बिग बॉस से सुर्ख़ियों में आए राखी सांवत और रितेश सिंह अलग होंगे

बिग बॉस कंटेस्टेंट राखी सावंत और उनके पति रितेश सिंह अलग होंगे. टीवी अभिनेत्री राखी सावंत ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस बात की जानकारी दी है.

लाइव कवरेज

  1. कनाडा में नाकाबंदी अब भी जारी, पुलिस ने शुरू की गिरफ़्तारी

    कनाडा विरोध प्रदर्शन

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    कनाडा और अमेरिका के बीच कारोबार के लिहाज से अहम रास्ते पर नाकाबंदी ख़त्म करने की मांग के एक दिन बाद कनाडाई पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारी को गिरफ़्तार किया है.

    ये गिरफ़्तारी संयुक्त राज्य अमेरिका से जुड़ने वाले एक महत्वपूर्ण पुल को बाधित करने पर की गई है.

    कोरोना महामारी से संबंधित प्रतिबंधों का विरोध करने वाले प्रदर्शनकारियों ने लगातार छठे दिन ऐम्बैस्डर ब्रिज पर कब्ज़ा रखा.

    इससे अंतररष्ट्रीय व्यापार प्रभावित हुआ है और यहाँ तक कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भी इस प्रदर्शन को ख़त्म करने की अपील की है.

    हालांकि, इस पुल पर यातायात कब बहाल होगा इसे लेकर कोई संकेत नहीं हैं. शनिवार देर रात विंडसर पुलिस ने एक 27 वर्षीय प्रदर्शनकारी को आपराधिक मामले में गिरफ़्तार किया.

    हालांकि, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को डेट्रॉइट और विंडसर को जोड़ने वाले ऐम्बैस्डर ब्रिज से हटाया लेकिन प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ लगातार यहाँ आती रही, जिससे पुलिस को अभियान रोकना पड़ा. शुक्रवार को कोर्ट ने ब्रिज से घेराबंदी को खत्म करने का आदेश दिया था.

    ऐम्बैस्डर ब्रिज उत्तरी अमेरिका का सबसे व्यस्त लैंड बॉर्डर क्रॉसिंग है. सोमवार से, ट्रकों, कारों और वैन में प्रदर्शनकारियों ने दोनों छोरों पर यातायात अवरुद्ध कर दिया है, जिससे डेट्रॉइट के कार निर्माताओं का काम रुक गया है.

    कनाडा

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    सैकड़ों अन्य प्रदर्शनकारी ओटावा में प्रदर्शन कर रहे हैं. वैक्सीन विरोधी प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका के साथ लगी दो अन्य सीमाओं को भी बंद कर रखा है. शुक्रवार को सीमा पर नाकाबंदी को लेकर कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से बात की थी.

    ट्रूडो ने कहा है कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति से सीमा पर साझी चुनौतियों को लेकर बात की है. ट्रूडो ने कहा है कि व्यापार बहाल करने के लिए प्रभावी क़दम उठाए जाएंगे.

    क़रीब 100 गाड़ियों, जिनमें पिकअप ट्रक, एसयूवी और लॉरी शामिल हैं, को एम्बैस्डर ब्रिज़ और ओंटारियो की सड़क पर पार्क कर दिया गया है. इन गाड़ियों में कनाडा के झंडे लगे हैं. प्रदर्शनकारियों ने बीबीसी से कहा कि शुक्रवार को स्थिति और ख़राब हो गई है. बीबीसी से क्रॉस-बॉर्डर ट्रक ड्राइवर रहे हैंक ने बताया कि वह अपने दोस्तों के साथ प्रदर्शन में शामिल हैं क्योंकि इनके पास कोई काम नहीं बचा है.

    शुक्रवार को कनाडा के लोगों को संबोधित करते हुए ट्रूडो ने कहा था, ''प्रदर्शनकारी नियमों को तोड़ रहे हैं और इसके नतीजे और ख़तरनाक होंगे. अगर आप अपना लाइसेंस रद्द करवाना नहीं चाहते हैं, आपराधिक रिकॉर्ड में अपना नाम नहीं चाहते हैं, अपनी नौकरी को ख़तरे में नहीं डालना चाहते हैं और सीमा पार आवाजाही पर पाबंदी नहीं चाहते हैं तो नाकाबंदी को ख़त्म कर दें. हमने कोविड पाबंदियों के कारण आपकी परेशानी सुनी है लेकिन ये पाबंदियां लोगों की सुरक्षा के लिए है. अब हम किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं.''

  2. अमेरिकी की इंडो-पैसिफिक पर नई रणनीति से भड़का चीनी मीडिया

    राष्ट्रपति शी जिनपिंग

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    अमेरिका की हिंद-प्रशांत (इंडो-पैसिफिक) रणनीति पर आई रिपोर्ट पर अब चीनी मीडिया में प्रतिक्रिया आई है.

    चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी का मुखपत्र माने जाने वाला अंग्रेज़ी दैनिक ग्लोबल टाइम्स ने अपने एक लेख में इस रिपोर्ट को भ्रामक कार्रवाइयों से भरी बाइडन प्रशासन की एक हास्यास्पद कल्पना बताई है.

    ग्लोबल टाइम्स ने विशेषज्ञों के हवाले से लिखा है, ‘‘एक "स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत" के लिए अमेरिकी रणनीति भ्रामक कार्रवाइयों से भरी बाइडन प्रशासन की एक हास्यास्पद कल्पना है.’’

    ‘’यह नीति अपने गठबंधनों के साथ समन्वय पर बहुत अधिक निर्भर है. यह दक्षिण पूर्व एशिया में मज़बूत उपस्थिति बनाने के साथ-साथ चीन का मुक़ाबला करने के लिए सैन्य प्रतिरोध की बात करती है. इसका मक़सद क्षेत्रीय अशांति फैलाने के लिए एशियाई देशों को अपने चीन विरोधी अभियान में शामिल करना है.’’

    राष्ट्रपति जो बाइडन

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    अमेरिका ने क्या कहा था

    अमेरिका ने शुक्रवार को हिंद-प्रशांत रणनीति पर 12 पन्नों की एक रिपोर्ट जारी की थी.

    इस रिपोर्ट में जहाँ भारत और अमेरिका में बढ़ते सहयोग पर ज़ोर दिया गया है वहीं, चीन पर जमकर निशाना साधा गया है.

    इस रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि भारत इस समय अहम भूराजनीतिक चुनौतियों से घिरा हुआ है. ये चुनौती ख़ासतौर पर चीन और वास्तविक नियंत्रण रेखा पर उसके रुख़ से मिल रही है.

    चीन को लेकर रिपोर्ट में कहा गया कि चीन की आक्रामकता दुनिया भर में फैली हुई है, लेकिन यह हिंद-प्रशांत में सबसे तेज़ है.रिपोर्ट मेंचीन पर मानवाधिकारों और अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों के उल्लंघन का आरोप भी लगाया गया.

    इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल रिलेशंस ऑफ चाइना फॉरेन अफेयर्स यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ली हैडोंग ने ग्लोबल टाइम्स से कहा, ‘‘ये रणनीति चीन को घेरने वाली अमेरिकी सरकार की नीति को प्रदर्शित करती है.’’

    ली कहते हैं, ‘‘बार-बार चीन" और "लोकतंत्र" की बात करने की बजाए ये नई रिपोर्ट चालाकी से बढ़चढ़कर ‘‘साझेदारी’’ और ‘‘गठबंधन’’ की बात करती है ताकि अमेरिकी जनता, सहयोगियों और मीडिया से समर्थन मिल सके.

    भारत और चीन

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    भारत को लेकर क्या कहा

    रिपोर्ट में अगले 12 से 24 महीनों में रणनीति को लागू करने के लिए योजनाओं की 10 मुख्य बातें शामिल की गई हैं. साथ ही कहा गया है, ‘‘हमारा उद्देश्य चीन को बदलना नहीं है बल्कि उस रणनीतिक वातावरण को आकार देना है, जिसमें वह काम करता है.’’

    इस पर ली हैडोंग ने कहा, ‘‘हालांकि, यह अवलोकन पिछले ट्रंप प्रशासन की तुलना में व्यावहारिक और विस्तृत लगता है लेकिन, दूसरे देशों से एकजुटता की अपील करने का मतलब है कि एशियाई देशों को चीन से संबंध तोड़ने होंगे. लेकिन, क्या यह संभव है?’’

    चाइनीज़ एकेडमी ऑफ सोशल साइंसेज के एक रिसर्च फेलो लू शियांग इस रिपोर्ट को एशियाई देशों के साथ हाथ मिलाने की कोशिश में "तथाकथित 'हिंद-प्रशांत' मामलों से निपटने के लिए अमेरिका के हास्यास्पद निष्कर्ष" के तौर पर देखते हैं.

    उनका कहना है कि एशियाई देश भी अमेरिका के साथ जुड़ने को लेकर गंभीर नहीं हैं.

    भारत को लेकर लू शियांगने कहा कि अमेरिकी रणनीति में भारत का ज़िक्र एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय शक्ति के रूप में भारत की महत्वाकांक्षा को पूरा करता है, लेकिन एक विकासशील देश के रूप में भारत चीन और अमेरिका के साथ संबंधों को लेकर शांत है.

  3. इमरान ख़ान की सरकार के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव लाएगा विपक्ष

  4. तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने पूछा- क्या यही हिन्दू धर्म है?

    केसीआर

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    असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर एक टिप्पणी के लिए आलोचना हो रही है. हिमंता बिस्वा सरमा ने उत्तराखंड में 11 फ़रवरी को एक रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी.

    असम के मुख्यमंत्री ने कहा था, ''राहुल गांधी ने सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत मांगा था. अरे भाई आप कौन से पिता के बेटा हैं, हमने कभी प्रमाण मांगा है क्या? मेरे सैनिक से सबूत मांगने का क्या अधिकार है. क्या आपका बिपिन रावत पर भरोसा नहीं था? जब सेना ने कह दिया कि सर्जिकल स्ट्राइक किया तो मान लो किया है. मैंने इस बात का कभी सबूत नहीं मांगा कि आप राजीव गांधी के बेटे हैं.''

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    शनिवार को तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने असम के मुख्यमंत्री की आलोचना करते हुए पीएम मोदी से सवाल पूछे थे. केसीआर ने कहा था, ''प्रधानमंत्री मोदी जी, क्या यही बीजेपी का संस्कार है? क्या हमारा यही हिन्दू धर्म है? क्या हमारे देश की यही मर्यादा है? आपका मुख्यमंत्री पूछ रहा है कि किस बाप से पैदा हुए. मेरा सिर शर्म से झुक रहा है. मेरी आँखों में पानी आ रहा है. ये अच्छी बात नहीं है.''

    केसीआर ने कहा, ''यह देश के लिए अच्छी बात नहीं है. एक सांसद के बारे में आपका मुख्यमंत्री क्या यह पूछ सकता है कि किस बाप से पैदा हुए? क्या हमारा यही संस्कार है? क्या महाभारत, रामायण, गीता और वेद से हमें यही सिखाया गया है? हिन्दू धर्म को बेचकर उसके नाम पर वोट कमाने वाले, आप गंदे लोग हो. नड्डा जी क्या हमारा यही संस्कार है? अगर धर्म को मानते हो तो उस मुख्यमंत्री को बर्खास्त करो. क्या देश में ऐसा मुख्यमंत्री हो सकता है? सहनशीलता की भी एक सीमा होती है.''

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    हिमंता बिस्वा सरमा कांग्रेस से ही बीजेपी में 2015 में आए थे. सरमा आए दिन राहुल गांधी की सोशल मीडिया पर आलोचना करते रहते हैं. 2018 में राहुल गांधी को केसीआर ने भी देश का सबसे बड़ा बेवकूफ़ कहा था.

    हिमंता बिस्वा सरमा की टिप्पणी की राष्ट्रीय लोकदल प्रमुख जयंत सिंह ने भी आलोचना की है. जयंत सिंह ने रविवार को ट्वीट कर कहा, ''असम के मुख्यमंत्री ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया है. समय-समय पर भाजपा के नेताओं को दातुन से मुंह तो धो लेना चाहिए!''

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  5. पाकिस्तान: क़ुरान के कथित अपमान में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या

    पाकिस्तान में मॉब लिंचिंग

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    पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में एक शख़्स को भीड़ ने पीट-पीटकर मारा डाला है. ये घटना खानेवाल ज़िले के तुलंबा शहर की है.

    खानेवाल ज़िला पुलिस और अतिरिक्त आईजी दक्षिण पंजाब कार्यालय ने मॉब लिचिंग में एक शख़्स के मारे जाने की पुष्टि की है. हालांकि, उन्होंने आधिकारिक रूप से इसका कोई कारण नहीं बताया.

    स्थानीय लोगों के मुताबिक़ मृतक ने क़ुरान का कथित अपमान किया था.

    सोशल मीडिया पर शनिवार रात को चल रहे वीडियो में एक शख़्स का शव पेड़ से लटका हुआ दिखाई दे रहा था. वहीं, दूसरे वीडियो में ग़ुस्साई भीड़ नीचे पड़े एक आदमी पर पत्थर बरसा रही थी.

    पाकिस्तान में मॉब लिंचिंग

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    घटना स्थल पर पुलिस बल तैनात

    खानेवाल ज़िला पुलिस प्रवक्ता इमरान ने बीबीसी उर्दू से कहा कि मियां चन्नु तहसील में ग़ुस्साई भीड़ ने एक शख़्स को पीट-पीट कर मार दिया.

    घटना के बाद इलाक़े में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया. लोग ग़ुस्से में हैं और स्थिति नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है.

    घटना के चश्मदीद नसीर मियां ने बताया कि उन्होंने शाम को शोर की आवाज़ सुनी और जब वो वहाँ पहुँचे तो देखा कि लोगों की भीड़ एक शख़्स पर ईंट और पत्थर मार रही है. लोग बहुत ग़ुस्से में थे.

    जब उन्होंने घटना की वजह पूछी तो लोगों ने कहा कि उस शख़्स ने क़ुरान का अपमान किया है. उस शख़्स के शव को फिर पेड़ से लटका दिया गया.

    जब पुलिस मौक़े पर पहुँची तो ग़ुस्साई भीड़ ने उन पर भी पत्थर फेंकने शुरू कर दिए. कुछ पुलिसकर्मियों को हल्की चोटें आई हैं और एक पुलिसकर्मी विस्फोट में गंभीर रूप से घायल हुआ है.

  6. यूक्रेन पर हमले की आशंका के बीच कई देशों ने वापस बुलाए अपने नागरिक

    यूक्रेन संकट

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    यूक्रेन पर रूस के हमले की पश्चिमी देशों की चेतावनी के बाद एक दर्जन से ज़्यादा देशों ने अपने नागरिकों से यूक्रेन छोड़ने के लिए कहा है.

    अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी ने अपने नागरिकों से यूक्रेन छोड़ने के लिए कहा है.

    रूस ने यूक्रेन की सीमा पर क़रीब एक लाख सैनिक तैनात किए लेकिन वो हमले के इरादे से इनकार करता है.

    एक फ़ोन कॉल में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने हमले को लेकर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को चेतावनी दी है.

    यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा कि हमले की चेतावनियों से लोगों में घबराहट हो सकती है जो ‘‘हमारे दुश्मन के लिए सबसे अच्छी बात होगी’’.

    व्हाइट हाउस ने चेतावनी दी है कि हमला कभी भी हो सकता है और इसकी शुरुआत हवाई हमलों से हो सकती है. वहीं, रूस ने ऐसे आरोपों को ‘‘उकसाने वाला अनुमान’’ कहा है.

    राष्ट्रपति जो बाइडन

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    यूक्रेन के राजधानी कीव से अमेरिकी दूतावास के ग़ैर-ज़रूरी स्टाफ को यूक्रेन से निकलने का आदेश दिया गया है.

    कनाडा भी अपने दूतावास के स्टाफ़ के यूक्रेन के लविव शहर में भेज रहा है, जो पॉलैंड की सीमा के नज़दीक है. यूक्रेन में ब्रिटेन की राजदूत मेलिंडा सिमन्स ने ट्वीट किया कि वो और एक ‘कोर टीम’ कीव में रुक रही है.

    रूस ख़ुद भी बदलाव कर रहा है. रूस ने ‘’यूक्रेन या किसी दूसरे देश के उकसावों के कोशिशों का’’ हवाला देते हुए कहा है कि वो यूक्रेन में अपने ‘’स्टाफ़ का अधिकतम इस्तेमाल कर रहा है‘’.

    अमेरिका ने यूक्रेन के सैनिकों को प्रशिक्षण देने वाले अपने 150 सैनिकों को भी बुला लिया है. डच मीडिया के मुताबिक एक डच एयरलाइन केएलएम ने यूक्रेन के लिए उड़ानें रोकने की घोषणा की है.

    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदीमीर ज़ेलेंस्की

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    यूक्रेन के राष्ट्रपति ने क्या कहा

    ज़ेलेंस्की ने कहा कि अगर पश्चिमी ताक़तों के पास तुरंत आक्रमण का कोई पुख्ता सबूत है, तो उन्होंने अभी उसे देखा नहीं है.

    उन्होंने कहा, ‘’मुझे लगता है कि युद्ध को लेकर मीडिया में बहुत ज़्यादा सूचनाएं हैं. हम सभी जोखिमों को समझते हैं, हम मानते हैं कि ये जोखिम हमारे सामने हैं. अगर आपके या किसी और के पास रूस के यूक्रेन पर हमले की 100 प्रतिशत पुख्ता जानकारी तो उसे कृपया हमारे साथ साझा करें.’’

    ऑस्ट्रेलिया, इटली, इसराइल, नीदरलैंड और जापान ने भी अपने नागरिकों को यूक्रेन छोड़ने के लिए कह दिया है. कुछ देशों ने अपने राजनयिकों और उनके परिवारों को भी वहाँ से निकाल लिया है.

    वहीं, रूस का कहना है कि पश्चिमी देश यूक्रेन मामले पर युद्धोन्माद पैदा कर रहे हैं. रूस ने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन ने अपने समकक्ष को बताया है कि रूस की सुरक्षा चिंताओं पर ध्यान नहीं दिया गया है. दोनों नेता आगे बातचीत जारी रखेंगे.

    रूस और अमेरिका के नेताओं ने हाल ही में यूक्रेन की स्थिति पर बातचीत की थी.

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    यूक्रेन में निकला मार्च

    इस मामले में राजनयिक समाधान की कोशिशें भी हो रही हैं. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रूस के राष्ट्रपति से फ़ोन पर बात की थी.

    फ्रांसीसी दूतावास के मुताबिक़ इमैनुएल मैक्रों ने कहा था कि सैनिकों की तैनाती के साथ-साथ एक गंभीर बातचीत नहीं हो सकती.

    इस बीच शनिवार को हज़ारों लोगों ने राजधानी में एकता मार्च भी निकाला, जिसमें यूक्रेन के लिए वफ़ादारी और रूसी हमले के विरोध में नारे लगाए गए.

    रूस ने आठ साल पहले यूक्रेन के दक्षिण में स्थित क्राइमिया को अपने साथ मिला लिया था.

    इसके बाद से दोनों देशों के बीच टकराव और तेज़ हो गया है. रूसी सीमा के नज़दीकी यूक्रेन के पूर्वी इलाक़ों में विद्रोह चल रहा है. इसे रूस का समर्थन हासिल है.

    रूस का कहना है वह किसी भी क़ीमत पर यूक्रेन को नेटो में शामिल नहीं होने देगा.

    हालांकि नेटो के सेक्रेट्री जनरल स्टोलटेनबर्ग ने कहा कि नेटो एकजुट है और किसी भी परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार है.

  7. नमस्कार!

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