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ऑस्ट्रेलिया के जाने माने क्रिकेट ऑलराउंडर एंड्रयू साइमंड्स की कार दुर्घटना में मौत

दो बार वर्ल्ड कप जीतने वाली ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के सदस्य रह चुके साइमंड्स 46 साल के थे.

लाइव कवरेज

भूमिका राय and अभय कुमार सिंह

  1. ज्ञानवापी मस्जिद के अंदर शुरू हुआ सर्वे, जानें अब तक क्या कुछ हुआ

      • Author, अनंत झणाणे
      • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए

    वाराणसी की एक अदालत के आदेश के बाद ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे का काम शुरू हो गया है. इस संबंध में गुरुवार, 12 मई को वाराणसी की एक बेंच ने फ़ैसला सुनाया था और वीडियोग्राफ़ी कराने का आदेश दिया था.

    कोर्ट के आदेश के अनुसार, शनिवार, सुबह आठ बजे सर्वे शुरू हुआ जो दोपहर 12 बजे तक जारी रहेगा. सुबह आठ बजे दोनों पक्षों के वकील और पक्षकार काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के गेट नंबर चार पर पहुंचे.

    सभी की मौजूदगी में मस्जिद के अंदर भी सर्वे हो रहा है

    मस्जिद के आस-पास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है. साथ ही गेट नम्बर चार को जाने वाले सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं. सर्वे के मद्देनज़र बाज़ार भी बंद हैं. इसके अलावा बनारस डीएम और प्रशासन भी कार्रवाई के लिए मौक़े पर मौजूद हैं.

    इस मौक़े पर बीजेपी नेता केशव प्रसाद मौर्य ने ट्वीट किया है- "ज्ञानवापी परिसर काशी और श्रीकृष्ण जन्मभूमि मथुरा को लेकर विपक्ष राजनीति करना बंद करें, जो हो रहा है वह न्यायालय के आदेश से,सभी को प्रतीक्षा करनी चाहिए,भविष्य में माननीय न्यायालय जो आदेश देगा सभी को उसका पालन करना चाहिए."

    इससे पहले शुक्रवार को ज्ञानवापी मस्जिद पर वाराणसी कोर्ट के फ़ैसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई. इस याचिका में सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया गया है कि वह इस मामले में विवाद सुलझाए जाने तक यथास्थिति को बनाए रखने का आदेश दे.

    क्या है मामला

    पांच महिलाओं ने कोर्ट में याचिका दायर कर ज्ञानवापी मस्जिद के पीछे वाले हिस्से में मां श्रृंगार गौरी की पूजा और दर्शन करने की मांग की थी. साथ ही उन्होंने प्लॉट नंबर 9130 के निरीक्षण और वीडियोग्राफी की मांग भी की थी जिसे मंज़ूर करते हुए कोर्ट ने निरीक्षण और उसकी वीडियोग्राफी के आदेश दिए थे.

    लेकिन, ज्ञानवापी मस्जिद में पिछले शुक्रवार को निरीक्षण और वीडियोग्राफी का काम किया जा रहा था, जिसे लेकर विवाद पैदा हो गया था.

    मस्जिद के पीछे चबूतरे में मां श्रृंगार गौरी और दूसरे देवी-देवताओं के सत्यापन और उनके अस्तित्व को स्थापित करने के लिए शुक्रवार दोपहर को कोर्ट से नियुक्त एडवोकेट कमिश्नर ने निरीक्षण शुरू किया था.

    लेकिन शनिवार को एडवोकेट कमिश्नर की निष्पक्षता को लेकर अंजुमन इन्तिज़ामिया मसाजिद के वकीलों ने अदालत में अर्ज़ी दाखिल की थी. उनकी मांग थी कि अजय कुमार को हटाकर कोर्ट या तो ख़ुद निरीक्षण करे या फिर किसी दूसरे वरिष्ठ वकील से करवाए.

    इसके बाद पाँच याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने भी कोर्ट में अर्ज़ी दी थी कि अंजुमन इन्तिज़ामिया मसाजिद के आरोप पूरी तरह से झूठे और निराधार हैं. अपने जवाबी आवेदन में उन्होंने कहा कि ये मस्जिद की तरफ़ से एडवोकेट कमिश्नर की कार्रवाई को बाधित करने की कोशिश है.

  2. भारत ने गेहूं के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से लगायी रोक

    भारत ने गेहूं के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लागू कर दिया है. आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक़, भारत ने घरेलू बाज़ार में गेहूं की बढ़ती क़ीमतों के मद्देनज़र यह फ़ैसला लिया है.

    सरकार की ओर से इस संबंध में नोटिफ़िकेशन भी जारी किया गया है.

    अधिसूचना में कहा गया है कि भारत, पड़ोसी देशों और दूसरे ज़रूरतमंद देशों की खाद्य सुरक्षा ख़तरे में है.

    सरकार ने कहा कि यह क़दम "देश की समग्र खाद्य सुरक्षा का प्रबंधन करने और पड़ोसी और अन्य ज़रूरतमंद देशों की ज़रूरत का समर्थन करने" के लिए उठाया गया है.

    हालांकि ये आदेश पहले से अनुबंधित निर्यात पर लागू नहीं होगा. इसके अलावा भारत सरकार की अनुमति पर, कुछ शर्तों के साथ भी निर्यात जारी रहेगा.

    इससे पहले 12 मई को सरकारी अधिकारियों की एक बैठक हुई थी जिसमें गेहूं के निर्यात पर फ़ैसला लिया गया.

    इस बैठक में बताया गया कि भारत ने वैश्विक रूप से अनाज की बढ़ती मांग के बीच वित्त वर्ष 2022-23 में रिकॉर्ड10 मिलियन टन गेहूं का लक्ष्य निर्धारित किया है.

    वैश्विक बाजार में भारतीय गेहूं की मांग में बढ़ोतरी लगातार जारी है, जिसे देखते हुए किसानों, व्यापारियों और निर्यातकों को आयातक देशों के सभी गुणवत्ता मापदंडों का अनुसरण करने का सुझाव दिया गया है.

  3. स्पोर्ट्स ब्रा: पुरुषों की लंगोट से कैसे आई खेलों में महिलाओं के लिए क्रांति

  4. कश्मीरी पंडित राहुल भट्ट की पत्नी को मिलेगी सरकारी नौकरी

    जम्मू-कश्मीर के बडगाम में तहसीलदार कार्यालय में चरमपंथियों के हमले में मारे गए कश्मीरी पंडित राहुल भट्ट की पत्नी को राज्य का प्रशासन सरकारी नौकरी देगा.

    उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने ट्वीट करके जानकारी दी है कि ‘जम्मू-कश्मीर प्रशासन जम्मू में राहुल भट्ट की पत्नी को सरकारी नौकरी और परिवार को आर्थिक सहायता देगा. सरकार उनकी बेटी के शिक्षा के ख़र्चे को उठाएगी.’

    इसके साथ ही मनोज सिन्हा ने अगले ट्वीट में बताया है कि ‘घिनौने आतंकी हमले के सभी पहलुओं की जांच के लिए विशेष जांच दल गठित करने का निर्णय लिया गया है. संबंधित थाने के एसएचओ को भी इसमें शामिल किया गया है.’

    बडगाम की एक तहसील में सरकारी कर्मचारी राहुल भट्ट को गुरुवार को चरमपंथियों ने गोली मार दी थी जिसके बाद अस्पताल में उनकी मौत हो गई.

    शुक्रवार को जम्मू में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया. वहीं बडगाम में कश्मीरी पंडितों और सरकारी कर्मचारियों ने प्रशासन के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया जिन पर सुरक्षाबलों ने आंसू गैल के गोले दागे.

  5. FB LIVE: संजय गांधी अस्पताल से लाइव

  6. मुंडका अग्निकांड: तस्वीरें देखकर दहल उठेंगे आप

    पश्चिमी दिल्ली के बाहरी इलाक़े मुंडका की एक व्यवसायिक इमारत में आग लगने से अब तक कम से कम 27 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है. मारे गए लोगों की संख्या बढ़ने की आशंका भी ज़ाहिर की गई है.

    इस हादसे में घायल हुए लोगों का इलाज संजय गांधी और दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में किया जा रहा है.

    यह आग 13 मई की शाम लगभग साढ़े चार बजे लगी थी.

    कितनी भयानक थी इसका अंदाज़ा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि दमकलकर्मियों की छह घंटे की लगातार मेहनत के बाद भी इमारत से धुंआ उठ रहा था.

    इस चार मंज़िला इमारत में बेसमेंट भी है. ग्राउंड फ्लोर पर दफ़्तर और दुकानें हैं. वहीं पहले से तीसरी मंज़िल पर सीसीटीवी बनाने वाली कंपनी का दफ़्तर है.

    ये संकरी सीढ़ियां ऊपरी मंज़िलों तक जाती हैं.

    ऊपर जाने के लिए गली से सीढ़ियां जाती हैं. यही ऊपर दफ़्तर तक जाने का एकमात्र रास्ता है.

    इमारत का फ़र्नीचर पूरी तरह जल चुका है. फॉल्स सीलिंग भी राख हो चुकी है. बस कंक्रीट का ढांचा बचा है जो अब खड़ा है.

    इस हादसे में अपनों को खोने वालों का दर्द इस तस्वीर से ज़ाहिर होता है. मोनी संजय गांधी अस्पताल में मौजूद हैं. वो अपनी बहन पूजा को तलाश रही हैं. उम्मीद है कि वो उन ज़ख़्मी लोगों में से होगी जिन्हें अस्पताल मे भर्ती कराया गया है.

    मोनी की बहन पूजा घर में सबसे बड़ीं थीं और नौकरी करके पूरे परिवार की ज़िम्मेदारी संभाल रहीं थीं. अपनी बहन को याद करते हुए मोनी कहती हैं, "वो सुबह नौ बजे ऑफ़िस गई थी. वो डेटा एंट्री का काम करती थी, उसके पास फ़ोन नहीं था तो वो हमें फ़ोन भी नहीं कर सकी."

  7. ट्विटर के सीईओ पराग अग्रवाल का बड़ा फ़ैसला, कहा-"अब तक कम ही बोला लेकिन अब बोलूंगा"

    ट्विटर के लिए गुरुवार का दिन बड़े उलट-फेर वाला रहा. गुरुवार को टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने घोषणा की कि ट्विटर को ख़रीदने की उनकी डील फ़िलहाल रोक दी गई है. वहीं दूसरी ओर ट्विटर से दो बड़े अधिकारियों को निकाल दिया गया है.

    ट्विटर के सीईओ पराग अग्रवाल ने भी कल एक लंबे समय बाद अपनी चुप्पी तोड़ी और एक के बाद एक ट्वीट किये.

    पराग अग्रवाल ने लिखा, “बीते कुछ सप्ताह में बहुत कुछ हुआ.मेरा पूरा ध्यान कंपनी पर था और इस दौरान सार्वजनिक रूप से मैंने बहुत कम ही बात की लेकिन अब मैं करूंगा.”

    पराग आगे लिखते हैं, “बीते दिन हमने अपनी लीडरशिप टीम और ऑपरेशन टीम में बदलाव की घोषणा की. जो फ़ैसले लोगों को प्रभावित करते हैं, उन्हें लेना हमेशा से ही मुश्किल होता है. कुछ लोग पूछ रहे हैं कि ऐसे में जबकि कंपनी का अधिग्रहण होने ही वाला है तो एक ‘ज़रूरतमंद’ सीईओये बदलाव क्यों करेगा. इसका उत्तर बहुत सरल है...”

    वह आगे लिखते हैं, “जबकि मुझे पूरी उम्मीद है कि डील क्लोज़ हो जाएगी, हमें हर परिस्थिति के लिए तैयार रहने की ज़रूरत है और हमें हमेशा वही करना चाहिए जो ट्विटर के हित में हो. मैं ट्विटर का नेतृत्व और संचालन करने के लिए जवाबदेह हूं और हमारा मक़सद ट्विटर को हर दिन और मज़बूत करना है.”

    पराग अग्रवाल आगे लिखते हैं कि ट्विटर अपने यूज़र्स, पार्टनर्स और शेयरहोल्डर्स सभी के लिए बतौर उत्पाद और बिज़नेस सुधार करने के लिए प्रयास कर रहे हैं. पराग ने एक अन्य ट्वीट में लिखा है, “मैं अपने काम में और पारदर्शिता लाने की भी कोशिश करूंगा.”

    अंत में पराग ने पूरी ट्विटर टीम को धन्यवाद कहा है.

    पराग अग्रवाल के इस ट्वीट को कंपनी के उस फ़ैसले के संदर्भ में देखा जा रहा है जिसके तहत ट्विटर के कंज़्यूमर प्रोडक्ट के जनरल मैनेजर केवोन बेकपोर और रेवेन्यू के जनरल मैनेजर ब्रुक फाल्क ने खुद ट्विटर से निकलने की घोषणा की है.

    केवोन बेकपोर ने कंपनी से निकले के बाद कहा कि वो ट्विटर के साथ पिछले 7 साल से जुड़े हुए थे. लेकिन पराग अग्रवाल ने उन्हें कंपनी को छोड़ देने को कहा क्योंकि वो टीम को एक अलग दिशा में ले जाना चाहते हैं. वहीं ब्रुक फाल्क का कहना है कि मैं अपने सभी सथियों को थैंक्यू कहना चाहता हूं.

  8. नमस्कार!

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