उत्तर कोरिया ने कहा है कि देश के सुप्रीम लीडर किम जोंग-उन की निगरानी में देश ने एक और हाइपरसोनिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है.
सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए के अनुसार मिसाइल का टेस्ट मंगलवार को किया गया और ये मिसाइल एक हज़ार किलोमीटर दूर 'सटीक' अपने लक्ष्य पर गिरी.
बताया जा रहा है कि उत्तर कोरिया ने तीसरी बार ऐसे मिसाइल का परीक्षण किया है जो बैलिस्टिक मिसाइल की तुलना में रडार की नज़र में आने में बच सकती है.
किम जोंग-उन के नए साल के मौक़े पर दिए भाषण के बाद एक ही सप्ताह के भीतर देश ने दो मिसाइल परीक्षण किए थे.
दक्षिण कोरिया और जापान का कहना है कि दोनों ने ही मंगलवार को किए गए उत्तर कोरिया के मिसाइल लॉन्च को डिटेक्ट किया है. ये मिसाइल उत्तर कोरिया की ज़मीन से समंदर की तरफ लॉन्च की गई थी.
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बाद में केसीएनए ने कहा कि ये एक हाइपरसोनिक मिसाइल थी जो 'बेहद तेज़ गति से' मार करने में सक्षम है.
इससे पहले उत्तर कोरिया ने कहा था कि उसने पांच जनवरी को हाइपरसोनिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है. उस वक्त अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने मिसाइल परीक्षण के लिए उत्तर कोरिया की आलोचना की थी और कहा था कि वो 'अस्थिर करने वाली अपनी हरकतों' को बंद करे.
बैलिस्टिक मिसाइल की तुलना में हाइपरसोनिक मिसाइल वायुमंडल में निचले स्तर पर तेज़ गति से उड़ान भरते हुए अपने लक्ष्य को भेद सकते हैं. ये आवाज़ की गति से पांच गुना तक यानी 6,200 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से जा सकते हैं.
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केसीएनए ने जो तस्वीरें शेयर की हैं उनमें किन जोंग-उन अधिकारियों के साथ मिसाइल टेस्ट देखते हुए नज़र आ रहे हैं.
बताया जा रहा है कि मार्च 2020 के बाद से ये पहली बार है जब किन जोंग-उन ने आधिकारिक तौर पर मिसाइल लॉन्च कार्यक्रम में शिरकत की है.
उत्तर कोरिया से जुड़े मामलों पर नज़र रखने वाले कोरिया रिस्क ग्रूप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी चाड ओ'कैरल के अनुसार, "किम जोंग-उन ने अनाधिकारिक तौर पर शायद कई टेस्ट की निगरानी की हो लेकिन उत्तर कोरियाई अख़बार रोडोंग सिनमुन के पहले पन्ने पर इस टेस्ट से जुड़ी तस्वीरें छापी गई हैं जो बेहद अहम हैं."
"इनका मतलब है कि नई तकनीक के परीक्षण में निजी तौर पर शामिल होने को लेकर किम जोंग-उन चिंतित नहीं हैं. उन्हें इस बात की परेशानी नहीं है कि अमेरिका इस पर क्या प्रतिक्रिया देगा."