कर्नाटक में चल रहे हंगामे पर मलाला ने कहा- हिजाब के लिए मना करना भयावह
मलाला युसूफ़ज़ई ने भारतीय नेताओं से अपील की है कि वे मुस्लिम महिलाओं की उपेक्षा को रोकें.
लाइव कवरेज
पंकज प्रियदर्शी, भूमिका राय and अभय कुमार सिंह
अमित शाह ने जारी किया यूपी में बीजेपी का संकल्प पत्र, जानिए क्या-क्या वादे हैं इसमें

इमेज स्रोत, Getty Images
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने मंगलवार को अपना संकल्प पत्र जारी किया. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ये संकल्प पत्र जारी करते हुए कहा कि 2017 के संकल्प पत्र में 212 संकल्प थे, जिनमें से 92% संकल्प को आज हम पूरा करने के बाद फिर आपके सामने 2022 का संकल्प पत्र लेकर आए हैं. उन्होंने कहा कि ये भाजपा की कार्यसंस्कृति है कि हम जो कहते हैं, वो पूरा करते हैं.
छोड़िए X पोस्टX सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त
आइए नज़र डालते हैं बीजेपी के यूपी के लिए कुछ अहम वादों पर
- अगले पाँच वर्ष में सभी किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जाएगी
- पाँच हज़ार करोड़ की लागत से मुख्यमंत्री कृषि सिंचाई योजना शुरू की जाएगी
- बोरवेल, ट्यूबवेल और तालाब एवं टैंक के निर्माण के लिए अनुदान दिया जाएगा
- सरदार वल्लभभाई पटेल एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन बनाया जाएगा, जिससे किसान अपनी उपज का ग्रेडिंग के हिसाब से ज्यादा दाम ले पाए.
- गर गन्ना किसान को 14 दिन के अंदर भुगतान नहीं मिलता है, तो उसका ब्याज चीनी मिल किसान को देगा.
- 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए सार्वजनिक परिवहन में मुफ्त यात्रा
- नोएडा में ग्रैंड फिल्म सिटी का निर्माण
- काशी, मेरठ, गोरखपुर, बरेली, झांसी और प्रयागराज में मेट्रो परियोजना
- 2024 तक हर गाँव में 100% पानी की आपूर्ति किसानों को सोलर पंप प्रदान किए जाएंगे
- स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के अंतर्गत 2 करोड़ टैबलेट और स्मार्टफोन वितरित करेंगे
- माँ अन्नपूर्णा कैंटीन स्थापित करेंगे, जिसके अंतर्गत गरीबों को लिए न्यूनतम मूल्य पर भोजन की व्यवस्था करेंगे
- लोक सेवा आयोग (UPPSC) सहित सभी सरकारी नौकरियों में महिलाओं की संख्या दोगुनी करेंगे
- कॉलेज जाने वाली मेघवी छात्राओं को रानी लक्ष्मी बाई योजना के अंतर्गत मुफ्त स्कूटी वितरित करेंगे
उत्तर प्रदेश चुनाव 2022: वृंदावन में यमुना के बीच नाव पर चुनावी चर्चा LIVE
छोड़िए YouTube पोस्टGoogle YouTube सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट YouTube समाप्त
उत्तर प्रदेश में पहले चरण की 58 सीटों पर प्रचार आज थम जाएगा. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इस क्षेत्र की कई सीटें यमुना किनारे की हैं. वृंदावन से यमुना के बीच वोटरों से वार्ता कर रहे हैं बीबीसी के वात्सल्य राय. कैमरा: शाहनवाज़ अहमद
प्रियंका गांधी का पीएम नरेंद्र मोदी को जवाब- आप चाहते क्या थे?

इमेज स्रोत, Getty Images
कोरोना लॉकडाउन के दौरान मज़दूरों के पलायन के लिए पीएम मोदी ने कांग्रेस पार्टी को ज़िम्मेदार ठहराया था. अब कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने पीएम मोदी को जवाब दिया है.
पीएम नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा में कहा था कि कांग्रेस ने प्रवासी मज़दूरों को मुफ़्त टिकट देकर महाराष्ट्र से जाने की अनुमति दी और इस कारण पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड में कोरोना फैल गया.
छोड़िए X पोस्टX सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त
गोवा में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में प्रियंका गांधी ने कहा- क्या पीएम मोदी ये चाहते थे कि ग़रीबों को असहाय छोड़ दिया जाता, जब वे पैदल ही अपने घर लौटना शुरू हो गए थे. उन्होंने कहा- जिन लोगों को उन्होंने छोड़ दिया था, उनके पास घर जाने के लिए कोई रास्ता नहीं बचा था. वे लोग पैदल ही अपने घर जाना शुरू हो गए थे. क्या वे ये चाहते थे कि किसी को उनकी मदद नहीं करनी चाहिए थी? मोदी जी चाहते क्या थे? मोदी जी चाहते क्या हैं?
कोरोना फैलाने के मामले में उन्होंने कहा- उन बड़ी-बड़ी चुनावी रैलियों का क्या, जो उन्होंने की थी. उन्होंने आरोप लगाया कि कोरोना के दौरान पीएम मोदी ने चुनावी रैलियाँ की थी.
मोदी ने कहा- कांग्रेस न होती तो सिखों का नरसंहार न होता और न इमरजेंसी का कलंक होता
छोड़िए YouTube पोस्ट, 1Google YouTube सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट YouTube समाप्त, 1
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए एक बार फिर कांग्रेस की आलोचना की.
उन्होंने कहा, "देश जब आजादी के 100 साल मनाएगा, तब हमें देश को कहाँ ले जाना है, कैसे ले जाना है, इसके लिए ये बहुत महत्वपूर्ण समय है."
पीएम मोदी ने संसद में कहा, "अगर महात्मा गांधी की इच्छानुसार कांग्रेस न होती तो क्या होता. उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस न होती तोलोकतंत्र परिवारवाद से मुक्त होता, अगर कांग्रेस न होती तो भारत विदेशी चस्पे के बजाय स्वदेशी संकल्पों के रास्ते पर चलता,अगर कांग्रेस न होती तो देश पर इमरजेंसी का कलंक नहीं होता, दशकों तक करप्शन को संस्थागत न बनाकर रखा होता, जातिवाद और क्षेत्रवाद की खाई इतनी गहरी नहीं होती."
उन्होंने कहा, "अगर कांग्रेस न होती तो सिखों का नरसंहार न होता, सालों-साल पंजाब आतंक की आग में न जलता, कश्मीर के पंडितों को कश्मीर छोड़ने की नौबत न आती, बेटियों को तंदूर में जलाने की घटनाएं न होती, देश के सामान्य आदमी को मूल सुविधाओं के लिए इतने साल इंतजार न करना होता."
पीएम मोदी ने बताया कि अगर कांग्रेस ना होती तो क्या होता..
पीएम मोदी ने सदन में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, "जिन लोगों को 50 साल काम करने का मौका मिला उन्होंने कुछ नहीं किया. डेमोक्रेसी का गला घोंटने वालों को डेमोक्रेसी पर नहीं बोलना चाहिए. कांग्रेस ने डायनेस्टी के आगे सोचा ही नहीं है. भारत के लोकतंत्र को सबसे बड़ा खतरा है, परिवारवादी पार्टियों का है, ये मानना पड़ेगा. पार्टी में भी जब कोई परिवार सर्वोपरि हो जाता है, तो सबसे पहली कैजुएल्टी टैलेंट की होती है."
अपने संबोधन में पीएम ने कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है. कांग्रेस की समस्या यह है कि उन्होंने वंशवाद के अलावा कभी कुछ नहीं सोचा. भारत का लोकतंत्र परिवार आधारित पार्टियों के लिए सबसे बड़े ख़तरे का सामना कर रहा है.
छोड़िए YouTube पोस्ट, 2Google YouTube सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट YouTube समाप्त, 2
हार-जीत की निराशा को देश पर ना थोपें
पीएम मोदी ने कहा," इस सदन में कुछ साथियों ने भारत की निराशाजनक तस्वीर पेश की और ऐसा लग रहा था कि उन्हें इसे पेश करने में आनंद भी आ रहा था."
पीएम मोदी ने कहा कि मुझे लगता है कि सार्वजनिक जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं और जय-पराजय होती रहती है, उससे छाई हुई व्यक्तिगत जीवन की निराशा कम से कम देश पर नहीं थोपनी चाहिए.
अर्बन नक्सल के चंगुल में कांग्रेस
पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस,अर्बन नक्सल के चंगुल में फंसी हुई है. यही वजह है कि वह बार-बार बोल रही है कि हम इतिहास बदल रहे हैं. हम इतिहास नहीं बदल रहे हैं. हम उन्हें थोड़ा पहले ले जाते हैं. इसी कारण उन्हें दिक़्क़त होती है, क्योंकि उनका इतिहास तय है.
पीएम मोदी ने कहा, "कुछ लोगों का इतिहास एक परिवार तक सीमित है. गौरवपूर्ण इतिहास को भुला देना ठीक नहीं होगा."

इमेज स्रोत, Rajyasabha
पंडित नेहरू का भी किया ज़िक्र
पीएम मोदी ने गोवा का उदाहरण देते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा.
पीएम मोदी ने कहा, ''सरदार पटेल से प्रेरणा लेकर गोवा के लिए रणनीति बनाई गई होती तो भारत की आज़ादी के 15 साल बाद तक गोवा को ग़ुलामी की ज़ंजीरों में नहीं रहना पड़ता. नेहरू अपनी छवि को इतने लेकर चिंतित थे, कि गोवा में जिस समय सत्याग्रहियों पर गोलियां चल रही थीं, तब हमारे देश के प्रधानमंत्री ने कहा था कि मैं सेना नहीं भेजूंगा. गोवा के साथ कांग्रेस ने ये जुल्म किया.''
पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने गोवा के साथ-साथ लोगों के साथ भी भेदभाव किया.
लता मंगेशकर के छोटे भाई हृदयनाथ मंगेशकर का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें ऑल इंडिया रेडियो से इसलिए निकाल दिया गया क्योंकि उन्होंने वीर सावरकर की कविता को रेडियो पर प्रस्तुत किया था. उसके आठ दिन के अंदर उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया.
अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने साल 1955 में लाल किले की प्राचीर से दिए पंडित जवाहर लाल नेहरू के एक भाषण का भी ज़िक्र किया जिसमें उन्होंने गोवा में सेना भेजने से इनक़ार कर दिया था.
पीएम मोदी ने कहा कि नेहरू जी को अपनी इमेज की इतनी अधिक चिंता थी कि उन्होंने गोवा सेना नहीं भेजी.

इमेज स्रोत, Rajyasabha
महंगाई पर क्या बोले पीएम
पीएम मोदी ने बताया कि अमेरिका 40 साल में सबसे ज्यादा महंगाई के दौर से गुज़र रहा है, ब्रिटेन 30 साल की रिकॉर्ड महंगाई झेल रहा है, ऐसे माहौल में भी हमने महंगाई को एक लेवल पर रोकने में सफलता पायी है.
महंगाई पर पीएम मोदी ने कहा कि महंगाई को एक लेवल पर रोकने का प्रयास किया गया. 2014 से 2020 तक ये दर 4-5 फ़ीसदी तक था. इसकी यूपीए से तुलना करें तो पता चलेगा कि महंगाई होती क्या है. यूपीए के समय महंगाई डबल डिजिट में थी. आज हम एकमात्र बड़ी इकॉनमी हैं जो उच्चतम विकास और मध्यम महंगाई को देख रहे हैं. दुनिया की अर्थव्यवस्था को देखें तो वहां की अर्थव्यवस्था में या तो ग्रोथ स्लो हुई है या फिर महंगाई दशकों के रिकॉर्ड तोड़ रही है.
छोड़िए YouTube पोस्ट, 3Google YouTube सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट YouTube समाप्त, 3
कोरोना महामारी में भारत का प्रयास सराहनीय
कोरोना महामारी के संदर्भ में पीएम मोदी ने कहा, 'कोरोना एक वैश्विक महामारी है और बीते सौ साल में मानवजाति ने ऐसा संकट नहीं देखा. यह संकट बहरुपिया है, और समय-समय पर अलग-अलग रूप लेकर आ रहा है. पूरी दुनिया इससे जूझ रही है. लेकिन आज पूरे विश्व में भारत के कामों की सराहना हो रही है. यह किसी राजनीतिक दल की उपलब्धि नहीं है, यह सभी की उपलब्धि है.'

इमेज स्रोत, Rajyasabha
पीएम मोदी ने कहा कि भारत के लीडरशिप की पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है.
मोदी ने कहा कि रुकावट के बाद भी लाखों परिवारों को, ग़रीबों को पक्का घर देने की दिशा में लगातार चलते रहे. 5 करोड़ ग़रीब परिवारों के लिए नल से जल पहुंचाकर एक बड़ा काम किया है.
यूपी पहुँचीं ममता बनर्जी ने कहा- देश को बचाना है, तो अखिलेश को जिताना है

इमेज स्रोत, Samajwadi Party
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव को जिताने की अपील की है. समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के साथ प्रेस कॉन्फ़्रेंस में ममता बनर्जी ने कहा कि समाजवादी पार्टी को जिताइए और बीजेपी को हराइए.
उन्होंने कहा- आप इकट्ठा होकर अखिलेश जी को जिताइए. मैं यूपी में नहीं लड़ रही हूँ. आज लड़ाई बड़ी है. देश को बचाना है, तो यूपी में अखिलेश यादव का समर्थन करना है. उन्होंने जनता से अपील की कि वे बीजेपी को वोट देकर अपना वोट बर्बाद न करे. ममता ने कहा कि अगर वे और अखिलेश मिलकर रैली करते, तो करोड़ों लोग आ जाते. लेकिन हम लोग चुनाव आयोग के निर्देश का पालन करेंगे. उन्होंने अखिलेश यादव का धन्यवाद दिया कि उन्होंने पश्चिम बंगाल में प्रचार में अखिलेश ने मदद की थी.
छोड़िए X पोस्टX सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त
ममता बनर्जी ने बीजेपी से कहा कि वो हाथरस और उन्नाव के मामले में माफ़ी मांगे. उन्होंने कोरोना के दौरान गंगा में बहती लाशों का भी ज़िक्र किया और बीजेपी की सरकार को घेरा. ममता बनर्जी ने कहा- योगी जी कोरोना में लोग मर रहे थे, तो आप कहाँ थे. आप बंगाल में ममता को हराने आ गए थे. कोविड को हराने क्यों नहीं गए. उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ को इस मामले में माफ़ी मांगनी चाहिए. ममता ने कहा- पहले माफ़ी मांगो, फिर वोट मांगो.
गौतम अडानी बने एशिया से सबसे अमीर व्यक्ति, मुकेश अंबानी पिछड़े

इमेज स्रोत, Getty Images
अडानी समूह के अध्यक्ष गौतम अडानी एशिया के सबसे अमीर शख्स बन गए हैं. ब्लूमबर्ग बिलयनेर्स इंडेक्स की सूची में गौतम अडानी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के अध्यक्ष मुकेश अंबानी को पछाड़ दिया है. गौतम अडानी की कुल संपत्ति 88.5 अरब डॉलर है और मुकेश अंबानी की कुल संपत्ति 87.9 अरब डॉलर है.
छोड़िए X पोस्टX सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त
आज़म ख़ान को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली अंतरिम ज़मानत, हाई कोर्ट जाने का निर्देश
....में - Author, सुचित्र मोहंती, बीबीसी हिंदी के लिए

इमेज स्रोत, Getty Images
सुप्रीम कोर्ट ने समाजवादी पार्टी के नेता आज़म ख़ान की अंतरिम ज़मानत याचिका ठुकरा दी है. कोर्ट ने आज़म ख़ान से कहा है कि वे इलाहाबाद हाई कोर्ट में जाएँ, जहाँ उनकी ज़मानत याचिका लंबित है. सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट से कहा है कि वो आज़म ख़ान की ज़मानत याचिका पर सुनवाई करे और इस पर शीघ्र फ़ैसला करे.

इमेज स्रोत, Getty Images
सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध
आज़म ख़ान की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि सुनवाई के लिए बार-बार अनुरोध के बावजूद हाई कोर्ट ने पिछले तीन-चार महीने से इस पर सुनवाई नहीं की है. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट से कहा कि वो याचिकाकर्ता की चिंताओं पर ध्यान दे.

इमेज स्रोत, Getty Images
योगी सरकार पर आरोप
सपा नेता आज़म ख़ान ने 22 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाख़िल करते हुए अंतरिम ज़मानत की मांग की थी ताकि वे उत्तर प्रदेश चुनाव में प्रचार कर सकें. आज़म ख़ान ने अपनी याचिका में ये भी आरोप लगाया था कि राज्य सरकार जान-बूझकर प्रक्रिया में देर कर रही है, ताकि वे यूपी चुनाव का हिस्सा न बन सकें. समाजवादी पार्टी ने आज़म ख़ान को रामपुर से अपना उम्मीदवार बनाया है. भ्रष्टाचार के मामलों में आज़म ख़ान पिछले दो साल से सीतापुर जेल में बंद हैं.
कश्मीर पर टिप्पणी मामले में हुंडई मोटर का आया बयान, जानिए क्या कहा है कंपनी ने

इमेज स्रोत, Getty Images
हुंडई मोटर कंपनी ने पाकिस्तान में कंपनी के सोशल मीडिया हैंडल से कश्मीर को लेकर की कई टिप्पणी पर खेद व्यक्त किया है. कंपनी ने एक बयान जारी करके कहा है कि किसी भी क्षेत्र के राजनीतिक और धार्मिक मुद्दों पर टिप्पणी करना कंपनी की नीति के ख़िलाफ़ है.
कंपनी ने ये भी स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान में एक डिस्ट्रीब्यूटर ने कंपनी के ब्रांड नेम का इस्तेमाल करके अनुपयुक्त और अनाधिकारिक टिप्पणी की थी. भारत में इस सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर काफ़ी बवाल मचा है और लोग हुंडई के बहिष्कार की अपील कर रहे हैं.
छोड़िए X पोस्ट, 1X सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 1
कंपनी ने अपने बयान में लिखा है- बिजनेस पॉलिसी के तहत हुंडई मोटर कंपनी किसी भी क्षेत्र के राजनीतिक और धार्मिक मुद्दों पर टिप्पणी नहीं करती है. इसलिए ये हुंडई की नीति के ख़िलाफ़ है कि पाकिस्तान के एक डिस्ट्रीब्यूटर ने अनाधिकृत तरीक़े से सोशल मीडिया अकाउंट पर कश्मीर को लेकर टिप्पणी की. हुंडई मोटर कंपनी का कहना है कि जैसे ही ये मामले उनके सामने आया, कंपनी ने उस डिस्ट्रीब्यूटर को उनके अनुपयुक्त क़दम के बारे में अवगत कराया और वो सोशल मीडिया पोस्ट डिलीट भी करा दी गई है.
कंपनी का कहना है कि ये सुनिश्चित किया गया है कि जिस तरह से उस डिस्ट्रीब्यूटर ने हुंडई के ब्रांड का ग़लत इस्तेमाल किया है, वैसा फिर न हो. भारत में बहिष्कार की अपील के बीच हुंडई मोटर का कहना है कि उनकी सहायक कंपनी हुंडई मोटर इंडिया किसी भी तरह पाकिस्तान के डिस्ट्रीब्यूटर से नहीं जुड़ी है.
छोड़िए X पोस्ट, 2X सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 2
कंपनी ने बयान में लिखा है-हम पाकिस्तान के उस डिस्ट्रीब्यूटर की अनाधिकृत और काम से अलग सोशल मीडिया गतिविधि को पूरी तरह ख़ारिज करते हैं. हुंडई मोटर कंपनी दशकों से भारत में निवेश कर रही है और हम भारतीय उपभोक्ताओं को लेकर प्रतिबद्ध हैं. हम इस पर खेद व्यक्त करते हैं कि इस अनाधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट से भारतीय लोगों को तकलीफ़ पहुँची
मोदी के भाषण को लेकर योगी आदित्यनाथ और अरविंद केजरीवाल ट्विटर पर भिड़ गए

इमेज स्रोत, Getty Images
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच ट्विटर पर ज़ुबानी जंग की काफ़ी चर्चा है.
दरअसल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले ट्विटर पर सुनो केजरीवाल करके ट्वीट किया, जिसके जवाब में अरविंद केजरीवाल ने भी सुनो योगी... संबोधन के साथ ही ट्वीट किया.
योगी आदित्यनाथ ने पहले ट्वीट करते हुए लिखा था-
छोड़िए X पोस्ट, 1X सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 1
“सुनो केजरीवाल, जब पूरी मानवता कोरोना की पीड़ा से कराह रही थी, उस समय आपने यूपी के कामगारों को दिल्ली छोड़ने पर विवश किया.छोटे बच्चों व महिलाओं तक को आधी रात में यूपी की सीमा पर असहाय छोड़ने जैसा अलोकतांत्रिक व अमानवीय कार्य आपकी सरकार ने किया.आपको मानवताद्रोही कहें या...”
मुख्यमंत्री योगी यहीं नहीं रुके. उन्होंने इसके बाद भी एक के बाद एक कई ट्वीट करके केजरीवाल पर निशाना साधा.
छोड़िए X पोस्ट, 2X सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 2
एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा- “केजरीवाल को झूठ बोलने में महारथ हासिल है.जब पूरा देश प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से जूझ रहा था तब केजरीवाल ने प्रवासी मजदूरों को दिल्ली से बाहर का रास्ता दिखा दिया.”
इसके जवाब में अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट किया.
उन्होंने योगी आदित्यनाथ के ट्वीट को री-ट्वीट करते हुए लिखा-
छोड़िए X पोस्ट, 3X सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 3
“सुनो योगी, आप तो रहने ही दो. जिस तरह UP के लोगों की लाशें नदी में बह रहीं थीं और आप करोड़ों रुपए खर्च करके Times मैगज़ीन में अपनी झूठी वाह वाही के विज्ञापन दे रहे थे. आप जैसा निर्दयी और क्रूर शासक मैंने नहीं देखा.”
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण के लिए धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई बहस का संसद में जवाब दिया. इस दौरान वो विपक्ष पर जमकर निशाना साधते नज़र आए. प्रधानमंत्री मोदी का आरोप है कि कोरोना महामारी का इस्तेमाल विपक्ष ने दलगत राजनीति के लिए किया है. उन्होंने कांग्रेस का नाम लेते हुए कहा कि महामारी के वक्त कांग्रेस ने हद कर दी. कोरोना लॉकडाउन के वक्त कांग्रेस के लोगों ने महाराष्ट्र से जानबूझकर लोगों को वापस दूसरे राज्यों में उनके गाँव-शहर की तरफ़ से भेज दिया. दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार के लिए भी प्रधानमंत्री ने ऐसा ही आरोप लगाया.
छोड़िए X पोस्ट, 4X सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 4
जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कोरोना लॉकडाउन के समय प्रवासी मज़दूरों को लेकर दिल्ली सरकार को घेरने वाला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बयान सरासर झूठ है.
पीएम की इसी टिप्पणी को लेकर दो मुख्यमंत्री ट्विटर पर भिड़ पड़े.
Live: राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
छोड़िए YouTube पोस्टGoogle YouTube सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट YouTube समाप्त
जेएनयू की नई वीसी पर बीजेपी सांसद वरुण गांधी का तंज़

इमेज स्रोत, Getty Images
बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने जेएनयू की नई कुलपति की ओर से जारी एक प्रेस रिलीज़ पर चुटकी ली है. ट्वीट करके वरुण गांधी ने कहा है कि नई जेएनयू वीसी की ये प्रेस विज्ञप्ति अशिक्षा की एक प्रदर्शनी है. उन्होंने कहा कि इस प्रेस रिलीज़ में व्याकरण संबंधी कई ग़लतियाँ हैं. उन्होंने विस्तार से बताया है कि प्रेस रिलीज़ में क्या-क्या ग़लतियाँ हैं. नई वीसी की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए उन्होंने लिखा है कि इस तरह की औसत नियुक्तियाँ हमारे युवाओं के भविष्य को नुक़सान पहुँचाती हैं.
छोड़िए X पोस्ट, 1X सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 1
एक दिन पहले ही शिक्षा मंत्रालय ने शांतिश्री धूलिपुड़ी पंडित को जेएनयू का नया वीसी नियुक्त किया है. वीसी की ओर से जारी प्रेस रिलीज़ में अपनी नियुक्ति के लिए पीएम मोदी और शिक्षा मंत्रालय का आभार जताया है. शांतिश्री धूलिपुड़ी पंडित जेएनयू की पहली महिला कुलपति हैं. हालाँकि उनकी नियुक्ति को लेकर कई लोगों ने सवाल उठाए हैं. स्वराज इंडिया के योगेंद्र यादव ने उनके पुराने ट्वीट्स का स्क्रीनशॉट लगाकर उनकी नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं.
छोड़िए X पोस्ट, 2X सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 2
सीपीआई (एमएल) की कविता कृष्णनन ने भी नई जेएनयू वीसी के पुराने ट्विटर फ़ीड का ज़िक्र करते हुए मोदी सरकार पर सवाल उठाए हैं.
छोड़िए X पोस्ट, 3X सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 3
इंडियन स्पोर्ट्स वुमन ऑफ़ द ईयर अवॉर्ड: वो महिला खिलाड़ी जो बनी हैं इस साल की नॉमिनी
छोड़िए YouTube पोस्टGoogle YouTube सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट YouTube समाप्त
इंतज़ार ख़त्म हुआ... बीबीसी लेकर आया है इंडियन स्पोर्ट्स वुमन ऑफ़ द ईयर अवॉर्ड का तीसरा सीज़न. इस प्रोग्राम में हम बताएंगे कौन हैं वो महिला खिलाड़ी जो बनी हैं इस साल की नॉमिनी और आप उन्हें कैसे वोट कर सकते हैं... बने रहिए बीबीसी हिन्दी के साथ.
फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने यूक्रेन संकट पर कहा, आने वाले दिन बेहद अहम

इमेज स्रोत, Getty Images
फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि यूक्रेन संकट के लिहाज़ से आने वाले दिन बेहद महत्वपूर्ण साबित होंगे.
उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के साथ हुई बैठक के बाद यह बयान दिया.
उन्होंने कहा, “यूक्रेन गतिरोध को कम करने के लिए आने वाले दिन अहम हैं.”
रूस से लगी यूक्रेन की सीमा पर क़रीब एक लाख रूसी सैनिक तैनात हैं, जिसे लेकर अमेरिका, ब्रिटेन समेत कई यूरोपीय देश ख़तरा बता रहे हैं. हालांकि रूस बार-बार दोहरा रहा है कि यूक्रेन पर हमला करने की उसकी कोई योजना नहीं है.
रूस ने पश्चिमी देशों के सामने शर्त रखी है कि यूक्रेन को नेटो का सदस्य ना बनाया जाए और नेटो की सेना की तादाद पूर्वी यूरोप में घटाई जाए. पश्चिमी देशों ने इन मांगों को ख़ारिज कर दिया है और इसके अलग बातचीत के नए मुद्दे सुझाए हैं,
मसलन- परमाणु हथियारों की कटौती पर बातचीत आगे बढ़े.

इमेज स्रोत, EPA
इससे पहले मैक्रों ने जर्नल डू डिमंचे अख़बार को दिए इंटरव्यू में कहा था कि रूस का उद्देश्य "यूक्रेन नहीं बल्कि नेटो और यूरोपीय संघ के साथ नियमों का स्पष्टीकरण" हैं. उन्होंने कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि रूसी राष्ट्रपति के साथ उनकी बातचीत सैन्य संघर्ष को रोकने के लिए पर्याप्त होगी और पुतिन व्यापक मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार होंगे.
वहीं दूसरी ओर जर्मन चांसलर ओलाफ़ स्कोल्ज़ के साथ वॉशिंगटन में हुई भेंट के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने नॉर्ड स्ट्रीम 2 गैस पाइप लाइन को बंद करने की चेतावनी दी है.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने भी हमले की आशंका के तहत रूस पर प्रतिबंधों को लगाने का समर्थन किया है. साथ ही ब्रिटेन इस क्षेत्र में रॉयल एयरफ़ोर्स के लड़ाकू विमानों और रॉयल नेवी के युद्धपोतों को तैनात करने पर भी विचार कर रहा है.
पाँच घंटे लंबे चले डिनर के दौरान रूस के राष्ट्रपति से बात करने वाले फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने पत्रकारों को बताया कि इस दिशा में आने वाले दिन निर्णायक साबित हो सकते हैं.
उन्होंने कहा कि इस संबंध में और गंभीरता से विचार किए जाने की ज़रूरत है ताकि सभी देश एक साथ आगे बढ़ें.
बी.आर. चोपड़ा निर्देशित ‘महाभारत के भीम’ प्रवीण कुमार का निधन

इमेज स्रोत, @PBNS_India
दूरदर्शन पर प्रसारित बीआर चोपड़ा के सीरियल महाभारत में भीम का किरदार निभाने वाले अभिनेता प्रवीण कुमार का निधन हो गया है. वह 74 साल के थे.
महाभारत धारावाहिक के अलावा उन्होंने कई दूसरे धारावाहिकों और बॉलीवुड फ़िल्मों में भी भूमिकाएं निभाई थीं.

इमेज स्रोत, @Gajjusay
उनके निधन पर धारावाहिक में युधिष्ठिर का किरदार निभाने वाले गजेंद्र चौहान ने ट्वीट कर शोक ज़ाहिर किया है. उन्होंने लिखा है- आज सुबह ही एक और दुःखद समाचार मिला. मेरे 'महाभारत के भाई' प्रवीण कुमार जी हम सबको छोड़कर अनंत यात्रा पर चए गए. विश्वास नहीं हो रहा. पा जी, आप हमेशा हमारी यादों में रहेंगे.
कोरोना अपडेट- भारत में बीते 24 घंटे में संक्रमण के 67 हज़ार से अधिक नए मामले

इमेज स्रोत, Getty Images
भारत में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 67,597 नए मामले सामने आए हैं.
वहीं 1,80,456 लोग इलाज के बाद ठीक हुए हैं.
स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक़, बीते 24 घंटे में 1,188 लोगों की कोरोना के कारण मौत हुई है.

- देश में कुल मामले: 4,23,39,611
- सक्रिय मामले: 9,94,891
- कुल रिकवरी: 4,08,40,658
- कुल मौतें: 5,04,062
- कुल वैक्सीनेशन: 1,70,21,72,615
उत्तर प्रदेश चुनाव 2022- अमित शाह आज जारी करेंगे पार्टी का संकल्प पत्र

इमेज स्रोत, Getty Images
केंद्रीय गृहमंत्री और बीजेपी नेता अमित शाह आज उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का लोक-कल्याण संकल्प पत्र जारी करेंगे.
न्यूज़ एजेंसी एएनआई की ख़बर के मुताबिक़, केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता नितिन गडकरी आज गोवा विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का घोषणापत्र जारी करेंगे.
छोड़िए X पोस्टX सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी अपने घोषणापत्र को बीते रविवार ही जारी करने वाली थी लेकिन स्वर कोकिला लता मंगेशकर के निधन के कारण पार्टी ने उस दिन घोषणा पत्र जारी नहीं किया था.
पार्टी 6 फ़रवरी को 10:15 बजे साल 2022 के लिए अपना संकल्प पत्र जारी करने जा रही थी.
संकल्प पत्र के कार्यक्रम के स्थगन के बारे में जानकारी देते हुए उत्तर प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा था, “आज देश के लिए बहुत दुखद समाचार है. स्वर कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर जी का निधन हो गया है. आज घोषणा पत्र 2022 का कार्यक्रम स्थगित किया गया है.”
पार्टी के लखनऊ कार्यालय में दो मिनट का मौन भी रखा गया था जिसमें अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे.
लादेन के बेटे ने किया था अफ़ग़ानिस्तान दौरा, तालिबान सरकार की सफ़ाई

इमेज स्रोत, TALIBAN
अफ़ग़ानिस्तान को अपने नियंत्रण में लेने के बाद से तालिबान ख़ुद को 'इस्लामिक अमीरात ऑफ़ अफ़ग़ानिस्तान' के तौर पर परिभाषित करता है.
इस्लामिक अमीरात ऑफ़ अफ़ग़ानिस्तान ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल मॉनिटरिंग टीम की उस रिपोर्ट को ख़ारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि अफ़ग़ानिस्तान में राजनीतिक बदलाव के बाद से विदेशी विद्रोही समूह पहले से अधिक आज़ादी का जीवन जी रहे हैं.
टोलो न्यूज़ के मुताबिक, इस रिपोर्ट में कहा गया है कि हाल के दिनों में तालिबान सरकार की ओर से विदेशी चरमपंथी लड़ाकों को नियंत्रित रखने के लिए कोई प्रयास किए गए हों, इसका कोई संकेत नहीं मिलता है.
साथ ही बीते समय की तुलना में मौजूदा समय में चरमपंथी समूह पहले से कहीं अधिक आज़ाद हैं.

इमेज स्रोत, Getty Images
हालांकि टीम के सदस्यों ने अफ़ग़ानिस्तान में विदेशी चरमपंथी लड़ाकों के किसी नए मूवमेंट की भी जानकारी नहीं दी है.
इस रिपोर्ट में दोहा समझौते के तहत तालिबान सरकार के किए वादे का भी उल्लेख किया गया है जिसमें तालिबान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चरमपंथ के ख़तरों के मद्देनज़र अफ़ग़ानिस्तान की धरती का इस्तेमाल ना होने देने की बात कही थी. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मॉनिटरिंग टीम ने चिंता ज़ाहिर करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय चरपंथी समूहों को अफ़ग़ानिस्तान में सुरक्षित ठिकाना मिल सकता है.
इस रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि ओसामा बिन लादेन के बेटे ने पिछले साल अफ़ग़ानिस्तान का दौरा किया था. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि लादेन के बेटे अब्दुल्लाह ने बीते साल अक्टूबर महीने में तालिबान के साथ बैठक के लिए अफ़ग़ानिस्तान का दौरा किया था.
वहीं इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए इस्लामिक अमीरात ने कहा है कि यह रिपोर्ट साक्ष्यों से परे है. इस्लामिक अमीरात की ओर से कहा गया है कि अफ़ग़ानिस्तान की इस्लामिक अमीरात सरकार देश में विदेशी आतंकवाद को पनाह देने वाली रिपोर्ट को ख़ारिज करती है.

इमेज स्रोत, Getty Images
इस्लामिक अमीरात के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि 'ऐसी रिपोर्ट, जिसमें साक्ष्यों का अभाव है, जिसमें दस्तावेज़ और पता नहीं है, हम उसे ख़ारिज करते हैं और ऐसी रिपोर्ट अफ़ग़ानिस्तान के हित में भी नहीं है, और ना ही दुनिया के.'
इस्लामिक अमीरात ने दावा किया है कि दोहा समझौते के तहत शर्तों को उन्होंने लागू किया है. साथ ही उसने किसी भी समूह को अफ़ग़ानिस्तान की धरती से किसी भी दूसरे देश को धमकी देने की अनुमति नहीं दी है.
यूक्रेन संकट: अमेरिका की चेतावनी - रूस ने हमला किया तो बंद कर दी जाएगी गैस पाइपलाइन परियोजना

इमेज स्रोत, Getty Images
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर रूस ने यूक्रेन पर हमला किया तो वह रूस से जर्मनी तक जाने वाली गैस पाइपलाइन, नॉर्ड स्ट्रीम 2 को बंद कर देंगे.
जर्मन चांसलर ओलाफ़ स्कोल्ज़ के साथ वॉशिंगटन में हुई बातचीत के बाद बाइडन ने यह बयान दिया.
उन्होंने कहा कि अगर हमला हुआ तो इस परियोजना को बंद कर दिया जाएगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से यह बयान ऐसे समय में आया है जब इससे एक दिन पहले ही फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मुलाक़ात की थी और उन्होंने यह उम्मीद भी जतायी थी कि युद्ध की आशंका से बचा जा सकता है.
अमेरिका समेत यूरोपीय देश लगातार रूस पर संभावित हमले का आरोप लगा रहे हैं, लेकिन रूस का कहना है कि यूक्रेन पर हमला करने की उसकी कोई योजना नहीं है.
हालांकि यूक्रेन से लगी सीमा पर रूस के क़रीब एक लाख सैनिक तैनात हैं.
आपसी बातचीत के बाद जो बाइडन और स्कोल्ज़ ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस को संबोधित किया.
नॉर्ड स्ट्रीम 2 से जुड़े एक सवाल के जवाब में जो बाइडन ने कहा कि अगर रूस हमला करता है तो नॉर्ड स्ट्रीम 2 को बंद कर दिया जाएगा. हालांकि उन्होंने इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि वह इसे किस तरह करेंगे, लेकिन उन्होंने इतना ज़रूर कहा कि वह वादा करते हैं कि वे नॉर्ड स्ट्रीम 2 गैस पाइपलाइन परियोजना को बंद कर देंगे.

इमेज स्रोत, Reuters
चांसलर बनने के बाद से स्कोल्ज़ की यह पहली अमेरिका यात्रा है. यूक्रेन पर अपनी प्रतिक्रिया के लिए उनकी आलोचना भी हो चुकी है और गैस पाइपलाइन परियोजना को लेकर वह अस्पष्ट थे.
हालांकि उन्होंने यह ज़रूर कहा कि रूस के ख़िलाफ़ प्रतिबंध लगाने की बात पर जर्मनी अमेरिका के साथ है. उन्होंने ये भी कहा कि अगर रूस ने यूक्रेन पर हमला किया तो रूस के खिलाफ़ कड़े क़दम उठाए जाएंगे.

इमेज स्रोत, Getty Images
क्या है नॉर्ड स्ट्रीम 2 गैस पाइपलाइन?
क़रीब 1,200 किलोमीटर लंबी यह गैस पाइपलाइन परियोजना बाल्टिक सागर से होकर पश्चिमी रूस से उत्तर-पूर्वी जर्मनी तक जाती है.
इस परियोजना के ज़रिए रूस से जर्मनी जाने वाली प्राकृतिक गैस की सप्लाई को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया. वर्तमान में रूस से जर्मनी जाने वाली गैस 'नॉर्ड स्ट्रीम पाइपलाइन' से होकर जाती है जिसे 2012 में बनाया गया था.
यदि यह परियोजना सफल हो जाएगी तो इस पाइपलाइन से जर्मनी को हर साल 55 अरब घन मीटर गैस की सप्लाई हो सकेगी. इस परियोजना की मालिक रूस की सरकारी गैस कंपनी 'गज़प्रोम' है.
इस पाइपलाइन का काम 2021 के सितंबर में ख़त्म हुआ. लेकिन गैस की आपूर्ति शुरू करने से पहले गज़प्रोम को अभी यूरोप के नियामकों से मंज़ूरी मिलने का इंतज़ार है.

इमेज स्रोत, Getty Images
विवाद क्यों?
आलोचकों के अनुसार, यह पाइपलाइन रूस की विदेश नीति का एक हथियार है. इस परियोजना का अमेरिका, यूक्रेन और पोलैंड ने कड़ा विरोध किया है.
अमेरिका को डर है कि यह पाइपलाइन यूरोप को रूस की ऊर्जा पर और अधिक निर्भर बना देगी.
इसके चलते, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जर्मनी और यूरोपीय संघ पर हावी हो जाएंगे.
यूक्रेन भी चाहता है कि यह परियोजना बंद हो जाए.
वैसे रूस अपना अधिकांश गैस यूक्रेन के ज़रिए यूरोप भेजता है, लेकिन नॉर्ड स्ट्रीम 1 और 2 यूक्रेन होकर नहीं जाती.
नमस्कार!
बीबीसी हिंदी के इस लाइव पेज पर आपका स्वागत है.
हम यहाँ दिन भर की सभी बड़ी ख़बरें और लाइव अपडेट्स देते रहेंगे.बीते 24 घंटों की अहम ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.
