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मच्छरों का दुनिया से सफ़ाया संभव है?-दुनिया जहान
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कुछ साल पहले गर्मियों की एक रात के वक़्त हमारे एक साथी एक होटल के कमरे में ठहरे हुए थे. उनके कानों में गूंज रही थी एक मच्छर की परेशान करने वाली भिनभिनाहट.
वो आवाज़ उन्हें बहुत परेशान कर रही थी लेकिन उन्होंने पूरे धैर्य के साथ मच्छर के अपने हाथ पर बैठने का इंतज़ार किया और जैसे वो पल आया, उन्होंने चार उंगलियों से अपने दूसरे हाथ पर थपकी दी और मच्छर हमेशा के लिए सो गया.
आपको याद होगा कभी बॉलीवुड की एक फ़िल्म का मच्छर से जुड़ा एक डायलॉग बहुत चर्चित हुआ था, कुछ वैसा ही डर होटल के उस कमरे में था. वो मच्छर मलेरिया, डेंगू या फिर ज़ीका का वाहक हो सकता था.
ब्राज़ील की माइलीन फरेरा ने इस दर्द को सहा है. साल 2016 की एक रात एक मच्छर ने उन्हें काटा. कुछ महीने बाद उन्होंने अपने बेटे डेविड को जन्म दिया. वो पैदाइशी माइक्रोसेफली बीमारी से पीड़ित थे. इसकी वजह मच्छर के जरिए खून में आए वायरस को माना गया.
IPL 2022: RCBvsGT: हार्दिक की फ़िफ़्टी, गुजरात ने रखा 169 रनों का लक्ष्य
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इमेज कैप्शन, हार्दिक पंड्या ने
कप्तान हार्दिक पंड्या के अर्धशतक की बदौलत गुजरात टाइटंस ने रॉयल चैंलेंजर्स बैंगलोर के सामने जीत के लिए 169 रनों का लक्ष्य रखा है.
दोनों ही टीमों का यह अंतिम लीग मैच है. साथ ही प्लेऑफ़ की रेस में बने रहने के लिए बैंगलोर को यह मुक़ाबला जीतना ज़रूरी है.
टॉस जीत कर पहले बैटिंग करने उतरी गुजरात टीम के ओपनर्स ने पहले विकेट के लिए 21 रनों की साझेदारी की. इस स्कोर पर शुभमन गिल (01) के आउट होने के बाद पिच पर मैथ्यू वेड आए और 13 गेंदों पर 16 रन बनाकर आउट हुए.
वेड के आउट होने पर कप्तान हार्दिक पंड्या बैटिंग करने उतरे. रिद्धिमान साहा और हार्दिक तेज़ी से रन बटोरने लगे. दोनों ने अभी 19 गेंदों पर 24 रन जोड़े थे कि साहा रन आउट हो गए. साहा ने 22 गेंदों पर 31 रन बनाए.
इसके बाद पिच पर आए डेविड मिलर ने कप्तान पंड्या के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 47 गेंदों पर 61 रन जोड़े. तेज़ी से 34 रन बना चुके मिलर को वनिंदु हसरंगा ने अपनी ही गेंद पर कैच आउट कर पवेलियन वापस लौटाया.
इसके बाद पंड्या ने अपना अर्धशतक पूरा किया. छठे विकेट के लिए पंड्या और राशिद ख़ान ने केवल 15 गेंदों पर 36 रन जोड़े. दोनों बल्लेबाज़ अंत तक आउट नहीं हुए.
पंड्या ने 47 गेंदों पर नाबाद 62 रन बनाए तो राशिद ख़ान 6 गेंद पर 19 रन बना कर नॉट आउट रहे.
बैंगलोर की ओर से जॉस हैज़लवुड ने दो, हसरंगा और मैक्सवेल ने एक-एक विकेट लिए.
बिहार: जेडीयू की तरफ़ से राज्यसभा उपचुनाव में अनिल हेगड़े ने पर्चा भरा
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इमेज कैप्शन, नीतीश कुमार के साथ अनिल हेगड़े
जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता अनिल हेगड़े ने राज्यसभा उपचुनावों में गुरुवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया.
बिहार में राज्यसभा की ये सीट पार्टी सांसद और उद्योगपति किंग महेंद्रा के निधन के बाद खाली हुई है.
अनिल हेगड़े जेडीयू के निर्वाचन पदाधिकारी हैं.
उनकी उम्मीदवार के फ़ैसले को राजनीतिक हलकों में आश्चर्य के तौर पर देखा गया है.
नोमिनेशन फ़ाइल करते वक़्त अनिल हेगड़े के साथ जेडीयू के अन्य वरिष्ठ नेताओं के अलावा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मौजूद थे.
नीतीश कुमार ने पत्रकारों से बातचीत में अनिल हेगड़े की तारीफ़ करते हुए कहा कि "हम उन्हें लंबे समय से जानते हैं. उन्होंने जॉर्ज फर्नांडिस के साथ काम करना शुरू किया था. वे तब से हमारे साथ हैं. उन्होंने कभी भी अपने लिए कोई इच्छा नहीं जताई थी. इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि उनकी उम्मीदवारी का फ़ैसला सर्वसम्मति से हुआ है."
जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह का राज्यसभा में कार्यकाल जल्द ही ख़त्म होने जा रहा है. पार्टी उन्हें दोबारा चुनेगी या नहीं, पत्रकारों ने जब इस बारे में जानना चाहा तो नीतीश इसे टाल गए.
असम में हवाई अड्डे के लिए चाय बागान की ज़मीन खाली कराने का क्यों हो रहा है विरोध?
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"मैं इसी चाय बागान में काम करता हूं और मेरे पूर्वजों ने भी यहीं मज़दूरी की थी. लेकिन अब हमारे साथ अन्याय किया जा रहा है.इतनी बड़ी ज़मीन से चाय के पौधों को उखाड़ कर हवाईअड्डा बनाया जा रहा है, इससे हम सबका भविष्य खतरे में पड़ जाएगा." असम के कछार ज़िले के डोलू चाय बागान में महज 183 रुपये पर रोज़ाना मज़दूरी करने वाले सोहन कर्मकार (बदला हुआ नाम) बड़ी उदासी के साथ ये बातें कहते हैं.
दरअसल असम सरकार ने 12 मई से सिलचर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के निर्माण के लिए डोलू चाय बागान से चाय की झाड़ियों को हटाने का काम शुरू किया है.
लेकिन चाय बागान में काम करने वाले मज़दूरों का एक बड़ा वर्ग सरकार के इस बेदखली अभियान का विरोध कर रहा है.
कछार ज़िला प्रशासन के अधिकारियों की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की मौजूदगी में करीब 100 बुलडोज़रों को चाय की झाड़ियों को उखाड़ने के काम में लगाया गया है.
पिछले कुछ दिनों से मीडिया में आ रही अलग-अलग तस्वीरों में डोलू चाय बागान के मजदूरों को चाय की झाड़ियां हटाने आए प्रशासन के समक्ष घुटने पर बैठकर गिड़गिड़ाते हुए देखा गया.
जॉर्डन के शाही ख़ानदान में फिर विवाद, सुल्तान ने अपने सौतेले भाई को नज़रबंद किया
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इमेज कैप्शन, प्रिंस हमज़ा
जॉर्डन के सुल्तान किंग अब्दुल्लाह ने अपने सौतेले भाई प्रिंस हमज़ा को घर में ही नज़रबंद कर दिया है.
प्रिंस हमज़ा कभी तख़्त के वारिस हुआ करते थे.
पिछले साल भी उन्हें नज़रबंद किया गया था. अप्रैल, 2021 में हमज़ा पर आरोप लगाया गया था कि वे विदेशी ताक़तों के साथ मिलकर जॉर्डन की राजशाही को अस्थिर करने की साज़िश रच रहे थे.
इस बरस मार्च में हमज़ा ने वफ़ादारी की कसम लेते हुए कहा था कि वे जॉर्डन की शाही हुकूमत के हितों के ख़िलाफ़ कोई कदम नहीं उठाएंगे.
सुल्तान के प्रति वफ़ादारी की कसम खाने के बाद उन्हें बख़्श दिया गया था.
सुल्तान के पूर्व सलाहकार बासीम अवदाल्लाह और एक नाबालिग प्रिंस को इस कथित साज़िश में शामिल होने के आरोप में 15 साल जेल की सज़ा सुनाई गई थी.
इमेज स्रोत, REUTERS/Jonathan Ernst
इमेज कैप्शन, जॉर्डन के सुल्तान किंग अब्दुल्लाह
साल 1999 में जब जॉर्डन के किंग हुसैन की मौत हुई थी और अब्दुल्लाह मुल्क के सुल्तान बने तो प्रिंस हमज़ा को क्राउन प्रिंस बनाया गया था.
लेकिन पांच साल बाद किंग अब्दुल्लाह ने अपने बेटे को क्राउन प्रिंस बना दिया जिससे प्रिंस हमज़ा के हाथों से ये ओहदा भी छिन गया.
शाही खानदान के इस विवाद की वजह से मध्य पूर्व में जॉर्डन की स्थिरता को लेकर नकारात्मक राय बनी है.
पिछले महीने प्रिंस हमज़ा ने जॉर्डन की मौजूदा नीतियों के विरोध में अपना शाही ओहदा छोड़ने का एलान किया था जिसकी वजह से किंग अब्दुल्लाह के दरबार उन्हें लेकर नाराज़गी थी.
शाही पैलेस का कहना है कि परिवार के नियमों के अनुसार, शाही ओहदा ख़त्म करने का हक केवल सुल्तान के पास है.
केजरीवाल के इनवर्टर-जेनरेटर की दुकानें पूरी तरह बंद होने वाले दावे में कितना दम?
वीडियो कैप्शन, केजरीवाल के इनवर्टर-जनरेटर की दुकानें पूरी तरह बंद होने वाले दावे में कितना दम?
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केरल में एक रैली में दावा किया कि दिल्ली में 24 घंटे बिजली मिल रही है इस वजह से जेनरेटर और इनवर्टर का इस्तेमाल बंद हो गया है.
क्या वाकई दिल्ली में ऐसा हुआ है?
बीबीसी संवाददाता जुगल पुरोहित और सेराज अली ने सीएम केजरीवाल के दावे की पड़ताल की.
कांग्रेस के साथ रिश्ता ख़त्म करना आसान नहीं था: सुनील जाखड़
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कांग्रेस की पंजाब इकाई के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद अपनी पुरानी पार्टी पर कई आरोप लगाए हैं.
उन्होंने कहा है कि कांग्रेस ने पंजाब को जाति, समुदाय और धर्म के नाम पर बांटने की कोशिश करके राज्य में भाईचारे की भावना का अपमान किया है.
किसान नेता बलराम जाखड़ के बेटे और गुरदासपुर के पूर्व सांसद ने अपने परिवार के कांग्रेस से पांच दशकों के संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने उसी दिन पार्टी छोड़ने का फ़ैसला कर लिया था जिस रोज़ उनकी आवाज़ दबाने की कोशिश की गई थी.
सुनील जाखड़ उस 'कारण बताओ नोटिस' का जिक्र कर रहे थे जो उनके किसी बयान को लेकर पार्टी ने जारी किया था.
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उन्होंने कहा, "कांग्रेस के साथ रिश्ता ख़त्म करना आसान नहीं था. तीन पीढ़ियों पुराना रिश्ता था... 1972 से अब तक. हम अच्छे-बुरे वक़्त में कांग्रेस के साथ रहे थे."
सुनील जाखड़ का कहना था कि सिद्धांतों पर आधारित संबंधों का उन्होंने साथ दिया लेकिन जब सिद्धांतों के साथ समझौता होने लगा, हम अपनी विचारधारा को छोड़ने लगे तो मुझे लगता है कि ये सही समय है फिर से सोचने का.
"अगर सुनील जाखड़ को 50 साल पुराना रिश्ता तोड़ना पड़ा तो.... कुछ बुनियादी मुद्दे रहे होंगे. कोई निजी मतभेद नहीं था. मतभेद राष्ट्रवाद और पंजाब की अखंडता को लेकर था. पंजाब का भाईचारा एक-47 की गोलियों से नहीं तोड़ा जा सकता है."
"मैंने ये कहा था कि पंजाब को जाति, संप्रदाय और धर्म के नाम पर बांटा नहीं जा सकता है तो मुझे कटघरे में खड़ा कर दिया गया. इसके बाद मैंने भारी दिल से पार्टी छोड़ी है."
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सुनील जाखड़ पंजाब में चरणजीत सिंह चन्नी को पहले दलित मुख्यमंत्री के तौर पर कांग्रेस की ओर से पेश करने का हवाला दे रहे थे. जाखड़ ने कुछ दिनों पहले कहा था कि चन्नी पार्टी के लिए कोई ट्रंप कार्ड नहीं हैं जैसा कि पार्टी उन्हें बता रही थी.
पिछले साल जब पंजाब कांग्रेस में कैप्टन अमरिंदर सिंह की जगह नए नेता चुने जाने की बात चल रही थी तो सुनील जाखड़ इस रेस में शामिल थे लेकिन अंतिम फ़ैसला चन्नी के पक्ष में हुआ.
पार्टी के एक तबके ने सुनील जाखड़ का ये कहते हुए विरोध किया था कि कोई सिख ही पंजाब का मुख्यमंत्री हो सकता है.
इंडोनेशिया ने पाम ऑयल निर्यात से प्रतिबंध हटाया, भारत को मिलेगी राहत
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इंडोनेशिया ने सोमवार से पाम ऑयल के निर्यात पर लगी रोक हटाने की घोषणा की है. पाम ऑयल दुनिया के सबसे अहम कच्चे माल में से एक है और इंडोनेशिया इसका सबसे बड़ा निर्यातक देश है.
इंडोनेशिया ने पिछले महीने घरेलू क़ीमतें कम करने और अपना स्टॉक बढ़ाने के लिए पाम ऑयल के निर्यात पर रोक लगा दी थी.
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो ने प्रतिबंध हटाने की घोषणा करते हुए कहा कि इस फ़ैसले से दुनिया में खाद्य तेलों की कमी को पूरा करने में मदद मिलेगी.
यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद से दुनिया भर में खाद्य पदार्थों की आपूर्ति प्रभावित हुई है.
प्रतिबंध हटाते हुए जोको विडोडो ने कहा कि उन्होंने ये फ़ैसला पाम ऑयल उद्योग में लगे क़रीब एक करोड़ 70 लाख कर्मचारियों को राहत पहुंचाने के लिए लिया है.
उन्होंने कहा, "खाद्य तेलों की मौजूदा आपूर्ति और दामों को देखते हुए और पाम ऑयल उद्योग में लगे 1 करोड़ 70 लाख कर्मचारियों, किसानों और मज़दूरों की भलाई में मैंने सोमवार से तेल के निर्यात को शुरू करने का निर्णय लिया है."
डॉलर के मुकाबले रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर
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डॉलर के मुकाबले रुपये की क़ीमत में गिरावट का सिलसिला लगातार जारी है.
गुरुवार को मुद्रा बाज़ार में एक डॉलर की क़ीमत 10 पैसे और बढ़ कर 77.72 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई.
आज के ट्रेडिंग सेशन के दौरान डॉलर के मुक़ाबले रुपये ने 77.76 के निचले स्तर पर और 77.63 के ऊपरी स्तर को छुआ.
बुधवार को रुपया 18 पैसे से गिरकर 77.62 पर बंद हुआ था.
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बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', 19 मई 2022, सुनिए अंजुम शर्मा से
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ब्रिटेन, पुर्तगाल, स्पेन और अमेरिका में मंकीपॉक्स बीमारी के संदिग्ध मामले
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ब्रिटेन, पुर्तगाल, स्पेन और अमेरिका में मंकीपॉक्स बीमारी के कुछ संदिग्ध मामले सामने आए हैं.
अमेरिका के मैसेचुसेट्स में एक व्यक्ति के मंकीपॉक्स से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है. अमेरिका में मंकीपॉक्स संक्रमण का ये पहला मामला है.
मैसेचुसेट्स के स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि मरीज ने हाल ही में कनाडा की हत्या की थी जहां दर्ज़नों अपुष्ट मामलों की रिपोर्टें आई हैं.
ब्रिटेन की हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी ने मंकीपॉक्स संक्रमण के दो मामलों के बारे में बुधवार को बताया था.
इनमें एक मामला लंदन शहर का है और दूसरा इंग्लैंड के दक्षिण पूर्वी इलाके का. ब्रिटेन में अभी तक मंकीपॉक्स के नौ मामलों की पुष्टि हुई है.
विशेषज्ञों का कहना है कि नए मामले कम्यूनिटी ट्रांसमिशन के मामले हो सकते हैं क्योंकि संक्रमित व्यक्तियों ने ऐसे किसी देश की यात्रा नहीं की थी जहां मंकीपॉक्स के संक्रमण के मामले सामने आए हैं.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, मंकीपॉक्स पहले बंदरों में पाया गया था और इसका संक्रमण क़रीबी संपर्क में आने के कारण होता है. इसके संक्रमण के शुरुआती मामले पश्चिमी और मध्य अफ़्रीका में मिले थे.
अब भारत के इस फ़ैसले के समर्थन में उतरा चीन
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भारत सरकार ने 13 मई को गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया था. इस फ़ैसले के लिए घरेलू बाज़ार में गेहूं और उससे जुड़ी वस्तुओं की बढ़ती क़ीमत को एक वजह बताया गया था.
भारत के प्रतिबंध लगाने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में गेहूं की कीमतों में उछाल देखा गया.
जिसके बाद G7 देशों ने भारत सरकार के फैसले की आलोचना की. लेकिन भारत को अपने फ़ैसले पर चीन जैसे देश से समर्थन मिला.
G7 दुनिया की सात सबसे बड़ी कथित विकसित और उन्नत अर्थव्यवस्था वाले देशों का समूह है, जिसमें कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमरीका शामिल हैं. इसे ग्रुप ऑफ़ सेवन भी कहते हैं.
चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक़, " गेहूं के बढ़ते दाम के लिए भारत को ज़िम्मेदार ठहराकर, दुनिया की भूख की समस्या का हल नहीं खोजा जा सकता. G7 देश भारत से प्रतिबंध हटाने की बात कर रहे हैं, वो अपने देशों से गेहूं का निर्यात बढ़ाने का फैसला क्यों नहीं कर लेते."
ग्लोबल टाइम्स ने आगे लिखा है, "भारत के गेहूं निर्यात के फ़ैसले से कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में बढ़ेंगी. लेकिन भारत का रोल इसमें ज़्यादा नहीं है क्योंकि भारत गेहूं का बहुत बड़ा निर्यातक नहीं है."
पैंगोंग लेक पर चीन के एक और पुल बनाने पर भारत ने क्या कहा
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पैंगोंग लेक पर चीन की ओर से एक और पुल बनाए जाने की रिपोर्ट पर भारत ने कहा है कि वो स्थिति पर नज़र बनाए हुए है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा- हमने दूसरे पुल बनाने की रिपोर्ट देखी है. हमने हमेशा से यही कहा है कि ये क़ब्ज़ाया गया है. चीन के साथ बातचीत जारी है.
अंग्रेज़ी अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक़ चीन ने पैंगोंग झील के पार एक दूसरे पुल का निर्माण शुरू कर दिया है, जो भारी बख्तरबंद वाहनों को आवाजाही के लिए इस्तेमाल किया जाएगा. ख़बर के मुताबिक इससे पहले भी चीन इस इलाक़े में एक पुल बना चुका है जिसे भारत अपना हिस्सा बताता है.
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रिपोर्ट के मुताबिक़ दूसरे पुल का निर्माण पहले पुल के ठीक सामने ही किया जा रहा है. पहला पुल इसी साल अप्रैल में बनकर तैयार हुआ था. जब इस साल जनवरी में पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारों को जोड़ने वाले पहले पुल के निर्माण के बारे में रिपोर्ट सामने आई थी. उस समय भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा थी कि ये स्ट्रक्चर 60 सालों से चीन के अवैध कब्ज़े वाले इलाक़े में स्थित है.
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भारत ने उस समय यही कहा था कि भारत ने इस तरह के अवैध कब्जे को कभी स्वीकार नहीं किया है. दोनों पुल 134 किलोमीटर लंबी रणनीतिक झील के सबसे सँकरे हिस्से में स्थित हैं. पहला पुल पैंगोंग झील के उत्तरी तट पर पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के दक्षिण में स्थित है, दोनों पुल उत्तरी तट पर चीनी सैनिकों की स्थिति और पूर्वी छोर पर रुतोग में पीएलए बेस की दूरी लगभग 150 किमी तक कम कर देंगे.
पीएम मोदी क्वाड की बैठक के लिए जाएँगे जापान, राष्ट्रपति बाइडन के साथ अलग से होगी बैठक
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भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 मई को जापान की राजधानी टोक्यो में क्वाड के सम्मेलन में हिस्सा लेंगे.
भारत के विदेश मंत्रालय ने ये जानकारी दी है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में बताया कि ये क्वाड नेताओं का चौथा शिखर सम्मेलन होगा.
उन्होंने ये भी बताया कि जापान के पीएम और अमेरिका के राष्ट्रपति के साथ पीएम नरेंद्र मोदी की द्विपक्षीय बैठक भी 24 मई को होगी.
अरिंदम बागची ने बताया कि पीएम मोदी जापान के बिजनेस लीडर्स के साथ एक कार्यक्रम में भी शामिल होंगे. साथ ही वे जापान में भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाक़ात करेंगे.
उन्होंने ये भी बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी ऑस्ट्रेलिया के पीएम के साथ भी द्विपक्षीय बैठक कर सकते हैं.
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क्वाड में भारत के साथ अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं. क्वाड जैसे समूह को बनाने की बात पहली बार 2004 की सुनामी के बाद हुई थी जब भारत ने अपने और अन्य प्रभावित पड़ोसी देशों के लिए बचाव और राहत के प्रयास किए और इसमें अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान भी शामिल हो गए थे. लेकिन इस आइडिया का श्रेय जापान के पूर्व प्रधान मंत्री शिंज़ो आबे को दिया जाता है. 2006 और 2007 के बीच आबे क्वाड की नींव रखने में कामयाब हुए और चतुर्भुज सुरक्षा वार्ता की पहली अनौपचारिक बैठक वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर अगस्त 2007 में मनीला में आयोजित की गई. लेकिन उस समय कई वजहों से ये चल नहीं पाया. दस साल बाद 2017 में मनीला में आसियान शिखर सम्मेलन के दौरान 'भारत-ऑस्ट्रेलिया-जापान-अमेरिका' संवाद के साथ क्वाड वापस अस्तित्व में आया. चीन अब भी क्वाड की आलोचना करता रहा है. उसका आरोप ये है कि दरअसल ये चीन विरोधी गठबंधन है.
महाराष्ट्र में औरंगज़ेब का मक़बरा पुरातत्व विभाग ने पाँच दिनों के लिए बंद किया
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इमेज कैप्शन, औरंगज़ेब का मक़बरा
पुरातत्व विभाग ने महाराष्ट्र के औरंगाबाद शहर में स्थित मुग़ल बादशाह औरंगज़ेब के मक़बरे को पाँच दिनों के लिए बंद कर दिया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार स्थानीय मस्जिद कमेटी ने इस जगह को बंद करने की कोशिश की थी जिसके बाद एएसआई (आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया) ने ये फ़ैसला किया है.
दो दिनों पहले राज ठाकरे के राजनीतिक दल महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के एक प्रवक्ता गजानन काले ने एक ट्वीट में इस ऐतिहासिक स्मारक के अस्तित्व पर सवाल उठाया था.
उनका कहना था कि इसे ध्वस्त कर दिया जाना चाहिए.
इस बयान के बाद औरंगाबाद के खुलदाबाद, जहाँ ये स्मारक स्थित है, वहाँ की एक मस्जिद कमेटी ने इसे बंद करने की कोशिश की थी.आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया इस मक़बरे का संरक्षण करती है.
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एएसआई ने स्मारक की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की तैनाती की है.
एएसआई के औरंगाबाद सर्कल के सुपरिन्टेंडेंट मिलन कुमार चौले ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, "इससे पहले मस्जिद कमेटी ने मक़बरे वाली जगह को बंद करने की कोशिश की थी लेकिन हमने इसे खोल दिया. बुधवार को हमने फ़ैसला लिया कि हम इसे अगले पाँच दिनों के लिए बंद कर रहे हैं. हम स्थिति की समीक्षा करेंगे और फिर तय करेंगे कि इसे और अगले पाँच दिनों के लिए बंद रखा जाए या खुला."
एआईएमआईएम के नेता अकबरुद्दीन ओवैसी इस महीने की शुरुआत में औरंगज़ेब के मक़बरे पर गए थे.
उनकी इस यात्रा की राज्य में सत्तारूढ़ शिवसेना और राज ठाकरे की पार्टी मनसे दोनों ने ही आलोचना की थी.
ओवैसी की यात्रा के बाद एनसीपी के चीफ़ शरद पवार ने कहा था कि उन्हें आश्चर्य नहीं होगा अगर ये यात्रा महाराष्ट्र में नया विवाद खड़ा करने के मक़सद से की गई हो.
सिद्धू पर पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम का तंज़- हमारे लोग एक नौटंकीबाज़ को बड़ा नेता समझते हैं
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सुप्रीम कोर्ट ने रोड रेज मामले में नवजोत सिंह सिद्धू को एक साल की सज़ा सुनाई है. अब इस मामले पर कांग्रेस नेता और पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने टिप्पणी की है.
उन्होंने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का सम्मान करते हैं.
रंधावा ने कहा- हमारे लोग गंभीर लोगों को नेता नहीं समझते और ऐसे बड़े नौटंकीबाज़ को बड़ा नेता समझते हैं, ये पंजाब और देश की बदकिस्मती है.
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उन्होंने कहा- इतिहास में हमें आज तक ऐसा अध्यक्ष नहीं मिला जो उसी साख पर बैठकर उसी को काटता रहा. मैंने राहुल गांधी जी से कहा था कि सुनील जाखड़ और सिद्धू साहब को पार्टी से निकाल दो, शायद हमारी 3-4 सीटें बढ़ जाएँ. पंजाब में आज कांग्रेस को दो झटके लगे. एक ओर पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू को एक साल की सज़ा हो गई, तो दूसरी ओर एक और पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने आज बीजेपी का दामन थाम लिया. जाखड़ कांग्रेस पार्टी से नाराज़ थे.
जॉर्ज डब्ल्यू बुश की जुबान फिसली और यूक्रेन को इराक़ कह दिया..
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यूक्रेन पर रूस के हमले पर चर्चा करते हुए पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश की ज़ुबान फिसल गई और उन्होंने ग़लती से 'इराक़ पर हमले' को 'बर्बर' और 'ग़ैरवाज़िब' करार दे दिया.
हालांकि उन्होंने फौरन ही खुद को दुरुस्त करते हुए कहा कि उनका मतलब यूक्रेन पर रूस के हमले से था.
ये घटना बुधवार को अमेरिका के डलास शहर में हुई जहां जॉर्ज डब्ल्यू बुश रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बारे में बात कर रहे थे.
लेकिन उनके मुंह से निकला, "इराक़ पर बर्बर और ग़ैरवाज़िब हमला करने का एक आदमी का फ़ैसला..."
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जबकि वे इराक़ नहीं बल्कि यूक्रेन के बारे में बात कर रहे थे. उन्होंने जल्द ही इसे सही किया, थोड़ा मुस्कुराए और फिर कहा कि ये उनकी उम्र की वजह से हुआ.
75 वर्षीय जॉर्ज बुश के कार्यकाल में ही साल 2003 में अमेरिका के नेतृत्व में इराक़ पर हमला किया गया था.
तब बुश प्रशासन ने ये दावा किया था कि इराक़ के पास व्यापक महाविनाश के हथियार हैं. हालांकि बाद में ये साबित हुआ कि ये दावे झूठे थे.
अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान का फरमान, चेहरा ढँककर टीवी पर आएँ महिला प्रेज़ेंटर
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अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान की सरकार ने महिला टेलीविज़न एंकर्स को अपना चेहरा ढँककर टीवी पर आने का आदेश दिया है.
तालिबान का ये हुक्म तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है.
अफ़ग़ानिस्तान में महिलाओं के अधिकारों की वकालत करने वाले लोगों ने सोशल मीडिया पर इस नई पाबंदी को लेकर अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की है.
तालिबान हुकूमत ने महिलाओं को सार्वजनिक जगहों पर पूरा शरीर ढँककर रखने के लिए कहा है.
इतना ही नहीं सेकेंडरी स्कूलों में लड़कियों की पढ़ाई-लिखाई पर पाबंदी लगा दी गई है.
वे पुरुष रिश्तेदारों को साथ लिए बगैर यात्रा नहीं कर सकती हैं.