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कांग्रेस नेताओं ने सोनिया गांधी के नेतृत्व में काम करने पर विश्वास जताया

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामना करने के कुछ दिनों बाद कांग्रेस वर्किंग कमिटी (सीडब्ल्यूसी) ने रविवार को आगे का रास्ते निकालने पर मंथन किया और 'सर्वसम्मति से' पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में काम करने का विश्वास जताया.

लाइव कवरेज

कमलेश मठेनी and कुमारी स्नेहा

  1. कांग्रेस नेताओं ने सीडब्ल्यूसी बैठक में 'सर्वसम्मति से' पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में काम करने पर विश्वास जताया

    पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामना करने के कुछ दिनों बाद कांग्रेस वर्किंग कमिटी (सीडब्ल्यूसी) ने रविवार को आगे का रास्ते निकालने पर मंथन किया और 'सर्वसम्मति से' पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में काम करने का विश्वास जताया.

    चुनावों में पार्टी के खराब प्रदर्शन के बीच व्यापक सुधार की मांग की बात कही जा रही है.

    एआईसीसी के महासचिव के सी वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस वर्किंग कमिटी की चार घंटे तक चली बैठक में पार्टी अध्यक्ष ने पार्टी को मजबूत करने और उसमें नवजीवन का संचार करने के लिए तत्काल कदम उठाने की बात कही.

    उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि संसद के बजट सत्र के तत्काल बाद कांग्रेस चिंतन शिविर का आयोजन करेगी और उससे पहले सीडब्ल्यूसी की एक बार फिर बैठक होगी.

    सूत्रों ने बताया कि गांधी ने बैठक में सभी नेताओं को सुना और कहा कि वह पार्टी को मजबूत करने के लिए जरूरी बदलाव की इच्छुक हैं.

    कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ''सीडब्ल्यूसी का प्रत्येक सदस्य चाहता है कि सोनिया गांधी तब तक पार्टी का मार्गदर्शन करें जब तक संगठनात्मक चुनाव का आयोजन नहीं होता है.''

    वेणुगोपाल ने कहा कि सीडब्ल्यूसी ने सर्वसम्मति से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व पर विश्वास जताया.

    पूर्व पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, वेणुगोपाल, राज्य सभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी और पी चिदंबरम समेत अन्य नेताओं ने सीडब्ल्यूसी की बैठक में हिस्सा लिया.

    सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस बैठक में सभी नेताओं को सुना और उन्होंने कहा कि वह पार्टी को मजबूत करने के लिए जरूरी बदलाव की इच्छुक है.

    राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बैठक में यह सलाह दी कि 'चिंतन शिविर' का आयोजन उनके राज्य में किया जाए.

    पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इस बैठक में शामिल नहीं हुए. पार्टी के वरिष्ठ नेता ए के एंटनी भी कोरोना वायरस से संक्रमित होने की वजह से बैठक में शामिल नहीं हुए.

    गहलोत ने संवाददाताओं को बताया कि वे सभी चाहते हैं कि राहुल गांधी पार्टी का नेतृत्व करें. पार्टी के कर्नाटक अध्यक्ष डी. के शिव कुमार ने भी गांधी को पार्टी प्रमुख बनाने के विचार का समर्थन किया.

  2. गेहूं, तेल, गैस... वो चार चीजें जो रूस और यूक्रेन दुनिया को सप्लाई करते हैं

    न सिर्फ पश्चिमी प्रतिबंधों बल्कि यूक्रेन पर रूसी हमलों से सप्लाई चेन में आई दिक्कतों ने भी कमोडिटी बाजार में चीजों के दाम बढ़ा दिए हैं. यूक्रेन पर रूसी हमलों के बाद उस इलाके से धातुओं और अनाजों की सप्लाई में रुकावट आई है. कई पश्चिमी देश पहले ही रूसी तेल और गैस के आयात पर प्रतिबंध लगा चुके हैं.

    दरअसल, रूस और यूक्रेन दुनिया के कमोडिटी बाजार में बड़ी रणनीतिक भूमिका अदा करते हैं.

    दोनों देश बेसिक रॉ मैटेरियल के बड़े निर्यातक हैं. गेहूं से लेकर तेल, गैस, कोयला के अलावा दूसरी बेशकीमती धातुओं के ये बड़े सप्लायर हैं.

    लेकिन रूस और यूक्रेन की लड़ाई की वजह से इन चीजों की सप्लाई बाधित हो रही है. इससे कोविड से उबर रही दुनिया की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगने की आशंका पैदा हो गई है.

    बहरहाल, चार ऐसी चीजें हैं, जिनकी सप्लाई लंबे समय तक बाधित रही तो विश्व अर्थव्यवस्था के सामने मुश्किल खड़ी हो सकती है.

  3. रूस-यूक्रेन संघर्ष: कीएव के पास अमेरिकी पत्रकार की गोली लगने से मौत

    अमेरिका के एक पत्रकार ब्रेंट रिनोड की कीएव के बाहर इरपिन में गोली लगने से मौत हो गई. कीएव पुलिस ने यह जानकारी दी.

    कीएव पुलिस प्रमुख आंद्रेई नेबितोव ने बताया कि रिनोड पर रूसी सैनिकों ने निशाना लगाया. इस घटना में दो अन्य पत्रकार भी घायल हुए हैं और उन्हें अस्पताल ले जाया गया है.

    यूक्रेन युद्ध को कवर कर रहे किसी विदेशी पत्रकार की मौत का यह पहला मामला है. ऐसी तस्वीरें साझा की जा रही हैं जिसमें रिनोड के नाम की एक प्रेस आईडी है, जो न्यूयॉर्क टाइम्स की ओर से जारी की गई है.

    बयान में समाचार पत्र ने बताया कि रिनोड की मौत की खबर दुखी कर देने वाली है लेकिन वह यूक्रेन में समाचार पत्र के लिए काम नहीं कर रहे थे. अंतिम बार उन्होंने न्यूयॉर्क टाइम्स के लिए 2015 में काम किया था और यूक्रेन में वह जो प्रेस आईडी पहन रहे थे, वह एक साल पहले जारी किया गया था. हालांकि, अभी स्पष्ट नहीं है कि यूक्रेन में रिनोड किसके लिए काम कर रहे थे.

    इस घटना के बाद अमेरिका के एक अन्य पत्रकार जुआन एरेडोंडो को अस्पताल ले जाया गया. ट्विटर पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में उन्होंने इटली के संवाददाता को बताया कि हमले के दौरान वह ब्रेंट रिनोड के साथ थे.

    उन्होंने कहा, ''हम इरपिन के पहले पुलों में से एक के इस पार थे और शरण की तलाश में भाग रहे लोगों की फिल्म बनाने जा रहे थे और किसी ने हमें दूसरे पुल पर जाने में मदद की पेशकश की थी और हमने चेक प्वाइंट पार किया तभी वे हम पर गोलियां चलाने लगे.''

    उन्होंने बताया, ''इसलिए चालक वापस भागने लगा और वे हम पर गोलियां चलाते रहे. हम दोनों थे. मेरा दोस्त ब्रेंट रिनोड. उसे गोली लगी और वह पीछे रह गया.''

    उन्होंने बताया कि उन्हें नहीं पता कि रिनोड के साथ क्या हुआ. उन्होंने कहा, ''मैंने उसकी गर्दन पर गोली लगते देखा और हम अलग हो गए.'' एरेडोंडो ने बताया कि उन्हें एम्बुलेंस से अस्पताल लाया गया.

  4. यूक्रेन की मानवाधिकार एजेंसी ने रूस पर प्रतिबंधित फॉस्फोरस हमले का लगाया आरोप

    यूक्रेन की मानवाधिकार ओम्बुड्सवुमन लियूडमिला डेनिसोवा ने रविवार को रूस पर यूक्रेन के पूर्वी लुहान्सक क्षेत्र में कल रात हमले के दौरान प्रतिबंधित फॉस्फोरस का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स का कहना है कि वो डेनिसोवा के इस बयान की पुष्टि नहीं कर पाया है.

    उन्होंने कथित हमले के संबंध में एक तस्वीर साझा की लेकिन यह नहीं बताया कि यूक्रेन के पास इस बात के ठोस सबूत हैं या नहीं.

    उन्होने एक ऑनलाइन बयान में कहा, ''रूसी हमलावरों द्वारा इन हथियारों से शहर के नागरिकों पर हमला करना युद्ध अपराध है और रोम कन्वेशन के अनुसार यह मानवता के खिलाफ अपराध है.''

  5. प्यार, शादी और पति पर क्या बोलीं सबा क़मर?

    आपने मिस्टर एंड मिसेस शमीम का ट्रेलर ज़रूर देखा होगा. ये पाकिस्तानी वेब सीरीज़ हाल ही में रिलीज़ हुई है.

    सबा क़मर ने इस वेब सीरिज़ में ओमीना का किरदार निभाया है.

    पाकिस्तानी अभिनेत्री सबा क़मर भारत में किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं.

    सबा ने अपने और नोमाज़ इजाज़ से साथ कैमेस्ट्री और वेब सीरीज़ की कहानी को लेकर बातचीत की.

  6. चुनाव आयोग ने पंजाब की 5 राज्य सभा सीटों के लिए चुनाव की तारीखों की घोषणा की

    पंजाब से निर्वाचित राज्य सभा सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त होने के मद्देनजर निर्वाचन आयोग ने राज्य से इस द्विवार्षिक चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा कर दी.

    राज्य सभा सदस्यों सुखदेव सिंह ढींडसा (शिरोमणि अकाली दल), प्रताप सिंह बाजवा (कांग्रेस), श्वेत मलिक (भाजपा), नरेश गुजराल (शिअद) और शमशेर सिंह डुलो (कांग्रेस) का कार्यकाल नौ अप्रैल को खत्म होने जा रहा है.

    पंजाब के निर्वाचन अधिकारी एस करुणा राजू ने रविवार को कहा कि समय-सारिणी के अनुसार, द्विवार्षिक चुनाव की अधिसूचना सोमवार (14 मार्च) को जारी की जाएगी.

    आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तारीख 21 मार्च है जबकि इसकी जांच-पड़ताल 22 मार्च को की जाएगी. वहीं, नामांकन वापस लेने की तारीख 24 मार्च है. चुनाव का आयोजन 31 मार्च को सुबह नौ बजे से लेकर शाम चार बजे तक होगा और मतों की गिनती उसी दिन शाम पांच बजे होगी.

  7. पाकिस्तान में गिरी मिसाइल, भारत पर उठे सवाल

    भारत ने शुक्रवार को कहा कि तकनीकी ख़राबी की वजह से 9 मार्च को मिसाइल पाकिस्तान के इलाक़े में जा गिरी थी.

    भारत ने ये भी कहा है कि ये राहत भरी बात है कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं मिली है.

    पाकिस्तान में ये मिसाइल कहां गिरी थी और इससे कितना बड़ा हादसा हो सकता था?

    इसी पर पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार वुसअतुल्लाह ख़ान का व्लॉग.

  8. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से की मुलाकात

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश चुनाव में मिली ऐतिहासिक जीत की बधाई दी और कहा कि वह राज्य को विकास की बड़ी ऊंचाइयों पर ले जाएंगे.

    आदित्यनाथ ने आज प्रधानमंत्री मोदी से उनके आवास पर मुलाकात की.

    इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, ''आज मैं योगी आदित्यनाथ जी से मिला. उन्हें उत्तर प्रदेश चुनाव में मिली ऐतिहासिक जीत की बधाई दी. बीते पांच वर्षों में उन्होंने जन-आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए अथक परिश्रम किया है. मुझे पूर्ण विश्वास है कि आने वाले वर्षो में वे राज्य को विकास की और अधिक ऊंचाइयों पर ले जाएंगे.''

    मुख्यमंत्री ने मार्गदर्शन के लिए मोदी का शुक्रिया अदा किया.

    आदित्यनाथ ने एक ट्वीट में कहा, ''विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय राजनेता, 'आत्मनिर्भर भारत' के शिल्पकार, 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' के स्वप्नदृष्टा आदरणीय प्रधानमंत्री से आज नई दिल्ली में मुलाकात हुई. अपनी व्यस्ततम दिनचर्या से समय प्रदान करने व आत्मीय मार्गदर्शन करने हेतु प्रधानमंत्री जी का हृदयतल से आभार.''

    आदित्यनाथ भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी दिल्ली स्थित उनके आवास पर मिले. इससे पहले दिन में आदित्यनाथ ने उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू से भी उनके आवास पर मुलाकात की थी. मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मिली जीत के बाद पहली बार दिल्ली आए हैं और वह यहां दो दिवसीय यात्रा पर हैं.

  9. पैर गंवाकर भी ऐसा डांस कर नाम कमा रही रेखा

    सड़क हादसे में अपना एक पैर गंवा चुकी 19 साल की रेखा के डांस वीडियो इन दिनों वायरल हो रहे हैं.

    वे एक पैर के सहारे बॉलीवुड गानों पर डांस करती हैं. उन्होंने हाल ही में अपना यूट्यूब चैनल ‘वन लेग डांसर’ बनाया है.

    झारखंड के धनबाद ज़िले के शीतलपुर गाँव में रहने वाली रेखा के पिता दिहाड़ी मज़दूर हैं और वे एक कॉलेज से ग्रेजुएशन कर रही हैं.

    साल 2014 में डॉक्टरों ने उनका एक पैर काट दिया था. ताकि उनकी ज़िंदगी बचायी जा सके. तब वे एक सड़क दुर्घटना में बुरी तरह घायल हो गई थीं.

    लेकिन, उन्होंने हार नहीं मानी और अब उनकी चर्चा हो रही है. कुछ ही दिनों के अंदर लाखों लोगों ने उनके वीडियो देखे हैं.

  10. चीन ने कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने पर शेनज़ेन शहर में लॉकडाउन लागू किया

    चीन ने अपने सबसे बड़े शहरों में से एक में रविवार को लॉकडाउन लागू कर दिया. समाचार एजेंसी एएफ़पी की रिपोर्ट के अनुसार, शहर की पूरी आबादी ही इस लॉकडाउन के दायरे में आ गई है.

    दक्षिणी चीन के शेनज़ेन शहर में एक करोड़ 70 लाख की आबादी रहती है. चीन में कोरोना संक्रमण के मामले दोगुने बढ़कर 3400 के करीब पहुंच गए हैं. ज़ीरो-कोविड पॉलिसी को लेकर चीन सख़्त रवैया अपनाता रहा है. लेकिन हाल के दिनों में कोरोना संक्रमण के बढ़े मामलों की वजह से वहां बेचैनी का माहौल है.

    शहर में सभी निवासियों से कहा गया कि वे अपने घरों में ही रहें क्योंकि पड़ोसी शहर हांगकांग ओमिक्रोन के मामलों से बुरी तरह प्रभावित है और यहां भी इससे जुड़े मामले बढ़ रहे हैं. शहर के प्रशासन की ओर से जारी नोटिस में बताया गया कि 20 मार्च तक लॉकडाउन लागू है और इस दौरान सार्वजनिक यातायात पर रोक है.

    नोटिस में बताया गया कि वृहद स्तर पर तीन चरण में जांच होगी. रविवार को शेनजेंग के स्वास्थ्य अधिकारी लिन हांगचेंग ने कहा, '' अगर रोकथाम और नियंत्रण जैसे कदम को समय रहते मजबूती के साथ नहीं उठाया गया तो बड़े स्तर पर संक्रमण का प्रसार हो सकता है.''

    चीन के कई शहरों में संक्रमण के मामले बढ़े हैं और इसके मद्देनजर शंघाई में अधिकारियों ने स्कूल बंद कर दिये और पूर्वोत्तर के कई शहरों में लॉकडाउन लागू है.

    चीन के 18 प्रांत ओमिक्रोन और डेल्टा स्वरूप के क्लस्टर (कोई खास इलाका प्रभावित) से प्रभावित हैं. चीन में 2019 में सबसे पहले संक्रमण का मामला सामना आया था और तब से चीन कड़ाई से 'जीरो कोविड' नीति बनाए हुए है.

  11. बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', 13 मार्च 2022, सुनिए मोहम्मद शाहिद से

  12. प्रतिबंधों के कारण रूस का लगभग आधा स्वर्ण और विदेशी मुद्रा भंडार ज़ब्त, अब चीन से उम्मीद

    रूस ने रविवार को कहा कि वह पश्चिमी देशों के प्रतिबंध से देश की अर्थव्यवस्था को लगे झटके से निपटने के लिए चीन से मदद की उम्मीद कर रहे हैं.

    रूस का कहना है कि प्रतिबंधों की वजह से उसका सोने और विदेशी मुद्रा भंडार का लगभग आधा हिस्सा फ्रीज हो गया है.

    विदेश मंत्री एंतोव सिलुआनोव ने कहा, '' हमारे पास चीनी मुद्रा युआन में सोने और विदेशी मुद्रा भंडार का एक हिस्सा है. और हम देखेंगे कि पश्चिमी देश, चीन के साथ हमारे आपसी व्यापार को सीमित करने के लिए क्या दबाव डालते हैं. निश्चित तौर पर, उस भंडार तक पहुंच रोकने के लिए दबाव डाला जा रहा है.''

    उन्होंने कहा, '' लेकिन मेरा मानना है कि चीन के साथ हमारी साझेदारी की वजह से हम सहयोग को बरकरार रख पाएंगे, जो हमारे बीच है. और न सिर्फ बरकरार रख पाएंगे बल्कि ऐसे माहौल में बढ़ा भी पाएंगे जहां पश्चिमी बाजार बंद हो रहे हैं.''

    पश्चिमी देशों ने यूक्रेन पर 24 फरवरी को हमले के बाद रूस के कॉर्पोरेट और फाइनेंशियल सिस्टम पर अप्रत्याशित प्रतिबंध लगाए हैं. रूस यूक्रेन पर हमले को विशेष सैन्य अभियान करार देता है.

    हाल के वर्षों में जब मानवाधिकार और अन्य मुद्दों की वजह से चीन और रूस पर पश्चिमी देशों के दबाव बढ़े हैं तो ये दोनों देश एक-दूसरे के बेहद करीब आ गए हैं. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच चार फरवरी को बीजिंग में बैठक हुई थी.

  13. रूस-यूक्रेन युद्ध का तीसरा सप्ताह: सायरन की आवाज़ें, रॉकेट और मिसाइल हमले

    रूस के हमले को तीन सप्ताह हो चुके हैं और नीचे दी गई तस्वीरें अब यूक्रेन में आम हो गई हैं.

    देश भर में लोगों की सुबह अक्सर हवाई हमलों के डरावने सायरन और रॉकेट, मिसाइल हमलों के निशानों से भरे आसमानों के बीच होती है.

    इसी तरह का एक दृश्य राजधानी कीएव के पूर्व में स्थित बैरीशिवका में देखने को मिला.

    रूस भले ही यूक्रेन के शहरों की तरफ़ धीरे-धीरे बढ़ रहा है लेकिन उसकी ओर से भीषण गोलाबारी जारी है.

    रूस कहता है कि वो सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है. नीचे तस्वीर में देश के मध्य में स्थित कलीनविका में एक स्टोरेज फैसिलिटी की हालत दिखती है.

  14. गांधी परिवार कांग्रेस की एकता के लिए महत्वपूर्ण: अशोक गहलोत

    राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को कहा कि गांधी परिवार कांग्रेस की एकता के लिए महत्वपूर्ण है और राहुल गांधी को पार्टी का अध्यक्ष बनना चाहिए.

    एएनआई से बातचीत में गहलोत ने कहा, ''राहुल गांधी को पार्टी अध्यक्ष बनना चाहिए. पिछले तीन दशक से, गांधी परिवार का कोई भी सदस्य प्रधानमंत्री या मंत्री नहीं बना है. यह समझना महत्वपूर्ण है कि गांधी परिवार कांग्रेस की एकता के लिए महत्वपूर्ण है.''

    गहलोत ने कहा कि पंजाब में पार्टी को आंतरिक कलह की वजह से हार का सामना करना पड़ा. कांग्रेस नेता ने कहा, ''2017 में, कांग्रेस एकजुट थी और हम जीते. चन्नी के मुख्यमंत्री बनने के बाद माहौल बना था लेकिन यह हमारी गलती थी कि आंतरिक कलह की वजह से हम चुनाव हार गए.''

    भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर प्रहार करते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी वास्तविक मुद्दों को पीछे छोड़ धर्म को आगे ले आई है.

    गहलोत ने कहा, '' ध्रुवीकरण की राजनीति आसान है. भाजपा ने सोशल मीडिया पर कांग्रेस को मुस्लिम पार्टी के तौर पर पेश किया. हमारा तरीका देश की एकता और अखंडता को बरकरार रखने का है. चुनाव के दौरान, धर्म आगे आ जाता है और महंगाई और नौकरी का मुद्दा पीछे छूट जाता है.''

    इस बीच, पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में पार्टी की करारी हार की समीक्षा के लिए कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की बैठक जारी है.

  15. भारत ने यूक्रेन स्थित दूतावास को अस्थाई तौर पर पोलैंड स्थानांतरित करने का निर्णय लिया

    भारत ने यूक्रेन में तेजी से बिगड़ते सुरक्षा हालात के बीच अपने दूतावास को अस्थायी तौर पर पोलैंड स्थानांतरित करने का निर्णय लिया. यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब रूस की सेना यूक्रेन की राजधानी कीएव समेत अन्य प्रमुख शहरों के करीब है.

    विदेश मंत्रालय ने कहा, ''यूक्रेन के पश्चिमी हिस्सों में हमले और देश में तेजी से बिगड़ते सुरक्षा हालात के मद्देजनर यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास को अस्थायी तौर पर पोलैंड स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया.''

    एक संक्षिप्त बयान में मंत्रालय ने कहा, ''आगे के घटनाक्रम के बाद स्थिति की दोबारा समीक्षा की जाएगी.''

    कीएव स्थित भारतीय दूतावास के कई अधिकारी पिछले कुछ दिनों से लवीव स्थित अस्थायी कार्यालय से काम कर रहे हैं. लवीव में दूतावास का यह अस्थायी कार्यालय यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों को यूक्रेन की सीमा से बाहर ले जाने के लिए स्थापित किया गया है.

    लवीव यूक्रेन के पश्चिम में स्थित शहर है और यह पोलैंड की सीमा से करीब 70 किलोमीटर दूर है.

    यूक्रेन में जंग शुरू होने के बीच भारत ने अपने नागरिकों को वहां से निकालने के लिए 26 फरवरी को 'ऑपरेशन गंगा' मिशन शुरू किया और अब तक युद्धग्रस्त देश के अलग-अलग हिस्सों से 18,100 से ज्यादा नागरिकों को वहां से ला चुका है.

    यूक्रेन में रह रहे भारत के लोग पड़ोसी देश रोमानिया, पोलैंड, हंगरी, स्लोवाकिया और मोल्दोवा पहुंचे थे, जिसके बाद भारत ने अपने नागरिकों को वहां से बाहर निकाला.

    रूस द्वारा सैन्य अभियान शुरू करने के बाद यूक्रेन ने नागरिक विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया था. रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुरक्षा के मुद्दे पर कैबिनेट कमिटि की बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें रक्षा तैयारियों और मौजूदा यूक्रेन संकट के मद्देनजर वैश्विक परिदृश्य की समीक्षा की गई.

    इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी को यूक्रेन के ताजा घटनाक्रम और ऑपरेशन गंगा की जानकारियां दी गईं.

  16. रूस के टैंक और गाड़ियों पर ज़ेड क्यों लिखा है?

    रूस में 'ज़ेड' अक्षर युद्ध-समर्थक प्रतीक के रूप में तेज़ी से लोकप्रिय हो रहा है.

    इसे रूसी राष्ट्रपति पुतिन के आक्रमण के कट्टर समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है. न केवल राजनेता इसका समर्थन कर रहे हैं बल्कि कारों, वैन और विज्ञापन होर्डिंग्स तक पर इसे लिखा हुआ देखा गया.

    यूक्रेन में युद्ध में शामिल रूस के युद्धक वाहनों पर भी ज़ेड अक्षर लिखा हुआ देखा गया है.

    रिपोर्टः पॉल किर्ले और रॉबर्ट ग्रीनॉल

  17. यूक्रेन ने 'रूस की मांग मान लेने' की इसराइल की सिफारिश वाली रिपोर्ट को ख़ारिज किया

    यूक्रेन के एक शीर्ष सलाहकार ने मीडिया में आई उस खबर को ख़ारिज कर दिया, जिसमें यह कहा गया था कि यू्क्रेन-रूस संकट पर बातचीत के दौरान इसराइल ने यूक्रेन पर रूस की मांगों को मान लेने का जोर डाला था.

    इसराइल के प्रधानमंत्री नेफ्टाली बेनेट ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत की थी और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से भी उन्होंने फोन पर बात की थी.

    इसराइल की वला न्यूज और यरूशलम पोस्ट ने यूक्रेन के एक अज्ञात अधिकारी का हवाला देते हुए एक रिपोर्ट में यह बताया था कि बेनेट ने यूक्रेन से रूस की मांग मान लेने की अपील की थी.

    इस पर अब यूक्रेन के सलाहकार मिखाइलो पोडोल्याक ने ट्विटर पर कहा कि इसराइल ''अन्य सशर्त मध्यस्थ देशों की तरह, रूस की किसी भी मांग को स्वीकार करने की पेशकश नहीं करता है.''

    उन्होंने कहा, '' यह सैन्य और राजनीतिक कारणों की वजह से असंभव है, इसके उलट इसराइल ने रूस से मौजूदा घटनाक्रम का आकलन और व्यापक तरीके से करने की अपील की.''

  18. रूस के कब्जे वाले यूक्रेनी शहरों में खाने-पीने को तरस रहे हैं लोग

    रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक रूसी सैन्य टुकड़ियों ने कई शहरों और गाँवों पर कब्जा कर लिया है. और इन इलाकों में फंसे लोग मदद की गुहार लगा रहे हैं.

    बमबारी के साथ-साथ इन स्थानों पर रहने वाले लोग पर सर्द मौसम और खाद्य संकट का ख़तरा मंडरा रहा है.

    इस वजह से यूक्रेन के मारियुपोल शहर और राजधानी कीएव के पश्चिम और उत्तर में बंसे गाँवों में एक भयानक मानवीय सकंट खड़ा होता दिख रहा है.

    बीबीसी यूक्रेन सेवा से बात करते हुए यहां रह रहे लोगों ने बताया है कि उनके ऊपर इस समय क्या बीत रही है.

    एना तोखमखची मारियुपोल से आते हर वीडियो और तस्वीरों में अपना घर तलाशने की कोशिश कर रही हैं. उनकी माँ अभी भी मारियुपोल शहर में फंसी हुई हैं और बीते पांच दिनों में उनसे किसी तरह का संपर्क नहीं हो सका है.

    रूसी सैन्य टुकड़ियों ने एक हफ़्ते से ज़्यादा समय से इस शहर पर घेरा डाला हुआ है. और लगातार हो रही बमबारी की वजह से यह शहर तबाही की कगार पर पहुंच गया है. इस वजह से यहां बिजली, पानी और खाने-पीने के सामान की कमी हो रही है.

    बमबारी की वजह से सड़कों की हालत ये है कि लोगों का शहर से निकल पाना मुश्किल होता जा रहा है. पिछले कुछ दिनों में इस इलाके से लोगों को निकालने की कोशिश की गयी लेकिन मानवीय गलियारों पर हमले होते रहे.

  19. रूस को पोलैंड की चेतावनी, अगर यूक्रेन पर रासायनिक हमला किया तो नेटो...

    पोलैंड के राष्ट्रपति एंड्रज़ेज ड्यूडा ने रविवार को एक इंटरव्यू में कहा कि अगर रूस यूक्रेन में रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल करता है तो इससे खेल बदल जाएगा और नेटो को इस बारे में गंभीरता से सोचना होगा कि इसका किस तरह से जवाब देना है.

    अभी तक नेटो यूक्रेन पर रूस के हमले को लेकर दखल न देने के पक्ष में रहा है.

    राष्ट्रपति एंड्रज़ेज से जब पूछा गया कि रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल अगर रूस के लिए लक्ष्मण रेखा के तौर पर निर्धारित किया गया है तो नेटो इस पूरे मामले में किस मोड़ पर दखल देगा?

    इस सवाल के जवाब में राष्ट्रपति एंड्रज़ेज ने बीबीसी टेलीविज़न से कहा, "अगर रूस व्यापक नरसंहार के हथियारों का इस्तेमाल करता है तो ये गेम चेंजर होगा."

    उन्होंने कहा, "इसमें कोई शक नहीं कि अमेरिका के नेतृत्व में नेटो और उसके नेताओं को एक साथ बैठना होगा और इस बात पर गंभीरता से विचार करना होगा कि उन्हें वास्तव में क्या करना है क्योंकि हालात ख़तरनाक होते हुए दिख रहे हैं."

    बीबीसी की सोफ़ी रावर्थ ने पोलैंड के राष्ट्रपति से ये भी पूछा कि क्या वे ये मानते हैं कि राष्ट्रपति पुतिन रासायनिक हथियारों का हमला कर सकते हैं?

    इस सवाल के जवाब में एंड्रज़ेज ड्यूडा ने कहा, "ये कुछ ऐसा है कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद दुनिया ने इस पैमाने पर कोई संघर्ष नहीं देखा था. अगर आप मुझसे ये पूछेंगे कि क्या पुतिन रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल कर सकते हैं तो मुझे लगता है कि पुतिन अभी किसी भी हथियार का इस्तेमाल कर सकते हैं, ख़ासकर जब वे मुश्किल परिस्थिति में हैं. राजनीतिक रूप से वे ये जंग हार चुके हैं और सैनिक रूप से वे ये जंग जीतने नहीं जा रहे हैं."

  20. एक काले भालू की वजह से जब दुनिया तबाही के कगार पर पहुंची थी...

    जानवरों के घुस आने से लेकर एक डॉलर से भी कम क़ीमत वाली कंप्यूटर चिप के ख़राब होने जैसी ग़लतियां, उस लंबी सूची में शामिल हैं जिनके चलते परमाणु युद्ध युद्ध छिड़ने का संकट पैदा हो चुका है.

    यक़ीन करना भले मुश्किल हो लेकिन ऐसा हुआ है जब मामूली ग़लतियों के चलते परमाणु युद्ध छिड़ने का संकट पैदा हो गया है.

    25 अक्टूबर 1962 की आधी रात थी और विस्कॉन्सिन में एक ट्रक रनवे पर विमान रोकने के लिए दौड़ रहा था. एक उड़ान को रोकने के लिए हाथ में बस कुछ ही क्षण थे.

    इसके कुछ ही मिनट पहले, दुलुथ सेक्टर डायरेक्शन सेंटर के एक गार्ड ने सेंटर की बाड़ पर चढ़ने का प्रयास करते हुए एक छायादार आकृति देखकर उस पर गोली चलाई और अलर्ट घोषित कर दिया था. उसे डर था कि यह सोवियत संघ-क्यूबा का संयुक्त मिसाइल हमला हो सकता है.