भारत कर रहा एस-400 की तैनाती इसी बीच इमरान ख़ान ने पुतिन से की बात

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने सोमवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को आश्वस्त किया कि उनकी सरकार रूस के साथ गैस पाइप लाइन प्रोजेक्ट को लेकर प्रतिबद्ध है.
दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंध और बेहतर करने को लेकर भी बात की है. पाकिस्तान के अंग्रेज़ी अख़बार डॉन ने लिखा है कि इमरान ख़ान और पुतिन के बीच बातचीत तब हुई है, जब भारत रूस के एस-400 मिसाइल सिस्टम की तैनाती पाकिस्तान से लगी सीमा पर कर रहा है.
पुतिन और इमरान ख़ान की फ़ोन पर बातचीत को लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान जारी किया है.
इस बयान में कहा गया है, ''प्रधानमंत्री ने रूस के साथ द्विपक्षीय संबंध, ट्रेड, ऊर्जा और आर्थिक सहयोग बढ़ाने को लेकर बात की है. इमरान ख़ान ने राष्ट्रपति पुतिन से गैस पाइप लाइन प्रोजेक्ट को लेकर अपनी प्रतिबद्धता ज़ाहिर की है.
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वहीं इमरान ख़ान ने सोमवार को ट्वीट कर कहा, ''अभी मैंने राष्ट्रपति पुतिन से फ़ोन बात की. पुतिन ने कहा था कि मोहम्मद पैग़ंबर का अपमान करना अभिव्यक्ति की आज़ादी नहीं है बल्कि धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन है. मैंने उनके इस बयान की तारीफ़ की. पश्चिम के पुतिन पहले नेता हैं, जिन्होंने मुसलमानों की संवेदनशीलता के साथ अपनी सहानुभूति जताई है. उनसे ट्रेड और पारस्परिक फ़ायदे वाले सहयोग पर भी बात की. हमने एक दूसरे को दौरे के लिए आमंत्रित भी किया.''
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपनी वार्षिक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में 23 दिसंबर को पैग़ंबर मोहम्मद पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि पैग़बर मोहम्मद का अपमान करना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के तहत नहीं आता है. उन्होंने कहा था कि पैग़बर का अपमान करना 'धार्मिक स्वतंत्रता का हनन है और जो लोग इस्लाम का पालन करते हैं, उनकी पवित्र भावनाओं का हनन है.'

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इमरान ख़ान ने भले पुतिन को पाकिस्तान आमंत्रित किया है लेकिन पुतिन आज तक पाकिस्तान नहीं गए. व्लादिमीर पुतिन पिछले 21 सालों से रूस की सत्ता पर काबिज हैं, लेकिन वो कभी पाकिस्तान नहीं गए. रूस जब सोवियत संघ था तब भी किसी राष्ट्रपति का पाकिस्तान दौरा नहीं हुआ. सोवियत संघ के पतन के 16 सालों बाद 11 अप्रैल, 2007 को रूस के प्रधानमंत्री मिख़ाइल फ़्रादकोव पाकिस्तान गए थे. दक्षिण एशिया में भारत एकमात्र देश है जहाँ पुतिन आते हैं.





