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उन्होंने ये भी जानकारी दी है कि पीएम इमरान ख़ान ने आज दोपहर नेशनल सिक्योरिटी कमेटी की भी बैठक बुलाई है, जो पीएम आवास पर होगी.
राम विलास पासवान का बंगला ख़ाली कराने के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने दख़ल देने से किया इनकार
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दिल्ली हाई कोर्ट ने राम विलास पासवान के परिवार की उस याचिका को ख़ारिज कर दिया है, जो उनके बंगले को ख़ाली कराने के केंद्र के फ़ैसले के ख़िलाफ दायर की गई थी.
याचिका ख़ारिज करते हुए जस्टिस यशवंत वर्मा ने कहा- ये आपकी पार्टी का मुख्यालय नहीं हैं.
केंद्र ने पूर्व केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान का बंगला ख़ाली कराने का फ़ैसला किया है.
राम विलास पासवान मोदी सरकार में मंत्री थे. लेकिन वर्ष 2020 में उनकी मौत हो गई थी. राम विलास पासवान कई वर्षों से 12, जनपथ रोड वाले बंगले पर रहते थे. उनकी मौत के बाद उनकी लोकजनशक्ति पार्टी भी टूट गई. एक धड़े का नेतृत्व उनके बेटे चिराग पासवान कर रहे हैं, तो दूसरे धड़े का नेतृत्व उनके भाई पशुपति कुमार पारस करते हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के समय चिराग पासवान ने एनडीए से अलग चुनाव लड़ा था. चुनाव के बाद ही उनकी पार्टी टूट गई थी. पशुपति कुमार पारस फ़िलहाल मोदी सरकार में मंत्री हैं. चिराग पासवान चाहते थे कि 12, जनपथ रोड वाला बंगला एक संग्रहालय में तब्दील हो जाए. लेकिन उनकी ये कोशिश कामयाब नहीं हो पाई.
राना अय्यूब ने विदेश यात्रा पर रोक को हाई कोर्ट में दी चुनौती
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इमेज कैप्शन, राना अय्यूब
पत्रकार राना अय्यूब ने उन्हें देश
छोड़ने से रोकने की प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती
दी है.
मुख्य न्यायाधीश विपिन संघी और
न्यायाधीश नवीन चावला की पीठ मामले की सुनवाई करेगी.
राना अय्यूब के वकील ने उनके मामले की
जल्द सुनवाई की अपील की थी क्योंकि उन्हें पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार लंदन और
इटली जाना है. कल उनकी फ्लाइट भी है.
कोर्ट ने कहा कि अगर वो आज सुबह 11 बजे से पहले मामला दायर करते हैं तो इसे कल सूचीबद्ध किया जाएगा.
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मनी लॉन्ड्रिंग का मामला
पत्रकार राना अय्यूब को मंगलवार को मुंबई एयरपोर्ट पर अधिकारियों ने विदेश जाने से रोक दिया था.
राना के ख़िलाफ़ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक 'लुक आउट सर्कुलर' जारी किया है जिसकी वजह से उन्हें विदेश जाने से रोका गया.
केंद्रीय जांच एजेंसी अय्यूब के खिलाफ़ मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में उनसे पूछताछ करना चाहती है.
राना लंदन के लिए उड़ान भरने के लिए मुंबई एयरपोर्ट पर पहुंचीं थीं, लेकिन इमिग्रेशन अधिकारियों ने उन्हें रोक दिया. इसके तुरंत बाद, ईडी की एक टीम ने एयरपोर्ट पर उनसे पूछताछ की और उन्हें जाXच में शामिल होने के लिए कहा.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ एक अप्रैल को उन्हें इडी के दफ़्तर में पेश होने के लिए कहा गया है.
राना के कोरोना महामारी के दौरान जुटाए गए चौरिटेबल फ़ंड में कथित अनियमितताओं को लेकर ईडी उनके खिलाफ जांच कर रही है.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा- तमिलनाडु में वान्नियार समुदाय को आरक्षण असंवैधानिक
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सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु में वान्नियार समुदाय को नौकरियों और शिक्षा में 10.5 फ़ीसदी आरक्षण देने को असंवैधानिक ठहराने के हाई कोर्ट के फ़ैसले को सही ठहराया है. सुप्रीम कोर्ट ने इसे समानता के अधिकार का उल्लंघन बताते हुए रद्द कर दिया है.
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पिछले साल एआईएडीएमके की सरकार ने सरकारी नौकरियों और शैक्षिक संस्थानों में वान्नियार समुदाय के लोगों को एक क़ानून बनाकर आरक्षण दिया था. लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने वान्नियार आरक्षण अधिनियम 2021 को असंवैधानिक करार दिया है. जस्टिस ए नागेश्वर राव की अगुआई वाली खंडपीठ ने अपने फ़ैसले में कहा कि वान्नियार समुदाय के लोगों को अन्य लोगों की तुलना में एक अलग ग्रुप का दर्जा देने का कोई आधार नहीं है.
यूक्रेन से युद्ध की रणनीति सीख रहा है ताइवान
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इमेज कैप्शन, ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग-वेन
ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने यूक्रेन
में युद्ध की रणनीति के अध्ययन के लिए एक समूह का गठन किया है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ इस
समूह को अध्ययन करना है कि कैसे यूक्रेन इतने दिनों तक रूस के ख़िलाफ़ युद्ध में डटा
हुआ है. ताइवान इसकी अमेरिका के साथ चर्चा भी कर रहा है.
ताइवान और चीन के बीच पुराना विवाद है. चीन मानता है कि ताइवान उसका एक प्रांत है, जो एक दिन फिर से चीन का हिस्सा बन जाएगा. वहीं, ताइवान ख़ुद को एक आज़ाद मुल्क मानता है. उसका अपना संविधान है और वहाँ लोगों द्वारा चुनी हुई सरकार का शासन है.
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यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद ताइवान अलर्ट पर है. उसे डर है कि चीन भी रूस की तरह कोई क़दम उठा सकता है. हालाँकि, चीन ने ऐसा करने के कोई संकेत नहीं दिए हैं.
ताइवान के रक्षा मंत्री ने कहा कि वो युद्ध लड़ने के तरीक़ों को लेकर दूसरे देशों से संपर्क कर रहे हैं और इसके अध्ययन के लिए एक समूह का गठन किया है.
उन्होंने कहा कि ताइवान रूस की सेना के ख़राब प्रदर्शन और यूक्रेन की उन्हें रोकने की क्षमता जैसे विषयों का अध्ययन कर रहा है.
इमरान ख़ान सरकार के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस आज, जानिए क्या हैं सियासी समीकरण
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की सरकार के ख़िलाफ़ आज अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होगी. चर्चा शाम चार बजे से शुरू होगी.
पिछले दिनों नेशनल असेंबली में विपक्ष के नेता शाहबाज़ शरीफ़ ने इमरान सरकार के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव रखा था.
बीबीसी उर्दू के मुताबिक़ अभी इमरान ख़ान सरकार के पास सिर्फ़ 140 सांसदों का समर्थन है, जबकि विपक्ष के पास 196 सांसद हैं. इनमें इमरान की पार्टी के भी कई नाराज़ सांसद शामिल हैं.
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नेशनल असेंबली में अविश्वास प्रस्ताव पारित कराने के लिए 172 सांसदों का समर्थन चाहिए. इस बीच पाकिस्तान में लगातार सियासी घटनाक्रम तेज़ी से बदल रहा है. बुधवार शाम पाकिस्तान के पीएम इमरान ख़ान राष्ट्र को संबोधित करने वाले थे. लेकिन पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा से मुलाक़ात के बीच उन्होंने अपना संबोधन टाल दिया. इस बीच रविवार की रैली में सरकार गिरान में विदेशी साज़िश की बात भी अब तूल पकड़ रही है. विपक्ष इसे इमरान की रणनीति बता रहा है. जबकि इमरान ख़ान इसे लेकर बार-बार स्पष्टीकरण दे रहे हैं.
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इस बीच पाकिस्तानी अख़बार डॉन ने ये रिपोर्ट दी है कि अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने उसके एक सवाल के जवाब में इससे इनकार किया है कि उसका इसमें कोई हाथ है. अमेरिकी विदेश मंत्रालय का कहना है कि इसमें कोई सच्चाई नहीं है. इमरान ने रविवार की रैली में दावा किया था कि उनके पास विदेशी साज़िश के सबूत हैं. इस बीच इमरान ख़ान ने बुधवार को कैबिनेट की बैठक भी बुलाई थी, जिसमें उनके नेतृत्व में भरोसा व्यक्त किया गया.
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पाकिस्तान के कई मंत्रियों ने स्पष्ट किया है कि इमरान ख़ान इस्तीफ़ा नहीं देंगे. बुधवार को टीवी चैनल्स के साथ बातचीत में पाकिस्तान के सूचना और प्रसारण मंत्री फ़वाद चौधरी ने कहा कि अभी मैच ख़त्म नहीं हुआ. दूसरी ओर विपक्षी गठबंधन दावा कर रहा है कि उसके पास बहुमत है और इमरान ख़ान को तुरंत इस्तीफ़ा दे देना चाहिए. बुधवार को बिलावल भुट्टो ने तो यहाँ तक कह दिया कि जल्द ही शाहबाज़ शरीफ़ पाकिस्तान के नए पीएम होंगे.
पेट्रोल और डीज़ल की क़ीमतों पर राहुल गांधी का मोदी पर तंज़- प्रश्न न पूछो 'फ़कीर' से
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कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पेट्रोल और डीज़ल की बढ़ती क़ीमतों को लेकर मोदी सरकार के ख़िलाफ़ मोर्चा खोला हुआ है.
आज कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर देशव्यापी आंदोलन कर रही है. दिल्ली में राहुल गांधी इसका नेतृत्व कर रहे हैं.
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राहुल गांधी ने कहा कि पिछले 10 दिनों में नौ बार पेट्रोल और डीज़ल की क़ीमतें बढ़ाई गई हैं. उन्होंने मांग की कि बढ़ती क़ीमतों पर तुरंत नियंत्रण होना चाहिए. इस बीच सोनिया गांधी भी इस प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए शिमला जा रही हैं. जहाँ पार्टी की हिमाचल इकाई बढ़ती क़ीमतों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रही है.
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बाद में राहुल गांधी ने ट्वीट कर एशिया के कई देशों में पेट्रोल की क़ीमत की भारत से तुलना की है. अंत में उन्होंने नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए लिखा है- प्रश्न न पूछो 'फ़क़ीर' से, कैमरा पर बाँटे ज्ञान, जुमलों से भरा झोला लेकर, लूटे हिंदुस्तान.
अरविंद केजरीवाल के घर पर तोड़फोड़ के मामले में आठ गिरफ़्तार
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल
के घर पर तोड़फोड़ के मामले में गुरुवार को दिल्ली पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ़्तार
किया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले
से लिखा है कि इस मामले में और भी लोगों की गिरफ़्तारी हो सकती है. पुलिस ने इसके
लिए टीम भेजी हुई हैं.
बुधवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा ने
कथित तौर पर मुख्यमंत्री केजरीवाल के आवास पर विरोध प्रदर्शन करते हुए तोड़फोड़ की
थी. युवा मोर्चा के प्रमुख और सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा कि ‘द कश्मीर
फ़ाइल्स’ फ़िल्म को लेकर अरविंद केजरीवाल के बयान के कारण ये विरोध
प्रदर्शन किया गया.
पुलिस ने बुधवार को इस मामले में
अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया था.
इस घटना के बाद बीजेपी और आम आदमी
पार्टी के बीच बयानबाजी शुरू हो गई.
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष
सिसोदिया ने बीजेपी पर सीएम केजरीवाल को जान से मारने की कोशिश करने का आरोप
लगाया.
उन्होंने कहा, '' आज पुलिस की मौजूदगी में, पुलिस के साथ भारतीय जनता पार्टी के गुंडे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी के घर पर पहुँचाए गए. उनके घर के सीसीटीवी कैमरे तोड़े गए. बूम बैरियर तोड़े गए और सब कुछ पुलिस की मौजूदगी में हुआ. बीजेपी के गुंडों ने ये सब किया है. अरविंद केजरीवाल को चुनाव में हरा नहीं पाती, तो बीजेपी उन्हें ख़त्म करना चाहती है.''
वहीं, तेजस्वी सूर्या ने बुधवार को कहा, "केजरीवाल को लगता है कि एक समुदाय विशेष को ख़ुश करने के लिए बार-बार हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुँचा कर वो बच जाएँगे. हिंदुओं पर हुए अत्याचार को झूठा बताने वाले केजरीवाल के बयानों से यह स्पष्ट है कि उनके लिए कश्मीरी पंडितों की दुर्दशा उपहास का विषय है. केजरीवाल को माफ़ी मांगनी होगी."
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इस बीच आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज ने इस मामले की जाँच के लिए एक विशेष जाँच टीम के गठन की मांग की है. इसके लिए उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दाख़िल की है.
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रूस अब तक यूक्रेन को नहीं हरा पाया, ये है सबसे बड़ी वजह
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यूक्रेन पर रूस के हमले के चार दिन बाद 28 फरवरी को ली गई सैटलाइट तस्वीरों में देखा गया कि रूसी सेना का 64 किलोमीटर लंबा एक विशाल काफिला, राजधानी कीएव की तरफ बढ़ रहा था.
टैंकों, गाड़ियों और हज़ारों रूसी सैनिकों के इस काफिले का उद्देश्य था कीएव पर हमला.
लेकिन इसके एक महीने बाद भी रूस कीएव पर कब्ज़ा नहीं कर पाया है. उसकी कई टुकड़ियां ज़ीरो डिग्री से कम तापमान में फंस गईं. ट्रक या तो दलदल में फंसकर ख़राब हो गए या फिर ईंधन के बिना बेकार पड़ गए.
रूस अपनी सैन्य ताक़त के बावजूद यूक्रेन में निर्णायक जीत हासिल नहीं कर पा रहा है. क्या है इसकी वजह, पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
रूस ने मारियुपोल में की युद्धविराम की घोषणा
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रूस के रक्षा मंत्रालय ने यूक्रेन के तटीय
शहर मारियुपोल में युद्धविराम की घोषणा कर दी है. इसकी शुरुआत गुरुवार सुबह से
होगी ताकि आम नागरिकों को शहर से सुरक्षित निकाला जा सके.
समाचार एजेंसी एएफपी ने बुधवार को मंत्रालय के हवाले से लिखा, "इस मानवीय अभियान की सफ़लता के लिए, हम संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त और अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति की प्रत्यक्ष भागीदारी का प्रस्ताव करते हैं."
मारियुपोल से ज़पोरज़िया तक मानवीय कॉरिडोर
स्थानीय समयानुसार सुबह 10 बजे खुलेगा.
हालांकि, यूक्रेन ने इस घोषणा को लेकर फिलहाल
कुछ नहीं कहा है.
मारियुपोल में युद्धविराम के लिए पहले भी
कोशिशें की गई थीं लेकिन दोनों पक्षों में भरोसे की कमी के आरोपों के बीच प्रयास विफ़ल
हो गए.
रूस पर हज़ारों नागरिकों को रूस या रूस नियंत्रित
क्षेत्रों में जबरन ले जाने का आरोप लगाया गया है.
इस घोषणा से पहले बमबारी
से हुई तबाही की नई सैटेलाइट तस्वीरें सामने आई थीं.
ब्रेकिंग न्यूज़, राजस्थान के गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला का निधन
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इमेज कैप्शन, गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला
राजस्थान के बड़े गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला का
निधन हो गया है. उनके बेटे विजय बैंसला ने इसकी जानकारी दी.
उन्होंने बताया कि किरोड़ी सिंह बैंसला लंबे समय से
बीमार थे. जयपुर अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था जहां उनका निधन हो गया.
बैंसला राजस्थान में गुर्जर आंदोलन का बड़ा चेहरा थे.
उन्होंने साल 2007 में गुर्जरों को राजस्थान में आरक्षण दिलाने के लिए गुर्जरों का
बड़ा आंदोलन किया था. आंदोलन में रेल और सड़कें रोकी गईं और कई लोगों की जान भी गई
थी.
किरोड़ी सिंह बैंसला गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के
प्रमुख थे. वह भारतीय सेना में कर्नल भी रहे. बाद में
वो बीजेपी में शामिल हो गए थे.
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बीरभूम में टीएमसी नेता भादू शेख की हत्या मामले में दो और गिरफ़्तार
....में
Author, प्रभाकर मणि तिवारी
पदनाम, कोलकाता से, बीबीसी हिंदी के लिए
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पश्चिम बंगाल के बीरभूम ज़िले में हुई हिंसा की जांच कर रही सीबीआई ने तृणमूल कांग्रेस नेता और स्थानीय
पंचायत के उप-प्रधान भादू शेख की हत्या के मामले में दो और लोगों को गिरफ़्तार किया
है.
सीबीआई के एक अधिकारी ने बताया कि भादू शेख की हत्या के आरोप में बुधवार को झाड़ग्राम से वासन शेख और नलहाटी से शेख शरीफ़ नाम के दो लोगों को गिरफ़्तार किया गया.
इसके साथ ही इस मामले में गिरफ़्तार लोगों की संख्या छह हो गई है. सीबीआई के एक अधिकारी
ने बताया कि इन दोनों अभियुक्तों को बृहस्पतिवार को स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा.
पिछले हफ़्ते सोमवार रात को भादू शेख की एक बम विस्फोट में हत्या कर
दी गई थी. उसके बाद उनके कथित समर्थकों ने गांव के दस घरों में आग लगा दी थी. उसमें
जल कर नौ लोगों की मौत हो गई.
कलकत्ता हाईकोर्ट ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप
दी है.
सीबीआई की एक टीम लगातार पूछताछ कर रही है. इस सिलसिले में पुलिस के दो निलंबित
अधिकारियों पूर्व एसडीपीओ सायन अहमद और पूर्व थाना प्रभारी त्रिदीप प्रामाणिक से भी
पूछताछ की गई है.
चीन से बचने के लिए 13 दिन की यात्रा के बाद ऐसे भारत आए थे दलाई लामा
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इमेज कैप्शन, ल्हासा में एक आधिकारिक समारोह में संबोधन देते दलाई लामा (12 जुलाई, 1956).
मार्च 1959 आते-आते पूरे ल्हासा में अफ़वाह फैल चुकी थी कि दलाई लामा की ज़िंदगी ख़तरे में है और चीनी उन्हें नुक़सान पहुँचा सकते हैं.
ये अफ़वाह और पुख़्ता हो गई, जब चीनियों ने दलाई लामा को 10 मार्च को ल्हासा में चीनी सेना के मुख्यालय में एक सांस्कृतिक समारोह में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया. ये सुनते ही दलाई लामा के महल नोरबुलिंगका के चारों ओर लोगों की भीड़ जमा होनी शुरू हो गई.
भीड़ को अंदेशा था कि ये आमंत्रण दलाई लामा को अपने जाल में फँसाने का चीनी षडयंत्र था. उनका मानना था कि अगर दलाई लामा उस समारोह में जाते हैं, तो उन्हें गिरफ़्तार कर लिया जाएगा.
तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा चीनी गिरफ़्त से बचने के लिए बहुत कठिन सफ़र तय करके 63 साल पहले आज ही के दिन भारत पहुँचे थे. कैसी थी वो ऐतिहासिक यात्रा?
रूस-यूक्रेन युद्ध: ज़मीन से लेकर ज़बानी जंग, अब तक क्या-क्या हुआ
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रूस और यूक्रेन के बीच महीने भर बाद भी लड़ाई जारी है. हालांकि, दोनों के बीच शांतिवार्ता
भी चल रही है लेकिन अब भी कोई नतीजा नहीं निकला है. रूस अभी तक यूक्रेन के किसी बड़े शहर पर कब्ज़ा नहीं कर पाया है लेकिन यूक्रेन पर हमले जारी हैं. देखें अब तक क्या-क्या हुआ.
अमेरिका ने कहा है कि ख़ुफ़िया सूचना के मुताबिक रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर
पुतिन और उनकी सेना के बीच तनाव चल रहा है क्योंकि पुतिन को लगता है कि उनके सैन्य
सलाहकारों ने उन्हें गुमराह किया है.
पेंटागन के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा, ‘‘वह (पुतिन) पूरी तरह से ये समझ नहीं पा रहे हैं कि उनकी सेना यूक्रेन में किस हद
तक विफ़ल हो रही है.’’
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने रूस के इस वादे पर संदेह जाहिर किया है कि वो यूक्रेन पर हमले कम करेगा. ज़ेलेंस्की ने रूस के इरादों पर संशय जताते हुए कहा कि वार्ता से हमें शुरुआती संकेत 'सकारात्मक' मिले थे, लेकिन रूस की ओर से दागे जा रहे गोले उनके वादे के मुताबिक़ नहीं हैं.
रूस की मुद्रा रूबल अब फिर से
उस स्तर पर पहुंच गई है जहां वो यूक्रेन से युद्ध की शुरुआत में थी. ऐसे में सवाल उठने
लगे हैं कि पश्चिमी देशों के लगाए प्रतिबंध कितने प्रभावी हैं.
जर्मनी की सरकार ने कहा कि रूस
यूरोपीयी देशों को गैस के लिए रूबल की बजाय यूरो में भुगतान करने की सुविधा देता रहेगा.
इससे पहले रूस ने रूबल में ही भुगतान लेने की धमकी दी थी.
इस शुक्रवार को रूस और यूक्रेन
के बीच फिर से शांतिवार्ता शुरू होगी.
वहीं, युद्ध की स्थिति की बात
करें तो रूस के हमले लगातार जारी हैं लेकिन वो किसी बड़े शहर पर कब्ज़ा नहीं कर पाया.
यूक्रेन के अधिकारियों के मुताबिक
ईरपिन, कीएव के पास और चर्नीहीव में भारी बमबारी हुई है. डोनबास इलाक़े में भी रूस
की सेना ने हमले किए हैं.
यूएन इन दावों पर गौर कर रहा
है जिसमें कहा गया है कि मारियुपोल में रहने वाले कुछ लोगों को रूस के नियंत्रण वाले
इलाक़ों या रूस में जबरन ले जाया गया है.
पेट्रोल-डीज़ल के दामों में नौवीं बार हुई बढ़ोतरी, कितना महंगा हुआ तेल
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पेट्रोल और डीज़ल के दाम एक बार फिर बढ़ाए गए हैं. 10
दिनों में लगातार नौवीं बार ऐसा हुआ है.
इस बार पेट्रोल-डीज़ल के दामों में लगभग 80 पैसे की बढ़ोतरी
हुई है. इस तरह पिछले दस दिनों में तेल के दामों में प्रति लीटर 6.40 रुपये की वृद्धि
हो चुकी है.
समाचार एजेंसी एएनाआई के मुताबिक दिल्ली में हुई 80
पैसे की बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल की कीमत 101.81 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल की कीमत
93.07 प्रति लीटर हो गई है.
मुंबई में 84 पैसे बढ़ाए गए हैं जिसके बाद पेट्रोल के
दाम 116.72 रुपये और डीज़ल के 100.94 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं.
चेन्नई में तेल के दाम 76 पैसे बढ़े हैं. नई कीमतों
के साथ पेट्रोल 107.45 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल 97.52 रुपये प्रति लीटर मिल रहा
है.
कोलकाता की बात करें तो यहां पेट्रोल-डीज़ल के दामों
में 83 पैसे की बढ़ोतरी हुई है. यहां पेट्रोल की नई कीमत 111.35 रुपये प्रति लीटर
और डीज़ल की 96.22 रुपये प्रति लीटर हो गई है.
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पिछले 10 दिनों से सरकार पेट्रोल और डीज़ल के दामों में धीरे-धीरे बढ़ोतरी कर रही है. हर दिन करीब 75 से 80 पैसे तक दाम बढ़ाए गए हैं.
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने के बाद से भारत में भी तेल महंगा होने के कयास लगाए जा रहे थे. हालांकि, मार्च तक पेट्रोल के दामों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई थी. विपक्ष का कहना है कि सरकार को पेट्रोल-डीज़ल के दाम बढ़ाने के लिए चुनाव ख़त्म होने का इंतज़ार था.
अमेरिका का दावा पुतिन को उनके सैन्य सलाहकारों ने किया गुमराह
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अमेरिका ने दावा किया है कि ख़ुफ़िया सूचना
के मुताबिक रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को लगता है कि उन्हें उनके सैन्य
सलाहकारों ने गुमराह किया है. जिसके चलते उनके और सैन्य नेतृत्व के बीच तनाव बना
हुआ है.
व्हाइट हाउस की डायरेक्टर ऑफ़ कम्यूनिकेशंस केट
बेडिंगफ़ील्ड ने पत्रकारों को बताया, ‘‘रूसी सेना के खराब प्रदर्शन और
प्रतिबंधों से रूस की अर्थव्यवस्था की बुरी हालत को लेकर पुतिन को उनके सलाहकारों ने
गुमराह किया है. क्योंकि उनके वरिष्ठ सलाहकार भी उनसे सच बोलने में डरते हैं.’’
उन्होंने कहा ये बिल्कुल साफ़ है कि यूक्रेन पर रूस का हमला एक ‘‘रणनीतिक भूल’’ थी जिससे वो लंबे समय के
लिए कमजोर हो गया है.
केट बेडिंगफ़ील्ड ने कहा कि अमेरिका को ‘‘सबूत मिले हैं कि रूस उन जगहों पर हमला कर रहा है और आगे बढ़ रहा है जहां वो
हमला करने से इनकार कर रहा है.’’
रूस ने मंगलवार को कहा था कि वो
कीएव और चार्नीहीव में सैन्य अभियान कम कर रहा है ताकि वो पूर्व डोनबास क्षेत्र पर
फोकस कर सके. हालांकि, स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि चार्नीहीव में रातभर हमले जारी
रहे.
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