योगी कैबिनेट के शपथ ग्रहण समारोह के बाद दोनों डिप्टी सीएम बोले

केशव प्रसाद मौर्य एक बार फिर उप-मुख्यमंत्री बनाए गए हैं, जबकि दिनेश शर्मा की जगह ब्रजेश पाठक को उप-मुख्यमंत्री बनाया गया है.

लाइव कवरेज

विभुराज and कीर्ति दुबे

  1. योगी आदित्यनाथ के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए पीएम मोदी और अमित शाह लखनऊ पहुंचे

    उत्तर प्रदेश

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    उत्तर प्रदेश में दूसरी बार सरकार की कमान संभालने जा रहे योगी आदित्यनाथ के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लखनऊ पहुंच गए हैं.

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    अमित शाह भी इस शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए लखनऊ पहुंच गए हैं.

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  2. योगी आदित्यनाथ का शपथ ग्रहण समारोह: भावी मंत्रियों का स्टेडियम में आना शुरू

    योगी आदित्यनाथ

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    लखनऊ के इकाना स्टेडियम में योगी आदित्यनाथ के शपथ ग्रहण समारोह के लिए भारी भीड़ है. धीरे-धीरे भावी मंत्री और पार्टी के अन्य नेता वहाँ पहुँचना शुरू हो गए हैं.

    शपथ ग्रहण समारोह का समय चार बजे निर्धारित किया गया है.

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  3. योगी आदित्यनाथ क्या फिर केशव प्रसाद मौर्य को बनाएँगे उप मुख्यमंत्री?

    योगी आदित्यनाथ और केशव प्रसाद मौर्य

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    योगी आदित्यनाथ आज यूपी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. मंत्रियों के नाम पर अटकलें तो चल ही रही हैं. लेकिन सबसे ज़्यादा चर्चा ये है कि क्या केशव प्रसाद मौर्य दोबारा उप मुख्यमंत्री बनेंगे या नहीं. केशव प्रसाद मौर्य इस बार चुनाव हार गए हैं और तभी से ये चर्चा तेज़ है. वैसे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी अपनी सीट हार गए थे, लेकिन पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने उनमें भरोसा जताया.

    इसी आधार पर कई लोग केशव प्रसाद मौर्य के दोबारा डिप्टी सीएम बनने की बात रह रहे हैं. हार के बावजूद केशव प्रसाद मौर्य हर जगह योगी आदित्यनाथ के साथ दिखे हैं. उन्होंने दिल्ली का भी दौरा किया, जहाँ भावी सरकार पर पार्टी में विचार विमर्श हुआ था. पिछली सरकार में केशव प्रसाद मौर्य के साथ दिनेश शर्मा भी उप मुख्यमंत्री थे. ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि दिनेश शर्मा की जगह बृजेश पाठक को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है. अब चार बजे के बाद ये पता चल जाएगा कि योगी आदित्यनाथ का भरोसा किस पर है.

  4. योगी आदित्यनाथ के शपथ ग्रहण समारोह के लिए स्टेडियम में भारी भीड़

    योगी आदित्यनाथ

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    उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज योगी आदित्यनाथ दोबारा मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. ये शपथ ग्रहण समारोह लखनऊ के इकाना स्टेडियम में होगा. शपथ ग्रहण समारोह चार बजे होना है. लेकिन अभी से वहाँ बड़ी संख्या में लोग पहुँचने लगे हैं. इस शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और कई केंद्रीय मंत्री शामिल होंगे.

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  5. योगी आदित्यनाथ का शपथ ग्रहण: देखिए तस्वीरों में कैसे हो रही है तैयारी

    योगी सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारी

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    योगी सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारी

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    योगी सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारी

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    योगी सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारी

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  6. योगी आदित्यनाथ का शपथ ग्रहण: जानिए कौन-कौन थे पिछली सरकार में मंत्री

    योगी आदित्यनाथ सरकार

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    योगी आदित्यनाथ ने पहली बार 2017 में यूपी के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी.

    उस समय वे गोरखपुर से सांसद थे.

    आइए जानते हैं योगी आदित्यनाथ की पिछली सरकार में कौन-कौन मंत्री थे.

    • योगी आदित्यनाथ
    • केशव प्रसाद मौर्य
    • दिनेश शर्मा
    • सूर्य प्रताप शाही
    • सुरेश खन्ना
    • सतीश महाना
    • स्वामी प्रसाद मौर्य
    • दारा सिंह चौहान
    • धर्मपाल सिंह
    • एसपी सिंह बघेल
    • सत्यदेव पचौरी
    • रामपति शास्त्री
    • जय प्रताप सिंह
    • बृजेश पाठक
    • लक्ष्मी नारायण चौधरी
    • श्रीकांत शर्मा
    • राजेंद्र प्रताप सिंह
    • सिद्धार्थ नाथ सिंह
    • मुकुट बिहारी वर्मा
    • आशुतोष टंडन
    • नंद कुमार नंदी
    • रवींद्र जायसवाल
    • सुरेश राणा
    • उपेंद्र तिवारी
    • महेंद्र सिंह
    • अशोक कटारिया
    • भूपेंद्र सिंह चौधरी
    • धर्म सिंह सैनी
    • अनिल राजभर
    • स्वाति सिंह
    • गुलाबो देवी
    • जय प्रकाश निषाद
    • अर्चना पांडे
    • जय कुमार सिंह
    • अतुल गर्ग
    • रणवेंद्र प्रताप सिंह
    • नीलकंठ तिवारी
    • मोहसिन रज़ा
    • गिरीश चंद्र यादव
    • बलदेव ओलख
    • मन्नू कोरी
    • संदीप सिंह
    • सुरेश पासी
  7. योगी आदित्यनाथ के शपथ ग्रहण समारोह से पहले गोरखनाथ मठ में विशेष पूजा

    योगी आदित्यनाथ

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    उत्तर प्रदेश की कमान दूसरी बार संभालने जा रहे योगी आदित्यनाथ के शपथ ग्रहण कार्यक्रम से पहले गोरखपुर के गोरखनाथ मठ के प्रमुख पुजारी ने शुक्रवार को विशेष पूजा की.

    मठ के प्रधान पंडित योगी कमल नाथ ने योगी आदित्यनाथ के लिए विशेष आरती भी की.

    राज्य के पूर्वी इलाके में इस मंदिर का गहरा प्रभाव माना जाता है.

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    इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी के समर्थकों ने वाराणसी, मथुरा और राज्य के अन्य हिस्सों में विशेष पूजा-अर्चना की. देवी-देवताओं के अलावा, उत्साही समर्थकों ने कहीं-कहीं बुलडोज़र की भी पूजा की है.

    बीजेपी के राज्य महासचिव गोविंद नारायण शुक्ल ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि सुबह आठ से नौ बजे के बीच अलग-अलग जगहों पर कार्यकर्ताओं ने पूजा और हवन किया है.

  8. योगी आदित्यनाथ का शपथ ग्रहण: मंत्री पद के लिए चर्चा में हैं ये नाम

    बेबी रानी मौर्य

    उत्तर प्रदेश में एक बार फिर योगी आदित्यनाथ बतौर मुख्यमंत्री शपथ लेने जा रहे हैं. शपथ ग्रहण समारोह शुक्रवार शाम चार बजे से लखनऊ के इकाना स्टेडियम में होगा. इस बीच कैबिनेट के चेहरों पर अलग-अलग तरह के कयास लगाए जा रहे हैं.

    आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही चेहरों के बारे में जिन्हें योगी 2.0 कैबिनेट में जगह मिल सकती है.

    बेबी रानी मौर्य

    बेबी रानी मौर्य आगरा की महापौर रह चुकी हैं. वो बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं. 2022 के चुनाव से ठीक पहले उन्होंने उत्तराखंड के राज्यपाल पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. बीजेपी ने उन्हें आगरा ग्रामीण से चुनावी मैदान में उतारा और उन्होंने 76,000 से अधिक वोटों से जीत दर्ज की.

    हाल में कई बार बीजेपी ने सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनके नाम के साथ 'जाटव' जोड़कर उनकी जातिगत पहचान उभारने की कोशिश की है.

    असीम अरुण

    राजनीति में आने से पहले असीम अरुण कानपुर के पुलिस कमिश्नर रह चुके हैं. कहा जाता है कि ख़ुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें आईपीएस की नौकरी से इस्तीफ़ा देकर बीजेपी से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई.

    एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी होने के साथ-साथ असीम अरुण दलित समुदाय से भी हैं. ऐसे में एक पुलिस अधिकारी को कन्नौज शहर की सुरक्षित सीट से उतार कर बीजेपी ने दलितों से जुड़ी अपनी राजनीति को नई दिशा देने की कोशिश की.

  9. योगी आदित्यनाथ का शपथ ग्रहण: सोनिया गांधी और मुलायम सिंह यादव को भी न्योता

    सोनिया गांधी और मुलायम सिंह यादव की फ़ाइल फ़ोटो

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    कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव समेत विपक्षी दलों के कई नेताओं को योगी आदित्यनाथ के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है.

    समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती को भी लखनऊ में होने वाले इस शपथ ग्रहण कार्यक्रम के लिए न्योता दिया गया है.

    भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल का नेता निर्वाचित होने के बाद योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात कर राज्य में सरकार गठन का दावा पेश किया था.

    अखिलेश यादव, राहुल गांधी

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    वे लखनऊ के इकाना स्टेडियम में एक भव्य समारोह में राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में दूसरी बार शपथ लेने जा रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे.

    माना जा रहा है कि केंद्रीय मंत्रियों के अलावा भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों, उपमुख्यमंत्रियों और बीजेपी के वरिष्ठ नेता इसमें शामिल होंगे. राजनीति से जुड़े लोगों के अलावा धार्मिक व्यक्तित्वों को भी निमंत्रित किया गया है.

    एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, योग गुरु बाबा रामदेव भी शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद रहेंगे. प्रमुख उद्योपतियों, खेल जगत से जुड़े लोगों, पद्म श्री और पद्म भूषण सम्मान पाने वाले लोगों भी शपथ ग्रहण के लिए बुलाया गया है.

  10. योगी आदित्यनाथ का शपथ ग्रहण: समारोह से पहले कई विधायक मिलने पहुँचे

    योगी आदित्यनाथ

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    योगी आदित्यनाथ आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे. शपथ ग्रहण समारोह चार बजे शुरू होगा. इस बीच कई विधायकों का उनके आवास पर आना-जाना शुरू हो गया है. इसको लेकर नए मंत्रियों के बारे में चर्चाएँ तेज़ हैं. योगी आदित्यनाथ के आवास पर जाकर उनसे मिलने वालों में केशव प्रसाद मौर्य, जितिन प्रसाद, बेबी मौर्य, एके शर्मा, बृजेश पाठक, असीम अरुण, स्वतंत्र देव सिंह, प्रमिला पांडे समेत कई नेता शामिल थे.

      प्रमिला पांडे

      इसके अलावा संजय निषाद, दिनेश खटिक, संदीप सिंह, अरुण वाल्मिकी, आशीष पटेल ने भी योगी आदित्यनाथ से मुलाक़ात की है. माना जा रहा है कि कैबिनेट गठन से पहले परंपरा के अनुसार मुख्यमंत्री भावी मंत्रियों से मिलते हैं. अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि योगी आदित्यनाथ क़रीब 45 मंत्रियों के साथ शपथ ले सकते हैं.

    • उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ का शपथ ग्रहण: भव्य तैयारियों के बीच भावी मंत्रियों को लेकर सरगर्मी

      योगी आदित्यनाथ और अमित शाह

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      उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज योगी आदित्यनाथ दोबारा सीएम पद की शपथ लेने जा रहे हैं. शपथ ग्रहण समारोह चार बजे लखनऊ के अटल स्टेडियम में होगा. बीजेपी ने इसके लिए भव्य तैयारी की है. राजधानी लखनऊ में हर जगह बीजेपी का झंडा दिख रहा है. इस शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी कैबिनेट के कई मंत्री भी शामिल होंगे. इसके अलावा बीजेपी शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री भी शपथ ग्रहण समारोह में आएँगे.

      लखनऊ

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      सबसे ज़्यादा चर्चा इस बात को लेकर है कि इस बार योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल में कौन-कौन शामिल होगा. इस पर भी अटकलें तेज़ हैं कि क्या चुनाव हारने के बाद बीजेपी केशव प्रसाद मौर्य को फिर से उप मुख्यमंत्री बनाएगी? इसके साथ ही इस पर भी चर्चा है कि इस बार बीजेपी अपने सहयोगी दलों को कितना मंत्रिपद देती है.

      लखनऊ

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      गुरुवार को बीजेपी और एनडीए के विधायक दल की बैठक में योगी आदित्यनाथ को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुन लिया गया था. इस बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे. इसके बाद योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया था. हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने अकेले 255 सीटें हासिल की थी, जबकि एनडीए गठबंधन को 273 सीटें हासिल हुई थी. जबकि सपा गठबंधन को 125 सीटों पर जीत मिली थी.

    • ब्रेकिंग न्यूज़, पाकिस्तान: इमरान ख़ान सरकार पर अविश्वास प्रस्ताव की कार्रवाई सोमवार तक के लिए टली

      इमरान ख़ान

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      पाकिस्तान में इमरान ख़ान हुकूमत के ख़िलाफ़ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर आज प्रस्तावित बहस अब नेशनल असेंबली की कार्यवाही स्थगित हो जाने के कारण सोमवार तक के लिए टल गई है.

      सत्र के स्थगन पर पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के अध्यक्ष असद कैसर ने कहा कि यह एक संसदीय परंपरा है कि सदन के किसी सदस्य की मृत्यु की स्थिति में उनके लिए प्रार्थना के बाद अगली बैठक तक के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी जाती है.

      उन्होंने कहा कि नेशनल असेंबली का अगला सत्र अब सोमवार, 28 मार्च को होगा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री इमरान खान के ख़िलाफ़ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर प्रक्रिया के मुताबिक़ कार्रवाई की जाएगी.

      बीबीसी संवाददाता शहजाद मलिक के मुताबिक, शुक्रवार सुबह हुई बैठक में विपक्ष के 159 सदस्य मौजूद थे और उनमें से कुछ ने स्पीकर की घोषणा पर नाराजगी जताई.

      असद कैसर द्वारा बैठक स्थगित करने के बाद, विपक्ष के नेता ने व्यवस्था के मुद्दे पर बोलने की कोशिश की, लेकिन अध्यक्ष ने इसे नजरअंदाज कर दिया.

    • क़तर के डिफेंस शो में ईरान के शामिल होने पर अमेरिका भड़का

      राष्ट्रपति बाइडन

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      क़तर में आयोजित एक रक्षा प्रदर्शनी में ईरान के मिलिट्री अफ़सरों के भाग लेने के बाद अमेरिकी विदेश विभाग ने प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है.

      अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा, "क़तर में आयोजित दोहा डिफ़ेंस शो में ईरान के मिलिट्री अधिकारियों और इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स के अफ़सरों की मौजूदगी को लेकर हम काफ़ी निराश और परेशान हैं."

      ईरान को खाड़ी क्षेत्र की सामुद्रिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा ख़तरा बताते हुए नेड प्राइस ने कहा, "हम डिफ़ेंस शो में उनकी मौजूदगी और उनके नौसैनिक साज़ोसामान के प्रदर्शन को पूरी तरह से खारिज करते हैं.

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      ईरान ने दोहा डिफ़ेंस शो में अपने विमान, मिसाइल और दूसरे सैनिक साज़ोसामान देखने के लिए रखा है. इस प्रदर्शनी में दुनिया के कई देशों ने अपने नौसैनिक जहाजों को भी शामिल किया है.

      समाचार एजेंसी एएफ़पी की रिपोर्ट के अनुसार, क़तर अमेरिका का क़रीबी सहयोगी है लेकिन जिस अल-उदेद एयरबेस पर ये डिफ़ेंस शो हो रहा है, वहीं पर अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) के सेंट्रल कमांड का क्षेत्रीय मुख्यालय है.

      अमेरिका खाड़ी क्षेत्र में यूएस नेवी के जहाजों के आवागमन पर निगरानी रखता है.

      अमेरिका ने ईरान की सेना के साथ किसी भी तरह के संबंध रखने पर कड़े प्रतिबंध लगा रखे हैं. ख़ासकर रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स को अमेरिका एक चरमपंथी संगठन करार देता है.

    • रूस-यूक्रेन जंग: मौत को मात देती ज़िंदगी

      वीडियो कैप्शन, COVER STORY: मौत को मात देती ज़िंदगी

      यूक्रेन के शहर मारियुपोल की रूसी घेराबंदी जारी है. शहर के उस थिएटर के बेसमेंट में फंसे सैकड़ों लोगों को निकालने के प्रयास भी जारी हैं जिस पर कुछ दिन पहले रूस ने बम बरसाए थे.

      भारत ने जंग के बीच यूक्रेन से अपने नागरिकों को निकाला जिनमें हज़ारों मेडिकल छात्र भी शामिल थे, लेकिन वो अब यूक्रेन में पढ़ाई जारी नहीं रख सकते.

      भारतीय कॉलेजों में जगह पाने के लिए भी उन्हें काफ़ी दिक़्क़तें आ रही हैं.

    • पाकिस्तान: सरकार रहेगी या जाएगी, इमरान ख़ान के लिए इम्तिहान का दिन

      इमरान ख़ान

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      पाकिस्तान की संसद के निचले सदन नेशनल असेंबली में प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की सरकार के ख़िलाफ़ शुक्रवार को अविश्वास प्रस्ताव पेश किया जाने वाला है.

      नेशनल असेंबली की आज की कार्यवाही के एजेंडे के अनुसार, विपक्षी सदस्य प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव लाएंगे. सरकार और विपक्ष दोनों ही अपना बहुमत साबित करने की कोशिश कर रहे हैं.

      नेशनल असेंबली में अविश्वास प्रस्ताव पारित कराने के लिए 172 या अधिक वोटों की ज़रूरत पड़ेगी.

      सरकार और विपक्ष के कितने सदस्य हैं?

      नेशनल असेंबली की वेबसाइट के मुताबिक सत्ताधारी पार्टी पीटीआई को सहयोगी दलों समेत 178 सदस्यों का समर्थन प्राप्त है.

      इन सदस्यों में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के 155 सदस्य, एमक्यूएम के सात सदस्य, बीएपी के पांच सदस्य, पीएमएल-क्यू के पांच सदस्य, जीडीए के तीन सदस्य और आवामी मुस्लिम लीग के एक सदस्य शामिल हैं.

      वहीं, विपक्ष के सदस्यों की कुल संख्या 162 है. इनमें सबसे बड़े विपक्षी दल पीएमएल-एन के 84 सदस्य, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के 57 सदस्य, मुत्ताहिदा मजलिस-ए-अमल के 15 सदस्य, बीएनपी के चार सदस्य और आवामी नेशनल पार्टी के एक सदस्य शामिल हैं. इसके अलावा, दो निर्दलीय सदस्य विपक्षी गठबंधन का हिस्सा हैं.

    • यूक्रेन संकट के बीच रूस से व्यापार के लिए भारत क्या क़दम उठा रहा है -प्रेस रिव्यू

      विदेश मंत्री

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      यूक्रेन-रूस युद्ध के बीच भारत सरकार ने वित्त मंत्रालय के नेतृत्व में कई मंत्रालयों का एक समूह गठित किया है. ये समूह रूस से व्यापार में आ रही चुनौतियों के समाधान को लेकर काम कर रहा है. इस बात की जानकारी विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संसद में दी. अंग्रेज़ी अख़बारद हिंदूने इस ख़बर को प्रमुखता से जगह दी है.

      विदेश मंत्री के बयान से ये संकेत मिलता है कि 40 से अधिक देशों का प्रतिबंध झेल रहे रूस के साथ भारत के व्यापार संबंधों को बनाए रखने के लिए सरकार की तरफ़ से बड़े कदम उठाए जा रहे हैं.

      दरअसल, राज्यसभा में रूस और यूक्रेन पर भारत के रुख़ को लेकर कई सवाल पूछे गए. इनमें से कुछ में संयुक्त राष्ट्र में भारत के मतदान से परहेज़ करने, साथ ही व्यापार और अमेरिका के साथ संबंधों पर भारतीय नीति को लेकर चिंता जताई गई. जवाब में एस जयशंकर ने कहा कि भारत का रुख़ दृढ़ और स्पष्ट रहा है और ये शांति के पक्ष में है. उन्होंने कहा कि विदेश नीति के फ़ैसले हमेशा ''राष्ट्रीय हित'' में लिए जाते हैं. उन्होंने ये भी कहा कि यूक्रेन की स्थिति को व्यापार से जोड़ने का सवाल नहीं उठता.

      एक सवाल के जवाब में विदेश मंत्री ने कहा कि भारत, रूस से बहुत कम कच्चा तेल आयात करता है जो एक फ़ीसदी से भी कम है और कई देश भारत से 20 गुना ज़्यादा तेल रूस से आयात करते है. उन्होंने कहा कि भारत रूस-यूक्रेन को ध्यान में रखते हुए भुगतान समेत कई पहलुओं पर गौर कर रहा है और इसके लिए कई मंत्रालयों को मिलाकर एक समूह का गठन भी किया गया है.

    • ब्रेकिंग न्यूज़, बीरभूम हिंसा की अब सीबीआई करेगी जांच: कलकत्ता हाई कोर्ट

      बीरभूम हिंसा

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      कलकत्ता हाई कोर्ट ने शुक्रवार को बीरभूम हिंसा की सीबीआई जांच का आदेश दिया है.

      इसी हफ़्ते पश्चिम बंगाल के बीरभूम ज़िले के रामपुरहाट में हुई हिंसा में आठ लोगों की मौत हो गई थी.

      हाई कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम या विशेष जांच दल) को मामले से जुड़े सभी कागज़ात और गिरफ़्तार किए गए सभी अभियुक्तों को केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंपने को कहा है.

      बीरभूम हिंसा

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      जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और जस्टिस आर भारद्वाज की खंडपीठ ने सीबीआई को कहा है कि वे अपनी प्रोग्रेस रिपोर्ट सात अप्रैल तक फ़ाइल करें. उसी दिन मामले की सुनवाई की अगली तारीख तय की गई है.

      खंडपीठ ने कहा कि सीबीआई जांच का आदेश न्याय के हित में दिया गया है.

      बीरभूम ज़िले के बोगुटी गांव में तृणमूल कांग्रेस के एक पंचायत स्तर के नेता की हत्या के बाद वहां कुछ घरों में आग लगा दी गई थी जिसमें दो बच्चों समेत आठ लोगों की मौत हुई थी.

      बीरभूम हिंसा

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      समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, कलकत्ता हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए शुक्रवार को इस मामले पर सुनवाई की थी और ये आदेश दिया.

      हालांकि कोर्ट ने बीरभूम हिंसा की जांच सीबीआई या एनआईए से कराए जाने के लिए कुछ जनहित याचिकाएं भी दायर की गई थीं जिन पर हाई कोर्ट ने इसके साथ ही आज सुनवाई की.

    • चीनी विदेश मंत्री ने अफ़ग़ानिस्तान दौरे पर किन-किन मुद्दों पर की बात

      चीन के विदेश मंत्री वांग यी

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      चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने गुरुवार को काबुल का दौरा किया, अगस्त 2021 में अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान की सत्ता में वापसी के बाद ये चीन के विदेश मंत्री का पहला दौरा था.

      अफ़ग़ानिस्तान के स्थानीय न्यूज़ चैनल टोलो न्यूज़ के मुताबिक़ इस दौरे का मुख्य मक़सद आर्थिक, राजनीतिक और निवेश के मुद्दों पर चर्चा करना था.

      गुरुवार को एक रूसी प्रतिनिधिमंडल भी कई मुद्दों पर चर्चा करने के लिए काबुल पहुंचा.

      चीनी विदेश मंत्री ने सबसे पहले उप प्रधानमंत्री, मुल्ला अब्दुल ग़नी बरादर और विदेश मामलों के कार्यवाहक मंत्री अमीर ख़ान मुत्ताकी से मुलाक़ात की.

      अफ़ग़ानिस्तान के विदेश मामलों के प्रवक्ता अब्दुल क़हर बल्खी ने कहा,"दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने राजनीतिक, आर्थिक और पारगमन के मुद्दों, एयर कॉरिडोर, शैक्षणिक छात्रवृत्ति, वीज़ा जारी करने, खदानों के क्षेत्र में काम शुरू करने जैसे महत्वपूर्ण मामलों पर चर्चा की."

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      क्यों महत्वपूर्ण है काबुल का दौरा

      चीन के विदेश मंत्री वांग यी का काबुल दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि दुनिया के देश तालिबान सरकार को मान्यता देने से कतरा रहे हैं. ऐसे में गुरुवार को चीनी विदेश मंत्री का औचक दौरा अहम माना जा रहा है.

      इससे पहले वांग यी पाकिस्तान में मौजूद थे जहां उन्होंने दो दिवसीय ओआईसी की बैठक में हिस्सा लिया. इसके बाद उन्हें भारत दौरे पर आना था. लेकिन वे इससे पहले अचानक काबुल पहुंच गए.

      ओईआसी की बैठक में भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर को लेकर चीन के विदेश मंत्री ने टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा, ‘’कश्मीर के मुद्दे पर हम कई इस्लामी दोस्तों की आवाज़ सुन रहे हैं, चीन की भी इसे लेकर यही इच्छा है.‘’

      इस बयान पर भारत ने कड़ा एतराज़ जताया है.

      वांग यी इस वक़्त भारत के दौरे पर हैं.

    • FB LIVE: योगी आदित्यनाथ के शपथ ग्रहण से पहले लखनऊ में माहौल

      योगी आदित्यनाथ के शपथ ग्रहण से पहले लखनऊ में कैसा है माहौल, बता रहे हैं बीबीसी संवाददाता अनंत झणाणे.

    • यूक्रेन जंग: ज़ेलेंस्की ने यूरोपीय नेताओं से कहा- आपने रूस को रोकने में देरी की

      यूक्रेन

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      यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने ब्रसेल्स में यूरोपीय परिषद के शिखर सम्मेलन को संबोधित किया.

      अपने संबोधन में उन्होंने बताया कि रूस ने उनके देश में कितनी भारी तबाही मचाई है. साथ ही उन्होंने यूक्रेन के समर्थन में एकजुट होने के लिए यूरोपीय देशों का शुक्रिया अदा किया.

      इसके बाद अपनी स्पष्टवादी शैली में ज़ेलेंस्की ने यूरोपीय नेताओं से कहा कि उन्होंने रूस को रोकने के लिए बहुत देर से काम शुरू किया.

      उन्होंने कहा, ''आपने प्रतिबंध लगाया. हम उसके लिए आभारी हैं. ये शक्तिशाली क़दम है. लेकिन इसमें थोड़ी देर हो गई. पहले ऐसा करने का एक मौका था.‘’

      उन्होंने कहा कि अगर प्रतिबंध पहले लग गए होते तो शायद रूस युद्ध शुरू नहीं करता.

      उन्होंने नॉर्ड स्ट्रीम 2 गैस पाइपलाइन की ओर भी इशारा करते हुए कहा कि अगर इसे पहले ब्लॉक कर दिया गया होता, तो "रूस ने गैस का संकट पैदा नहीं किया होता"

      ज़ेलेंस्की ने इसके बाद पड़ोसी देशों से यूक्रेन को यूरोपीय संघ में शामिल करने का अनुरोध किया.

      उन्होंने कहा- ''मैं आपसे कहता हूं- देर मत कीजिए.‘’