पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान बुधवार को अपने हज़ारों समर्थकों के साथ इस्लामाबाद पहुँच गए.
इस बीच पूरे पाकिस्तान में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़पें देखने को मिली और अब तक 400 से अधिक पीटीआई कार्यकर्ताओं को गिरफ़्तार किया जा चुका है.
डी-चौक इस्लामाबाद का रेड ज़ोन इलाका है, जहाँ महत्वपूर्ण सरकारी भवन स्थित हैं. प्रदर्शन को देखते हुए इन संवेदनशील भवनों की सुरक्षा की कमान सेना को सौंप दी गई है.
इससे पहले डी-चौक पर प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बड़े-बड़े शिपमेंट कंटेनर रख दिए गए थे. इन्हें हटाने की कोशिश करने वाले पीटीआई कार्यकर्ताओं पर गोलियां तक चलाई गई हैं.
पाकिस्तानी चैनल जियो न्यूज़ से बात करते हुए गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह ने कहा है कि इमरान ख़ान की पार्टी पीटीआई के लॉन्ग मार्च के दौरान सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान का फिलहाल अंदाज़ा नहीं लगाया जा सकता है.
उन्होंने ये भी कहा, "मैंने सुना है एक मेट्रो स्टेशन में आग लगा दी गई है. अभी तक झड़पों में कई लोग घायल हुए हैं."
इस्लामाबाद पुलिस ने कहा है कि राजधानी के रेड ज़ोन में कोई एंट्री बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
पुलिस पर आरोप लग रहे हैं कि वो महिलाओं और बच्चों पर उन आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो एक्सपायर हो चुके हैं यानी जिनकी तारीख निकल चुकी है.
पाकिस्तानी पत्रकार हामिद मीर ने इमरान ख़ान की सरकार में मंत्री रही शिरीन मज़ारी के हवाले से ट्वीट किया, "एक्सपायर आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल न सिर्फ़ कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है बल्कि ये पाकिस्तानी नागरिकों के ख़िलाफ़ राणा सनाउल्लाह का आतंकवाद है."