उद्धव ठाकरे से शिवसेना के बाग़ी विधायक का सवाल, कभी पूछा कि हमारा क्या हाल है
भरत गोगावले ने कहा, पानी में से मछली निकालने के बाद जो हाल मछली का होता है वैसा ही हाल फिलहाल महाविकास अघाड़ी सरकार के नेताओं का है.
लाइव कवरेज
भूमिका राय and अभिनव गोयल
उद्धव ठाकरे से शिवसेना के बाग़ी विधायक का सवाल, कभी पूछा कि हमारा क्या हाल है
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इमेज कैप्शन, एकनाथ शिंदे गुट में शामिल शिवसेना विधायक भरत गोगावले
शिवसेना के बाग़ी विधायक भरत गोगावले ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से पूछा है कि आप परिवार के मुखिया हैं, क्या कभी आपने हमसे हालचाल पूछा है.
बीबीसी संवाददाता मयंक भागवत से बात करते हुए भरत गोगावले ने अपनी बात रखी.
उन्होंने कहा, "बालासाहेब ठाकरे के लिए हमारे मन में जो प्यार और आदर था वो अभी भी है, वो प्यार कहीं नहीं गया है. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने जो हमसे वापस आने की अपील की और कहा कि वो हमसे बातचीत करेंगे उसके बारे में आगे चलकर बात करेंगे."
एकनाथ शिंदे और शिवसेना विधायकों के पार्टी के ख़िलाफ़ बग़ावत का शुक्रवार को चौथा दिन है. मुंबई, सूरत और गुवाहाटी में पिछले तीन दिनों से घटनाएं तेज़ी से बदल रही हैं. एकनाथ शिंदे का दावा है कि शिवसेना के 55 विधायकों में से 40 उनके साथ गुवाहाटी में हैं.
एनसीपी और कांग्रेस की स्थिति पर बोलते हुए भरत गोगावले ने कहा, पानी में से मछली निकालने के बाद जो हाल मछली का होता है वैसा ही हाल फिलहाल महाविकास अघाड़ी सरकार के नेताओं का है.
उन्होंने कहा, "शरद पवार सत्ता के बिना नहीं रह सकते हैं, इसलिए वो सरकार बचाने की कोशिश कर रहे है."
पार्टी से विधायकों को निष्कासित करने के सवाल पर उन्होंने कहा, विधायकों को निष्कासित नहीं किया जा सकता क्योंकि इसमें कायदे क़ानून की बातें जुड़ी हुई हैं. क़ानून के अनुसार बात की जाए तो उन्हें पहले हमें एक नोटिस देना होगा. हमारी कोशिश हैं कि हमारे गुट को मान्यता मिले. उसके बाद सरकार बनाने को लेकर राज्यपाल को पत्र लिखने के बारे में सोचेंगे."
चीन ने पाकिस्तान को दिया 2.3 अरब डॉलर का कर्ज़
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इमेज कैप्शन, पाकिस्तान के वित्त मंत्री मिफ्ता इस्माइल
पाकिस्तान के वित्त मंत्री मिफ्ता इस्माइल ने शुक्रवार को घोषणा की कि चीन ने पाकिस्तान के घटते विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ावा देने के लिए स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान में 2.3 अरब डॉलर जमा किए हैं.
उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा, "मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि 15 अरब आरएमबी (लगभग 2.3 अरब डॉलर) का चीनी कंसोर्टियम कर्ज आज हमारे विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ाते हुए एसबीपी खाते में जमा किया गया है."
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दो दिन पहले चीन ने पाकिस्तान के साथ 2.3 अरब डॉलर के कर्मिशियल कर्ज समझौते पर हस्ताक्षर किए थे.
फ़रवरी में पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार 16 अरब डॉलर था जो जून के पहले हफ़्ते में घटकर 10 अरब डॉलर पहुंच गया. ये राशि महज दो महीने के आयात बिल को चुका पाएगी.
लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए पाकिस्तान ने चीन से कर्ज लिया है और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की तरफ़ देख रहा है.
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सिकुड़ता विदेशी मुद्रा भंडार
पाकिस्तान दुनिया भर में चाय का सबसे बड़ा आयातक देश है. पाकिस्तान के सिकुड़ते विदेश भंडार के पीछे चाय एक बड़ा कारण है.
पाकिस्तान टी एसोसिएशन के प्रमुख जावेद इक़बाल पराचा के मुताबिक़, पाकिस्तान हर साल 23-24 करोड़ किलो चाय आयात करता है जिस पर पाकिस्तान का सालाना आयात बिल क़रीब 450 मिलियन डॉलर है.
वो कहते हैं, "पाकिस्तान के लोगों के लिए चाय लाइफ़लाइन की तरह है."
पाकिस्तान के केंद्रीय योजना एवं विकास मंत्री एहसन इक़बाल लोगों से कम चाय पीने की अपील तक कर चुके हैं.
पाकिस्तान में चाय की सालाना पैदावार 10 टन है और मात्र 50 हेक्टेयर में इसकी खेती की जाती है. इस वजह से पाकिस्तान को ज़्यादातर चाय आयात करनी पड़ती है.
पाकिस्तान में एक किलो चाय की कीमत 850 पाकिस्तानी रुपये है.
24 जून 2022 का ‘दिनभर: पूरा दिन, पूरी ख़बर’ सुनिए वात्सल्य राय और अंजुम शर्मा के साथ
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अपने बयान से पलटे एकनाथ शिंदे, अब कहा- कोई भी राष्ट्रीय पार्टी उनके संपर्क में नहीं
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शिवसेना के बाग़ी नेता एकनाथ शिंदे ने कहा है कि कोई भी राष्ट्रीय पार्टी उनके संपर्क में नहीं है.
हालाँकि एक दिन पहले ही उन्होंने किसी पार्टी का नाम लिए बिना कहा था- यह राष्ट्रीय पार्टी है. यह महाशक्ति है. उन्होंने मुझे बताया है कि मैंने जो फ़ैसला लिया है वह ऐतिहासिक है और हमारे पास इसके पीछे उनकी पूरी शक्ति है.
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ये पूछे जाने पर कि क्या बीजेपी उनके गुट को समर्थन कर रही है, एक टीवी चैनल से बातचीत में शिंदे ने कहा- जब मैंने ये कहा था कि एक बड़ी शक्ति हमारा समर्थन कर रही है, तो मेरा मतलब बालासाहेब ठाकरे और आनंद दिघे की शक्ति से था.
गुरुवार को एकनाथ शिंदे ने विधायकों से बात करते हुए कहा था कि हमारे सुख-दुख एक हैं. जो भी होगा, हम उसका एकता के साथ सामना करेंगे. जीत हमारी है. बीबीसी मराठी के मुताबिक़ ऐसा कहते हुए उन्होंने बीजेपी का तो नाम नहीं लिया था, लेकिन परोक्ष रूप से उसका ज़िक्र किया और कहा कि वे उनका समर्थन कैसे करते हैं.
लेकिन अब उन्होंने दूसरी बात कही है. ये पूछे जाने पर कि महाराष्ट्र में चल रहा सियासी संकट कब ख़त्म होगा, शिंदे ने कहा- कुछ समय स्थिति स्पष्ट हो जाएगी. एकनाथ शिंदे ने दावा किया कि शिवसेना के 55 विधायकों में से 40 उनके साथ गुवाहाटी में हैं.
उन्होंने कहा- लोकतंत्र में बहुमत और नंबर्स की अहमियत है. इसलिए किसी के पास हमारे ख़िलाफ़ कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है. दरअसल शिवसेना ने महाराष्ट्र विधानसभा के डिप्टी स्पीकर से बाग़ी विधायकों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की अपील की है. इस सूची में एकनाथ शिंदे का नाम भी बताया जा रहा है.
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शुक्रवार को उस समय एकनाथ शिंदे गुट को झटका लगा, जब विधानसभा के डिप्टी स्पीकर ने एकनाथ शिंदे की जगह अजय चौधरी को शिवसेना विधायक दल के नेता के रूप में मंज़ूरी दे दी है. डिप्टी स्पीकर के कार्यालय ने इस बार में पत्र शिवसेना दफ़्तर को भेजा है. पहले एकनाथ शिंदे विधानसभा में शिवसेना विधायक दल के नेता थे.
पिछले दिनों शिवसेना की बैठक में एकनाथ शिंदे को हटाकर अजय चौधरी को विधायक दल का नेता बनाए जाने की घोषणा की थी. अब डिप्टी स्पीकर ने इसे मंज़ूरी दे दी है.
इस बीच शिवसेना सांसद संजय राउत और प्रियंका चतुर्वेदी ने बाग़ी विधायकों के ख़िलाफ़ मोर्चा खोलते हुए उन्हें चुनौती दी है. संजय राउत ने कहा कि ये लड़ाई ज़रूर जीती जाएगी. शिवसेना की सहयोगी पार्टियाँ कांग्रेस और एनसीपी ने भी उद्धव ठाकरे का समर्थन किया है.
केरल में राहुल गांधी के दफ़्तर पर हमला, मुख्यमंत्री ने की निंदा
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केरल में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के वायनाड ऑफिस पर हमला हुआ है.
आंध्र प्रदेश यूथ कांग्रेस ने हमले के लिए केरल की वामपंथी सरकार और एसएफ़आई कार्यकर्ताओं को ज़िम्मेदार बताया है. साथ ही कहा कि केरल की सरकार गुंडागर्दी को बढ़ावा दे रही है.
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राहुल गांधी केरल की वायनाड सीट से सांसद हैं.
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने ट्वीट कर इस हमले की निंदा की है. उन्होंने कहा कि हमारे देश में सभी को अपनी राय रखने और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने का अधिकार है. इस तरह के हमले गलत हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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आंध्र प्रदेश यूथ कांग्रेस के ट्विटर हैंडल से जारी वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ लोगों ने हाथों में झंडे पकड़े हुए हैं और वे पीछे दीवार से चढ़कर ऑफिस के अंदर जा रहे हैं.
वहीं कुछ दूसरे वीडियो हैं जिसमें कुछ लोग ऑफिस के अंदर मौजूद व्यक्ति को मारते हुए भी दिखाई दे रहे हैं.
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शिवसेना विधायकों की बग़ावत झेल रहे उद्धव ठाकरे ने कहा- सरकारी आवास छोड़ा है, अपना इरादा नहीं
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा है कि उन्होंने सीएम का बंगला छोड़ा है, लेकिन अपना इरादा नहीं.
शिवसेना प्रमुख इस समय अपनी ही पार्टी के अंदर से बग़ावत का सामना कर रहे हैं.
उन्हें अपनी सहयोगी पार्टियों कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) का पूरा समर्थन मिल रहा है, लेकिन उनके अपने कई विधायक उनसे नाराज़ हैं.
पार्टी के वरिष्ठ नेता एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना के बाग़ी विधायक गुवाहाटी में बैठे हैं. एकनाथ शिंदे का दावा है कि उनके साथ 46 से अधिक विधायकों का समर्थन हैं, जिनमें से अधिकतर शिवसेना के ही हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ पार्टी के ज़िला अध्यक्षों को संबोधित करते हुए उद्धव ने कहा- पार्टी ने पहले भी बग़ावत का सामना किया है, उसके बाद भी पार्टी दो बार सत्ता में आई. मैं 'वर्षा' (सरकारी आवास) छोड़कर आया हूँ, अपना इरादा नहीं.
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उद्धव ठाकरे ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में उन्हें स्वास्थ्य के मोर्चे पर भी समस्याओं का सामना करना पड़ा. वे कोरोना से भी लड़े और फिर अपनी बीमारी से भी. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने इस स्थिति का फ़ायदा उठाया.
शिवसेना के बाग़ी विधायकों का आरोप है कि पार्टी प्रमुख के पास उनसे मिलने का समय नहीं होता था और कई बार उनसे मिलने भी नहीं दिया जाता था. इन विधायकों की ये भी मांग थी कि शिवसेना को महाविकास अघाड़ी से निकल जाना चाहिए.
इस समय शिवसेना का कांग्रेस और एनसीपी के साथ गठबंधन है और मुख्यमंत्री हैं उद्धव ठाकरे.
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इस बैठक के बाद शिवसेना नेता सचिन अहीर ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के भाषण के बाद पार्टी नेताओं में उत्साह है. उन्होंने कहा कि भले ही विधायक यहाँ न हों, लेकिन पार्टी बरकरार है.
उन्होंने कहा कि पार्टी का पूरा आधार है और इसी भावना के साथ वे लड़ते रहेंगे.
केंद्र सरकार ने परमेश्वरन अय्यर को बनाया नीति आयोग का सीईओ
केंद्र सरकार ने रिटायर्ड आईएएस अधिकारी परमेश्वरन अय्यर को नीति आयोग का मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया है.
कैबिनेट की अप्वाइंटमेंट्स कमेटी की ओर से जारी प्रेस रिलीज़ में बताया गया है कि अय्यर को दो साल के लिए नीति आयोग का सीईओ नियुक्त किया गया है.
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एकनाथ शिंदे और बाग़ी विधायकों को शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी की नसीहत
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इमेज कैप्शन, शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी
एकनाथ शिंदे की बगावत ने महाराष्ट्र की उद्धव सरकार को मुश्किल में डाल दिया है. सोमवार से राज्य में राजनीतिक उथल पुथल जारी है.
गुवाहाटी में शिवसेना के बाग़ी विधायकों के साथ मौजूद एकनाथ शिंदे पर शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने निशाना साधा है.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक उन्होंने कहा, "हम शिव सैनिक हैं. हम लड़ेंगे और जीतेंगे. वे (बाग़ी विधायक) जो कर रहे हैं वह क़ानूनी और राजनीतिक रूप से संभव नहीं है. शिवसेना के साथ ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है. पहले भी ऐसा हुआ था लेकिन सब सफल नहीं पाया. इस बार भी यह सफल नहीं होगा."
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इससे पहले शिवसेना सांसद संजय राउत भी शिंदे ग्रुप को चुनौती दे चुके हैं. शुक्रवार को पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, हम हार नहीं मानेंगे. हम विधानसभा में जीतेंगे. अगर सड़क पर लड़ाई हुई तो हम जीतेंगे. इन लोगों ने ग़लत क़दम उठाया है."
इससे पहले गुरुवार को उन्होंने बागी विधायकों से कहा था, "24 घंटे में मुंबई वापस आ जाओ. शिवसेना महाविकास अघाड़ी गठबंधन छोड़ने को तैयार है," संजय राउत की अपील को 24 घंटे पूरे हुए हो गए लेकिन कोई भी बागी विधायक वापस नहीं लौटा है.
जॉर्डन के शाह ने की नेटो की तरह मध्य पूर्व देशों के लिए सैन्य गठबंधन की बात
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सीएनबीसी के साथ इंटरव्यू में जॉर्डन के शाह अब्दुल्लाह द्वितीय ने कहा है कि वे नेटो की तरह मध्य पूर्व के देशों के सैन्य गठबंधन के गठन का समर्थन करेंगे.
उन्होंने कहा कि नेटो की तरह सैन्य गठबंधन एक जैसा सोचने वाले देश मिलकर बना सकते हैं.
बुधवार को सीएनबीसी की एंकर हेडली गैंबल से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जॉर्डन नेटो के साथ सक्रिय रूप से काम करता है और ख़ुद को गठबंधन के एक भागीदार के रूप में देखता है.
शाह अब्दुल्लाह ने कहा, "वे उन पहले लोगों में से होंगे, जो मध्य पूर्व नेटो का समर्थन करेंगे लेकिन इस तरह के सैन्य गठबंधन को बनाने का मकसद और उसके कामों को अच्छे से परिभाषित करना होगा. मिशन स्टेटमेंट बहुत स्पष्ट होना चाहिए."
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इसके अलावा उन्होंने कहा कि सुरक्षा और सैन्य सहयोग के अलावा रूस-यूक्रेन से पैदा हुई चुनौतियों से निपटने के लिए मध्य पूर्व के देश एक साथ मिलकर काम करना शुरू कर रहे हैं.
"हम सब साथ आ रहे हैं और बात कर रहे हैं कि हम एक दूसरे की मदद कैसे कर सकते हैं."
ब्रेकिंग न्यूज़, केंद्र सरकार ने तपन कुमार डेका को बनाया आईबी प्रमुख
केंद्र सरकार ने तपन कुमार डेका को आईबी का नया निदेशक नियुक्त किया है.
तपन कुमार डेका 1984 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और हिमाचल प्रदेश काडर के हैं.
वे 30 जून से अपना कार्यभार संभालेंगे. वे दो साल तक इस पद पर रहेंगे.
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इसके साथ ही कैबिनेट की अप्वाइंटमेंट्स कमेटी ने रॉ के सचिव सामंत कुमार गोयल का कार्यकाल एक साल और बढ़ा दिया है. 1984 बैच के आईपीएस अधिकारी सामंत कुमार गोयल पंजाब काडर के हैं. वे अगले साल 30 जून तक रॉ के सचिव के रूप में काम करेंगे.
बिहार के सीतामढ़ी में दुष्कर्म की कोशिश में नाकाम होने पर 15 साल की लड़की को ज़िंदा जलाया
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Author, सीटू तिवारी
पदनाम, पटना से, बीबीसी हिंदी के लिए
बिहार के सीतामढ़ी ज़िले में 15 साल की लड़की के साथ दुष्कर्म करने की कोशिश के बाद पेट्रोल छिड़ककर उसे जलाने का मामला सामने आया है. 40 फ़ीसदी तक झुलसी पीड़िता का इलाज फ़िलहाल मुज़फ़्फ़रपुर के एक अस्पताल में चल रहा है.
ये घटना सीतामढ़ी के पुपरी थाना क्षेत्र की है.
थानाध्यक्ष विजय कुमार ने बीबीसी को बताया, "ये घटना 19 जून की दोपहर तकरीबन एक बजे की है. पीड़िता के बयान के मुताबिक़ एक आदमी उसके पास पहुँचा और उसका दुष्कर्म करने की कोशिश की. दुष्कर्म की कोशिश में असफल रहने पर उस व्यक्ति ने उसके शरीर पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अभियुक्त को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. इस मामले में पॉक्सो एक्ट लगाया गया है."
पीड़िता का परिवार खेती किसानी का काम करता है. उसके भाई ने स्थानीय मीडिया को एक वीडियो इंटरव्यू में बताया, "बहन सुबह तकरीबन 10 बजे पापा के लिए खेत में खाना ले कर गई थी. पापा खाना खाकर दवाने लेने के लिए अस्पताल चले गए. इस बीच तकरीबन 12.45 पर ये लड़का आया और उसके साथ दुष्कर्म की कोशिश की और आग लगा दी. जिसकी सूचना हमें गाँव वालों ने दी. बाद मे बहन को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हम लोगों को लगता नहीं है कि वो बचेगी."
हालांकि स्थानीय मीडिया ने अभियुक्त के साथ उसके एक और सहयोगी होने की बात भी लिखी है, लेकिन बीबीसी से बातचीत में इसका ज़िक्र स्थानीय थानाध्यक्ष ने नहीं किया.
स्थानीय पत्रकार मोना पटेल ने बीबीसी से बातचीत में कहा- पीड़िता अभी थोड़ा थोड़ा ही बोल रही है. इसलिए अभी मामला स्पष्ट होने में वक़्त लगेगा.
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा- उद्धव को भी छुट्टियाँ मनाने असम आना चाहिए
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इमेज कैप्शन, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने शुक्रवार को कहा कि वे किसी को भी अपने राज्य में आने से नहीं रोक सकते हैं. एकनाथ शिंदे शिवसेना के बागी विधायकों के साथ असम के एक होटल में ठहरे हुए हैं.
समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा- मैं देश के सभी विधायकों को असम आने के लिए आमंत्रित करता हूँ. होटल में आने से किसी को मना नहीं किया जा सकता है.
उद्धव ठाकरे से क्या कहना चाहेंगे, इस सवाल के जवाब में हिमंत बिस्व सरमा ने कहा- आप भी वेकेशन में आइए असम.
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि असम में जितने दिन भी शिवसेना के विधायक ठहरे हुए हैं, ये उनके लिए ख़ुशी की बात है.
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दूसरी तरफ एनसीपी और कांग्रेस ने बीजेपी पर महाराष्ट्र में सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि बागी विधायकों को बीजेपी शासित राज्यों में रखा जा रहा है.
ऐसा ही आरोप एकनाथ शिंदे का साथ छोड़ सूरत से वापिस लौटे नितिश देशमुख ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाया था. उन्होंने कहा था कि सूरत में बड़े पुलिस अधिकारी मौजूद थे जो उन्हें जोर जबरदस्ती से अस्पताल ले गए थे और वापस महाराष्ट्र नहीं आने दे रहे थे.
गुरुवार को खुद एकनाथ शिंदे ने गुवाहाटी में अपने विधायकों को संबोधित करते हुए कहा था कि उन्हें राष्ट्रीय पार्टी का समर्थन हासिल है.
राहुल गांधी ने कहा- नए भारत में सिर्फ़ ‘मित्रों’ की सुनवाई होगी, देश के वीरों की नहीं?
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कांग्रेस नेता और सांसद
राहुल गांधी ने ट्वीट करके मौजूदा केंद्र सरकार पर निशाना साधा है.
उन्होंने ट्वीट
किया है, “एक तरफ़ देश के परमवीर हैं और दूसरी तरफ़
प्रधानमंत्री का घमंड और तानाशाही. क्या ‘नए भारत’ में सिर्फ़ ‘मित्रों’ की
सुनवाई होगी, देश के वीरों की नहीं?”
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इस ट्वीट के साथ ही उन्होंने बाना सिंह की टिप्पणी को भी ट्वीट किया है.
परमवीर चक्र विजेता और सेना के मानद कैप्टन बाना सिंह ने अग्निपथ योजना पर कहा था कि इस योजना की वजह से 'भारी क़ीमत' चुकानी पड़ेगी. उन्होंने कहा कि ये योजना सेना को बर्बाद कर देगी और पाकिस्तान-चीन को फ़ायदा पहुँचाएगी.
जम्मू में अपने घर पर रह रहे सेना के मानद कैप्टन बाना सिंह ने फ़ोन पर द टेलिग्राफ़ से बातचीत की थी.
उन्होंने कहा था, "चार साल की अग्निपथ योजना भारतीय सेना को बर्बाद और ख़त्म कर देगी. इसे बिल्कुल लागू नहीं किया जाना चाहिए था."
बाना सिंह ने अग्निपथ योजना पर एक ट्वीट भी किया था लेकिन सोशल मीडिया पर इसको लेकर विवाद छिड़ने के बाद उन्होंने इसे डिलीट कर दिया. उन्होंने कहा, "मुझे फ़ोन कॉल आने लगे थे."
LIVE: पीएम मोदी समेत 59 लोगों को क्लीन चिट दिए जाने के ख़िलाफ़ ज़किया जाफ़री की याचिका ख़ारिज
अहमदाबाद की गुलबर्ग सोसाइटी से बीबीसी के रॉक्सी गागडेकर छारा
एकनाथ शिंदे गुट को झटका, विधानसभा में अजय चौधरी को विधायक दल के नेता के रूप में मिली मंज़ूरी
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महाराष्ट्र विधानसभा के डिप्टी स्पीकर ने अजय चौधरी को शिवसेना विधायक दल के नेता के रूप में मंज़ूरी दे दी है.
डिप्टी स्पीकर के कार्यालय ने इस बार में पत्र शिवसेना दफ़्तर को भेजा है.
पहले एकनाथ शिंदे विधानसभा में शिवसेना विधायक दल के नेता थे. पिछले दिनों शिवसेना की बैठक में एकनाथ शिंदे को हटाकर अजय चौधरी को विधायक दल का नेता बनाए जाने की घोषणा की थी. अब डिप्टी स्पीकर ने इसे मंज़ूरी दे दी है.
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एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना के कई विधायकों ने मौजूदा नेतृत्व के ख़िलाफ़ बग़ावत कर दी है. ये विधायक गुवाहाटी में मौजूद हैं. इन विधायकों ने उद्धव ठाकरे से महा विकास अघाड़ी को छोड़ने की मांग की थी. उद्धव ठाकरे ने अपने संबोधन में बाग़ी विधायकों के आरोप को निराधार बताया था.
शिवसेना नेता संजय राउत ने बाग़ी विधायकों को दी मुंबई आने की चुनौती
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शिवसेना
नेता और सांसद संजय राउत ने बाग़ी विधायकों पर टिप्पणी करते हुए पत्रकारों से कहा
कि उन्हें वापस आने का मौक़ा दिया गया था लेकिन अब समय निकल चुका है.
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संजय राउत ने पत्रकारों से कहा, “हम हार मानने वाले नहीं हैं. हम जीतेंगे, हम सदन के फ़्लोर पर जीतेंगे. अगर लड़ाई सड़क पर हुई तो वहाँ भी जीतेंगे. हमारा जिसे सामना करना है, वह मुंबई में आ सकते हैं.”
उन्होंने बाग़ी विधायकों पर कहा, “विधायकों ने ग़लत क़दम उठाया है. हमने उन्हें वापस आने का मौक़ा भी दिया था लेकिन अब समय निकल चुका है.”
राउत ने कहा कि सीएम उद्धव ठाकरे और एनसीपी नेता शरद पवार लगातार संपर्क में बने हुए हैं. उन्होंने दावा किया कि शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के नेता एक-दूसरे के संपर्क में हैं.
महाराष्ट्र की राजनीति में घमासान के पहले दिन से संजय राउत दावा कर रहे हैं कि अगर फ़्लोर टेस्ट होगा तो वे ही बहुमत साबित करेंगे. इसी बात को दोहराते हुए उन्होंने आज फिर कहा कहा, “हम फ़्लोर टेस्ट में जीतेंगे. हमने उन्हें लौटने की वक़्त दिया था लेकिन अब हम उन्हें मुंबई आने की चुनौती देते हैं.”
संजय राउत ने दावा किया कि महाविकास अघाड़ी गठबंधन आगे के ढाई साल भी पूरे करेगी.
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क्या है अभी तक की तस्वीर
शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे पार्टी के क़रीब 37 बाग़ी विधायकों के साथ गुवाहाटी में मौजूद हैं. ऐसे में आशंकाएं ज़ाहिर की जा रही हैं कि महाराष्ट्र में गठबंधन की सरकार गिर सकती है.
एकनाथ शिंदे ने वैचारिक मतभेद के आधार पर एनसीपी और कांग्रेस के साथ गठबंधन तोड़ने की अपील की है. ऐसे में सरकार के अस्तित्व को लेकर अटकलें लग रही हैं.
असम कांग्रेस के अध्यक्ष ने एकनाथ शिंदे को चिट्ठी लिखकर कहा- आपकी मौजूदगी से राज्य हुआ बदनाम
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असम में कांग्रेस पार्टी ने गुवाहाटी में आकर रुके शिवसेना के बाग़ी विधायकों का विरोध किया है.
जिस होटल में शिवसेना के विधायक ठहरे हुए हैं, उसके बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन भी किया है.
असम में तृणमूल कांग्रेस ने भी पिछले दिनों इस होटल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था.
अब असम कांग्रेस के अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने एकनाथ शिंदे को पत्र लिखकर जल्द से जल्द असम छोड़ने को कहा है.
उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि ये असम के हित में है. भूपेन कुमार बोरा ने एकनाथ शिंदे को लिखे पत्र में कहा है कि असम में आपकी उपस्थिति और चुनी हुई महाराष्ट्र सरकार को गिराने की कथित कोशिश और ख़रीद फ़रोख़्त के आरोपों पर यहाँ की जनता ख़ुश नहीं है और यहाँ का माहौल ख़राब हो रहा है. उन्होंने अपने पत्र में असम की बाढ़ का भी ज़िक्र किया है और कहा है कि यहाँ की जनता बाढ़ के कारण काफ़ी प्रभावित हुई है.
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भूपेन कुमार वोरा ने अपने पत्र में लिखा है- ऐसी स्थिति में असम में आपकी उपस्थिति और आपको शाही सत्कार उपलब्ध कराने में असम सरकार की व्यस्तता काफ़ी ग़लत और अस्वीकार्य है. गुवाहाटी में आपकी मौजूदगी से ये संकेत जा रहा है असम ऐसे विधायकों के लिए सुरक्षित जगह है, जिनकी संवैधानिक मूल्यों में कोई आस्था नहीं है. उन्होंने अपनी चिट्ठी में ये भी लिखा है कि बीजेपी के सीएम और यहाँ की सरकार की ओर से आपको मिल रहे समर्थन से असम और असम की जनता की छवि ख़राब हुई है.
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आख़िर में भूपेन कुमार बोरा ने एकनाथ शिंदे को सलाह दी है कि असम के हित में वे जल्द से जल्द यहाँ से चले जाएँ. असम में हैं बाग़ी विधायक एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना के बाग़ी विधायक गुवाहाटी के एक होटल में रुके हुए हैं. एकनाथ शिंदे का कहना है कि उद्धव ठाकरे को मौजूदा गठबंधन से अलग हो जाना चाहिए. उद्धव ठाकरे कांग्रेस और एनसीपी की मदद से सरकार चला रहे हैं. हालाँकि उद्धव ठाकरे ने बाग़ी गुटों के आरोपों को ख़ारिज किया है.
एकनाथ शिंदे क़रीब 50 विधायकों के समर्थन का दावा किया है, इनमें कुछ निर्दलीय विधायक भी शामिल हैं. पहले एकनाथ शिंदे कुछ विधायकों के साथ गुजरात के सूरत में थे. लेकिन बाद में वे गुवाहाटी आ गए. इस समय असम में बीजेपी की सरकार है और मुख्यमंत्री हैं हिमंता बिस्वा सरमा.
ब्रेकिंग न्यूज़, द्रौपदी मुर्मू ने पीएम मोदी की मौजूदगी में राष्ट्रपति पद के लिए भरा नामांकन
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एनडीए की राष्ट्रपति
पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू ने आज अपना नामांकन दाख़िल कर दिया है. वहीं विपक्ष के
उम्मीदवार यशवंत सिन्हा 27 जून को राष्ट्रपति पद के लिए अपना नामांकन दाखिल
करेंगे.
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द्रौपदी मुर्मू के नामांकन दाख़िल करने के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी संसद भवन में मौजूद रहे.
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इससे अलावा उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी भी संसद पहुंचे.
कर्नाटक के सीएम बासवराज बोम्मई भी इस मौक़े पर कहा कि मुर्मू के नाम का प्रस्ताव एक बेहद उचित निर्णय है.
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हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि यूपीए अगर सर्वसम्मति से एनडीएके उम्मीदवार का समर्थन करेगी तो देश में अच्छा संदेश जाएगा.
केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता जनरल वीके सिंह (सेवानिवृत्त), भूपेंद्र यादव, गिरिराज सिंह भी मौजूद थे.
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वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने भी जताया समर्थन
आंध्र प्रदेश की सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को अपना समर्थन देने का फ़ैसला किया है.
राष्ट्रपति पद के लिए पहली बार किसी आदिवासी और वो भी एक महिला के नामांकन की सराहना करते हुए, वाईएसआरसीपी ने उन्हें अपना समर्थन देने की घोषणा की है.
वाईएसआरसीपी के अलावा नवीन पटनायक की बीजू जनता दल ने भी मुर्मू को उम्मीदवार बनाए जाने का समर्थन किया है. ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने तो बुधवार को राज्य के सभी विधायकों से पार्टी लाइन से इतर जाकर राज्य की बेटी द्रोपदी मुर्मू के लिए समर्थन की मांग की थी.
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कौन हैं द्रौपदी मुर्मू
द्रौपदी मुर्मू झारखंड की पहली महिला और आदिवासी राज्यपाल थीं. यहां से सेवानिवृति के बाद वे अपने गृह राज्य ओड़िशा के मयूरभंज जिले के रायरंगपुर में रहती हैं. यह उनके पैतृक गांव बैदापोसी का प्रखंड मुख्यालय है. वे झारखंड में सबसे लंबे वक़्त (छह साल से कुछ अधिक वक़्त) तक राज्यपाल रहीं.
द्रौपदी मुर्मू भारत की पहली आदिवासी और दूसरी महिला राष्ट्रपति बन सकती हैं. वह एनडीए की उम्मीदवार हैं और एनडीए मतों के मामले में जीत के क़रीब है.
कभी क्लर्क भी रहीं द्रौपदी मुर्मू
साल 1979 में भुवनेश्वर के रमादेवी महिला कॉलेज से बीए पास करने वाली द्रौपदी मुर्मू ने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत ओड़िशा सरकार के लिए क्लर्क की नौकरी से की. तब वह सिंचाई और ऊर्जा विभाग में जूनियर सहायक थीं. बाद के सालों में वह शिक्षक भी रहीं.
उन्होंने रायरंगपुर के श्री अरविंदो इंटिग्रल एजुकेशन एंड रिसर्च सेंटर में मानद शिक्षक के तौर पर पढ़ाया. नौकरी के दिनों में उनकी पहचान एक मेहनती कर्मचारी के तौर पर थी.
वरुण गांधी ने कहा- अग्निवीर नहीं हैं पेशन के हक़दार, तो मैं भी पेंशन छोड़ने को तैयार
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बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने अग्निवीरों को पेंशन ना मिलने का मुद्दा उठाते हुए ट्वीट किया है.
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उन्होंने लिखा है, "अल्पावधि की सेवा देने वाले अग्निवीर पेंशन के हकदार नही हैं तो जनप्रतिनिधियों को यह ‘सहूलियत’ क्यों? राष्ट्ररक्षकों को पेंशन का अधिकार नही है तो मैं भी ख़ुद की पेंशन छोड़ने को तैयार हूँ."
उन्होंने अन्य जनप्रतिनिधियों से अपील करते हुए इस ट्वीट में आगे लिखा है, "क्या हम विधायक/सांसद अपनी पेंशन छोड़, यह नहीं सुनिश्चित कर सकते कि अग्निवीरों को पेंशन मिले?"
वरुण गांधी पहले भी कर चुके हैं अग्निपथ योजना का विरोध
दो दिन पहले उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर सरकार से अपील की थी कि कोई नई योजना लागू करने से पहले रिक्त पड़े लाखों पदों को भरने का ब्लूप्रिंट छात्रों से साझा किया जाए.
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अग्निपथ योजना को लाने के बाद इसमें किए बदलावों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा था- अग्निपथ योजना को लाने के बाद महज़ कुछ घंटे के भीतर इसमें किए गए संशोधन यह दर्शाते हैं कि संभवतः योजना बनाते समय सभी बिंदुओं को ध्यान में नहीं रखा गया. जब देश की सेना, सुरक्षा और युवाओं के भविष्य का सवाल हो तो ‘पहले प्रहार फिर विचार’ करना एक संवेदनशील सरकार के लिए उचित नहीं.
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क्या है अग्निपथ योजना
अग्निपथ योजना भारतीय सेना के तीनों अंगों थलसेना, वायुसेना और नौसेना में जवान, एयरमैन और नाविक के पदों पर भर्ती के लिए रक्षा मंत्रालय की ओर से लाई गई एक नई योजना है.
एक बार भर्ती हो जाने के बाद उन्हें अग्निवीर के रूप में जाना जाएगा और उनका कार्यकाल चार सालों का होगा.
अब से इन पदों पर भर्ती के लिए चलने वाली दूसरी अन्य भर्ती योजनाएँ ख़त्म हो जाएँगी.
अगर आप 17.5 साल से 21 साल की उम्र के बीच के हैं, तो आप इस योजना के तहत भर्ती होने के लिए आवेदन दे सकते हैं.
कोरोना काल में भर्ती प्रक्रिया के रुके रहने के चलते, अपवाद के तौर पर, केवल इस साल उम्र की अधिकतम सीमा में दो सालों की छूट दी गई है.
इसका मतलब यह हुआ कि इस साल 23 साल तक की उम्र वाला कोई भी युवा भर्ती की इस प्रक्रिया के लिए आवेदन कर सकता है.
सेना के तीनों अंगों ने कहा है कि काम करने की शर्तें और हर तरह के भत्ते यानी दुर्गम क्षेत्रों में काम करने वाला या राशन या यूनिफॉर्म या यात्रा के भत्ते हों, सब के सब पहले के जवानों जैसे ही होंगे.
हालांकि, अग्निवीर महंगाई भत्ता और मिलिट्री सर्विस पे को पाने के काबिल नहीं होंगे.
सेना ने एलान किया है कि सेवा में रहने के दौरान अग्निवीरों को फौज़ में रहते हुए मिलने वाली हेल्थ और कैंटीन सुविधाएं तो मिलेंगी.
लेकिन एक बार चार साल की सेवा पूरी कर लेने के बाद, वे न तो किसी क़िस्म की पेंशन या ग्रेच्युटी सुविधाएँ और न ही पूर्व सैनिकों को मिलने वाली मेडिकल और कैंटीन सुविधाएँ पा सकेंगे.
अग्निवीरों को पूर्व सैनिकों का दर्जा और अन्य सुविधाएँ भी नहीं मिलेंगी.
महाराष्ट्र संकट पर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा- उद्धव ठाकरे का समय अब चला गया है
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बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री मुख़्तार अब्बास नक़वी ने महाराष्ट्र में सत्ताधारी गठबंधन पर निशाना साधा है.
उन्होंने कहा कि सत्ताधारी गठबंधन को जनादेश नहीं मिला था.
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा- अब जब सब कुछ लुट गया, तब होश में आए हैं. जनादेश का अपहरण तो आप कर सकते हैं, लेकिन सरकार नहीं चला सकते. जनादेश आपके पास था नहीं.
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इस समय महाराष्ट्र में सियासी संकट चल रहा है. सत्ताधारी पार्टी शिवसेना में कई विधायकों ने बग़ावत कर दी है और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में गुवाहाटी में हैं. हालाँकि शिवसेना दावा कर रही है सियासी संकट सुलझ जाएगा. पार्टी के सांसद संजय राउत का कहना है कि 12 विधायकों के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है. इनमें एकनाथ शिंदे भी हैं.
महाराष्ट्र से सांसद और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा है कि उद्धव ठाकरे का समय अब चला गया है. पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा- उनके पास आख़िर में 4-5 विधायक रह सकते हैं, बाक़ी सारे विधायक एकनाथ शिंदे के साथ जाएँगे और सरकार भाजपा-एकनाथ शिंदे की आएगी.
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हालाँकि अभी तक बीजेपी ने राज्य में सरकार बनाने के बारे में कुछ नहीं कहा है. लेकिन असम में बीजेपी की सरकार है. कांग्रेस और एनसीपी को इस बग़ावत के लिए बीजेपी को ज़िम्मेदार ठहरा चुके हैं. ममता बनर्जी ने भी इसके लिए बीजेपी को ज़िम्मेदार कहा है और आरोप लगाया कि बीजेपी धन बल और बाहु बल के आधार पर लोगों को ख़रीद रही है.