आईपीएल 2022: राजस्थान रॉयल्स ने सनराइज़र्स हैदराबाद को दिया 211 रन का लक्ष्य

राजस्थान रॉयल्स ने मंगलवार शाम को पुणे के महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेले जा रहे मैच में छह विकेट खोकर सनराइज़र्स हैदराबाद को जीतने के लिए 211 रन का लक्ष्य दिया है.

लाइव कवरेज

अनंत प्रकाश and कीर्ति दुबे

  1. आईपीएल 2022: राजस्थान रॉयल्स ने सनराइज़र्स हैदराबाद को दिया 211 रन का लक्ष्य

    संजू सैमसन (फाइल फोटो)

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, संजू सैमसन (फाइल फोटो)

    राजस्थान रॉयल्स ने मंगलवार शाम को पुणे के महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेले जा रहे मैच में छह विकेट खोकर सनराइज़र्स हैदराबाद को जीतने के लिए 211 रन का लक्ष्य दिया है.

    सनराइज़र्स हैदराबाद ने मैच की शुरुआत में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फ़ैसला किया था.

    सनराइज़र्स हैदराबाद की ओर से उमरान मलिक एवं टी. नटराजन ने दो-दो और भुवनेश्वर कुमार, रोमारियो शेफ़र्ड ने एक-एक विकेट लिए.

    टॉस के बाद मैदान में उतरी राजस्थान रॉयल्स की ओर से संजू सैमसन, देवदत्त पडिक्कल और जॉस बटलर ने धमाकेदार बल्लेबाज़ी की. और 20 ओवर में कुल 210 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया.

    राजस्थान रॉयल्स की ओर से संजू सैमसन ने 27 गेंदों पर ताबड़तोड़ बल्लेबाज़ी करते हुए 3 चौकों और 5 छक्कों की मदद से 55 रन बनाए.

    इसके साथ ही देवदत्त पडिक्कल ने 29 गेंदों पर 2 छक्के और 4 चौके जड़ते हुए स्कोरबोर्ड में 41 रन जोड़े. जॉस बटलर ने 28 बॉल पर 35 रन बनाए. बटलर ने भी ताबड़तोड़ 3 छक्के और 3 चौके लगाए.

    राजस्थान रॉयल्स की ओर से सबसे ज़्यादा स्ट्राइक रेट शिमरॉन हेतमेयर का रहा जिन्होंने 246.15 के स्ट्राइक रेट के साथ मात्र 13 बॉल पर 32 रन बनाए जिनमें 3 छक्के और 2 चौके शामिल थे.

  2. मोदी सरकार का फ़ैसला, ओएनजीसी की 1.5 फीसदी हिस्सेदारी 3000 करोड़ रुपये में बिकेगी

    ओएनजीसी

    इमेज स्रोत, Getty Images

    केंद्र सरकार ने देश की सबसे बड़ी तेल और गैस उत्पादक कंपनी ओएनजीसी में अपनी 1.5 फीसदी हिस्सेदारी कम करने का फ़ैसला किया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, इस हिस्सेदारी को बेचने से सरकार को 3000 करोड़ रुपये मिलेंगे.

    ओएनजीसी ने मंगलवार को स्टॉक एक्सचेंज को बताया है कि इस कदम के तहत उपलब्ध कराए जा रहे शेयरों को 30 और 31 मार्च तक ख़रीदा जा सकेगा.

    कंपनी ने बताया है, “सरकार ने 30 मार्च को कंपनी की कुल पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल की .75 फीसद हिस्सेदारी बेचने का फ़ैसला किया है जिसके तहत कुल 94,352,094 इक्विटी शेयर ग़ैर-खुदरा निवेशकों को बेचे जाएंगे. इसके बाद अगर मांग ज़्यादा होगी तो 31 मार्च को खुदरा निवेशकों को अतिरिक्त 94,352,094 इक्विटी शेयर बेचे जाएंगे."

    इस ऑफ़र के तहत प्रति शेयर कीमत 159 रुपये रखी गयी है. ये कीमत ओएनजीसी के शेयर की मौजूदा कीमत 171.05 रुपये से सात फीसद कम है.

    इस समय ओएनजीसी में सरकार की हिस्सेदारी 60.41 एक फीसद है. ओएनजीसी भारत में कुल तेल की खपत में से लगभग आधी मात्रा पैदा करती है.

    इस कदम के तहत जारी किए जा रहे शेयरों में से न्यूनतम 25 फीसद शेयरों को म्युच्युल फंड और बीमा कंपनियों के लिए आरक्षित किया गया है. इसके साथ ही 10 फीसद मात्रा को खुदरा निवेशकों के लिए रखा गया है.

    खुदरा निवेशकों में वे लोग शामिल हैं जो 2 लाख से अधिक शेयरों के लिए बिड नहीं कर सकते हैं.

    इसके साथ ही ओएनजीसी के कर्मचारियों के लिए 5 लाख रुपये प्रति व्यक्ति की सीमा तय की गयी है. और 0.075 फीसद शेयर कट-ऑफ़ प्राइस पर कर्मचारियों को दिए जाएंगे.

  3. भारत को तेल की आपूर्ति करने वाले दस बड़े देश कौन हैं?

    भारत

    पश्चिमी देशों के लगाए कड़े प्रतिबंधों के बाद रूस को अपने तेल निर्यात के लिए नए बाज़ारों की तलाश है और भारत अपने आयात को बढ़ाने के लिए रियायती दरों पर मिल रहे तेल का फ़ायदा उठा रहा है.

    अमेरिका ने कहा कि ये तेल आयात प्रतिबंधों का उल्लंघन नहीं करता लेकिन "रूस का समर्थन करने का मतलब है हमले का साथ देना, जिसके बेशक भयावह परिणाम होंगे."

    भारत को कहां से मिलता है तेल?

    तेल खपत में अमेरिका और चीन के बाद भारत दुनिया का सबसे बड़ा देश है. भारत अपनी ज़रूरत का 80 फ़ीसदी तेल आयात करता है.

    साल 2021 में, भारत ने रूस से 1 करोड़ 20 लाख बैरल तेल आयात किया था, जो कि उसके कुल आयात का महज़ 2 फ़ीसदी था.

  4. रूस से रिकॉर्ड-तोड़ कीमतों पर सूरजमुखी का तेल क्यों ख़रीदेगा भारत

    सूरजमुखी का तेल

    इमेज स्रोत, Getty Images

    यूक्रेन और रूस के बीच जारी भीषण जंग का असर अब भारतीय खाद्य तेल बाज़ार पर दिखना शुरू हो गया है.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, भारतीय व्यापारियों ने बेहद ऊंची कीमतों पर रूसी निर्यातकों से सूरजमुखी का तेल ख़रीदने के लिए करार किया है.

    बता दें कि भारत दुनिया में सबसे बड़ा खाद्य तेल आयातक है. लेकिन इंडोनेशिया में पाम ऑयल की आपूर्ति पर प्रतिबंध और दक्षिणी अमेरिका में सोयाबीन की पैदावार कम होने से खाद्य तेल की मांग आपूर्ति की अपेक्षा बहुत ज़्यादा हो गयी है.

    ऐसे में रूस से सूरजमुखी का तेल आने से व्यापारियों को फौरी राहत मिल सकती है.

    रूस से 12 हज़ार टन ख़रीदने का अनुबंध करने वाली कंपनी जेमिनी एडिबल्स एंड फैट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक प्रदीप चौधरी ने बताया है कि यूक्रेन में माल चढ़ाया जाना संभव नहीं है, ऐसे में ख़रीदार रूस से आपूर्ति सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं.

    तेल शोधन के काम में लगी कंपनियों ने सूरजमुखी का कच्चा तेल 2150 डॉलर प्रति टन ख़रीदने का अनुबंध किया है जबकि यूक्रेन युद्ध शुरू होने से पहले यह कीमत प्रति टन 1630 डॉलर थी.

    चौधरी ने बताया है कि यूक्रेन में संघर्ष शुरू होने से पहले पाम ऑयल की तुलना में सूरजमुखी का तेल सस्ता था लेकिन यूक्रेन के बड़े निर्यातकों की ओर से आपूर्ति बंद होने की वजह से ख़रीदारों को ऊंची कीमतों पर तेल ख़रीदना पड़ रहा है.

    काले सागर क्षेत्र में दुनिया भर का 60 फीसद सुरजमुखी का तेल पैदा होता है और इस क्षेत्र से 76 फीसद निर्यात किया जाता है.

    नई दिल्ली स्थित एक ग्लोबल ट्रेडिंग फर्म के डीलर ने बताया है कि भारतीय ख़रीदारों ने लगभग एक महीने तक तेल ख़रीदना रोक रखा था.

    लेकिन अब बैंकों की ओर से आयात के लिए लेटर ऑफ़ क्रेडिट जारी किए जा रहे हैं जिसके बाद व्यापारियों ने रूस से सूरजमुखी का तेल आयात करना शुरू कर दिया है.

  5. शफ़ाली वर्मा: भारत की धाकड़ क्रिकेटर की कहानी

    वीडियो कैप्शन, शफ़ाली वर्मा बनीं बीबीसी इमर्जिंग इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर

    इस बार का 'बीबीसी इमर्जिंग प्लेयर' अवॉर्ड क्रिकेटर शफ़ाली वर्मा को दिया गया है.

    2019 में वे अंतरराष्ट्रीय महिला टी20 मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व करने वालीं सबसे कम उम्र की क्रिकेटर बनीं.

    उन्होंने इस पुरस्कार के लिए बीबीसी का शुक्रिया अदा करते हुए कहा, "मैं टीम के लिए अगले 20 या 25 सालों तक खेलते रहने की उम्मीद करती हूं. मेरा लक्ष्य भारतीय टीम को अधिक से अधिक जीत दिलाने का होगी."

  6. राजस्थान: सरिस्का टाइगर रिज़र्व में लगी भीषण आग, वायुसेना ने शुरू किया अभियान

    सरिस्का टाइगर रिज़र्व में लगी आग

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, सरिस्का टाइगर रिज़र्व में लगी आग की एक तस्वीर

    राजस्थान के अलवर ज़िले में स्थित सरिस्का टाइगर रिज़र्व में लगी भीषण आग को बुझाने के लिए प्रशासन ने भारतीय वायुसेना की मदद लेना शुरू कर दिया है.

    सोशल मीडिया पर हेलिकॉप्टरों से पानी डालने की तस्वीरें और वीडियो देखे जा सकते हैं.

    छोड़िए X पोस्ट, 1
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 1

    भारतीय वायुसेना ने बताया है कि अलवर ज़िला प्रशासन के कहने पर सरिस्का टाइगर रिज़र्व के व्यापक क्षेत्र में लगी आग को बुझाने के लिए दो एमआई 17 वी5 हेलिकॉप्टरों को तैनात किया गया है.

    अलवर के डिविज़नल फोरेस्ट ऑफ़िसर सुदर्शन शर्मा ने कहा है कि "हमें आग लगने की जानकारी 2 दिन पहले मिली थी. हमने स्थानीय लोगों की मदद से आग को नियंत्रित करने की कोशिश की. अब इस क्षेत्र का लगभग 9 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र आग की चपेट में आ गया है. अब कोशिश कर रहे हैं ताकि किसी तरह इस आग पर काबू पा लिया जाए और ये पूरी घाटी को अपनी चपेट में न ले ले. इस अग्निकांड में हुए नुकसान के बारे में तभी पता चल सकेगा जब ये आग बुझ जाएगी."

    छोड़िए X पोस्ट, 2
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 2

    इसके साथ ही अलवर की एडीएम सुनीता पंकज ने कहा है कि "आग काफ़ी व्यापक होने की वजह से स्थानीय लोगों की मदद काफ़ी नहीं थी. ऐसे में हमने जयपुर में फायर डिपार्टमेंट को सूचित कर दिया है. हमने आग बुझाने के लिए दिल्ली से दो हेलिकॉप्टर मंगवाए हैं. ऐसे में वे क्षेत्र हमारी प्राथमिकता हैं जहां बाघों की संख्या और ग्रामीण आबादी ज़्यादा है."

    छोड़िए X पोस्ट, 3
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 3

  7. बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', 29 मार्च 2022, सुनिए मोहनलाल शर्मा से

    छोड़िए YouTube पोस्ट
    Google YouTube सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

    पोस्ट YouTube समाप्त

  8. तुर्की ने कहा- रूस और यूक्रेन के बीच बातचीत में महत्वपूर्ण प्रगति

    तुर्की में रूस और यूक्रेन के बीच बातचीत

    इमेज स्रोत, EPA

    तुर्की ने कहा है कि रूस और यूक्रेन के बीच हुई अब तक हुई बातचीत में इस बार सबसे महत्वपूर्ण प्रगति देखी गई. तुर्की की राजधानी इस्तांबुल में मंगलवार को रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई. तुर्की के विदेश मंत्री मेवलुत कावुसोग्लू ने कहा कि कुछ मुद्दों पर दोनों देशों में समझ विकसित हुई है और वे इसका स्वागत करते हैं. उन्होंने ये बात दोहराई कि युद्ध जल्द से जल्द समाप्त होना चाहिए.

    छोड़िए X पोस्ट, 1
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 1

    यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडल ने बातचीत के बाद कहा कि उनका देश तटस्थ स्थिति को अपनाएगा अगर बदले में उसे सुरक्षा की गारंटी मिले. तटस्थ स्थिति रूस की अहम मांगों में से एक है. इसका मतलब ये हुआ कि यूक्रेन नेटो जैसे किसी भी सैन्य गठबंधन का हिस्सा नहीं होगा और न ही अपने सैन्य ठिकाने किसी को देगा. माना जा रहा है कि पोलैंड, इसराइल, तुर्की और कनाडा यूक्रेन के लिए सुरक्षा के गारंटर हो सकते हैं. यूक्रेन ने कहा है कि प्रस्तावों में क्राइमिया की स्थिति पर 15 साल की परामर्श अवधि भी शामिल होगी और पूर्ण युद्धविराम की स्थिति में ही ये लागू होगी.

    छोड़िए X पोस्ट, 2
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 2

    यूक्रेन के वार्ताकारों ने ये भी कहा है कि मौजूदा प्रस्ताव ऐसा है जिससे पुतिन और ज़ेलेंस्की के बीच मुलाकात की गारंटी दी जा सकती थी. उन्होंने कहा कि वे रूस के जवाब का इंतज़ार कर रहे हैं. दूसरी ओर रूस के शीर्ष वार्ताकार व्लादिमीर मेदिंस्की ने कहा है कि विदेश मंत्रियों की ओर से समझौते पर मुहर लगने के बाद ही पुतिन और ज़ेलेंस्की की मुलाक़ात संभव है. बातचीत के बाद रूसी प्रतिनिधियों ने कहा कि बातचीत बहुत रचनात्क रही और नए प्रस्ताव सामने रखे गए हैं, जिसकी समीक्षा की जाएगी. रूसी प्रतिनिधि ने कहा कि उन्होंने वादा किया है कि वे कीएव और चेर्निहीव में सैनिक गतिविधियों को उल्लेखनीय रूप से कम करेंगे.

  9. दिल्ली के ग़ाज़ीपुर में कूड़े के पहाड़ में अब तक नहीं बुझी आग, लोगों के लिए साँस लेना मुश्किल

    गाज़ीपुर कूड़े का ढेर

    इमेज स्रोत, ANI

    दिल्ली के गाज़ीपुर स्थित कूड़े के पहाड़ में सोमवार दोपहर लगी आग अब तक जारी है, जिससे स्थानीय लोगों को साँस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, स्थानीय लोगों ने बताया है कि धुआँ पूरे क्षेत्र में फैल गया है जिससे साँस लेने में दिक्कत हो रही है.

    एक स्थानीय नागरिक वासुदेव ने बताया है, “सोमवार को लगभग 1 बजे हमने कूड़े के ढेर से गहरा काला धुआँ निकलता देखा था. मैं यहीं रहता हूँ और अब इस धुएँ ने पूरे क्षेत्र को अपने आगोश में ले लिया है. हमें साँस लेने में दिक्कत हो रही है.”

    वासुदेव ने बताया है कि यहाँ पर दमकल की तमाम गाड़ियां मौजूद हैं लेकिन धुआँ ख़त्म होने का नाम नहीं ले रहा है.

    यहाँ काम करने वाले एक मैकेनिक फ़ाज़िया अहमद ने कहा है कि आग लगने के बाद उनके लिए साँस लेने काफ़ी मुश्किल था.

    वह कहते हैं, “अब स्थिति थोड़ी सुधर गई है लेकिन ज़हरीले धुएँ की वजह से अभी भी साँस लेना मुश्किल बना हुआ है.”

    इसी बीच दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने इस अग्निकांड की जाँच के आदेश दिए हैं.

    राय ने बताया है कि “आपदा प्रबंधन टीमें आग बुझाने के लिए मौके पर मौजूद हैं. इससे पहले भी ऐसी ही घटना हो चुकी है. और इसका कारण लापरवाही है. हालांकि, मैंने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति से इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.”

    राज्य सरकार ने बीते सोमवार ही इस मामले की जाँच करके 24 घंटों में अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा था.

    इस मामले में आईपीसी के सेक्शन 278 (वातावरण को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बनाना), 285 (अग्नि या ज्वलनशील पदार्थ के सम्बन्ध में उपेक्षापूर्ण आचरण) और 336 के तहत अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है.

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

  10. FB LIVE: तेल के बढ़ते दामों पर ऊर्जा विशेषज्ञ नरेंद्र तनेजा से बात कर रहे हैं बीबीसी संवाददाता राघवेंद्र राव

  11. केजरीवाल और सिसोदिया ने कहा, दिल्ली सरकार अगले पाँच साल में देगी 20 लाख नौकरियाँ

    मनीष सिसोदिया और अरविंद केजरीवाल

    इमेज स्रोत, Getty Images

    दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया ने मंगलवार को दिल्ली की विधानसभा में बजट भाषण के दौरान कहा है कि उनकी सरकार अगले पाँच सालों में 20 लाख नौकरियाँ देगी.

    उन्होंने कहा, “जब हम बजट पेश करते हैं, बजट तैयार करते हैं तो उसमें वर्तमान समस्याएँ, आगे आने वाले समय की संभावित समस्याएँ, और फिर जनता के आम लोगों के सपनों की उड़ान, और उसमें कैसे पंख लगाए जाएं. इस सब पर काम करने की ज़रूरत होती है. और ये सरकार ही नहीं घर के बजट में भी ऐसा होता है."

    प्रदेश के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी नौकरियाँ देने की बात करते हुए कहा कि ये बजट आज़ाद भारत के इतिहास में एक रोज़गार बजट पेश है. चुनाव के समय में रोज़गार की बात होती है और बाद में कोई बात नहीं होती है. हम 20 लाख नौकरियाँ देंगे. बजट में इसका पूरा खाका तैयार किया गया है.

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

    इसके साथ ही केजरीवाल ने दिल्ली में भीख मांगने वाले बच्चों के लिए आवासीय विद्यालय बनाने की योजना का ज़िक्र करते हुए कहा, “आम आदमी पार्टी की विचारधारा के तीन स्तंभ हैं. पहला कट्टर देश प्रेम, दूसरा स्तंभ कट्टर ईमानदारी और तीसरा ईसानियत. रेड लाइट पर गाड़ी रुकती है तब बच्चे भीख मांगते दिखते हैं, उनके लिए हम बोर्डिंग स्कूल बनाएँगे.

    कुछ सरकारों ने एंटी-बेगिंग एक्ट पारित किया क्योंकि उनमें इंसानियत नहीं थी.लेकिन इस बजट में हमने ट्रैफिक सिग्नल पर भीख मांगने बच्चों के लिए 10 करोड़ रुपए के बोर्डिंग स्कूल बनाने का फैसला किया है, जहाँ उनकी सभी जरूरतों का ध्यान रखा जाएगा.”

  12. ब्रेकिंग न्यूज़, तुर्की में रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधियों की बातचीत ख़त्म, जानिए क्या हुआ इस बैठक में

    अर्दोआन

    इमेज स्रोत, Getty Images

    तुर्की की राजधानी इस्तांबुल में रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत समाप्त हो गई है. बातचीत के बाद रूसी प्रतिनिधियों ने कहा कि बातचीत बहुत रचनात्क रही और नए प्रस्ताव सामने रखे गए हैं, जिसकी समीक्षा की जाएगी. रूसी प्रतिनिधि ने कहा कि उन्होंने वादा किया है कि वे कीएव और चेर्निहीव में सैनिक गतिविधियों को उल्लेखनीय रूप से कम करेंगे.

    छोड़िए X पोस्ट, 1
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 1

    दूसरी ओर यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडल ने कहा है कि युद्धविराम पर अभी कोई समझौता नहीं हुआ है और कई मुद्दों का अब भी कोई हल नहीं निकला है. यूक्रेनी प्रतिनिधियों का कहना है कि बातचीत में क्राइमिया एक अलग हिस्सा होगा. ये सहमति हुई है कि अगले दो सप्ताह में और बातचीत के लिए प्रतिनिधि मिलेंगे.

    छोड़िए X पोस्ट, 2
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 2

    बातचीत शुरू होने से पहले तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने कहा था कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदोमीर ज़ेलेंस्की और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दोनों तुर्की के मूल्यवान मित्र हैं. तुर्की के राष्ट्रपति लंबे समय से दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की पहल कर रहे थे. उन्होंने रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधियों से कहा था कि दोनों पक्षों की चिंताएँ वाजिब हैं, लेकिन अब सभी इस स्थिति में पहुँच गए हैं, जहाँ बातचीत में ठोस नतीजे निकलने की ज़रूरत है. बातचीत में प्रगति हो, इसके लिए राष्ट्रपति अर्दोआन का संबोधन काफ़ी अहम था. लेकिन कोई ठोस प्रगति नहीं हो पाई. उन्होंने दोनों पक्षों से कहा था कि न्याय संगत शांति में किसी की हार नहीं होती और संघर्ष जारी रखने में किसी का फ़ायदा नहीं होता.

  13. इमरान ख़ान के 'विदेशी साज़िश वाले पत्र' के दावे को लेकर सियासत तेज़

    इमरान ख़ान

    इमेज स्रोत, Getty Images

    पाकिस्तान में सरकार गिराने में विदेशी साज़िश के इमरान ख़ान के दावे को सत्ताधारी पार्टी ख़ूब उछाल रही है. 27 मार्च को अपनी पार्टी की रैली में प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने ये दावा किया था कि उनकी सरकार गिराने के लिए अंतरराष्ट्रीय साज़िश की जा रही है और उनके पास एक पत्र के रूप में सबूत भी मौजूद है. लेकिन रैली में उन्होंने पत्र के बारे में ज़्यादा कुछ नहीं बताया.

    छोड़िए X पोस्ट, 1
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 1

    अब इमरान ख़ान की पार्टी तहरीके इंसाफ़ के नेता और इमरान सरकार में मंत्री असद उमर ने कहा है कि वो पत्र पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस को दिखाया जा सकता है, ताकि जनता भरोसा कर सके. इस्लामाबाद में सूचना और प्रसारण मंत्री फ़वाद चौधरी के साथ एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में असद उमर ने कहा कि उन्होंने वो पत्र देखा है और अगर किसी को इस पर शक है तो पीएम इमरान ख़ान इस पत्र को चीफ़ जस्टिस को दिखा सकते हैं.

    छोड़िए X पोस्ट, 2
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 2

    पाकिस्तान में विपक्ष ने इमरान ख़ान की सरकार के ख़िलाफ़ संसद में अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है. इस प्रस्ताव पर बहस 31 मार्च से शुरू होगी और तीन अप्रैल को इस पर मतदान होना है. असद उमर ने ये भी आरोप लगाया कि पत्र में एक किरदार पूर्व पीएम नवाज़ शरीफ़ भी हैं. फ़वाद चौधरी ने कहा कि वे ये कहते थे कि नवाज़ शरीफ़ को बाहर नहीं भेजना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि नवाज़ शरीफ़ ने भी एक इसराइली राजनयिक से मुलाक़ात की है.

    पाकिस्तान में विपक्षी पार्टियों ने इमरान ख़ान के दावे को ख़ारिज़ किया था. पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) की नेता और नवाज़ शरीफ़ की बेटी मरियम नवाज़ ने कहा था कि अगर इमरान ख़ान के पास कोई रहस्य होता, वे दुनियाभर में उसे प्रचारित कर चुके होते.

  14. इथियोपिया में फ़िरौती के लिए अगवा किए गए छह भारतीय नागरिक रिहा, हेमनोत बजिगा

    सीमेंट फैक्टरी

    इमेज स्रोत, LEILAC

    इमेज कैप्शन, सीमेंट फैक्टरी (फाइल फोटो)

    इथियोपिया में अपहरणकर्ताओं ने फिरौती के लिए अगवा किए गए छह भारतीय नागरिकों को रिहा कर दिया है.

    इन भारतीय नागरिकों और उनके अनुवादकों को राजधानी अदीस अबाबा से तीस मील दूर एक छोटे कस्बे में रखा गया था.

    बता दें कि इस महीने की शुरुआत में एक सीमेंट फ़ैक्टरी के खनन स्थल से 27 लोगों को अगवा किया गया था जिसमें से छह भारतीय नागरिक थे.

    स्थानीय मीडिया के मुताबिक़, अपहरणकर्ताओं ने 27 में से 18 लोगों को बीती दस मार्च को रिहा कर दिया था.

    इसके बाद छह भारतीय नागरिकों और उनके तीन अनुवादकों को हथियारबंद अपहरणकर्ताओं ने बंदी बनाकर रखा था और इन्हें छोड़ने के लिए 4.8 लाख अमेरिकी डॉलर की फिरौती की मांग की थी.

    क्षेत्रीय प्रशासक गिरमा वायेस्सा ने बीबीसी को बताया है कि इन लोगों को छुड़ा लिया गया है.

    हालांकि, उन्होंने इस बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं दी है.

    उन्होंने कहा है कि वह इस क्षेत्र में इस तरह की घटनाओं में कमी लाने के लिए सुरक्षाबलों और समुदाय के साथ काम कर रहे थे.

    इथियोपियाई सरकार अक्सर इस तरह के हमलों के लिए हथियारबंद विद्रोही समूह ओरोमो लिबरेशन आर्मी को ज़िम्मेदार ठहराती है.

    हालांकि, ओएलए अक्सर इन घटनाओं को अंजाम देने से जुड़े आरोपों का खंडन करता रहा है.

  15. ममता बनर्जी के पत्र पर कांग्रेस का तंज़ और बीजेपी का प्रहार

    ममता बनर्जी

    इमेज स्रोत, Getty Images

    भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए ग़ैर बीजेपी मुख्यमंत्रियों को पत्र लिख रही हैं. बीजेपी ने ममता की आलोचना करते हुए बीरभूम हिंसा का ज़िक्र किया और कहा कि राज्य में लोकतंत्र की हत्या हो रही है. आज ही ममता बनर्जी ने ग़ैर बीजेपी मुख्यमंत्रियों और विपक्षी नेताओं को पत्र लिखकर बीजेपी के ख़िलाफ़ एकजुट होने की अपील की है. उन्होंने कहा है कि बीजेपी सरकार केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर विपक्षी नेताओं को परेशान कर रही है.

    छोड़िए X पोस्ट, 1
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 1

    बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा- कलकत्ता हाईकोर्ट ने बीरभूम के पूरे मामले को सीबीआई को सौंपा है. क्योंकि न्यायपालिका को भी लगता है कि न्याय बंगाल में हो नहीं रहा है. बंगाल आज बम और बारूद के ढेर पर बैठा है और उसे सुलगाने का काम टीएमसी के कार्यकर्ता कर रहे हैं. कांग्रेस ने भी ममता बनर्जी के पत्र पर प्रतिक्रिया दी है.

    छोड़िए X पोस्ट, 2
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 2

    पश्चिम बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि ममता बनर्जी कभी कहती हैं कि सभी को बीजेपी के ख़िलाफ़ एकजुट होना चाहिए, तो कभी कहती हैं कि सबको बीजेपी और कांग्रेस के ख़िलाफ़ एकजुट होना चाहिए. कभी तो वे ये भी कह देती हैं कि कांग्रेस को ख़त्म हो जाना चाहिए.

    छोड़िए X पोस्ट, 3
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 3

    अधीर रंजन चौधरी ने कहा- उनका बयान हर दिन बदलता रहता है. उन पर भरोसा करने या न करने में कोई रुचि नहीं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने बीरभूम हिंसा की जाँच सीबीआई से कराने की मांग की थी. अधीर रंजन चौधरी ने कहा- दीदी डर गई हैं क्योंकि वे बीरभूम हिंसा में फँस गई हैं. इसी वजह से वे सभी से अपील कर रही हैं. बंगाल सरकार दोषियों को क्यों नहीं पकड़ती है? उन्हें पहले बंगाल में काम करना चाहिए.

  16. रूस के रईसों ने आख़िर अपने अरबों डॉलर कहां छिपा रखे हैं

    रूस के एक ओलिगार्क की एक्सिओमा नाम के इस महंगे सुपरयाट को हाल में जिब्राल्टर में ज़ब्त किया गया.

    इमेज स्रोत, Alamy

    इमेज कैप्शन, रूस के एक ओलिगार्क की एक्सिओमा नाम के इस महंगे सुपरयाट को हाल में जिब्राल्टर में ज़ब्त किया गया.

    पिछले कई दशकों में रूस के ओलिगार्क (रईस वर्ग) ने अरबों डॉलर की अवैध आय को विदेश भेजा है. ऐसा करके उन्होंने इसका पता लगाना मुश्किल बना दिया है.

    यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद से दुनिया के कई देश इस 'डार्क मनी' को खोजने के लिए नए प्रतिबंधों और क़ानूनों का सहारा ले रहे हैं. उनके इस क़दम से रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के क़रीबी इन ओलिगार्क लोगों को नुक़सान पहुंचने की संभावना है.

    दुनिया में रूस की कितनी 'डार्क मनी' है?

    अमेरिका के एक थिंक टैंक अटलांटिक काउंसिल के अनुसार, रूसी लोगों की विदेश में क़रीब 1,000 अरब डॉलर छिपी हुई 'डार्क मनी' होने का अनुमान है.

    संस्था ने 2020 में जारी अपनी रिपोर्ट में अनुमान लगाया कि इस राशि का एक-चौथाई हिस्सा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उनके क़रीबी सहयोगियों के पास है, जिन्हें 'ओलिगार्क' कहा जाता है.

  17. असम और मेघालय के बीच 50 साल पुराना सीमा विवाद सुलझाने के लिए समझौता हुआ

    अमित शाह

    इमेज स्रोत, ANI

    असम और मेघालय के मुख्यमंत्रियों ने मंगलवार को दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई बैठक में 50 साल से लंबित सीमा विवाद को सुलझाने के लिए एक अहम समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि “आज का दिन एक विवाद मुक्त पूर्वोत्तर के लिए ऐतिहासिक दिन है, देश में जब से मोदी जी प्रधानमंत्री बने हैं तब से पूर्वोत्तर की शांति प्रक्रिया, विकास, समृद्धि और यहां की सांस्कृतिक धरोहर के संवर्धन के लिए अनेक वृहद प्रयास किए.”

    इसके साथ ही मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने कहा है कि “हम इसे आगे ले जाकर जिन बाकी जगहों पर विवाद है उन्हें हल करने कोशिश करेंगे.”

    और असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि “इस एमओयू के बाद हम दूसरे चरण का काम शुरू करेंगे और अगले 6-7 महीने में बाकी की 6 विवादित जगहों का हल निकालने की पूरी कोशिश करेंगे.”

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

    बता दें कि असम-मेघालय के बीच कुल 884.9 किलोमीटर का बॉर्डर है जिसमें 12 विवादित क्षेत्र है.

    और पूर्वोत्तर के इन दोनों राज्यों ने 12 विवादित स्थानों में से छह में सीमा विवाद को सुलझाने के लिए इसी साल 29 जनवरी को एक अंतर-राज्य सीमा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे.

    तब दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ संयुक्त बैठक की थी. और तय किया गया था कि अगली बैठक में इस सीमा विवाद समझौते को अंतिम रूप देने को लेकर फ़ैसला लिया जाएगा.

    मेघालय को 1972 में असम से अलग राज्य के रूप में बनाया गया था और इसने असम पुनर्गठन अधिनियम, 1971 को चुनौती दी थी, जिससे साझा 884.9 किलोमीटर लंबी सीमा के विभिन्न हिस्सों में 12 क्षेत्रों से जुड़े विवाद पैदा हुए थे.

    दोनों राज्यों के बीच 12 विवादित क्षेत्रों में ऊपरी ताराबारी, गजांग रिज़र्व फॉरेस्ट, हाहिम, लंगपीह, बोरदुआर, बोकलापारा, नोंगवा, मातमूर, खानापारा-पिलंगकाटा, देशदेमोरिया ब्लॉक I और ब्लॉक II, खंडुली और रेटाचेरा शामिल हैं.

    इस मामले को विस्तार से समझने के लिए क्लिक करें.

  18. सीयूईटी: कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट कैसे होगा?

    वीडियो कैप्शन, सीयूईटी: कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट कैसे होगा?

    12वीं का एग्ज़ाम देने वाले स्टूडेंस्ट्स को अब तक ये टेंशन रहती थी कि कई बार 95% से ज़्यादा नंबर आने पर भी उन्हें अपनी मनपसंद यूनिवर्सिटी या कॉलेज में एडमिशन नहीं मिल पाता था. वजह?

    कई टॉप यूनिवर्सिटी में कट ऑफ 100% तक पहुंच जाता था. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. अंडर ग्रेजुएट कोर्सेस में एडमिशन के लिए यूजीसी ने अब नई व्यवस्था लागू की है.

    ये व्यवस्था क्या है, आइए समझते हैं.

  19. रूस ने अब्रामोविच को ज़हर दिए जाने की ख़बरों को बताया 'इन्फॉर्मेशन वॉर' का हिस्सा

    रूसी अरबपति रोमन अब्रामोविच

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, रूसी अरबपति रोमन अब्रामोविच

    रूस की सरकार ने रूसी अरबपति रोमन अब्रामोविच को ज़हर दिए जाने से जुड़ी ख़बरों को ‘इन्फॉर्मेशन वॉर’ का हिस्सा बताया है.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, रूसी सरकार ने कहा है कि इस महीने की शुरुआत में शांति वार्ताओं के दौरान रूसी अरबपति रोमान अब्रामोविच को कथित रूप से ज़हर दिए जाने की ख़बरों का सच्चाई से कोई वास्ता नहीं है.

    रूस ने इसे “इन्फॉर्मेशन वॉर” का हिस्सा बताया है.

    रूस सरकार ने ये भी कहा है कि अब्रामोविच तुर्की में रूसी दल के आधिकारिक सदस्य नहीं हैं, हालांकि, यूक्रेन के मुद्दे पर वार्ता के दौरान मौके पर उनकी मौजूदगी बयां करने वाली तस्वीरें सामने आई हैं.

    बता दें कि इससे पहले ख़बरें आई थी कि बेलारूस में यूक्रेन-रूस वार्ताओं में हिस्सा लेने के बाद लौटे रूसी अरबपति रोमान अब्रामोविच पर संदिग्ध ज़हर के असर के लक्षण दिखाई दिए हैं. ये जानकारी उनके एक करीबी सूत्र ने दी थी.

    बताया गया था कि उन्हें कथित तौर पर आंखों में दर्द और त्वचा के छिलने जैसी दिक्कतें आ रही है. यूक्रेन के दो अन्य शांति वार्ताकारों में भी ऐसे ही लक्षण नज़र आने की ख़बरें आई हैं.

    एक रिपोर्ट में कहा गया है कि कथित रूप से ज़हर देने की कोशिश रूस के कट्टरपंथियों की ओर से की गई थी जो नहीं चाहते थे कि ये शांति वार्ता हो.

    इन आरोपों के सामने आने के कुछ समय बाद, समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से लिखा कि ख़ुफ़िया एजेंसियों के अनुसार ये लक्षण किसी ज़हर के कारण नहीं बल्कि "पर्यावरणीय" कारणों से थे.

    इसके बाद, यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय के एक अधिकारी, आईहोर जोव्कवा ने बीबीसी को बताया कि उन्होंने अब्रामोविच से कोई बात नहीं की, लेकिन यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल के सदस्य "ठीक" हैं, वहीं एक अन्य अधिकारी ने कहा कि ये कहानी "झूठी" है.

  20. चीन, सऊदी अरब, भारत और जापान जैसे देश कब तक अमेरिकी पेट्रोडॉलर पर निर्भर रहेंगे

    सऊदी अरब

    इमेज स्रोत, Getty Images

    कुछ दिनों पहले अमेरिकी अख़बार वॉल स्ट्रीट जर्नल में एक ख़बर छपी कि सऊदी अरब चीन से तेल की बिक्री के बदले युआन में भुगतान लेने पर विचार कर रहा है.

    इस ख़बर के साथ ही ये अफ़वाहें भी ज़ोर पकड़ने लगीं कि क्या ये पेट्रोडॉलर के ज़माने के अंत की शुरुआत तो नहीं है.

    सत्तर के दशक में 'पेट्रोडॉलर' शब्द चलन में आया था और इसके साथ ही दुनिया के कारोबार में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले लेन-देन के लिए पसंदीदा मुद्रा के रूप में डॉलर की स्थिति मजबूत होती चली गई.

    ऊर्जा क्षेत्र की पब्लिशिंग कंपनी 'एनर्जी इंटेलिजेंस' के सीनियर एडिटर रफीक़ लाट्टा कहते हैं कि चीनी मुद्रा युआन वाली ख़बर सऊदी सूत्रों के हवाले से आई थी.

    सऊदी अरब ने इस पर आधिकारिक तौर से अभी तक कुछ नहीं कहा है. लेकिन इस जानकारी के सामने आते ही इतना तो तय था कि इस पर कुछ दिनों तक बहस चलेगी.