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IPL 2022: DCvsRR: मार्श के 89 रन, दिल्ली ने राजस्थान को 8 विकेट से हराया

मिशेल मार्श और डेविड वॉर्नर के बीच 144 रन की दूसरे विकेट की साझेदारी की बदौलत दिल्ली कैपिटल्स ने राजस्थान रॉयल्स को 8 विकेट से हरा दिया है.

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे and चंदन शर्मा

  1. अमित शाह ने कहा- मैंने मोदी जी से बड़ा कोई श्रोता नहीं देखा

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में 20 साल पूरा होने के अवसर पर दिल्ली में उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू की किताब ‘मोदी@20- ड्रीम्स मीट डिलीवरी’ का विमोचन किया गया.

    इस मौके पर मौजूद गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “पीएम मोदी को जब भूकंप प्रभावित राज्य गुजरात का सीएम बनाया गया तो उन्हें पंचायत चलाने का भी अनुभव नहीं था. इसके बावजूद, उन्होंने लगातार जीत हासिल की और राज्य को काफ़ी कुशलता से चलाया.”

    “मुख्यमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी जी ने संवेदनशील तरीक़े से समाज के अंतिम व्यक्ति के लिए योजनाएँ कैसे बन सकती हैं, और उन्हें लोगों तक कैसे पहुँचाया जा सकता है, उसका उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया.”

    अमित शाह ने कहा- मैंने मोदी जी से बड़ा श्रोता कोई नहीं देखा है. वो लोगों को सुनते भी बहुत एकाग्रता और धैर्य से हैं. वे समाज को ही अपना परिवार समझकर आगे बढ़ हैं. वो हमेशा रचनात्मक तरीक़े से और उच्च लक्ष्यों के लिए सोचते हैं. वो देश के लिए सबसे ज़्यादा सोचते हैं.

    उन्होंने कहा, “ मोदी जी की योजनाओं का अनेक प्रकार से विश्लेषण हो सकता है, लेकिन मोदी जी ने योजनाओं को लोक कल्याण के लिए बनाया. गुजरात के कृषि महोत्सव के मॉडल का जो अध्ययन करेगा, उसको मालूम पड़ेगा कि परिवर्तन किस प्रकार से आता है.”

    बतौर पीएम नरेंद्र मोदी की ख़ूबियाँ गिनाते हुए अमित शाह ने कहा, “ पहले की सरकार के लिए कहा जाता था कि वो पॉलिसी पैरालिसिस वाली सरकार है.”

    “प्रधानमंत्री मोदी जी ने 8 साल में नीति कैसे निर्धारित हो सकती हैं, इसके लिए उन्होंने दुनिया के सामने अध्ययन के लिए ढेर सारी सामग्री उपलब्ध कराई है.

    मोदी सरकार लोगों को अच्छा लगे ऐसे फैसले नहीं लेती है, बल्कि मोदी सरकार ऐसे फ़ैसले लेती है, जो लोगों के लिए अच्छे हों. वोट के लिए वो राजनीति नहीं करते हैं.”

  2. WHO प्रमुख के कोरोना पर बयान को चीनी सोशल मीडिया से क्यों हटाया गया?

    संयुक्त राष्ट्र के वीबो अकाउंट से विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख की उस टिप्पणी को प्लेटफॉर्म ने खुद हटा दिया गया है जिसमें कहा गया था कि चीन की कोरोना को लेकर ‘ज़ीरो-टलरेंस’ नीति टिकाऊ नहीं है.

    चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वीबो पर ये बयान शेयर करने के तुरंत बाद ही बुधवार सुबह इसे हटा दिया गया.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने ये जानकारी दी है.

    यही नहीं एक अन्य चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वीचैट ने संयुक्त राष्ट्र के अकाउंट से इसी तरह की पोस्ट से शेयर का फ़ीचर ही हटा लिया.

    मंगलवार को एक मीडिया ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए, विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रस एडहनॉम गिब्रयेसस ने कहा था, "वायरस के व्यवहार को देखते हुए हमें नहीं लगता कि चीन की यह नीति टिकाऊ है, हम जो अभीअनुमान लगा रहे हैं उसके अनुसार ये टिकाऊ नहीं लगता."

    दूसरी ओर शंघाई में बढ़ते कोरोना मामले को देखते हुए लॉकडाउन को और कड़ा किया जा रहा है. आने वाले कुछ हफ्तों के लिए कड़े नियमों के साथ लॉकडाउन लगा रहेगा.

    नए नियमों के मुताबिक़ खाने की कमर्शियल डिलीवरी पर रोक लगा दी गई है और अस्पताल में इमरजेंसी मामलों को ही पहले देखा जाएगा.

    जिन लोगों के आस-पास इलाक़े में कोविड-19 के मरीज़ हैं उन्हें ज़बरदस्ती उनके घर से हटा कर सरकारी क्वारंटीन केंद्रों में रखा जा रहा है.

    बीते सात महीनों से शंघाई में सख़्त लॉकडाउन लगा हुआ है.

    कोरोना के मामलों में पहले आए उछाल की तुलना में केस काफ़ी कम हुए हैं, लेकिन अधिकारी अभी तक "सोसाइटल ज़ीरो" के लक्ष्य को हासिल करने में सक्षम नहीं हुए हैं और उसके लिए कड़े लॉकडाउन को जारी रखा जा रहा है.

    सोसाइटल ज़ीरो का अर्थ है कि सरकारी क्वारंटीन सुविधाओं के अलावा शहर में कोरोना का एक भी नया केस ना हो.

  3. बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने अशोक गहलोत की तुलना नीरो से की

    भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की तुलना रोम के शासक नीरो से की है. उन्होंने राजस्थान में हाल में हुई कई घटनाओं का ज़िक्र किया और गहलोत सरकार पर निशाना साधा. पिछले दिनों रामनवमी और ईद के दौरान करौली और जोधपुर में हिंसा हुई थी.

    बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा- अख़बार खोलो, तो कभी करौली, अख़बार खोलो तो कभी जोधपुर, अख़बार खोलो तो कोई नया ज़िला राजस्थान का. हम बता रहे हैं कि एक तरफ़ हमारी सरकार ज़िम्मेदार और रेस्पॉन्सिव है और दूसरी तरफ़ देखिए , जिस दिन जोधपुर में लोग सड़कों पर थे, उस दिन गहलोत साब अपना जन्मदिन मना रहे थे. जब रोम जल रहा था, तो नीरो बाँसुरी बजा रहा था, ये स्थिति है.

    हालाँकि अशोक गहलोत ख़ुद कई बार राजस्थान में हुई घटनाओं के लिए बीजेपी को ज़िम्मेदार ठहरा चुके हैं. उन्होंने कहा था कि देशभर में जहाँ भी हिंसा हुई, उसका एक पैटर्न था. जेपी नड्डा ने ये भी आरोप लगाया कि इन लोगों को एक नया बहाना मिल गया है. उन्होंने कहा कि हर चीज़ के लिए आरएसएस और बीजेपी से सवाल पूछे जाते हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि अशोक गहलोत ने जोधपुर का दौरा क्यों नहीं किया. जबकि जोधपुर गहलोत का अपना शहर है.

  4. श्रीलंका से लाइव

    श्रीलंका से LIVE: संकट से गुज़र रहे भारत के पड़ोसी मुल्क में क्या हैं ताज़ा हाल? कोलंबो से ज़्यादा जानकारी के साथ बीबीसी के नितिन श्रीवास्तव (कैमरा- प्रेम भूमिनाथन)

  5. कांग्रेस ने कहा- सत्ता को आईना दिखाना राष्ट्रधर्म है, देशद्रोह नहीं

    राजद्रोह क़ानून पर सुप्रीम कोर्ट के ताज़ा आदेश पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया दी है और मोदी सरकार को घेरा है. सुप्रीम कोर्ट ने राजद्रोह क़ानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए केंद्र से इस पर फिर से विचार करने को कहा है. साथ ही कोर्ट ने ये भी कहा है कि जब तक इसकी समीक्षा पूरी नहीं हो जाती, इस क़ानून के तहत कोई मामला दर्ज नहीं होगा.

    साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा है कि इस क़ानून के तहत किसी भी तरह की जाँच भी नहीं शुरू हो सकती. सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने इसे ऐतिहासिक फ़ैसला बताया है. उन्होंने ट्वीट किया- ऐतिहासिक निर्णय! सुप्रीम कोर्ट का संदेश साफ़ है. सत्ता के सिंहासन पर बैठे आवाज़ कुचलने वाले निरंकुश शासक जान लें कि स्वयंभू राजा और बेलगाम सरकारों की जन विरोधी नीतियों की आलोचना का गला नहीं घोंट सकते. सत्ता को आईना दिखाना राष्ट्रधर्म है, देशद्रोह नहीं. वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने भी सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले की सराहना की है.

    उन्होंने ट्वीट कर लिखा है- राजद्रोह क़ानून के बड़े पैमाने पर दुरूपयोग को रोकने वाले इस अंतरिम आदेश के लिए सुप्रीम कोर्ट को सैल्यूट.

  6. पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पंडित सुखराम का निधन

    पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पंडित सुखराम का 95 साल का उम्र में निधन हो गया.

    उन्होंने सोमवार को दिल्ली के एम्स अस्पताल में अंतिम साँस ली. शुक्रवार को उन्हें ब्रेन स्ट्रोक हुआ जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए हिमाचल प्रदेश से दिल्ली लाया गया था.

    उनके बेटे और मंडी से बीजेपी के विधायक अनिल शर्मा ने अपने पिता के निधन की ख़बर दी.

    परिवार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, उनके शव को सड़क मार्ग से मंडी लाया जाएगा. गुरुवार को शव को आम लोगों के आखिरी दर्शन के लिए रखा जाएगा. इसके बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा.

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पार्टी के वरिष्ठ नेता की मौत पर शोक जताते हुए लिखा- "कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री, पंडित सुखराम जी के निधन की ख़बर बेहद दुखद है. मैं उनके परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ प्रकट करता हूँ."

    सुखराम 1993 से 1996 केंद्रीय संचार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रहे. वे मंडी लोकसभा सीट से सांसद थे.

  7. ब्रेकिंग न्यूज़, सुप्रीम कोर्ट ने समीक्षा पूरी होने तक राजद्रोह क़ानून पर लगाई रोक

      • Author, सुचित्र मोहंती, बीबीसी हिंदी के लिए

    राजद्रोह क़ानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इस पर विचार करने को कहा है. अदालत ने कहा है कि फिर से समीक्षा करने की प्रक्रिया जब तक पूरी नहीं हो जाती, इस क़ानून के तहत कोई भी मामला दर्ज नहीं होगा.

    साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा है कि इस क़ानून के तहत किसी भी तरह की जाँच भी नहीं शुरू हो सकती.

    मुख्य न्यायाधीश एनवी रमन्ना ने अपने आदेश में कहा है कि जो भी लोग इस क़ानून के तहत मुक़दमा झेल रहे हैं या वे जेल में हैं, वे राहत और ज़मानत के लिए अदालत जा सकते हैं. पिछले दिनों केंद्र सरकार ने इस मामले में दाख़िल हलफ़नामे में कहा था कि वो इस क़ानून की समीक्षा के लिए तैयार है. हालाँकि पहले सरकार ने ये कहा था कि ये क़ानून बहुत ज़रूरी है. जबकि अदालत ने इस क़ानून के दुरुपयोग पर चिंता जताई थी.

    इस कानून के दुरुपयोग को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते-CJI

    अदालत में बहस के दौरान जब बेंच ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से पूछा कि सरकार को समीक्षा के लिए कितना समय लगेगा तो उन्होंने जवाब दिया- “इसका ठीक-ठीक जवाब हम नहीं दे सकते लेकिन ये प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.”

    बेंच ने कहा कि वह केंद्र सरकार के फ़ैसला लेने तक सुनवाई टालने के आग्रह को मंज़ूरी तो दे सकती है लेकिन अदालत ने इस कठोर क़ानून के दुरुपयोग को लेकर चिंता ज़ाहिर की.

    जिस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि एफ़आईआर दर्ज करना राज्य की पुलिस का काम होता है ना कि केंद्र ये करता है, इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए कई तरह के उपाय हैं.

    जवाब में चीफ़ जस्टिस रमन्ना ने कहा, ‘’हम सभी को अदालतों में जाने और महीनों तक जेल में रहने के लिए नहीं कह सकते. केंद्र सरकार ने खुद ही दुरुपयोग के बारे में चिंता जताई हो तो आप बताइए कि उनकी रक्षा कैसे करेंगे? हमें संतुलन बनाना होगा, कई लोग हैं जो इस कानून के तहत जेल में बंद हैं और कई ऐसे होंगे जिन पर इस कानून के तहत मामला दर्ज होने जा रहा है. कई मामले अब तक लंबित हैं. कृपया इस पर अपना रुख स्पष्ट करें.”

  8. कांग्रेस के इस नेता ने कहा- पार्टी में रहेंगे, लेकिन वामपंथी उम्मीदवार के लिए करेंगे प्रचार

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केवी थॉमस ने कहा है कि वे विधानसभा उप चुनाव में सीपीआई (एम) की अगुआई वाले एलडीएफ़ के उम्मीदवार के लिए प्रचार करेंगे. त्रिक्काकारा विधानसभा के लिए उपचुनाव 31 मई को होगा. केवी थॉमस ने कहा- मैं मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की अगुआई वाले एलडीएफ़ के चुनाव सम्मेलन में हिस्सा लूँगा. मैं कांग्रेस नहीं छोड़ूँगा. उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस पार्टी उन्हें निकालती है, तो उन्हें करने दीजिए.

    केवी थॉमस वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हैं और केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं. लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कांग्रेस पार्टी नहीं छोड़ेंगे. केवी थॉमस ने कहा कि कांग्रेस में काफ़ी बदलाव आ गया है. कांग्रेस अब वो पार्टी नहीं रही, जिसे उन्होंने देखा था. उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने उन्हें पार्टी की गतिविधियों से दूर रखा है. केवी थॉमस ने पिछले दिनों मुख्यमंत्री विजयन के काम की तारीफ़ की थी. उन्होंने फिर कहा कि वे अपने बयान पर क़ायम हैं.

  9. भारत ने कहा- श्रीलंका में नहीं भेज रहे हैं अपनी सेना

    भारत ने इन रिपोर्टों से इनकार किया है कि वो श्रीलंका में अपनी सेना भेज रहा है. श्रीलंका स्थित भारतीय उच्चायोग ने ट्वीट कर ये स्पष्टीकरण जारी किया है. ट्वीट में कहा गया है- भारतीय उच्चायोग मीडिया में और सोशल मीडिया पर चल रही उन रिपोर्टों को ख़ारिज करता है कि भारत श्रीलंका में अपनी सेना भेज रहा है. बयान में ये भी कहा गया है कि ये रिपोर्ट और ऐसे विचार भारत के रुख़ के अनुरूप नहीं हैं.

    भारतीय उच्चायोग ने ये भी कहा है कि मंगलवार को विदेश मंत्रालय ने साफ़ तौर पर स्पष्ट कर दिया था कि भारत श्रीलंका के लोकतंत्र, स्थिरता और आर्थिक सुधार की उसकी कोशिश का पूरा समर्थन करता है. श्रीलंका में इस समय आर्थिक संकट और राजनीतिक अस्थिरता का दौर चल रहा है. महिंदा राजपक्षे प्रधानमंत्री पद छोड़ चुके हैं और प्रदर्शनकारी सड़कों पर हैं. पिछले दो दिनों में कई सरकारी इमारतों और सांसदों के निवास स्थान को प्रदर्शनकारियों ने निशाना बनाया है.

  10. इसराइली सैनिकों ने हमारी संवाददाता को गोली मारी- अल जज़ीरा

    कतर के समाचार चैनल अल जज़ीरा ने दावा किया है कि उनकी संवाददाता शिरीन अबू अकले को इसराइली सैनिकों ने मार दिया है.

    अकले जेनिन के शरणार्थी शिविर में इजरायली सेना की छापेमारी की घटना को कवर कर रही थी.

    अलजज़ीरा की वेस्ट बैंक संवाददाता निदा इब्राहिम ने कहा कि शिरीन अबू अकले की मौत की परिस्थितियां स्पष्ट नहीं हैं,लेकिन घटना का जो वीडियो सामने आया है उसमें अबू अकले को सिर पर गोली मारी गई है.

    इब्राहिम ने कहा, “अभी के लिए जो पता है वो ये है कि फ़िलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने उसकी मौत की घोषणा की है. शिरीन अबू अकलेह जेनिन में होने वाली घटनाओं को कवर कर रही थीं.खासकर इसराइल के कब्जे वाले वेस्ट बैंक के उत्तर में एक शहर पर एक इजरायली सेना की छापेमारी को कवर करते हुए उन्हें सिर पर गोली लगी.

  11. भीलवाड़ा में बीती रात एक युवक की हत्या के बाद तनाव, इंटरनेट बंद

      • Author, मोहर सिंह मीणा
      • पदनाम, जयपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए

    भीलवाड़ा शहर में कोतवाली थाना इलाक़े के शास्त्री नगर में मंगलवार देर रात आदर्श नाम के युवक की चाकू मार कर हत्या कर दी गई. हत्या के बाद इलाक़े में तनाव है जिसे देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन इंटरनेट सेवा बंद कर दी है और पुलिस बल तैनात किया गया है.

    20 वर्षीय आदेश नाम के एक युवक की हत्या के विरोध और दोषियों की गिरफ़्तारी की मांग को लेकर हिंदू संगठनों ने शहर बंद का आह्वान किया है.

    भीलवाड़ा शहर के डिप्टी एसपी हंसराज ने बीबीसी से कहा, "यह मामला सांप्रदायिकता से जोड़ कर नहीं देखा जाना चाहिए. नाबालिगों के बीच दिन में झगड़ा हुआ जिसके बाद विवाद बढ़ गया और एक व्यक्ति की हत्या की गई. हमने इस मामले में तीन नाबालिगों को हिरासत में लिया है."

    घटना के बाद शव महात्मा गांधी अस्पताल में है. परिजनों ने शव लेने से इंकार कर दिया है. मौके पर आला अधिकारी मौजूद हैं.

    पांच दिन पहले भी भीलवाड़ा शहर में ही दो मुस्लिम युवकों पर कुछ नकाबपोश लोगों ने हमला किया था, जिसके बाद इंटरनेट बंद कर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था.

    राज्य के करौली और जोधपुर की हिंसा के बाद हालिया दिनों में भीलवाड़ा का माहौल बिगड़ने की यह तीसरी घटना है.

  12. असानी तूफ़ान पहुंचा आंध्र प्रदेश, राज्य के कई हिस्सों में तेज़ बारिश

    तूफ़ान असानी बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश के काकीनाडा ज़िले के तट पर पहुंच गया है.

    आंध्र प्रदेश की पुलिस का कहना है कि "तेज़ बहाव से सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है, हमने वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए सीमा में 2 चेक-पोस्ट लगाए हैं. सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं. हम सभी को खराब रास्ते पर जाने से रोक रहे हैं"

    मौसम विभाग के मुताबिक़, तूफ़ान के अगले कुछ घंटों में उत्तर की ओर बढ़ने की संभावना है और फिर उत्तर से उत्तर-पूर्व की ओर नरसापुर ,यनम,तुनी और विशाखापत्तनम के तटों पर बुधवार की दोपहर से शाम के दौरान पहुंचेगा.

    इसके बाद बुधवार रात तक पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी तक पहुंचने की संभावना है.

    तूफ़ान का असर आंध्र प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में दिखने लगा है. विशाखापत्तनम में तेज़ बारिश हो रही है.

    मौसम विभाग का मानना है कि गुरुवार सुबह तक तूफ़ान की रफ्तार कमज़ोर हो जाएगी.

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ खराब मौसम की वजह से मंगलवार को आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम एयरपोर्ट से उड़ान भरने और लैंड करने वाली 23 फ्लाइट्स रद्द कर दी गईं.

    मंगलवार को ओडिशा के स्पेशल रिलीफ़ कमिश्नर प्रदीन कुमार जेना समाचार एजेंसी एएनआई को बताया था कि बुधवार सुबह तूफ़ान असानी आंध्र प्रदेश के काकीनाडा के तट पर पहुंच सकता है.

  13. एलन मस्क ने ट्रंप के ट्विटर पर वापसी को लेकर कहा- बैन हटाएंगे

    टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने मंगलवार को फाइनेंशियल टाइम्स को दिए गए इंटरव्यू में कहा कि वह पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप पर लगा ट्विटर प्रतिबंध हटाएंगे.

    44 अरब डॉलर में ट्विटर को खरीदने की डील करने वाले एलन मस्क खुद को ‘फ्री स्पीच’ का समर्थक बताते हैं. और इससे पहले भी कई मौकों पर ट्रंप को प्लेटफॉर्म से हमेशा के लिए प्रतिबंधित करने के फ़ैसले की आलोचना कर चुके हैं.

    फाइनेंशियल टाइम्स को दिए गए इंटरव्यू में उन्होंने ट्रंप पर लगे बैन को हटाने की अपनी राय के पीछे तर्क देते हुए कहा, “ ट्रंप के ट्विटर पर वास्तविक फॉलोवर हैं जो उन्हें फॉलो करते हैं, इनमें बॉट या फेक फॉलोवर नहीं है. ऐसे में उन्हें प्लेटफॉर्म से हटा देना उन तमाम यूजर्स के ट्विटर में यकीन को कमज़ोर करता है. हर किसी को अपनी बात कहने का हक़ है.”

    “अगर कोई ट्वीट या पोस्ट विवादित है या लोगों के बीच गलत संदेश पहुंचाती है तो उस ट्वीट को हटा देना चाहिए या उसकी रीच घटा देनी चाहिए. मेरी जैक डोर्सी से इस बारे में बात हुई और वो भी ऐसा मानते हैं कि किसी को पूरी तरह बैन करना ठीक नहीं है. मैं यही कहूंगा की ये एक बेवकूफ़ाना फैसला था."

    अमेरिका के कैपिटल हिल पर 6 जनवरी 2021 को हुई हिंसा के तुरंत बाद ट्रंप का ट्विटर स्थायी रूप से बंद कर दिया गया था. ट्विटर ने अपने फैसले के पीछे "हिंसा को और भड़काने के जोख़िमों" का हवाला दिया था.

    हालांकि ट्रंप पहले ही फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कह चुके हैं कि वह ट्विटर पर वापस नहीं आएंगे, भले ही मस्क इसे खरीद लें और उनके अकाउंट को बहाल कर दें.

    ट्रंप ने कहा था कि वह ट्रुथ सोशल नाम के खुद के सोशल मीडिया ऐप का इस्तेमाल करेंगे.

  14. श्रीलंका: महिंदा राजपक्षे के देश छोड़कर भागने की अफ़वाह पर बोले बेटे नमल

    महिंदा राजपक्षे ने श्रीलंका के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया लेकिन इसके बाद भी विरोध प्रदर्शनों में हिंसा बढ़ती जा रही है. इस बीच अटकलें लगाई जाने लगीं कि महिंदा राजपक्षे के परिवार ने देश छोड़ दिया है लेकिन मंगलवार को उनके बेटे ने बताया कि उनका परिवार श्रीलंका में ही है और देश छोड़ कर नहीं भागेगा.

    महिंदा राजपक्षे के बेटे और देश के खेल मंत्री रहे नमल राजपक्षे ने समाचार एजेंसी एएफ़पी से कहा कि “राजपक्षे परिवार की देश छोड़ कर जाने की कोई योजना नहीं है. कई तरह की अफ़वाहें उड़ाई जा रही हैं कि हम देश छोड़ कर भागने वाले हैं, लेकिन हम देश नहीं छोड़ेंगे ”

    सेना के एक अज्ञात बेस में शरण लेकर रह रहे महिंदा राजपक्षे को लेकर उनके बेटे ने बताया कि उनके पिता सुरक्षित हैं और परिवार के साथ लागातार संपर्क में हैं.

    कहा जा रहा था कि महिंदा राजपक्षे अपने परिवार के साथ देश छोड़ कर भारत आ गए हैं, इस दावे को श्रीलंका के भारतीय उच्चायोग ने ख़ारिज करते हुए ट्वीट किया.

    भारतीय उच्चायोग ने लिखा, “ उच्चायोग को पता चला है कि मीडिया और सोशल मीडिया के एकधड़े में अफवाहें फैल रही हैं कि कुछ राजनीतिक व्यक्ति और उनके परिवार श्रीलंका से भाग कर भारत आए हैं. ये फर्जी और झूठी रिपोर्ट हैं, जिनमें कोई सच्चाई नहीं है. उच्चायोग इसका दृढ़ता से खंडन करता है.”

    महिंदा राजपक्षे, श्रीलंका के राजनीतिक राजपक्षे परिवार के मुखिया हैं. इस परिवार के खिलाफ़ देश में जमकर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं. साल 1948 में मिली आज़ादी के बाद श्रीलंका अब तक के सबसे बुरे आर्थिक संकट का सामना कर रहा है और प्रदर्शन कर रहे लोगों का मानना है कि देश की इस दुर्गति के लिए राजपक्षे परिवार ज़िम्मेदार है.

    सोमवार को इस्तीफ़े के बाद महिंदा राजपक्षे के आवास को उग्र प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया जिसके बाद सेना ने उन्हें और उनके परिवार को सुरक्षित बाहर निकाल कर नौसेना के एक बेस में पहुंचाया.

    वह अपने परिवार से साथ कड़ी सुरक्षा के बीच सेना के एक बेस में रह रहे हैं.

    मंगलवार को श्रीलंका में बीते एक महीने से चल रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन हिंसक हो गए जब राजपक्षे परिवार के समर्थकों ने उनके खिलाफ़ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर हमले करने शुरू कर दिए.

    इसके बाद प्रदर्शनाकारियों ने गुस्से में सरकार के मंत्रियों के आवास पर आगजनी और हमले शुरू कर दिए. जिसके बाद मंगलवार देर शाम को देश के रक्षा मंत्रालय ने हिंसा और आगजनी करने वालों को देखते ही गोली मारने के आदेश दे दिए.

  15. श्रीलंका: हिंसा-आगजनी करने वालों को देखते ही गोली मारने का आदेश

    श्रीलंका के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार शाम को सार्वजनिक संपत्ति को नुक़सान पहुँचाने वाले या किसी की जान के लिए ख़तरा बनने वाले व्यक्ति को देखते ही गोली मारने का आदेश जारी किया है.

    अब तक के सबसे बुरे आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका में विरोध प्रदर्शन हिंसक होते जा रहे हैं और दंगों की शक्ल ले रहे हैं.

    देश के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता नलिन हेरथ ने कहा, "सुरक्षा बलों को सार्वजनिक संपत्ति को लूटने या जान को नुक़सान पहुँचाने वाले किसी भी व्यक्ति को देखते ही गोली मारने का आदेश दिया गया है. "

    दरअसल, इससे ठीक एक दिन पहले प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने सत्तारूढ़ दल के नेताओं के घरों को निशाना बनाया और इसे आग के हवाले कर दिया. यहाँ तक कि राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास के आसपास के इलाकों में भी आग लगा दी गई. अब हालात को देखते हुए देश की सेना और पुलिस को आपातकालीन शक्तियां दी गई हैं.

    सेना के लिए मिली इन नई आपातकालीन शक्तियों का मतलब है कि सेना लोगों को पुलिस को सौंपने से पहले 24 घंटे तक हिरासत में रख सकती है जबकि निजी वाहनों सहित निजी संपत्ति की कभी भी तलाशी ली जा सकती है.

    देश में ईंधन, खाने, दवा और आधारभूत चीज़ों की भयंकर कमी है, जिसे लेकर बीते एक महीने से भी अधिक समय से आमलोग राजपक्षे परिवार के खिलाफ़ कोलंबो की सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं.

    बीते सप्ताह तक ज्यादातर प्रदर्शन शांतिपूर्ण थे लेकिन बीते कुछ दिनों से प्रदर्शन हिंसक होते जा रहे हैं.

    प्रदर्शन कर रहे लोगों की मांग है कि देश में आए भयानक आर्थिक संकट के लिए राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ज़िम्मेदार हैं और वो इस्तीफ़ा दें.

    इससे पहले सोमवार को उनके भाई और देश के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने अपने पद से इस्तीफ़ा दिया था. लेकिन इस इस्तीफ़े से उग्र प्रदरशनकारियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ.

    मंगलवार को सरकार ने सुरक्षाबलों को ये अधिकार दे दिया है कि अगर कोई व्यक्ति ‘किसी की जान के लिए ख़तरा बनता है’ तो उसे सुरक्षा बल सीधे गोली मार दी जाए.

    राजधानी कोलंबो की सड़कों पर दसियो हज़ार थल सेना, नौसोना और वायुसेना के सैनिकों की तैनाती की गई है जो शहर की पेट्रोलिंग कर रहे हैं.

    कोलोंबों के गलैस फेस ग्रीन पार्क में बड़ी तादात में प्रदर्शनकारी इकट्ठा हो रहे हैं.

    पुलिस के मुताबिक़ हिंसक प्रदर्शनों में अब तक आठ लोगों की मौत हुई है और शहर के मुख्य अस्पताल ने बीबीसी को बताया कि अब तक कुल 200 लोग हिंसक प्रदर्शनों में घायल हुए हैं.

  16. नमस्कार!

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