IPL 2022: RRvsCSK: रविचंद्रन अश्विन ने चेन्नई से छीना मैच, राजस्थान बनी नंबर-2 टीम
अंतिम ओवरों में रविचंद्रन अश्विन ने तेज़ 40 रनों की बदौलत राजस्थान रॉयल्स ने चेन्नई सुपर किंग्स को आईपीएल के आखिरी लीग मैच में हरा कर राजस्थान को पॉइंट टेबल में दूसरे स्थान पर ला दिया है.
लाइव कवरेज
भूमिका राय and चंदन शर्मा
जुमे की नमाज़ से पहले ज्ञानवापी प्रबंधन की अपील - कम तादाद में आएं मस्जिद, वज़ू घर से करके आएं

अंजुमन इंतेज़ामिया मस्जिद ने ज्ञानवापी मस्जिद में जुमे की नमाज़ के पहले एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपील की है कि बहुत बड़ी तादाद में नमाज के लिए आने से परहेज़ करें.
इस बीच बीबीसी संवाददाता अनंत झणाणें ने बताया कि मस्जिद की ओर से अपील की जा रही है कि मस्जिद भर चुकी है, इसलिए लोग आस-पास की दूसरी मस्जिदों में नमाज़ अदा करने के लिए जाएं. बावजूद इसके लोगों का मस्जिद में जाना जारी है.
अंजुमन इंतेज़ामिया मस्जिद ने जो विज्ञप्ति जारी की है उसमें लिखा गया है, “जैसाकि आपको पता है कि शाही जामा मस्जिद ज्ञानवापी का मामला इस वक़्त सिविल कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में है और वज़ू खाने को और शौचालय को सील कर दिया गया है.”
“ऐसे में वज़ू को लेकर दिक़्क़त पेश आ रही है. क्योंकि जुमे के दिन नमाज़ियों की संख्या अधिक रहती है इसलिए दिक़्क़त हो जाएगी. ऐसे में आप सभी से अपील है कि बड़ी तादात में नमाज़ के लिए आने से परहेज़ करें और जुमा की नमाज़ अपने मुहल्ले में ही अदा करें. साथ ही वजू भी घर से ही करके आएं.”
अंजुमन इंतेज़ामिया मस्जिद की ओर से लोगों से मदद की अपील की गई है.
अपील के बावजूद इस बीच ज्ञानवापी मस्जिद के बाहर बड़ी संख्या में लोग नमाज़ के लिए जमा हुए हैं. पुलिस बल भी गेट नंबर चार के बाहर मौजूद है.
ज्ञानवापी मामले में सुप्रीम कोर्ट आज दोपहर तीन बजे सुनवाई करने वाला है.
पटना से LIVE: लालू यादव पर दर्ज हुआ एक और केस
पीएम नरेंद्र मोदी भाषा विवाद पर क्या बोले?

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राजस्थान के जयपुर में हो रही बीजेपी की राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में पीएम मोदी ने हाल के दिनों में राष्ट्र भाषा पर छिड़ी बहस पर अपनी राय दी है.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “नई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी में स्थानीय भाषाओं को प्राथमिकता देना, हर क्षेत्रीय भाषा के प्रति हमारे कमिटमेंट को दिखाता है. भाजपा, भारतीय भाषाओं को भारतीयता की आत्मा मानती है और राष्ट्र के बेहतर भविष्य की कड़ी मानती है.”
ग़ौरतलब है कि हाल में हिंदी फ़िल्म अभिनेता अजय देवगन ने एक ट्वीट किया था जिसमें उन्होंने हिंदी के राष्ट्रीय भाषा होने की बात कही थी. उसके बाद इस सारे मुद्दे पर देश में एक बहस सी छिड़ गई थी.
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कई दक्षिण भारतीय अभिनेताओं ने देवगन के ट्वीट पर प्रतिक्रिया दी थी. इसके अलावा पीएम ने विपक्ष पर भी निशाना साधा.
उन्होंने कहा, ” आज कुछ पार्टियों का इकोसिस्टम पूरी ताकत से देश को मुख्य मुद्दों को भटकाने में लगा हुआ है.हमें कभी ऐसी पार्टियों के जाल में नहीं फंसना है.”
पीएम मोदी ने अपनी सरकार से पहले की सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा ‘हमारे देश में एक लंबा कालखंड ऐसा रहा जब लोगों की सोच ऐसी हो गई थी कि बस किसी तरह समय निकल जाए. न सरकार से उनको अपेक्षा थी और न ही सरकार उनके प्रति अपनी कोई जवाबदेही समझती थी. 2014 के बाद भाजपा देश को इस सोच से बाहर निकालकर लाई है.’
इतिहास रचने वाली वर्ल्ड चैम्पियन निखत ज़रीन

नवजोत सिंह सिद्धू ने सरेंडर करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से मांगा अतिरिक्त समय

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कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने सरेंडर करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से कुछ और हफ़्तों का समय मांगा है.
सिद्धू ने मेडिकल आधार पर कोर्ट से अतिरिक्त समय मांगा है.
जस्टिस एएम खानविल्कर की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने हाज़िर हुए सिद्धू के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने उनके स्वास्थ्य का हवाला देते हुए अतिरिक्त समय मांगा.
कोर्ट ने सिंघवी को एक आवेदन दायर करने और चीफ़ जस्टिस के सामने मामले को पेश करने का आदेश दिया है.
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इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को तीन दशक पुराने रोड रेज मामले में सिद्धू को एक साल जेल की सज़ा सुनाई थी.
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाख़िल की गई थी. यह मामला क़रीब तीन दशक से भी अधिक पुराना है.
पीड़ित परिवार ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के साल 2018 के फ़ैसले के ख़िलाफ़ पुनर्विचार याचिका दायर की थी.
अपने साल 2018 के फ़ैसले में सुप्रीम कोर्ट ने सिद्धू पर लगे ग़ैर-इरादतन हत्या के आरोप को ख़ारिज कर दिया था और उनकी तीन साल की सज़ा को बदलते हुए, उन पर एक हज़ार रुपये का जुर्माना लगाया था.
सिद्धू ने दी थी प्रतिक्रिया
सुप्रीम कोर्ट के सज़ा सुनाए जाने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू ने इस पर प्रतिक्रिया दी थी.
उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि "वो खुद को क़ानून के हवाले कर देंगे."
कल आया था फ़ैसला
ये मामला वर्ष 1988 का है.
सिद्धू पर आरोप था कि उन्होंने गुरनाम नाम के एक व्यक्ति की पिटाई की जिसके बाद उसकी मौत हो गई. निचली अदालत ने सिद्धू को इस मामले में पहले बरी कर दिया था लेकिन वर्ष 1999 में हाईकोर्ट में इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील की गई थी.
बाद में पंजाब -हरियाणा हाई कोर्ट ने सिद्धू को दोषी ठहराया था और ग़ैर-इरादतन हत्या के मामले में तीन साल की क़ैद की सज़ा सुनाई थी. जिसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँचा था और सुप्रीम कोर्ट ने साल 2018 का आदेश दिया था.
असम के 27 ज़िले बाढ़ से प्रभावित, 7 लाख से अधिक लोग प्रभावित
....में - Author, दिलीप कुमार शर्मा
- पदनाम, गुवाहाटी से, बीबीसी हिंदी के लिए

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असम में आई भीषण बाढ़ में अबतक 9 लोगों की मौत हो चुकी है.
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, इस समय असम के 27 प्रभावित ज़िलों के 1790 गांव बाढ़ में डूबे गए हैं.
बाढ़ के कारण 7 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं.
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा है कि उनकी सरकार बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद करने और राहत उपाय करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रही है. सरकार के पास पर्याप्त खाद्य सामग्री मौजूद है.
उन्होंने कहा कि बाढ़ से निपटने के लिए वायु सेना और सुरक्षाबलों के साथ ही एनडीआरएफ की टीम राज्य सरकार की लगातार मदद कर रही है.
नौगांव, होजाई, दीमा हसाओ और कछार ज़िले सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं.
केवल नौगांव ज़िले में 3 लाख 31 हज़ार से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए है.

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सरकार के आपदा प्रबंधन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य के 14 ज़िलों में 359 राहत शिविर खोले गए है जिनमें 80 हज़ार से अधिक लोगों ने शरण ले रखी है.
राज्य में बाढ़ और लैंडस्लाइड के कारण कई जगह रेल और सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गए है. इस बीच एन.एफ. रेलवे ने गुवाहाटी-सिलचर और गुवाहाटी से अगरतला की रूट पर चलने वाली सभी ट्रेनों को 24 मई तक रद्द कर दिया गया है.
दरअसल, भारी बारिश के बाद हुए लैंडस्लाइड के कारण न्यू हाफलोंग स्टेशन पूरी तरह बर्बाद हो गई है जो गुवाहाटी और सिलचर के बीच एक प्रमुख स्टेशन है.
ऐसे हालात में ज़िला मुख्यालय हाफलांग में भारतीय वायुसेना की मदद से खाने-पीने का समान पहुंचाया जा रहा है.
असम में बाढ़ के हालात को देखते हुए केंद्र ने असम के लिए 1,000 करोड़ रुपए की सहायता मंजूर की है.
असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की ये मांग

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एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि वो और उनकी सरकार आगे आकर कहे कि वे 1991 के एक्ट के साथ हैं.
ओवैसी ने कहा कि ये हाई-टाइम है और पीएम को इन सब पर विराम लगाना चाहिए. उन्हें और उनकी सरकार को कहना चाहिए कि वे किसी भी ऐसे कारण का समर्थन नहीं करेंगे जिससे देश में और बंटवारे की स्थिति बने.
ओवैसी ने कहा, “वो चाहे ज्ञानवापी हो या मथुरा, संदेह का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है, मुस्लिम समुदाय के प्रति और अधिक नफ़रत की कोशिश की जा रही है और इस देश को पीछे ले जाने की कोशिश की जा रही है.”
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मथुरा याचिका पर भी जताई आपत्ति
मथुरा मामले में याचिका स्वीकार होने पर प्रतिक्रिया देते हुए ओवैसी ने कहा कि मथुरा में जब दोनों पक्ष ने एग्रीमेंट कर लिया तो क्या उस समय श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ को ये बातें पता नहीं थी जो आज उठा रहे हैं. कोर्ट का जो अब आदेश आया है वो भी 1991 एक्ट के ख़िलाफ़ है.
उन्होंने कहा, “आप कैसे तय करेंगे कि वो स्थान जन्मस्थान की जगह है या नहीं. हम उम्मीद करते है कि कल जब सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा तो वो काशी के लोअर कोर्ट के आदेश को स्टे देगा.”
लालू यादव पर दर्ज हुआ एक और केस, राबड़ी देवी के घर पहुंची सीबीआई की टीम

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बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के ख़िलाफ़ सीबीआई ने एक नया केस फ़ाइल किया है.
इसके अलावा लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार से जुड़े कई ठिकानों पर सीबीआई ने छापेमारी भी की है.
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न्यूज़ एजेंसी एएनआई की ख़बर के मुताबिक़, 17 ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई चल रही है. ये छापेमारी दिल्ली और बिहार दोनों जगहों पर की जा रही है.
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एजेंसी की ख़बर के मुताबिक़, लालू प्रसाद यादव और उनकी बेटी मीसा भारती पर भ्रष्टाचार के मामले में नया केस दर्ज किया गया है.
सूत्रों के हवाले से न्यूज़ एजेंसी ने ख़बर दी है कि लालू यादव के ख़िलाफ़ 'रेलवे नौकरी घोटाले के लिए जमीन' से जुड़े मामले में मामला दर्ज़ किया गया है.
राजद नेता ने दी प्रतिक्रिया
राजद के प्रधान महासचिव और उजियारपुर के विधायक आलोक मेहता ने बीबीसी से बातचीत में सीबीआई की इस पूरी कार्रवाई को 'गंदी और बदले की राजनीति' कहा है.
उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई पहले भी होती रही है, लेकिन जब डीए मामले (आय से अधिक संपत्ति) में लालू प्रसाद को बरी किया जा चुका है तो सारे सवाल ख़त्म हो जाने चाहिए.
अप्रैल महीने में झारखंड हाईकोर्ट से मिली थी ज़मानत
पशुपालन घोटाले के कई मामलों में अप्रैल महीने में झारखंड हाईकोर्ट ने लालू प्रसाद यादव को ज़मानत दे दी थी.
उन्हें यह ज़मानत 10 लाख के निजी मुचलके पर मिली थी.
यूपी में सीतापुर की जेल से रिहा हुए सपा नेता आज़म ख़ान

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सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म ख़ान को जालसाज़ी के एक मामले में आंतरिक ज़मानत दी थी, जिसके बाद आज सुबह आठ बजे उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया.
वह उत्तर प्रदेश की सीतापुर जेल में बंद थे.
आज़म ख़ान की रिहाई पर अखिलेश याव ने ट्वीट करके उनका स्वागत किया है. उन्होंने ट्वीट किया है- "सपा के वरिष्ठ नेता व विधायक आज़म ख़ान के ज़मानत पर रिहा होने पर उनका हार्दिक स्वागत है. जमानत के इस फ़ैसले से सर्वोच्च न्यायालय ने न्याय को नये मानक दिये हैं. पूरा ऐतबार है कि वो अन्य सभी झूठे मामलों-मुक़दमों में बाइज़्ज़त बरी होंगे. झूठ के लम्हे होते हैं, सदियाँ नहीं!"
समाजवादी पार्टी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट करके आज़म ख़ान को आंतरिक ज़मानत मिलने को न्याय की जीत बताया गया है.
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पार्टी के ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया है, “सुप्रीम कोर्ट से समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म ख़ान को अंतरिम जमानत, अन्याय पर न्याय की जीत है.भाजपा सरकार ने दमन की राजनीति करते हुए उन्हें अनेकों झूठे मुक़दमों में फंसाया.पूर्ण विश्वास है कि सभी मामलों में आज़म ख़ान बाइज़्ज़त बरी होंगे.”
वहीं प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के संयोजक शिवपाल सिंह यादव आज सीतापुर में आज़म ख़ान से मुलाक़ात करेंगे.
इसकी जानकारी उन्होंने ट्वीट करके दी है.
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उन्होंने ट्वीट किया है- “सूबे के आवाम के लिए यह सुखद है कि आज़म ख़ान आज उनके चाहने वालों के बीच होंगे...मैं सीतापुर के लिए निकल चुका हूं, उत्तर प्रदेश के क्षितिज पर नया सूरज निकल रहा है.आइए, आज़म ख़ान साहब का इस्तकबाल करें.”
कल आया था फ़ैसला
सुप्रीम कोर्ट ने जालसाज़ी के एक मामले में समाजवादी पार्टी के नेता आज़म ख़ान को गुरुवार को अंतरिम ज़मानत दी थी.
कोर्ट ने उन्हें आदेश दिया है कि आने वाले दो सप्ताह के भीतर वे नियमित ज़मानत के लिए सक्षम कोर्ट के सामने आवेदन दें.
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यह अंतरिम ज़मानत तब तक के लिए मान्य होगी जब तक की अदालत नियमित ज़मानत के लिए आवेदन पर फ़ैसला नहीं कर लेती.
जस्टिस नागेश्वर राव, बीआर गवई और एएस बोपन्ना ने इस मामले की सुनवाई की. आज़म ख़ान बीते लगभग दो साल से जेल में बंद थे.
आज़म ख़ान मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को फ़ैसला सुरक्षित कर लिया था. सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 142 के तहत अपने विशेषाधिकार का इस्तेमाल करके अंतरिम ज़मानत दी है.
आज़म ख़ान पर भ्रष्टाचार, यतीमख़ाना पर क़ब्ज़ा करने, बेतहाशा संपत्ति अर्जित करने को लेकर अलग-अलग धाराओं में मामले दर्ज थे.
जम्मू-कश्मीर के बनिहाल में सुरंग धंसने से चार घायल, दस मज़दूर लापता
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भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर के बनिहाल में फ़ोर-लेन सड़क के लिए बन रही एक सुरंग के धंसने से चार लोग घायल हो गए हैं और कई लोगों के फंसे होने की आशंका है.
बनिहाल के खूनी नाला इलाके में गुरुवार रात को सुरंग के मुहाने पर ही एक छोटा सा हिस्सा गिर गया था.
जम्मू-कश्मीर डिज़ास्टर मैनेजमेंट ऑथिरिटी का कहना है कि टनल में काम कर रहे दस मज़दूर लापता हैं.

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अधिकारियों का कहना है कि सेना और पुलिस का संयुक्त बचाव और राहत कार्य जारी है. राहतकर्मियों ने चार घायल लोगों को निकाला है.
सुरंग के भीतर कई बुलडोज़र, ट्रक और अन्य मशीनें भी दबी हुई हैं.
रामबान के डीसी मसर्रत इस्लाम और एसएसपी मोहिता शर्मा घटनास्थल पर पहुंच गए हैं. अंदर फंसे लोग उस कंपनी के कर्मचारी हैं जो इस टनल का ऑडिट कर रहे थे.
कश्मीर फ़ाइल्स पर फ़ारूक़ अब्दुल्ला के बाद अब उमर अब्दुल्ला ने कही ये बात

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जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हिंदी फ़िल्म 'द कश्मीर फ़ाइल्स' पर अपने पिता फ़ारूक़ अब्दुल्ला के बयान का समर्थन किया है.
नेशनल कान्फ्रेंस के प्रमुख फ़ारूक़ अब्दुल्ला ने 'द कश्मीर फ़ाइल्स' पर बयान दिया था कि फ़िल्म ने घाटी में नफ़रत फैलाने का काम किया है.
उमर अब्दुल्ला ने दावा किया है कि कुछ कश्मीरी पंडितों ने उन्हें बताया है कि फ़िल्म ने कश्मीरी पंडितों की घाटी में वापसी को और मुश्किल कर दिया है.
राजौरी में उमर ने कहा, “डॉ. फ़ारूक़ अब्दुल्ला साहब ने कुछ भी ग़लत नहीं कहा है. उन्होंने सही बात कही है. आज लोग सच बोलने से डरते हैं.”
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उन्होंने कहा कि उनके पिता ने सिर्फ़ इतना कहा था कि देश में नफ़रत फैलाने के लिए फ़िल्मों का इस्तेमाल किया जा रहा है.
उन्होंने सवालिया लहज़े में कहा, “क्या यह सही नहीं है? मैं आपसे कहना चाहता हूं कि फ़ारूक़ अब्दुल्ला साहब ने जिस फ़िल्म का ज़िक्र किया, उसका इस्तेमाल नफ़रत फैलाने के लिए किया गया. पूरे कश्मीरी समाज को बदनाम करने की कोशिश की गई.”
फ़ारूक़ अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा था कि अगर समुदायों के बीच की खाई को पाटना है, तो नफ़रत फैलाने के अभियान के तहत बनी फ़िल्म कश्मीर फ़ाइल्स और मीडिया में लगातार हिंदू-मुस्लिम बहस को रोकना होगा.
फ़ारूक़ अब्दुल्ला ने दावा किया था कि द कश्मीर फ़ाइल्स निराधार फिल्म है, जिसने पूरे देश और कश्मीर में नफ़रत फैलाने का काम किया है.
'द कश्मीर फ़ाइल्स' का निर्देशन विवेक अग्निहोत्री ने किया है जिसमें अनुपम खेर मुख्य भूमिका में हैं. फ़िल्म साल 1990 में कश्मीरी पंडितों के कश्मीर पलायन और उस दौरान हुई हिंसा को केंद्र में रखकर बनाई गई है.
अर्दोआन की आपत्ति के बावजूद बाइडन बोले नेटो में स्वीडन और फ़िनलैंड का स्वागत करेंगे

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अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि नेटो की सदस्यता के लिए स्वीडन और फ़िनलैंड के आवेदन करने के फ़ैसले को अमेरिका का पूर्ण समर्थन है.
फ़िनलैंड और स्वीडन ने बीते रविवार 16 मई को नेटो की सदस्यता के लिए आवेदन करने के फ़ैसले की पुष्टि की थी.
फ़िनलैंड और स्वीडन के इस क़दम को ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि ये दोनों देश अभी तक न्यूट्रल थे. यह फ़ैसला इस मायने में भी ख़ास है कि रूस की चेतावनी के बावजूद इन दोनों देशों ने यह फ़ैसला किया है.
फ़िनलैंड और स्वीडन के इस फ़ैसले से यूरोपीय भू-राजनीति की दृष्टि से बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है.
हालांकि तुर्की ने स्वीडन और फ़िनलैंड के इस फ़ैसले का विरोध किया है.
नेटो गठबंधन में शामिल होने के लिए इन दोनों देशों को सभी 30 नेटो सदस्यों के समर्थन की ज़रूरत है.
गुरुवार को व्हाइट हाउस में स्वीडन के प्रधानमंत्री मैग्डेलेना एंडर्सन और फ़िनलैंड का प्रधानमंत्री साउली निनिस्तो के साथ एक साझा बयान में कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने बाइडन ने नेटो में शामिल होने के स्वीडन और फ़िनलैंड के आवेदन को यूरोपीय सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया है.
इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने कहा कि नेटो में दो और सदस्यों के शामिल होने से नेटो गठबंधन के सदस्य देशों की सुरक्षा और मज़बूत होगी.
अप्रत्यक्ष तरीके से तुर्की को जवाब देते हुए बाइडन ने कहा कि मैं यह साफ़ कर देना चाहता हूं कि नेटो में शामिल होने वाले दोनों नए सदस्य देशों से किसी भी राष्ट्र को कोई ख़तरा नहीं है.
नमस्कार!
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