प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी ने गुरुवार को हैदराबाद में एक रैली को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने परिवारवाद को
लेकर तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव पर निशाना साधा.
पीएम मोदी ने कहा,
''परिवारवाद सिर्फ़
राजनीतिक समस्या नहीं है बल्कि ये लोकतंत्र का और देश के युवाओं का सबसे बड़ा
दुश्मन है. हमारे देश ने देखा है कि भ्रष्टाचार कैसे एक परिवार वाली राजनीतिक
पार्टियों का चेहरा बन गया है. परिवारवाद वाली पार्टियां सिर्फ़ अपने विकास के
बारे में सोचती हैं. ये पार्टियां ग़रीबों के बारे में नहीं सोचतीं. उनकी राजनीति
इसी पर केंद्रित होती है कि कैसे एक परिवार के पास ताक़त बनी रहे और वो ज़्यादा से
ज़्यादा लूट सकें. ''
उन्होंने कहा,
''तेलंगाना आंदोलन इसलिए
नहीं चला था कि एक परिवार यहाँ के विकास के सपनों को लगातार कुचलता रहे. तेलंगाना
आंदोलन इसलिए नहीं चला था कि एक परिवार साम-दाम-दंड भेद का रास्ता अपनाकर तेलंगाना
को तबाह करने की साज़िश करता रहे.''
पीएम ने कहा,
''पिछले दिनों अलग-अलग
चुनावों में भाजपा की जीत इस बात का स्पष्ट संकेत है कि तेलंगाना में अब लोगों ने
मन बना लिया है. तेलंगाना में अब बदलाव पक्का है. तेलंगाना में अब भाजपा तय है.''
इसके जवाब में केसीआर ने कहा कि भाषणबाजी और वादे तो बहुत हो गए लेकिन हक़ीक़त ये है कि देश की हालत ख़राब है. केसीआर कर्नाटक में पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा और कर्नाटक के पूर्व सीएम कुमारस्वामी से मुलाक़ात करने पहुँचे थे.
उन्होंने कहा, ''जब हम अमृत महोत्सव मना रहे हैं तो हम बिजली और पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं. ये क्या हो रहा है. सरकार कांग्रेस की बनेगी, उसके बिना बनेगी, बीजेपी की बनेगी, किसकी बनेगी ये बात नहीं है. एक उज्जवल हिंदुस्तान बनेगा ये बात मैं कह सकता हूँ. उज्जवल हिंदुस्तान बनने का सारा प्रयास करना चाहिए. पत्रकारों को भी इसमें योगदान करना पड़ेगा. सनीसनीखेज़ ख़बरों को छोड़िये देश को एक सकारात्मक लाइन में बनाने की बात होनी चाहिए.''
केसीआर ने कहा, ''हमारे साथ जो देश आज़ाद हुए वो काफ़ी आगे निकल चुके हैं. हम जहाँ के वहाँ रह गए. आज देश में किसान, दलित, आदिवासी कोई ख़ुश नहीं है. दिन पर दिन हालत बहुत बिगड़ती जा रही है.''
''भाषणबाजी तो बहुत होती है, वादे किए जाते हैं लेकिन होता ये है कि उद्योग बंद हो रहे हैं, जीडीपी क्रैश हो रही है, महंगाई बढ़ी हुई है, रुपया डॉलर के मुक़ाबले इतना गिर गया है जैसा इतिहास में कभी नहीं हुआ. तो इन चीज़ों के मद्देनज़र देश के युवाओं, बुद्धिजीवियों और पत्रकारों का ये फ़र्ज बनता है कि ये भारत बदले. देवेगौड़ा और कुमारस्वामी के साथ हमने राष्ट्रीय राजनीति से लेकर कर्नाटक की राजनीति पर बात की. दो तीन महीनों के बाद आपको सनसनीखेज़ ख़बर मिलेगी.''