नेता इरशाद चैनवाला ने चार साल पहले 30 नवंबर, 2018 को पोस्ट करके रियाज़ अटारी को अपनी पार्टी का कार्यकर्ता बताया था.''
उन्होंने आरोप लगाया, ''पार्टी के एक और नेता मोहम्मद ताहिर, जो अब घटना के दिन से लापता हैं और जिनका मोबाइल बंद है, ने 3 फरवरी 2018, 27 अक्टूबर 2019, 28 नवंबर 2019 और 10 अगस्त 2021 के फ़ेसबुक पोस्ट का अध्ययन किया. इसमें मोहम्मद ताहिर ने रियाज़ अटारी को बीजेपी का कार्यकर्ता बताया है.''
पवन खेड़ा ने बीजेपी से सवाल पूछा, ''क्या भाजपा और उसके नेता पूरे देश में धार्मिक उन्माद का वातावरण बनाने का प्रयास कर रहे हैं?''
उन्होंने एक और सवाल पूछा, ''क्या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह अब भी भाजपा नेताओं द्वारा धार्मिक उन्माद को फ़ैलाने की कोशिशों पर चुप्पी साधेंगे?''
हालांकि राजस्थान बीजेपी के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष एम सादिक़ ख़ान ने कांग्रेस के आरोपों का पुरज़ोर खंडन किया है.
सादिक़ ख़ान ने कहा है कि बीजेपी विश्व की सबसे बड़ी पार्टी है और किसी भी नेता के साथ फोटो खिंचवाना बड़ी बात नहीं है.
उन्होंने दावा किया, ''रियाज़ अटारी कभी भी उनकी पार्टी का सदस्य नहीं रहा है. वे बूथ से ज़िला, किसी भी स्तर पर पार्टी के सदस्य नहीं रहा है.''
इससे पहले मंगलवार को उदयपुर में दो मुसलमान युवकों ने कन्हैया लाल दर्जी की उनकी दुकान में घुसकर हत्या कर दी थी. हालांकि घटना के तीन घंटे बाद ही पुलिस ने उन दोनों हत्यारों को धर दबोचा था.