कश्मीर प्रेस क्लब के कैंपस को सरकार ने अपने नियंत्रण में क्यों लिया

जम्मू और कश्मीर के प्रशासन ने सोमवार को कश्मीर प्रेस क्लब के कैंपस को अपने अधिकार क्षेत्र में ले लिया.

लाइव कवरेज

मोहम्मद शाहिद and कीर्ति दुबे

  1. कश्मीर प्रेस क्लब के कैंपस को सरकार ने अपने नियंत्रण में लिया

      • Author, आमिर पीरज़ादा
      • पदनाम, बीबीसी संवाददाता
    कश्मीर प्रेस क्लब

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    जम्मू और कश्मीर के प्रशासन ने सोमवार को कश्मीर प्रेस क्लब के कैंपस को अपने अधिकार क्षेत्र में ले लिया. पिछले हफ़्ते जम्मू और कश्मीर के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन में गुटबाज़ी की ख़बरें आई थीं.

    सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है, "पत्रकारों के अलग-अलग गुटों के बीच अनबन और अप्रिय घटनाओं को देखते हुए ये फ़ैसला लिया गया है कि कश्मीर प्रेस क्लब को श्रीनगर में आवंटित किए गए पोलो व्यू कैंपस की ज़मीन और उसमें स्थित इमारत का नियंत्रण संपत्ति विभाग को वापस दिया जा रहा है."

    चूंकि प्रेस क्लब की इमारत सरकार ने अपने नियंत्रण में वापस ले ली है, इस संस्था के 300 से अधिक सदस्यों में परेशानी का माहौल है. कई पत्रकारों ने सरकार की मंशा पर सवाल भी उठाए हैं.

    जम्मू और कश्मीर प्रशासन के इस फ़ैसले के बाद एक पत्रकार ने नाम न ज़ाहिर करने की शर्त पर बताया, "स्वतंत्र पत्रकारों के लिए ये इकलौती जगह थी, जहां हमें पनाह मिलती थी."

    कश्मीर प्रेस क्लब

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    16 जनवरी को पत्रकारों के एक समूह ने कश्मीर प्रेस क्लब के दफ़्तर पर धावा बोला और क्लब का नियंत्रण जबरन अपने हाथों में ले लिया था. इसके बाद कश्मीर के पत्रकार सदमे में और डरे हुए हैं. वे लोग सोमवार को कश्मीर प्रेस क्लब के बाहर इकट्ठा हुए.

    कश्मीर के बाहर सक्रिय नौ पत्रकारों ने एक साझा बयान में कहा, "कोरोना संक्रमण के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए 15 जनवरी को जब प्रशासन ने हफ़्ते भर के लिए लॉकडाउन लागू करने का एलान किया तो पत्रकारों के एक समूह ने प्रेस क्लब के दफ़्तर में मौजूद सदस्यों को बंधक बनाते हुए क्लब का नियंत्रण बलपूर्वक अपने हाथों में ले लिया. पूरी तरह से इस अवैध और निंदनीय कदम के लिए पहले से ही बड़ी संख्या में पुलिस बलों और अर्धसैनिक बलों को वहां तैनात किया गया था."

    सरकार के बयान में आगे कहा गया है, "कश्मीर प्रेस क्लब की वास्तविक स्थिति ये है कि एक रजिस्टर्ड संस्था के तौर पर इसका और इसकी प्रबंध कमेटी का अस्तित्व 14 जुलाई, 2021 को ही क़ानूनी रूप से समाप्त हो गया था. उसी दिन इसका कार्यकाल ख़त्म हो गया था."

    कश्मीर प्रेस क्लब

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    "सेंट्रल सोसायटीज़ ऑफ़ रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन कराने में नाकाम रहने के अलावा नई प्रंबध समिति के गठन के लिए चुनाव कराने में भी केपीसी नाकाम रही. पूर्ववर्ती क्लब से जुड़े कुछ लोग अवैध गतिविधियों में लिप्त थे. इनमें एक ये भी था कि वे खुद एक ऐसी संस्था का मालिक और प्रबंधक बता रहे थे जो क़ानूनी रूप से अब अस्तित्व में नहीं है."

    बयान में कहा गया है कि कुछ सदस्यों ने इसी नाम से एक और संस्था खड़ी कर ली थी. इससे ऐसा लग रहा था कि केपीसी अब उनके अधीन हो गई हो.

    "चूंकि वास्तविक कश्मीर प्रेस क्लब का अस्तित्व एक रजिस्टर्ड संस्था के रूप में ख़त्म हो गया है तो ऐसे में किसी अंतरिम संस्था की बात बेमानी हो जाती है. इन हालात में पूर्ववर्ती कश्मीर प्रेस क्लब के नाम का इस्तेमाल किसी समूह द्वारा किया जाना ग़ैरक़ानूनी है."

    पत्रकारों में नाराज़गी का माहौल

    कश्मीर प्रेस क्लब को स्थानीय प्रशासन के खुले समर्थन से कुछ पत्रकारों द्वारा 'एकतरफ़ा और अवैध तरीके से' नियंत्रण में लिए जाने के मुद्दे पर कई कश्मीरी पत्रकारों ने नाराज़गी जाहिर की है. कश्मीर प्रेस क्लब के निर्वाचित पदाधिकारियों ने इस कदम को एक ग़लत और ख़तरनाक नज़ीर बताया है.

    बहुत से लोगों का ये भी कहना है कि कश्मीर प्रेस क्लब को बंद किया जाना कश्मीर में स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता पर की जा रही बड़ी कार्रवाई का हिस्सा है.

    कश्मीर के स्वतंत्र पत्रकार आकाश हसन ने बीबीसी को बताया, "इस क्षेत्र में जहां मीडिया और पत्रकारों पर सरकारी दबाव अभूतपूर्व रूप से बढ़ गया था, पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा के मामले में ये क्लब एक बेमिसाल संस्थान की तरह था."

  2. पीएम मोदी ने विश्व आर्थिक मंच के अपने भाषण में क्रिप्टोकरेंसी पर भी की बात

    मोदी

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को विश्व आर्थिक मंच को वर्चुअली संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कोरोना महामारी से लेकर क्रिप्टोकरेंसी के ऊपर अपनी बात रखी.

    पीएम मोदी ने कहा, “आजग्लोबल ऑर्डरमें बदलाव के साथ ही एक वैश्विक परिवार के तौर पर हम जिन चुनौतियों का सामना करते रहे हैं, वो भी बढ़ रही हैं.इनसे मुकाबला करने के लिए हर देश, हर वैश्विक एजेंसी द्वारा कलेक्टिव और सिंक्रोनाइज़्ड एक्शन की ज़रूरत है.”

    “ये सप्लाई चेन में बाधाएं, मुद्रास्फ़ीति और जलवायु परिवर्तन इन्हीं के उदाहरण हैं.एक और उदाहरण है- क्रिप्टोकरेंसीका.जिस तरह की टेक्नोलॉजी इससे जुड़ी है, उसमें किसी एक देश द्वारा लिए गए फैसले, इसकी चुनौतियों से निपटने में अपर्याप्त होंगे. हमें एक समान सोच रखनी होगी.”

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    पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान भारत के आईटी सेक्टर ने 24 घंटे काम करके दुनिया के तमाम देशों को मुश्किलों से बचाया है. भारत दुनियाभर में रिकॉर्ड इंजीनियरों को भेज रहा है.”

    “आज भारत में दुनिया में तीसरे नंबर के सबसे ज़्यादा यूनिकॉर्न्सहैं. 10 हज़ार से ज़्यादा स्टार्ट-अप्स पिछले 6 महीने में रजिस्टर हुए हैं. आज भारत के पास विश्व का बड़ा, सुरक्षित और सफल डिजिटल पेमेंट्स प्लेटफ़ॉर्म है.सिर्फ़ पिछले महीने की ही बात करूं तो भारत में यूनिफ़ाइड पेमेंट्स इंटरफ़ेस के माध्यम से 4.4 बिलियन ट्रांज़ेक्शनहुए हैं.”

    पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय युवाओं में आज आंट्रप्रेन्योरशिपएक नई ऊंचाई पर है. 2014 में जहां भारत में कुछ सौ रजिस्टर्ड स्टार्ट अप थे. वहीं आज इनकी संख्या 60 हज़ार के पार हो चुकी है।इसमें भी 80 से ज़्यादा यूनिकॉर्न्स हैं, जिसमें से 40 से ज़्यादा तो 2021 में ही बने हैं.

  3. जसप्रीत बुमराह ख़ुद को टेस्ट टीम का कप्तान बनाने के सवाल पर बोले

    जसप्रीत बुमराह

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    भारतीय क्रिकेट टीम के तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह ने कहा है कि अगर उन्हें मौक़ा मिलता है तो वो भारतीय टीम की कप्तानी संभालने को तैयार हैं.

    बुमराह ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान कहा, “अगर मौक़ा मिलता है तो यह सम्मान की बात होगी. मुझे नहीं लगता है कि कोई खिलाड़ी इसको लेकर न कहेगा.”

    दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ बुधवार से शुरू हो रही तीन वनडे मैचों की सीरीज़ के लिए तेज़ गेंदबाज़ बुमराह को उप-कप्तान बनाया गया है.

    वहीं केएल राहुल इस सीरीज़ के दौरान कप्तान रहेंगे क्योंकि रोहित शर्मा हेमस्ट्रिंग इंजरी के कारण अब तक ठीक नहीं हुए हैं.

    दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ टेस्ट सीरीज़ में हार के बाद विराट कोहली ने कप्तानी छोड़ दी है जिसके बाद अनुमान लगाए जा रहे हैं कि उनकी जगह टेस्ट टीम की कमान किसके हाथों में होगी.

    एक ओर केएल राहुल और रोहित शर्मा इस दौड़ में सबसे आगे हैं वहीं पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने विकेटकीपर ऋषभ पंत को कप्तान बनाने का सुझाव दिया है.

  4. 'हेट स्पीच' से जुड़े सवाल पर गुस्सा हुए यति नरसिंहानंद

    वीडियो कैप्शन, ‘हेट स्पीच’ से जुड़े सवाल पर भड़के यति नरसिंहानंद

    शनिवार को मुसलमान महिलाओं के बारे में अभद्र टिप्पणी करने के मामले में गिरफ़्तार किए गए जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

  5. बीजेपी से तीन बार सांसद रहे प्रभु दयाल कठेरिया ने सभी पार्टी पदों से दिया इस्तीफ़ा

      • Author, अनंत झणाणे
      • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
    प्रभु दयाल कठेरिया

    इमेज स्रोत, Anant Zanane/BBC

    बीजेपी ने सोमवार को फ़िरोज़ाबाद से तीन बार लोकसभा सांसद रह चुके प्रभु दयाल कठेरिया ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफ़ा दे दिया.

    उन्होंने अपने बेटे अरुणकांत कठेरिया को आगरा की किसी भी सुरक्षित सीट से टिकट न मिलने की वजह से पार्टी के सभी पदों से इस्तीफ़ा दे दिया. कठेरिया वर्तमान में प्रदेश कार्य समिति और राष्ट्रीय परिषद के पदों पर थे.

    दरअसल बीजेपी ने आगरा ग्रामीण से उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को प्रत्याशी घोषित किया है और ज़िले की दूसरी सुरक्षित सीट आगरा कैंट से पार्टी के मौजूदा विधायक गिरजा सिंह धर्मेश को एक बार फिर टिकट मिला है.

    प्रभु दयाल कठेरिया ने सोमवार को अपने बेटे अरुणकांत कठेरिया को आम आदमी पार्टी का प्रत्याशी बना कर नामांकन भरवाया.

    मीडिया से बात करते हुए कठेरिया ने कहा, "जिन पदों पर मैं पार्टी में रहा, अपने दिल से, न किसी का दबाव है, सभी पदों से मैं इस्तीफ़ा देता हूँ. अभी मैं सिर्फ़ सदस्य हूँ लेकिन वक़्त बताएगा और हो सकता है कि मैं सदस्यता से भी इस्तीफ़ा दे दूँ. 2012 में मैंने टिकट माँगा नहीं मिला, 2014 में टिकट माँगा, नहीं मिला. 2017 में तैयारी कराने के बाद मुझे टिकट नहीं दिया. मैंने सोचा 2019 में लोकसभा का मिल जाएगा. 2022 में कहा कि अपने बेटे को तैयार कराइए. हम दोनों बाप बेटे ने 325 गांव घूमे हैं."

    आम आदमी पार्टी से अपनी उम्मीदवारी के बारे में प्रभु दयाल कठेरिया के पुत्र अरुणकांत कठेरिया ने कहा, "मेरी विचारधारा आम आदमी पार्टी के साथ जुड़ी है, वो मुझे अच्छे लगे और मैं उनके साथ जा रहा हूँ. मेरी पार्टी और मेरे पिता का आशीर्वाद हमेशा मेरे साथ रहेगा. यह बग़ावत नहीं है, यह भाजपा के आदेश के ख़िलाफ़ एक क़दम है.”

    “मैं भाजपा का सच्चा सिपाही रहा हूँ. मेरे पिता लगभग 30 वर्ष भाजपा के साथ रहे हैं और एक अच्छे कार्यकर्ता के रूप में उन्होंने पार्टी में अपना जीवनयापन किया है. मैं दिल्ली में पढ़ा हूँ, वहां पर मैंने अरविंद केजरीवाल के काम करने का तरीका देखा है और आप यक़ीन मानिए की जब उन्होंने टिकट वितरण भी किया तो उन्होंने बहुत युवाओं को मौका दिया."

  6. गणतंत्र दिवस परेड में झांकी को लेकर ममता के बाद अब स्टालिन भी हुए नाराज़

    स्टालिन

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    गणतंत्र दिवस परेड में तमिलनाडु की झांकी को हटाए जाने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ राज्य के मुख्यमंत्री एमके. स्टालिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है.

    उन्होंने पत्र लिखकर प्रधानमंत्री से ‘तत्काल हस्तक्षेप’ करने की मांग की है.

    स्टालिन ने पत्र में लिखा है कि वो इस मुद्दे से बेहद निराश हैं. उन्होंने लिखा, “तमिलनाडु राज्य और उसके लोगों के लिए यह मुद्दा गंभीर चिंता का विषय है और तमिलनाडु की झांकी को शामिल करने का मैं निवेदन करता हूं जो कि नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड 2022 में तमिलनाडु के स्वतंत्रा सेनानियों को दिखाएगी.”

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    तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने इस पत्र को ट्वीट किया है और लिखा है कि इस साल की थीम केंद्र सरकार की थीम की तर्ज़ पर ही है. उन्होंने बताया कि इस साल की थीम ‘स्वतंत्रता संग्राम में तमिलनाडु’ है.

    उन्होंने बताया कि विशेषज्ञ समिति के पास राज्य के प्रतिनिधि तीन बार गए थे और उन्होंने पहली बैठक से ही सहमति जताई थी.

    इससे पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और केरल सरकार ने अपने राज्य की झांकी को गणतंत्र दिवस परेड में शामिल न करने के फ़ैसले की आलोचना की थी और कहा था कि वो केंद्र के इस फ़ैसले से निराश हैं.

  7. बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', 17 जनवरी 2022, सुनिए सुशीला सिंह से

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  8. BBC हिंदी का डिजिटल रेडियो कार्यक्रम 'दिनभर', सुनिए सुशीला सिंह के साथ

  9. पंजाब चुनाव: नवजोत सिंह सिद्धू ने सीएम चन्नी और केजरीवाल पर क्या कहा?

  10. ब्रेकिंग न्यूज़, अबू धाबी में हुए धमाके में दो भारतीयों की मौत की पुष्टि हुई

    झंडा

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    संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में भारत के दूतावास ने पुष्टि की है कि अबू धाबी में मुसाफ़्फाह में ADNOC के तेल भंडारण केंद्र पर हुए धमाके में दो भारतीयों की मौत हुई है.

    यूएई के अबू धाबी में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के नज़दीक हुए दो अलग-अलग धमाकों में तीन लोगों की मौत हुई है और छह लोग घायल हुए हैं.

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    यूएई की सरकारी न्यूज़ एजेंसी ने पुष्टि की है कि मारे गए तीन लोगों में दो भारतीय और एक पाकिस्तानी नागरिक शामिल है.

    भारतीय दूतावास ने बताया है कि वो मारे गए लोगों के बारे में अधिक जानकारी के लिए यूएई प्राधिकरणों के साथ संपर्क में है.

    अबू धाबी में दिन में हुए धमाकों पर स्थानीय पुलिस ने शंका जताई है कि ये ड्रोन हमले हो सकत हैं. वहीं यमन के हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि ये हमले उन्होंने ही किए हैं.

    यमन में हूती विद्रोहियों के ख़िलाफ़ सऊदी अरब के नेतृत्व वाली गठबंधन सेना में यूएई भी शामिल है.

  11. सऊदी अरब और ईरान के संबंधों में क्या नरमी की हुई शुरुआत?

    ईरान

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    ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया है कि सऊदी अरब के जेद्दाह में ऑर्गनाइज़ेशन ऑफ़ इस्लामिक कॉपरेशन (OIC) के मुख्यालय में तीन ईरानी राजनयिकों ने अपना पद संभाल लिया है.

    हाल के सालों में दो प्रतिद्वंद्वी राष्ट्रों के बीच राजनयिक संबंधों की दिशा में यह बहुत बड़ा क़दम माना जा रहा है क्योंकि 2016 में दोनों देशों ने अपने राजनयिक संबंधों को तोड़ लिया था.

    सऊदी अरब ईरान को मध्य पूर्व में सबसे बड़ा ख़तरा बताता रहा है लेकिन बीते साल से दोनों देशों के बीच तनाव कम करने में इराक़ी सरकार ने बड़ी भूमिका निभाई है.

    ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सईद ख़तीबज़ादेह ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, “प्रतिनिधिमंडल अब जेद्दाह में है और ऑर्गनाइज़ेशन ऑफ़ इस्लामिक कॉपरेशन में काम कर रहा है. दोनों पक्षों के लिए अपने-अपने दूतावासों में प्रतिनिधिमंडल भेजने के लिएयह अच्छी शुरुआत हो सकती है.”

    57 मुस्लिम देशों के संगठन OICके शिया बहुल राष्ट्र ईरान और सुन्नी बहुल राष्ट्र सऊदी अरब भी सदस्य हैं. संबंधों को सुधारने के लिए अप्रैल से अब तक दोनों क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वियों के बीच चार चरण की बातचीत हो चुकी है.

    यमन में ईरान हूती विद्रोहियों का समर्थन कर रहा है जबकि सऊदी अरब की गठबंधन सेना उनके ख़िलाफ़ लड़ रही है

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    इमेज कैप्शन, यमन में ईरान हूती विद्रोहियों का समर्थन कर रहा है जबकि सऊदी अरब की गठबंधन सेना उनके ख़िलाफ़ लड़ रही है

    ख़तीबज़ादेह ने ज़ोर देते हुए बताया, “बग़दाद में चौथे चरण की बातचीत के दौरान सऊदी प्रतिनिधिमंडल को हमने अपने हितों के बारे में लिखित तौर पर बताया था और हम जवाब का इंतज़ार कर रहे हैं.”

    मध्य पूर्व में कई संघर्ष क्षेत्रों में रियाद और तेहरान अलग-अलग पक्षों का समर्थन कर रहे हैं. इनमें सीरिया और यमन भी शामिल है.

    साल 2016 में सऊदी अरब ने शिया धर्म गुरु निम्र अल-निम्र को मौत की सज़ा दी गई थी जिसके बाद ईरान में सऊदी अरब के दूतावास पर प्रदर्शनकारियों ने हमला किया था. रियाद ने उसी समय तेहरान के साथ रिश्ते तोड़ लिए थे और OIC के विदेश मंत्रियों ने हिंसा की निंदा की थी.

    ख़तीबज़ादेह ने बताया है कि ईरान अपना दूतावास खोलने को तैयार है लेकिन यह सऊदी अरब के ‘व्यावहारिक क़दमों’ पर निर्भर करता है.

  12. ब्रेकिंग न्यूज़, अबू धाबी में हुए धमाकों में तीन लोगों की मौत, छह घायल

    अबू धाबी

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    संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अबू धाबी में हुईं दो अलग-अलग धमाकों की घटनाओं में तीन लोगों के मारे जाने और छह के घायल होने की ख़बर है.

    यूएई की सरकारी न्यूज़ी एजेंसी डब्ल्यूएएम से अबू धाबी पुलिस ने बताया है कि तेल टैंकरों में हुए धमाके में छह लोग घायल हुए हैं जिनमें कुछ को हल्की चोटें आई हैं.

    वहीं डब्ल्यूएएम ने बताया है कि मारे गए लोगों में दो भारतीय और एक पाकिस्तानी व्यक्ति शामिल है.

    यमन में हूती विद्रोहियों के ख़िलाफ़ सऊदी गठबंधन में यूएई भी शामिल है

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    सोमवार को अबू धाबी एयरपोर्ट के नज़दीक धमाके की दो घटनाएं हुई हैं जिनकी ज़िम्मेदारी यमन के हूती विद्रोहियों ने ली है.

    अबू धाबी पुलिस ने बताया है कि मुसफ़्फ़ाह इलाक़े में एक तेल भंडारण केंद्र के नज़दीक तीन तेल टैंकरों में यह धमाका हुआ था जबकि दूसरा धमाका अबू धाबी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के नज़दकी एक निर्माण स्थल के नज़दीक हुआ है.

    पुलिस ने आशंका जताई है कि यह हमला ड्रोन के ज़रिए किया गया है.

  13. ओवैसी ने बताया यूपी में AIMIM कितनी सीटों पर लड़ेगी चुनाव

    ओवैसी

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    एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को बताया है कि उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी 100 सीटों पर चुनावी लड़ेगी.

    एआईएमआईएम ने रविवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के लिए 9 उम्मीदवारों की सूची जारी की थी. ये उम्मीदवार हापुड़, मेरठ, सहारनपुर, बरेली और ग़ाज़ियाबाद ज़िलों की सीटों पर खड़े किए गए हैं.

    ओवैसी ने सोमवार को हैदराबाद में बताया कि उनकी पार्टी आने वाले दिनों में और भी उम्मीदवारों की घोषणा करेगी. साथ ही उन्होंने पार्टी के चुनावी प्रचार की रणनीति पर भी अपनी बात कही.

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    उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों पर चलते हुए वर्चुअल रैली करेगी और इसके लिए उसने सभी प्रबंध किए हैं.

    2017 के विधानसभा चुनावों में एआईएमआईएम ने यूपी की 35 सीटों पर चुनाव लड़ा था और तक़रीबन दो लाख वोट पाए थे.

  14. उत्तराखंड की कांग्रेस नेता सरिता आर्या बीजेपी में हुईं शामिल

    सरिता आर्या

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    उत्तरांखड में महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सरिता आर्या सोमवार को बीजेपी में शामिल हो गईं.

    नैनीताल की पूर्व विधायक आर्या देहरादून में बीजेपी मुख्यालय में राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुईं.

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ट्वीट करके कहा कि “कांग्रेस पार्टी में न तो महिलाओं का सम्मान किया जाता है, न कार्यकर्ताओं को सम्मान मिलता है और न ही ये दल जनता का सम्मान करता है. उत्तराखंड को कांग्रेस से न तो कोई आस है और न ही इस पर विश्वास. उत्तराखंड को चाहिए केवल भाजपा और विकास.”

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    हाल ही में बीजेपी के चर्चित नेता हरक सिंह रावत को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था, जिसके बाद उन्होंने घोषणा की है कि राज्य में कांग्रेस की सरकार बनेगी.

  15. गंगा किनारे जहां सैंकड़ों शव दफ़न किए गए थे, वहां क्या है कोरोना की तैयारी?

    पीड़ित परिवार

    "सारी रात मैं लाश के बगल में पड़ी रही. शाम को पांच बजे ख़त्म हुए थे, अगली सुबह टोला-मोहल्ला वाले लोग उन्हें श्रृंगवेरपुर धाम ले गए और दफना दिए. बहुत परेशानी थी, लकड़ी के लिए पैसे नहीं थे."

    30 साल की रंजीता के पति शिव मूरत ने सांस की शिकायत के बाद 25 अप्रैल, 2021 को दम तोड़ दिया था.

    ये वो वक़्त था जब कोरोना की दूसरी लहर अपने विकराल रूप में थी और गंगा किनारे दफ़न शवों की तस्वीरें उत्तर प्रदेश में आई त्रासदी को बयां कर रही थीं.

    प्रयागराज में श्रृंगवेरपुर धाम और फाफामऊ घाट की तस्वीरें देश-दुनिया में ख़ूब वायरल हुई थीं.

    रंजीता उस वक़्त को याद करके आज भी सहम जाती हैं. उनका एक 6 साल का और एक 9 साल का बच्चा है, जिनके साथ अब वो अपने मायके में रहती हैं.

    नीचे लिंक पर क्लिक करके पढ़ें पूरी ख़बर.

  16. मुज़फ़्फ़रनगर दंगों के आठ साल बाद अपने गांव लौटे मुसलमान की आपबीती

  17. अबू धाबी में एयरपोर्ट के नज़दीक संदिग्ध ड्रोन हमला

    अबू धाबी

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    समाचार एजेंसी एएफ़पी ने पुलिस के हवाले से बताया है कि संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी में दो जगहों पर संदिग्ध ड्रोन हमला हुआ है.

    वहीं समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने बताया है कि अबू धाबी के औद्योगिक क्षेत्र में तीन टैंकरों में विस्फोट हुआ है जिनमें ईंधन भरा हुआ था. इस धमाके में ड्रोन के शामिल होने की आशंका जताई गई है.

    एक दूसरी घटना अबू धाबी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के एक निर्माण स्थल पर हुई है.

    रॉयटर्स के मुताबिक़ यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है.

    यूएई

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    यूएई की सरकारी समाचार एजेंसी डब्ल्यूएएम को पुलिस ने बताया है, “दोनों जगहों से शुरुआती जांच में छोटे विमान के टुकड़े बरामद हुए हैं जो ड्रोन लग रहे हैं और धमाके और आग की वजह हो सकते हैं.”

    पुलिस ने बताया है कि दोनों घटनास्थलों पर नुक़सान हुआ है और एक विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है.

    यमन के हूती आंदोलन के सैन्य प्रवक्ता ने घोषणा की है कि उसने यूएई में जाकर सैन्य अभियान को अंजाम दिया है और आने वाले घंटों में इसकी पूरी जानकारी दी जाएगी.

    यमन में हूती विद्रोही सऊदी गठबंधन की सेनाओं से लड़ रहे हैं. इस गठबंधन में यूएई भी शामिल है.

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  19. ब्रेकिंग न्यूज़, पंजाब विधानसभा के लिए अब 14 की जगह 20 फ़रवरी को होगा मतदान

    पंजाब

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    चुनाव आयोग ने सोमवार को घोषणा की है कि पंजाब विधानसभा चुनाव का मतदान अब 14 फ़रवरी की जगह 20 फ़रवरी को होगा.

    गुरु रविदास जयंती के जश्न के कारण सभी पार्टियों ने मतदान की तारीख़ आगे बढ़ाने की मांग की थी.

    चुनाव आयोग ने बताया है कि, “राज्य सरकार, राजनीतिक दलों और अन्य संगठनों की ओर से आयोग के पास कई प्रतिनिधि आए थे और उन्होंने बताया था कि 16 फ़रवरी 2022 को श्री गुरु रविदास जी के जयंती समारोह में शामिल होने के लिए श्रद्धालु पंजाब से वाराणसी जाएंगे.”

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    “वो इस बात को भी संज्ञान में लाए थे कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु एक सप्ताह पहले वाराणसी के लिए जाएंगे और 14 फ़रवरी 2022 को मतदान के दिन अधिक संख्या में मतदाता मताधिकार से वंचित रह सकते हैं.”

    आयोग ने बताया कि इसी कारण उसने 14 फ़रवरी को मतदान को स्थगित करने का फ़ैसला लिया है.

  20. अखिलेश यादव की कोरोना प्रोटोकॉल मामले में चुनाव आयोग को चुनौती, निशाने पर बीजेपी

    अखिलेश यादव

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    पिछले हफ्ते कोविड सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने के लिए चुनाव आयोग का नोटिस पाने वाली समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी के रोड शो का वीडियो शेयर करते हुए चुनाव आयोग पर निशाना साधा है.

    उत्तर प्रदेश के अमरोहा में बीजेपी विधायक महेंद्र खड़गवंशी के रोड शो का एक वीडियो ट्वीट करते हुए अखिलेश ने लिखा,‘’सपा के कार्यक्रम-कार्यालय पर पूरी पाबंदी और गाड़ियों के चालान भी लेकिन‘कुछ दिनों के बाकी बचे मुख्यमंत्री’व अमरोहा के भाजपा प्रत्याशी आचार संहिता और कोरोना गाइडलाइन्स का सरेआम मज़ाक़ उड़ा रहे हैं.‘निर्वाचन-न्याय’को सुनिश्चित करना चुनाव आयोग का परम-धर्म है! कोई है?‘’

    इस वीडियो में सैकड़ों लोग बिना मास्क और सामाजिक दूरी का ख्याल ना करते हुए भीड़ में नज़र आ रहे हैं,जबकि चुनाव आयोग के आदेश के मुताबिक़ 22 जनवरी तक रैलियों,रोड शो,नुक्कड़ सभाओं या अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों पर रोक लगाई गई है.

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