दिल्ली में अब होगा एक नगर निगम, अमित शाह बोले- आप को जीत का भरोसा तो अभी चुनाव क्यों चाहती है

लोकसभा में इस बिल पर बहस के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, '' जो लोग ये कह रहे हैं कि बीजेपी हारने के डर से नगर निगम के चुनाव टाल रही है वे खुद डरे हुए हैं.''

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे and दीपक मंडल

  1. तृणमूल कांग्रेस के विधायक पर चुनाव आयोग ने लगाई पाबंदी

    नरेंद्रनाथ चक्रबर्ती

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    चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के विधायक नरेंद्रनाथ चक्रबर्ती को एक सप्ताह के लिए उप चुनाव में प्रचार करने पर रोक लगा दी है. चुनाव आयोग का कहना है कि उन्होंने आचार संहिता का उल्लंघन किया है.

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    पिछले दिनों नरेंद्रनाथ चक्रबर्ती का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे कहते दिख रहे थे- जो कट्टर बीजेपी समर्थक हैं, उन्हें डराएँ धमकाएँ. अगर तुम वोट देने गए, तो ये माना जाएगा कि तुमने बीजेपी को वोट दिया है. लेकिन इसके बाद तुम कहाँ रहोगे. ये तुम्हारा रिस्क होगा. अगर तुम वोट देने नहीं गए, तो ये समझा जाएगा कि तुमने हमारा समर्थन किया है. तुम यहाँ रह सकते हो, व्यापार कर सकते हो, कुछ भी कर सकते हो.

    उनके इस वायरल वीडियो को लेकर बीजेपी ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी. चुनाव आयोग ने नरेंद्रनाथ चक्रबर्ती को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जिसके जवाब में उन्होंने ऐसे बयान से इनकार किया था. लेकिन चुनाव आयोग को इस बारे में राज्य चुनाव आयोग की रिपोर्ट मिल गई है और चुनाव आयोग ने इस आधार पर ये फ़ैसला किया है कि नरेंद्रनाथ चक्रबर्ती ने आचार संहिता का उल्लंघन किया है. चुनाव आयोग ने नरेंद्रनाथ चक्रबर्ती के चुनावी सभा, चुनावी रैली, रोड शो, इंटरव्यू करने पर एक सप्ताह के लिए पाबंदी लगा दी है. ये पाबंदी छह अप्रैल शाम आठ बजे तक लागू रहेगी.

  2. कश्मीरी पंडित सतीश टिक्कू की हत्या की फ़ाइल 31 साल बाद फिर खुलने के आसार

    कश्मीरी पंडित (फ़ाइल फोटो)

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    श्रीनगर में सेशंस कोर्ट ने 31 साल पहले कश्मीरी पंडित सतीश टिक्कू की हत्या के मामले में परिजनों की ओर से दाख़िल ताज़ा याचिका पर सुनवाई शुरू कर दी है. याचिका में अभियुक्त बिट्टा कराटे के ख़िलाफ़ एफ़आईआर की स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी गई है.

    बुधवार को सुनवाई करते हुए अदालत ने जम्मू-कश्मीर की सरकार को फटकार लगाई. सतीश टिक्कू के परिजनों के वकील उत्सव बैंस ने पत्रकारों को बताया कि अदालत ने सरकार से पूछा है कि अभी तक इस मामले के अभियुक्त बिट्टा कराटे के ख़िलाफ़ चार्जशीट दाख़िल क्यों नहीं हुई है. उत्सव बैंस ने बताया कि अदालत की सुनवाई परिजनों के लिए आशा की एक किरण है. उन्होंने बताया कि अगली सुनवाई 16 अप्रैल को होगी.

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    बिट्टा कराटे का असली नाम फ़ारूक़ अहमद डार है. बिट्टा कराटे पर आरोप है कि उसने सतीश टिक्कू समेत कई कश्मीरी पंडितों की हत्या की है. विवेक अग्निहोत्री की फ़िल्म द कश्मीर फ़ाइल्स रिलीज़ होने के बाद एक बार फिर बिट्टा कराटे का नाम चर्चा में आया है. बिट्टा कराटे को कई बार गिरफ़्तार भी किया गया था, लेकिन सबूतों की कमी के कारण हर बार उन्हें ज़मानत मिल जाती थी.

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    बिट्टा कराटे ने एक बार इंटरव्यू के दौरान ये स्वीकार किया था कि उसने सतीश कुमार टिक्कू की हत्या की थी.

  3. यूपी सरकार से आशीष मिश्रा की ज़मानत को चुनौती देने को कहा गया

    आशीष मिश्रा

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    लखीमपुर हिंसा पर एसआईटी जाँच की निगरानी के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त जज ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में आशीष मिश्रा को ज़मानत देने के ख़िलाफ़ उत्तर प्रदेश सरकार से अपील दायर करने को कहा है.

    मुख्य न्यायाधीश एनवी रमन्ना की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की तीन-न्यायाधीशों की विशेष पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार से अभियुक्त आशीष मिश्रा की ज़मानत को चुनौती को लेकर अपना रुख़ साफ़ करने के लिए चार अप्रैल तक का वक़्त दिया है.

    इस घटना में मारे गए लोगों के परिजनों ने पहले ही इस ज़मनात का विरोध किया था.

    दरअसल, मंगलवार को यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को दिए गए एक हलफ़नामे में बताया कि सरकार की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में आशीष मिश्रा की ज़मानत का विरोध किया गया था लेकिन पीड़ित परिवारों ने कोर्ट में कहा है कि हाईकोर्ट में राज्य सरकार ने इस ज़मानत का विरोध नहीं किया और सरकार का ये दावा झूठा है.

    आशीष मिश्रा

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    पीड़ित परिवार के सदस्यों की ओर से वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि मुख्य गवाह पर कथित तौर पर "बड़ा" हमला किया गया था और धमकी दी गई थी कि आगामी चुनाव में राज्य में बीजेपी की सरकार आने पर उन्हें ‘देख लिया’ जाएगा.

    तीन अक्तूबर 2021 को यूपी के लखीमपुर में प्रदर्शन कर रहे किसानों को को गाड़ी से कुचल दिया गया था. इस घटना में थार जीप का इस्तेमाल हुआ था जो आशीष मिश्रा की थी. आशीष केंद्र सरकार में गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे हैं.

    10 फरवरी को आशीष मिश्रा को इस केस में इलाहाबाद हाईकोर्ट से ज़मानत मिली थी.

  4. तेलंगाना के सीएम केसीआर ने किस बात पर लगाई पीएम मोदी से गुहार

    तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव

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    तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने यूक्रेन से लौटे भारत के मेडिकल छात्रों के भविष्य पर चिंता जताई है. बुधवार को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर उनसे अपील की है कि देश के मेडिकल कॉलेज में सीटों की संख्या बढ़ाई जाए ताकि इन छात्रों को वहाँ जगह मिल सके.

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    अपने पत्र में केसीआर ने लिखा है- यूक्रेन के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों को यूक्रेन में छिड़ी लड़ाई के कारण पढ़ाई बीच में ही छोड़कर वापस लौटना पड़ा है. इसके कारण इन भारतीय छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है. इन छात्रों ने यूक्रेन के कॉलेजों में अच्छा ख़ासा समय व्यतीत किया है और पैसा भी बहुत ख़र्च किया है. लगता तो यही है कि यूक्रेन में इनकी पढ़ाई अधूरी ही रहेगी.

    यूक्रेन से लौटे भारतीय छात्र

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    केसीआर ने कहा कि क़रीब 20 हज़ार छात्रों को अपनी पढ़ाई बीच में छोड़कर भारत लौटना पड़ा है और इनमें से ज़्यादातर मध्यम वर्ग परिवार से हैं. इनके परिवार ने अपनी जमा-पूँजी इनकी पढ़ाई में लगाई है. केसीआर ने कहा कि यूक्रेन से भारत लौटे छात्रों में से क़रीब 700 तेलंगाना के हैं. उन्होंने पीएम मोदी से अपील की है कि इन छात्रों की स्थिति को देखते हुए इन्हें अपनी पढ़ाई पूरी करने का मौक़ा मिलना चाहिए. उन्होंने पीएम मोदी से इस मामले में सहानुभूति पूर्वक विचार करने और जल्द से जल्द फ़ैसला करने की अपील की है.

  5. बिम्स्टेक सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा- अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के स्थायित्व पर प्रश्नचिह्न

    नरेंद्र मोदी

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    भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि यूरोप की हाल की घटनाओं से अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के स्थायित्व पर प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया है.

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    श्रीलंका में हो रहे बिम्सटेक सम्मेलन को वर्चुअली संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस संदर्भ में बिम्सटेक क्षेत्रीय सहयोग को और सक्रिय बनाना महत्वपूर्ण हो गया है.

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    उन्होंने कहा- आज के चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिप्रेक्ष्य से हमारा क्षेत्र भी अछूता नहीं रहा है. हमारी अर्थव्यवस्थाएँ, हमारे लोग, अभी भी कोविड महामारी के दुष्प्रभावों को झेल रहे हैं. आज जब हमारा क्षेत्र स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा की चुनौतियों का सामना कर रहा है, हमारे बीच एकजुटता और सहयोग समय की मांग है.

  6. रूस के यूक्रेन में ‘हमले कम’ करने के वादे पर ज़ेलेंस्की ने क्या कहा?

    वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की

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    यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा है कि यूक्रेनी लोग नासमझ नहीं हैं.

    ये बयान उन्होंने रूस के उस वादे को लेकर दिया है जिसमें उसने कहा है कि वह कीएव और चेयरनीव में अपने हमले ‘काफ़ी कम’ करेगा. मंगलवार को इस्तांबुल में यूक्रेन और रूस के बीच हुई शांतिवार्ता में ये बात रूस की ओर से कही गई.

    ज़ेलेंस्की ने रूस के इरादों पर संशय जताते हुए कहा कि वार्ता से हमें शुरुआती संकेत 'सकारात्मक' मिले थे, लेकिन रूस की ओर से दागे जा रहे गोले उनके वादे के मुताबिक़ नहीं हैं.

    इससे पहले अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और इटली ने भी रूस के बयान पर संदेह जताते हुए यूक्रेन को चेताया था.

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने यूक्रेन को सतर्क करते हुए कहा, "जब तक मुझे ये नहीं दिखता कि वह इन पर क्या एक्शन कर रहे हैं तब तक मैं इस बयान में कुछ नहीं देख पा रहा हूं.’’

    उन्होंने कहा कि ये देखने की ज़रूरत है कि वादों का ज़मीन पर पालन होता है या नहीं.

    अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा है कि रूस जो कहता है और जो करता है उसमें अंतर होता है.

    तुर्की के राष्ट्रपति रेचैप तैय्यप अर्दोआन ने इस्तांबुल में अपने कार्यालय में रूस-यूक्रेन के बीच इस वार्ता की मेज़बानी की थी.

  7. पाकिस्तान में इमरान ख़ान की बढ़ीं मुसीबतें, एक और पार्टी ने छोड़ा साथ

    इमरान ख़ान

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    प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के खिलाफ़ नेशनल असेंबली में लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग से पहले उनकी सहयोगी पार्टी मुत्ताहिदा क़ौमी मूवमेंट पाकिस्तान यानी एमक्यूएम-पी ने उनके ख़िलाफ़ वोट करने का एलान किया है.

    मंगलवार देर रात को एमक्यूएम-पी ने विपक्षी पार्टियों के गठबंधन के साथ बैठक की और बुधवार को अपने फ़ैसले का ऐलान किया.

    मंगलवार को तड़के पीपीपी अध्यक्ष बिलावल भुट्टो ज़रदारी ने ट्वीट किया, ‘’संयुक्त विपक्ष और एमक्यूएम के बीच समझौता हो गया है. हम कल एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया के साथ ये फ़ैसला साझा करेंगे. बधाई हो पाकिस्तान.‘’

    इस फ़ैसले के बाद इमरान ख़ान के पास सरकार में बने रहने के लिए ज़रूरी संख्या जुटा पाने का संकट गहराता ही जा रहा है.

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    एमक्यूएम-पी के पास सात सदस्य हैं.

    अब तक माना जा रहा है कि विपक्ष के पास असेंबली में 169 सदस्य हैं, वहीं इमरान ख़ान की पार्टी पीटीआई के पास 171 सदस्य हैं.

    अगर एमक्यूएम-पी के सात सदस्य इमरान ख़ान के खिलाफ़ वोट करते हैं तो ऐसे में उनके लिए ये अविश्वास प्रस्ताव जीतना बेहद मुश्किल हो जाएगा

  8. पत्रकार राना अय्यूब को एयरपोर्ट पर विदेश जाने से रोका गया

    राना अय्यूब

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    इमेज कैप्शन, राना अय्यूब

    पत्रकार राना अय्यूब को मंगलवार को मुंबई एयरपोर्ट पर अधिकारियों ने विदेश जाने से रोक दिया.

    राना के ख़िलाफ़ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक 'लुक आउट सर्कुलर' जारी किया है जिसकी वजह से उन्हें विदेश जाने से रोका गया.

    केंद्रीय जांच एजेंसी अय्यूब के खिलाफ़ मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में उनसे पूछताछ करना चाहती है.

    राना लंदन के लिए उड़ान भरने के लिए मुंबई एयरपोर्ट पर पहुंचीं, लेकिन इमिग्रेशन अधिकारियों ने उन्हें रोक दिया. इसके तुरंत बाद, ईडी की एक टीम ने एयरपोर्ट पर उनसे पूछताछ की और उन्हें जांच में शामिल होने के लिए कहा.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ एक अप्रैल को उन्हें इडी के दफ़्तर में पेश होने के लिए कहा गया है.

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    अधिकारियों ने कहा कि ईडी ने इस साल की शुरुआत में सबसे पहले उन्हें समन जारी किया था. ये समन उनके बैंक के खाते में 1.77 करोड़ रुपयेकी रक़म से जुड़ा हुआ था.

    राना के कोरोना महामारी के दौरान जुटाए गए चौरिटेबल फ़ंड में कथित अनियमितताओं को लेकर ईडी उनके खिलाफ जांच कर रही है.

  9. तेल अवीव में हुए हमले में 5 लोगों की मौत, हफ़्ते में तीसरी घटना

    इसराइल

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    इसराइल के तेल अवीव शहर के बाहरी इलाके में एक हमले में पांच लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई है. एक सप्ताह के भीतर ये इस तरह की तीसरी घटना है.

    यह घटना बनी ब्रैक में हुई जो देश के सबसे अधिक अति-रूढ़िवादी यहूदी इलाकों में से एक है.

    मौके पर मौजूद एक पैरा मेडिकल कर्मचारी ने बताया कि बंदूकधारी को पुलिस ने मार गिराया.

    पिछले मंगलवार और रविवार को इसरइली अरबों की ओर से किए गए हमलों के बाद सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया था. इन हमले में छह लोग मारे गए थे.

    घटनास्थल के फुटेज में बंदूकधारी काले कपड़ों में नज़र आ रहा है और जिसके हाथ में ऑटोमेटिक गन है जिससे वह फ़ा.यरिंग कर रहा है.

    येरुशलम पोस्ट वेबसाइट के मुताबिक़ एक व्यक्ति गाड़ी में और अन्य आसपास की सड़कों पर मृत अवस्था में पाए गए.

    इसराइल के प्रधानमंत्री नेफ़्टाली बेनेट ने इस घटना के बाज एक आपातकालीन सुरक्षा बैठक की और उनकी सुरक्षा कैबिनेट की अगली बैठक बुधवार को होगी.

    उन्होंने हादसे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘’ इसराइल घातक अरब आतंकवाद सामना कर रहा है, हमारे सुरक्षा बल काम कर रहे हैं और हम इस आतंक से दृढ़ता के साथ आतंक से लड़ेंगे"

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    भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने इस हमले की आलोचना की है.

    उन्होंने ट्वीट किया, "हम इसराइल में हुए आतंकवादी हमले की आलोचना करते हैं. हम पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं."

  10. बातचीत के दौरान रूस ने कहा, 'कम' करेंगे यूक्रेन पर हमले

    यूक्रेन

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    इमेज कैप्शन, इस्तांबुल में वार्ता के बाद बाहर निकलता यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल

    मंगलवार को इस्तांबुल में रूस और यूक्रेन के बीच हुई शांतिवार्ता में 24 फरवरी को रूसी आक्रमण शुरू होने के बाद से लेकर पहली बार प्रगति के संकेत मिले हैं.

    रूस का कहना है कि वह यूक्रेन में सैन्य युद्ध अभियान को "काफ़ी कम" करेगा. लेकिन रूस के इस वादे को लेकर पश्चिमी देश आश्वस्त नहीं नज़र आ रहे हैं और इस पर संशय जता रहे हैं.

    तुर्की के राष्ट्रपति रेचैप तैय्यप अर्दोआन ने इस्तांबुल में अपने कार्यालय में रूस-यूक्रेन के बीच इस वार्ता की मेजबानी की.

    रूस ने इस शांतिवार्ता में कहा कि वह कीएव और चेयरनीव में अपने हमलों को "काफ़ी कम" करेगा.

    ब्रिटेन और अमेरिका ने रूस के इस बयान को लेकर सावधानी बरतने की अपील की है.

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने यूक्रेन को सतर्क कहते हुए कहा, "जब तक मुझे ये नहीं दिखता कि वह इन पर क्या एक्शन कर रहे हैं तब तक मैं इस बयान में कुछ नहीं देख पा रहा हूं.’’

    जो बाइडन

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    उन्होंने कहा कि ये देखने की ज़रूरत है कि वादों का ज़मीन पर पालन होता है या नहीं.

    उधर अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा है कि रूस जो कहता है और जो करता है उसमें अंतर होता है.

    लेकिन फिर भी राजनयिक संदर्भ में तुर्की इस शांतिवार्ता को "सार्थक रूप से प्रगति" की ओर बढ़ता हुआ बताया जा रहा है.

    मंगलवार को हुई ये वार्ता तीन घंटे तक चली लेकिन इससे छन कर बेहद कम जानकारी ही मीडिया में आ सकी है.

  11. इमरान ख़ान ने जारी किया व्हिप - अविश्वास प्रस्ताव में न लें हिस्सा

    इमरान ख़ान

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    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने अपनी पार्टी तहरीके इंसाफ़ (पीटीआई) के सांसदों से उनके ख़िलाफ़ लाए जा रहे अविश्वास प्रस्ताव में वोटिंग न करने का आदेश दिया है.

    ग़ौरतलब है कि पाकिस्तान में विपक्ष ने इमरान ख़ान के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है जिसपर अप्रैल के पहले हफ़्ते में मतदान हो सकता है.

    विपक्ष ने नेशनल असेंबली में सोमवार को अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था.

    अपने सांसदों की लिखी चिट्ठी में इमरान ख़ान ने कहा, "पीटीआई के सभी सांसद नेशनल असेंबली में वोटिंग के दौरान मतदान न करें या सत्र में ही शामिल न हों."

    इमरान ख़ान अपने प्रधानमंत्री काल के सबसे मुश्किल दौर से गुज़र रहे हैं. उनके कई सांसद पार्टी छोड़ चुके हैं और सत्ताधारी गठबंधन में दरारें बढ़ती जा रही हैं.

  12. नमस्कार!

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