कांग्रेस नेताओं ने सीडब्ल्यूसी बैठक में 'सर्वसम्मति से' पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में काम करने पर विश्वास जताया
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामना करने के कुछ दिनों बाद कांग्रेस वर्किंग कमिटी (सीडब्ल्यूसी) ने रविवार को आगे का रास्ते निकालने पर मंथन किया और 'सर्वसम्मति से' पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में काम करने का विश्वास जताया.
चुनावों में पार्टी के खराब प्रदर्शन के बीच व्यापक सुधार की मांग की बात कही जा रही है.
एआईसीसी के महासचिव के सी वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस वर्किंग कमिटी की चार घंटे तक चली बैठक में पार्टी अध्यक्ष ने पार्टी को मजबूत करने और उसमें नवजीवन का संचार करने के लिए तत्काल कदम उठाने की बात कही.
उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि संसद के बजट सत्र के तत्काल बाद कांग्रेस चिंतन शिविर का आयोजन करेगी और उससे पहले सीडब्ल्यूसी की एक बार फिर बैठक होगी.
सूत्रों ने बताया कि गांधी ने बैठक में सभी नेताओं को सुना और कहा कि वह पार्टी को मजबूत करने के लिए जरूरी बदलाव की इच्छुक हैं.
कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ''सीडब्ल्यूसी का प्रत्येक सदस्य चाहता है कि सोनिया गांधी तब तक पार्टी का मार्गदर्शन करें जब तक संगठनात्मक चुनाव का आयोजन नहीं होता है.''
वेणुगोपाल ने कहा कि सीडब्ल्यूसी ने सर्वसम्मति से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व पर विश्वास जताया.
पूर्व पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, वेणुगोपाल, राज्य सभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी और पी चिदंबरम समेत अन्य नेताओं ने सीडब्ल्यूसी की बैठक में हिस्सा लिया.
सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस बैठक में सभी नेताओं को सुना और उन्होंने कहा कि वह पार्टी को मजबूत करने के लिए जरूरी बदलाव की इच्छुक है.
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बैठक में यह सलाह दी कि 'चिंतन शिविर' का आयोजन उनके राज्य में किया जाए.
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इस बैठक में शामिल नहीं हुए. पार्टी के वरिष्ठ नेता ए के एंटनी भी कोरोना वायरस से संक्रमित होने की वजह से बैठक में शामिल नहीं हुए.
गहलोत ने संवाददाताओं को बताया कि वे सभी चाहते हैं कि राहुल गांधी पार्टी का नेतृत्व करें. पार्टी के कर्नाटक अध्यक्ष डी. के शिव कुमार ने भी गांधी को पार्टी प्रमुख बनाने के विचार का समर्थन किया.