'अग्निपथ' के विरोध में हरियाणा में उग्र विरोध प्रदर्शन, पलवल में धारा 144

पलवल के अलावा हरियाणा के रेवाड़ी, चरखी दादरी और रोहतक समेत कई जिलों में भी युवकों ने विरोध प्रदर्शन किया.

लाइव कवरेज

भूमिका राय and अभिनव गोयल

  1. 'अग्निपथ' के विरोध में हरियाणा में उग्र विरोध प्रदर्शन, पलवल में धारा 144

    विरोध प्रदर्शन

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    इमेज कैप्शन, अग्निपथ योजना के विरोध में हरियाणा के पलवल में विरोध प्रदर्शन की तस्वीर

    केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना को लेकर कई राज्यों के युवा विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. हरियाणा के पलवल जिले में विरोध कर रहे युवाओं ने ज़िलाधिकारी के आवास पर तोड़फोड़ की और सड़क पर खड़े कुछ वाहनों को आग के हवाले कर दिया.

    विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने पलवल में धारा 144 लगा दी है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी के आवास पर पत्थरबाज़ी की वहीं पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए फ़ायरिंग की.

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    विरोध प्रदर्शन को लेकर ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने कहा, "घटना में कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. प्रदर्शनकारियों ने तीन-चार वाहनों को आग लगा दी है लेकिन अभी तक प्रदर्शनकारियों की पहचान नहीं हो पाई है."

    हरियाणा के सूचना विभाग के मुताबिक़ पलवल जिले में मोबाइल इंटरनेट, डोंगल के ज़रिए इंटरनेट और एसएमएस की सेवाएं अस्थाई तौर पर अगले 24 घंटे तक बंद रहेंगी.

    पलवल के अलावा हरियाणा के रेवाड़ी, चरखी दादरी और रोहतक समेत कई जिलों में भी युवक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

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    हरियाणा के मुख्यमंत्री का क्या कहना है?

    विरोध प्रदर्शनों के बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि चार साल के बाद अग्निवीरों को नौकरियों में प्राथमिकता दी जाएगी.

    उन्होंने कहा, “मैं हरियाणा सरकार की ओर से ये विश्वास दिलाता हूं कि जो 75 प्रतिशत वीर सैनिक सरकारी नौकरी चाहते होंगे उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी.”

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    उत्तराखंड सरकार देगी नौकरी में प्राथमिकता

    ऐसा ही विश्वास 'अग्निपथ योजना' को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता पुष्कर सिंह धामी ने युवाओं को दिया है.

    उन्होंने कहा, “अग्निपथ योजना के अंतर्गत देश की सेवा के बाद अग्निवीरों को उत्तराखंड पुलिस, आपदा प्रबंधन, चार धाम प्रबंधन जैसी अनेक सेवाओं में लिया जाएगा. उन्हें राज्य सरकार नौकरियों में प्राथमिकता देगी.

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    इसके अलावा सरकार ने 'अग्निपथ योजना' को लेकर फैलाए जा रहे झूठ से सावधान रहने की अपील की है.

    भारत सरकार के सूचना विभाग के ट्विटर हैंडल से इस बारे में कई पोस्ट किए गए हैं जिसमें बताया गया है कि चार साल के बाद 12 लाख की पूंजी जमा होगी और उन्हें अन्य सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता दी जाएगी.

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    क्या है 'अग्निपथ योजना'

    भारतीय सेना के तीनों प्रमुखों ने सेना में छोटी अवधि की नियुक्तियों को लेकर 'अग्निपथ' नीति की घोषणा की गई है. इस योजना के तहत भर्ती होने की उम्र साढ़े सत्रह साल से इक्कीस साल के बीच होनी चाहिए.

    शैक्षणिक योग्यता 10वीं या 12वीं पास होनी चाहिए. ये नौकरी सिर्फ चार साल के लिए होगी.

    चार साल बाद सेवाकाल में प्रदर्शन के आधार पर मूल्यांकन होगा और 25 प्रतिशत लोगों को नियमित किया जाएगा. पहले साल की सैलरी प्रति महीने 30 हजार होगी और चौथे साल में 40 हजार रुपये प्रति महीना मिलेंगे.

    अग्निपथ योजना के तहत 90 दिनों के अंदर करीब 40 हजार युवकों का चयन किया जाएगा जिसके बाद 6 महीने की ट्रेनिंग दी जाएगी.

    अग्निपथ योजना

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  2. 'अग्निपथ' पर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उठाए सवाल, कहा- सरकार को ऐसे बड़े बदलाव क्यों करने पड़े

    कैप्टन अमरिंदर सिंह

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    पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के सहयोगी रहे कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना पर सवाल उठाए हैं.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ अमरिंदर सिंह ने सेना में भर्ती के लिए अग्निपथ योजना पर पुनर्विचार का सुझाव दिया है. साथ ही कहा कि उन्हें हैरानी है कि सरकार को ऐसे बड़े बदलाव क्यों करने पड़े.

    समाचार एजेंसी यूएनआई के मुताबिक़ कैप्टन अमरिंदर सिंह का कहना है कि चार साल की नौकरी किसी जवान के लिए बहुत छोटी अवधि की है.

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    केंद्रीय सरकार की अग्निपथ योजना के विरोध में कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. बिहार में युवकों ने कई जगह आगज़नी और पत्थरबाजी भी की है.

    ऐसा ही हाल हरियाणा के भी कई हिस्सों में देखने को मिला जिसके बाद पलवल में प्रशासन ने धारा 144 लगा दी है.

    क्या है 'अग्निपथ योजना'

    भारतीय सेना के तीनों प्रमुखों ने सेना में छोटी अवधि की नियुक्तियों को लेकर 'अग्निपथ' नीति की घोषणा की गई है. इस योजना के तहत भर्ती होने की उम्र 17 साल से 21 साल के बीच होनी चाहिए.

    शैक्षणिक योग्यता 10वीं या 12वीं पास होनी चाहिए. ये नौकरी सिर्फ चार साल के लिए होगी.

    चार साल बाद सेवाकाल में प्रदर्शन के आधार पर मूल्यांकन होगा और 25 प्रतिशत लोगों को नियमित किया जाएगा. पहले साल की सैलरी प्रति महीने 30 हजार होगी और चौथे साल में 40 हजार रुपये प्रति महीना मिलेंगे.

    अग्निपथ योजना के तहत 90 दिनों के अंदर करीब 40 हजार युवकों का चयन किया जाएगा जिसके बाद 6 महीने की ट्रेनिंग दी जाएगी.

  3. जम्मू-कश्मीर में शांति भंग करने की कोशिश कर रहा पाकिस्तान- रक्षा मंत्री

    राजनाथ सिंह

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    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जम्मू-कश्मीर की अपनी दो दिवसीय यात्रा पर हैं. गुरुवार को उन्होंने गलवान घाटी में शहीद हुए भारतीय जवानों को श्रद्धांजली दी.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान लगातार जम्मू-कश्मीर में शांति भंग करने की कोशिश कर रहा है.

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  4. 'अग्निपथ' विवाद: कांग्रेस, आप, टीएमसी ने बोला हमला, बीजेपी बचाव में उतरी

    गोपालगंज में आगजनी का शिकार हुई एक ट्रेन

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    इमेज कैप्शन, गोपालगंज में आगजनी का शिकार हुई एक ट्रेन

    देश के कई हिस्सों में केंद्र सरकार की 'अग्निपथ योजना' के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं. बिहार और मध्य प्रदेश में कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसक घटनाएं भी दर्ज की गयी हैं.

    भारत सरकार इस योजना के तहत अल्पावधि के लिए सेना में 17.5 साल से लेकर 21 साल की उम्र वाले युवाओं की भर्ती करेगी.

    हालांकि, युवाओं की मांग है कि सेना में भर्ती के पुराने तरीके को बहाल किया जाए.

    इसी बीच इस योजना पर सियासी गहमागहमी तेज़ हो रही है.

    जहां एक ओर विपक्ष के नेता इस मुद्दे पर बीजेपी को घेरते हुए नज़र आ रहे हैं. वहीं, बीजेपी नेता इस योजना के बचाव में उतरते दिख रहे हैं.

  5. बच्चा पैदा करने के लिए रखी लड़कियों को पुलिस ने 'बच्चा फैक्ट्री' से छुड़वाया

    महिला

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    नाइजीरिया में एक कथित 'बच्चा फैक्ट्री' से कम से कम 35 महिलाओं को बचाया गया है.

    ये वो जगह है जहां महिलाओं और लड़कियों को बच्चे पैदा करने के लिए रखा जाता है. बाद में उन बच्चों को बेच दिया जाता है.

    अधिकारियों का कहना है कि इमारत में रखी गई लड़कियों में से चार पहले से गर्भवती थीं. ये इमारत दक्षिणपूर्वी राज्य अंबरा में है.

    पुलिस प्रवक्ता तोरचुकु इकेंगा ने बीबीसी को बताया कि इस मामले में तीन संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया गया है. उन पर लड़कियों का अपहरण करने, उन्हें वैश्यावृत्ति में शामिल करने और ‘बेबी फैक्ट्री’ चलाने का आरोप है.

    अब तक मिली जानकरी के अनुसार इस तरह की फैक्ट्री चलाने का काम आमतौर पर मानव तस्करी करने वाले गिरोह करते हैं. इसके लिए ये मैटरनिटी क्लीनिक और होटल के नाम का सहारा लेते हैं.

    नाइजीरिया में प्रशासन बीते कई सालों से इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए छापेमारी मार रहा है, बावजूद इसके गुप्त तरीके से इस तरह की गतिविधियों को चलाया जा रहा है.

  6. 16 जून 2022 का ‘दिनभर: पूरा दिन, पूरी ख़बर’ सुनिए वात्सल्य राय और अंजुम शर्मा के साथ

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  7. भारतीय मुसलमानों पर संगीतकार विशाल ददलानी के इस ट्वीट को मिली शशि थरूर की शाबाशी

    संगीत निर्देशक विशाल ददलानी

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    पैग़ंबर मोहम्मद पर आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में हुए प्रदर्शनों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने घरों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई की. इस कार्रवाई में मुस्लिम समुदाय के लोगों के घर तोड़े गए.

    संगीत निर्देशक विशाल ददलानी ने ट्वीट कर मुस्लिम समुदाय का साथ दिया है.

    उन्होंने लिखा, “मैं भारतीय मुसलमानों से भारतीय हिंदुओं की ओर ये कहना चाहता हूं. आपको देखा, सुना और प्यार किया जाता है, आप क़ीमती हैं. आपका दर्द हमारा दर्द है. आपकी देशभक्ति पर कोई सवाल नहीं है. आपकी पहचान भारत या किसी और के धर्म के लिए ख़तरा नहीं है. हम एक देश, एक परिवार हैं.”

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    विशाल ददलानी के इस ट्वीट पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने प्रतिक्रिया दी. मुस्लिम समुदाय की दबी हुई आवाज उठाने के लिए उन्होंने विशाल ददलानी को शाबाशी दी है.

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  8. ओवैसी ने मोदी पर साधा निशाना और कहा- हमारी सेना आपके स्कीम की प्रयोगशाला नहीं

    असदुद्दीन ओवैसी

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    लोकसभा सांसद और एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा है कि अग्निपथ स्कीम को लेकर वे अपना ग़लत फ़ैसला वापस लें. उन्होंने कहा कि देश की 66 फ़ीसदी आबादी युवाओं की है. बात को समझिए. ओवैसी ने ट्वीट कर कहा है कि इस स्कीम से बेरोज़गारी में कमी नहीं आएगी, बल्कि उसमें इ़ज़ाफ़ा होगा.

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    उन्होंने लिखा- पाकिस्तान से आतंक का मसला अभी हल नहीं हुआ है और दूसरी ओर चीन हमारी ज़मीन पर क़ब्ज़ा कर चुका है. हमारी सेना आपके ‘स्कीम’ और ‘ब्रेन वेव’ की प्रयोगशाला नहीं है. ये योजना देश-हित में नहीं है. देश के कई हिस्सों में मोदी सरकार की अग्निपथ योजना का विरोध हो रहा है. बिहार में तो विरोध प्रदर्शन कर रहे युवकों ने कुछ ट्रेनों में आग लगा दी. वहाँ काफ़ी आगजनी हुई है. बिहार के अलावा राजस्थान, हरियाणा और उत्तराखंड में भी युवक इस योजना के विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं. ओवैसी ने इस योजना का विरोध करते हुए हरिवंश राय बच्चन की कविता भी लिखी है.

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    उन्होंने लिखा है- तू न थकेगा कभी, तू न रुकेगा कभी. तू न मुड़ेगा कभी. कर शपथ कर शपथ कर शपथ. #अग्निपथ अग्निपथ अग्निपथ -हरिवंशराय बच्चन ओवैसी ने इशारों इशारों में प्रदर्शनकारियों पर सरकार की कार्रवाई को लेकर भी निशाना साधा. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा- इन्हें कपड़ों से ना पहचानिए, ना ही गोली और बुलडोज़र चलाइए. अपना ग़लत फैसला वापस लीजिए. केंद्र सरकार ने मंगलवार सेना में भर्ती के लिए 'अग्निपथ योजना' लॉन्च की थी. इसके तहत 17.5 साल से लेकर 21 साल की उम्र सीमा वाले युवाओं को चार सालों के लिए सेना में काम करने का मौक़ा मिलेगा. इसके बाद 25 फ़ीसद युवाओं को रिटेन किया जाएगा.

  9. अग्निपथ योजना के विरोध के बीच बीजेपी के मंत्री और नेता गिना रहे हैं स्कीम की ख़ूबियाँ

    सैनिक

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    देश के कई शहरों में सरकार की 'अग्निपथ योजना' का विरोध हो रहा है. कई जगह तो युवा आगजनी तक कर रहे हैं. इस योजना को लेकर विपक्ष भी बीजेपी पर हमलावर है, वहीं बीजेपी के कई नेता और मुख्यमंत्री 'अग्निपथ योजना' को युवाओं और देश के हित में बता रहे हैं.

    'अग्निपथ योजना' के तहत पहली भर्ती में क़रीब 40 हजार युवाओं को लिया जाएगा. ये नौकरी चार साल की होगी. चौथे साल के आखिर में 25 प्रतिशत युवाओं को ही सेना में आगे के लिए रखा जाएगा. इसे लेकर ही देश के युवा विरोध कर रहे हैं.

    विरोध प्रदर्शनों के बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि चार साल के बाद अग्निवीरों को नौकरियों में प्राथमिकता दी जाएगी.

    उन्होंने कहा, “मैं हरियाणा सरकार की ओर से ये विश्वास दिलाता हूं कि जो 75 प्रतिशत वीर सैनिक सरकारी नौकरी चाहते होंगे तो उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी.”

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    ऐसा का विश्वास 'अग्निपथ योजना' को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने युवाओं को दिया है. उन्होंने कहा, “अग्निपथ योजना के अंतर्गत मां भारती की सेवा के बाद अग्निवीरों को उत्तराखंड पुलिस, आपदा प्रबंधन, चार धाम प्रबंधन जैसी अनेक सेवाओं में लिया जाएगा. उन्हें राज्य सरकार नौकरियों में प्राथमिकता देगी.”

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    उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से बीजेपी सांसद रवि किशन ने 'अग्निपथ योजना' को क्रांतिकारी बताया है. साथ ही उन्होंने अपनी बेटी की तस्वीर ट्विटर पर पोस्ट करते हुए लिखा कि वो भी अग्निवीर बनना चाहती है.

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    गृह मंत्रालय ने 'अग्निपथ योजना' में चार साल पूरा करने वाले अग्निवीरों को CAPFs और असम राइफल्स भर्ती में प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है.

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    इसके अलावा सरकार ने 'अग्निपथ योजना' को लेकर फैलाए जा रहे झूठ से सावधान रहने की अपील की है. भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय के ट्विटर हैंडल से इस बारे में कई पोस्ट किए गए हैं जिसमें बताया गया है कि चार साल के बाद 12 लाख की पूंजी जमा होगी और उन्हें अन्य सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता दी जाएगी.

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  10. LIVE: मोदी सरकार की 'अग्निपथ' योजना पर बिहार में विरोध प्रदर्शन तेज़

    अधिक जानकारी के साथ आरा से सीटू तिवारी

  11. राकेश टिकैत ने कहा- अग्निपथ योजना से चार साल बाद बेरोज़गार अग्निवीरों की फ़ौज तैयार होगी

    राकेश टिकैत

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    किसान नेता और भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मोदी सरकार की अग्निपथ योजना की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि इस योजना से चार साल बाद बेरोज़गारों की फ़ौज तैयार होगी, जो न देशहित में है औ न ही समाज हित में. राकेश टिकैत ने ट्विटर पर लिखा है- केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना से चार साल बाद सरकारी बेरोज़गार अग्निवीरों की फ़ौज तैयार होगी जो न देशहित में है न समाज हित में. उन्होंने कहा है कि सरकार या तो चार साल बाद अग्निवीरों को बेरोज़गार भत्ता दे या रोज़गार की गारंटी.

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    मोदी सरकार की अग्निपथ योजना को लेकर देश के कई हिस्सों में युवा प्रदर्शन कर रहे हैं. इस स्कीम के तहर चार साल की नौकरी को लेकर युवाओं को काफ़ी ऐतराज़ है. एक ओर जहाँ मोदी सरकार के मंत्री और बीजेपी के मुख्यमंत्री इस स्कीम की अच्छाइयाँ गिना रहे हैं, वहीं विपक्षी नेताओं का कहना है कि इस स्कीम में कमियाँ हैं. केंद्र सरकार ने मंगलवार सेना में भर्ती के लिए 'अग्निपथ योजना' लॉन्च की थी. इसके तहत 17.5 साल से लेकर 21 साल की उम्र सीमा वाले युवाओं को चार सालों के लिए सेना में काम करने का मौक़ा मिलेगा. इसके बाद 25 फ़ीसद युवाओं को रिटेन किया जाएगा.

  12. टीम इंडिया में जगह न मिलने पर राहुल तेवतिया का ये ट्वीट हो रहा है वायरल

    राहुल तेवतिया

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    भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने बुधवार को आयरलैंड के ख़िलाफ़ दो टी-20 मैच के लिए भारतीय टीम की घोषणा की है. इस टीम की कप्तानी हार्दिक पंड्या को दी गई है. क्योंकि टीम के सीनियर खिलाड़ी इंग्लैंड के ख़िलाफ़ टेस्ट की तैयारी कर रहे हैं. इस टीम में कई ऐसे खिलाड़ियों को भी मौक़ा दिया गया है, जिन्होंने आईपीएल के दौरान अच्छा प्रदर्शन किया है. लेकिन इस टीम में राहुल तेवतिया को जगह नहीं मिली है. आयरलैंड के ख़िलाफ़ टीम की घोषणा के बाद राहुल तेवतिया का एक ट्वीट ख़ूब वायरल हो रहा है. इस टीम में राहुल तेवतिया ने लिखा है- उम्मीदें चोट पहुँचाती हैं.

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    इस साल आईपीएल में राहुल तेवतिया गुजरात टाइटंस की ओर से खेले थे. इस बाद हार्दिक पंड्या के नेतृत्व वाली गुजरात टाइटंस ने आईपीएल का ख़िताब जीता है. वैसे तो राहुल तेवतिया ने 16 मैचों में 217 रन बनाए. लेकिन उनकी स्ट्राइक रेट 147.62 रही. साथ ही उन्होंने गुजरात की ओर के कुछ मैच जिताने वाली पारी भी खेली. पंजाब किंग्स के ख़िलाफ़ मैच में उनकी शानदार बल्लेबाज़ी सबसे यादगार रही. उस मैच में गुजरात को मैच जीतने के लिए दो गेंदों में 12 रनों की आवश्यकता थी और तेवतिया ने लगातार दो छक्के लगाकर अपनी टीम को जीत दिला दी थी. उनके ट्वीट के जवाब में कई लोगों ने लिखा है कि आप निराश न हों, आपका समय भी आएगा.

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    आयरलैंड के ख़िलाफ़ भारत को दो टी-20 मैच खेलना है. बीसीसीआई ने टीम की कप्तान हार्दिक पंड्या को सौंपी है. भारत को 26 और 28 जून को दो टी-20 मैच खेलना है.

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    आयरलैंड दौरे के लिए भारतीय टीम:

    हार्दिक पंड्या (कप्तान), भुवनेश्वर कुमार (उप कप्तान), ईशान किशन, रितुराज गायकवाड़, संजू सैमसन, सूर्यकुमार यादव, वेंकटेश अय्यर, दीपक हुडा, राहुल त्रिपाठी, दिनेश कार्तिक, युज़वेंद्र चहल, अक्षर पटेल, रवि बिश्नोई, हर्षल पटेल, आवेश ख़ान, अर्शदीप सिंह और उमरान मलिक

  13. केजरीवाल ने कहा- अग्निपथ योजना से नाराज़ युवाओं की मांग एकदम सही

    अरविंद केजरीवाल

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    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार की सेना में भर्ती की अग्निपथ स्कीम को लेकर विरोध कर रहे युवाओं की मांग को सही कहा है. उन्होंने कहा है कि सेना देश की शान है और युवा अपने पूरा जीवन देश को देना चाहते हैं. केजरीवाल ने ट्विटर पर लिखा- सेना भर्ती में केंद्र सरकार की नई योजना का देश में हर तरफ़ विरोध हो रहा है. युवा बहुत नाराज़ हैं. उनकी माँग एकदम सही है. सेना हमारे देश की शान है, हमारे युवा अपना पूरा जीवन देश को देना चाहते हैं, उनके सपनों को 4 साल में बांधकर मत रखिए. मंगलवार को केंद्र सरकार की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना में भर्ती की नई स्कीम अग्निपथ की घोषणा की थी.

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    इसके तहत 17.5 साल से लेकर 21 साल की उम्र सीमा वाले युवाओं को चार सालों के लिए सेना में काम करने का मौक़ा मिलेगा. इसके बाद 25 फ़ीसद युवाओं को रिटेन किया जाएगा. लेकिन मोदी सरकार की इस योजना का कई राज्यों में विरोध हो रहा है. गुरुवार को सबसे ज़्यादा विरोध प्रदर्शन बिहार में हुआ, जहाँ आगजनी भी हुई. प्रदर्शनकारियों ने ट्रेन में आग भी लगा दी. कई जगह रेल यातायात पर भी असर पड़ा है. केजरीवाल ने केंद्र सरकार से अपील की है कि युवाओं को चार साल नहीं, पूरी ज़िंदगी सेवा का मौक़ा दिया जाए. उन्होंने कहा कि पिछले दो साल सेना में भर्तियाँ ना होने की वजह से जो ओवरएज हो गए हैं, उन्हें भी मौक़ा दिया जाए.

  14. उत्तर प्रदेश में जुमे की नमाज़ को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई

    टीले वाली मस्जिद

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    इमेज कैप्शन, लखनऊ में टीले वाली मस्जिद के बाहर सुरक्षा

    जुमे की नमाज़ को देखते हुए उत्तर प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है. शुक्रवार को होने वाली नमाज़ के लिए धर्मगुरुओं से पुलिस लगातार जनसंपर्क कर रही है.

    उत्तर प्रदेश के एडीजी (क़ानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, “इस बार ऐसी व्यवस्था की गई है कि कोई भी समस्या ना हो. इस संबंध में सभी धर्मगुरुओं की ओर से अपील भी जारी की गई है.”

    एडीजी प्रशांत कुमार के मुताबिक़ जुमे की नमाज़ को देखते हुए बरेली में होने वाले प्रदर्शन की तारीख भी आगे बढ़ा दी गई है ताकि शांति बनी रहे.

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    हिंसक प्रदर्शन में शामिल लोगों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ कार्रवाई हो रही है.

    सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस इस लिए चिंता में है क्योंकि बीते शुक्रवार नमाज के बाद अलग अलग शहरों में मुस्लिम समुदाय ने विरोध प्रदर्शन किया था.

    ये विरोध प्रदर्शन पैगंबर मोहम्मद पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालीं नूपुर शर्मा के खिलाफ था.

    कई शहरों में विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया था जिसमें प्रदर्शनकारियों ने आगजनी और पत्थरबाज़ी तक की.

  15. नूपुर शर्मा मामले में हिंसक प्रदर्शनों का विरोध कर रहे बजरंग दल ने कहा- पीएफ़आई और तब्लीगी जमात पर तुरंत लगे पाबंदी

    आलोक कुमार

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    बजरंग दल ने गुरुवार को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया और तब्लीगी जमात जैसे संगठनों के खिलाफ देश भर में धरना प्रदर्शन किया.

    बजरंग दल ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंप कर इन संगठनों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है.

    वीएचपी की तरफ से जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक वीएचपी के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार का कहना है कि नूपुर और नवीन जिंदल पर जब तक अपराध सिद्ध नहीं हो जाता तब तक वे निर्दोष हैं.

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    नूपुर शर्मा ने पैग़ंबर मोहम्मद को लेकर एक टीवी डिबेट में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी जिसके बाद 10 जून को देश भर में उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुआ.

    बजरंग दल ने हिंसक प्रदर्शन करने वालों की पहचान कर उन पर रासुका के तहत कार्रवाई करने की मांग की है. इसके साथ ही उन्होंने ऐसे मौलवियों और नेताओं पर भी कार्रवाई करने की मांग की जो मुस्लिम समुदाय को भड़काने का काम कर रहा है.

  16. अग्निपथ योजना पर योगी आदित्यनाथ की युवाओं से अपील, अखिलेश ने कहा- फ़ौज आउटसोर्स का विषय नहीं

    योगी आदित्यनाथ

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    भारत के कई हिस्सों में मोदी सरकार की अग्निपथ योजना का विरोध हो रहा है. लेकिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवकों से अपील की है कि वे किसी बहकावे में न आएँ. राजस्थान और हरियाणा के अलावा गुरुवार को बिहार में इस योजना को लेकर बड़ा विरोध हो रहा है. युवाओं को चार साल की नौकरी पर सबसे ज़्यादा ऐतराज़ है. लेकिन योगी आदित्यानथ ने ट्वीट कर लिखा है कि ये योजना युवाओं के भविष्य को नया आयाम प्रदान करेगी. उन्होंने लिखा है- युवा साथियो, अग्निपथ योजना आपके जीवन को नए आयाम प्रदान करने के साथ ही भविष्य को स्वर्णिम आधार देगी. आप किसी बहकावे में न आएँ. योगी आदित्यनाथ ने ये भी कहा है कि उत्तर प्रदेश की सरकार अग्नवीरों को पुलिस और अन्य सेवाओं में वरीयता देगी.

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    हालाँकि उत्तर प्रदेश के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों अखिलेश यादव और मायावती ने इस स्कीम की आलोचना की है. मायावती ने तो सरकार से कहा है कि वो इस योजना पर फिर से विचार करे. वहीं अखिलेश यादव का कहना है कि बीजेपी सरकार युवाओं का मनोबल गिरा रही है.

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    उन्होंने ट्विटर पर लिखा है- देश के भावी सैन्य बलों पर बल का दुरुपयोग करके भाजपा सरकार युवाओं का मनोबल गिरा रही है. भारत माता का उद्घोष झूठे दिखावे का नहीं; सच्ची देशभक्ति का प्रतीक होना चाहिए. सेना का ठेकेदारीकरण देश और सच्चे देश भक्त युवाओं के लिए विश्वासघात के समान है. अखिलेश यादव ने कहा कि फ़ौज आउटसोर्स का विषय नहीं है. केंद्र सरकार ने मंगलवार सेना में भर्ती के लिए 'अग्निपथ योजना' लॉन्च की थी. इसके तहत 17.5 साल से लेकर 21 साल की उम्र सीमा वाले युवाओं को चार सालों के लिए सेना में काम करने का मौक़ा मिलेगा. इसके बाद 25 फ़ीसद युवाओं को रिटेन किया जाएगा.

  17. योगी सरकार की बुलडोज़र कार्रवाई के ख़िलाफ़ जमीयत की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब

      • Author, सुचित्र मोहंती, बीबीसी हिंदी के लिए
    सुप्रीम कोर्ट

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    जमीयत उलेमा-ए-हिंद की बुलडोज़र मामले पर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को तीन दिनों के अंदर जवाब दाख़िल करने को कहा है.

    साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा है कि विध्वंस की कार्रवाई केवल क़ानून के अनुसार ही होगी.

    10 जून को जुमे की नमाज़ के बाद भड़की हिंसा में शामिल 'उपद्रवियों' के ख़िलाफ़ उत्तर प्रदेश सरकार की बुलडोज़र कार्रवाई पर रोक लगाने के लिए जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी.

    जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने अपनी याचिका में क़ानूनी प्रक्रिया के बिना मकानों को नहीं गिराने के निर्देश देने की मांग की थी.

    जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने प्रयागराज में हुई बुडोज़र कार्रवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर आज सुप्रीम की दो जजों की बेंच ने सुनवाई की. दो जजों की इस बेंच की अध्यक्षता जस्टिस एएस बोपन्ना ने की.

    सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई के बाद अपने निर्देश में कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार यह साबित करे कि उसकी कार्रवाई नगरपालिका क़ानून के अंतर्गत कैसे थी. कोर्ट ने सरकार को तीन दिन के भीतर यह बताने को कहा है. साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि विध्वंस की कार्रवाई केवल क़ानून के अनुसार ही होगी.

    बुलडोज़र

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    क्या दी गईं दलीलें

    याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट में पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्र उदय सिंह ने कहा कि जो कुछ हो रहा है वो भयावह और ऐसा पहले कभी देखने को नहीं मिला है. इसलिए इस मामले में आवेदन दायर करने की आवश्यकता पड़ी.

    उदय सिंह ने कहा कि हमारा एक संविधान है और क़ानून सर्वोपरि है. उन्हें ऐसा करने से पहले यह साबित करने की आवश्यकता है कि यह सही और क़ानूनी दायरे में है.

    जमियत उलेमा के एक अन्य वकील नित्या रामकृष्णन ने कहा कि बुलडोज़र एक्शन, न्याय देने का एक नया सिस्टम बन गए हैं.

    अपनी दलील में उन्होंने कहा कि निर्माण को अवैध बताकर उसे सही ठहराया जा रहा है. अधिकारियों की ओर से कहा गया है कि क़ानून को अपने हाथ में लेने वालों के ख़िलाफ़ बुलडोज़र एक्शन अपनाया जाएगा.

    कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखते हुए उन्होंने कहा कि भवन को गिराने का नोटिस कहां है?

    उन्होंने कहा, “अगर किसी का निर्माण अवैध है तो उसे नोटिस दिया जाना चाहिए. कम से कम 15 दिन का और अधिकतम 40 दिन का नोटिस तो दिया ही जाना चाहिए.”

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    उदय सिंह की दलीलों के जवाब में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि प्रभावित पक्ष में से कोई भी सुप्रीम कोर्ट नहीं आया है और यह कार्रवाई जहांगीरपुरी से शुरू हुई है.

    तुषार मेहता ने कहा कि इस मुद्दे को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि निर्माण को गिराने से पहले पार्टियों को नोटिस दिया गया था. मेहता ने दावा किया कि हर कार्रवाई में पूरी तरह से क़ानून का पालन किया गया है.

    दोनों पक्षों को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपने फ़ैसले में उत्तर प्रदेश में हुई बुलडोज़र कार्रवाई पर दायर याचिकाओं के जवाब में सकार को तीन दिन के भीतर अपना जवाब दायर करने को कहा है.

    कोर्ट इस मामले में अब 21 जून, मंगलवार को सुनवाई करेगी.

    दो जजों की खंडपीठ ने कहा कि विध्वंस पर रोक तो नहीं लगाई जा सकती है, लेकिन इसे क़ानून के अंतर्गत लाने के लिए आदेश दिया जा सकता है.

  18. अग्निपथ का विरोध: बिहार के आरा रेलवे स्टेशन को ख़ाली कराया गया, रेल परिचालन ठप

      • Author, सीटू तिवारी
      • पदनाम, पटना से, बीबीसी हिंदी के लिए
    आरा में प्रदर्शन

    भारतीय सेना में भर्ती के लिए केंद्र सरकार ने अग्निपथ के नाम से एक नई योजना शुरू की है. इस योजना के ख़िलाफ़ बिहार के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन जारी है.

    आरा रेलवे स्टेशन पर उग्र छात्रों ने बुकिंग ऑफिस में तोड़फोड़ की है. ऐसी खबरें आ रही है कि छात्रों के बीच कुछ अराजक तत्वों घुस गए जिन्होने रेलवे स्टेशन के पास चिप्स, कुरकुरे, बिस्किट आदि की दुकानों पर भी लूटपाट की है.

    साथ ही पानी के लिए लगी वेंडिंग मशीन को भी तोड़ दिया गया है. सुबह से ही आरा रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शनकारी बड़ी तादाद में जमा होने शुरू हो गए थे.

    प्रदर्शनकारी हाथ में तिरंगा झंडा लिए केन्द्र सरकार मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे.

    उन्होने रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया. इसके बाद उन्होने तीन नंबर प्लेटफार्म पर खड़ी ट्रेन पर पथराव भी किया.

    छात्रों की मांग थी कि अग्निपथ योजना को वापस लिया जाए.

    स्थानीय पत्रकार नेहा गुप्ता के मुताबिक, “अभी रेलवे स्टेशन को खाली करा लिया गया है. यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है. उग्र छात्रों ने रेलवे ट्रैक की चाबी खोल दी है जिसके चलते अप और डाउन दोनो को ही रेल परिचालन बाधित है. रेलवे स्टेशन पर जिला प्रशासन, रेल प्रशासन और अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती की गई है और आंसू गैस के गोले छोड़ कर उग्र प्रदर्शनकारियों को तितर बितर किया गया है.”

  19. UAE ने भारत के गेहूं के निर्यात पर चार महीने की रोक क्यों लगाई

  20. पाकिस्तान के पीएम शहबाज़ शरीफ़ ने पेट्रोल-डीज़ल की बढ़ी क़ीमत पर इमरान ख़ान की पूर्व सरकार को कोसा

    शहबाज़ शरीफ़

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    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने पेट्रोल-डीज़ल की बढ़ी क़ीमतों पर ट्वीट किया है.

    शहबाज़ शरीफ़ ने लिखा है, “पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतों में हुई वृद्धि के कारण जो असर पड़ेगा, उससे हम भलि-भांति परिचित हैं. सरकार के पास पूर्व सरकार की आईएमएफ़ डील (इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड) के कारण पेट्रोल -डीज़ल के दाम बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं था. हम जल्दी ही इस आर्थिक चुनौती से बाहर आ जाएXगे.”

    शहबाज़ शरीफ़ ने आगे लिखा है कि मुझे यह देखकर ताज्जुब होता है कि जिन लोगों ने इतनी बुरी डील की और आर्थिक मोर्चे पर इतने ख़राब फ़ैसले लिए वे सच्चाई का सामना नहीं कर पा रहे. वे निर्दोष होने का आडंबर कैसे कर सकते हैं, जबकि देश जिस दौर से गुज़र रहा है उसके लिए सिर्फ़ वही ज़िम्मेदार हैं.

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    पाकिस्तान में इस बार पेट्रोल के दाम में प्रति लीटर 24.03 रुपए बढ़ाए गए हैं. इसके साथ ही पाकिस्तान में पेट्रोल की नई क़ीमत अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है. पेट्रोल की नई क़ीमत 233.89 प्रति लीटर हो गई है. पेट्रोल के अलावा डीज़ल की क़ीमत में 59.16 रुपए बढ़ें हैं. डीज़ल की नई क़ीमत 263.31 रुपए हो गई है.

    ये बढ़ी हुई क़ीमत 16 जून से लागू हो जाएगी.

    इससे पहले पाकिस्तान के वित्त मंत्री मिफ़्ताह इस्माइल ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि सरकार इस स्थिति में नहीं है कि वो पेट्रोल और दूसरे पेट्रोलियम उत्पादों पर सब्सिडी दे सके. सब्सिडी ना दे पाने की स्थिति में पेट्रोल के दाम बढ़ाने के अलावा सरकार के पास कोई विकल्प नहीं बचता है, इसलिए पेट्रोल की क़ीमतों में वृद्धि की जा रही है.