एशिया हॉकी कप: भारत ने इंडोनेशिया को दी 16-0 से मात, सुपर 4 में बनाई जगह

एशिया कप 2022 अगले साल होने वाले मेन्स हॉकी विश्व कप के लिए क्वालिफाइंग टूर्नामेंट है जिसका आयोजन भारत में किया जाएगा.

लाइव कवरेज

प्रियंका झा

  1. इमरान ख़ान के लॉन्ग मार्च के बीचबढ़ा तनाव, प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागे गए

    पाकिस्तान लॉन्ग मार्च

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    पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के आज़ादी मार्च के बीच पंजाब प्रांत में हर ओर तनाव बढ़ गया है. बुधवार को ऐसे कई वीडियो आए, जिसमें पुलिस पीटीआई कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई करते देखी गई और आंसू गैस के गोले भी दागे गए हैं.

    इमरान ख़ान के लॉन्ग मार्च के एलान के बाद से ही इस्लामाबाद जाने वाले मुख्य राजमार्गों पर बेरिकेडिंग कर दी गई और जगह-जगह बड़े शिपिंग कंटेनर लगा दिए गए. हालाँकि, प्रदर्शनकारियों ने इन कंटेनरों को हटाने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस के साथ तनाव बढ़ गया.

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    पीटीआई के अध्यक्ष इमरान ख़ान ने घोषणा की थी कि वो 25 मई को पेशावर से लॉन्ग मार्च शुरू करने के बाद इस्लामाबाद के डी-चौक पहुंचेंगे. इस एलान के बाद देश के गृहमंत्री राना सनाउल्लाह ने साफ़ कहा था कि किसी भी कार्यकर्ता को इस्लामाबाद में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा.

    पाकिस्तान मार्च

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    इमेज कैप्शन, प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए जगह-जगह बड़े कंटेनर लगाए गए हैं

    डॉन न्यूज़ के मुताबिक, इमरान ख़ान पेशावर से रवाना हो चुके हैं. कुछ वीडियो में पुलिस अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें भी देखी जा सकती हैं.

    पीटीआई ने एक वीडियो ट्वीट कर के ये दावा किया है कि शाहदरा इलाके में भी प्रदर्शनकारियों को रोका गया है. लाहौर में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठियां भी बरसाई हैं.

  2. NIA यासीन मलिक के लिए चाहती है- सज़ा-ए-मौत

    यासिन मलिक

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    इमेज कैप्शन, यासिन मलिक

    क़ानूनी मामलों पर कवरेज करने वाले बीबीसी के सहयोगी पत्रकार सुचित्र मोहंती के अनुसार, कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक के लिए आतंकवाद वित्त पोषण मामले में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी यानी एनआईए ने सज़ा-ए-मौत की मांग की है.

    हालाँकि एमिकस क्यूरी ने मौत की सज़ा से कम की मांग की है. दिल्ली की एक अदालत यासीन मलिक को दोषी ठहराने के बाद शाम में 3.30 बजे सज़ा की घोषणा करेगी.

    यासीन मलिक पर अनलॉफुल एक्टिविटिज (प्रिवेंशन) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था. एनआईए के स्पेशल कोर्ट के जज प्रवीण सिंह सज़ा सुनाएंगे. 19 मई को अदालत ने यासीन मलिक को आतंकवादियों को मदद मुहैया करने के मामले में दोषी ठहराया था.

    यासीन मलिक जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ़्रंट (JKLF) के अध्यक्ष तो थे ही साथ ही इसके संस्थापकों में से भी एक थे. इस संगठन ने 1989 और उसके कुछ सालों बाद तक मूल रूप से कश्मीर घाटी में सशस्त्र उग्रवाद का नेतृत्व किया था.

    यासीन मलिक जम्मू और कश्मीर को भारत और पाकिस्तान दोनों से आज़ादी दिलाने की वकालत करते हैं. बाद में उन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़ दिया और बातचीत का रास्ता अपनाया, लेकिन वो कश्मीर की भारत और पाकिस्तान दोनों से आज़ादी की वकालत करते रहे.

    कश्मीर में विरोध प्रदर्शन

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    1966 में श्रीनगर में जन्मे मलिक अभी तिहाड़ जेल में क़ैद हैं. वो कई बार जेल जा चुके हैं. पहली बार उन्हें जब जेल भेजा गया था तो उनकी उम्र केवल 17 साल थी. उनका दावा है कि उन्होंने 1980 में भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा हिंसा को देखने के बाद हथियार उठाए थे.

    वो 1983 में घाटी में उस समय लोगों की नज़रों में आए जब उन्होंने श्रीनगर में वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ श्रीनगर में पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच को बाधित करने की कोशिश की. वो गिरफ़्तार कर लिए गए जिसके बाद वो चार महीने के लिए जेल में डाल दिए गए.

    यासीन मलिक की सज़ा से पहले जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.

    श्रीनगर के मैयसूमा इलाक़े में प्रदर्शन के बाद पत्थरबाजी होने की घटना भी सामने आई. बताया जा रहा है कि भीड़ को काबू करने के लिए सुरक्षाबलों ने आंसू गैस के गोले दागे. मौके पर तनाव की स्थिति बनी हुई है और सुरक्षाबल तैनात हैं.

    श्रीनगर के कुछ हिस्सों में शटडाउन किया गया है. यासीन मलिक के घर के पास लालचौक पर भी विरोध प्रदर्शन हुए हैं.

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  3. कोचराब आश्रम का स्थापना दिवस है. इसे महात्मा गांधी ने स्थापित किया था., इस बारे में ज्यादा जानकारी दे रहे हैं बीबीसी संवाददाता रॉक्सी गागडेकर छारा

  4. ब्रेकिंग न्यूज़, कपिल सिब्बल ने छोड़ी कांग्रेस, सपा के समर्थन से राज्यसभा के लिए भरा पर्चा

    कपिल सिब्बल

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    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने बुधवार को कहा कि उन्होंने 16 मई को ही कांग्रेस पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया था.

    कपिल सिब्बल ने कहा कि वह विपक्ष में रहकर एक गठबंधन बनाना चाहते हैं ताकि मोदी सरकार का विरोध किया जा सके. कपिल सिब्बल ने कहा कि मोदी सरकार का 2024 में साझा विरोध होना चाहिए.

    कपिल सिब्बल ने बुधवार को उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की सांसदी के लिए पर्चा भरा है. उन्होंने कहा कि उनकी उम्मीदवारी का समर्थन समाजवादी पार्टी समेत कई दलों से मिल रहा है. कपिल सिब्बल कांग्रेस के नाराज़ धड़ा जी-23 के अहम हिस्सा थे. वह पार्टी से लंबे समय से नाराज़ चल रहे थे.

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    कपिल सिब्बल जब राज्यसभा के लिए नामांकन भर रहे थे तो उनके साथ समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भी थे. सिब्बल की क़रीबी एक वकील के तौर पर अखिलेश यादव के परिवार से पहले से ही रही है. शिवपाल यादव से जब विवाद हुआ था और समाजवादी पार्टी बँटी हुई दिख रही थी, तब सिब्बल ने कहा था कि साइकिल चुनाव चिह्न अखिलेश को ही मिलना चाहिए.

    समाचार एजेंसी एनएनआई के अनुसार, कपिल सिब्बल के नामांकन के बाद अखिलेश यादव ने कहा, ''समाजवादी पार्टी के समर्थन से कपिल सिब्बल ने राज्यसभा के लिए नामांकन भरा है. वह एक जाने-माने वकील हैं. राज्यसभा और लोकसभा में वह प्रभावी तरीक़े से लोगों के मुद्दे उठाते हैं. देश कई चीज़ों से जूझ रहा है और मुझे उम्मीद है कि राज्यसभा में वह इन मुद्दों को प्रभावी तरीक़े से उठाएंगे.''

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    कपिल सिब्बल ने इसी साल मार्च में अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में गाँधी-नेहरू परिवार पर हमला बोलते हुए कहा था, ''गांधी परिवार को पार्टी का नेतृत्व छोड़ देना चाहिए. नेतृत्व का मौक़ा अब किसी और को मिलना चाहिए.''

    इंटरव्यू के सामने आते ही कांग्रेस में गांधी परिवार के वफादार नेताओं ने उन पर तीखा वार किया था. पार्टी के सीनियर नेताओं ने सिब्बल पर आरएसएस और बीजेपी की भाषा बोलने का आरोप लगाया था.

    सिब्बल ने इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि सोनिया, राहुल और प्रियंका गांधी को पार्टी नेतृत्व से हट जाना चाहिए. उन्हें पार्टी की कमान अब किसी दूसरे को दे देना चाहिए. इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, ''कांग्रेस नेतृत्व ख्याली दुनिया में जी रहा है जबकि मैं 'सबकी कांग्रेस' चाहता हूँ, जबकि कुछ लोग 'घर की कांग्रेस' चाहते हैं. ''

  5. पाकिस्तान को सऊदी अरब फिर से बड़ी राहत देने की तैयारी में

    सऊदी के विदेश मंत्री मोहम्मद अल-जदान

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    सऊदी अरब तंगहाल पाकिस्तान को तीन अरब डॉलर का क़र्ज़ चुकाने के लिए और मोहलत देने पर जल्द ही फ़ैसला ले लेगा. सऊदी अरब के विदेश मंत्री मोहम्मद अल-जदान ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को इसकी जानकारी दी.

    दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम से अलग समाचार एजेंसी रॉयटर्स से बातचीत में जदान ने कहा, "हम फ़िलहाल पाकिस्तान को दिए तीन अरब डॉलर के डिपॉज़िट की मियाद को बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं."

    बीते साल सऊदी अरब ने स्टेट बैंक ऑफ़ पाकिस्तान में विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाने में मदद के लिए तीन अरब डॉलर डिपॉज़िट किए थे.

    जदान ने कहा कि पाकिस्तान उनका अहम सहयोगी है और सऊदी हमेशा उसके पीछे मदद के लिए खड़ा रहेगा.

    आसमान छूती महंगाई, विदेशी मुद्रा भंडार घटने और मुद्रा की कीमत गिरने के बीच पाकिस्तान को फिलहाल विदेशी आर्थिक मदद की सख्त ज़रूरत है.

    पाकिस्तान की आर्थिक हालत पस्त है. विदेशी मुद्रा भंडार यहाँ भी ख़ाली है. आयात कम करने और विदेशी मुद्रा बचाने के लिए पाकिस्तान ने पिछले हफ़्ते ही सभी ग़ैर-ज़रूरी लग्ज़री सामानों के आयात पर पाबंदी लगा दी थी. पाकिस्तान में इस स्थिति को आर्थिक आपातकाल कहा जा रहा है.

    पाकिस्तान का चालू खाता घाटा 17 अरब डॉलर से ज़्यादा हो गया है. पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार 16 अरब डॉलर तक सिमट गया है और वहाँ की मुद्रा रुपया भी एक डॉलर की तुलना में 200 रुपए तक पहुँच गया है. पाकिस्तान की सूचना और प्रसारण मंत्री मरियम औरंगज़ेब ने पत्रकारों से कहा था कि जिन लग्ज़री सामानों के आयात पर पाबंदी लगाई गई है, उनका इस्तेमाल बहुत ही कम लोगों के बीच होता है.

    पाकिस्तान की वित्तीय मामलों की जांच एजेंसी फ़ेडरल बोर्ड ऑफ़ रेवेन्यू यानी एफ़बीआर के पूर्व चेयरमैन सैयद शब्बर ज़ैदी ने 15 मई को ट्वीट कर कहा था कि पाकिस्तान की हालत श्रीलंका से अलग नहीं है.

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  6. सऊदी अरब ने इसराइल को लेकर दिया अहम बयान

    सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फ़ैसल बिन फ़रहान

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    सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फ़ैसल बिन फ़रहान ने दोहराया है कि इसराइल के साथ रिश्ते सामान्य करने को लेकर सऊदी के रुख़ में कोई बदलाव नहीं आया है.

    प्रिंस फ़ैसल ने दावोस में मंगलवार को वर्ल्ड इकनॉमिक फ़ोरम में कहा, ''मैंने अतीत में भी इसे लेकर कई बार कहा है और इसमें कोई बदलाव नहीं आया है. हम हमेशा इसराइल से रिश्ते सामान्य करने के बारे में सोचते हैं. इसराइल और इस इलाक़े से रिश्ते सामान्य होते हैं तो बहुत फ़ायदा होगा. लेकिन जब तक फ़लस्तीनियों के मुद्दे का समाधान नहीं हो जाता है तब तक इसराइल के साथ रिश्ते सामान्य करना संभव नहीं है.''

    सऊदी अरब के विदेश मंत्री ने ईरान को लेकर कहा कि बातचीत में कुछ प्रगति हुई है लेकिन यह नाकाफ़ी है. प्रिंस फ़ैसल बिन फ़रहान ने कहा कि ईरान के साथ सऊदी अरब ने बातचीत बंद नहीं की है.

    इराक़ की राजधानी बग़दाद में ईरान और सऊदी अरब के बीच पाँच चरण की बातचीत हुई है. वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम में सऊदी के विदेश मंत्री ने कहा, ''बातचीत में कुछ प्रगति हुई है लेकिन यह नाकाफ़ी है. हम अपने पड़ोसियों को लेकर बहुत गंभीर हैं. इस इलाक़े में सहयोग बढ़ने से सबको फ़ायदा है.'' ईरान और सऊदी अरब के बीच 2016 से ही राजनयिक रिश्ते टूटे हुए हैं.

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  7. पाकिस्तान में आज क्या होने वाला है, इन तस्वीरों से बढ़ी टेंशन

    इमरान ख़ान

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    पाकिस्तान में इमरान ख़ान के लॉन्ग मार्च से पहले पीएमएल-एन नेता मरियम नवाज शरीफ़ ने दावा किया है कि पंजाब पुलिस ने पीटीआई नेताओं के पास से बड़ी संख्या में हथियार बरामद किए हैं.

    मरियम नवाज़ ने एक ट्वीट किया, जिसमें हथियार की तस्वीरें हैं. उन्होंने साथ में लिखा, "पंजाब लाहौर पुलिस ने पीटीआई के लाहौर नेता ज़ुबैर नियाज़ी और बजश नियाज़ी के वाहनों से हथियार बरामद किए. केस दर्ज कर लिया गया है. ये तथाकथित लॉन्ग मार्च का बदसूरत चेहरा है. यही मंसूबे हैं."

    पाकिस्तान में इमरान ख़ान के मार्च को लेकर काफ़ी हलचल है. कई ज़रूरी सेवाएं बाधित होने की भी ख़बर है. क्रिकेटर मोहम्मद हफ़ीज़ ने ट्वीट कर कहा है कि लाहौर में पेट्रोल पंप पर न तेल मिल रहा है और न ही एटीएम में पैसे हैं.

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    पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तरहरीक-ए-इंसाफ़ पार्टी (पीटीआई) के अध्यक्ष इमरान ख़ान ने घोषणा की है कि वो 25 मई को पेशावर से लॉन्ग मार्च शुरू करने के बाद इस्लामाबाद के डी-चौक पहुंचेंगे.

    इस एलान के बाद इस्लामाबाद जाने वाले मुख्य राजमार्गों पर बेरिकेडिंग की जा रही हैं. देश के गृह मंत्री राना सनाउल्लाह ने साफ़ कहा है कि किसी भी कार्यकर्ता को इस्लामाबाद में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा.

    पाकिस्तानी पत्रकार हामिद मीर ने भी एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा है कि राजनीतिक रैलियों में हथियार न ले जाएं. ये न सिर्फ़ लोगों के जीवन बल्कि आपकी राजनीतिक विचारधारा के लिए भी ख़तरा है.

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    इस बीच पाकिस्तानी क्रिकेटर मोहम्मद हफ़ीज़ ने लॉन्ग मार्च की वजह से आम लोगों को हो रही परेशानियों पर सवाल किया है.

    हफ़ीज़ ने ट्वीट किया, "लाहौर के किसी भी पेट्रोल पंप पर पेट्रोल नहीं मिल रहा. एटीएम मशीनों में पैसे नहीं है. राजनीति फ़ैसलों की वजह से एक आम आदमी को क्यों परेशानी झेलनी पड़े."

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    वहीं इमरान ख़ान ने कहा है, ''आपको डराने की कोशिश की गई है. ख़ुदा के वास्ते ख़ौफ़ की जंजीरें तोड़ दें. मुझे तो अपनी जान का डर नहीं है. आप क्या जेल में जाने से डर रहे हैं? ये 22 करोड़ लोगों को जेल में बंद नहीं कर सकते. ईमान वाले लोगों में ख़ौफ़ नहीं होता. मैं सारी ब्यूरोक्रेसी को देख रहा हूँ. ब्यूरोक्रेसी किसके हुक्म पर काम कर रही है? ब्यूरोक्रेसी ग़ैर-क़ानूनी आदेश ना माने. इस्लामाबाद के आईजी को मैं देख रहा हूँ. मैं अपने नौजवानों को पैग़ाम देता हूँ कि ये जंग मुल्क के लिए है न कि मेरी जंग है. किसी से डरने की ज़रूरत नहीं है. मैं इंशाअल्लाह आज पख़्तुनख़्वा से निकलूंगा. कोई मुझे रोकना चाहे तो रोक कर दिखा दे.

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  8. बाइडन के एशिया से जाते ही उत्तर कोरिया ने दागी तीन बैलिस्टिक मिसाइलें

    उत्तर कोरिया मिसाइल टेस्ट

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    इमेज कैप्शन, फ़ाइल फ़ोटो

    उत्तर कोरिया ने बुधवार सुबह तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं. दक्षिण कोरिया की सेना ने ये दावा किया है.

    सोल में अधिकारियों ने कहा कि ये मिसाइलें प्योंगयांग के सुनान इलाके में एक घंटे से भी कम समय के अंदर दागी गईं.

    उत्तर कोरिया ने ये मिसाइलें ऐसे समय फायर की हैं, जब अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन पाँच दिवसीय एशिया दौरे से लौटे हैं. इस दौरान बाइडन जापान और दक्षिण कोरिया गए थे.

    उत्तर कोरिया इस साल के शुरुआत से ही कई बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण कर चुका है.

    जापान की ओर से पुष्टि की गई है कि बुधवार को कम से कम दो मिसाइलें लॉन्च हुई हैं. हालाँकि, जापान ने कहा है कि इसकी संख्या अधिक भी हो सकती हैं.

    जापान के रक्षा मंत्री नोबुओ किशि ने कहा कि पहली मिसाइल करीब 300 किलोमीटर दूर और 550 किलोमीटर ऊंचाई तक गई. वहीं, दूसरी मिसाइल 50 किलोमीटर ऊंची और करीब 750 किलोमीटर दूर तक गई.

    नोबुओ किशि ने इन परीक्षणों को आलोचना की और इसे अस्वीकार्य बताया. उन्होंने कहा कि इससे जापान और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की शांति, स्थिरता और सुरक्षा को खतरा है.

    अमेरिका और दक्षिण कोरिया के अधिकारियों ने पहले ही चेताया था कि उत्तर कोरिया बाइडन के दौरे के समय हथियार परीक्षण कर सकता है.

  9. उत्तर प्रदेश विधानसभा में सीट बदलने के लिए शिवपाल यादव ने स्पीकर को लिखी चिट्ठी

    शिवपाल यादव

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    प्रगतिशील समाजवादी पार्टी-लोहिया के अध्यक्ष और विधायक शिवपाल सिंह यादव ने उत्तर प्रदेश विधानसभा स्पीकर से सदन में अपनी सीट बदलने का आग्रह किया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई ने उत्तर प्रदेश विधानसभा के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से इसकी जानकारी दी है.

    अधिकारी ने बताया, "शिवपाल सिंह यादव ने यूपी विधानसभा के प्रिंसिपल सेक्रेटरी को चिट्ठी लिखकर अपनी सीट बदलने का निवेदन किया है."

    इसके पीछे के कारण पूछे जाने पर पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से लिखा है, "संभवतः शिवपाल यादव समाजवादी पार्टी के विधायकों के साथ नहीं बैठना चाहते हैं."

    67 वर्षीय शिवपाल यादव फिलहाल ईटावा ज़िले की जसवंतनगर सीट से विधायक हैं. भतीजे अखिलेश यादव के साथ विवाद के बाद शिवपाल यादव ने अपनी पार्टी बना ली थी. दोनों के बीच 2022 विधानसभा चुनाव के लिए गठबंधन भी हुआ था.

    अखिलेश यादव और शिवपाल यादव के बीच बीते कई दिनों से तनाव बढ़ने की अटकलें लगाई जा रही है.

    शिवपाल यादव ने इस बीच सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलने के बाद उन्हें ट्विटर पर फॉलो किया, जिससे उनकी बीजेपी से बढ़ती करीबी के संकेत मिले.

    नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बुलाई अखिलेश यादव की बैठक में न्योता न मिलने के बाद शिवपाल यादव ने समाजवादी पार्टी की अगुवाई में हुई विपक्षी दलों की बैठक में हिस्सा नहीं लिया था.

  10. गेहूँ के बाद अब सरकार ने चीनी के निर्यात पर लगाई पाबंदी

    चीनी

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    केंद्र सरकार ने गेहूँ के बाद अब चीनी के निर्यात पर भी रोक लगा दी है. ये पाबंदी एक जून से प्रभावी होगी.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, इस पाबंदी का मकसद घरेलू बाज़ार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाना और इसकी कीमतों में बढ़ोतरी को रोकना है.

    हालाँकि, ये पाबंदी सीएक्सएल और टीआरक्यू के तहत यूरोपीय संघ और अमेरिका को निर्यात की जा रही चीनी पर लागू नहीं होगी. सीएक्सएल और टीआरक्यू के तहत इन क्षेत्रों में एक निश्चित मात्रा में चीनी का निर्यात किया जाता है.

    सरकार ने 100 एलएमटी (लाख मीट्रिक टन) तक चीनी के निर्यात की इजाज़त देने का फैसला किया है.

    ब्राज़ील के बाद भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक और निर्यातक देश है.

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  11. टेक्सस गोलीबारी पर आया बराक ओबामा का बयान, कहा सख़्त क़दम उठाने की ज़रूरत

    बराक ओबामा

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    अमेरिका के टेक्सस में हुई भीषण गोलीबारी के बाद पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि उनका देश लकवाग्रस्त हो चुका है.

    ओबामा ने कहा, "पूरे देश में माँ-बाप अपने बच्चों को बिस्तर पर सुलाते हैं, कहानी और लोरियां सुनाते हैं. लेकिन उनके दिमाग में कहीं ये चिंता रहती है कि अगर कल को वो अपने बच्चे को स्कूल में, किसी दुकान या किसी भी सार्वजनिक जगह पर छोड़कर जाते हैं, तो उसके साथ क्या हो जाएगा."

    ओबामा और उनकी पत्नी मिशेल ओबामा ने गोलीबारी में मारे गए बच्चों के परिवारों के प्रति संवेदना ज़ाहिर करते हुए कहा, "हम भी उनके लिए आक्रोशित हैं."

    ओबामा ने कहा, "सैंडी हुक में हमले के 10 साल बाद और बफ़ेलो सुपरमार्केट में गोलीबारी के 10 दिन बाद- हमारा देश लकवाग्रस्त हो गया है. ये डर के कारण नहीं है, बल्कि बंदूक के पैरोकारों और एक राजनीतिक पार्टी की वजह से है जो इस तरह की त्रासदी से बचने के लिए कोई ठोस कदम उठाने की इच्छुक ही नहीं है."

    बराक ओबामा ने कहा, "लंबे समय से हमें कदम उठाने की ज़रूरत है."

    साल 2015 में राष्ट्रपति पद छोड़ते समय, ओबामा ने बीबीसी न्यूज़ से कहा था कि बंदूक रखने के नियमों में सुधार करने में उनके प्रशासन की विफलता ही राष्ट्रपति रहते हुए उनकी सबसे बड़ी परेशानी थी.

  12. टेक्सस में गोलीबारी के बाद बोले जो बाइडन- अब एक्शन का समय आ गया

    बाइडन

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    टेक्सस के स्कूल में हुई गोलीबारी की घटना पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि अब समय आ गया जब इस दुख को एक्शन में बदलना होगा.

    इस गोलीबारी में 18 बच्चों सहित कुल 21 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. अधिकांश बच्चों की उम्र 7 से 10 साल के बीच थी.

    बाइडन क्वॉड सम्मेलन के लिए जापान के दौरे पर थे. व्हाइट हाउस पहुँचते ही उन्होंने अपनी पत्नी जिल बाइडन के साथ इस हादसे पर शोक व्यक्त किया.

    बाइडन ने कहा, "इस तरह की मास शूटिंग दुनिया में कहीं और कम ही होती है. क्यों? दूसरे देशों में मानसिक स्वास्थ्य की समस्या है, उनके घरेलू विवाद हैं. लेकिन बार-बार इस तरह से वहां गोलीबारी नहीं होती जैसे अमेरिका में होती है. हम इस तरह की मार-काट के बीच क्यों रहना चाहते हैं?"

    उन्होंने कहा, "हम ये लगातार क्यों होने दे रहे हैं? अब समय आ गया है जब इस पीड़ा को हमें एक्शन में बदलना होगा. हर माता-पिता के लिए, इस देश के हर नागरिक के लिए. हमें इस देश के हर चुने हुए अधिकारी को ये स्पष्ट करना होगा, कि अब कदम उठाने का समय आ गया है."

    बाइडन ने कहा, "अब उन लोगों का भी समय आ गया है जो हथियार के लिए नए कानून की राह में अड़चन डाल रहे हैं. हमें आपको बताने की ज़रूरत है कि हम ये नहीं भूलेंगे. हम बहुत कुछ कर सकते हैं और हमें करना होगा."

  13. अमेरिका: टेक्सस के स्कूल में एक युवक ने की अंधाधुंध गोलीबारी, 21 की मौत

    अमेरिका फायरिंग

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    अमेरिका के टेक्सस में मंगलवार को एक 18 वर्षीय युवक ने अंधाधुंध फायरिंग की जिसमें अब तक 21 की मौत की पुष्टि हो चुकी है.

    ये हमला टेक्सस के रॉब एलीमेंट्री स्कूल में हुआ, जो सैन एंटोनियो से करीब 80 मील की दूरी पर है.

    संदिग्ध हमलावर 18 वर्षीय युवक था. टेक्सस के गवर्नर के अनुसार इस युवक का नाम सल्वाडोर रामोस था.

    ख़बरों के अनुसार, हमलावर की पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मौत हो गई है.

    मरने वालों में अधिकतर दूसरी, तीसरी और चौथी कक्षा के बच्चे थे, जिनकी उम्र 7 से 10 साल के बीच बताई जा रही है.

    हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इसपर शोक जताते हुए कहा, "एक बच्चे को खोना अपने दिल के एक टुकड़े को खोने के बराबर है. इससे आपके सीने में एक खालीपन रहता है और चीज़ें फिर कभी वैसी नहीं रहती, जैसी थीं." बाइडन के साथ उनकी पत्नी और फर्स्ट लेडी जिल बाइडन भी मौजूद थीं.

    वहीं, अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने हमले के बाद नई गन पॉलिसी लाए जाने की मांग उठाई है, ताकि भविष्य में इस तरह के मामले न दोहराए जाएं. वॉशिंगटन में एक कार्यक्रम के दौरान कमला हैरिस ने कहा, "हर बार जब ऐसा हादसा होता है तो हमारा दिल टूटता है, लेकिन फिर भी ये हो रहा है. अब बस. एक राष्ट्र के तौर पर हमारे अंदर सख्त कदम उठाने का साहस होना चाहिए और एक नई गन पॉलिसी लाई जानी चाहिए,ताकि दोबारा ऐसा न हो."

    अमेरिका फ़ायरिंग

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    अमेरिकी मीडिया के अनुसार हमले में मारे जाने वालों में 18 बच्चे हैं और तीन व्यस्क. स्टेट सीनेटर रोलैंड गुतियेरेज़ ने कहा कि उन्हें स्थानीय पुलिस ने मरने वालों की संख्या 21 बताई है.

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