मोदी ने परिवारवाद तो योगी ने हिंदुत्व को लेकर कांग्रेस पर फिर बोला हमला
विधानसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत बीजेपी के बड़े नेता लगातार रैलियों को संबोधित कर रहे हैं. ऐसी ही रैली के दौरान मोदी और योगी कांग्रेस पर जम कर निशाना साधते नज़र आए.
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भारत में हिजाब विवाद पर अमेरिका से आई प्रतिक्रिया

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विदेशों में धार्मिक स्वतंत्रता की निगरानी करने वाली अमेरिकी सरकार की एक संस्था ने मुस्लिम छात्राओं के हिजाब पहनने की मांग को लेकर उठे विवाद के बीच कर्नाटक सरकार की आलोचना की है.
इंटरनेशनल रिलिजियस फ्रीडम (आईआरएफ) के राजदूत रशद हुसैन कर्नाटक में छिड़े विवाद को लेकर ट्वीट कर कहा है, "स्कूलों में हिजाब पर रोक धार्मिक आज़ादी का उल्लंघन करती है."
उन्होंने कहा है, "धार्मिक आज़ादी में किसी को भी अपनी धार्मिक पोशाक चुनने की स्वतंत्रता शामिल है. भारत के कर्नाटक राज्य को धार्मिक पोशाकें तय नहीं करनी चाहिए. स्कूलों में हिजाब पर प्रतिबंध धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन करता है. ये महिलाओं को हाशिए पर डालता है."
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हालांकि, भारत ने अभी तक रशद हुसैन की टिप्पणी पर कोई जवाब नहीं दिया है.
कर्नाटक हाई कोर्ट ने कहा है कि वह हिजाब पर प्रतिबंध को चुनौती देने वाली याचिका पर सोमवार को सुनवाई करेगा.
इस बीच हाई कोर्ट ने अंतरिम आदेश में कहा कि मामला सुलझने तक शिक्षण संस्थानों में कोई भी धार्मिक पोशाक फिर वो हिजाब हो या भगवा गमछा, पहनकर जाने की अनुमति नहीं होगी.
कर्नाटक के उडुपी ज़िले के एक कॉलेज में छात्राओं को हिजाब पहनकर क्लास में न आने देने के बाद ये मामला तूल पकड़ता गया. अब कर्नाटक के कई हिस्सों में हिजाब प्रतिबंध को लेकर विवाद शुरू हो गया है. 6 छात्राओं ने कर्नाटक हाई कोर्ट में इसे चुनौती दी, जिसपर सुनवाई जारी है.
"किसी भी वक़्त हमला कर सकता है रूस", अमेरिका ने नागरिकों को दी यूक्रेन छोड़ने की सलाह

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अमेरिका ने एक बार फिर से चेतावनी दी है कि रूस की सेना किसी भी वक़्त यूक्रेन पर आक्रमण कर सकती है. अमेरिका ने अपने नागरिकों से अगले 48 घंटों में यूक्रेन छोड़ने के लिए भी कहा है.
व्हाइट हाउस की ओर से शुक्रवार को कहा गया कि आक्रमण हवाई बमबारी से शुरू हो सकती है, जिसके बाद वहाँ से निकलना मुश्किल होगा और नागरिकों की जान को खतरे में होगी.
यूक्रेन की सीमा के पास क़रीब एक लाख़ से भी ज़्यादा सैनिक तैनात कर चुका मॉस्को लगातार किसी भी हमले की आशंका को ख़ारिज कर रहा है.
कई अन्य देशों ने भी अपने नागरिकों से यूक्रेन छोड़ने को कहा है. इनमें यूके, कनाडा, नीदरलैंड, लातविया, जापान और दक्षिण कोरिया शामिल हैं.
रूस के विदेश मंत्रालय ने इस बीच पश्चिमी देशों पर ग़लत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया है. अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलीवान ने कहा कि रूसी सेना अब स्थिति में पहुंच गई है कि वो कोई बड़ी सैन्य कार्रवाई कर सकती है.
उन्होंने कहा, "हम भविष्य नहीं बता सकते. हमें नहीं पता कि वास्तव में क्या होगा लेकिन जोख़िम अब अपने उच्चतम स्तर पर है और यहां से निकलना ही सही फैसला होगा."
कनाडा में ट्रक ड्राइवरों की नाकाबंदी के ख़िलाफ़ कोर्ट का आदेश

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कनाडा के एक जज ने ट्रक ड्राइवरों की नाकाबंदी ख़त्म करने को लेकर एक अदालती आदेश दिया है. ट्रक ड्राइवरों ने अमेरिका से अहम व्यापार मार्ग को बंद कर रखा है.
ओंटारियो कोर्ट का यह आदेश शुक्रवार की शाम सात बजे से प्रभाव में आ गया है. पिछले पाँच दिनों से द एम्बैस्डर ब्रिज़, लिंकिग विंडसर, ओंटारियो, डेट्रोइट और मिशिगन को बंद रखा गया है. ट्रक ड्राइवर कोविड महामारी को रोकने के लिए जारी पाबंदियों के ख़िलाफ़ विरोध कर रहे हैं. यह विरोध ओटावा के दूसरे बॉर्डर क्रॉसिंग की ओर भी बढ़ रहा है.
इस नाकाबंदी के ख़िलाफ़ सिटी ऑफ विंडसर और ऑटोमेटिव पार्ट्स असोसिएशन ने अदालत मेयाचिका दाख़िल की थी और कहा था कि उन्हें रोज़ पाँच करोड़ डॉलर का नुक़सान हो रहा है.
अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने बयान जारी कर कहा है कि प्रदर्शनकारी अब इस बात को समझ लें कि बॉर्डर पर नाकाबंदी दंडनीय अपराध होगा. पुलिस ने कहा है कि नाकाबंदी में शामिल वाहनों की ज़ब्ती हो सकती है और ये गाड़ियाँ फिर अमेरिका नहीं जा पाएंगी.

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सैकड़ों अन्य प्रदर्शनकारी ओटावा में प्रदर्शन कर रहे हैं. वैक्सीन विरोधी प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका के साथ लगी दो अन्य सीमाओं को भी बंद कर रखा है. शुक्रवार को सीमा पर नाकाबंदी को लेकर कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से बात की थी.
ट्रूडो ने कहा है कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति से सीमा पर साझी चुनौतियों को लेकर बात की है. ट्रूडो ने कहा है कि व्यापार बहाल करने के लिए प्रभावी क़दम उठाए जाएंगे.
क़रीब 100 गाड़ियों, जिनमें पिकअप ट्रक, एसयूवी और लॉरी शामिल हैं, को एम्बैस्डर ब्रिज़ और ओंटारियो की सड़क पर पार्क कर दिया गया है. इन गाड़ियों में कनाडा के झंडे लगे हैं. प्रदर्शनकारियों ने बीबीसी से कहा कि शुक्रवार को स्थिति और ख़राब हो गई है. बीबीसी से क्रॉस-बॉर्डर ट्रक ड्राइवर रहे हैंक ने बताया कि वह अपने दोस्तों के साथ प्रदर्शन में शामिल हैं क्योंकि इनके पास कोई काम नहीं बचा है.

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हैंक ने कहा, ''हमलोग अपनी आज़ादी वापस चाहते हैं. हम चाहते हैं कि पाबंदियां हटाई जाएं. हम चाहते हैं कि हमारी ज़िंदगी पहले की तरह हो ना कि इन पाबंदियों के साथ जीने पर मजबूर रहें.''
जज के आदेश के बाद उन इलाक़ों में आपातकाल की घोषणा की गई है. ज़्यादातर प्रदर्शनकारी अब पुलिस के अगले क़दम का इंतज़ार कर रहे हैं.
शुक्रवार को कनाडा के लोगों को संबोधित करते हुए ट्रूडो ने कहा था, ''प्रदर्शनकारी नियमों को तोड़ रहे हैं और इसके नतीजे और ख़तरनाक होंगे. अगर आप अपना लाइसेंस रद्द करवाना नहीं चाहते हैं, आपराधिक रिकॉर्ड में अपना नाम नहीं चाहते हैं, अपनी नौकरी को ख़तरे में नहीं डालना चाहते हैं और सीमा पार आवाजाही पर पाबंदी नहीं चाहते हैं तो नाकाबंदी को ख़त्म कर दें. हमने कोविड पाबंदियों के कारण आपकी परेशानी सुनी है लेकिन ये पाबंदियां लोगों की सुरक्षा के लिए है. अब हम किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं.''
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