मोदी ने परिवारवाद तो योगी ने हिंदुत्व को लेकर कांग्रेस पर फिर बोला हमला
विधानसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत बीजेपी के बड़े नेता लगातार रैलियों को संबोधित कर रहे हैं. ऐसी ही रैली के दौरान मोदी और योगी कांग्रेस पर जम कर निशाना साधते नज़र आए.
लाइव कवरेज
चुनाव आयोग की नई गाइडलाइंस- पदयात्रा की इजाज़त, सुबह 6 बजे से रात 10 तक कर सकेंगे कैंपेन
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5 राज्यों में विधानसभा चुनाव चल रहे हैं. कोरोना संक्रमण को देखते हुए कई तरह के प्रतिबंध चुनाव आयोग की तरफ़ से लगाए गए थे. अब आयोग ने उम्मीदवारों और पार्टियों को चुनाव प्रचार के लिए कई तरह की छूट दी है.
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चुनावी कैंपेन पर रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ही प्रतिबंध होगा. पहले ये प्रतिबंध रात 8 से सुबह 8 बजे का था. यानी उम्मीदवार और पार्टियां सुबह 6 से रात 10 बजे तक प्रचार कर सकती हैं.
साथ ही पार्टियां और उम्मीदवारों को पदयात्रा की अनुमति दी गई है. हालांकि, ये भी कहा गया है कि राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) की तरफ़ से जो लिमिट तय की जाए उतनी ही संख्या में लोगों के साथ पदयात्रा की जा सकेगी और ज़िला प्रशासन की अनुमति लेनी होगी.
पार्टियां या उम्मीदवार रैली और जनसभा कर सकेंगे. खुली जगहों पर क्षमता का 50 फ़ीसदी ही इस्तेमाल किया जा सकेगा या राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) के द्वारा तय की गई क्षमता का पालन राजनीतिक दलों को करना होगा.
मोदी ने परिवारवाद तो योगी ने हिंदुत्व को लेकर कांग्रेस पर फिर बोला हमला
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विधानसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत बीजेपी के बड़े नेता लगातार रैलियों को संबोधित कर रहे हैं. ऐसी ही एक रैली को प्रधानमंत्री मोदी ने कन्नौज में संबोधित किया.
इस दौरान मोदी विपक्ष पर जमकर निशाना साधते नज़र आए. परिवारवाद के मुद्दे पर उन्होंने कांग्रेस समेत विपक्ष को घेरा.
वहीं उत्तराखंड के कोटद्वार में एक रैली को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ सीधा राहुल गांधी और कांग्रेस पर ''हिंदुत्व'' को लेकर निशाना साधते दिखे.
कन्नौज की रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि घोर परिवारवादी पार्टियों ने लोकतंत्र की भावना को बदल दिया है.
उन्होंने कहा, ''लोकतंत्र की व्याख्या करते हुए पूरी दुनिया में कहा जाता है कि जनता का, जनता के लिए और जनता द्वारा शासन. हमारे देश की घोर परिवारवादी पार्टियों ने लोकतंत्र की भावना को ही बदल दिया है. उनका मंत्र है परिवार का, परिवार के लिए और परिवार द्वारा शासन.''
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प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले चरण के मतदान के बाद ''परिवारवादी'' पार्टियों की नींद उड़ गई है.
उन्होंने कहा, ''पहले चरण के मतदान से एक बात साबित है कि परिवारवादियों को सपने दिखना बंद हो गए हैं. उनकी नींद उड़ गई है. वह लोग जातिवाद, संप्रदायवाद फैलाकर वोटों को बांटना चाह रहे थे लेकिन उत्तर प्रदेश के लोग माफियावादियों, दंगावादियों के ख़िलाफ़ एक जुट होकर वोट कर रहे हैं.''
प्रधानमंत्री मोदी ने बिना नाम लिए समाजवादी पार्टी पर कन्नौज के इत्र कारोबार को बदनाम करने का आरोप लगाया. साथ ही कहा कि बीजेपी कन्नौज के इत्र को ग्लोबल ब्रांड बनाने में जुटी हुई है.
उन्होंने कहा, ''घोर परिवारवादियों की कुनीति का एक गवाह कन्नौज का इत्र उद्योग भी है. इन्होंने अपने भ्रष्टाचार से, अपने काले कारनामों से यहां के इत्र कारोबार को बदनाम किया. इन्होंने इत्र को करप्शन से जोड़ा.''
उत्तराखंड की पहचान के सामने संकट खड़ा करेगी कांग्रेस- योगी आदित्यनाथ
उत्तराखंड के कोटद्वार में जनसभा को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहुल गांधी पर सवाल खड़ा किया है. योगी आदित्यनाथ ने इस दौरान ये भी कहा कि राहुल गांधी के परनाना ख़ुद को ''एक्सीडेंटल हिंदू'' कहते थे.
उन्होंने कहा, ''जिसकी स्वयं की पहचान संदिग्ध है, वो व्यक्ति हिंदू की परिभाषा करने लगा है. उनको बताया जाना चाहिए कि उनके तो परनाना अपने को ''एक्सीडेंटल हिंदू'' कहते हैं. जिसके पूर्वजों को ही अपने हिंदू होने पर गर्व की अनुभूति न हो वो व्यक्ति हिंदू की परिभाषा हमें बताए ये स्वाभाविक नहीं लगता है. उत्तराखंड की पहचान के सामने ये वही संकट खड़ा करेंगे जो इन्होंने स्वयं के सामने खड़ी की है.''
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योगी आदित्यनाथ का आरोप है कि जब राहुल गांधी केरल से सांसद बने तो उन्होंने यूपी को नीचा दिखाया और जब वो विदेश जाते हैं तो देश पर सवाल खड़े करते हैं.
यूपी : दूसरे चरण की वोटिंग के लिए प्रचार ख़त्म, 14 फ़रवरी को आजम ख़ान, धर्म सिंह सैनी समेत कई उम्मीदवारों के किस्मत का फ़ैसला
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यूपी में दूसरे चरण के मतदान के लिए प्रचार अभियान शनिवार शाम को खत्म हो गया. दूसरे चरण में 14 फरवरी को 55 विधानसभा सीटों के लिए वोटिंग होंगी. इन सीटों पर कुल 586 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं.
दूसरे चरण में नौ जिलों की विधानसभा सीटों पर मतदान होगा. इनमें सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद,संभल, रामपुर, अमरोहा, बदायूं, बरेली और शाहंजहापुर शामिल हैं. जिन नौ जिलों में चुनाव हो रहे हैं, उनमें मुस्लिम मतदाताओं की अच्छी-खासी तादाद है. कई सीटों पर मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं. कई इलाके ऐसे हैं जहां इस्लाम के बरेलवी और देवबंदी स्कूल का असर है. इन सीटों को समाजवादी पार्टी का गढ़ माना जाता है.
इन सीटों पर पर जो प्रमुख उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं उनमें समाजवादी पार्टी के आजम खान, आदित्यनाथ सरकार में मंत्री पद छोड़ कर समाजवादी पार्टी में शामिल हुए धरम सिंह सैनी और राज्य के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना शामिल हैं.
आजम खान अपनी पारंपरिक सीट रामपुर से चुनाव लड़ रहे हैं.
सुरेश खन्ना शाहजहांपुर से बीजेपी के उम्मीदवार हैं. सैनी नकुड़ सीट से लड़ेंगे. आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम स्वार सीट से एसपी के उम्मीदवार हैं. उनके खिलाफ रामपुर के नवाब खानदान के हैदर अली चुनाव लड़ रहे हैं. वह बीजेपी की सहयोगी दल अपना दल (सोनेलाल) के उम्मीदवार हैं.
Live: बीबीसी इंडिया बोल- यूपी चुनाव में हिजाब कितना बड़ा मुद्दा बन सकता है?
हिजाब विवाद पर सुनवाई कर रही कर्नाटक हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने मामले को बड़ी बेंच के पास भेज दिया है. वहीं इस मामले पर राजनेता भी काफी सक्रिय हैं और अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. इस दौरान देश के पांच राज्यों में चुनाव भी है, कितना असर होगा इस विवाद का.
आज इंडिया बोल में चर्चा इसी विषय पर मोहनलाल शर्मा के साथ.
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रूस हमला करता है तो यूक्रेन से अपने नागरिकों को बाहर नहीं निकाल सकेगा ब्रिटेन- मंत्री
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ब्रिटेन के आर्म्ड फोर्सेज मिनिस्टर जेम्स हिपी का कहना है कि अगर रूस यूक्रेन पर हमला करता है तो ब्रिटेन के नागरिकों को यूक्रेन से बाहर नहीं निकाला जा सकेगा.
बीबीसी से बातचीत में उन्होंने बताया कि रॉयल एयर फ़ोर्स उस वक्त अंदर घुसने की स्थिति में नहीं होगी. हिपी का कहा है कि यूक्रेन में रह रहे ब्रिटिश नागरिकों को अभी ही देश छोड़ देना चाहिए.
मिनिस्टर का कहना है कि यूक्रेन को छोड़ देने की सलाह इसलिए दी गई थी क्योंकि रूस ऐसी स्थिति में था कि वो बिना किसी नोटिस के ही यूक्रेन पर हमला कर सकता है.
बता दें कि रूस के क़रीब 1 लाख सैनिक सीमाओं पर तैनात हैं लेकिन रूस बार-बार यूक्रेन पर हमले की किसी भी तरह की योजना से इनकार करता आया है.
ब्रिटेन के विदेश कार्यालय ने शुक्रवार को यूक्रेन में रह रहे ब्रिटिश नागरिकों के लिए चेतावनी जारी की थी.
ऐसा कहा गया था कि यूक्रेन में रह रहे ब्रिटिश नागरिक 48 घंटों के भीतर देश छोड़ दें.
कई दूसरे देशों ने भी इसी तरह की एडवाइज़री जारी की है.
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अमेरिका ने भी हाल ही में कहा है कि रूस किसी भी दिन यूक्रेन पर हमला कर सकता है ऐसे में अमेरिकी नागरिकों को यूक्रेन छोड़ देना चाहिए. हालांकि, अमेरिका का कहना है कि उसे नहीं पता कि व्लादिमीर पुतिन ने अंतिम फ़ैसला ले लिया है या नहीं.
शुक्रवार को कई वर्ल्ड लीडर्स से बातचीत के बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा कि उन्हें यूरोप की सुरक्षा को लेकर चिंता है. उन्होंने सहयोगी देशों को रूस के लिए आर्थिक प्रतिबंध तैयार रखने की अपील की है.
बीबीसी ब्रेकफास्ट से बात करते हुए, जेम्स हिपी ने कहा, "अब हम भरोसे के साथ कह सकते हैं कि आर्टिलरी सिस्टम, मिसाइल सिस्टम और हथियार रूस की तरफ़ से तैनात किए जा चुके हैं, जिससे बिना किसी नोटिस के यूक्रेन पर रूस पर हमला कर सकता है."
उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान में लोगों के रेस्क्यू का ज़िक्र करते हुए कहा कि उस वक़्त जो कुछ दुनिया ने देखा था, अगले हफ़्ते या कुछ दिनों बाद उससे अलग कुछ हो सकता है.
उन्होंने कहा, "रॉयल एयर फोर्स अंदर जाने और लोगों को बाहर निकालने की स्थिति में नहीं होगी, इसलिए उन्हें इस वक़्त ही कमर्शियल साधनों से या दूसरे तरीक़ों से यूक्रेन से बाहर जाने की ज़रूरत है."
उन्होंने ये भी कहा कि यूक्रेन में प्रशिक्षण में मदद करने वाले ब्रिटिश सैनिक भी वीकेंड में देश छोड़ देंगे.
यूपी चुनाव: 9 प्रत्याशियों वाली बीजेपी की नई लिस्ट में ओम प्रकाश राजभर के ख़िलाफ़ कालीचरण को टिकट
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भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए 9 उम्मीदवारों की नई लिस्ट जारी की है. लिस्ट में गाज़ीपुर की जहूराबाद सीट से कालीचरण राजभर को उम्मीदवार बनाया गया है.
कालीचरण, बीएसपी को छोड़कर बीजेपी में पिछले साल ही शामिल हुए हैं.
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इस सीट से पिछले दो चुनाव हार चुके हैं कालीचरण
इसी सीट से सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर चुनाव लड़ रहे हैं. बता दें कि सुभासपा और समाजवादी पार्टी गठबंधन में चुनाव लड़ रही हैं.
2017 विधानसभा चुनाव में सुभासपा के ओम प्रकाश राजभर ने तब के बसपा प्रत्याशी कालीचरण को हराया था तो 2012 में सपा की सैयदा शादाब फातिमा ने बसपा के कालीचरण को मात दी थी.
बीजेपी ने जहूराबाद के अलावा मुबारकपुर से अरविंद जायसवाल, मुहम्मदाबाद-गोहना से पूनम सरोज, मऊ से अशोक सिंह, मछलीशहर से मिहिलाल गौतम, मुगलसराय से रमेश जायसवाल, चकिया से कैलाश खरवार, घोरावल से अनिल मौर्य, ओबरा से संजीव गोण्ड को उम्मीदवार बनाया है.
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दिग्गज उद्योगपति और बजाज समूह के पूर्व चेयरमैन राहुल बजाज का 83 साल की उम्र में निधन
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दिग्गज उद्योगपति और बजाज समूह के पूर्व चेयरमैन राहुल बजाज का 83 साल की उम्र में निधन हो गया. न्यूज़ एजेंसी पीटीआई ने कंपनी के अधिकारियों के हवाले से इसकी पुष्टि की है.
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चेतक, प्रिया, कावासाकी देने के साथ मौजूदा बजाज का जो स्वरूप दिख रहा है, उसे स्थापित करने में राहुल बजाज ने अहम भूमिका निभाई है.
राहुल बजाज के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताते हुए लिखा है कि उनका योगदान कॉमर्स और इंडस्ट्री के लिए याद रखा जाएगा ही साथ ही वो कम्युनिटी सर्विस के लिए भी याद रखे जाएंगे.
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जून 1938 में जन्मे राहुल बजाज भारत के उन चुनिंदा औद्योगिक घरानों में से एक परिवार से वास्ता रखते थे जिनकी भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू से काफ़ी घनिष्ठता रही है.
दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफ़न कॉलेज से इकनॉमिक ऑनर्स करने के बाद राहुल बजाज ने क़रीब तीन साल तक बजाज इलेक्ट्रिकल्स कंपनी में ट्रेनिंग की. इसी दौरान उन्होंने बॉम्बे यूनिवर्सिटी से वक़ालत की पढ़ाई भी की.
राहुल बजाज ने 60 के दशक में अमरीका के हार्वर्ड बिज़नेस स्कूल से एमबीए की डिग्री ली थी. पढ़ाई पूरी करने के बाद वर्ष 1968 में 30 वर्ष की उम्र में जब राहुल बजाज ने 'बजाज ऑटो लिमिटेड' के सीईओ का पद संभाला तो कहा गया कि ये मुक़ाम हासिल करने वाले वो सबसे युवा भारतीय थे.
राहुल बजाज को देश के तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान 'पद्म भूषण' से सम्मानित किया जा चुका है. राहुल बजाज एक बार राज्यसभा के सांसद भी रह चुके हैं. वो भारतीय उद्योग परिसंघ यानी सीआईआई के अध्यक्ष रहे हैं, सोसायटी ऑफ़ इंडियन ऑटोमोबिल मैन्युफ़ैक्चरर्स (सियाम) के अध्यक्ष रहे हैं, इंडियन एयरलाइंस के चेयरमैन भी रहे हैं.
हाल फिलहाल के दौर में राहुल बजाज अपने बेबाक बयानों की वजह से भी सुर्खियों में रहे हैं.
अलग-अलग क्षेत्रों की हस्तियां जता रही हैं दुख
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने राहुल बजाज के योगदान का जिक्र करते हुए उनके निधन पर शोक जाता है. उन्होंने ट्विटर पर लिखा है, ''यशस्वी उद्योजक, समाजसेवी और बजाज के पूर्व चेयरमैन राहुल बजाज जी को मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि.पद्म भूषण से सम्मानित राहुल जी से मेरे अनेक वर्षों से व्यक्तिगत संबंध रहे हैं.विगत पॉंच दशकों से बजाज ग्रुप का नेतृत्व करने वाले राहुल जी का उद्योग जगत में महत्वपूर्ण योगदान रहा है. ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे और परिजनों को संबल दे. ॐ शांति.''
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अलग-अलग पार्टियों के नेता राहुल बजाज के निधन पर शोक जता रहे हैं.
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हरीश रावत की तस्वीर से छेड़छाड़ के मामले में बीजेपी को चुनाव आयोग की चेतावनी
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चुनाव आयोग ने तस्वीर से छेड़छाड़ के मामले में बीजेपी को शुक्रवार को चेतावनी दी है. आयोग ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उकसाने की कोशिश के ख़िलाफ़ बीजेपी को और सावधान रहने की हिदायत दी है.
दरअसल, कांग्रेस नेता हरीश रावत की तस्वीर से छेड़छाड़ करके अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के संस्थापक सर सैयद अहमद ख़ान के चेहरे से बदल दी गई थी और इसे सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया था.
पूरा मामला क्या है?
कांग्रेस के बाग़ी नेता अकील अहमद ने दावा किया था कि हरीश रावत ने सहसपुर में एक मुस्लिम विश्वविद्यालय बनाने के लिए कहा था. ये इलाक़ा एक बड़ी अल्पसंख्यक आबादी वाला शहर है. अकील अहमद अब कांग्रेस में लौट आए हैं.
इस दावे के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर शिक्षा जैसे क्षेत्र में मुसलमानों के ‘तुष्टिकरण’ का आरोप लगाया था.
बीजेपी के उत्तराखंड प्रभारी तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने एक मीम पोस्ट किया था जिसमें हरीश रावत की तस्वीर को सर सैयद अहमद ख़ान जैसी बनाने के लिए छेड़छाड़ की गई थी. साथ ही हरीश रावत को ‘हरीशुद्दीन’ लिखा गया था.
कांग्रेस ने अकील अहमद के दावे को ख़ारिज़ किया और इस तस्वीर को लेकर चुनाव आयोग में शिकायत की थी. इसमें पाया गया है कि बीजेपी ने आचार संहिता के पहले दो प्रावधानों का उल्लंघन किया है.
चुनाव आयोग ने प्रदेश बीजेपी को भविष्य में और सावधान रहने की चेतावनी दी है और आचार संहिता के सभी प्रावधानों का पालन करने की सलाह दी है.
अमेरिका ने अपनी इंडो पैसिफिक रिपोर्ट में भारत को लेकर कही कई बातें
चीन के सवाल पर ऑस्ट्रेलिया में बोले विदेश मंत्री जयशंकर
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ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर गए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर विवाद इसलिए बढ़ा क्योंकि चीन ने दोनों देशों के बीच हुए लिखित समझौतों की अवहेलना की.
अपनी ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष मैराइज़ पेन के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान एस. जयशंकर से जब पूर्वी लद्दाख में भारतीय और चीनी सेना के बीच विवाद को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, "चीन की ओर से 2020 में सीमा पर भारी सुरक्षा बलों की तैनाती न करने को लेकर हुए लिखित समझौतों की अवहेलना के कारण ये स्थिति पैदा हुई. जब एक बड़ा देश लिखित प्रतिबद्धताओं की अवहेलना करता है, तो ये पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए चिंता का विषय है."
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, जब विदेश मंत्री से ये सवाल किया गया कि क्या ऑस्ट्रेलियाई दौर पर क्वॉड देशों के नेताओं के संग बैठक में भारत और चीन के बीच सीमा विवाद के मुद्दे पर चर्चा की गई तो उन्होंने हाँ में जवाब दिया.
उन्होंने कहा, "हाँ, हमने (क्वॉड) भारत और चीन के संबंधों पर बात की क्योंकि हम एक-दूसरे को अपने पड़ोस में हो रही गतिविधियों की जानकारी देते हैं और ये उसी का हिस्सा है. ये ऐसा मसला है जिसमें कई देशों की रुचि है, ख़ासतौर पर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आने वाले देश."
पैंगोंग झील में जून 2020 में भारत और चीन की सेना के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के बीच पूर्वी लद्दाख सीमा पर गतिरोध शुरू हो गया था. इसके बाद ही दोनों देशों ने इस इलाके में धीरे-धीरे दसियों हज़ार सैनिकों के साथ ही भारी हथियार भी तैनात कर दिए हैं.
उत्तराखंड में शपथ लेते ही यूनिफॉर्म सिविल कोड पर काम शुरू: पुष्कर सिंह धामी
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इमेज कैप्शन, चुनाव प्रचार करते हुए पुष्कर सिंह धामी.
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि उत्तराखंड में बीजेपी की सरकार शपथ ग्रहण के तुरंत बाद प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड पर एक कमिटी बनाएगी.
समाचार एजेंसी एनएनआई से धामी ने कहा कि यह कमिटी उत्तराखंड में यूनिफॉर्म सिविल कोड का ड्राफ्ट तैयार करेगी.
पुष्कर सिंह धामी के बयान की वीडियो एएनआई ने ट्विटर पर पोस्ट किया है.
इसमें मुख्यमंत्री कह रहे हैं, ''इस यूनिफॉर्म सिविल कोड का दायरा विवाह, तलाक़, ज़मीन, संपत्ति और उत्तराधिकार के मसले पर सभी नागरिकों के लिए समान क़ानून होगा, चाहे वे किसी भी धर्म के हों. ये यूनिफॉर्म सिविल कोड संविधान निर्माताओं के सपनों को पूरा करने में अहम क़दम साबित होगा.''
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने कहा, 'ये भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 की दिशा में भी एक प्रभावी कदम होगा, जो देश के सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता की परिकल्पना प्रस्तुत करता है. सर्वोच्च न्यायालय ने भी समय-समय पर न सिर्फ़ इसे लागू करने पर ज़ोर दिया बल्कि कई बार इस दिशा में क़दम न उठाने पर भी नाराज़गी व्यक्त की है.'
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सीएम धामी ने ख़ुद भी इस बारे में ट्वीट किया. उन्होंने लिखा, "अब समाज में धर्म, जाति और समुदाय की पारंपरिक रूढ़ियां टूट रही हैं, इसलिए समय आ गया है कि देवभूमि में सभी नागरिकों के हितों को सम्मान देते हुए, सर्वस्पर्शी विकास की अवधारणा को सुनिश्चित करते हुए, यूनिफॉर्म सिविल कोड (समान नागरिक संहिता) की तरफ कदम बढ़ाया जाए।"
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पुष्कर सिंह धामी की इस घोषणा के बाद बीजेपी युवा मोर्चा के राष्ट्र अध्यक्ष और बेंगलुरु दक्षिण से सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा है कि उत्तराखंड में लंबे समय से यूनिफॉर्म सिविल कोड की ज़रूरत महसूस की जा रही है.
तेजस्वी सूर्या ने ट्वीट किया, "उत्तराखंड की विविधता और अनूठी संस्कृति की रक्षा के लिए समान नागरिक संहिता की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जाती रही है. उत्तराखंडी पहचान की रक्षा के लिए प्रतिबद्धता दिखाने के लिए पुष्कर सिंह धामी जी का धन्यवाद."
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भारतीय जनता युवा मोर्चा ने इस ऐलान के बाद एक वीडियो भी शेयर किया है जिसमें बीजेपी नेता और युवा मोर्चा के अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या भीड़ और ढोल-नगाड़ों के बीच "यूनिफॉर्म सिविल कोड की करो तैयारी, आ रहे हैं भगवाधारी" जैसे नारे लगाते दिख रहे हैं.
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रूसी हमले की आशंका के बीच यूक्रेन में दूतावास ख़ाली करने की तैयारी में अमेरिका
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पश्चिमी ख़ुफिया अधिकारियों की ओर से कहा गया है कि यूक्रेन पर रूस के हमले की आशंका तेज़ होती जा रही है. इस बीच अमेरिका यूक्रेन की राजधानी कीव में अपने दूतावास को ख़ाली करने की तैयारी में है.
समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि उनका विदेश मंत्रालय रूसी हमले की बढ़ती आशंका के बीच शनिवार को कीव स्थित अपने दूतावास से सभी अधिकारियों को बुलाने की ऐलान कर सकता है.
इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्रालय कीव स्थित दूतावास के कर्मचारियों के परिवारों को यूक्रेन छोड़ने के लिए कह चुका है. हालांकि, अमेरिका ने अपने ग़ैर-ज़रूरी कर्मियों से कहा था कि वे यूक्रेन में रहने या न रहने का फ़ैसला अपनी मर्ज़ी से कर सकते हैं.
पहचान ज़ाहिर न करने की शर्त पर अधिकारियों ने बताया कि एक सीमित संख्या में अमेरिकी राजदूतों को यूक्रेन के सुदूर पश्चिमी इलाक़े में रहने के लिए भेजा जा सकता है. ये इलाक़ा पोलैंड से सटा हुआ है, जो कि नेटो का सदस्य है. अमेरिका ऐसा इसलिए कर सकता है ताकि यूक्रेन में उसकी कूटनीतिक उपस्थिति बनी रहे.
इस बीच अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को घोषणा कर दी है कि वो अपने 3000 अतिरिक्त सैनिकों को पोलैंड भेज रहा है. रूसी हमले का सामना करने के लिए पोलैंड में पहले ही 1700 अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं.
भारत ने हिजाब विवाद पर दूसरे देशों की टिप्पणी को आड़े हाथों लिया
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कर्नाटक के शिक्षण संस्थानों में हिजाब पर रोक को लेकर कुछ देशों की ओर से की जा रही आलोचना का भारत ने जवाब दिया है.
भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि हमारे आंतरिक मामलों में किसी ख़ास मक़सद से प्रेरित बयानबाज़ी का स्वागत नहीं किया जाएगा. पाकिस्तान ने भारत में हिजाब विवाद पर मोदी सरकार की आलोचना की थी और कहा था कि भारत में अल्पसंख्यकों को हाशिए पर डाला जा रहा है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची की ओर से जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, "कर्नाटक राज्य के कुछ शैक्षणिक संस्थानों में ड्रेस कोड से संबंधित मामला कर्नाटक हाई कोर्ट के अधीन है. किसी भी मसले के समाधान के लिए हमारे संवैधानिक ढांचे के अनुरूप विचार होता है और हल निकाला जाता है."
बयान में कहा गया है, "जो लोग भारत को अच्छी तरह से जानते हैं, उन्हें इन वास्तविकताओं की सही समझ होगी. हमारे घरेलू मसलों पर किसी मक़सद से प्रेरित बयानबाज़ी का स्वागत नहीं किया जाएगा."
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इससे पहले शुक्रवार को विदेशों में धार्मिक स्वतंत्रता की निगरानी करने वाली अमेरिकी सरकार की एक संस्था ने मुस्लिम छात्राओं के हिजाब पहनने की मांग को लेकर उठे विवाद के बीच कर्नाटक की आलोचना की थी.
इंटरनेशनल रिलिजियस फ्रीडम (आईआरएफ) के राजदूत रशद हुसैन कर्नाटक में छिड़े विवाद को लेकर ट्वीट किया, "स्कूलों में हिजाब पर रोक धार्मिक आज़ादी का उल्लंघन करती है."
उन्होंने लिखा था, "धार्मिक आज़ादी में किसो अपनी धार्मिक पोशाक चुनने की स्वतंत्रता मिलना भी शामिल है. भारत के कर्नाटक राज्य को धार्मिक पोशाकें तय नहीं करनी चाहिए. स्कूलों में हिजाब प्रतिबंध धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन करता है. ये महिलाओं और लड़कियों को कलंकित करता है और साथ उन्हें हाशिए पर डालता है."
भारत के मुसलमानों और मोदी सरकार पर बोले जाने-माने चिंतक नॉम चोम्स्की
IPL-2022 के लिए आज से खिलाड़ियों की नीलामी, जानिए ख़ास बातें
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आज से इंडियन प्रीमियर लीग़ यानी आईपीएल के 15वें सीज़न के लिए खिलाड़ियों की नीलामी शुरू हो रही है. बेंगलुरु में ये नीलामी प्रक्रिया 12 और 13 फ़रवरी को चलेगी. हर बार की तरह इस बार भी दुनिया भर के क्रिकेटरों पर करोड़ों रुपये की बोली लगेगी.
इस बार नीलामी में 590 खिलाड़ियों को शामिल किया गया है. बीसीसीआई के पास दुनियाभर से कुल एक हज़ार 214 खिलाड़ियों के आवेदन आए थे.
इन 590 ख़िलाड़ियों में से 370 भारतीय हैं और बाकी 220 विदेशी.
इस सीज़न की नीलामी में अफ़ग़ानिस्तान के 17, ऑस्ट्रेलिया के 47, बांग्लादेश के पांच, इंग्लैंड के 24, आयरलैंड के पांच, न्यूज़ीलैंड के 24, साउथ अफ़्रीका के 33, श्रीलंका के 23, वेस्ट इंडीज़ के 34, जिंबॉब्वे के एक, नेपाल के एक, अमेरिका के एक, नामीबिया के तीन और स्कॉटलैंड के एक खिलाड़ी शामिल होंगे.
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लखनऊ और अहमदाबाद की टीमें पहली बार इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगी. अब आईपीएल में शामिल होने वाली टीमों की संख्या आठ से बढ़ाकर 10 कर दी गई है.
इस बार जिन ख़िलाड़ियों पर सबकी नज़र रहने वाली है उनमें ऑस्ट्रेलियाई तूफ़ानी बल्लेबाज़ डेविड वॉर्नर सबसे ऊपर हैं.
छठे सीज़न में वॉर्नर से सनराइज़र्स हैदराबाद की कप्तानी छीन ली गई थी. इस बार कई टीमें उन्हें अपने पाले में लेने की कोशिश कर सकती है.
श्रेयस अय्यर से भी दिल्ली कैपिटल्स की कप्तानी लेकर ऋषभ पंत को दी गई. अय्यर को भी दूसरी टीमें अपने खेमे में शामिल करने पर विचार कर सकती हैं.
तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर फिर पीएम मोदी पर भड़के
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तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने कहा है कि अगर केंद्र की एनडीए सरकार राज्य के विकास में सहयोग करने में विफल रही तो वे पीएम मोदी को सत्ता से बेदख़ल करने के लिए राष्ट्रीय राजनीति में आने को तैयार हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, जनगांव ज़िले के यशवंतपुर में एक जनसभा के दौरान केसीआर ने कहा, "आप हमें राष्ट्रीय परियोजनाएं नहीं दे रहे, आप हमें मेडिकल कॉलेज नहीं दे रहे. अगर आप हमें सहयोग नहीं देंगे तो कोई बात नहीं. हम आपको सत्ता से बेदख़ल करवाएंगे और एक ऐसी सरकार को लाएंगे तो हमारी मदद करेगी."
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इस दौरान सीएम राव ने स्पष्ट रूप से कहा कि राज्य सरकार एनडीए सरकार द्वारा लाए गए बिजली सुधारों को तेलंगाना में लागू नहीं करेगी.
केसीआर बोले, "अगर राष्ट्रीय राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाने की ज़रूरत पड़ी, हमें अपने देश के लिए लड़ना ही चाहिए...अगर आप लोग मुझे आशीर्वाद दें तो मैं "दिल्ली का क़िला" ढहाने को तैयार हूं. सतर्क रहिए नरेंद्र मोदी. कोई भी आपकी धमकियों से नहीं डरता."
किसानों की आय दोगुना करने वाले पीएम मोदी के नारे का मज़ाक उड़ाते हुए सीएम केसीआर ने कहा कि पेट्रोल-डीज़ल और ख़ाद की बढ़ती कीमतों की वजह से किसानों का ख़र्चा दोगुना हो गया है.
केसीआर ने कहा कि उन्हें मीडिया के ज़रिए इसकी जानकारी मिली कि कुछ बीजेपी कार्यकर्ताओं ने जनगांव में टीआरएस के काडर पर हमला किया.
सीआर ने भाजपा को चेतावनी भरे अंदाज़ में कहा कि अगर कोई उनकी पार्टी के सदस्य को छुएगा तो उसे बर्बाद कर दिया जाएगा.
उन्होंने आरोप लगाया कि बैंक का पैसा न चुकाने वाले कुछ लोगों को सुरक्षित लंदन भेज दिया गया.
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इससे पहले पाँच फ़रवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तेलंगाना के
शमशाबाद पहुँचने पर मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव आगवानी में नहीं गए थे.
पीएम मोदी तेलंगाना में इंटरनेशनल कोर रिसर्च इंस्टीट्यूट फोर द
सेमी-अरिड टॉपिक्स (ICRISAT) के स्वर्ण जयंती समारोह के उद्घाटन में
पहुँचे थे. इसके बाद उन्होंने रामानुजाचार्य की मूर्ति का अनावरण भी किया था.
उन्होंने अपनी जगह पशुपालन, मतस्य पालन, डेयरी विकास
राज्य मंत्री तलसानी श्रीनिवास यादव को भेजा था. उनके अलावा तेलंगाना की राज्यपाल
तमिलिसै सौंदरराजन, मुख्य सचिव सोमेश कुमार और डीजीपी एम महेंद्र रेड्डी हवाई अड्डे गए
थे.
तेलंगाना बीजेपी ने मुख्यमंत्री की हवाई अड्डे पर अनुपस्थिति के लिए
प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था. तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष ने मीडिया
में आरोप लगाया कि केसीआर ने प्रधानमंत्री का अपमान किया है, जो
पूरे देश का अपमान है.
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पाकिस्तान में 49 साल के सांसद की 18 साल की लड़की से शादी पर बहस
कोरोना संक्रमण का घटना जारी, 50,407 नए केस आए
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भारत में पिछले 24 घंटे के अंदर कोरोना के 50 हज़ार 407 नए मामले आए हैं. देश में कोरोना के नए केस लगातार घट रहे हैं लेकिन अब मौत के आंकड़े डरा भी रहे हैं.
स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, बीते एक दिन में कोरोना के 804 मरीज़ों ने दम तोड़ा है.
वहीं, देश में अब कोरोना के इलाजरत मरीज़ों की संख्या घटकर 6 लाख 10 हज़ार 433 हो गई है. ये अब तक दर्ज कुल मामलों का 1.43 प्रतिशत है.
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'चीनी सैनिकों ने भारतीय इलाक़े में घुस चरवाहों को रोका था'
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लद्दाख के एक निर्दलीय पार्षद कोंचोक स्टैनज़िन ने दावा किया है कि पिछले महीने 28 जनवरी को चीनी सेना पूर्वी लद्दाख के चुशुल में घुसी और वहाँ भारतीयों के पशुओं के झुंड को चारा खाने से रोक दिया.
न्योमा ब्लॉक डिवेलपमेंट काउंसिल के बीजेपी अध्यक्ष उरगेन चोडोन ने भी एक ट्वीट में ऐसा ही दावा किया है.
चुशुल पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे पर चीनी नियंत्रण वाले इलाक़े के पास है.
स्टैंज़िन ने ट्वीट किया, "28 जनवरी को पीएलए सैनिक हमारे क्षेत्र में घुसे और हमारे पशुओं को चरने नहीं दिया था."
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स्टैंज़िन ने एक वीडियो भी शेयर किया जिसे असल में उरगेन ने ट्वीट किया था. इस वीडियो में पाँच लोगों को पशुओं के एक झुंड के पीछे भागते देखा जा सकता है. हालांकि, ये नहीं पता लग रहा कि आख़िर ये कौन लोग हैं.
अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्स्प्रेस ने भारतीय सेना भारतीय सेना के सूत्र के हवाले से लिखा है कि ये वीडियो पुराना है. सूत्र के मुताबिक, वीडियो में बर्फ़ नहीं दिख रही, जिसका अर्थ है कि ये गर्मी के समय का है.
उरगेन ने ट्वीट किया है, "28 जनवरी को पीएलए सेना हमारे क्षेत्र में घुसी और हमारे ही पशुओं को चरने नहीं दिया. भारतीय सेना ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की. बल्कि हमारा ही चरवाहा जो अपनी भेड़ लेने एलएसी तक गया, उसे पकड़कर पुलिस को सौंप दिया."
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