असम पुलिस की क्राइम ब्रांच इंडियन ऑयल के एक कार्यक्रम में स्क्रीन पर 'पोर्न वीडियो क्लिप' चलने की घटना की जांच कर रही है.
तिनसुकिया
शहर के एक होटल में शनिवार को इंडियन ऑयल कंपनी की तरफ़ से आयोजित इस कार्यक्रम में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री रामेश्वर तेली भी मौजूद
थे.
इस चूक के लिए तिनसुकिया पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है. घटना
के सिलसिले में क्राइम ब्रांच ने प्रोजेक्ट ऑपरेटर को हिरासत में लिया है और
आगे की कार्रवाई की जा रही है.
इस बीच तिनसुकिया के ज़िलाधिकारी ने घटना की
मैजिस्ट्रेट स्तर की जांच की घोषणा की है और अतिरिक्त ज़िलाधिकारी मंजीत बरकाकोती को
जांच का ज़िम्मा सौंपा गया है.
इस
घटना की जानकारी रखने वाले लोगों को ज़िला उपायुक्त कार्यालय में आज (चार मई) सुनवाई के लिए बुलाया गया है.
क्या हुआ था कार्यक्रम में
केंद्रीय राज्य मंत्री रामेश्वर तेली इंडियन ऑयल के मेथनॉल-मिश्रित एम -15 पेट्रोल के पायलट रोल आउट का शुभारंभ करने के लिए कार्यक्रम में पहुंचे थे.
मंत्री तेली ने नीति आयोग के सदस्य डॉ वीके सारस्वत, इंडियन ऑयल के अध्यक्ष एसएम विद्या, राज्य के श्रम मंत्री संजय किशन, असम पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड के अध्यक्ष बिकुल डेका और ऑयल इंडस्ट्रीज के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में एम-15 पेट्रोल का पायलट रोल आउट लॉन्च किया.
इस लॉन्च कार्यक्रम के बाद शहर के एक होटल में बैठक हुई, जहाँ यह घटना हुई. तिनसुकिया में इस घटना को कवर करने वाले पत्रकार राजीव दत्ता कहते हैं, "यह घटना तब हुई जब इंडियन ऑयल के एक अधिकारी मंच पर अपना भाषण दे रहे थे और उस समय उनके पीछे एक प्रोजेक्टर स्क्रीन चल रही थी, जिसमें मेथनॉल-मिश्रित पेट्रोल परियोजना की वीडियो क्लिप दिखाई जा रही थी. जब प्रोजेक्ट ऑपरेटर वीडियो क्लिप बदल रहा था, तभी अचानक स्क्रीन पर एक पोर्न क्लिप चल गई. इससे वहाँ मौजूद लोग हैरान रह गए. यह वीडियो क्लिप महज 3-4 सेकंड तक चली, ऑपरेटर ने जल्द ही उसे हटा दिया."
बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम का ऑनलाइन लाइव-स्ट्रीम किया जा रहा था और इंडियन ऑयल के एक अधिकारी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर जूम मीटिंग आईडी और पासकोड साझा किया था.
इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री तेली ने कहा, "मैं उस समय इंडियन ऑयल के एक अधिकारी द्वारा दिया जा रहा भाषण सुन रहा था. मैं स्क्रीन पर नहीं देख रहा था. लिहाजा मुझे इस बारे में कुछ पता ही नहीं चला. बाद में मेरे निजी सहायक ने घटना के बारे में बताया. उस समय ज़िला उपायुक्त भी वहाँ बैठे हुए थे. मैंने उन्हें तुरंत इस मामले की जांच शुरू करने का निर्देश दिया. अगर यह सच है, तो दोषी व्यक्ति के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी."