अरविंद केजरीवाल ने कहा- पीएम मोदी का बयान सरासर झूठ, कांग्रेस ने भी जताई आपत्ति

पीएम मोदी ने लोकसभा में अपने भाषण में कोरोना लॉकडाउन के दौरान मज़दूरों के पलायन में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की भूमिका पर सवाल उठाए थे.

लाइव कवरेज

पंकज प्रियदर्शी, कीर्ति दुबे and अभय कुमार सिंह

  1. अरविंद केजरीवाल ने कहा- पीएम मोदी का बयान सरासर झूठ, कांग्रेस ने भी जताई आपत्ति

    अरविंद केजरीवाल

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    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि कोरोना लॉकडाउन के समय प्रवासी मज़दूरों को लेकर दिल्ली सरकार को घेरने वाला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बयान सरासर झूठ है.

    उन्होंने पीएम मोदी के बयान को वीडियो ट्विटर पर पोस्ट करते हुए लिखा है- प्रधानमंत्री जी का ये बयान सरासर झूठ है. देश उम्मीद करता है कि जिन लोगों ने कोरोना काल की पीड़ा को सहा, जिन लोगों ने अपनों को खोया, प्रधानमंत्री जी उनके प्रति संवेदनशील होंगे. लोगों की पीड़ा पर राजनीति करना प्रधानमंत्री जी को शोभा नहीं देता.

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण के लिए धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई बहस का संसद में जवाब दिया. इस दौरान वो विपक्ष पर जमकर निशाना साधते नज़र आए. प्रधानमंत्री मोदी का आरोप है कि कोरोना महामारी का इस्तेमाल विपक्ष ने दलगत राजनीति के लिए किया है. उन्होंने कांग्रेस का नाम लेते हुए कहा कि महामारी के वक्त कांग्रेस ने हद कर दी. कोरोना लॉकडाउन के वक्त कांग्रेस के लोगों ने महाराष्ट्र से जानबूझकर लोगों को वापस दूसरे राज्यों में उनके गाँव-शहर की तरफ़ से भेज दिया. दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार के लिए भी प्रधानमंत्री ने ऐसा ही आरोप लगाया. प्रधानमंत्री का कहना है कि इस वजह से पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में जहाँ कोरोना महामारी अपेक्षाकृत कम फैली हुई थी, और तेज़ी से फैलने लगी.

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    लोकसभा में विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी ने भी पीएम मोदी के बयान पर आपत्ति जताई है. उन्होंने कोरोना काल के दौरान हुई मुश्किलों के लिए मोदी सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया.

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    समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा- लॉकडाउन का ऐलान किसने किया? मज़दूरों के खाने और रहने का कोई इंतज़ाम नहीं किया गया, आपने ये सब नहीं देखा? भूखे पेट नंगे पांव उन्होंने सफर तय किया. लॉकडाउन के दौरान लाखों लोगों की मृत्यु का ज़िम्मेदार कौन है?

  2. दो दशक बाद रूस जाएंगे पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री, क्या है इमरान ख़ान का एजेंडा

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    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान जल्द ही रूस के दौरे पर जा सकते हैं. अगर ऐसा हुआ तो पिछले दो दशकों में ये पहली बार किसी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री का रूस दौर होगा.

    न्यूज़ एजेंसी पीटीआई ने एक अख़बार के हवाले से जानकारी दी है कि ये दौरा 23 से 26 फ़रवरी तक का हो सकता है. वहीं रूस की सरकार (क्रेमलिन) की ओर से कहा गया है कि वो इसके तारीख़ की घोषणा करेगी.

    पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने अभी हाल ही में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाक़ात की है. विंटर ओलंपिक के बीच चीन के दौरे पर पहुंचे इमरान ख़ान इसी रविवार को जिनपिंग से मिले.

    एक संयुक्त बयान में दोनों देशों ने अपनी चिंताओं और अहम हितों से जुड़े मुद्दों पर एक दूसरे को मदद देने की बात दोहराई है.

    बता दें कि शिनजियांग प्रांत में कथित तौर पर मानवाधिकार उल्लंघन को लेकर अमेरिका, यूरोपियन यूनियन और दूसरे पश्चिमी देश इस विंटर ओलंपिक का बहिष्कार कर चुके हैं.

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    रूस जाकर क्या हासिल करना चाहते हैं इमरान ख़ान?

    इमरान ख़ान के रूस के दौरे को पश्चिमी देशों के लिए एक संदेश की तरह देखा जा रहा है. ख़ासकर तब, जब अफ़ग़ानिस्तान से अमेरिकी फौजों की वापसी के बाद पाकिस्तान में सैन्य ठिकाना देने से इमरान ने अमेरिका को मना कर दिया था. साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने पद संभालने के बाद से इमरान ख़ान को फ़ोन ही नहीं किया.

    ऐसे में यूक्रेन संकट के बीच चीन के बाद इमरान ख़ान का रूस दौरा पश्चिमी देशों के लिए संदेश है.

    बताया जा रहा है कि इमरान ख़ान और व्लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय सहयोग के साथ-साथ साझा हितों वाले क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी बातचीत होगी.

    पीटीआई के मुताबिक़, 17 जनवरी को ख़ान और पुतिन के बीच बातचीत हुई थी जिसमें दोनों ने द्विपक्षीय सहयोग और क्षेत्रीय, अंतराष्ट्रीय मुद्दों पर विचार साझा किए.

    इस दौरान इमरान ख़ान ने पुतिन के उस बयान की भी तारीफ़ की, जिसमें पुतिन ने कहा था कि पैग़बर मोहम्मद का अपमान करना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के तहत नहीं आता है.

    इमरान ख़ान ने ये भी कहा था कि दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने और साझा सहयोग पर ज़ोर देने को लेकर बात हुई है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और रूस के बीच रिश्ते बेहतरी की तरफ़ जा रहे हैं. ये भी कहा गया कि दोनों ही देशों को प्रमुखों ने एक दूसरे को अपने देश आने का निमंत्रण दिया था.

    पिछले महीने बताया जा रहा था कि इस्लामाबाद और मास्को, व्लादिमीर पुतिन के पाकिस्तान दौरे को लेकर योजना बना रहे थे. दो सालों के दौरान दोनों ही देश दौरे को लेकर चर्चा कर रहे थे लेकिन कोरोना समेत कई कारणों की वजह से ये दौरा पूरा नहीं हो सका.

    पीटीआई ने अख़बार के हवाले से कहा है कि पुतिन के दौरे से पहले मॉस्को कुछ ''महत्वपूर्ण'' तैयार करना चाहता था.

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    कैसे हैं अब दोनों देश के बीच रिश्ते?

    पिछले कुछ सालों में पाकिस्तान और रूस के बीच के रिश्ते पहले की कड़वाहट को पीछे छोड़ते हुए बेहतर हुए हैं. अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्तों में जो खटास आई है, ये भी एक वजह है कि इस्लामाबाद, मॉस्को के और क़रीब होता चला गया.

    क़रीब 9 साल के गैप के बाद पिछले साल रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव पाकिस्तान पहुंचे थे और राष्ट्रपति पुतिन की ओर से ये कहा था कि रूस, पाकिस्तान की हरसंभव मदद करने को तैयार है.

    दोनों देशों के बीच सिर्फ़ कारोबारी रिश्ते ही मज़बूत नहीं हुए हैं बल्कि रूस चाहता है कि पाकिस्तान को हथियार बेचे जाएं. अब तक कोई मौकों पर ये भारत के विरोध की वजह से नहीं हो सका है.

    रूस और पाकिस्तान साल 2016 से नियमित तौर पर जॉइंट मिलिट्री एक्सरसाइज़ कर रहे हैं ये भी दोनों देशों के बीच के रिश्तों को दर्शाता है. साथ ही दोनों देश कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी साझा विचार रखते हैं.

    ऐसे में अब इमरान ख़ान अगर रूस के दौर पर जाते हैं तो यूक्रेन में चल रहे तनाव के बीच अमेरिका और पश्चिमी देशों की निगाह तो रहेगी ही, साथ ही भारत भी इस दौरे पर बारीक़ नज़र रखना चाहेगा.

    यूक्रेन संकट की बात करें तो यूक्रेन की सीमाओं पर रूस के सैनिकों की तैनाती और इसे लेकर पश्चिमी देशों के विरोध पर दुनियाभर की नज़र है.

    अमेरिका का कहना है कि रूस की ये कोशिश अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए ख़तरा है. वहीं रूस लगातार कहता आया है कि यूक्रेन पर हमला करने की उसकी योजना नहीं है.

    चीन का रुख रूस की तरफ़ है और पश्चिमी देश भी ये देख रहे हैं रूस का समर्थन करते कौन से देश दिख रहे हैं.

  3. ज़ेड सिक्योरिटी पर बोले ओवैसी- "मेरी जान की क़ीमत CAA प्रदर्शन के दौरान मरे 22 लोगों से बढ़कर नहीं"

    असदुद्दीन ओवैसी

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    गृहमंत्री अमित शाह ने एआईएमआईएम चीफ़ असदुद्दीन ओवैसी से उनकी सुरक्षा के मद्देनज़र सोमवार को ज़ेड श्रेणी की सिक्योरिटी स्वीकार करने का आग्रह किया लेकिन यूपी के अमरोहा में एक रैली के दौरान ओवैसी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें सिक्योरिटी नहीं चाहिए.

    ओवैसी का कहना है कि उन्हें पसंद नहीं है कि बंदूक लेकर लोग उनके आगे पीछे चले. इस दौरान उन्होंने सीएए के ख़िलाफ़ हुए प्रदर्शनों में मारे गए लोगों का ज़िक्र भी किया.

    ओवैसी ने कहा, ''हम देश के गृह मंत्री से अपील करते हैं कि असदुद्दीन की जान की क़ीमत उत्तर प्रदेश में CAA प्रदर्शन के दौरान मरे 22 लोगों से बढ़कर नहीं है. ओवैसी की जान की क़ीमत पहलु, रकबर, अखलाक से बढ़कर नहीं. अगर दलित, पसमांदा, कमज़ोर महफ़ूज़ रहेंगे तो ओवैसी भी महफ़ूज़ रहेगा.''

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    असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ''सरकार को मेरी सिक्योरिटी की बजाए उन लोगों को सुरक्षा पहुंचानी चाहिए जिन्हें गोश्त के नाम पर मार डाला जाता है.''

    गृहमंत्री अमित शाह ने ओवैसी से किया था अनुरोध

    इससे पहले संसद में अमित शाह ने कहा कि सरकार के आकलन के मुताबिक़, ओवैसी को अब भी ख़तरा है.

    ओवैसी पर हुए हमले को लेकर शाह ने कहा कि उनका हापुड़ ज़िले में कोई पूर्व निर्धारित कार्यक्रम नहीं था, उनके वहाँ जाने की कोई सूचना ज़िला नियंत्रण कक्ष को पहले नहीं भेजी गई थी.

    जानकारी मिलने के बाद गृह मंत्रालय ने तुरंत राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी.

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    शाह ने कहा कि केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को मिली जानकारी के आधार पर ओवैसी को पहले ही सुरक्षा मुहैया कराने का आदेश दिया गया था. लेकिन ओवैसी ने सुरक्षा लेने की इच्छा नहीं जताई.

    गृहमंत्री का कहना है कि एआईएमआईएम सांसद की सुरक्षा का फिर से आकलन किया गया है और उन्हें बुलेटप्रूफ़ गाड़ी और ज़ेड कैटेगरी सिक्योरिटी दी गई है.

    गृहमंत्री का कहना है कि जो बयान ओवैसी की तरफ़ से सामने आए हैं, उनके मुताबिक़, ज़ेड कैटेगरी सुरक्षा लेने से उन्होंने इनक़ार कर दिया है.

    अमित शाह ने कहा, "मैं ओवैसी से केंद्र सरकार की ओर से दी गई सुरक्षा को स्वीकार करने का अनुरोध करता हूँ."

  4. मध्य प्रदेशः होशंगाबाद अब नर्मदापुरम हुआ, बाबई का नाम माखन नगर किया गया, शुरैह नियाज़ी, भोपाल से, बीबीसी हिन्दी के लिए

    नर्मदापुरम, narmadapuram

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    मध्यप्रदेश के होशंगाबाद का नाम अब नर्मदापुरम कर दिया गया है. नाम बदलने की केंद्र सरकार ने पहले ही मंज़ूरी दे दी थी. लेकिन इसका आधिकारिक आदेश सोमवार (7 जनवरी 2022) जारी कर दिया गया.

    होशंगाबाद का नाम सुल्तान होशंग शाह के नाम पर रखा गया था. होशंग शाह को मांडू का पहला सुल्तान माना जाता है. उनकी सत्ता 1404-1435 तक रही. माना जाता है कि उन्हें मालवा क्षेत्र में औपचारिक रूप से प्रथम इस्लामिक राजा के तौर पर नियुक्त गया था.

    होशंग शाह ने ही नर्मदापुरम का नाम होशंगाबाद रखा था. सरकार ने आज इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. मुख्यमंत्री ने इसकी घोषणा 3 फ़रवरी को की थी. इसी वजह से सोमवार को नर्मदा जयंती के मौके पर होशंगाबाद का नाम बदला गया है.

    इसी के साथ सरकार ने बाबई का नाम बदलकर माखन नगर किए जाने की अधिसूचना भी जारी की है. होशंगाबाद का बाबई कवि, लेखक और पत्रकार माखनलाल चतुर्वेदी जी की जन्मस्थली है, इसी वजह से इसका नाम भी बदला गया है.

  5. राजस्थान सरकार ने रीट की लेवल 2 परीक्षा रद्द करने का फ़ैसला किया, मोहर सिंह मीणा, जयपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए

    रीट परीक्षा

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    राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट) पेपर लीक मामले में सोमवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने (रीट की) लेवल 2 परीक्षा रद्द करने का फ़ैसला किया. सीएम गहलोत का ये फ़ैसला कैबिनेट की बैठक में रीट मामले पर चर्चा के बाद आया.

    गहलोत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह घोषणा की. उन्होंने कहा, "रीट लेवल-1 परीक्षा रद्द नहीं होगी और लेवल 1 में पास अभ्यर्थियों को मेरिट के आधार पर नियुक्ति दी जाएगी."

    भर्ती परीक्षाओं में नकल रोकने और पारदर्शिता के लिए हाईकोर्ट के रिटायर्ड के जज की अध्यक्षता में गठित समिति की मार्च में रिपोर्ट आने के बाद परीक्षा आयोजित की जाएगी. अब रीट परीक्षा के प्रमाण की वैधता को तीन साल से बढ़ाकर आजीवन करने का भी निर्णय लिया गया है.

    26 सितंबर 2021 में आयोजित रीट परीक्षा में लेवल 1 के 15,500 और लेवल 2 के 16,500 पदों के लिए क़रीब 16 लाख अभ्यर्थियों के 25 लाख आवेदन आए थे. परीक्षा के बाद गंगापुर सिटी से सबसे पहले पेपर लीक का मामला सामने आया था. इस प्रकरण की जांच करते हुए स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने अब तक 38 लोगों को गिरफ़्तार किया है.

    एसओजी के एडीजी अशोक राठौड़ ने बीबीसी को बताया, "पेपर लीक मामले में 38 लोग गिरफ़्तार हुए हैं. पेपर लीक करने वाले मुख्य अभियुक्त रामकृपाल मीणा से पूछताछ के आधार पर क़रीब सवा करोड़ हुए बरामद किए हैं. कई और अभियुक्तों की पहचान की गई है."

    रीट परीक्षा

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    पेपर लीक मामले के सामने आने के बाद से ही विपक्षी दल भाजपा ने सरकार के ख़िलाफ़ जमकर विरोध प्रदर्शन किए और इस मामले की सीबीआई से जांच की मांग की.

    भाजपा के मुख्य प्रवक्ता रामलाल शर्मा ने बयान जारी कर सीबीआई से जांच नहीं होने तक विरोध प्रदर्शन जारी रखने की बात कही है.

    8 फ़रवरी यानी मंगलवार को भाजपा के सभी विधायक सीबीआई जांच की मांग को लेकर धरना देंगे.

    पेपर लीक मामले पर अभ्यर्थियों और बेरोज़गार संगठन भी एकमत नहीं हैं. कुछ अभ्यर्थी परीक्षा रद्द होने के ख़िलाफ़ हैं और इस फ़ैसले को मेहनत कर अंक लाने वाले अभ्यर्थियों के साथ धोखा बता रहे हैं. जबकि कुछ अभ्यर्थी और संगठन परीक्षा रद्द होने के समर्थन में हैं.

    परीक्षा रद्द करने के फ़ैसले पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, "हम इस फ़ैसले से खुश नहीं हैं, लेकिन भाजपा की हरकतों से तंग आ गए हैं. जिस तरह का माहौल बनाया है वह ठीक नहीं है. हमने बच्चों के भविष्य के लिए यह फ़ैसला किया है."

    पेपर लीक मामले में सीबीआई जांच की मांग को लेकर हाईकोर्ट में एक याचिका लगाई गई है. इस याचिका पर 8 फ़रवरी को सुनवाई होनी है.

  6. महंगाई के मुद्दे पर नेहरू, चिदंबरम का नाम लेकर क्या बोले प्रधानमंत्री मोदी?

    प्रधानमंत्री मोदी

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    प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में अपने संबोधन के दौरान महंगाई को लेकर कांग्रेस सरकार और मौजूदा सरकार के बीच तुलना की.

    प्रधानमंत्री मोदी का कहना है कि सदन में विपक्ष ने महंगाई का मुद्दा उठाया लेकिन वो कांग्रेस की सरकार के वक्त महंगाई की स्थिति पर बात नहीं करते हैं.

    पीएम ने कांग्रेस सरकार में वित्त मंत्री रहे पी. चिदंबरम के एक बयान का ज़िक्र किया. पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस सरकार के आखिरी सालों में तत्कालीन वित्त मंत्री ने बेशर्मी के साथ कह दिया था कि महंगाई कम करने के लिए किसी अलादीन के जादू की उम्मीद न करें.

    उन्होंने कहा, ''हमारे चिदंबरम जी जो इन दिनों अर्थव्यवस्था पर लेख लिखते थे, जब सरकार में थे तब आपके नेता क्या कहते थे. लोगों को 15 रुपये की पानी की बोतल और 20 रुपये की आइसक्रीम ख़रीदने में तक़लीफ़ नहीं होती लेकिन गेहूं-चावल पर एक रुपये बढ़ जाए तो तक़लीफ़ होती है. ये उनका महंगाई को लेकर कितना असंवेदनशील रवैया था.''

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    प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में बताया कि कांग्रेस के समय महंगाई दर 10 फ़ीसदी से ज़्यादा थी. 2014 से 2020 के बीच ये महंगाई दर पांच फ़ीसदी से कम रही है. उन्होंने कहा, कोरोना के बावजूद इस साल महंगाई 5.2 फ़ीसदी रही है. फूड इंफ्लेशन तीन फ़ीसदी से कम रही है. आप अपने समय में वैश्विक परिस्थितियों की दुहाई देकर पल्ला झाड़ लेते थे लेकिन ये सरकार समाधान के लिए पूरी कोशिश करती है.''

    महंगाई पर जवाहर लाल नेहरू का ज़िक्र

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन के दौरान कई बार जवाहर लाल नेहरू का ज़िक्र किया. वो ये भी कहते नज़र आए कि वो बार-बार पंडित नेहरू का ज़िक्र आज के संबोधन में करेंगे.

    महंगाई पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि जवाहर लाल नेहरू ने महंगाई पर लाल किले से कहा था, ''कभी-कभी कोरिया में लड़ाई भी हमें प्रभावित करती है, इसके चलते वस्तुओं की कीमत बढ़ जाती है. और यह हमारे नियंत्रण से भी बाहर हो जाती हैं.''

    उन्होंने इस बयान का ज़िक्र करते हुए कहा, ''देश के सामने देश का पहला प्रधानमंत्री हाथ ऊपर कर देता है.अगर कांग्रेस सरकार आज सत्ता में होती, तो वो महंगाई कोरोना के खाते में जमा करके निकल जाते. हम बड़ी संवेदनशीलता के साथ पूरी ताक़त से समाधान के लिए काम कर रहे हैं.''

    प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आम लोगों से जुड़े महंगाई के मुद्दे पर बात करने वाली कांग्रेस 1971 से ही ''ग़रीब हटाओ'' के नाम पर चुनाव जीतती है. ग़रीबी हटी नहीं लेकिन ग़रीबों ने कांग्रेस को हटा दिया.

  7. यूपी चुनाव में अखिलेश के लिए प्रचार करने लखनऊ पहुंची ममता बनर्जी

    सीएम ममता बनर्जी

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    पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री यूपी चुनाव में समाजवादी पार्टी के लिए प्रचार करने सोमवार को लखनऊ पहुंची.

    समाचार एजेंसी पीटीआई ने पार्टी सूत्रों के हवाले से बताया है कि लखनऊ में ममता बनर्जी सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ एक प्रेस वार्ता को संबोधित करेंगी. वो 8 फ़रवरी को एक वर्चुअल रैली भी करेंगी.

    लखनऊ के लिए रवाना होते समय ममता बनर्जी ने मीडिया से कहा, ‘‘अखिलेश यादव ने मुझे वहां आकर सपा के लिए अभियान करने का न्योता दिया है. हम (टीएमसी) चाहते हैं कि बीजेपी हारे और अखिलेश उत्तर प्रदेश जीतें. इसी कारण से हमने उत्तर प्रदेश से चुनाव नहीं लड़ने का फ़ैसला किया है.’’

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    लखनऊ पहुंचने पर अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी का स्वागत किया और ट्वीट किया, "बंगाल में मिलकर हराया था, अब यूपी में मिलकर हराएंगे."

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    टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने बताया कि वो फ़रवरी के आखिर में वाराणसी का दौरा भी करेंगे लेकिन अभी कोई तारीख़ तय नहीं है.

    उन्होंने बताया कि पार्टी इन पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में केवल गोवा में चुनाव लड़ रही है, लेकिन वह पंजाब में 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ेगी.

    शुभेंदु अधिकारी

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    शुभेंदु अधिकारी का सवाल

    ममता बनर्जी के सपा को समर्थन देने को लेकर बीजेपी ने भी पलटवार किया है.

    पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने पूछा कि "क्या सपा पश्चिम बंगाल चुनाव में टीएमसी की जीत के बाद हुई हिंसा का समर्थन करती है."

    उन्होंने कहा, ‘‘बीजेपी उत्तर प्रदेश में सत्ता में लौटेगी. और हम ये जानना चाहेंगे कि क्या समाजवादी पार्टी चुनाव बाद हुई हिंसा का समर्थन करती है जो बंगाल में टीएमसी ने की थी. अगर नहीं, तो उन्हें उसकी निंदा करनी चाहिए.’’

    पश्चिम बंगाल चुनाव में जीत के बाद ममता बनर्जी बीजेपी के ख़िलाफ़ कांग्रेस के अलावा विपक्ष को एकजुट करने की कोशिश में लगी हैं. वह शिवसेना और एनसीपी नेताओं से मुलाक़ात कर चुकी हैं और अखिलेश यादव को समर्थन दे रही हैं.

  8. Live : डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', 7 फरवरी 2022, सुनिए अंजुम शर्मा से

    बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', सुनिए अंजुम शर्मा से.

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  9. शाहरुख़ मामले में बाबुल सुप्रियो ने कहा- शर्म आती है कि एक समय मैंने बीजेपी की सेवा की

    बाबुल सुप्रियो

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    बीजेपी के पूर्व सांसद और अब तृणमूल कांग्रेस के नेता बाबुल सुप्रियो ने लता मंगेशकर के लिए शाहरुख़ ख़ान की दुआ पर उठे विवाद पर अपनी पूर्व पार्टी को घेरा है. लता मंगेशकर के अंतिम दर्शन के लिए मुंबई के शिवाजी पार्क पहुँचे शाहरुख़ ख़ान ने लता मंगेशकर के लिए दुआ की. लेकिन उनकी दुआ की फूँक को बीजेपी नेता ने थूक कहकर विवाद खड़ा कर दिया. अब बाबुल सुप्रियो ने बीजेपी हरियाणा के आईटी सेल के नेता अरुण यादव का ट्वीट शेयर करते हुए लिखा है कि मुझे शर्म आती है कि एक समय मैंने इस पार्टी की सेवा की और इसके लिए संघर्ष किया.

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    गायक और राजनेता बाबुल सुप्रियो एक समय पश्चिम बंगाल में बीजेपी के शीर्ष नेताओं में माने जाते थे. लेकिन मोदी कैबिनेट में हुई फेरबदल में उनसे मंत्रिपद छीन लिया गया. इसके बाद उन्होंने पार्टी छोड़ी और फिर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए.

    शाहरुख़ ख़ान

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    क्या है मामला

    शाहरुख़ ख़ान लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि देने अपनी सेक्रेटरी पूजा ददलानी के साथ पहुँचे थे. एक ओर जहाँ शाहरुख़ के हाथ दुआ के लिए उठे हुए थे, वहां पूजा ददलानी हाथ जोड़कर लता जी को श्रद्धांजलि दे रही थी.

    दुआ के बाद शाहरुख़ ने मास्क हटाकर फूँक मारी. उनकी फूँक को थूक का नाम देकर लोग शाहरुख़ को ट्रोल करने लगे. हालाँकि एक दूसरा तबका उनकी और पूजा ददलानी की तस्वीर को भारत की असली तस्वीर कहकर तारीफ़ भी कह रहा है.

  10. नरेंद्र मोदी लोकसभा में विपक्ष पर बरसे, बोले- कोरोना काल के दौरान कांग्रेस ने हद कर दी

    पीएम मोदी

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण के लिए धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई बहस का संसद में जवाब दिया. इस दौरान वो विपक्ष पर जमकर निशाना साधते नज़र आए.

    प्रधानमंत्री मोदी का आरोप है कि कोरोना महामारी का इस्तेमाल विपक्ष ने दलगत राजनीति के लिए किया है. उन्होंने कांग्रेस का नाम लेते हुए कहा कि महामारी के वक्त कांग्रेस ने हद कर दी. कोरोना लॉकडाउन के वक्त कांग्रेस के लोगों ने महाराष्ट्र से जानबूझकर लोगों को वापस दूसरे राज्यों में उनके गाँव-शहर की तरफ़ से भेज दिया.

    दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार के लिए भी प्रधानमंत्री ने ऐसा ही आरोप लगाया. प्रधानमंत्री का कहना है कि इस वजह से पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में जहाँ कोरोना महामारी अपेक्षाकृत कम फैली हुई थी, और तेज़ी से फैलने लगी.

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    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ''बीते 2 सालों में 100 साल का सबसे बड़ा वैश्विक महामारी का संकट पूरी दुनिया की मानव जाति झेल रही है. जिन्होंने भारत के अतीत के आधार पर ही भारत को समझने का प्रयास किया, उनको तो आशंका थी कि शायद भारत इतनी बड़ी लड़ाई नही लड़ पाएगा, खुद को बचा नहीं पाएगा.''

    प्रधानमंत्री ने आगे कहा,' 'इस कोरोना काल में कांग्रेस ने हद कर दी. पहली लहर के दौरान देश जब लॉकडाउन का पालन कर रहा था, जब WHO दुनिया भर को सलाह देता था, सारे हेल्थ एक्सपर्ट कह रहे थे कि जो जहां है वहीं पर रुके.तब कांग्रेस के लोगों ने मुंबई के रेलवे स्टेशन पर खड़े रहकर मुंबई के श्रमिकों को जाने के लिए उनको टिकट दिया गया, लोगों को जाने के लिए प्रेरित किया गया.''

    प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन के दौरान विपक्ष की तरफ़ से अधीर रंजन चौधरी लगातार बोलते नज़र आए. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला उन्हें शांत रहने के लिए कहते नजर आए. अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने एक शेर भी सुनाया.

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    पीएम मोदी ने अपने संबोधन में अलग-अलग राज्यों का ब्योरा देते हुए ये भी बताया कि किस राज्य में कब से कांग्रेस की सरकार नहीं बन सकी है.

    उन्होंने कहा, ''नागालैंड के लोगों ने आखिरी बार 1998 में कांग्रेस के लिए वोट किया था, करीब 24 साल हो गए. ओडिशा ने 1995 में आपके लिए वोट किया था, सिर्फ 27 साल हुए आपको वहां एंट्री नहीं मिली. गोवा में 1994 में पूर्ण बहुमत के साथ आप जीते थे, 28 साल से गोवा ने आपको स्वीकार नहीं किया. 1988 के बाद से त्रिपुरा में मौका नहीं मिला. यूपी, बिहार, गुजरात में 1985 के बाद से आपको नहीं आने दिया गया. पिछली बार पश्चिम बंगाल ने 1972 में करीब 50 साल पहले आपको पसंद किया गया था.''

    प्रधानमंत्री मोदी ने ये भी कहा, ''आपने मन बना लिया है 100 साल तक सत्ता में नहीं आना है.''

  11. योगी आदित्यनाथ के ख़िलाफ़ समाजवादी पार्टी ने इन्हें बनाया है उम्मीदवार

    योगी आदित्यनाथ

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    समाजवादी पार्टी ने गोरखपुर शहर विधानसभा क्षेत्र से सभावती शुक्ला को योगी आदित्यनाथ के सामने उम्मीदवार बनाया है. पिछले दिनों गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर शहर से नामांकन दाख़िल किया था और बीजेपी की सरकार फिर से बनाने का दावा किया था.

    इस सीट से भीम आर्मी के चंद्रशेखर आज़ाद भी योगी आदित्यनाथ को चुनौती दे रहे हैं. सभावती शुक्ला बीजेपी के पूर्व नेता उपेंद्र शुक्ला की पत्नी हैं. सभावती शुक्ला बाद में सपा में शामिल हुई थी.

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    योगी आदित्यनाथ के लोकसभा से इस्तीफ़ा देने के बाद उपेंद्र शुक्ला ने 2018 में गोरखपुर से लोकसभा का उप चुनाव लड़ा था. लेकिन वे हार गए थे. उन्हें समाजवादी पार्टी के प्रवीण निषाद ने हराया था.

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    बाद में 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने अभिनेता रवि किशन को अपना उम्मीदवार बनाया. रवि किशन इस समय गोरखपुर से सांसद हैं. उपेंद्र शुक्ला की मौत हो चुकी है और अब उनकी पत्नी सभावती शुक्ला योगी आदित्यनाथ को चुनौती देंगी.

  12. योगी आदित्यनाथ का सपा पर निशाना, कहा- नाम से समाजवादी, सोच परिवारवादी और काम दंगावादी

    योगी आदित्यनाथ

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    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दंगों को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को घेरा है. मेरठ में एक चुनावी सभा में योगी आदित्यनाथ ने कहा- जब भी कांग्रेस और सपा की सरकारें आती थीं, तब दंगे शुरू हो जाते थे. दंगों की वजह से कर्फ़्यू लगता था जिसकी वजह से व्यापारी, ग़रीब परेशान होते थे. उन्होंने कहा- मुज़फ़्फ़रनगर का दंगा, सहारनपुर का दंगा, बिजनौर का दंगा. नाम से समाजवादी, सोच परिवारवादी काम दंगावादी.

    योगी आदित्यनाथ ने पूछा- जब मुज़फ़्फ़रनगर का दंगा हो रहा था, तब दो लड़कों (अखिलेश यादव और राहुल गांधी) की जोड़ी कहां चली गई थी? एक लखनऊ से दंगा करवा रहा था और एक दिल्ली से तमाशा देख रहा था.

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    योगी आदित्यनाथ ने क़ब्रिस्तान का मुद्दा भी उठाया और कहा- मुझसे एक सेकुलर नेता ने कहा कि आप सिर्फ़ तीर्थों की बात क्यों करते हैं? मैंने कहा हमारी जहाँ आस्था होगी हम वहीं काम करेंगे. हम अयोध्या, काशी, मथुरा, वृंदावन का विकास करेंगे. सपा और लोक दल के लोगों को क़ब्रिस्तान का विकास करने के लिए भगवान ने पैदा करके भेजा ही है.

  13. LIVE : लोकसभा में प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन

    संसद के बजट सत्र में लोकसभा में प्रधानमंत्री मोदी अब संबोधित कर रहे हैं. यहाँ देखिए लाइव.

  14. इसराइल में पेगासस मामले की गूँज, पीएम बेनेट ने कहा- जासूसी के आरोप गंभीर

    नफ़्टाली बेनेट

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    इसराइल के प्रधानमंत्री नफ़्टाली बेनेट ने कहा है कि पेगासस मामले में आई नई रिपोर्ट के बाद सरकार इसकी जाँच करेगी और कार्रवाई भी होगी. एक इसराइली अख़बार की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इसराइल की पुलिस पेगासस का इस्तेमाल करके लोगों की जासूसी करती थी.

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    एक के बाद एक कई ट्वीट्स में बेनेट ने कहा कि अगर अख़बार की रिपोर्ट सही है, तो ये बहुत ही गंभीर बात है. उन्होंने कहा- पेगासस और इसके जैसे अन्य टूल्स आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई और गंभीर अपराध से लड़ने के लिए काफ़ी अहम हैं. लेकिन इनका इस्तेमाल इसराइली नागरिकों या अन्य महत्वपूर्ण शख़्सियतों की जासूसी के लिए नहीं किया जा सकता.

    नफ़्टाली बेनेट ने कहा कि इस समय डिप्टी अटॉर्नी जनरल एडवोकेट अमित मेरारी मामले की जाँच में लगे हैं. उन्होंने वादा किया कि सरकार जल्द ही इस मामले में एक नए अधिकारी को भी नियुक्त करेगी.

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    इसराइली पीएम ने कहा कि इस मामले को अनुत्तरित नहीं जाने देंगे. पिछले दिनों इस मामले की गूँज भारत में सुनाई दी थी. जब मीडिया रिपोर्ट्स में ये आरोप लगे थे कि भारत में भी राजनेता, पत्रकार, बुद्धिजीवी और कार्यकर्ताओं की जासूसी कराई गई थी.

    इसराइल की एक कंपनी 'एनएसओ ग्रुप' ये स्पाईवेयर अलग-अलग देशों की सरकारों को बेचती है. एनएसओ ग्रुप ने इस बात से इनकार किया है कि उसने कोई गलत काम किया है. कंपनी ने जासूसी के आरोपों को 'बेबुनियाद' और 'वास्तविकता से कोसों दूर' बताया है. भारत में नरेंद्र मोदी की सरकार ने भी ऐसे आरोपों से इनकार किया है. अभी ये मामला भारत में सुप्रीम कोर्ट में है.

  15. चन्नी को सीएम चेहरा बनाए जाने के बाद सिद्धू ने क्या कहा?

    सिद्धू

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    चरणजीत सिंह चन्नी को कांग्रेस की ओर से सीएम पद का चेहरा बनाए जाने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा है कि उन्होंने पंजाब मॉडल पार्टी को सौंप दिया है इसके लागू करना चरणजीत चन्नी के हाथों में होगा.

    मीडिया से बात करते हुए सिद्धू ने कहा,‘’पंजाब मॉडल पूरे राज्य के लिए साझा किया गया है. इस पर मेरा कोई कॉपीराइट नहीं है. मैं लोगों के कल्याण को सुनिश्चित करना चाहता हूँ. कोई भी इसमें से कोई भी अच्छी बात उठा सकता है, मुझे कोई आपत्ति नहीं है. मैंने इसे पहले ही पार्टी को सौंप दिया है लेकिन इसे लागू करने की शक्ति चरणजीत चन्नी के पास है.’’

    सिद्धू को सीएम पद की दावेदारी की रेस में काफ़ी अहम माना जा रहा था.

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    कुछ दिनों पहले नवजोत सिंह सिंद्धू नेएक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था,‘’मेरा पंजाब मॉडल बच्चों, युवाओं और राज्य के लोगों के जीवन को बदलने वाला है. आज पंजाब को एक बड़ी बात तय करनी है, 60 विधायक होने पर सीएम चुने जाएँगे. कोई 60 विधायकों की बात नहीं कर रहा है. कोई भी सरकार बनाने के रोडमैप के बारे में बात नहीं कर रहा है."

    बीते कुछ दिनों से सिद्धू और चन्नी के बीच सरगर्मी तेज़ थी. कांग्रेस ने राज्य के कार्यकर्ताओं से दोनों नेताओं को लेकर फीडबैक भी मांगा था. रविवार को कांग्रेस ने चन्नी के नाम पर मुहर लगा दी.

  16. बीजेपी में शामिल हुईं अभिनेत्री माही गिल

    फाइल फोटो

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    पंजाब चुनाव से पहले अलग-अलग क्षेत्रों की हस्तियां भी सियासी दलों में रुचि दिखा रही हैं. अब 'देव डी', 'साहेब बीवी और गैंगस्टर' जैसी फ़िल्मों में काम कर चुकीं बॉलीवुड और पंजाबी अभिनेत्री माही गिल बीजेपी में शामिल हो गई हैं.

    माही गिल और पंजाबी एक्टर-सिंगर हॉबी धालीवाल ने हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, पंजाब बीजेपी प्रभारी दुष्यंत गौतम की उपस्थिति में बीजेपी की सदस्यता ली है.

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    माही गिल के फ़िल्मी सफ़र की बात करें तो पिछले क़रीब दो दशकों से इंडस्ट्री से जुड़ी हुई हैं. बॉलीवुड में उन्हें देव डी, साहेब बीवी और गैंगस्टर, पान सिंह तोमर, दबंग-2 जैसी फ़िल्मों के लिए जाना जाता है.

    'देव डी' की पारो और 'साहेब बीवी और गैंगस्टर' में माधवी के किरदार की वजह से वो ख़ूब सुर्ख़ियों ंमें आई थीं.

    फ़िलहाल, वो ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी नज़र आती हैं. वेब सिरीज़ रक्तांचल-2 में उनका किरदार भी राजनीति से जुड़ा हुआ है.

  17. चीन की टेनिस खिलाड़ी ने अब कहा- पोस्ट से पैदा हुई ग़लतफ़हमी, नहीं हुआ है यौन शोषण

    पेंग शुआई

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    इमेज कैप्शन, पेंग शुआई (फाइल फोटो)

    चीन की मशहूर टेनिस खिलाड़ी पेंग शुआई ने अब कहा है कि सोशल मीडिया पर उनके पोस्ट से ''बड़ी ग़लतफ़हमी'' पैदा हुई है. शुआई ने किसी भी तरह के यौन शोषण की बात से इनकार किया है.

    किसी भी पश्चिमी मीडिया आउटलेट को दिए गए अपने पहले इंटरव्यू में पेंग शुआई ने कहा कि वो सामान्य ज़िंदगी जी रही हैं. चीन के अधिकारी भी ऐसा ही कह रहे हैं.

    दरअसल, पिछले साल पेंग शुआई के एक सोशल मीडिया पोस्ट में शीर्ष चीनी अधिकारी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया था. बाद में वो पोस्ट हटा ली गई. तब से वो ग़ायब बताई जा रही थीं. ऐसा कहा जा रहा था कि वो कहाँ हैं इस बात का किसी को कुछ पता नहीं है.

    विंटर ओलंपिक के बीच रविवार को ''लिकीप'' को दिए गए इंटरव्यू में पेंग शुआई ख़ुद के लिए चिंता जताने पर धन्यवाद व्यक्त करती हैं.

    साथ ही कहती हैं, ''मैं जानना चाहती हूँ कि ऐसी चिंता क्यों है? मैंने कभी नहीं कहा कि किसी ने मेरा यौन उत्पीड़न किया है.'' पेंग शुआई का कहना है कि सोशल मीडिया पोस्ट ने दुनिया भर में बड़ी ग़लतफ़हमी पैदा की है.

    वो कहती हैं, ''मुझे उम्मीद है कि पोस्ट के मतलब को अब और तोड़-मरोड़ के पेश नहीं किया जाएगा. और ये भी उम्मीद है कि इसे और प्रचारित नहीं किया जाएगा.''

    पेंग शुआई के सोशल मीडिया पोस्ट में क्या था?

    पिछले साल 2 नवंबर को पेंग के चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ''वीबो'' के अकाउंट पर करीब 1600 शब्दों का पोस्ट किया गया था.

    पोस्ट में चीन के पूर्व वाइस प्रीमियर झांग गाओली पर यौन शोषण का आरोप लगाया गया था. आरोप था कि उन्हें झांग के साथ यौन संबंधों के लिए "मजबूर" किया गया.

    झांग गाओली साल 2013 से 2018 के चीन के वाइस प्रीमियर थे और शी जिनपिंग के करीबी सहयोगियों में से एक थे.

  18. अमित शाह ने कहा- ओवैसी को अब भी ख़तरा, ज़ेड श्रेणी की सुरक्षा लेने का अनुरोध

    फाइल फोटो

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    गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में एआईएमआईएम चीफ़ असदुद्दीन ओवैसी से जेड श्रेणी की सिक्योरिटी स्वीकार करने का आग्रह किया है. शाह ने कहा है कि सरकार के आकलन के मुताबिक़, ओवैसी को अब भी ख़तरा है.

    ओवैसी पर हुए हमले को लेकर अमित शाह ने कहा कि उनका हापुड़ ज़िले में कोई पूर्व निर्धारित कार्यक्रम नहीं था, उनके वहाँ जाने की कोई सूचना ज़िला नियंत्रण कक्ष को पहले नहीं भेजी गई थी. जानकारी मिलने के बाद गृह मंत्रालय ने तुरंत राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी.

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    शाह ने कहा कि केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की मिली जानकारी के आधार पर ओवैसी को पहले ही सुरक्षा मुहैया कराने का आदेश दिया गया था. लेकिन ओवैसी ने सुरक्षा लेने की इच्छा नहीं जताई.

    गृहमंत्री का कहना है कि एआईएमआईएम सांसद की सुरक्षा का फिर से आकलन किया गया है और उन्हें बुलेटप्रुफ़ गाड़ी और जेड कैटेगरी सिक्योरिटी दी गई है.

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    शाह का कहना है कि जो बयान ओवैसी की तरफ़ से सामने आए हैं, उनके मुताबिक़, जेड कैटेगरी सुरक्षा लेने से उन्होंने इनक़ार कर दिया है. शाह ने कहा,''मैं ओवैसी से केंद्र सरकार द्वारा दी गई सुरक्षा को स्वीकार करने का अनुरोध करता हूँ.''

    बता दें कि पिछले हफ़्ते गुरुवार को ओवैसी जब मेरठ से दिल्ली लौट रहे थे तो उनकी कार पर हमला हुआ था. इस मामले में यूपी पुलिस ने सचिन शर्मा और शुभम नाम के दो लोगों को गिरफ़्तार किया है.

  19. अनुप्रिया पटेल ने कहा- हिंदुत्व पर हमारी विचारधारा बीजेपी से अलग

    जेपी नड्डा और अनुप्रिया पटेल

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    उत्तर प्रदेश में बीजेपी के गठबंधन में शामिल पार्टी अपना दल (एस) की प्रमुख अनुप्रिया पटेल ने कहा है कि उनकी पार्टी विचारधारा के स्तर पर बीजेपी से अलग है. अनुप्रिया पटेल केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री भी हैं.

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    समाचार एजेंसी पीटीआई के साथ बातचीत में उन्होंने कहा- लोग मुझसे हिंदुत्व और अन्य मुद्दों को लेकर सवाल पूछने की कोशिश करते हैं. लेकिन मैं अपने को इन सभी मुद्दों से अलग करती हूँ. मेरी पार्टी धार्मिक राजनीति नहीं करती. अनुप्रिया पटेल ने कहा कि उनकी पार्टी समाजिक न्याय के लिए खड़ी है. पिछले विधानसभा चुनाव में अपना दल ने बीजेपी के साथ गठबंधन किया था और पार्टी ने 11 में से नौ सीटें जीती थी.

  20. LIVE: मथुरा में वोटरों के क्या हैं मुद्दे?

    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस बार मथुरा के वोटर क्या चाह रहे हैं? उनके मुद्दे क्या हैं? और पार्टियों-नेताओं से वो क्या चाहते हैं? इन सभी मुद्दों पर श्री कृष्ण जन्मभूमि से स्थानीय लोगों से बात कर रहे हैं बीबीसी संवाददाता वात्सल्य राय.