'अग्निपथ' के विरोध में हरियाणा में उग्र विरोध प्रदर्शन, पलवल में धारा 144

पलवल के अलावा हरियाणा के रेवाड़ी, चरखी दादरी और रोहतक समेत कई जिलों में भी युवकों ने विरोध प्रदर्शन किया.

लाइव कवरेज

भूमिका राय and अभिनव गोयल

  1. मायावती ने कहा- अग्निपथ योजना पर फिर से विचार करे मोदी सरकार

    मायावती

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    बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की प्रमुख मायावती ने मोदी सरकार से अग्निपथ योजना पर फिर से विचार करने की मांग की है. मायावती ने ट्वीट करके कहा है कि इस योजना से देश का युवा वर्ग असंतुष्ट और आक्रोशित है. उन्होंने ट्विटर पर लिखा है- सेना में काफ़ी लंबे समय तक भर्ती लंबित रखने के बाद अब केंद्र ने सेना में 4 वर्ष अल्पावधि वाली अग्निवीर नई भर्ती योजना घोषित की है, उसको लुभावना व लाभकारी बताने के बावजूद देश का युवा वर्ग असंतुष्ट एवं आक्रोशित है. वे सेना भर्ती व्यवस्था को बदलने का खुलकर विरोध कर रहे हैं.

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    मायावती का कहना है कि देश के युवा वर्ग का ये मानना है कि सेना और सरकारी नौकरी में पेंशन लाभ आदि को समाप्त करने के लिए ही सरकार सेना में जवानों की भर्ती की संख्या को कमी के साथ-साथ मात्र चार साल के लिए सीमित कर रही है, जो घोर अनुचित तथा गरीब व ग्रामीण युवाओं व उनके परिवार के भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ है. बसपा प्रमुख ने कहा कि देश में लोग पहले ही बढ़ती ग़रीबी, महंगाई, बेरोज़गारी और सरकार की ग़लत नीतियों व अहंकारी कार्यशैली से दुखी और त्रस्त हैं.

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    उन्होंने कहा कि ऐसे में सेना में नई भर्ती को लेकर युवा वर्ग में फैली बेचैनी अब निराशा उत्पन्न कर रही है. सरकार तुरंत अपने फ़ैसले पर पुनर्विचार करे. मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीनों सेनाओं के प्रमुखों की मौजूदगी में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस करके अग्निपथ योजना की घोषणा की थी. लेकिन इस योजना का कई राज्यों में विरोध हो रहा है. बिहार के कई शहरों में इसके विरोध में प्रदर्शन हुए हैं.

  2. बिहार के अलग-अलग हिस्सों में अग्निपथ योजना के विरोध में प्रदर्शन

    बिहार

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    केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को अग्निपथ योजना की घोषणा की. इसके तहत भारतीय सेना में चार सालों के लिए युवाओं की भर्तियां होंगी. नौकरी के बाद उन्हें सेवा निधि पैकेज दिया जाएगा.

    इसके तहत 17.5 साल से लेकर 21 साल की उम्र सीमा वाले युवाओं को चार सालों के लिए सेना में काम करने का मौक़ा मिलेगा.

    इसके बाद 25 फ़ीसदी युवाओं को रिटेन किया जाएगा.

    लेकिन देश के अलग-अलग हिस्सों में इस योजना को लेकर असंतोष नज़र आ रहा है. इस योजना के विरोध में अलग-अलग जगहों पर युवा प्रदर्शन कर रहे हैं. इसका सबसे अधिक असर बिहार में देखने को मिल रहा है.

    बिहार के छपरा के कई ऐसे वीडियो और तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें ग़ुस्साए युवा टायर जला रहे हैं. इसके अलावा जहानाबाद में रेल और सड़क यातायात को भी रोका गया.

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    प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों ने सड़क और रेल यातायात को बाधित करने की कोशिश की.

    प्रदर्शन में शामिल एक छात्र ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से कहा, "सेना में भर्ती के लिए हम जी-तोड़ मेहनत करते हैं. ऐसा कैसे हो सकता है कि चार साल की नौकरी हो और महीनों की ट्रेनिंग और चार साल पूरा होने के बाद नौकरी ख़त्म. आख़िर तीन महीने की ट्रेनिंग लेकर हम देश की रक्षा कैसे कर पाएँगे?"

    प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांग है कि सरकार इस योजना को वापस ले.

    एक अन्य छात्र ने सवाल उठाते हुए कहा- "सिर्फ़ चार की नौकरी...और उसके बाद हम कहाँ जाएँगे? अपना विरोध जताने के लिए हमने सड़क जाम किया है."

    इसके अलावा नवादा में भी उग्र प्रदर्शन हुए हैं.

  3. रूस-यूक्रेन युद्ध में चीन की तटस्थता के दावे पर अमेरिका ने उठाए सवाल

    रूस-चीन

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    यूक्रेन पर रूस के हमले को 100 दिन से अधिक का समय हो चुका है. इस दौरान अमेरिका और ब्रिटेन समेत ज़्यादातर यूरोपीय देशों ने यूक्रेन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता निभाई है.

    वैसे चीन शुरुआत से ही यह कहता रहा है कि वह शांतिपूर्ण समाधान के पक्ष में है. चीन ने इस संबंध में अपनी भूमिका तटस्थ रखी है.

    समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार, इस बीच 15 जून को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने फ़ोन पर बात की. शी जिनपिंग ने पुतिन को उनके देश की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए बीजिंग के समर्थन का आश्वासन दिया है.

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    इस पर अमेरिका ने चेतावनी देते हुए कहा है कि इस युद्ध में जो देश रूस के साथ हैं, वे ‘इतिहास में ग़लत पक्ष का समर्थन’ करने वाले देश के तौर पर देखे जाएंगे.

    अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि एक ओर चीन तटस्थ होने का दावा करता है, वहीं दूसरी ओर उसका व्यवहार यह स्पष्ट संकेत देता है कि वो रूस के साथ अपने संबंधों को प्रगाढ़ कर रहा है.

    चीनी सीमा शुल्क आंकड़ों के अनुसार, रूस के साथ चीन का द्विपक्षीय व्यापार साल की पहली तिमाही में पिछले वर्ष की तुलना में 28% बढ़ गया है.

  4. अग्निपथ को लेकर वरुण गांधी ने राजनाथ सिंह से पूछे सवाल

    अग्निवीर

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    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को भारतीय सेना में 'अग्निपथ' योजना की घोषणा की थी जिसके तहत चार सालों के लिए युवाओं की सेना में भर्तियां होंगी. इनमें से 25 प्रतिशत लोगों को नियमित किया जाएगा और बाक़ियों को नौकरी से हटना होगा.

    इस योजना की घोषणा के बाद से ही देश भर में इसे लेकर चर्चा हो रही है. देश के कई हिस्सों में अग्निपथ योजना का विरोध किया जा रहा है और इस युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाला बताया जा रहा है.

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    चर्चा के इसी क्रम में बीजेपी नेता और सांसद वरुण गांधी ने राजनाथ सिंह को टैग करते हुए ट्वीट किया है. इसके साथ ही उन्होंने राजनाथ सिंह को लिखा दो पन्नों का एक पत्र भी संलग्न किया है.

    उन्होंने लिख है, “आदरणीय राजनाथ सिंह जी, 'अग्निपथ' योजना को लेकर देश के युवाओं के मन में कई सवाल हैं. युवाओं को असमंजस की स्थिति से बाहर निकालने के लिए सरकार अतिशीघ्र योजना से जुड़े नीतिगत तथ्यों को सामने रख कर अपना पक्ष साफ करे. इससे देश की युवा ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग सही दिशा में हो सके. ”

    ट्वीट के साथ संलग्न इस पत्र में वरुण गांधी ने लिखा है कि सेना में 15 साल की नौकरी के बाद रिटायर हुए नियमित सैनिकों को कॉर्पोरेट सेक्टर नियुक्त करने में ज़्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाते हैं. ऐसे में चार की अवधि के बाद इन अग्निवीरों का क्या होगा? वरुण गांधी ने इस पत्र में वेतन और दूसरी चीज़ों को लेकर भी मुद्दे उठाए हैं.

    उन्होंने राजनाथ सिंह से इस संबंध में नीतिगत तथ्यों को सामने लाने और अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा है.

  5. भारत में बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 12 हज़ार से अधिक नए मामले

    कोरोना

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    भारत में कोरोना संक्रमण के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं.

    कंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़, बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 12,213 नए मामले सामने आए हैं. इसके साथ ही कोरोना संक्रमण के कारण 11 लोगों की मौत बी हो गई है.

    बीते एक दिन में कोरोना संक्रमण के 7624 मरीज़ इलाज के बाद ठीक हुए हैं.

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    कुल मामले: 4,32,57,730

    सक्रिय मामले: 58,215

    कुल रिकवरी: 4,26,74,712

    कुल मौतें: 5,24,803

    कुल वैक्सीनेशन: 1,95,67,37,014

  6. जाने-माने उर्दू स्कॉलर प्रोफ़ेसर गोपी चंद नारंग का निधन

    गोपी चंद नारंग

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    उर्दू के विद्वान और साहित्य अकादमी के पूर्व अध्यक्ष प्रोफ़ेसर गोपी चंद नारंग का बुधवार को अमेरिका में निधन हो गया.

    वह 91 साल थे. वह अपने बेटे डॉ. तरुण नारंग के साथ नॉर्थ कैरोलाइना के शार्लेट में रह रहे थे.

    प्रोफ़ेसर नारंग ने लगभग 60 से अधिक किताबें लिखीं.

    उनकी रचनाएं उर्दू ग़ज़ल और हिंदुस्तानी तहज़ीब को ख़ूबसूरती से पेश करती हैं.

    आमतौर पर ग़ज़ल को सिर्फ़ प्रेम की अभिव्यक्ति के तौर पर देखा जाता है लेकिन उन्होंने इसे कई रूपों में पेश किया.

    प्रोफ़ेसर नारंग का पूरा जीवन उर्दू को रूढ़िवादिता और सांप्रदायिकता के दायरे से आज़ाद रखने की कोशिश में गुज़रा. यह उनकी ख़वाहिश थी कि भाषा को नदी की तरह होना चाहिए, जिसे नएपन का समावेश करते रहना चाहिए.

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    प्रोफ़ेसर गोपी चंद नारंग का जन्म 11 फ़रवरी 1931 को दुक्की, बलूचिस्तान में हुआ था.

    साल 1954 मे उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से उर्दू में स्नातकोत्तर उपाधि हासिल की और 1958 में अपनी पीएचडी पूरी की. शुरुआत सेंट स्टीफेंस कॉलेज, दिल्ली में उर्दू साहित्य पढ़ाने के साथ हुई लेकिन बाद में वह दिल्ली विश्वविद्यालय के उर्दू डिपार्टमेंट में आ गए और रीडर के तौर पर अपनी सेवाएं दीं.

    इसके अलावा उन्होंने विस्कॉन्सिन यूनिवर्सिटी, मिनेसोटा यूनिवर्सिटी और ओस्लो यूनिवर्सिटी में भी अपनी सेवाएं दीं.

  7. सऊदी अरब ने इन आठ लोगों और 11 संस्थाओं को किया ब्लैकलिस्ट

    हूती विद्रोही समर्थक

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    सऊदी अरब के प्रेजिडेंसी ऑफ़ स्टेट सिक्यॉरिटी ने आठ लोगों को और 11 संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट कर दिया है.

    सऊदी प्रेस एजेंसी के मुताबिक़, इन लोगों को यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों का समर्थन करने के आरोप में ब्लैकलिस्ट किया गया है.

    जिन्हें ब्लैकलिस्ट किया गया है

    सालेह बिन मोहम्मद बिन हमद बिन शाजेया- यमन नागरिक

    नबील बिन अब्दुल्लाह बिन अली अल-वज़ीर- यमन नागरिक

    इस्माइल बिन इब्राहिम अल-वज़ीर- यमन नागरिक

    क़ुसे बिन इब्राहिम अल-वज़ीर - यमन नागरिक

    अली बिन नासिर क़ारशा- यमन नागरिक

    ज़ैद बिन अली बिन याहिया अल-शर्फ़ी - यमन नागरिक

    अब्दुल्लाह बिन अबकर अब्देलबारी- यमन नागरिक

    सद्दाम बिन अहमद बिन मोहम्मद अल-फ़कीह- यमन नागरिक

    जिन संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट किया गया है

    सैम ऑयल कंपनी फ़ॉर ट्रेडिंग एंड ऑयल सर्विसेज़ लिमिटेडअल-ज़हरा फ़ॉर ट्रेड एंड एजेंसीज़

    यमन टावर्स एंड ब्लैक गोल्ड कंपनी

    फ्युएल ऑयल फ़ॉर इंपोर्ट ऑफ़ पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स

    साल्म रोडफ़ॉर ट्रेड एंड इंपोर्ट

    अबकार ऑयल सर्विसेज़

    अल-फ़कीह इंटरनेशनल फ़ॉर ट्रेड, इंडस्ट्री एंड ऑयल सर्विसेज़ लिमिटेड

    सबा इंटरनेशनल फ़ॉर टोबैको लिमिटेड

    ऑयल प्राइमर

    यमन एबट ट्रेडिंग कंपनी लिमिटेड

    सहारे फ़ॉर एक्सचेंज एंड मनी ट्रांसफ़र्स

    यमन के जिन नागरिकों को ब्लैकलिस्ट किया गया है, उन पर आरोप है कि उन्होंने हूती विद्रोहियों की वित्तीय सहायता की और साथ ही ईंधन की तस्करी जैसी गतिविधियों में भी शामिल थे. इन आठ में से चार लोगों के बारे में कहा जा रहा है कि वे सीधे तौर पर अल-क़ायदा से जुड़े हुए हैं.

    जिन संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट किया गया है उनके मुख्यालय यमन में हैं और उन पर भी हूती विद्रोहियों को वित्तीय मदद करने का आरोप है.

  8. राष्ट्रपति चुनाव: राजनाथ सिंह ने ममता बनर्जी समेत कई नेताओं से बात की

    राजनाथ सिंह

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    राष्ट्रपति चुनाव से पहले उम्मीदवार को लेकर आम सहमति बनाने के लिए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बुधवार को विपक्षी दलों के कई नेताओं से बात की.

    राजनाथ सिंह और जेपी नड्डा को एनडीए गठबंधन की ओर से यह ज़िम्मेदारी दी गई है.

    इससे पूर्व बुधवार को दिल्ली में ममता बनर्जी के बुलावे पर विपक्षी दलों की एक बैठक हुई. इस बैठक में 17 विपक्षी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया.

    हालांकि इस बैठक में भी किसी एक नाम पर अभी तक सहमति नहीं बन सकी है, लेकिन बैठक में दो नामों का प्रस्ताव दिया गया है. इस बैठक में फ़ारूख़ अब्दुल्ला और गोपालकृष्ण गांधी के नाम का प्रस्ताव दिया गया है. इससे पहले शरद पवार के नाम की भी चर्चा थी लेकिन उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया.

    ममता बनर्जी

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    राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के नाम के लिए आपसी सहमति बनाने के लिए राजनाथ सिंह ने राज्य सभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव से बात की. इसके साथ ही उन्होंने बिहार में अपनी गठबंधन पार्टी के नेता और बिहार के सीएम नीतीश कुमार से भी फ़ोन पर बात की.

    इन नेताओं के साथ ही राजनाथ सिंह ने ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से भी भी चर्चा की.

    राजनाथ सिंह आंध्र प्रदेश के सीएम जगन मोहन रेड्डी के भी संपर्क में हैं. ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि वो बहुत जल्दी ही बीएसपी सुप्रीमो मायावती, एनसीपी प्रमुख शरद पवार, पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल (एस) के नेता देवेगौड़ा और एआईएडीएमके के नेता पन्निरसेल्वम से भी बात कर सकते हैं.

    मीडिया ख़बरों के मुताबिक़, विपक्षी दल के नेताओं ने राजनाथ सिंह से बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन के उम्मीदवार का नाम पूछा. इससे पहले राजनाथ सिंह ने विपक्षी नेताओं से उनके प्रस्तावित नाम के बारे में भी जानना चाहा.

    विपक्षी दल के एक नेता ने बताया कि हमारी प्रतिक्रिया बस इतनी ही थी कि पहले सत्तारूढ़ एनडीए बताए कि वो किस नाम पर विचार कर रही है.

    बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी डीएमके, एनपीपी, एजेएसयू और नगालैंड पीपल्स फ्रंट के नेताओं के संपर्क में हैं.

    भारत के अगले राष्ट्रपति के लिए चुनाव 18 जुलाई को होने हैं. जबकि नामांकन की प्रकिया बुधवार को शुरू हो गई.

  9. पाकिस्तान में 233 रुपए हुआ पेट्रोल, डीज़ल भी 59 रुपए प्रति लीटर हुआ महंगा

    पेट्रोल के दाम

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    पाकिस्तान के वित्त मंत्री मिफ़्ताह इस्माइल ने बुधवार को कहा कि सरकार इस स्थिति में नहीं है कि वो पेट्रोल और दूसरे पेट्रोलियम उत्पादों पर सब्सिडी दे सके. सब्सिडी ना दे पाने की स्थिति में पेट्रोल के दाम बढ़ाने के अलावा सरकार के पास कोई विकल्प नहीं बचता है, इसलिए पेट्रोल की क़ीमतों में वृद्धि की जा रही है.

    इस बार पेट्रोल के दाम में प्रति लीटर 24.03 रुपए बढ़ाए गए हैं. इसके साथ ही पाकिस्तान में पेट्रोल की नई क़ीमत अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है. पेट्रोल की नई क़ीमत 233.89 प्रति लीटर हो गई है.

    ये बढ़ी हुई क़ीमत 16 जून से लागू हो जाएगी.

    पेट्रोल के अलावा डीज़ल की क़ीमत में 59.16 रुपए बढ़ें हैं. डीज़ल की नई क़ीमत 263.31 रुपए हो गई है. केरोसीन 211.43 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से मिलेगा जो कि पुरानी क़ीमत की तुलना में 33.12 रुपए अधिक है. इसके साथ लाइट डीज़ल के दाम भी बढ़े हैं. नई क़ीमत 25.53 रुपए बढ़कर 207.47 रुपये प्रति लीटर हो गई है.

    मिफ़्ता

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    तेल की क़ीमतों में हुई वृद्धि की घोषणा से पूर्व मिफ़्ताह ने पूर्व की इमरान ख़ान सरकार और उनकी नीतियों को मौजूदा हालात के लिए ज़िम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार की नीतियों के कारण ही ‘देश की अर्थव्यवस्था गर्त में’ है.

    उन्होंने कहा कि इमरान ख़ान ने जानबूझकर, राजनीतिक लाभ के लिए पेट्रोल पर सब्सिडी जारी रखी और दाम नहीं बढ़ाए.

    उन्होंने इमरान ख़ान सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछली सरकार की भूल का ख़ामियाज़ा मौजूदा सरकार को भुगतना पड़ रहा है.

    उन्होंने बताया कि मौजूदा वक़्त में पाकिस्तान प्रति लीटर पेट्रोल पर 24.03 रुपए, डीज़ल पर 59.16 रुपए, केरोसीन पर 39.49 रुपये का नुकसान उठा रहा है.

    पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ (पीटीआई) ने आरोपों का किया खंडन

    पेट्रोल की बढ़ी क़ीमतों पर प्रतिक्रिया देते हुए पीटीआई नेता फ़वाद चौधरी ने ट्वीट किया है. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी पेट्रोल-डीज़ल की बढ़ी क़ीमतों को स्वीकार करने से इनकार करती है.

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    उन्होंने लिखा है, “हम इस लूट को ख़ारिज करते हैं. ”

    उन्होंने लिखा है कि पेट्रोल की क़ीमतों में इस क़दर हुआ इजाफ़ा, मध्यम वर्ग की कमर तोड़ने वाला है. लोगों को इस अयोग्य सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन में हिस्सा लेना चाहिए.

  10. नमस्कार!

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