परमाणु समझौते पर अमेरिका-ईरान के बीच जल्द शुरू होगी बातचीत

साल 2015 के परमाणु समझौते को फिर से बहाल करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत जल्द शुरू होगी.

लाइव कवरेज

चंदन शर्मा and अभिनव गोयल

  1. गृह मंत्री अमित शाह महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाएं: सांसद नवनीत राणा

    अमरावती की सांसद नवनीत राणा

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    इमेज कैप्शन, अमरावती की सांसद नवनीत राणा

    महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ गठबंधन महाविकास अघाड़ी की सरकार के गहराते संकट के बीच अमरावती की सांसद नवनीत राणा ने शनिवार को राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की है.

    नवनीत राणा ने कहा, "मैं गृह मंत्री अमित शाह से उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ने वाले और अपना फ़ैसला खुद करने वाले विधायकों के परिजनों को सुरक्षा मुहैया कराने का आग्रह करती हूं. उद्धव ठाकरे की गुंडागर्दी ख़त्म होनी चाहिए. मैं राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने का आग्रह करती हूं."

    सांसद नवनीत राणा का ये बयान शिवसेना के बाग़ी विधायक तानाजी सांवत के दफ़्तर पर नाराज़ पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा कथित रूप से तोड़फोड़ किए जाने के बाद आया है.

    तानाजी सावंत शिवसेना के उन विधायकों में से हैं जो एकनाथ शिंदे खेमे में शामिल हो गए हैं. समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, इस समय वे गुवाहाटी में कैंप किए हुए हैं.

  2. बलूचिस्तान में पाकिस्तान के पीएम ने क्यों लिया चीन, सऊदी अरब, जैसे देशों का नाम

    शहबाज शरीफ

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    इमेज कैप्शन, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बलूचिस्तान में ग्वादर के लोगों से चीन समेत विदेशी निवेशक की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है. चीन संसाधनों से भरे बलूचिस्तान के विकास के लिए भारी निवेश कर रहे हैं.

    ग्वादर चीन द्वारा विकसित और संचालित अपने बंदरगाह के लिए जाना जाता है जहां हाल ही में चीन के काम करने वालों समेत कई विदेशियों पर हमला किया गया था.

    अप्रैल में सत्ता संभालने के बाद शहबाज शरीफ ने दूसरी बार इस क्षेत्र का दौरा किया और शुक्रवार को ग्वादर बिजनेस सेंटर में मछुआरों और अन्य लोगों की एक सभा को संबोधित किया.

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    डॉन अखबार की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि मित्र देश पाकिस्तान की मदद करना चाहते हैं और उन्हें सुरक्षा मुहैया कराना उनकी जिम्मेदारी है.

    उन्होंने कहा, “चीन, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, तुर्की, कतर और अन्य देश 75 सालों से पाकिस्तान को वित्तीय और कूटनीतिक तौर पर मदद कर रहे है और मुश्किल समय से पाकिस्तान को निकालने का काम कर करते हैं. अगर हम उन देशों के निवेशकों, इंजीनियरों और मजदूरों की सुरक्षा नहीं करते तो वे वापस चले जाएंगे.”

    शुक्रवार को ही चीन ने पाकिस्तान के घटते विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ावा देने के लिए स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान में 2.3 अरब डॉलर जमा किए हैं जिसकी घोषणा पाकिस्तान के वित्त मंत्री मिफ्ता इस्माइल ने की है.

    चीनी नागरिक

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    इमेज कैप्शन, ग्वादर बंदरगाह पर पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों के साथ फोटो खिंचवाते चीनी नागरिक

    पाकिस्तान में चीनी नागरिक कब-कब निशाना बनाए गए -

    • 26 अप्रैल, 2022 को कराची आत्मघाती बम धमाके में तीन चीनी नागरिकों की मौत
    • 14 जुलाई, 2021 को ख़ैबर पख़्तूनख़्वा में बम धमाके में 10 चीनी नागरिकों की मौत
    • 14 जुलाई, 2021 को ख़ैबर पख़्तूनख़्वा में बम धमाके में 26 अन्य चीनी नागरिक घायल हुए
    • 28 जुलाई, 2021 में कराची में चीनी नागरिक की गाड़ी पर गोलियां बरसाई गईं
    • 11 मई, 2019 को ग्वादर के पांच सितारा होटल पर चरमपंथियों का हमला हुआ जिसमें चीनी लोग ठहरे हुए थे
    • 23 नवंबर, 2018 में चीनी वाणिज्य दूतावास पर हमला, चार लोगों की मौत
    • 11 अगस्त, 2018 में दालबंदीन, बलूचिस्तान में हुए आत्मघाती में तीन चीनी इंजीनियर घायल
    • फरवरी - 2018 में कराची में दो चीनी नागरिकों पर गोलियां चलाई गईं, एक चीनी नागरिक की सिर पर गोली मारकर हत्या
    • मई - 2017 में क्वेटा से अगवा करने के बाद चीनी दंपति की हत्या
    • जुलाई - 2007 में पेशावर में तीन चीनी नागरिकों की हत्या
  3. अमेरिका में गर्भपात पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले से हड़कंप, भारत में क्या है क़ानून

    अमेरिका

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    अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक अहम फ़ैसले में गर्भपात को क़ानूनी तौर पर मंज़ूरी देने वाले पांच दशक पुराने फ़ैसले को पलट दिया है जिसके बाद देश के अलग-अलग शहरों में प्रदर्शन हो रहे हैं.

    इसके बाद अब महिलाओं के लिए गर्भपात का हक़ क़ानूनी रहेगा या नहीं इसे लेकर अमेरिका के अलग-अलग राज्य अपने-अपने अलग नियम बना सकते हैं.

    माना जा रहा है कि इसके बाद आधे से अधिक अमेरिकी राज्य गर्भपात क़ानून को लेकर नए प्रतिबंध लागू कर सकते हैं.

    13 राज्य पहले ही ऐसे क़ानून पारित कर चुके हैं जो गर्भपात को ग़ैरक़ानूनी करार देते हैं, ये क़ानून सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद लागू हो जाएंगे.

  4. फ़िल्मों और टीवी के बाल कलाकारों का शोषण रोकने के लिए दिशानिर्देश, NCPCR ने बनाया मसौदा

    बच्चे

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    इमेज कैप्शन, सांकेतिक तस्वीर

    राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने फिल्मों, टीवी, रियलिटी शो, सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफार्मों में बाल कलाकारों को शारीरिक और मनोवैज्ञानिक तनाव से बचाने के लिए दिशा-निर्देशों का मसौदा तैयार किया है.

    मसौदे के तहत निर्माताओं को शूटिंग में बच्चे को शामिल करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट से अनुमति लेनी होगी. ये अनुमति उस जिले के मजिस्ट्रेट से लेनी होगी जहां शूटिंग की जानी है. इसके साथ उन कामों के बारे में भी बताना होगा जिससे ये सुनिश्चित हो कि बच्चे के साथ दुर्व्यवहार या शोषण नहीं किया गया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट में इस मसौदे के हवाले से कहा गया है कि बच्चे को लगातार 27 दिनों से अधिक काम करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. बच्चे को एक शिफ्ट में तीन घंटे के बाद ब्रेक दिया जाएगा. वहीं बच्चे को किसी ऐसे समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करवाए जा सकते हैं जो बंधुआ मजदूर प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम का उल्लंघन करता हो.

    निर्माता को यह सुनिश्चित करना होगा कि शूटिंग में लगे बच्चों की स्कूली शिक्षा प्रभावित न हो. मसौदे के अनुसार शूटिंग में लगे बच्चे की स्कूली शिक्षा ना छूटे उसके लिए निर्माता को एक प्राइवेट ट्यूटर से पढ़ाया जाएगा.

    बच्चे को मिलने वाला पैसे की बीस फीसदी किसी राष्ट्रीय बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट होना चाहिए जिसे वो व्यस्क होने पर निकाल सके.

  5. महाराष्ट्र: एकनाथ शिंदे और उनके समर्थक विधायकों ने अपने गुट का नाम रखा 'शिवसेना बालासाहेब'

    महाराष्ट्र

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    एकनाथ शिंदे और उनके समर्थक विधायकों ने अपने गुट के लिए 'शिवसेना बालासाहेब' नाम रखने का फैसला लिया है.

    गुवाहाटी में एकनाथ शिंदे के साथ मौजूद विधायक डॉ. बालाजी किनिकर ने इस खबर की पुष्टि की है.

    शिंदे गुट के नाम रखने के बाद शिवसेना को आपत्ति होने की संभावना है. जल्द ही नाम की आधिकारिक घोषणा होने की उम्मीद है.

    विधायक दीपक केसरकर ने कहा, "हम बालासाहेब की विचारधारा के प्रति प्रतिबद्ध हैं. हमने एक स्वतंत्र ग्रुप बनाया है. हम किसी के साथ विलय नहीं करेंगे. ग्रुप का एक स्वतंत्र अस्तित्व होगा. किसी ने भी पार्टी नहीं छोड़ी है."

    एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना के क़रीब 40 विधायकों के बग़ावत करने के बाद राज्य सरकार ख़तरे में आ गई है.

  6. FB LIVE: शिवसेना के कई विधायक गुवाहाटी के एक होटल में मौजूद हैं. वहां फिलहाल क्या स्थिति है और विधायक क्या बोल रहे हैं., बता रहे हैं बीबीसी संवाददाता मयंक भागवत (कैमरा - शाहिद शेख़)

  7. शिवसेना की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक मुंबई में शुरू

    उद्धव ठाकरे

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    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक अब से थोड़ी देर पहले शुरू हो गई है.

    इस बैठक में राज्य के मौजूदा राजनीतिक संकट को लेकर विभिन्न मसलों पर विचार विमर्श चल रहा है.

    उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे भी इस बैठक में शामिल होने पहुंचे हैं.

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    इस बैठक में शामिल होने के लिए उद्धव ठाकरे समर्थक गुट के कई अन्य नेता भी ​शिवसेना भवन पहुंचे हैं. पार्टी के सीनियर नेता संजय राउत भी इसमें शामिल हैं.

    एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना के क़रीब 40 विधायकों के बग़ावत करने के बाद राज्य सरकार ख़तरे में आ गई हैं.

  8. FB LIVE: शिवसेना की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक चल रही है और कई बड़े नेता पहुंच चुके हैं, शिवसेना भवन से ज़्यादा जानकारी दे रही हैं बीबीसी संवाददाता प्राजक्ता पोल

  9. दादागिरी का जवाब हम दादागिरी से देंगे: रामदास आठवले

    रामदास आठवले

    रिपब्लिकन पार्टी ऑफ़ इंडिया (आठवले) के अध्यक्ष रामदास आठवले ने शनिवार को बीजेपी के नेता और महाराष्ट्र के पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस से मुंबई में मुलाक़ात की.

    इस मुलाक़ात के बाद उन्होंने कहा, ''देवेंद्र फडणवीस जी ने उन्हें बताया है कि शिवसेना के मौजूदा राजनीतिक संकट से उनका कोई लेना देना नहीं है. यह शिवसेना का आं​तरिक मामला है. उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे अपने बीच का विवाद ख़ुद सुलझा लेंगे.''

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    उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, संजय राउत, एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार, उपमुख्यमंत्री अजित पवार जैसे नेताओं के उन दावों पर अपनी हैरानी जताई, जिसमें इन नेताओं ने विधायकों की बग़ावत के बावजूद अपने पक्ष में बहुमत होने का दावा किया है.

    रामदास आठवले ने कहा, ''इतने विधायक आपको छोड़ चुके हैं, ऐसे में वे कैसे कह रहे हैं कि उनके पास पर्याप्त बहुमत है.''

    विधानसभा उपाध्यक्ष नरहरि जिरवाल द्वारा 16 बाग़ी विधायकों को निलंबित करने के लिए नोटिस भेजे जाने की ख़बरों पर उन्होंने कहा कि डिप्टी स्पीकर को ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं है.

    इसके बजाय उन्होंने मांग की है कि बाग़ी गुट को शिवसेना के रूप में मान्यता मिलनी चाहिए.

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    आठवले ने राज्य में नई सरकार बनाने के लिए बीजेपी द्वारा प्रयास शुरू करने के बारे में भी बताया.

    उन्होंने कहा, ''देवेंद्र फडणवीस ने उनसे कहा है कि उन्हें कोई जल्दबाज़ी नहीं है. बीजेपी 'देखो और इंतज़ार करो' की नीति का अनुसरण कर रही है.''

    वहीं शिवसेना द्वारा विधायक तानाजी सावंत के कार्यालय में तोड़फोड़ करने को नाजायज़ बताते हुए उन्होंने कहा कि दादागीरी नहीं होनी चाहिए और यदि ऐसा होता है तो हम दादागिरी का जवाब दादागिरी से देंगे.

  10. अमेरिका: गन कल्चर पर लगाम लगाने वाले बिल को कांग्रेस की मंज़ूरी

    बंदूक

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    अमेरिका में बंदूक़ रखने की संस्कृति (गन कल्चर) पर लगाम लगाने के लिए वहां की संसद 'कांग्रेस' ने एक विधेयक को मंज़ूरी दी है. राष्ट्रपति जो बाइडन के दस्तख़त होते हुए ही यह क़ानूनी स्वरूप ले लेगा.

    इस प्रस्तावित क़ानून में 21 साल से कम उम्र के युवाओं के बंदूक़ ख़रीदने पर पहले से सख़्त नियम बनाए गए हैं. साथ ही, लोगों के पास बंदूकों को कम करने के लिए अमेरिकी राज्यों को प्रोत्साहित करने की व्यवस्था की गई है.

    कांग्रेस के निचले सदन प्रतिनिधि सभा में इस विधेयक को मंज़ूरी दिलाने के लिए देश की सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी को रिपब्लिकन पार्टी के 14 सांसदों का समर्थन मिला है. इस विधेयक के पक्ष में 234 वोट मिले, जबकि 193 वोट विरोध में मिले.

    इससे पहले, यह विधेयक गुरुवार को सीनेट से 33 के मुक़ाबले 65 वोटों से पास हो गया था. वहां सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी को रिपब्लिकन पार्टी के 15 सीनेटरों का समर्थन मिला.

    गुरुवार को राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि पिछले 28 सालों की निष्क्रियता के बाद दोनों दलों के समर्थन से यह विधेयक पास हो गया ताकि देश में बंदूक़ की संस्कृति पर लगाम लगाई जा सके.

    पिछले महीने न्यूयॉर्क के बफ़ैलो के एक सुपरमार्केट में लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग की घटना के बाद इस विधयेक को क़ानूनी दर्जा देने के लिए पेश किया गया था.

  11. गर्भपात का अधिकार न देना मानवता के ख़िलाफ़ अपराध: तस्लीमा नसरीन

    तस्लीमा नसरीन

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    बांग्लादेशी मूल की जानी-मानी लेखिका तस्लीमा नसरीन ने गर्भपात को मंज़ूरी देने वाले 50 साल पुराने फ़ैसले को पलटने के अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले की कड़ी आलोचना की है.

    सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्विटर पर उन्होंने इस बारे में एक के बाद एक कई ट्वीट किए हैं. जबरन गर्भधारण को उन्होंने मानवता के ख़िलाफ़ अपराध क़रार दिया है.

    तस्लीमा नसरीन ने लिखा, "यकीन नहीं हो रहा! अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने गर्भपात के संवैधानिक अधिकार को ख़त्म कर दिया. आदेश के तहत महिलाओं के गर्भपात के अधिकार समाप्त कर दिए गए. अमेरिका आगे बढ़ने के बजाय पीछे की ओर जा रहा है.''

    उन्होंने कहा, "यहां तक कि सनकी मुस्लिम देश बांग्लादेश में भी गर्भपात क़ानूनी है. लेकिन यूएसए जैसे सभ्य देश ने महिलाओं को उनके बुनियादी मानव अधिकारों से वंचित कर दिया है!''

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    'मानव अधिकारों की रक्षा के लिए गर्भपात बेहद ज़रूरी'

    उन्होंने मानव अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था 'ह्यूमन राइट्स वॉच' में महिला अधिकारों की डायरेक्टर मकारेना साज़ के बयान का ज़िक्र करते हुए लिखा, "गर्भपात की गारंटी देना न केवल सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए, बल्कि मानव अधिकारों के लिए भी ज़रूरी है."

    तस्लीमा नसरीन ने ह्यूमन राइट्स वॉच के एक और बयान का ज़िक्र करते हुए लिखा, ''गर्भपात पर प्रतिबंध लगाने या सख़्ती करने से गर्भपात की ज़रूरत ख़त्म नहीं हो जाती. गर्भपात को कम करने की बजाय, उसे प्रतिबंधित कर देने से असुरक्षित प्रक्रियाओं का ख़तरा बढ़ जाता है और आपराधिक क़ानून लागू हो जाने का ख़तरा पैदा हो जाता है.''

    इससे पहले शुक्रवार को अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक अहम फ़ैसले में गर्भपात को क़ानूनी तौर पर मंज़ूरी देने वाले पांच दशक पुराने फ़ैसले को पलट दिया था.

    इसके बाद अब महिलाओं के लिए गर्भपात का हक़ क़ानूनी रहेगा या नहीं, इसे लेकर राज्य अपने-अपने अलग नियम बना सकते हैं.

  12. सरकार को कोई ख़तरा नहीं, बाग़ी विधायक अपनी विधायकी बचाएं: संजय राउत

    संजय राउत

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    महाराष्ट्र के मौजूदा सियासी संकट पर शिवसेना नेता संजय राउत ने दावा किया है कि उनकी सरकार को कोई ख़तरा नहीं है. शनिवार को उन्होंने दावा किया कि इस समय असम के गुवाहाटी में मौजूद कई विधायक महाविकास अघाड़ी के साथ हैं.

    संजय राउत ने दावा किया कि शुक्रवार रात मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के निवास 'मातोश्री' पर एनसीपी प्रमुख शरद पवार, उपमुख्यमंत्री अजित पवार, प्रफुल्ल पटेल की मौजूदगी में हुई बैठक में क़रीब 10 विधायकों से बातचीत हुई और उन्होंने सरकार के समर्थन में खड़े होने की बात कही है.

    उन्होंने कहा कि यदि विधायक मुंबई आ गए, तो हमारी सरकार बच जाएगी. हमारी सरकार को कोई ख़तरा नहीं है. राउत ने कहा, ''बल्कि मैं विधायकों से कहना चाहता हूं कि वे अपनी विधायकी बचाएं, सरकार को कोई ख़तरा नहीं है.''

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    आज की कार्यकारिणी की बैठक काफ़ी अहम

    संजय राउत ने शनिवार दोपहर एक बजे से होने वाली कार्यकारिणी की बैठक को काफ़ी अहम बताया है. इस बैठक में कई निर्णय लिए जाएंगे.

    उन्होंने कहा, ''ये पार्टी राज्य और देश में बहुत बड़ी पार्टी है. इस पार्टी को बनाने में बालासाहेब जी, उद्धव जी और सभी कार्यकर्ताओं ने ख़ून-पसीना बहाया है. इस पार्टी पर कोई आसानी से डाका नहीं डाल सकता. केवल पैसे के दम पर कोई पार्टी नहीं ख़रीद सकता.''

    उन्होंने दावा किया, ''अभी का जो संकट है उसे हम संकट नहीं मानते, बल्कि ये हमारे लिए पार्टी विस्तार का बहुत बड़ा मौक़ा है.''

    'लोगों का संयम टूटा तो आग लग जाएगी'

    उन्होंने कहा कि लोग अभी संयम से काम ले रहे हैं और उनका ग़ुस्सा अभी तक नहीं भड़का है, लेकिन यदि लोग भड़क गए तो राज्य में आग लग जाएगी.

    पत्रकारों ने जब संजय राउत से देवेंद्र फडणवीस की भूमिका को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, ''देवेंद्र फडणवीस को सलाह दूंगा आप इस झमेले में न पड़ें. आप फंस जाओगे. फिर से पुरानी वाली बात हो जाएगी कि कोई सुबह आपके साथ था और शाम को किसी और के साथ. आप अपनी और अपनी पार्टी की प्रतिष्ठा बचाइए.''

    उन्होंने यह भी कहा कि हम उन्हें अगले चुनाव में देख लेंगे.

    गुजरात दंगों में नरेंद्र मोदी को सुप्रीम कोर्ट से क्लीन चिट मिलने का स्वागत करते हुए संजय राउत ने कहा कि अब वे हमारे देश के प्रधानमंत्री हैं और उनका सम्मान देश का सम्मान है.

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    नहीं हटाई एकनाथ शिंदे की सुरक्षा

    वहीं एकनाथ शिंदे और बाग़ी विधायकों की सुरक्षा हटाने के आरोप पर संजय राउत ने कहा कि सरकार ने किसी की सुरक्षा नहीं हटाई है. उन्होंने कहा, ''विधायक आप हैं तो सुरक्षा आपको मुहैया कराई गई. आपके परिजनों को सुरक्षा नहीं ​दी जा सकती.''

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    इससे पहले एकनाथ शिंदे ने ख़ुद सहित 38 बाग़ी विधायकों के परिजनों की सुरक्षा व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा हटा लिए जाने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री, राज्य के गृह मंत्री दिलीप वालसे पाटिल और डीजीपी रजनीश सेठ को एक पत्र लिखा था.

    इस ख़त में लिखा गया था कि उन्हें और उनके परिजनों की सुरक्षा का ज़िम्मा राज्य सरकार के कंधों पर है.

  13. मायावती का द्रौपदी मुर्मू को समर्थन देने का एलान, विपक्ष पर जमकर बरसीं

    मायावती

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    बसपा सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अगले महीने होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू को समर्थन देने का एलान किया है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी ऐसा एनडीए के समर्थन में नहीं एक आदिवासी के समर्थन में कर रही है.

    मायावती ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, ''हमारी पार्टी ने आदिवासी समाज को अपने मूवमेंट का ख़ास हिस्सा मानते हुए द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद के लिए अपना समर्थन देने का निर्णय लिया है. हमने यह अति महत्वपूर्ण फ़ैसला बीजेपी और एनडीए के पक्ष या फिर विपक्षी पार्टी के विरोध में नहीं लिया, बल्कि अपनी पार्टी के मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए एक आदिवासी समाज की योग्य और कर्मठ महिला को देश की राष्ट्रपति बनाने के लिए यह फ़ैसला लिया है.''

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    शनिवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेन्स में उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव के लिए हुई विपक्षी दलों की बैठक से बसपा को दूर रखा गया. इसके लिए उन्होंने विपक्ष पर षडयंत्र करने का आरोप लगाया है.

    मायावती ने कहा, "विपक्ष ने राष्ट्रपति प्रत्याशी चुनने के लिए हुई बैठक से बसपा को अलग रखा. शरद पवार ने बैठक में बसपा के लीडर को नहीं बुलाया. ये उनकी सोच को दिखाता है. राष्ट्रपति प्रत्याशी चुनने के दौरान विपक्ष का षडयंत्र दिखा."

    बसपा सुप्रीमो ने कहा, ''बसपा पिछल्लगू पार्टी नहीं है. हमारी कथनी और करनी में अंतर नहीं है. हमारा पार्टी का संकल्प दूसरी पार्टियों की तरह नहीं है. देश हित की सोच है, जिसे ज़मीन पर उतारना है. ग़रीबों ओर मज़लूमों को मुख्य धारा में लाना है. हमारी पार्टी जुमलेबाज़ी नहीं करती, काम करती है."

    उन्होंने आगे कहा, ''बसपा के नेतृत्व को बदनाम करने के लिए विपक्ष कोई मौका नहीं छोड़ रहा है. कांग्रेस और बीजेपी ये रत्ती भर भी नहीं चाहते कि बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की सोच देश पर लागू हो. हम बिना डरे फ़ैसले लेते हैं.''

    मायावती के अनुसार, ''यूपी के बसपा के शासनकाल में देश ने ये देखा कि आर्थिक विकास लाया गया. दूसरी पार्टियों का काम 'मुंह में राम, बगल में छुरी' वाला है. जातिवादी सोच रखने वाले लोग बसपा को पीछे रखना चाहते हैं, लेकिन ऐसा नहीं चलेगा."

  14. नॉर्वे के एक नाइटक्लब में गोलीबारी में दो मरे, कई घायल

    नॉर्वे

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    नॉर्वे की राजधानी ओस्लो के नाइटक्लब और उसके आसपास की गलियों में भीड़ पर हुई गोलीबारी में दो लोग मारे गए हैं, जबकि एक दर्जन से ज़्यादा लोग घायल हो गए हैं.

    समाचार एजेंसी एपी ने नॉर्वे की पुलिस के हवाले से यह जानकारी दी है.

    पुलिस ने संवाददाताओं को बताया है कि इस मामले में एक संदिग्ध को गिरफ़्तार किया गया है और उसने इस वारदात को शायद अकेले ही अंज़ाम दिया हो.

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    पुलिस के अनुसार, ओस्लो में स्थित मशहूर गे बार 'लंदन पब' सहित पास के एक अन्य क्लब और गलियों में गोलीबारी हुई.

    नॉर्वे में पिछले साल के अक्तूबर में धनुष और बाण से किए गए हमले में कई लोग मारे गए थे. वहीं इस महीने अमेरिका से भी गोलीबारी की कई घटनाएं सामने आई थीं, जिसमें कई लोग मारे गए और कई घायल हुए थे.

  15. राहुल गांधी के वायनाड दफ़्तर पर हमले की सीताराम येचुरी ने की निंदा, आठ गिरफ़्तार

    सीताराम येचुरी

    केरल में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के वायनाड ऑफिस पर शुक्रवार को हुए हमले की मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी ने निंदा करते हुए कहा है कि पुलिस ने इस मामले के ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई शुरू कर दी है.

    सीतराम येचुरी ने कहा, ''वायनाड में जो हुआ वो ग़लत था और हम उसकी निंदा करते हैं. केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पहले ही इसकी निंदा कर चुके हैं.''

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    कांग्रेस नेता राहुल गांधी केरल की वायनाड सीट से सांसद हैं.

    केरल पुलिस के एक अधिकारी के हवाले से समाचार एजेंसी पीटीआई ने बताया है कि इस विरोध प्रदर्शन में एसएफ़आई के 80 से 100 कार्यकर्ता शामिल थे, जिनमें से 8 को हिरासत में ले लिया गया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, एसएफ़आई ने कहा है कि क​थित तौर पर उसके कार्यकताओं द्वारा निकाले गए विरोध मार्च की इजाज़त उसकी राज्य इकाई से नहीं ली गई थी.

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    क्या हुआ था?

    इससे पहले केरल की सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की छात्र इकाई एसएफ़आई कार्यकर्ताओं द्वारा कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के ख़िलाफ़ निकाला गया एक विरोध मार्च शुक्रवार को हिंसक हो गया.

    आरोप है कि इस विरोध मार्च में शामिल एक समूह उग्र होकर राहुल गांधी के दफ़्तर में घुस गया और तोड़फोड़ शुरू कर दी.

    आंध्र प्रदेश यूथ कांग्रेस ने हमले के लिए केरल की वामपंथी सरकार और एसएफ़आई कार्यकर्ताओं को ज़िम्मेदार बताया है. साथ ही कहा कि केरल की सरकार गुंडागर्दी को बढ़ावा दे रही है.

    आंध्र प्रदेश यूथ कांग्रेस के ट्विटर हैंडल से जारी वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ लोगों ने हाथों में झंडे पकड़े हुए हैं और वे पीछे दीवार से चढ़कर ऑफिस के अंदर जा रहे हैं. वहीं कुछ दूसरे वीडियो हैं जिसमें कुछ लोग ऑफिस के अंदर मौजूद व्यक्ति को मारते हुए भी दिखाई दे रहे हैं.

    केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने भी शुक्रवार को ट्वीट कर इस हमले की निंदा की थी. उन्होंने कहा था कि हमारे देश में सभी को अपनी राय रखने और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने का अधिकार है. इस तरह के हमले ग़लत हैं और दोषियों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई की जाएगी.

  16. संयुक्त राष्ट्र का दावा, इसराइली सेना की गोली से हुई थी अल-जज़ीरा की पत्रकार शिरीन की मौत

    शिरीन

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    संयुक्त राष्ट्र संघ ने कहा है कि उसके द्वारा जुटाए गए तथ्य बताते हैं कि इस साल 11 मई को क़तर के समाचार चैनल अल जज़ीरा की संवाददाता शिरीन अबू अकलेह, इसराइली सेना की गोली से मारी गई थीं.

    संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की प्रवक्ता रवीना शामदसानी ने शुक्रवार को जिनेवा में कहा, ''हमने जो भी जानकारी जुटाई है, उसका निष्कर्ष यही है कि अबू अकलेह को मारने और उनके सहयोगी अली सम्मूदी को घायल करने वाली गोलियां इसराइली सुरक्षाबलों की ओर से आई थीं, न कि हथियारबंद फ़लस्तीनियों की तरफ़ से.''

    शामदासानी ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने जो जानकारी इकट्ठा की है, उससे यह भी पता चला, "तब पत्रकारों के आसपास हथियारबंद फ़लस्तीनियों की ओर से कोई गतिविधि नहीं चलाई गई थी."

    संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की ओर से किए एक ट्वीट में कहा गया है कि इस संस्था की प्रमुख मिशेल बैचलेट इसराइली अधिकारियों से आपराधिक जांच शुरू करने का अनुरोध कर रही हैं.

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    शिरीन अबू अकलेह 11 मई को तब मारी गई थीं, जब वो वेस्ट बैंक के जेनिन शहर में इसराइली छापेमारी को कवर करने के लिए वहां पहुँची थीं.

    समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (एपी) के अनुसार शिरीन अक़लेह अरबी भाषा के प्रसारक अल-जज़ीरा की जानी-मानी फ़लस्तीनी महिला रिपोर्टर थीं.

    ख़बर के अनुसार गोली लगने के कुछ देर बाद ही उनकी मौत हो गई थी. वहीं फ़लस्तीन के एक अन्य पत्रकार उस हमले में घायल हो गए थे.

    क़तर के समाचार चैनल अल जज़ीरा ने इसराइली सेना पर हत्या का आरोप लगाया था. चैनल पर दिखाए बयान में अल-जज़ीरा ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की ​थी कि वे उनकी सहयोगी अबु अकलेह को जानबूझकर मारने के लिए इसराइली बलों की निंदा करे और उनकी ज़िम्मेदारी तय करे.

  17. बीजेपी जब 'अछूत' थी तब हमने उसका साथ दिया, लेकिन अब वो हमें ख़त्म करना चाहती है: उद्धव ठाकरे

    उद्धव ठाकरे

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    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी पर शिवसेना को ख़त्म करने का आरोप लगाया है.

    उन्होंने यह भी कहा कि हिंदुत्व के चलते जब बीजेपी को अछूत मानकर कोई भी उसके साथ जाने को तैयार नहीं था, तब बालासाहेब ठाकरे ने हिंदुत्व वोटों का विभाजन रोकने के लिए बीजेपी का साथ देने का फ़ैसला किया, लेकिन अब हम उसका ख़ामियाज़ा भुगत रहे हैं.

    उद्धव ठाकरे का यह बयान उनके निवास स्थान 'मातोश्री' में शुक्रवार की रात राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार और एनसीपी के दो अन्य नेता उप मुख्यमंत्री अजित पवार और जयंत पाटिल के साथ मुलाक़ात के बाद आया है. इस मुलाक़ात में शिवसेना नेता संजय राउत भी मौजूद थे.

    वैसे शिवसेना ने राज्य की महाविकास अघाड़ी सरकार पर आए सियासी संकट से पैदा हुए हालातों पर विचार करने के लिए शनिवार दोपहर एक बजे अपनी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया है, ''हमने ऐसे लोगों को टिकट दिया, जो जीत नहीं सकते थे और हमने उन्हें टिकट देकर जिताया, लेकिन अब हमारे ही लोगों ने हमारी पीठ में छुरा घोंप दिया है. वहीं शरद पवार और सोनिया गांधी ने हमारा समर्थन किया.''

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    'भाजपा के साथ जाने का सवाल ही नहीं'

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ठाकरे ने बीजेपी के साथ जाने की मांग को खारिज़ करते हुए कहा, ''​शिवसेना के बाग़ी विधायक उस बीजेपी के साथ जाने की बात कर रहे हैं, जिसने हमारी पार्टी और हमारे परिवार को बदनाम किया. लेकिन ऐसा होने का सवाल ही नहीं उठता.''

    अपनी पार्टी शिवसेना को उन्होंने सवा शेर होने का दावा करते हुए कहा कि हर शेर को सवा शेर मिलता ही है. उन्होंने कहा, ''शिवसेना तलवार की तरह है, मयान में रखे तो जंग लगती है. यदि आप इसे बाहर निकालते हैं, तो यह चमकता है और अब इसे चमकने का समय आ गया है.''

    अपनी पार्टी के बाग़ी विधायकों के बारे में उन्होंने कहा, ''अगर कोई विधायक या कोई और नेता वहां जाना चाहते हैं, तो वे जा सकते हैं. लेकिन पहले हमारे पास आओ और हमें बताओ, फिर जाओ. लेकिन जिन्होंने हमें छोड़ दिया उनके पास बीजेपी में जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है.''

    उद्धव ठाकरे ने आगे कहा, ''कुछ दिन पहले मुझे कुछ विधायकों की गतिविधि पर शक़ हुआ तो मैंने एकनाथ शिंदे को फ़ोन करके कहा, शिवसेना को आगे ले जाने का अपना कर्तव्य निभाओ और ये जो हो रहा है वो सही नहीं है. उन्होंने मुझसे कहा कि एनसीपी-कांग्रेस हमें खत्म करने की कोशिश कर रही है और विधायक चाहते हैं कि हम बीजेपी के साथ जाएं.''

    उन्होंने आगे कहा, ''अगर आपको लगता है कि मैं बेकार या अयोग्य हूं और पार्टी चलाने में असमर्थ हूं, तो आप मुझे बताएं. मैं पार्टी छोड़ने को तैयार हूं. आपने अब तक मेरा सम्मान किया, क्योंकि बालासाहेब ने ऐसा करने को कहा था.''

  18. नमस्कार!

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